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उत्तराखंड चार धाम कपाट बंद होने की तिथियां हुई घोषित

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उत्तराखंड चार धाम यात्रा 2024

श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 17 नवंबर को रात्रि 9 बजकर 07 मिनट पर बंद होंगे।

• परंपरानुसार श्री केदारनाथ धाम एवं श्री यमुनोत्री धाम के कपाट भैया दूज के दिन बंद होते है।

• श्री गंगोत्री धाम के कपाट अन्नकूट गोवर्धन पूजा केIMG 20241012 WA0126 दिन बंद होते है।

• द्वितीय केदार मद्महेश्वर के कपाट 20 नवंबर
तथा तृतीय केदार तुंगनाथ मंदिर के कपाट 4 नवंबर को बंद होंगे । आज तय हुई कपाट बंद होने की तिथि

श्री बदरीनाथ / केदारनाथ धाम/ देहरादून : 12 अक्टूबर। इस यात्रा वर्ष विश्व प्रसिद्ध श्री बदरीनाथ धाम के कपाट रविवार 17 नवंबर
नवंबर रात्रि 9 बजकर 07 मिनट पर शीतकाल हेतु बंद हो जायेंगे।
तथा पंच पूजायें बुधवार 13 नवंबर से शुरू होंगी इसी के साथ उत्तराखंड चार धाम के कपाट बंद होने की तिथियां घोषित कर दी गयी है।

श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि आज विजय दशमी/ दशहरे के अवसर पर श्री बदरीनाथ धाम मंदिर परिसर में पंचाग गणना पश्चात समारोहपूर्वक तय की गयी। कपाट बंद होने की तिथि तय करने हेतु दोपहर साढ़े ग्यारह बजे से कार्यक्रम शुरू हो गया था।
समारोह में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु एवं तीर्थयात्री भी मौजूद रहे‌।

श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि घोषित होने के कार्यक्रम विजय दशमी के अवसर पर श्री बदरीनाथ -केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने अपने संदेश में तीर्थयात्रियों को शुभकामनाएं दी है। यात्रा से जुड़े सभी विभागों,संस्थाओं, संगठनों सभी का आभार जताया।
कहा कि इस यात्रा वर्ष श्री बदरीनाथ -केदारनाथ यात्रा सरल सुगम रही अभी यात्रातथा यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में चारधाम यात्रा में बड़ी संख्या में तीर्थयात्री दर्शन को पहुंचे। सरकार एवं मंदिर समिति के प्रयासों से सभी यात्री सुविधाएं मुहैया हुई है।

बदरीनाथ धाम से मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने बताया है कि अभी तक 11 लाख से अधिक तीर्थयात्री श्री बदरीनाथ धाम पहुंचे है तथा साढे 13 लाख से अधिक तीर्थयात्री श्री केदारनाथ धाम दर्शन को पहुंचे।
इस तरह साढ़े 24 लाख तीर्थयात्रियों ने श्री बदरीनाथ -केदारनाथ के दर्शन कर लिए है एवं साढ़े अड़तीस लाख तीर्थयात्री चारधाम यात्रा पर पहुंच गये है।

श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि घोषित होने के कार्यक्रम विजय दशमी के अवसर पर रावल अमरनाथ नंबूदरी, बीकेटीसी उपाध्यक्ष किशोर पंवार एवं सदस्यगण, मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल,प्रभारी अधिकारी विपिन तिवारी एवं हक-हकूकधारियों एवं तीर्थ पुरोहितों की उपस्थिति में धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, वेदपाठी रविंद्र भट्ट पंचांग गणना के अनुसार कपाट बंद होने की तिथि तय की।

तथा आज ही देव डोलियों के योग बदरी पांडुकेश्वर तथा श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ प्रस्थान का कार्यक्रम भी तय हुआ। साथ ही यात्रा वर्ष 2025 के लिए भंडार व्यवस्था हेतु सम्मान स्वरूप पगड़ी भेंट की गयी।
भंडारी तोक से कुंदन सिंह भंडारी,कमदी थोक से अनुपम पंवार,मेहता थोक से यशवंत मेहता एवं सोबित मेहता को पगड़ी भेंट की गयी।

बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा हरीश गौड़ ने बताया कि कपाट बंद होने से पहले होने वाली पंच पूजाओं के अंतर्गत
सोमवार 13 नवंबर को पहले दिन श्री गणेश जी की पूजा तथा शायं को गणेश जी के कपाट बंद होंगे। 14 नवंबर को आदि केदारेश्वर मंदिर के कपाट बंद होंगे, 15 नवंबर को खड़क पुस्तक वाचन तथा वेद ऋचाओं का वाचन बंद हो जायेगा, शनिवार 16 नवंबर को माता लक्ष्मी जी को कढ़ाई भोग लगाया जायेगा।

तथा 17 नवंबर शाम सात बजे बाद कपाट बंद होने की प्रक्रिया शुरू हो जायेगी। रावल जी स्त्री रूप धारण कर माता लक्ष्मी को परिसर स्थित मंदिर से श्री बदरीनाथ मंदिर के गर्भगृह में विराजमान करेंगे।
इससे पहले श्री उद्धव‌ जी एवं कुबेर जी मंदिर गर्भगृह से बाहर परिसर में आयेंगे। इसी के साथ रात्रि 9 बजकर 07 मिनट पर श्री बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल हेतु बंद हो जायेंगे।

इसी दिन साथ ही श्री कुबेर जी रात्रि प्रवास हेतु बामणी गांव जायेंगे।
तथा 18 नवंबर सोमवार को नवंबर को श्री उद्धव जी, श्री कुबेर जी रावल अमरनाथ नंबूदरी तथा आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी रात्रि प्रवास हेतु योग बदरी पांडुकेश्वर पहुंचेंगे।

श्री उद्धव जी एवं श्री कुबेर जी शीतकाल में पांडुकेश्वर प्रवास करेंगे जबकि आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी 19 नवंबर मंगलवार को श्री नृसिंह मंदिर परिसर में विराजमान हो जायेगी।
इस तरह इस वर्ष की श्री बदरीनाथ धाम यात्रा का भी समापन हो जायेगा।

आज कपाट बंद होने की तिथि निर्धारित होने के अवसर पर बीकेटीसी उपाध्यक्ष किशोर पंवार, सदस्य भास्कर डिमरी,मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल प्रशासनिक अधिकारी कुलदीप भट्ट, विनोद डिमरी,जेई गिरीश रावत, राजेंद्र सेमवाल, जगमोहन बर्त्वाल, संतोष तिवारी, लेखाकार भूपेंद्र रावत, संदेश मेहता,केदार सिंह रावत, स़जय तिवारी अजय सती अनसूया नौटियाल, अजीत भंडारी, योगंबर नेगी, वैभव उनियाल, सत्येन्द्र चौहान,विकास सनवाल, दिनेश भट्ट,हरीश जोशी आदि मौजूद रहे।

परंपरागत रूप से श्री केदारनाथ धाम के कपाट दीपावली के पावन पर्व के पश्चात भैया दूज को बंद हो जाते है। इस बार श्री केदारनाथ धाम के कपाट 3 नवंबर भैयादूज को सुबह 8.30 बजे बंद हो रहे है। इसी दिन 3 नवंबर को भगवान केदारनाथ की पंचमुखी डोली पहले पड़ाव रामपुर ( निकट फाटा) को प्रस्थान करेगी।

4 नवंबर को पंचमुखी डोली श्री विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी पहुंचेगी 5 नवंबर को गुप्तकाशी से पंचकेदार गद्दस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में शीतकाल हेतु विराजमान होगी।

यह भी उल्लेखनीय है कि इसी दिन यमुनोत्री धाम के कपाट भी बंद होते है तथा भैया दूज से एक दिन पहले अन्नकूट गोवर्धन पूजा के दिन श्री गंगोत्री धाम के कपाट अभिजीत मुहूर्त में बंद होते है इस यात्रा वर्ष भैयादूज रविवार 3 नवंबर को यमुनोत्री धाम के कपाट दोपहर 12 बजकर 3 मिनट पर बंद हो रहे है तथा अन्नकूट गोवर्धन पूजा शनिवार 2 नवंबर को है इस दिन गंगोत्री धाम के कपाट दोपहर 12 बजकर 4 मिनट पर शुभ मुहूर्त में बंद हो रहे है।

श्री गंगोत्री तथा यमुनोत्री धाम के कपाट बंद होने की तिथि तथा समय की घोषणा श्री गंगोत्री मंदिर समिति तथा यमुनोत्री मंदिर समिति द्वारा पृथक-पृथक रूप से की गयी है वहीं प्रसिद्ध गुरुद्वारा हेमकुंट साहिब तथा लोकपाल तीर्थ लक्ष्मण मंदिर के कपाट बीते बृहस्पतिवार 10 अक्टूबर को बंद हो गये है।

वही द्वितीय केदार मद्महेश्वर जी के कपाट 20 नवंबर को बंद हो रहे है तथा तृतीय केदार श्री तुंगनाथ मंदिर के कपाट 4 नवंबर को बंद हो रहे है। जबकि मद्महेश्वर मेला 23 नवंबर को है इसी दिन श्री मद्महेश्वर भगवान की चल विग्रह डोली विभिन्न पड़ावों से होकर शीतकालीन गद्दीस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ पहुंचेंगे जबकि श्री तुंगनाथ जी की चलविग्रह उत्सव डोली विभिन्न पड़ावों से होकर 7 नवंबर को मर्केटेश्वर मंदिर मक्कूमठ पहुंचेगी।

 

इस बार दिल्ली से आया रावण, कल होगा दहन

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देहरादून : बन्नू बिरादरी दशहरा कमेटी के बाल युवा संघ की ओर से इस बार परेड ग्राउंड के खेल मैदान में रावण दहन किया जाएगा। इस बार रावण का कद घट गया है जबकि लंका बड़ी हो गई है। पिछली बार परेड ग्राउंड में 131 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया था।

समिति की ओर से परेड ग्राउंड के खेल मैदान में 55 फीट ऊंचे रावण के पुतले के साथ लंका का दहन भी होगा। इससे पहले हर बार की तरह भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। रावण दहन के लिए पुतले को इस बार दिल्ली से बनवाकर मंगाया गया।

दशहरा कमेटी बन्नू बिरादरी बाल युवा संघ अध्यक्ष संतोख सिंह नागपाल ने बताया कि 12 अक्तूबर को परेड ग्राउंड के खेल मैदान में 55 फीट के ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा।

इसके साथ ही कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतले और लंका दहन भी होगा। वहीं इससे पहले शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो श्री गोपीनाथ मंदिर से शुरू होकर पलटन बाजार, घंटाघर से एश्ले हॉल होते हुए परेड ग्राउंड पहुंचेगी।

 

 

शांति के लिए नोबेल पुरस्कार का एलान, इस संगठन को मिला सम्मान

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साल 2024 के लिए जापान के संगठन निहो हिंदाक्यो को शांति का नोबेल पुरस्कार दिया गया है। निहो हिंदाक्यो को ये नोबेल पुस्कार परमाणु हथियारों के खिलाफ मुहिम चलाने के लिए दिया गया है। संगठन क मानना है कि, दुनिया में परमाणु हथियारों का फिर कभी इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

इस संगठन को वे लोग चलाते हैं, जो दूसरे विश्व युद्ध में हिरोशिमा और नागासाकी पर हुए परमाणु हमले में जीवित बचे थे। इन्हें जपानी भाषा में हिबाकुशा कहा जाता है। हिबाकुशा दुनिया भर में अपनी पीड़ा और विभत्स यादों को निहोन हिदांक्यो संगठन के जरिए साझा करते हैं।

निहोन हिदांक्यो को इस साल का शांति पुरस्कार देते हुए नॉर्वेजियन नोबेल समिति ने कहा कि एक दिन परमाणु हमले को झेलने वाले ये लोग हमारे पास नहीं रहेंगे, लेकिन जापान की नई पीढ़ी उनकी याद और अनुभवों को दुनिया के साथ साझा करती रहेगी।

नई पीढ़ी को ये याद दिलाती रहेगी कि परमाणु हथियार दुनिया के लिए कितने खतरनाक हैं। इनका इस्तेमाल फिर नहीं होना चाहिए चाहिए। नॉर्वेजियन नोबेल समिति को इस साल के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए कुल 286 उम्मीदवारों के आवेदन मिले थे, जिसमें से 89 संगठन हैं।

टाटा ट्रस्ट को मिला नया चेयरमैन, नोएल टाटा के नाम पर मुहर

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नई दिल्ली: टाटा ट्रस्ट्स को नया चेयरमैन मिल गया है। सूत्रों के मुताबिक ट्रस्ट्स ने रतन टाटा के सौतेले भाई नोएल टाटा को चेयरमैन नियुक्त किया है। रतन टाटा का बुधवार देर रात 86 साल की उम्र में निधन हो गया था। टाटा ट्रस्ट्स की आज एक बैठक हुई, जिसमें रतन टाटा के उत्तराधिकारी के तौर पर नोएल टाटा को चुनने का फैसला किया गया।

नोएल पहले से ही सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट में ट्रस्टी हैं। इसकी संयुक्त रूप से टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस में 66% हिस्सेदारी है। इस नियुक्ति के साथ ही नोएल सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट के 11वें अध्यक्ष और सर रतन टाटा ट्रस्ट के छठे अध्यक्ष बन गए हैं। वह नवल एच. टाटा और सिमोन एन. टाटा के पुत्र और रतन टाटा के सौतेले भाई हैं।

आ रही देश की पहली महिला सुपरहीरो फिल्म ‘महाकाली’

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सुपरहिट फिल्म ‘हनुमान’ बनाने के बाद अब डायरेक्टर प्रशांत वर्मा देश की पहली महिला सुपरहीरो फिल्म बनाने जा रहा हैं, जिसका नाम ‘महाकाली’ होगा। यह प्रशांत सिनेमैटिक यूनिवर्स की तीसरी फिल्म होगी। इसकी कहानी और स्क्रीनप्ले दोनों ही प्रशांत वर्मा लिखेंगे। वहीं इसे पूजा अपर्णा कोल्लुरु डायरेक्ट करेंगी।

‘महाकाली’ में बंगाल के कल्चर पर आधारित होगी और इसमें कुछ मॉडर्न एलिमेंट्स को भी शामिल किया जाएगा। इसे तमिल, तेलुगू, कन्नड़, मलयालम और हिंदी भाषा में IMAX 3D फॉर्मेट में रिलीज किया जाएगा। फिल्म में महाकाली का किरदार कौन निभाएगा, यह फिलहाल रिवील नहीं किया गया है।

हालांकि, फिल्म का फर्स्ट लुक पोस्टर देख फैंस के रोंगटे खड़े हो गए हैं। पोस्टर में एक छोटी सी बच्ची एक चीते के सिर से अपना सिर टकराती दिख रही है। पीछे हावड़ा ब्रिज नजर आ रहा है। चेहरे पर शांति के साथ तेज भी झलक रहा है। साथ में मोशन पोस्टर भी आया है, जिसे देख फैंस क्रेजी हो गए हैं।

‘महाकाली’ की कास्ट और टेक्निकल टीम का अभी खुलासा नहीं किया गया है। चूंकि यह भारतीय सुपरहीरो फिल्म है, तो जाहिर है इसे बड़े स्केल पर शूट किया जाएगा, और काफी VFX भी होगा। प्रशांत की पिछली फिल्म ‘हनुमान’ हाल ही जापान में रिलीज हुई, और इसे अच्छा रिस्पॉन्स मिला।

 

 

 

केंद्र सरकार से समर्थन वापस ले लेंगे नीतीश कुमार? JPNIC विवाद के बीच अखिलेश यादव ने कर दी बड़ी अपील

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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित JPNIC मामले के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बिहार के सीएम नीतीश कुमार से बड़ी अपील की है. उन्होंने कहा है कि नीतीश कुमार भी उन्हीं जेपी आंदोलन से आते हैं जिसने देश में आंदोलन किया. वो भी यह देख रहे होंगे. उन्हें चाहिए जो लोग जेपी की जयंती नहीं मनाने दे रहे हैं उनसे समर्थन वापस ले लें.

सपा चीफ ने कहा कि बिहार के मुख्मंत्री जी जय प्रकाश के आंदोलन से निकले हैं. जो सरकार उनके जन्मदिन पर सम्मानित नहीं करने दे रहे हैं. उन्हें इसी समय भाजपा से गठबंधन तोड़ लेना चाहिए. जेपीआईसी ने इसका शिलान्यास किया था. उस समय यही कोशिश थी कि देश का सबसे अच्छा सेंटर बने जिसपर समाजवादी लोग इक्ट्ठे हो सकें. इस सरकार ने जानबूझकर रोका है. और साजिश ये है कि इस वर्ल्ड क्लास सेंटर को बेच दिया जाए.

अखिलेश ने कहा कि पता नहीं इस क्या कारण है कि इस सरकार ने हमें माल्यार्पण नहीं करने दिया. भाजपा ने हर अच्छा काम रोका है. ये सरकार रोकना चाहती है कि हम माल्यार्पण न करें. इसलिए हमने सड़क पर ही माल्यार्पण कर दिया है.

समाजवादी लोग हर साल मनाते रहेंगे. ये पुलिस कब तक खड़ी रहेगी. जयप्रकाश जी को हमलोग वहीं जा कर सम्मानित करेंगे. ये सरकार गूंगी बहरी तो है ही लेकिन आज इसे दिखाई भी नहीं दे रहा है. ये विनाशकारी सरकार है. इन्हें कोई भी अच्छी चीज दे दो उसका विनाश कर देती है. क्या साजिश है खुद त्योहार मना रहे हैं और हमें त्योहार नहीं मनाने दे रहे हैं.

अखिलेश ने कहा कि ये सरकार गरीबों को भेड़ियों से नहीं बचा पाती है, वो सरकार हमारे स्वास्थ्य की क्यों चिंता है. उन्हें इस बात कि क्यों चिंता है कि वहां बिच्छू है, इस सरकार में बिच्छू है. समाजवादियों का आंदोलन इसी तरह चलता रहेगा.

 

नवरात्रि अष्टमी-नवमी पर शुभ योग में करें कन्या पूजन, जानिए शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

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शारदीय नवरात्रि नवमी तिथि पर माता दुर्गा के आखिरी स्वरूप मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना के साथ समाप्त होती है। नवरात्रि के नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान के साथ पूजा करने का विधान होता है और महा अष्टमी और नवमी तिथि को कन्या पूजन करते हुए मां की विदाई होती है। इस साल नवरात्रि पर अष्टमी और नवमी तिथि को लेकर काफी कन्फ्यूजन की स्थिति बनी हुई है।

इस बार शारदीय नवरात्रि पर दो तिथियां एक ही दिन पड़ने की वजह से अष्टमी और नवमी तिथि को लेकर भ्रम की स्थिति बन गई है। लोगों के मन में यह भ्रम बना है कि महा अष्टमी और नवमी तिथि 11 अक्तूबर को मनाएं या फिर 12 अक्तूबर को। शास्त्रों में नवरात्रि पर अष्टमी और नवमी तिथि पर कन्या पूजन करने का विशेष महत्व होता है। आइए जानते है कन्या पूजन की विधि और मुहूर्त।

अष्टमी तिथि पर कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त

पंचांग की गणना के मुताबिक आश्विन माह की अष्टमी तिथि की शुरुआत 10 अक्तूबर को हो गई है, जिसका समापन 11 अक्तूबर को दोपहर 12 बजकर 7 मिनट पर होगा। इस तरह से अगर उदया तिथि के आधार पर बात करें तो अष्टमी तिथि 11 अक्तूबर को ही मनाई जाएगी। जो लोग अष्टमी तिथि पर कन्या पूजन करते हैं वे लोग 11 अक्तूबर को दोपहर अष्टमी तिथि के समापन के पहले तक पूजा संपन्न कर व्रत का पारण कर सकते हैं।

नवमी तिथि पर कन्या पूजन का मुहूर्त

नवमी तिथि पर नवरात्रि का समापन हो जाता है। पंचांग के अनुसार आश्विन माह की शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि की शुरुआत 11 अक्तूबर को 12 बजकर 7 मिनट पर हो रही है, जो अगले दिन यानी 12 अक्तूबर को सुबह 10 बजकर 59 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार नवमी तिथि 11 अक्तूबर को ही पड़ रही है, ऐसे में 11 अक्तूबर को नवमी पर कन्या पूजन करें।

कन्या पूजन शुभ मुहूर्त

नवरात्रि पर कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है। महाष्टमी पर कन्या पूजन के लिए 11 अक्तूबर को सुबह 07 बजकर 47 मिनट से लेकर 10 बजकर 41 मिनट तक का मुहूर्त है, फिर इसके बाद दोपहर 12 बजकर 08 मिनट से लेकर 01 बजकर 35 मिनट पर कन्या पूजन कर सकते हैं।

कन्या पूजन का महत्व

  • नवरात्रि में व्रत रखने के बाद कन्या पूजन करने से माता रानी प्रसन्न होती है। सुख-समृद्धि, धन-संपदा का आशीर्वाद देती है। इसके साथ ही कन्या पूजन करने से कुंडली में नौ ग्रहों की स्थिति मजबूत होती है।कन्या पूजन करने से माता की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
  • मान्यता है कि बिना कन्या पूजन के नवरात्रि का पूरा फल नहीं मिलता है। कन्या पूजन करने से परिवार के सभी सदस्यों के बीच प्रेम भाव बना रहता है और सभी सदस्यों की तरक्की होती है।
  • 2 वर्ष से लेकर 10 वर्ष तक की कन्या की पूजा करने से व्यक्ति को अलग-अलग फलों की प्राप्ति होती है। जैसे कुमारी की पूजा करने से आयु और बल की वृद्धि होती है।
  • त्रिमूर्ति की पूजा करने से धन और वंश वृद्धि, कल्याणी की पूजा से राजसुख, विद्या, विजय की प्राप्ति होती है।
  • कालिका की पूजा से सभी संकट दूर होते हैं और चंडिका की पूजा से ऐश्वर्य व धन की प्राप्ति होती है।
  • शांभवी की पूजा से विवाद खत्म होते हैं और दुर्गा की पूजा करने से सफलता मिलती है।
  • सुभद्रा की पूजा से रोग नाश होते हैं और रोहिणी की पूजा से सभी मनोरथ पूरे होते हैं।

कन्या पूजन की विधि

कन्या पूजन के लिए कुल 2 से 10 साल की नौ कन्याओं का पूजन किया जाता है। इन कन्याओं को नौ देवियों का प्रतीक माना जाता है। पहले कन्याओं को सम्मानपूर्वक आसन पर बैठाया जाता है और उनके पैरों को धोया जाता है। इसके बाद उन्हें चंदन, कुमकुम, और पुष्प से पूजित किया जाता है। भोजन में उन्हें पूरी, हलवा, चना और अन्य विशेष पकवान दिए जाते हैं। पूजा के बाद कन्याओं को वस्त्र, आभूषण, या धन देकर विदा किया जाता है।

पाकिस्तान के बलूचिस्तान में बड़ा हमला, कोयला खदान में ग्रेनेड और रॉकेट दागे, 20 लोगों की मौत

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पाकिस्तान के बलूचिस्तान स्थित एक कोयला खदान में बड़ा हमला हुआ है। हथियारबंद लोगों ने कोयला खदान में हमला बोला। अभी तक 20 लोगों की मौत की खबर है। घटना शुक्रवार तड़के बलूचिस्तान के डुकी इलाके की है। यहां स्थित जुनैद कोयला कंपनी की खदानों पर हथियारबंद लोगों ने हमला किया।

पुलिस अधिकारी हुमायूं खान ने बताया कि शुक्रवार तड़के भारी हथियारों से लैस लोगों ने खदान में धावा बोला। इस दौरान खदान में रॉकेट और ग्रेनेड से भी हमला किया गया। डॉक्टर जोहर खान शादिजई के मुताबिक अभी तक जिला अस्पताल में 20 शव और छह घायलों को लाया गया है।

 

 

उत्तराखंड: देहरादून से अब पहाड़ की इन जगहों के लिए भरें सीधी ‘उड़ान’

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देहरादून : CM पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सहस्त्रधारा हेलीपोर्ट पर बने ’पैसेंजर्स टर्मिनल भवन’ का लोकार्पण किया तथा ’देहरादून-अल्मोड़ा हेलीकॉप्टर सेवा’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश में तीन नए स्थानों यमुनोत्री, गौचर और जोशियाड़ा के लिए सहस्त्रधारा हेलीपोर्ट से हवाई सेवा प्रारंभ करने की घोषणा की। इनका संचालन उत्तराखण्ड एयर कनेक्टिविटी के अन्तर्गत मुख्यमंत्री उड़न खटोला योजना के तहत किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अल्मोड़ा से वर्चुअल रूप से जुड़े यात्रियों से संवाद भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस हवाई सेवा के लिए राज्य सरकार बहुत दिनों से प्रयासरत थी और आज देहरादून में सहस्त्रधारा हेलीपैड का भी विस्तार हो गया है। उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा-देहरादून की सेवा प्रारंभ होने से पहले ही राज्य में चिन्यालीसौड़, गौचर, मुनस्यारी, श्रीनगर, हल्द्वानी, पिथौरागढ़ की सेवाएं चल रही हैं। इन सेवाओं से निश्चित रूप से सभी को लाभ होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उड़ान योजना के अंतर्गत देहरादून से अल्मोड़ा के बीच हेली सेवा से एक ओर पर्यटन, आर्थिकी, रोजगार स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा तो वहीं हमारी मातृशक्ति जो उत्पाद बना रही है उनको भी निश्चित ही इससे लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी के साथ ही हम सबके जीवन में एक बेहतर बदलाव लाने का काम भी यह सेवा करेगी।
कहा कि अल्मोड़ा राज्य के प्राचीन नगरों में से एक है। इसका अपना एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व है।

जागेश्वर धाम, चितई गोल्ज्यू का स्थान, कटारमल सूर्य मंदिर ऐसे अनेक स्थान यहां हैं जो लोगों की आस्था के केंद्र हैं और यहां पर हैं। नंदा देवी मंदिर आदि प्रमुख स्थान भी अल्मोड़ा को विशेष बनाते हैं। उन्होंने कहा कि इस हेली सेवा से पर्यटक अब आसानी से अल्मोड़ा जा सकेंगे। अभी तक सड़क मार्ग से यह यात्रा थोड़ी लंबी होती थी लेकिन इस सेवा के प्रारंभ होने से अब लोगों को आसानी होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में हवाई सेवाओं का आधुनिकीकरण होने के साथ ही स्वदेशीकरण हो रहा है तो वहीं दूसरी ओर आम नागरिकों को भी यह सेवा मिले, विशेषकर हमारे जैसे कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले राज्य के लिए इन हेली सेवाओं का बहुत महत्व है। एक समय था जब पूरे देश के अंदर रेल सेवा को प्राथमिकता दी जाती थी लेकिन पिछले कुछ समय से हवाई सेवा एक प्रमुख परिवहन का रास्ता बन गया है और लोगों में यह अत्यंत लोकप्रिय भी हो रहा है।

प्रधानमंत्री की दीर्घकालिक सोच के कारण यह सब संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि इस टर्मिनल का बहुत अद्भुत तरह से विस्तार किया गया। आपदा के दौरान इसकी स्थापना की गई थी। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन और भारत सरकार के सहयोग से राज्य के नागरिक उड्डयन विभाग ने इस क्षेत्र में कुशलता से किया है।
भारत सरकार की ’उड़ान’ योजना के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में अच्छी सेवा प्रदान की जा रही है। राज्य सरकार का प्रयास है कि आने आले समय मे श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को आवागमन में हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध कराई जाए और इसमें सबसे महत्वपूर्ण भूमिका हमारी हवाई सेवा की है।

उन्होंने कहा कि जॉलीग्रांट एयरपोर्ट को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जा रहा है। वहां, नए टर्मिनलों का शुभारंभ पहले ही किया जा चुका है। आज देश के समस्त प्रमुख शहरों के लिए जॉलीग्रांट से हवाई सेवाएं चल रही हैं। इसके साथ ही पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तार के लिए 800 एकड़ से भी ज्यादा जमीन नागरिक उड्डयन मंत्रालय को हस्तांतरित कर दी गई है। उसकी सारी प्रक्रिया पूरी हो गयी है।

प्रधानमंत्री जी से भेंट के दौरान निवेदन किया कि हमारी चिन्यालीसौड़ की हवाई पट्टी का संचालन भी ठीक प्रकार से हो। इसके अलावा, पिथौरागढ़ के लिए ट्रायल लैंडिंग हो रही है। दिल्ली से पिथौरागढ़ तक दो ट्रायल लैंडिंग हो चुकी है और अभी एक लैंडिंग और होगी उसके एक बड़ा काम होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के आदि कैलाश, जागेश्वर धाम के दर्शन के बाद से वहां श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में हेली सेवाओं के अधिक से अधिक विस्तार हेतु संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है।

सहस्त्रधारा हेलीपोर्ट में नवनिर्मित यात्री टर्मिनल भवन अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। वर्तमान में यात्रियों की निरन्तर बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए इस भवन को डिजाइन किया गया है। जिसके निर्माण में सरकार द्वारा 2482.96 लाख रुपये का निवेश किया गया है। इस भवन में एक समय में लगभग 400 यात्रियों की बैठने की सुविधा है। जिसमें यात्रियों की सुविधा के लिए कई आधुनिक सुविधाएँ शामिल की गई हैं।

इस रूट पर पवन हंस लिमिटेड डबल इंजन हैलीकॉप्टर के माध्यम सेवा प्रदान की जाएगी। इस योजना से उत्तराखण्ड राज्य विशेषकर कुमायूँ क्षेत्र के आम नागरिकों/पर्यटकों को सस्ते दरों में हैलीकॉप्टर सेवा का लाभ प्राप्त होगा। यह हैलीकॉप्टर सेवा सप्ताह में 06 दिन संचालित होगी, जिसका प्रति व्यक्ति किराया रुपये 4989 निर्धारित किया गया है, जिसमें लगभग 55 मिनट का समय लगेगा।

उत्तराखंड: 250 गज से ज्यादा जमीन खरीद का ब्योरा तलब, CS ने जारी किए आदेश

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मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सभी जिलों से 250 वर्ग मीटर से अधिक भूमि खरीद का ब्योरा तलब किया है। साथ ही 12.50 एकड़ से अधिक भूमि के उपयोग का भी ब्योरा मांगा है।

मुख्य सचिव ने सात दिन के भीतर इसकी रिपोर्ट मांगी है। कि बता दें कि सीएम ने चार जिलों के बारे में रिपोर्ट मांगी थी। लेकिन अब जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। नियमों के विपरीत भूमि होने पर सारी भूमि सरकार में निहित होगी।