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उत्तराखंड : 34वें पड़ाव पर पहुंची गो प्रतिष्ठा यात्रा, देहरादून में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का भव्य स्वागत

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देहरादून: गो प्रतिष्ठा यात्रा देश भर के विभिन्न पड़ावों से होते हुए अपने 34वें पड़ाव देहरादून पहुंच गई है। ज्योतिष पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद देहरादून में भव्य स्वागत किया गया। मीनाक्षी वेडिंग प्वांइट पहुंचने टहले शंकराचार्य जी पर लोगों ने फूल बरसाए और शोभायात्रा निकाली।

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गो माता को राष्ट्रमाता घोषित कराने के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद देशभर में गौ प्रतिष्ठा यात्रा निकाल रहे हैं और लोगों को गौ माता का महत्व बता रहे हैं। अलग-अलग राज्यों के विभिन्न शहरों और क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करते हुए यात्रा देहरादून पहुंच गई। यात्रा को देशभर से लोगों का खूब सहयोग मिला रहा है।

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बाबा सिद्दीकी के बेटे जीशान को कांग्रेस ने किया था निष्कासित, अजीत पवार की NCP में शामिल

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दिवंगत NCP नेता बाबा सिद्दीकी के बेटे और मुंबई यूथ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष जीशान सिद्दीकी मुंबई में एनसीपी में शामिल हो गए। एनसीपी ने 2024 के महाराष्ट्र चुनाव के लिए बांद्रा ईस्ट निर्वाचन क्षेत्र से जीशान सिद्दीकी को पार्टी उम्मीदवार घोषित किया है। अगस्त में कांग्रेस द्वारा निष्कासित सिद्दीकी को पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के भतीजे के खिलाफ अपनी वांद्रे (पूर्व) सीट बचाने की उम्मीद है।

NCP में शामिल होने के बाद जीशान सिद्दीकी ने कहा, यह मेरे और मेरे परिवार के लिए एक भावनात्मक दिन है। मैं अजित पवार, प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे का इन कठिन समय में मुझ पर विश्वास करने के लिए शुक्रगुजार हूं। मुझे बांद्रा ईस्ट से नामांकन मिला है, मुझे यकीन है कि सभी लोगों के प्यार और समर्थन से मैं इस साल फिर से बांद्रा ईस्ट जरूर जीतूंगा।

जीशान सिद्दीकी को कांग्रेस ने अगस्त में निष्कासित कर दिया था, जब पार्टी ने विधान परिषद चुनावों में क्रॉस वोटिंग की सूचना दी थी, 2019 में पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के भतीजे वरुण सरदेसाई से जीती गई वांद्रे (पूर्व) सीट का बचाव करेंगे, जिनका शिवसेना गुट विपक्षी महा विकास अघाड़ी गठबंधन के हिस्से के रूप में कांग्रेस और शरद पवार एनसीपी के साथ गठबंधन में है।
जीशान सिद्दीकी ने गुरुवार को कांग्रेस पर निशाना साधा था, जब MVA ने एक अन्य नेता को वांद्रे (पूर्व) से उम्मीदवार घोषित किया था। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, मैंने सुना है कि पुराने दोस्तों ने वांद्रे पूर्व से अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। समर्थन करना कभी उनके स्वभाव में नहीं था।
उन्होंने लिखा था, उन लोगों के साथ संबंध बनाए रखें जो सम्मान देते हैं, अपने आप को भीड़ से घेरने का कोई मतलब नहीं है, अब जनता फैसला करेगी। MVA सहयोगियों के बीच सीट बंटवारे के तहत वांद्रे पूर्व सीट उद्धव ठाकरे की पार्टी को मिली है, जिनमें से प्रत्येक 85 सीटों पर चुनाव लड़ेगा, जबकि शेष 33 सीटें छोटी पार्टियों में विभाजित की जाएंगी।
बाबा सिद्दीकी की 12 अक्टूबर को बांद्रा में जीशान सिद्दीकी के कार्यालय के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। कुल 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और पुलिस हत्या के पीछे कौन था, यह पता लगाने के लिए कॉन्ट्रैक्ट किलिंग और व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता सहित विभिन्न एंगल से जांच कर रही है।
महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी 1999-2009 तक वांद्रे से कांग्रेस के विधायक थे। सीट भंग होने और विभाजित होने के बाद, उन्होंने 2009-14 तक वांद्रे पश्चिम का प्रतिनिधित्व किया। इस साल की शुरुआत में, उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी और एनसीपी के अजीत पवार गुट में शामिल हो गए।

उत्तरकाशी में धारा-163 लागू, प्रदर्शनों पर रोक

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उत्तरकाशी में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा शान्ति व्यवस्था भंग करने का प्रयास किया गया है, जिससे जनपद अन्तर्गत शान्ति एवं कानून व्यवस्था भंग होने की सम्भावना को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-163 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए दिनांक अग्रिम आदेशों तक जनपद उत्तरकाशी निषेधाज्ञा लागू करने के निर्देश दिए हैं।

इन शर्तों का करना होगा पालन

निषेधाज्ञा क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति लाठी, डण्डा, चाकू, भाला आदि किसी भी प्रकार का धारदार हथियार अथवा अग्नेय शस्त्र लेकर सीमान्तर्गत प्रवेश नहीं कर सकेगा। शान्ति व्यवस्था हेतु तैनात सुरक्षाकर्मी, राजकीय ड्यूटी में लगे शिथिलांग/विकलांग कर्मचारी जिन्हें चलने हेतु डण्डे की आवश्यकता होती है, इस प्रतिबंध से मुक्त रहेगे।

निषेधाज्ञा क्षेत्र में 05 या 05 से अधिक व्यक्तियों के एकत्रित होने पर पूर्णतः प्रतिबन्ध होगा।

निषेधाज्ञा सीमान्तर्गत जनसभा/जुलुस रैली तथा सार्वजनिक बैठक करने पर प्रतिबन्ध होगा।

निषेधाज्ञा क्षेत्र में किसी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यन्त्रों आदि के प्रयोग पर पूर्णतः प्रतिबन्ध होगा।

निषेधाज्ञा क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति किसी के प्रति अपमानजनक भाषा या गाली गलौच या भड़काने वाले शब्दों का प्रयोग नहीं करेगा और न ही ऐसे नारे लगायेगा, जिससे किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचे या शान्ति भंग होने की सम्भावना हो।

निषेधाज्ञा क्षेत्र में ज्वलनशील पदार्थ हथियार तथा ऐसी कोई सामग्री परिवहन/रखने पर प्रतिबन्ध होगा, जिससे मानव जीवन अथवा सार्वजनिक सम्पत्तियों को क्षति पहुँचायी जाती है।

निषेधाज्ञा क्षेत्र में पांच से अधिक व्यक्ति एकत्रित नही होगें और न कोई सभा अथवा सार्वजनिक बैठक और न ही नारे आदि लगा सकेंगे।

कोई भी व्यक्ति उक्त वर्णित सीमान्तर्गत ऐसी कोई सामग्री अपने पास लेकर प्रवेश नहीं कर सकेगा अथवा ऐसी कोई गतिविधि नहीं करेगा, जिससे शान्ति एव कानून व्यवस्था पर किसी भी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव पड़ता हो।

सोशल मीडिया एवं इलेक्ट्रॉनिक के माध्यम से किसी भी प्रकार की अफवाहें/भ्रामक सूचनाएँ/प्रचार-प्रसार एवं व्यक्ति विशेष समुदायों के बीच साम्प्रदायिक, पारस्पारिक द्वेष भावना अथवा लोक अशान्ति फैलाने के प्रयास निषेध किये जाते है।

सांस्कृतिक, राजनैतिक इत्यादि अन्य किसी प्रकार के कार्यक्रम आयोजित नही करेगे।

निषेद्याज्ञा का उल्लंघन धारा-223 बीएनएसके के तहत दण्डनीय अपराध होगा।

क्या है धारा 163

भारत में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (धारा 163) को एक जुलाई 2023 में लागू किया गया था। दरअसल, पहले इसे भारतीय दंड संहिता (Criminal Procedure Code) 144 के नाम से जाना जाता था। धारा 163 के तहत देश या किसी भी राज्य में आपातकालीन स्थिति व किसी बड़ी परेशानी पर नियंत्रण किया जा सकता है।

कैसे होती है धारा 163 की कार्रवाई

अगर देश या किसी भी राज्य में अब धारा 163 लागू की जाती है तो सार्वजनिक स्थान पर इट्ठा होने पर रोक लग जाती है। ऐसे स्थिति में विरोध प्रदर्शन पर भी रोक लगा दी जाती है। लेकिन अगर कोई ऐसे में प्रदर्शन करता है तो प्रशासन की ओर से उनके खिलाफ एक्शन लिया जा सकता है।

जिला मस्जिट्रेट तुरंत ले सकते हैं एक्शन

समझ लीजिए अगर आपके शहर में धारा 163 लागू की गई है। लेकिन उसका उल्लंघन करके कोई सार्वजनिक स्थान पर इकट्ठा होते हैं या फिर धरना प्रदर्शन करते हैं तो जिला मस्जिस्ट्रेट तुरंत एक्शन ले सकते हैं। उन्हें इस धारा के तहत कार्रवाई करने की पूरी शक्ति प्रदान है।

उत्तराखंड: कल अपने 34वें पड़ाव पर पहुंचेगी गौ प्रतिष्ठा यात्रा, दून पहुंचे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद 

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देहरादून: गौ प्रतिष्ठा यात्रा देश भर के विभिन्न पड़ावों से होते हुए कल अपने 34वें पड़ाव पर पहुंचेगी। ज्योतिष पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वानंद देहरादून पहुंच गए हैं। देहरादून में कल रिस्पना पुल के निकट मीनाक्षी वेडिंग प्वांइट में शंकराचार्य जी और गौ कृपाकांक्षी गोपालमणि भक्तों को संबोधित करेंगे।

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गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित कराने के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वानंद देशभर में गौ प्रतिष्ठा यात्रा निकाल रहे हैं और लोगों को गौ माता का महत्व बता रहे हैं। अलग-अलग राज्यों के विभिन्न शहरों और क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करते हुए यात्रा देहरादून पहुंच गई। यात्रा को देशभर से लोगों का खूब सहयोग मिला रहा है।

उत्तरकाशी में मस्जिद पर बवाल, पथराव और लाठीचार्ज

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उत्तरकाशी: उत्तरकाशी में मस्जिद हटाने को लेकर ववाल हो गया है। मस्जिद हटाने को लेकर आज जन अराक्रोश रैली निकाली गई। इस दौरान हिन्दू संगठनों के पदाधिकारियों ओर कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। रैली को मस्जिद तक जाने से रोकने के लिए पुलिस ने सुरक्षा प्रबंध किए हुए थे। पुलिस और प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच बैरीकेड पर तीखी नोंक-झोंक भी हुई। कुछ देर बाद अचानक ही मौके पर पथराव होने लगा, जिस पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठी चार्ज कर दिया। इससे लोग और भड़क गए और जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे। सवाल यह है की आखिर बाबा की नगरी काशी विश्वनाथ का माहौल कौन बिगाड़ रहा है?

जिला मुख्यालय में माहौल अब भी तनावपूर्ण बना हुआ है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पुलिस चप्पे-चप्पे पर नजर रख रही है। जिलाधिकारी समेत पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारी लोगों को समझाने में जुटे हैं। बताया जा रहा है कि लाठीचार्ज के दौरान प्रदर्शनकारी और पुलिस के जवान भी मामूली घायल हुए हैं।

उत्तरकाशी जिला मुख्यालय में स्थित मस्जिद को हटाने की मांग को लेकर हिंदू संगठनों के आह्वान पर उत्तरकाशी में जन आक्रोश रेली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। भटवाडी़, डुंडा तहसील में भी संपूर्ण बाजार बंद संयुक्त हिन्दू संगठनों के आह्वान पर बाजार पूरी तरह से बंद रहा है जिससे चार धाम यात्रा आए तीर्थयात्रियों को पानी तक नहीं मिल पाया। हिन्दू संगठनों ने मस्जिद हटाने की मांग को लेकर आक्रोश रैली में हनुमान चौक आयोजित कर महारैली में हिंदुत्व के बड़े चेहरे स्वामी दर्शन भारती, लखपत भंडारी, राकेश , स्वामी केसेव गिरी आदि लोग भी शामिल होने पहुंचे हैं। पुराणों में सौम्य काशी के नाम विख्यात गंगा तट पर स्थित शिव की प्रिय नगरी उत्तरकाशी में आज गुस्से से लोगों की मुट्ठियां भींची हुई है। सड़कों पर जय श्री राम के नारे के साथ आज आक्रोश रैली के दौरान मस्जिद हटाओ के नारे खूब गूंजे हैं।
वहीं, दूसरी ओर पुलिस ने जिला मुख्यालय में अतिरिक्त फोर्स पहले ही तैनात कर ली थी। पुलिस उपाधीक्षक प्रशांत कुमार ने बताया भटवाडी़ टैक्सी स्टैंड मस्जिद मौहल्ला में रैली पर बैन लगाया गया है। उन्होंने बताया कि उत्तरकाशी में आज एक बड़ी जनसभा और रैली का आह्वान है। शांति पूर्ण रैली को लेकर जिला प्रशासन ने अनुमति दी है। उन्होंने बताया कि उत्तरकाशी शहर भर में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात कर दिया है। जिससे शांति व्यवस्था बंग न हो।
 विकास खंड भटवाडी़ रोड में पुलिस ने लगाई बैरिकेडिंग रोका प्रदर्शनकारियों को गंगा के मायके सौम्य काशी के नाम विख्यात गंगा तट पर स्थित शिव की प्रिय नगरी उत्तरकाशी में आज गुस्से से लोगों सड़कों पर जय श्री राम के नारे के साथ आज आक्रोश रैली के दौरान मस्जिद हटाओ के नारे खूब गूंज उठी हैं।
इधर, पुलिस ने मस्जिद मौहल्ला की ओर रैली को रोकने के लिए गंगोत्री हाईवे पर भटवाडी़ रोड पर बैरिकेडिंगलगा दिया। ताकि प्रदर्शन कारी मस्जिद की ओर न जा सके बल्कि विश्वनाथ चौक की तरफ जा सके। हिन्दू संगठनों की जन आक्रोश रैली मस्जिद की ओर कूच करना चाह रही थी लेकिन पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी। प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग हटाने को लेकर खूब नोंक – झोंक भी हुई लेकिन पुलिस बल भारी संख्या में तैनात थी बाद में प्रदर्शन कारी गंगोत्री हाईवे पर ही धरने पर बैठ गए।
बैरिकेडिंग के पास धरना देकर पढ़ा हनुमान चालीसा उत्तरकाशी में मस्जिद को लेकर जन आक्रोश रैली के दौरान हिन्दू संगठनों को पुलिस ने भटवाडी़ रोड़ पर रोककर बैरिकेडिंग लगा दिया। हिन्दू संगठनों के प्रदर्शनकारियों ने हाईवे पर ही धरना पर बैठेकर हनुमान चालीसा पाठ शुरू कर दिया। बैरिकेडिंग के पास कुछ उपद्रव लोगों ने पथराव कर भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई । और कुछ लोगों को चोटें आई है।
मस्जिद को लेकर प्रर्दशनकारियों पुलिस के बीच जमकर लाठियां पत्थर चले। पुलिस ने हिन्दू संगठनों की रैली के लिए एक निश्चित स्थानों की अनुमति दी थी। प्रदर्शनकारियों ने हनुमान चौक से कालीकमली, बस स्टैंड होते हुऐ कंडार देवता मंदिर होते हुऐ जाना चाह रहे थे कि पुलिस ने  भटवाडी़ रोड पर विश्वनाथ मंदिर वाले चौक पर बैरिकेडिंग लगा दी। प्रर्दशनकारियों ने एक बजे से लगभग साढ़े चार बजे तक भटवाड़ी रोड़ पर बैरिकेडिंग के पास धरना दिया। बाद में प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग हटाने की कोशिश कि इस बीच पुलिस और हिन्दू संगठनों के बीच धक्का मुक्की हुईं जिस पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर दिया।
इससे कुछ महिलाएं एवं अन्य प्रर्दशनकारी चोटील हुए। जिससे पूरी तरह माहौल बिगड़ा। वहीं, वरूणावत पर्वत की तलहटी से पत्थर फेंके गए जिससे पुलिस बैरिकेडिंग छोड़ वहां से भाग गये। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए एक आंसु गोला भी छोड़ा लेकिन प्रर्दशनकारियों ने बैरिकेडिंग को फेंक कर नारेबाजी करते हुए जिला कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे जहां खूब नारेबाजे किया। उत्तरकाशी में हिन्दू जनाक्रोश महारैली के दौरान लाठीचार्ज और पत्थरबाजी हो गई। इससे रैली में शामिल होने आए स्वामी दर्शन भारती सहित पुलिस कर्मी और प्रदर्शनकारी घायल हो गए। स्वामी दर्शन भारती को पत्थरबाजी में ज़्यादा चोट आने के कारण उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

उत्तरकाशी में मस्जिद पर बवाल, जनाक्रोश रैली में उमड़े लोग

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उत्तरकाशी: उत्तरकाशी में मस्जिद हटाने को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। मस्जिद को लेकर लगातार विरोध किया जा रहा है। उत्तरकाशी जिला मुख्यालय में जनाक्रोश रैली निकाली गई। इसी तरह विवाद पड़ोसी राज्य हिमाचल में भी देखने को मिला।

संगठन की रैली को रोकने के लिए पुलिस की ओर से बैरियर लगाए गए, लेकिन लोगों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। नारेबाजी करते हुए जनाक्रोश रैली बैरिकेड के पास पहुंची, जहां उनकी पुलिस से तीखी झड़प हुई।

मस्जिद को लेकर निकाली जा रही रैली के चलते बाजार बंद कराए गए हैं। मस्जिद पुरानी है। धार्मिक संगठन की ओर से इसे अवैध बताया जा रहा है। हालांकि जिला प्रशासन इसे सरकारी भूमि पर अवैध रूप से नहीं बने होने को लेकर प्रेस विज्ञप्ति जारी कर चुका है। लेकिन संगठन इसे नहीं मान रहा है।

पूर्व प्रस्तावित कार्यक्रम में आज जनाक्रोश रैली निकाली जा रही है। पुलिस ने रैली को रोकने के लिए तीन जगह पर बैरियर लगाए है। सिंगल तिराहा सहित भटवाड़ी रोड ओर भैरव चौक में बैरियर के साथ भारी पुलिस बल तैनात है।

मस्जिद के पास से जाने की अनुमति नहीं मिलने तक प्रदर्शनकारियों ने धरने देते रहेंगे। हालात बेकाबू होते देख एसडीएम भटवाड़ी मुकेश चंद रमोला मौके पर पहुंचे। जनाक्रोश रैली के चलते चारधाम यात्रा के वाहनों को पहले ही बड़ेथी मनेरा तेखला बाईपास से डायवर्ट कर दिया गया था।

एडीएम कानून-व्यवस्था सुरजीत सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, कमरे में म‍िला शव

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अयोध्या में एडीएम कानून-व्यवस्था सुरजीत सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जानकारी के मुताबि‍क, एडीएम का शव कोतवाली नगर के सुरसरि कालोनी सिविल लाइन में उनके कमरे में पाया गया है। मौत के कारणों का अभी पता नहीं चल सकता है।
मौके पर मण्डलायुक्त, डीएम व जिला प्रशासन के सभी अधिकारी मौजूद हैं। जांच की जा रही है। सुरजीत स‍िंह फर्रुखाबाद के रहने वाले थे। अयोध्‍या से पहले सुरजीत स‍िंह की जौनपुर में तैनात थे।

BJP और अजित पवार को झटका, लिस्ट जारी होने के बाद इन बड़े नेताओं ने छोड़ी पार्टी

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महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव का दंगल जोर पकड़ता जा रहा है. जैसे-जैसे राजनितिक घमासान तेज हो रहा है, राजनीतिक दांव-पेच आजमाए जा रहे हैं. नेताओं के पार्टी छ्होड़ने का सिलसिला भी चल रहा. NCP की ओर से पुणे जिले के मावल विधानसभा क्षेत्र से मौजूदा विधायक सुनील शेल्के की उम्मीदवारी की घोषणा के कुछ ही क्षण बाद BJP नेता और पूर्व राज्य मंत्री बाला भेगडे ने पार्टी से अपने इस्तीफे की घोषणा की है.

NCP के प्रदेश उपाध्यक्ष बापूसाहेब भेगडे ने भी बगावत कर दी और कहा कि वह 20 नवंबर को होने वाला महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव लड़ेंगे. बाला भेगडे ने मीडिया को बताया कि उन्होंने और उनके समर्थकों ने अपने इस्तीफे की घोषणा कर दी है. वे सुनील शेल्के को हराने के लिए काम करेंगे.

2019 के विधानसभा चुनाव में सुनील शेल्के ने बीजेपी के पूर्व विधायक बाला भेगडे को हराया था. बापू भेगडे ने कहा कि उन्हें अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी से टिकट मिलने का भरोसा था, लेकिन वादा पूरा नहीं किया गया. उन्होंने कहा, “मैंने चुनाव लड़ने का फैसला किया है, क्योंकि मुझे पार्टी ने टिकट का आश्वासन दिया था.

2019 के चुनाव में जब बीजेपी ने बाला भेगडे को टिकट देकर मैदान में उतारा था, तब सुनील शेल्के ने उनका विरोध किया और एनसीपी में जाकर शामिल हो गए थे और सीट जीत ली थी. अब सुनील शेल्के को महायुति गठबंधन से टिकट दिया गया है तो बापू भेगडे ने बगावत कर दी है. यह देखना दिलचस्प होगा कि इस सीट पर प्रतिद्वंद्वी एनसीपी शरद पवार की तरफ से किसे टिकट दिया जाता है.

उपचुनाव के लिए BJP ने जारी की उम्मीदवारों की लिस्ट, क‍िसे कहां से म‍िला ट‍िकट?

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लखनऊ। बीजेपी ने यूपी विधानसभा उप चुनावों के लिए उम्मीदवारों का एलान कर द‍िया है। बीजेपी ने गुरुवार को एक ल‍िस्‍ट जारी की, ज‍िसमें सात सीटों पर उम्‍मीदवारों के नामों की घोषणा है। कुंदरकी से रामवीर सिंह ठाकुर, गाजियाबाद से संजीव शर्मा, खैर (अजा) से सुरेंद्र दिलेर को ट‍िकट द‍िया गया है। बीजेपी ने कानपुर की सीसामऊ सीट पर अभी प्रत्‍याशी घोषित नहीं क‍िया है। मुजफ्फरनगर की मीरापुर सीट सहयोगी रालोद के लिए छोड़ी है।कानपुर की सीसीमऊ, प्रयागराज की फूलपुर, मैनपुरी की करहल, मिर्जापुर की मझवां, अयोध्‍या की मिल्‍कीपुर, अंबेडकरनगर की कटेहरी, गाजियाबाद सदर, अलीगढ़ की खैर, मुरादाबाद की कुंदरकी और मुजफ्फरनगर की मीरापुर सीट पर उपचुनाव होना है।
मैनपुरी की करहल विधानसभा सीट सपा का सबसे मजबूत गढ़ मानी जाती है। इस सीट पर वर्ष 2022 में अखिलेश यादव ने भाजपा प्रत्याशी केंद्रीय मंत्री प्रो एसपी सिंह बघेल को हराया था। हाल में हुए लोकसभा चुनाव में कन्नौज से सांसद बनने के बाद अखिलेश ने इस सीट से इस्तीफा दिया था। उपचुनाव के लिए सपा पूर्व सांसद तेज प्रताप यादव को प्रत्याशी घोषित किया है। तेज प्रताप मुलायम सिंह यादव के भाई के पौत्र और लालू प्रसाद यादव के दामाद हैं।
अलीगढ़ की खैर सीट जाट बाहुल्य है। इस सीट पर रालोद के मुखिया जयंत चौधरी का भी प्रभाव है। उनके बाबा पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के समय से यह क्षेत्र परिवार से जुड़ा हुआ है। 2022 में भाजपा प्रत्याशी अनूप प्रधान ने लगातार दूसरी बार जीत हासिल की थी। लोकसभा चुनाव में वे हाथरस से जीते। उनके सांसद बनने के चलते खैर विधानसभा सीट रिक्त है।
मुस्लिम बाहुल्य कुंदरकी विधानसभा सीट भाजपा के लिए चुनौती बनी हुई है। 2022 में चुने गए सपा विधायक जियाउर्रहमान बर्क के संभल से सांसद बनने के बाद रिक्त इस सीट पर अभी किसी पार्टी ने प्रत्याशी की घोषणा नहीं की थी। क्षेत्र में 63 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता है। हालांकि हाल ही में हुए सर्वे में 22 हजार फर्जी मतदाताओं के नाम कटे हैं। इनमें 15 हजार से अधिक मतदाता सपा समर्थित बताए गए हैं।
मीरजापुर की मझवां विधानसभा सीट कई दिग्गजों का अखाड़ा रह चुकी है। 2022 में निषाद पार्टी के टिकट पर भाजपा गठबंधन से डा. विनोद बिंद ने यहां से चुनाव जीता था। 2024 में भाजपा के टिकट पर डा. विनोद बिंद के भदोही से सांसद चुने जाने के बाद यह सीट खाली हुई है। मंझवा सीट से 2002, 2007, 2012 में लगातार तीन बार बसपा से चुनाव जीत चुके रमेश बिंद ने सपा में शामिल होने के बाद अपनी बेटी डा. ज्योति बिंद को पहली बार चुनावी मैदान में उतारा है। रमेश बिंद ने 2019 में भाजपा के टिकट पर भदोही से लोकसभा का चुनाव जीता था, हालांकि 2024 के लोकसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर सपा में शामिल हो गए।
वर्ष 2012 से लगातार तीन बार जीतने वाले इरफान सोलंकी को प्लाट कब्जाने के मामले में सात वर्ष की सजा होने पर खाली हुई सीसामऊ सीट पर 13 नवंबर को फिर घमासान होगा। 2009 में हुए परिसीमन से पहले तक सुरक्षित रही सीसामऊ सीट सामान्य होने के बाद से यहां भाजपा जीत के लिए तरस रही है। अब यहां 42 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता हैं और सपा के इरफान सोलंकी पिछला चुनाव 50 प्रतिशत से अधिक मतों से जीते थे।
अंबेडकरनगर की कटेहरी विधानसभा सीट पर वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा ने जीत दर्ज की थी। बसपा छोड़कर आए लालजी वर्मा सपा से विधायक निर्वाचित हुए थे। सांसद चुने जाने के बाद उन्होंने विधानसभा से इस्तीफा दिया था। उपचुनाव के लिए सपा ने लालजी वर्मा की पत्नी पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शोभावती वर्मा को प्रत्याशी घोषित किया है। वहीं बसपा ने अमित वर्मा को प्रत्याशी बनाया है।
प्रयागराज में फूलपुर विधानसभा सीट का उप चुनाव प्रवीण पटेल के सांसद बनने के बाद इस्तीफे की वजह से हो रहा है। वह 2022 में इस क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी के रूप में जीते थे। बीते विधानसभा चुनाव में मुज्तबा सिद्दीकी को 2,732 वोटों के अंतर से हराया था, वह फिर समाजवादी पार्टी से उम्मीदवार हैं। सपा को पिछड़ा दलित व अल्पसंख्यक वोटरों पर भरोसा है। यह सीट भाजपा के लिए नाक की सीट बनी हुई है।
मीरापुर विधानसभा सीट वर्ष 2022 में राष्ट्रीय लोकदल की झोली में गई थी। तब रालोद-सपा का गठबंधन था। यहां से चंदन सिंह चौहान विधायक निर्वाचित हुए थे। लोकसभा चुनाव में चंदन को रालोद ने बिजनौर से चुनाव लड़ाया और उन्होंने जीत दर्ज की। उपचुनाव में एक तरफ भाजपा-रालोद गठबंधन है, तो दूसरी तरफ सपा-कांग्रेस गठबंधन है। इस सीट पर सर्वाधिक मतदाता मुस्लिम हैं। अनुसूचित जाति के साथ-साथ जाट बिरादरी का भी यहां खासा प्रभाव है।
गाजियाबाद विधानसभा क्षेत्र से 2022 में विधायक चुने गए अतुल गर्ग को भाजपा ने लोकसभा चुनाव में केंद्रीय राज्यमंत्री और पूर्व सेनाध्यक्ष वीके सिंह का टिकट काटकर प्रत्याशी बनाया था और वह इस सीट पर विजयी हुए। सांसद चुने जाने के बाद उन्होंने विधानसभा सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया। लगातार तीसरी बार इस सीट पर जीत हासिल करने के लिए भाजपा नेता अपनी पूरी ताकत झोंके हुए हैं। हालांकि, यहां पार्टी की गुटबाजी बड़ी समस्या है।

आगया तूफान ‘दाना’, स्कूल-कॉलेज बंद, सभी फ्लाइट्स रद्द

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दाना तूफान को देखते हुए ओडिशा सरकार ने आपदा राहत बल को तैनात करते हुए स्कूल-कॉलेजों को बंद करने का फैसला किया है. इसके अलावा सभी सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद कर दी गई हैं. पर्यटकों को समुद्र तट की ओर से जाने से मना किया गया है.

तूफान दाना के मद्देनजर पूर्वी रेलवे अपने सियालदह मंडल में गुरुवार रात 8 बजे से शुक्रवार सुबह 10 बजे तक 190 लोकल ट्रेन का परिचालन नहीं करेगा. चक्रवाती तूफान दाना के मद्देनजर भुवनेश्वर स्थित बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गुरुवार शाम से उड़ानों का परिचालन 16 घंटों के लिए निलंबित रहेगा.

एयरपोर्ट प्रशासन ने बयान में कहा है कि तूफान दाना के कारण 24 अक्टूबर को शाम 5 बजे से 25 अक्टूबर को सुबह 9 बजे तक हवाई अड्डे का परिचालन निलंबित रहेगा. भुवनेश्वर हवाई अड्डे से रोज 100 से अधिक फ्लाइट का संचालन होता है.

इंडियन कोस्टगार्ड उत्तर पूर्व क्षेत्र ने चक्रवात ‘दाना’ से पहले लोगों को इससे बचाने के उपाय शुरू कर दिए हैं. बता दें कि दाना तूफान के 24-25 अक्टूबर 2024 के बीच पश्चिमबंगाल और ओडिशा में आने की उम्मीद है. एक्स पर कोस्टगार्ड ने बताया कि हमारे जहाज, हेलीकॉप्टर और डोर्नियर विमान सहायता, बचाव और राहत कार्यों के लिए पूरी तरह तैयार हैं.