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उत्तराखंड: हवा में लटके बस के टायर, 40 लोग थे सवार

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उत्तरकाशी: गंगोत्री हाईवे पर हर्षिल के पास अचानक  सड़क का पुस्ता टूटने से कई  लोगों की जान खतरे में पड़ गई। यात्रियों से भरी बस का एक टायर हवा में लटक गया। पुलिस मौके पर पहुंची और बस में सवार सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस ने क्रेन की मदद से बस को सड़क पर निकालकर यात्रियों को उनके गंतव्य के लिए भेज दिया।

हर्षिल थानाध्यक्ष जगत सिंह ने बताया कि मंगलवार शाम को घनसाली टिहरी गढ़वाल के यात्रियों से भरी बस गंगोत्री से झाला की ओर जा रही थी। नेलांगना के समीप सामने से आ रहे वाहन को साइड देने के लिए चालक ने बस को पीछे किया। बस के पीछे होते ही उसके आगे के टायर के नीचे हाईवे पर बना पुस्ता टूटते ही वह हवा में झूल गया।

अचानक हुई इस घटना से सभी यात्री घबरा गए। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। उसके बाद सेना की क्रेन बुलाकर बस को सड़क पर लाकर सभी यात्रियों को उसमें बिठाकर रवाना किया गया।

पुलिस ने बताया कि बस में 40 यात्री सवार थे, यह सभी लोग घनसाली क्षेत्र के गांव से अपने देवडोली के साथ गंगोत्री धाम के दर्शन के लिए आए थे। घटना में किसी भी यात्री को चोट नहीं आई, सभी लोग सुरक्षित उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया है।

श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि विजय दशमी को तय होगी

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उत्तराखंड चार धाम यात्रा 2024

श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि 12 अक्टूबर विजय दशमी के दिन तय होगी।

• परंपरानुसार श्री केदारनाथ धाम एवं श्री यमुनोत्री धाम के कपाट भैया दूज के दिन बंद होते है।

• श्री गंगोत्री धाम के कपाट अन्नकूट गोवर्धन पूजा के दिन बंद होते है।

• द्वितीय केदार मद्महेश्वर तथा तृतीय केदार तुंगनाथ मंदिर के कपाट बंद होने की तिथि भी विजय दशमी के दिन तय होगी।

उत्तराखंड चार धाम यात्रा 2024

श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि 12 अक्टूबर विजय दशमी के दिन तय होगी।

• परंपरानुसार श्री केदारनाथ धाम एवं श्री यमुनोत्री धाम के कपाट भैया दूज के दिन बंद होते है।

• श्री गंगोत्री धाम के कपाट अन्नकूट गोवर्धन पूजा के दिन बंद होते है।

• द्वितीय केदार मद्महेश्वर तथा तृतीय केदार तुंगनाथ मंदिर के कपाट बंद होने की तिथि भी विजय दशमी के दिन तय होगी।

श्री बदरीनाथ / केदारनाथ धाम/ देहरादून : 9 अक्टूबर श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि शनिवार 12 अक्टूबर को विजय दशमी/ दशहरे के दिन श्री बदरीनाथ धाम मंदिर परिसर में पंचाग गणना पश्चात समारोहपूर्वक तय की जायेगी। कपाट बंद होने की तिथि तय करने हेतु दोपहर साढ़े ग्यारह बजे से कार्यक्रम शुरू हो जायेगी।श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि घोषित होने के कार्यक्रम विजय दशमी के अवसर पर श्री बदरीनाथ -केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष अजेंद्र अजय विशेषरूप से मौजूद रहेंगे।

श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति मीडिया प्रभारी डा हरीश गौड़ ने बताया कि परंपरागत रूप से श्री केदारनाथ धाम के कपाट दीपावली के पावन पर्व के पश्चात भैया दूज को बंद हो जाते है। यह भी उल्लेखनीय है कि इसी दिन यमुनोत्री धाम के कपाट भी बंद होते है तथा भैया दूज से एक दिन पहले अन्नकूट गोवर्धन पूजा के दिन श्री गंगोत्री धाम के कपाट अभिजीत मुहूर्त में बंद होते है इस यात्रा वर्ष भैयादूज रविवार 3 नवंबर को है तथा अन्नकूट गोवर्धन पूजा शनिवार 2 नवंबर को है श्री गंगोत्री तथा यमुनोत्री धाम के कपाट बंद होने की तिथि तथा समय की घोषणा श्री गंगोत्री मंदिर समिति तथा यमुनोत्री मंदिर समिति द्वारा पृथक-पृथक रूप से की जाती है ।

इसी तरह द्वितीय केदार मद्महेश्वर के कपाट बंद होने की तिथि श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ तथा तृतीय केदार तुंगनाथ जी के कपाट बंद होने की तिथि शीतकालीन गद्दीस्थल श्री मर्केटेश्वर मंदिर मक्कूमठ में 12 अक्टूबर विजय दशमी के शुभ अवसर पर घोषित होगी
इसी दिन मद्महेश्वर मेला तथा देव डोलियों के शीतकालीन गद्दीस्थल पहुंचने का कार्यक्रम भी घोषित हो जायेगा साथ ही श्री केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि तथा समय एवं पंच मुखी डोली के श्री केदारनाथ धाम से शीतकालीन गद्दीस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ प्रस्थान का भी कार्यक्रम औपचारिक रूप से घोषित हो जायेगा।
बताया कि श्री बदरीनाथ -केदारनाथ मंदिर समिति द्वारा बदरीनाथ धाम, श्री केदारनाथ धाम,श्री मद्महेश्वर, श्री तुंगनाथ के कपाट बंद होने की तिथि एवं समय घोषित करने के कार्यक्रमों हेतु तैयारियां पूरी कर ली गयी है।

श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि घोषित होने के कार्यक्रम विजय दशमी के अवसर पर रावल अमरनाथ नंबूदरी, बीकेटीसी उपाध्यक्ष किशोर पंवार एवं सदस्यगण, प्रभारी अधिकारी विपिन तिवारी की उपस्थिति में धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, वेदपाठी रविंद्र भट्ट,पंचांग गणना के अनुसार कपाट बंद होने की तिथि तय करेंगे।

श्री बदरीनाथ / केदारनाथ धाम/ देहरादून : 9 अक्टूबर श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि शनिवार 12 अक्टूबर को विजय दशमी/ दशहरे के दिन श्री बदरीनाथ धाम मंदिर परिसर में पंचाग गणना पश्चात समारोहपूर्वक तय की जायेगी। कपाट बंद होने की तिथि तय करने हेतु दोपहर साढ़े ग्यारह बजे से कार्यक्रम शुरू हो जायेगी।श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि घोषित होने के कार्यक्रम विजय दशमी के अवसर पर श्री बदरीनाथ -केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष अजेंद्र अजय विशेषरूप से मौजूद रहेंगे।

श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति मीडिया प्रभारी डा हरीश गौड़ ने बताया कि परंपरागत रूप से श्री केदारनाथ धाम के कपाट दीपावली के पावन पर्व के पश्चात भैया दूज को बंद हो जाते है। यह भी उल्लेखनीय है कि इसी दिन यमुनोत्री धाम के कपाट भी बंद होते है तथा भैया दूज से एक दिन पहले अन्नकूट गोवर्धन पूजा के दिन श्री गंगोत्री धाम के कपाट अभिजीत मुहूर्त में बंद होते है इस यात्रा वर्ष भैयादूज रविवार 3 नवंबर को है तथा अन्नकूट गोवर्धन पूजा शनिवार 2 नवंबर को है श्री गंगोत्री तथा यमुनोत्री धाम के कपाट बंद होने की तिथि तथा समय की घोषणा श्री गंगोत्री मंदिर समिति तथा यमुनोत्री मंदिर समिति द्वारा पृथक-पृथक रूप से की जाती है ।

इसी तरह द्वितीय केदार मद्महेश्वर के कपाट बंद होने की तिथि श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ तथा तृतीय केदार तुंगनाथ जी के कपाट बंद होने की तिथि शीतकालीन गद्दीस्थल श्री मर्केटेश्वर मंदिर मक्कूमठ में 12 अक्टूबर विजय दशमी के शुभ अवसर पर घोषित होगी
इसी दिन मद्महेश्वर मेला तथा देव डोलियों के शीतकालीन गद्दीस्थल पहुंचने का कार्यक्रम भी घोषित हो जायेगा साथ ही श्री केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि तथा समय एवं पंच मुखी डोली के श्री केदारनाथ धाम से शीतकालीन गद्दीस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ प्रस्थान का भी कार्यक्रम औपचारिक रूप से घोषित हो जायेगा।
बताया कि श्री बदरीनाथ -केदारनाथ मंदिर समिति द्वारा बदरीनाथ धाम, श्री केदारनाथ धाम,श्री मद्महेश्वर, श्री तुंगनाथ के कपाट बंद होने की तिथि एवं समय घोषित करने के कार्यक्रमों हेतु तैयारियां पूरी कर ली गयी है।

श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि घोषित होने के कार्यक्रम विजय दशमी के अवसर पर रावल अमरनाथ नंबूदरी, बीकेटीसी उपाध्यक्ष किशोर पंवार एवं सदस्यगण, प्रभारी अधिकारी विपिन तिवारी की उपस्थिति में धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, वेदपाठी रविंद्र भट्ट,पंचांग गणना के अनुसार कपाट बंद होने की तिथि तय करेंगे।

मिथुन चक्रवर्ती को मिला दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड, राष्ट्रपति ने किया सम्मानित

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आज 8 अक्टूबर को बॉलीवुड एक्टर मिथुन चक्रवर्ती को दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। भारतीय सिनेमा की दुनिया के सबसे सम्मानित अवॉर्ड्स समारोह ’70वें नेशनल फिल्‍म अवॉर्ड्स’ के दौरान एक्टर को सम्मानित किया गया है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों उन्हें सम्मानित किया गया है। करीब 350 से अधिक फिल्मों में काम कर चुके मिथुन ने अपनी अदाकारी से पूरे भारत में अपना नाम रोशन कर चुके हैं मिथुन। अवॉर्ड के लिए जाते हुए एक्टर ने इस सम्मान पर खुशी जताते हुए कहा, ‘अभी तक इसे स्वीकार नहीं कर पाया हूं, अभी तक उसी खुमार में हूं लेकिन इतनी बड़ी इज्जत…थैंक यू बोल सकता हूं भगवान को। जितनी तकलीफें उठाई भगवान ने शायद मुझे सूद के साथ उसे वापस कर दीं।

मिथुन ने इस अवॉर्ड को पाकर खुशी जताते हुए कहा, ‘डायलॉग देते तो पढ़ देता, स्‍पीच देने को बोला है, क्‍या बोलूंगा कुछ समझ नहीं आ रहा है। बस इतना ही कहूंगा कि इस मंच पर मैं पहले तीन बार आ चुका हूं आपलोगों की दुआ से। लेकिन सबसे पहली बार जब मिला था नेशनल अवॉर्ड तो उसके इतने किस्‍से हैं कि मैंने क‍िसी को नहीं बताए हैं।

जब वो मिला तो लोग कहने लगे कि अरे आपको नेशनल अवॉर्ड मिला। तो मेरा दिमाग खराब हो गया कि मैंने कुछ बड़ा कर दिया। नेशनल अवॉर्ड म‍िलने के बाद दिमाग तो खराब हो गया था। मैं खुद को अल पचीनो समझने लगा। मैं डायरेक्‍टर-प्रोड्यूसर के ऑफिस में जाकर ऊबासी लेने लगा था। मैं कहता था कि फिल्‍म की स्‍टोरी मेरे घर भेज देना। फिर एक प्रोड्यूसर ने मुझे मारा एक लात और बोला कि निकल यहां से। फिर समझ में आया कि अब कोई काम नहीं देगा।

मुझे एक्‍टर तो सबने बाद में मान लिया। लेकिन, मेरे रंग के कारण लोगों ने मुझे खूब ताने मारे। लोग राह चलते मुझे कालिया बुलाते थे। मैंने सोचा कि रंग तो बदल नहीं सकता। मैंने भगवान से कहा कि भगवान रंग तो नहीं बदल सकता। तो मैंने डांस करना शुरू किया, अपने पैरों को रुकने नहीं दिया। लोग मेरे रंग को भूल गए और मैं बन गया डस्‍की, बंगाली बाबू।

उन्होंने आगे कहा, ‘मैं भगवान से बहुत श‍िकायत करता था कि तुमने नाम दी, शोहरत दी पर इतनी तकलीफ क्‍यों दे रहा है। क्‍योंकि मुझे सब मिला तो नहीं कुछ भी थाली में परोसकर नहीं मिला। लेकिन आज इस अवॉर्ड के मिलने के बाद मैंने श‍िकायत करना छोड़ दिया। थैंक यू भोलेनाथ। कोलकाता में मेरा एक पुराना मंदिर है। कितने साल मैंने उस मंदिर का सेवा किया। मैंने उनको थैंक यू कहा, क्‍योंकि भगवान आपने मुझे सूद के साथ सब वापस कर द‍िया।

हरियाणा में बीजेपी का दबदबा कायम! रुझानों में 50 सीटें पार

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हरियाणा में आखिर इंतजार की घड़ी खत्म हो ही गई। पांच अक्टूबर को 90 विधानसभा सीटों पर हुए चुनाव के नतीजे आने लगे हैं। शुरुआती रुझानों में जहां कांग्रेस आगे चल रही थी। वहीं, अब बीजेपी अन्य दलों से आगे चल रही है।

हालांकि, शनिवार को वोटिंग के तुरंत बाद आए एग्जिट पोल में जहां बीजेपी को निराशा का मुंह देखना पड़ा। वहीं, कांग्रेस के लिए ये एग्जिट पोल काफी सकारात्मक रहे। हालांकि, स्पष्ट रूप से आज ही यह सामने आ सकेगा कि प्रदेश में कौन सा राजनीतिक दल अपनी सरकार बनाने जा रहा है।

खास बात है कि इस चुनाव में हिसार, पंचकूला, गढ़ी सांपला, अंबाला छावनी, जुलाना और लाडवा सीट पर दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है। हरियाणा की सभी 90 सीटों पर बहुमत के लिए 46 का आकंड़ा चाहिए।

हरियाणा और जम्मू-कश्मीर चुनाव परिणाम, कांग्रेस गठबंधन की सरकार तय?

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हरियाणा और जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के नतीजे आ रहे हैं. शुरुआती रुझानों में हरियाणा में बड़ा उलटफेर होता दिख रहा है. राज्य में बीजेपी ने बहुमत का आंकड़ा 46 पार कर लिया है. कांग्रेस की बढ़त तेजी से घटी है. शुरुआती रुझानों में कांग्रेस ने 65 सीटों तक बढ़त बनाई थी. वहीं, जम्मू कश्मीर में भी कांग्रेस गठबंधन बहुमत के आंकड़े के करीब पहुंच गया है. हालांकि, अभी यह शुरुआती रुझान हैं. दोपहर तक स्थिति लगभग साफ हो जाएगी कि कहां कौन से दल की सरकार बन सकती है.

हरियाणा में जहां बीजेपी को सत्ता कायम रखने का भरोसा है, वहीं एग्जिट पोल के अनुमान से उत्साहित कांग्रेस भी 10 साल बाद सत्ता में कमबैक की आस लगाए बैठी है. लोकसभा चुनावों के बाद हरियाणा में विधानसभा चुनाव भाजपा और कांग्रेस के बीच पहला बड़ा सीधा मुकाबला है और इलेक्शन के परिणाम का इस्तेमाल विजेता दल की ओर से अन्य राज्यों में पक्ष में माहौल बनाने के लिए किया जाएगा, जहां अगले कुछ महीनों में चुनाव होने हैं.

चुनाव में जो मुख्य पार्टियां हैं, उनमें बीजेपी, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (आप), इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो)-बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और जननायक जनता पार्टी (जजपा)-आजाद समाज पार्टी (आसपा) हैं. अधिकतर सीटों पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला होने की संभावना है, जबकि जम्मू-कश्मीर में भी हरियाणा के साथ ही मतदान हुआ, लेकिन वहां ज्यादातर सीटों पर कांग्रेस-बीजेपी के बीच सीधी टक्कर के बजाय बहुकोणीय मुकाबला होने के आसार हैं.

हल्द्वानी में रामलीला के दौरान हत्या, भाई ने भाई को मारी गोली

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हल्द्वानी : मुखानी थाना क्षेत्र अंतर्गत चचेरे भाई ने भाई को गोली मार कर हत्या कर दी है. रामलीला कार्यक्रम के दौरान गोली मारने की घटना से लोगों में हड़कंप मच गया.घटना के बाद से पुलिस पूरे मामले की छानबीन में जुड़ गई है. जानकारी के मुताबिक मुखानी थाना क्षेत्र अंतर्गत कमलुवागांजा में रामलीला का आयोजन चल रहा था इस दौरान चचेरे भाई ने भाई को गोली मार दी जिस युवक की मौके पर ही मौत हो गई.

हालांकि स्थानीय लोग और परिजन युवक को अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उसे मृत्यु घोषित कर दिया. बताया जा रहा है की मृतक का नाम उमेश नैनवाल है. जहाँ चचेरे भाई दिनेश नैनवाल ने गोली मारी है. प्रथम दृष्टिया बताया जा रहा है कि संपत्ति विवाद को लेकर दोनों भाइयों में काफी दिनों से रंजिश चली आ रही थी . बताया जा रहा है कि मृतक उमेश नैनवाल का बेटा रामलीला में पात्र हैं.

सोमवार देर शाम रामलीला का आयोजन चल रहा था मृतक उमेश नैनवाल अपने बेटे के किरदार को देखने के लिए रामलीला में आए हुए थे. इस दौरान उमेश नैनवाल का चचेरा भाई दिनेश नैनवाल भी रामलीला में पहुंचा और उमेश नैनवाल को गोली मार दी. गोली मारने की घटना के बाद अफरा तफरी मच गई.

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. एसपी सिटी प्रकाश चंद्र ने बताया कि घटना की बारीकी से छानबीन की जा रही है और आरोपी की तलाश में पुलिस जुट गई है जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा. गोली मारकर आरोपी फरार हो गया है.

 

अद्भुत और अनूठा जौनसार, आस्था, संस्कृति और पर्यटन का संगम

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जौनसार! जौनसार का नाम आते ही मन में कई उत्सुक्ताएं कुलाचें मारने लगती हैं। सबसे पहले महासू देवता का नाम याद आता है और मन श्रद्धा से भर जाता है। महासू देवता की मान्यता जौनसार से लेकर हिमाचल और रवांई तक है। देश-विदेश से भी श्रद्धालु यहां दर्शन करने आते हैं। जौनसार अपने आतिथ्य सत्कार के लिए भी जाना जाता है।

जौनसार की लोक संस्कृति और लोक परंपराओं की पूरे देश में एक अलग ही पहचान है। ऐतिहासिक दृष्टिकोण से भी जौनसार का महत्वपूर्ण स्थान है। देश पर विदेशी आक्रांताओं के हमलों की बात हो या फिर स्वतंत्रता संग्राम की बात, जौनसार के वीरों ने अहम भूमिका निभाई और खुद को न्योछावर कर बलिदान भी दिए। इस लेख में हम आपको जौनसार और उसके आसपास के बारे में संक्षिप्त में कुछ बताने का प्रयास कर रहे हैं।

जौनसार उत्तराखंड के गढ़वाल मंडल में स्थित है। यह देहरादून से हिमाचल प्रदेश की सीमा तक उत्तर-पश्चिम में स्थित फैला हुआ है। जौनसार एक अद्भुत जगह है, जो प्रकृति की गोद में सुकून की तलाश करने वालों को अपनी ओर आकर्षित करता है। जीवंत त्योहारों का गवाह बनना है, तो जौनसार चले आइए। भावपूर्ण लोक संगीत का आनंद पहली बार में जिसके कानों पर पड़ेगा वह खुद को उसकी ओर आकर्षित होने से नहीं रोक पाएगा। लोकनृत्य की एक झलक किसी के भी भीतर तक झंकृत कर देगी। स्वादिष्ट स्थानीय व्यंजन जहां आपको भरपूर आनंद देते हैं। वहीं, आपकी सेहत का भी ख्याल रखते हैं।

महासू देवता पूरे जौनसार के आराध्य देव हैं। होनल का प्रसिद्ध महासू देवता मंदिर देश-दुनिया में खास पहचान रखता है। यहां पूरे साल श्रद्धालुओं का आना लगा रहता है। इसके अलावा महासू देवता के दूसरे थान (मंदिर) भी अपनी मान्यता, अद्भुत और अनूठी वास्तु कला के लिए भी जाने जाते हैं। लाखामंडल लोगों की आस्था का एक मुख्य केंद्र है। यह स्थान भगवान शिव और पांच पाडवों के लिए जाना जाता है। आस्था के साथ ही यह शोधकर्ताओं के लिए आज भी शोध का विषय बना हुआ है।

  • वासिक महाराज का मन्दिर देवधार बावर में है। यहाँ पर वासिक देवता की नियमित पूजा-अर्चना होती है।
  • पवासिक महराज  को पाशिबिल का क्षेत्र दिया गया, जहाँ उसकी नियमित पूजा व्यवस्था चलती हैं।
  • बौठा महासू महाराज का मन्दिर हनोल में स्थित मुख्य मन्दिर है। यहाँ पर पूर्ण व्यवस्था के साथ पूजा होती है।
  • चालदा महाराज का कोई निश्चित स्थान नहीं है, परन्तु प्रत्येक बारह वर्ष में चालदा देवता की डोली एक मन्दिर से दूसरे मन्दिर में भाई महासू देवताओं के साथ रखी जाती है। प्रत्येक बारह वर्ष में चालदा महाराज जागड़ा पर्व या ‘बंराश’ पर पूरे क्षेत्र में भ्रमण करती है। 

जौनसार का हर गांव पर्यटन का केंद्र है। गांव में जाने पर आपको पर्यटन के लिए कुछ खोजने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। गांव के मकानों और वास्तुकला को देखकर आपकी जुबां से खुद ही शब्द फूटने लगेंगे। जौनसार के गांवों की कहानियां। महासू देवता के प्रति लोगों की आस्था यहां आने वाले लोगों को प्रेरित करने का काम करती है।

जौनसार अपने प्राकृतिक सौन्दर्य के लिए जाना जाता है, यहां का वातावरण साफ और स्वच्छ है। चकराता, चिलिमिरी, चुरानी, सवाई, टांनडांडा, रामताल गार्डन, बैरटखाई, लाखामंडल, टाइगर फॉल, बुंदेर गुफा, कोटी कनासर, हनोल और  देववन समेत कई पर्यटन स्थल है।

इतिहास के शौकीनों को मौर्य काल का कालसी का आशोक स्तंभ हो या फिर अन्य प्राचीन खंडहर और शिलालेख रोमांचित करेंगे। बौद्ध स्तूपों और मंदिरों के अवशेष बहुत कुछ बताने के लिए काफी हैं। पत्थरों पर उकेरे गए अशोक के शिलालेख इतिहास के पन्नों को खंगालने पर मजबूर कर देंगे। जौनसार की कोई भी यात्रा इसके स्वादिष्ट स्थानीय व्यंजनों का आनंद लिए बिना पूरी नहीं होती। पारंपरिक मेलों में भाग लेने से लेकर प्राचीन मंदिरों की खोज तक, प्रत्येक अनुभव इस आकर्षक क्षेत्र के एक नए पहलू को उजागर करता है।

 

बिहार में सरकार को गिराने के लिए हवाला डील, अब ED करेगी जांच

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बिहार : बिहार की राजनीति में कुछ ना कुछ होता ही रहता है। नितीश कुमार (नितीश कुमार) सरकार को विश्वास मत हासिल करने से रोकने के लिए हॉर्स ट्रेडिंग की गई थी। सत्ताधारी दल के विधायकों को हवाला के जरिए एडवांस पैसे भेजे गए थे। अगर नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार विश्वास मत हासिल करने में हार जाती तो विधायकों को मोटी रकम अदा की जाती। यह खुलासा आर्थिक अपराध इकाई की जांच में हुआ है।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार पटना के कोतवाली थाने में दर्ज एक प्राथमिकी में पैसों के लेन-देन से जुड़ी जांच के दौरान आर्थिक अपराध इकाई को हैरान करने वाले सबूत मिले हैं। EOU ने अपनी जांच रिपोर्ट प्रवर्तन निदेशालय को सौंप दी है। हॉर्स ट्रेडिंग से जुड़े इस केस की तफ्तीश अब प्रवर्तन निदेशालय करेगी।

जांच में यह खुलासा भी हुआ है कि सत्तारूढ़ दल के विधायकों को हवाला के जरिए दिल्ली, उत्तर प्रदेश और झारखंड के साथ ही नेपाल से भी पैसे भेजे जा रहे थे। आर्थिक अपराध इकाई ने अवैध लेनदेन से जुड़े साक्ष्य भी ईडी को सौंप दिए हैं। बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को जनादेश मिला था, लेकिन बीच में वह महागठबंधन के साथ चले गए थे।

दिसंबर में जनता दल यूनाईटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह की विदाई के बाद बिहार कर राजनीतिक माहौल अचानक बदला और 28 जनवरी को उलटफेर फिर हो गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महागठबंधन सरकार के सीएम पद से इस्तीफा दिया और कुछ घंटे बाद भारतीय जनता पार्टी का समर्थन पत्र लेकर वापस राजग सरकार बनाने का दावा पेश किया। इस सरकार का गठन हो गया और 12 फरवरी को विश्वास मत, यानी फ्लोर टेस्ट की तारीख दी गई। इस दौरान ही यह सारी डील हुई, ताकि सरकार फ्लोर टेस्ट में पिछड़ जाए।

बिहार में 28 जनवरी से 12 फरवरी के बीच महागठबंधन कुछ इस तरह का खेल कर रहा है, यह उस समय भी सामने आया था। तब यह आरोप-प्रत्यारोप जैसा था। यह घटनाक्रम फ्लोर टेस्ट के दिन तक चला, जिसमें राजद को अपने विधायक भी सहेजकर रखने पड़े थे। उस दौरान जदयू-भाजपा के कुछ विधायकों को फ्लोर टेस्ट तक बाहर ही रोकने का कई उपक्रम चला था। उस उपक्रम में कुछ विधायक खुद ही अपना चेहरा भी दिखा बैठे।

EOU की जांच के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय जब जांच कर पूरी रिपोर्ट सामने लाएगा तो यह भी खुलासा होगा कि खुद को फ्लोर टेस्ट में पहुंचने या देर से पहुंचने के लिए किसने और क्या प्लान रखा था। उस दिन कई विधायक बिल्कुल अंतिम समय में तब पहुंचे, जब उन्हें महागठबंधन के ही दांव के उलट जाने की जानकारी मिली।

राष्ट्रीय जनता दल की इसमें अहम भूमिका बताई जा रही है, क्योंकि उप मुख्यमंत्री से देखते-देखते विपक्ष के नेता बने तेजस्वी यादव बार-बार खेला होने की बात कह रहे थे। राजद का यह खेला उलट गया, क्योंकि उसके खेमे से ही तीन विधायक फ्लोर टेस्ट के दौरान एनडीए के खेमे में जा बैठे। नीतीश कुमार सरकार बहुमत परीक्षण में पास हो गई। नीतीश सरकार के पास 128 विधायक थे और बहुमत परीक्षण में इनकी संख्या 130 हो गई।

‘सिंघम अगेन’ का ट्रेलर रिलीज, दिवाली पर मचाएगी धमाल…VIDEO

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अजय देवगन, रणवीर सिंह अक्षय कुमार, अर्जुन कपूर जैसे सितारों से सजी ‘सिंघम अगेन’ का ट्रेलर आज, 7 अक्टूबर को रिलीज हो गया है. ट्रेलर में अजय देवगन, रणवीर सिंह, अक्षय कुमार का दमदार रोल देखने को मिला है. ट्रेलर ने फैंस और दर्शकों की उत्सुकता को और बढ़ा दिया है.

‘सिंघम अगेन’ का ट्रेलर लॉन्च
रोहित शेट्टी की कॉप यूनिवर्स की आगामी फिल्म सिंघम अगेन का ट्रेलर आज, 7 अक्टूबर को रिलीज हो गई है. फिल्म का ट्रेलर काफी दमदार है. ट्रेलर में फिल्म की झलक को मॉर्डन रामायण की स्टोरी जैसा दिखाया गया है, जिसमें अजय देवगन- राम, करीना कपूर- सीता, टाइगर श्रॉफ – लक्ष्मण, रणवीर सिंह- बजरंगबली, अक्षय कुमार- जटायु और अर्जुन कपूर को रावण का रोल अदा कर रहे है. वहीं, दीपिका पादुकोण ‘ लेडी सिंघम’ के अवतार में नजर आई है.

ट्रेलर में संस्कृत के श्लोक और जय श्रीराम की धुन
ट्रेलर की शुरुआत काफी दमदार है. बैकग्राउंड में संस्कृत के श्लोक और जय श्रीराम की धुन रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं. वहीं, छत्रपति शिवाजी और जय मराठा के नारे से फिल्म में मराठी टच देखने को भी मिलेगा. ट्रेलर में एक्शन सीक्वेंस से लेकर म्यूजिक और डायलॉग तक सब कुछ दमदार है. दर्शकों और फैंस को सिंघम अगेन का दमदार ट्रेलर का पसंद आया है. अब, फैंस फिल्म की रिलीज को लेकर काफी एक्साइटेड हैं. रोहित शेट्टी ने एक स्पेशल प्रोमो के साथ सिंघम अगेन के प्रोमो का एलान किया था. अपने दमदार वॉयज ओवर के साथ फिल्म मेकर ने बताया कि फिल्म का ट्रेलर 7 अक्टूबर यानी आज रिलीज होने वाला है.

‘सिंघम अगेन’ के स्टार कास्ट
‘सिंघम अगेन’ फिल्म में अजय देवगन, करीना कपूर खान, रणवीर सिंह, अक्षय कुमार, दीपिका पादुकोण, टाइगर श्रॉफ, अर्जुन कपूर, जैकी श्रॉफ मुख्य भूमिकाओं में हैं. इनके अलावा फिल्म में रवि किशन, श्वेता तिवारी जैसे दमदार को-स्टार्स भी हैं. यह 1 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है. ‘सिंघम अगेन’ बॉक्स ऑफिस पर कार्तिक आर्यन, विद्या बालन और तृप्ति डिमरी की हॉरर कॉमेडी फिल्म भूल भुलैया 3 से भिड़ेगी.

कैंची धाम से हल्द्वानी जा रही बस में मिला अजगर

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हल्द्वानी: किसी के सामने अगर छोटा सा सांप या कीड़ा ही निकल आए तो लोग डर जाते हैं। बड़ा सांप हो तो होश उड़ जाते हैं। अब आप सोचिए कि अगर किसी चलती बस में अजगर निकल आए, तो लोगों का क्या हाल हुआ होगा।

कुछ ऐसा ही नजारा हल्द्वानी में देखने को मिला। बाबा नीम करौली महाराज के धाम से श्रद्धालुओं को दर्शन कराकर लौट रही केएमओयू की बस में ड्राइवर की सीट के नीचे अजगर निकल आया। मामले की जानकारी तराई केंद्रीय वन प्रभाग को सूचना दी गई. वहीं, सूचना मिलने के बाद तराई केंद्रीय वन प्रभाग की टीम मौके पर पहुंची और अजगर का रेस्क्यू किया।

बताया जा रहा कि कुमाऊं मोटर्स ऑनर्स यूनियन की बस चालक हितेंद्र सिंह रावत चला रहा था। बाबा नीम करौली महाराज के धाम से 28 यात्री बस में सवार होकर हल्द्वानी जा रहे थे। हल्द्वानी पहुंचने पर यात्रियों के उतरने का सिलसिला शुरू हो गया। इसी बीच उतरते समय एक यात्री की नजर अजगर पर पड़ी।

चालक हरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि जब उसे युवक ने सीट के नीचे अहगर होने की बात बताई, पहले युवक की बात पर यकीन ही नहीं हुआ। युवक ने दोबारा सांप होने की बात कही, तो देखा कि सीट के नीचे अजगर बैठा हुआ था, जिससे उसके होश उड़ गए।

रेस्क्यू टीम ने बताया कि सूचना मिलने के बाद टीम मौके पर पहुंची और अजगर का सुरक्षित रेस्क्यू किया। इसके बाद अजगर को जंगल में छोड़ दिया गया। उनका कहना है कि अजगर छोटा था। बस के पहिए के जरिए वो बस तक पहुंचा होगा।