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प्रसिद्ध गुरुद्वारा हेमकुंट साहिब एवं श्री लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट शीतकाल हेतुबंद हुए।

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गुरुद्वारा हेमकुंट साहिब एवं लोकपाल श्री लक्ष्मण मंदिर के कपाट शीतकाल हेतु बंद हुए।

जोशीमठ ( चमोली): 10 अक्टूबर।उत्तराखण्ड राज्य के चमोली जिले में स्थित गुरूद्वारा ‘‘श्री हेमकुण्ट साहिब जी’’ के कपाट आज 10 अक्टूबर 2024 को शीतकालीन सत्र के लिए विधिवत् अरदास करके बंद कर दिए गए। यात्रा समापन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रातःकाल से ही संगतों का आना शुरू हो गया था। इस समारोह में आज लगभग 2800 श्रृद्धालुओं ने गुरू दरबार में हाजिरी भरी व गुरू महाराज जी का आशीर्वाद प्राप्त किया।
वहीं हेमकुंट साहिब के निकट कुछ दूरी पर स्थित प्रसिद्ध लोकपाल श्री लक्ष्मण मंदिर के कपाट भी विधि- विधान‌ से शीतकाल हेतु बंद हो गये है। इस अवसर पर भ्यूंडार गांव‌ के पुजारीगण एवं श्रद्धालु मौजूद रहे।

श्री हेमकुंट साहिब में मध्यम बारिश से मौसम में ठंडक एवं धुंध होने के बावजूद भी संगतों ने सरोवर के पवित्र अमृत रूपी शीतल जल में स्नान करके पुण्य का लाभ उठाया।
आज प्रातः9ः15 पर सुखमनी साहिब जी के पाठ की आरंभता ज्ञानी कुलवंत सिंह व ज्ञानी हमीर सिंह ने की तथा समाप्ति प्रातः10ः45 पर की गई। रागी जत्था भाई अजीत सिंह व साथी (देहरादून वाले) तथा भाई सुरिंदर पाल सिंह व साथी (पुणे वाले) द्वारा सुनाए गए गुरबाणी कीर्तन से गुरू दरबार में उपस्थित संगतें मंत्रमुग्ध हो उठीं। मुख्य ग्रंथी भाई मिलाप सिंह द्वारा दोपहर 12ः05 पर की गई यात्रा समाप्ति की अरदास के साथ ही श्री हेमकुण्ट साहिब यात्रा का आज सुखद समापन हुआ। अरदास के बाद संगतों द्वारा ‘‘जो बोले सो निहाल’’ के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। गढ़वाल स्काउट एवं पंजाब बैंड ग्रुप के सदस्यों ने वाद्य यंत्रों पर धुनें सजाकर माहौल को और भी खुशनुमा बनाया। बारिश के बीच पुष्प वर्षा करते हुए पंज प्यारों की अगुवाई में गुरू साहिब जी के स्वरूप सुखासन स्थान पर श्रृद्धा सहित नतमस्तक होकर सुशोभित कर दिए गए।IMG 20241010 WA0088
प्रतिवर्ष की तरह भारतीय सेना के ‘‘418 इंडीपेंडेंट इंजीनियरिंग कोर’’ दल के सदस्यों ने इस अवसर पर बढ़चढ़ कर अपनी सेवाएं प्रदान की, जिनमें हवलदार हरसेवक सिंह, हवलदार गुरप्रीत सिंह व अन्य जवान शामिल रहे। गुरूद्वारा प्रबंधन ने सेना के जवानों द्वारा निभाई गई विशेष सेवा के लिए सभी को सिरोपा भेंज करके सम्मानित करते हुए बहुत-बहुत धन्यवाद किया। इनके अलावा गोबिन्द धाम (घांघरिया) के एस.ओ. श्री अमनदीप सिंह जी एवं गोबिन्द घाट के एस.ओ. श्री विनोद रावत जी की ओर से प्रदान किए गए सहयोग की भी सराहना करते हुए ट्रस्ट द्वारा उन्हें धन्यवाद व आभार प्रकट किया।
राज्य राज्यपाल रिटा0ले0ज0 सरदार गुरमीत सिंह जी, जिन्होंने एक दिन पूर्व 09 अक्टूबर को गुरू महाराज के दरबार में हाजिर भरी, इस अविस्मरणीय अवसर अध्यक्ष, नरेन्द्रजीत सिंह बिन्द्रा ने यात्रा की सफलतापूर्वक संपन्नता हेतु कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनका धन्यवाद किया। गुरूद्वारा ट्रस्ट की ओर उत्तराखण्ड सरकार एवं प्रशासन के साथ-साथ सभी विभागों को भी धन्यवाद व बधाई दी तथा समस्त सहयोगियों का आभार प्रकट किया। इस वर्ष श्री हेमकुण्ट साहिब जी की यात्रा के लिए लगभग 2 लाख 80 हजार यात्रियों ने रजिस्ट्रेशन कराया जिनमेें से लगभग 2 लाख 62 हजार श्रृद्वालुओं ने गुरू दरबार में मत्था टेकने का सौभाग्य प्राप्त किया। देश-विदेश से पहुंचे हजारों श्रृ़द्वालुओं का भी ट्रस्ट द्वारा अभिवादन किया गया। आज यात्रा समापन के इस विशेष मौके पर गुरूद्वारा गोबिन्द घाट के प्रबंधक सरदार सेवा सिंह जी, गुरूद्वारा हेमकुण्ट साहिब के प्रबंधक सरदार गुरनाम सिंह व कर्मचारीगण भी मौजूद रहे।
गुरूद्वारा ट्रस्ट आशा करता है कि भविष्य में भी यात्रा हेतु सभी का सहयोग मिलता रहेगा। यात्रा मार्ग के सभी पड़ावों में लंगर-पानी व रात्रि विश्राम आदि सुख-सुविधाओं मे बढ़ोत्तरी करके आगामी वर्ष की यात्रा को और सुगम बनाने के प्रयास ट्रस्ट द्वारा किए जाएगें।

बदरीनाथ में बारिश, हेमकुंड साहिब में बर्फबारी

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ठंड की शुरुआत हो गई है। सुबह और शाम माैसम में ठंडक महसूस होने लगी है। वहीं, आज दोपहर बाद पहाड़ी इलाकों में माैसम ने करवट बदली। शाम को बदरीनाथ धाम में बारिश हुई तो वहीं, हेमकुंड साहिब में बर्फबारी हुई।

बारिश होने से बदरीनाथ धाम में कड़ाके की ठंड हो रही है। इससे पहले आज हेमकुंड साहिब और लक्ष्मण मंदिर के कपाट बर्फबारी के बीच शीतकाल के लिए बंद हो गए। वहीं, अब हेमकुंड साहिब में करीब दो इंच तक बर्फ जम चुकी है।

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने कहा कि पहाड़ों में हल्की बारिश के आसार हैं। वहीं, मैदानी इलाकों में आने वाले दिनों में भी गर्मी परेशान करेगी। मानसून विदा होने के बाद से प्रदेश के मैदानी इलाकों में पोस्ट मानसून की बारिश नहीं हो रही है।

जिसके चलते मैदान से लेकर पहाड़ तक की नमी कम होने लगी है। यही वजह है कि प्रदेश भर के न्यूनतम तापमान से लेकर अधिकतम तापमान में सामान्य से दो से तीन डिग्री तक की बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। आने वाले दिनों में प्रदेश भर में मौसम शुष्क रहने के आसार हैं। जिसके चलते मैदानी इलाकों में दिन के समय गर्मी का अहसास हो सकता है।

मानसून के जख्म : 65 मौतें, 33 लापता, 1363 करोड़ का नुकसान

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हिमाचल में 2024 का मानसून कभी न भूलने वाले जख्म दे गया है। राज्य में इस बार भी बरसात में अभी तक 1363 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। बरसात में बहे 33 लोग अभी तक लापता है, जिनका कोई भी सुराग हाथ नहीं लग पाया है।

इस मानसून के दौरान हिमाचल में बादल फटने जल्द जल्दकी 54 घटनाएं सामने आई है। जिसमें प्रदेश के कुल्लू, मंडी और शिमला में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। राज्य आपदा प्रबंधन के निदेशक डीसी राणा की ओर से जारी रिपोर्ट में बताया गया है कि हिमाचल में 27 जून से 2 अक्टूबर तक मानसून सक्रिय रहा। राज्य में इस दौरान कुल 600.9 मिमी वर्षा हुई, जो की सामान्य से 18 प्रतिशत कम है।

इस वर्ष मानसून जुलाई माह में चरम पर रहा, जिसमें 255 मिमी के मुकाबले कुल 180 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि अगस्त में कुल वर्षा की 256 मिमी के सामान्य के मुकाबले 243 मिमी थी। यानी की इस साल मानसून के दौरान कुल 734 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

डीसी राणा ने बताया कि राज्य में बादल फटने व बाढ़ की कुल 54 घटनाएं हुई, जिसमें कुल 65 लोगों की जान गई है। जिनमें 33 अभी भी लापता है। इसके अतिरिक्त इस बार मानसून सीजन में भूस्खलन की कुल 47 घटनाएं भी हुईं। जिनमें 5 लोगों की जान चली गई और राज्य को 2024 के मानसून के दौरान लगभग 1363 करोड़ की वित्तीय हानि हुई।

तिरंगे में लपेटकर पार्थिव शरीर नरीमन पॉइंट लाया गया, यहीं शाम 4 बजे तक अंतिम दर्शन

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टाटा संस के मानद चेयरमैन रतन नवल टाटा का 86 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने बुधवार देर रात करीब 11 बजे अंतिम सांस ली। वे मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल की इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में एडमिट थे और उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे।

टाटा का पार्थिव शरीर नरीमन पॉइंट स्थित नेशनल सेंटर फॉर परफॉर्मिंग आर्ट्स (NCPA) में रखा गया है। यहां लोग शाम 4 बजे तक अंतिम दर्शन कर सकेंगे। शाम को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।

पद्म विभूषण और पद्म भूषण से सम्मानित रतन टाटा को 7 अक्टूबर को भी ICU में भर्ती किए जाने की खबर थी। हालांकि, उन्होंने ही इसका खंडन करते हुए कहा था कि वे ठीक हैं, रूटीन चेकअप के लिए अस्पताल पहुंचे हैं।

टाटा संस के मानद चेयरमैन रतन नवल टाटा का 86 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने बुधवार देर रात करीब 11 बजे अंतिम सांस ली। वे मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल की इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में एडमिट थे और उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे।

टाटा का पार्थिव शरीर नरीमन पॉइंट स्थित नेशनल सेंटर फॉर परफॉर्मिंग आर्ट्स (NCPA) में रखा गया है। यहां लोग शाम 4 बजे तक अंतिम दर्शन कर सकेंगे। शाम को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।

पद्म विभूषण और पद्म भूषण से सम्मानित रतन टाटा को 7 अक्टूबर को भी ICU में भर्ती किए जाने की खबर थी। हालांकि, उन्होंने ही इसका खंडन करते हुए कहा था कि वे ठीक हैं, रूटीन चेकअप के लिए अस्पताल पहुंचे हैं।

देर रात करीब 2 बजे टाटा के पार्थिव शरीर को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल से कोलाबा ले जाया गया। निधन की खबर मिलने के बाद अस्पताल में बड़ी संख्या में भीड़ जुटी।

देर रात करीब 2 बजे टाटा के पार्थिव शरीर को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल से कोलाबा ले जाया गया। निधन की खबर मिलने के बाद अस्पताल में बड़ी संख्या में भीड़ जुटी।

मोदी-राहुल और सुंदर पिचाई समेत बिजनेस घरानों ने शोक जताया

टाटा चेयरमैन एन चंद्रशेखरन: हम अत्यंत दुख के साथ रतन टाटा को विदाई दे रहे हैं। समूह के लिए टाटा एक चेयरपर्सन से कहीं ज्यादा थे। मेरे लिए वे एक गुरु, मार्गदर्शक और मित्र थे।

राष्ट्रपति मुर्मू: भारत ने एक ऐसे आइकॉन को खो दिया है, जिन्होंने कॉर्पोरेट ग्रोथ, राष्ट्र निर्माण और नैतिकता के साथ उत्कृष्टता का मिश्रण किया। पद्म विभूषण और पद्म भूषण से सम्मानित रतन टाटा ने टाटा ग्रुप की विरासत को आगे बढ़ाया है।

PM नरेंद्र मोदी: टाटा एक दूरदर्शी बिजनेस लीडर, दयालु आत्मा और एक असाधारण इंसान थे। उन्होंने भारत के सबसे पुराने और सबसे प्रतिष्ठित व्यापारिक घरानों में से एक टाटा ग्रुप को स्थिर नेतृत्व प्रदान किया। उनका योगदान बोर्ड रूम से कहीं आगे तक गया।

राहुल गांधी: रतन टाटा दूरदृष्टि वाले व्यक्ति थे। उन्होंने बिजनेस और परोपकार दोनों पर कभी न मिटने वाली छाप छोड़ी है। उनके परिवार और टाटा कम्युनिटी के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं।

मुकेश अंबानी: ये भारत के लिए बहुत दुखद दिन है। रतन टाटा का जाना ना सिर्फ टाटा ग्रुप, बल्कि हर भारतीय के लिए बड़ा नुकसान है। व्यक्तिगत तौर पर रतन टाटा का जाना मुझे बहुत दुख से भर गया है, क्योंकि मैंने अपना दोस्त खो दिया है।

गौतम अडाणी: भारत ने एक महान और दूरदर्शी व्यक्ति खो दिया है। टाटा ने मॉडर्न इंडिया के पाथ को रीडिफाइन किया। टाटा सिर्फ एक बिजनेस लीडर नहीं थे, उन्होंने करुणा के साथ भारत की भावना को मूर्त रूप दिया।

आनंद महिंद्रा: मैं रतन टाटा की अनुपस्थिति को स्वीकार नहीं कर पा रहा हूं। रतन टाटा को भुलाया नहीं जा सकेगा, क्योंकि महापुरुष कभी नहीं मरते।

सुंदर पिचाई: रतन टाटा से पिछली मुलाकात के दौरान उनका विजन सुनना मेरे लिए प्रेरणादायक था। वे एक्स्ट्राऑर्डिनरी बिजनेस लीगेसी छोड़ गए हैं। उन्होंने भारत में मॉडर्न बिजनेस लीडरशिप को मार्गदर्शन देने और डेवलप करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

उत्तराखंड: BKTC ने भोग-प्रसाद को लेकर जारी की SOP

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बदरीनाथ-केदारनाथ धाम के अलावा BKTC के अधीन आने वाले मंदिरों में भोग और प्रसाद की गुणवत्ता व शुद्धता के लिए बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने SOP जारी कर दी है, जिसमें भोग प्रसाद तैयार करने और उसमें इस्तेमाल होने वाली खाद्य सामग्री, भंडारण के साथ निगरानी के लिए दिशा निर्देश दिए गए। तिरुपति मंदिर में प्रसाद में मिलने वाला देसी घी के लड्डू में मिलावट का मामला सामने आने के बाद बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने भी बदरीनाथ, केदारनाथ धाम व अन्य मंदिरों में भोग व प्रसाद के लिए SOP जारी की है।

  • ये है SOP
  • साल में कम से कम एक बार भोग प्रसाद की फूड सेफ्टी ऑडिट कराया जाएगा।
  • प्रसाद व भोग में इस्तेमाल होने वाले चावल, तेल, घी, मसाले, केसर की जांच और विश्वसनीय व्यापारी से खरीदने के निर्देश दिए गए।
  • भोग व प्रसाद को बनाने के लिए इस्तेमाल तेल को अधिकतम तीन बार से ज्यादा उपयोग न किया जाए।
  • भोग और प्रसाद तैयार करने के लिए कर्मचारियों को स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने को कहा गया।
  • खाद्य सामग्री को लंबे समय तक स्टॉक में न रखा जाए।
  • गुणवत्ता और शुद्धता की जांच के लिए नियमित रूप से निगरानी की जाएगी।
  • इसके साथ ही साल में एक बार भोग और प्रसाद का फूड सेफ्टी ऑडिट किया जाएगा।

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण की ओर से अधिकृत प्रयोगशाला में खाद्य सामग्री की जांच कराई जाएगी।

दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा का 86 वर्ष की उम्र में निधन

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टाटा संस के मानद चेयरमैन रतन नवल टाटा का 86 साल की उम्र में निधन हो गया। वे मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल के इंटेसिव केयर यूनिट (ICU) में भर्ती थे। 7 अक्टूबर को भी उनके ICU में भर्ती होने की खबर थी। हालांकि रतन टाटा ने सोशल मीडिया पर लिखा था, ‘मैं ठीक हूं और ज्यादा उम्र के कारण रूटीन चेकअप के लिए अस्पताल गया था।’ टाटा के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नेता प्रतिक्ष राहुल गांधी, गौतम अडाणी समेत कई नेताओं और बिजनेसमैन ने शोक व्यक्त किया।

 

22 साल तक ग्रुप के चेयरमैन थे रतन टाटा: 28 दिसंबर 1937 को जन्मे रतन, टाटा ग्रुप के संस्थापक जमशेदजी टाटा के परपोते हैं। वे 1990 से 2012 तक ग्रुप के चेयरमैन थे और अक्टूबर 2016 से फरवरी 2017 तक अंतरिम चेयरमैन रहे। निधन से पहले तक रतन टाटा ग्रुप के चैरिटेबल ट्रस्ट्स के प्रमुख थे।

 

दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा का 86 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। टाटा समूह ने इसकी जानकारी दी है। टाटा समूह ने कहा कि अपार दुख के साथ हम अपने प्रिय रतन के शांतिपूर्ण निधन की घोषणा करते हैं। हम, उनके भाई, बहन और स्वजन, उनकी प्रशंसा करने वाले सभी लोगों के प्रेम और सम्मान से सांत्वना महसूस करते हैं।

 

रतन टाटा के निधन पर टाटा समूह के अध्यक्ष एन चन्द्रशेखरन ने कहा कि अत्यंत दुख के साथ हम रतन नवल टाटा को विदाई दे रहे हैं। वह वास्तव में एक असाधारण नेतृत्वकर्ता थे, जिनके अतुलनीय योगदान ने न केवल टाटा समूह को बल्कि राष्ट्र को भी आकार दिया है।

 

मुंबई पुलिस के दक्षिण क्षेत्र के अतिरिक्त आयुक्त अभिनव देशमुख ने कहा कि सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर 3:30 बजे तक उनका पार्थिव शरीर दर्शन के लिए NCPA में रखा जाएगा, जो भी लोग दर्शन के लिए आएंगे उनसे अपील है कि वहां पार्किंग की सुविधा नहीं है तो उन्हें पुलिस के निर्देशों का पालन करना होगा और अपनी पार्किंग की व्यवस्था देख कर आएं।

 

रतन टाटा को राजकीय सम्मान के साथ दी जाएगी विदाई। वहीं मुंबई में 10 बजे से लोग उनके अंतिम दर्शन कर सकेंगे। उद्योगपति रतन टाटा का पार्थिव शरीर कोलाबा स्थित उनके आवास पर ले जाया गया। वहीं, रतन टाटा के निधन पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि रतन टाटा जी बहुत ही सफल उद्योगपति तो थे ही, लेकिन उससे भी बड़े व्यक्ति के रूप में हम उन्हें देखते हैं। उन्होंने देश और समाज के लिए काम किया है। उन्होंने केवल सफल उद्योग नहीं बल्कि एक ऐसा ब्रांड खड़ा किया जिसने हमारे देश को एक वैश्विक पहचान दी। देश के लिए ये बहुत बड़ा नुकसान है।

दिल्ली से बड़ी खबर, CM आवास कराया गया खाली, बाहर निकाल दिया सामान

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दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी से उनका आवास खाली करवा लिया गया है. पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों की टीम ने पहुंचकर मुख्यमंत्री का सामान निकलवाया. वहीं आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि उपराज्यपाल ने मुख्यमंत्री आवास से सीएम आतिशी का सारा सामान बाहर निकलवाया है.

दिल्ली मुख्यमंत्री आवास खाली कराने पर मुख्यमंत्री कार्यालय का बयान भी सामने आया है. इस बयान में कहा गया, “देश के इतिहास में पहली बार मुख्यमंत्री आवास खाली कराया गया. भाजपा के इशारे पर एलजी ने जबरन सीएम आतिशी का सामान सीएम आवास से निकाला. एलजी की तरफ से भाजपा के किसी बड़े नेता को सीएम आवास आवंटित करने की तैयारी चल रही है. 27 साल से दिल्ली में वनवास काट रही भाजपा अब सीएम आवास कब्जाना चाह रही है.”

आम आदमी पार्टी (आप) ने बुधवार को आरोप लगाया कि अधिकारी प्रोटोकॉल का उल्लंघन कर बीजेपी के दबाव में दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी को 6, फ्लैगस्टाफ रोड स्थित बंगला आवंटित नहीं कर रहे हैं जबकि अरविंद केजरीवाल इसे खाली कर चुके हैं.

दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता ने मुख्यमंत्री पर गैरकानूनी तरीके से बंगले में रहने का आरोप लगाया और मांग की कि इसे सील किया जाए.

आतिशी अपना सामान लेकर सोमवार को उत्तर दिल्ली के सिविल लाइंस इलाके में स्थित बंगले में रहने आ गयी थीं. इस बंगले में नौ साल तक केजरीवाल रहे और उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद इसे खाली कर दिया.

अगले साल उत्तराखंड में होंगे 38वें राष्ट्रीय खेल

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38वें राष्ट्रीय खेल 28 जनवरी से 14 फरवरी 2025 तक उत्तराखण्ड में होंगे। 25 अक्टूबर 2024 को प्रस्तावित भारतीय ओलंपिक संघ की आम सभा की बैठक में इसका पूरा कार्यक्रम जारी किया जायेगा। राष्ट्रीय खेलों के साथ ही विंटर नेशनल गेम का आयोजन भी उत्तराखण्ड में किया जायेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को नई दिल्ली में भारतीय ओलम्पिक संघ की अध्यक्ष डॉ. पी.टी उषा से भेंट की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि उत्तराखण्ड को 38वें राष्ट्रीय खेलों की जिम्मेदारी मिली है, इसके लिए उन्होंने भारतीय ओलम्पिक संघ की अध्यक्ष डॉ. पी.टी उषा का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें श्री बद्रीनाथ और श्री केदारनाथ के दर्शन के लिए भी आमंत्रित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के लिए उत्तराखण्ड पूरी तरह से तैयार है। राष्ट्रीय खेलों के लिए राज्य में काफी इन्फ्रास्टक्चर बनकर तैयार है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में राष्ट्रीय खेलों का आयोजन भव्य तरीके से किया जायेगा।

जिन राज्यों में पिछले राष्ट्रीय खेल हुए हैं, उनके अनुभवों के आधार पर भी राज्य में और अच्छे तरह से खेलों के आयोजन के लिए कार्य किये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा प्रयास होगा कि उत्तराखण्ड में होने वाले राष्ट्रीय खेलों का आयोजन अभी तक हुए राष्ट्रीय खेलों से बेहतर हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों की अच्छी व्यवस्था के साथ ही खिलाड़ियों और देश भर से आने वाले लोगों के लिए उत्तराखण्ड मेंं होने वाले राष्ट्रीय खेल में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जायेंगी।

उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में राष्ट्रीय खेल के आयोजन से यहां के लोगों का मनोबल और प्रोत्साहन भी बढ़ेगा। उत्तराखण्ड को राष्ट्रीय खेलों के माध्यम से एक अच्छा मंच मिलेगा। हमारे उदीयमान खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अच्छा अवसर मिलेगा।

राहुल बोले- जम्मू-कश्मीर के लोगों का शुक्रिया, हरियाणा के नतीजों का विश्लेषण कर रहे

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कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने विधानसभा चुनाव के परिणामों पर पहली बार प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों का तहे दिल से शुक्रिया। प्रदेश में INDIA की जीत संविधान की जीत है, लोकतांत्रिक स्वाभिमान की जीत है।

राहुल ने हरियाणा में मिली करारी हार पर कहा कि हम हरियाणा के अप्रत्याशित नतीजे का विश्लेषण कर रहे हैं। अनेक विधानसभा क्षेत्रों से आ रही शिकायतों से चुनाव आयोग को अवगत कराएंगे। सभी हरियाणा वासियों को उनके समर्थन और हमारे बब्बर शेर कार्यकर्ताओं को उनके अथक परिश्रम के लिए दिल से धन्यवाद।

उन्होंने आगे कहा कि हक का, सामाजिक और आर्थिक न्याय का, सच्चाई का यह संघर्ष जारी रखेंगे, आपकी आवाज़ बुलंद करते रहेंगे। दरअसल, हरियाणा विधानसभा चुनाव जीतकर भाजपा ने न सिर्फ सारे एग्जिट पोल्स को झूठा साबित कर दिया, बल्कि अपने विरोधियों को भी चौंका दिया है। इसके बाद से ही कांग्रेस अपने साथियों के निशाने पर है। हालांकि, कांग्रेस इन नतीजों को मानने के लिए तैयार नहीं है। उसने नतीजों में गड़बड़ी को लेकर चुनाव आयोग से शिकायत भी की है।

हरियाणा में 48 सीट जीतकर भाजपा सत्ता बरकरार रखने और लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के लिए तैयार है। कांग्रेस को 37 सीट पर जीत मिली है। इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) ने दो सीटें जीतीं, जबकि निर्दलीय उम्मीदवारों को तीन सीट मिलीं। जननायक जनता पार्टी (जजपा) और आम आदमी पार्टी (आप) दोनों को चुनावों में कोई सफलता नहीं मिली।

जम्मू-कश्मीर के परिणाम

जम्मू-कश्मीर में 2019 में अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने बाद पहली बार कराए गए विधानसभा चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस-कांग्रेस गठबंधन ने शानदार जीत हासिल की। नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस गठबंधन 90 सदस्यीय विधानसभा में 48 सीट के साथ सरकार बनाने को तैयार है। नेशनल कॉन्फ्रेंस ने 51 सीट पर चुनाव लड़ा था, जिनमें से 42 पर उसे जीत मिली है, जबकि उसकी सहयोगी कांग्रेस ने 32 सीट पर चुनाव लड़ा था, जिनमें से छह उसके खाते में गईं हैं।

 

उत्तराखंड में माकोप रैनसमवेयर से हुआ हमला, डाटा वापस मिलना मुश्किल!

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उत्तराखंड में साइबर अटैक करने वाले साइबर हमलावर की पहचान कर ली गई है। माकोप रैनसमवेयर से हमला हुआ था। विशेषज्ञों ने इसकी पहचान कर ली है। साइबर क्राइम की दुनिया में पहली बार 2020 में इस रैनसमवेयर की पहचान हुई थी। इससे पहले एयर इंडिया, इंडिगो एयरलाइंस, एम्स दिल्ली समेत देश में कई जगह रैनसमवेयर के हमले हो चुके हैं।

रैनसमवेयर को भेजने वालों की पहचान नहीं हो पाई है। यह सिस्टम में घुसने के बाद पूरी फाइल इंक्रिप्ट कर देता है यानी उस पर एक लॉक लगा देता है। इसके साथ ही उस सिस्टम पर फिरौती का एक नोट छोड़ देता है। जैसे ही सिस्टम खोलने की कोशिश करेंगे तो वह नोट पढ़ने में आता है।

इस रैनसमवेयर की जद में आया डाटा रिकवर होना अभी तक असंभव है। सचिव आईटी नितेश झा ने बताया कि माकोप रैनसमवेयर की पहचान हो चुकी है। हालांकि, ये साइबर हमला कहां से हुआ, इसका अभी पता नहीं चल पाया है। ना हमला करने वालों के बारे में कोई जानकारी मिली पाई है।

माकोप रैनसमवेयर से साइबर हमलावर ने उत्तराखंड का डाटा कब्जा लिया है। उसकी मांग पूरी होने के बाद ही डाटा वापस मिल पाएगा है। गनीमत यह है कि इसमें से ज्यादातर डाटा बैकअप से ले लिया गया है।

माकोप रैनसमवेयर सिस्टम की जानकारी हैक कर अपने सिस्टम में ले लेता है। विंडोज को भी खुद ही ऑपरेट करता है। ड्राइव, फोल्डर्स को खोजने पर रोक लगा देता है। हार्डवेयर, मेमोरी पर कब्जा कर लेता है। सिस्टम के अधिकार व पहुंच को कब्जा कर उसमें हेरफेर कर सकता है।

अगर खुद छेड़छाड़ करेंगे तो पूरा डाटा खत्म कर देगा। विशेष की दबाने तक छिपा रहेगा और उसे दबाने पर पूरे सिस्टम पर फिर निगरानी शुरू करने की क्षमता रखता है। यह फाइलों को एनक्रिप्ट कर देता है। फोल्डर तक अपनी पहुंच बना लेता है।

अब तक के बड़े हमले

  •  2022 में ग्रीस की डाक व्यवस्था रैनसमवेयर का शिकार हुई।
  • भारत की की सबसे बड़ी एयरलाइनों में से एक ने मई 2022 में रैनसमवेयर हमला झेला, जिससे उड़ानें रद्द हो गईं। यात्री फंस गए थे।
  • मई 2021 में एक अमेरिकी ईंधन पाइपलाइन ने रैनसमवेयर हमले के बाद अपने हजारों कर्मचारियों की व्यक्तिगत जानकारी रोकने के लिए सेवाएं बंद करनी पड़ी।
  • दुनिया का सबसे बड़ा मांस आपूर्तिकर्ता मई 2021 में रैनसमवेयर हमले का निशाना बन गया।
  • अपनी वेबसाइट को अस्थायी रूप से ऑफलाइन करने और उत्पादन रोकने के बाद कंपनी ने बिटकॉइन में 11 मिलियन अमेरिकी डॉलर की फिरौती दी।