Home Blog Page 343

कोहरे की मार से थमी ट्रेनों की रफ्तार, कई फ्लाइट भी हुईं डायवर्ट

0
राजधानी दिल्ली में बुधवार सुबह को इस सीजन का सबसे ज्यादा कोहरा देखा गया।राजधानी में कोहरा बढ़ने से लोगों की समस्या भी बढ़नी शुरू हो गई है। आज सुबह दृश्यता का स्तर बहुत कम रहा।इसके चलते कई विशेष और लोकल ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। कोहरे का आलम यह रहा कि IGI एयरपोर्ट पर बुधवार सुबह साढ़े आठ बजे दृश्यता का स्तर शून्य रह गया। सड़कों व आबादी वाले क्षेत्रों में भी इसका खासा असर देखने को मिला। जनजीवन भी घने कोहरे से व्यापक स्तर पर प्रभावित हुआ। उधर, कोहरे के चलते बच्चों को स्कूल और बड़ों को दफ्तर या अपने कार्यस्थल जाने में काफी परेशानी हुई। सुबह नौ बजे तक भी वाहनों की हेडलाइट जलाकर सफर किया जा रहा था।
कोहरे के कारण एयरपोर्ट पर दृश्यता रही शून्य। वहीं, कोहरे के चलते आठ विमान जयपुर डायवर्ट किए गए हैं। हैदराबाद, बैंगलुरु, चेन्नई और पुणे से आने वाली फ्लाइट भी डायवर्ट की गई। उधर, एक फ्रैंकफुट से दिल्ली आने वाली फ्लाइट भी जयपुर डायवर्ट की गई। बताया गया कि कैट तीन लागू कर दिया था। जिन विमानों में कैट तीन की क्षमता नहीं थी, वह डायवर्ट की गई।
मौसम विभाग के अनुसार, इस कोहरे की वजह से तापमान में भी आंशिक गिरावट देखने को मिली है। मंगलवार को न्यूनतम तापमान जहां सामान्य से तीन डिग्री ऊपर 17.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया था, जबकि आज यानी बुधवार को यह 0.9 डिग्री गिरकर सामान्य से दो डिग्री ऊपर 17.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।

बता दें कि बुधवार को लंबी दूरी की कई ट्रेनों के साथ ही लोकल ट्रेनें भी विलंब से अपने गंतव्य पर पहुंची। अधिकांश लोकल ट्रेनें 30 मिनट से एक घंटे के विलंब से चल रही है। उधर, नई दिल्ली-राजेंद्र नगर विशेष लगभग छह घंटे के देरी से शाम सवा सात बजे और नई दिल्ली-भागलपुर त्योहार विशेष 5.10 घंटे के विलंब से अपराह्न 3.40 पर रवाना होगी।इनके अलावा आनंद विहार टर्मिनल से मुजफ्फरपुर सुपरफास्ट विशेष सात घंटे, मुजफ्फरपुर क्लोन एक्सप्रेस चार घंटे और गया क्लोन एक्सप्रेस 2.10 घंटे की देरी से चलेगी।

देरी से चलने वाली लंबी दूरी की प्रमुख ट्रेनें

  • बेगुसराय-नई दिल्ली हमसफर-सवा नौ घंटे
  • दानापुर-आनंद विहार टर्मिनल जनसाधारण एक्सप्रेस-साढ़े आठ घंटे
  • मुजफ्फरपुर-आनंद विहार टर्मिनल सुपरफास्ट विशेष-सात घंटे
  • डिब्रुगढ़- नई दिल्ली हमसफर-साढ़े पांच घंटे
  • भागलपुर-नई दिल्ली विशेष-साढ़े चार घंटे
  • सिलचर-नई दिल्ली संपर्क क्रांति एक्सप्रेस-सवा तीन घंटे
  • अगरतल्ला -आनंद विहार टर्मिनल तेजस राजधानी-तीन घंटे
  • श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा-डा. अंबेडकर नगर विशेष-तीन घंटे
  • डिब्रुगढ़-नई दिल्ली राजधानी-सवा तीन घंटे
  • कुच्चुवेली -चंडीगढ़ संपर्क क्रांति -ढाई घंटे

देरी से चलने वाली लोकल ट्रेनें-

  • होशियारपुर-आगरा छावनी-पौने दो घंटे
  • पलवल-गाजियाबाद विशेष- डेढ़ घंटे
  • बुलंदशहर-तिलकब्रिज विशेष-डेढ़ घंटे
  • मथुरा जंक्शन-नई दिल्ली मेमू-डेढ़ घंटे
  • पानीपत-गाजियाबाद मेमू-एक घंटा
  • सहारनपुर-पुरानी दिल्ली ईएमयू-एक घंटा
  • पानीपत-नई दिल्ली विशेष-एक घंटा
  • जींद-नई दिल्ली मेमू-एक घंटा
  • कुरुक्षेत्र-हजरत निजामुद्दीन विशेष-एक घंटा
  • मथुरा जंक्शन-गाजियाबाद विशेष-45 मिनट 

बुलडोजर एक्शन पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, कहा- राज्य और अधिकारी ना बनें जज

0

सुप्रीम कोर्ट ने बुलडोजर एक्शन पर रोक लगा दी है. SC का ये आदेश किसी एक राज्य के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए है. कोर्ट ने कहा है कि किसी का घर सिर्फ इस आधार पर नहीं तोड़ा जा सकता कि वह किसी आपराधिक मामले में दोषी या आरोपी है. हमारा आदेश है कि ऐसे में प्राधिकार कानून को ताक पर रखकर बुलडोजर एक्शन जैसी कार्रवाई नहीं कर सकते. कोर्ट ने कहा मौलिक अधिकारों को आगे बढ़ाने और वैधानिक अधिकारों को साकार करने के लिए कार्यपालिका को निर्देश जारी किए जा सकते हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार क्या न्यायिक कार्य कर सकती है और राज्य मुख्य कार्यों को करने में न्यायपालिका की जगह नहीं ले सकता है. अगर राज्य इसे ध्वस्त करता है तो यह पूरी तरह से अन्यायपूर्ण होगा. कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना संपत्तियां नहीं तोड़ी जा सकती हैं. हमारे पास आए मामलों में यह स्पष्ट है कि प्राधिकारों ने कानून को ताक पर रखकर बुलडोजर एक्शन किया. जस्टिस बी.आर गवई की अध्यक्षता वाली बेंच ने ये फैसला सुनाया है.

सुप्रीम कोर्ट ने 17 सितंबर को बुलडोजर एक्शन पर रोक लगा दी थी. कई राज्यों में बुलडोजर एक्शन के खिलाफ याचिका दाखिल की गई थीं. याचिकाकर्ताओं में जमीयत उलेमा-ए-हिंद भी शामिल था. फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह स्पष्ट है कि शक्ति के मनमाने प्रयोग की अनुमति नहीं दी जा सकती. जब नागरिक ने कानून तोड़ा है तो अदालत ने राज्य पर कानून और व्यवस्था बनाए रखने और उन्हें गैरकानूनी कार्रवाई से बचाने का दायित्व डाला है.

इसका पालन करने में विफलता जनता के विश्वास को कमजोर कर सकती है और अराजकता को जन्म दे सकती है. हालांकि व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा करना महत्वपूर्ण है संवैधानिक लोकतंत्र को कायम रखते हुए हमने माना है कि राज्य सत्ता के मनमाने प्रयोग पर लगाम लगाने की जरूरत है, ताकि व्यक्तियों को पता चले कि उनकी संपत्ति उनसे मनमाने ढंग से नहीं छीनी जाएगी.

SC ने कहा कि यदि कार्यपालिका मनमाने तरीके से किसी व्यक्ति की संपत्ति को केवल इस आधार पर ध्वस्त कर देती है कि उस व्यक्ति पर अपराध का आरोप है तो यह शक्तियों के सेपरेशन का उल्लंघन है. कानून को अपने हाथ में लेने वाले सार्वजनिक अधिकारियों को मनमानी के लिए जवाबदेह बनाया जाना चाहिए. इस प्रकार यह अवैध है. हमने बाध्यकारी दिशानिर्देश निर्धारित किए हैं जिनका ऐसे मामलों में राज्य के अधिकारियों द्वारा पालन किया जाएगा.

कोर्ट ने कहा कि हमने देखा है कि आरोपी के भी कुछ अधिकार और सुरक्षा उपाय हैं, राज्य और अधिकारी कानून की उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना आरोपी या दोषियों के खिलाफ मनमानी कार्रवाई नहीं कर सकते हैं, जब किसी अधिकारी को मनमानी कार्रवाई के लिए उत्तरदायी ठहराया जाता है तो इससे निपटने के लिए संस्थागत तंत्र होना चाहिए. मुआवजा तो दिया ही जा सकता है, सत्ता के गलत इस्तेमाल के लिए ऐसे अधिकारी को बख्शा नहीं जा सकता. कानून को ताक पर रखकर किया गया बुलडोजर एक्शन असंवैधानिक है.

कानून का शासन नागरिकों के अधिकार और प्राकृतिक न्याय का सिद्धांत आवश्यक शर्तें हैं, यदि किसी संपत्ति को केवल इसलिए ध्वस्त कर दिया जाता है, क्योंकि व्यक्ति पर आरोप लगाया गया है तो यह पूरी तरह से असंवैधानिक है. कार्यपालिका यह निर्धारित नहीं कर सकती कि दोषी कौन है और वह यह तय करने के लिए न्यायाधीश नहीं बन सकती कि वह दोषी है या नहीं और ऐसा कृत्य सीमाओं का उल्लंघन होगा. बुलडोजर का भयावह पक्ष याद दिलाता है कि संवैधानिक मूल्य और लोकाचार सत्ता के इस तरह के दुरुपयोग की अनुमति नहीं देते हैं.

वायनाड की जनता से प्रियंका गांधी की ख़ास अपील, लोगों को लगाया गले, मतदान केंद्र का किया दौरा

0
बिहार, बंगाल, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और असम सहित देश के 11 राज्यों की 33 विधानसभा सीटों पर आज वोटिंग हो रही है। केरल में वायनाड लोकसभा सीट और चेलक्कारा विधानसभा सीट पर भी उपचुनाव हो रहा है। दोनों निर्वाचन क्षेत्रों के लिए आज वोटिंग हो रही है।
वायनाड सीट पर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी चुनाव लड़ रहीं हैं। उनका मुकाबला भाजपा उम्मीदवार नव्या हरिदास से है। वोटिंग शुरू होने से पहले उन्होंने कहा,”वायनाड के लोगों को एक ऐसे व्यक्ति की जरूरत है जो जमीनी स्तर पर उनके साथ काम कर सके और जो संसद में उनके मुद्दों को उठा सके और समाधान ढूंढ सके। कांग्रेस इस बार किट, पैसा, शराब, सब कुछ देकर मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। क्योंकि कांग्रेस के लिए एक डर है कि वे यह चुनाव हारने जा रहे हैं।
प्रियंका गांधी वाड्रा ने वायनाड में मतदान केंद्र का दौरा किया। केरल के वायनाड लोकसभा क्षेत्र में अभी मतदान जारी है। लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) ने इस सीट से सत्यन मोकेरी को मैदान में उतारा है। भाजपा ने नव्या हरिदास को मैदान में उतारा है।
वायनाड में वोटिंग के बीच प्रियंका गांधी ने कहा कि वो वायनाड की जनता से अपील करती हैं कि वो आज अपने मताधिकार का प्रयोग करें। कांग्रेस उम्मीदवार प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, “मेरी उम्मीद है कि वायनाड के लोग मुझे उनके प्यार और स्नेह का बदला चुकाने और उनके लिए काम करने और उनका प्रतिनिधि बनने का मौका देंगे। मुझे उम्मीद है कि हर कोई अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करेगा और वोट देगा।
प्रियंका गांधी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा,”मेरे प्यारे भाइयों और बहनों, कृपया आज मतदान करें, यह आपका दिन है, यह आपके लिए अपनी पसंद चुनने और हमारे संविधान द्वारा आपको दी गई सबसे बड़ी शक्ति का प्रयोग करने का दिन है। आइए हम सब मिलकर एक बेहतर भविष्य का निर्माण करें!

खास है धाद का ईगास कार्यक्रम, इनके जीवन में लाता है उजाला

0

देहरादून : हम हर वर्ष उन सभी परिवारों के साथ ईगास आयोजन करते हैं, जो उत्तराखंड हिमालय में आपदा के चलते प्रभावित हुए है। हमारा कार्यक्रम पुनरुत्थान उन परिवारों की बच्चों के जीवन में शिक्षा सहयोग के लिए काम करता है और उनके जीवन में उजास के लिए हर वर्ष यह आयोजन करता है। आम समाज के सहयोग से यह कार्यक्रम पिछले ग्यारह वर्षों से निरंतर चल रहा है।

यह आयोजन इस वर्ष भी भी किया जाना तय हुआ है। यह यात्रा समाज की हिस्सेदारी से यहाँ तक आई है। इसलिए हम चाहते हैं कि एक बार फिर आप सब के हिस्सेदार बनें।

■ पुनरुत्थान dhadpunuruthan@gmail.com, dhadoffice@gmail.com

● जगमोहन रावत,मुख्य संयोजक,पुनरुत्थान,6397109301

● विकास बहुगुणा,प्रभारी, 9412058827

● बीरेश,संयुक्त सचिव, 9897868450

● रेखा शर्मा,सहसंयोजक,7060188129

यमुनाघाटी क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक विकास समारोह में पहुंचे मुख्यमंत्री धामी

0

देहरादून: मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी जिले के डामटा में आयोजित यमुनाघाटी क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक विकास समारोह के आयोजन के लिए पांच लाख रूपये की धनराशि देने के साथ ही मुगरसंती पट्टी के पैंसठ गांव के आराध्य रूद्रेश्वर महाराज के डांडा देवराणा मेला राजकीय मेला घोषित किया। टीकरा टॉप में खेल मैदान व हेलीपैड का निर्माण कराने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि डामटा क्षेत्र में पॉलीटेक्नीक संस्थान की आवश्यकता का आकलन कर उचित निर्णय लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज यमुनाघाटी क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक विकास समारोह में प्रतिभाग करने डामटा पहॅुंचे थे। सूरत स्टेडियम डामटा कांडी में आयोजित इस समारोह में हजारों की संख्या में जुटे स्थानीय लोगों ने पारंपरिक ढंग से मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने मेले में जुटे ग्रामीणों के साथ रवांई-जौनसार-जौनपुर क्षेत्र के पारंपरिक लोक नृत्य में भी हिस्सा लिया।

मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने उपस्थित जन समुदाय को इस समारोह के आयोजन एवं लोक पर्व ईगास बग्वाल की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस क्षेत्र के लोगों ने अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजने तथा खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए इस समारोह के जरिए महत्वपूर्ण एवं सराहनीय प्रयास किया है।

राज्य सरकार इस तरह के प्रयासों को निरंतर प्रोत्साहन देगी। मुख्यमंत्री ने इस समारोह के आयोजन हेतु पॉंच लाख रूपये देने की घोषणा करते हुए कहा कि राज्य सरकार खेलकूद व सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने तथा राज्य की समृद्ध परंपराओं के संरक्षण व संवर्द्धन पर विशेष ध्यान दे रही है। खेलों से संबंधित अवस्थापनाओं एवं सुविधाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है।

युवाओं की प्रतिभा व कौशल के विकास, खेलकूद व सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रोत्साहन हेतु इस बार के बजट में डेढ हजार करोड़ रूपये से अधिक की धनराशि का अलग से प्राविधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को 38वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी करने का गौरव मिला है। इससे राज्य में खेल गतिविधियों को नई ऊंचाई मिलेगी और राज्य के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभाग को उजागर करने का बेहतर अवसर मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुनाघाटी क्षेत्र के मनोरम प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक महत्व के चलते इस क्षेत्र में पर्यटन एवं तीर्थाटन के विकास की विपुल संभावनाएं हैं। जिन्हें साकार करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।

सरकार ने यमुना घाटी क्षेत्र के धार्मिक क्षेत्रों को विकसित कर श्रीकृष्ण यमुना तीर्थ सर्किट विकसित करने का बीड़ा उठाया है। जिसके तहत यमुना नदी के तटों पर विभिन्न प्रकार के घाट बनाकर विशेष आरती की व्यवस्थाएं की जाएंगी। इस तरह के प्रयासों से इस क्षेत्र में आजीविका के नये अवसर पैदा होंगे और आर्थिकी को भी संबल मिलेगा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस क्षेत्र के विकास को सरकार ने प्राथमिकता दी है और मुख्यमंत्री घोषणा के तहत इस क्षेत्र के लिए सर्वाधिक घोषणाएं की गई हैं। चारधाम ऑल वेदर रोड के तहत इस क्षेत्र की सड़कों के चौडीकरण के लिए राज्य सरकार विशेष प्रयास कर रही है।

केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से वार्ता के बाद डामटा से आगे यमुनोत्री मार्ग के चौड़ीकरण कार्य हेतु टेंडर की प्रक्रिया संपन्न करा ली गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुनाघाटी क्षेत्र में रेलवे लाईन के निर्माण के बावत भी केन्द्र सरकार से आग्रह किया जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्यहित में सरकार ने अनेक ऐतिहासिक व कठोर फैसले लिए हैं। उत्तराखंड में देश का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून बनाया गया है और समान नागरिक संहिता बनाई गई है। अवैध अतिक्रमण पर कड़ी कार्रवाई कर पांच हजार एकड़ से अधिक जमीन से अवैध कब्जा हटाया गया है।

राज्यभर में यह अभियान पूरी सख्ती के साथ निरंतर जारी रहेगा। सरकारी व निजी संपत्ति को नुकासान पहॅुचाने वाले दंगाईयों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर उनसे नुकसान की भरपाई करने का कानून बनाया गया है। श्री धामी ने कहा कि इन्हीं ऐतिहासिक फैसलों की कड़ी में अब सशक्त भू-कानून लाने की तैयारी की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा राज्य स्थापना दिवस पर राज्य के विकास एवं बेहतरी के लिए जारी संदेश के अनुरूप राज्य को देश का श्रेष्ठ व विकसित राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार जन सहयोग से प्रतिबद्धता से काम करेगी।

इस अवसर पर पुरोला क्षेत्र के विधायक दुर्गेंश्वर लाल ने राज्य सरकार के निर्णयों एवं योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री धामी के नेतृत्व में राज्य विकास के नये आयाम छू रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार के एतिहासिक कार्यों से इस क्षेत्र की तस्वीर बदली है।

क्या PM मोदी और अमित शाह का बैग चेक होगा? उद्धव ठाकरे ने EC को दी चुनौती

0
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे जब चुनाव प्रचार के लिए यवतमाल के वनी एयरपोर्ट पहुंचे थे, तो चुनाव आयोग ने उनकी बैग की तलाशी ली थी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ। बैग चेक किए जाने के मामले पर उद्धव ठाकरे ने नाराजगी भी जाहिर की। उन्होंने खुद इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया।
उन्होंने वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा,”मेरा बैग चेक कर लीजिए। चाहे तो मेरा यूरिन पॉट भी चेक कर लीजिए। लेकिन, अब मुझे मोदी के बैग चेक करते हुए भी आप लोगों का वीडियो चाहिए। वहां आप अपनी पूंछ मत झुका देना। आपको जो खोल कर देखना है देख लीजिए। यह वीडियो मैं रिलीज कर रहा हूं। इसके बाद मैं आप लोगों को खोलूंगा।
इस घटना पर राजनीतिक बयानबाजी भी खूब हो रही है। आप सांसद संजय सिंह ने कहा, “महाराष्ट्र के अंदर किसी की हिम्मत नहीं होती थी कि बाला साहेब ठाकरे की पार्टी के साथ कोई दुर्व्यव्हार कर सके, आज उस पार्टी के अगुआ उद्धव ठाकरे के साथ जिस तरह की बदसलूकी की गई, इसका सबक महाराष्ट्र की जनता सिखाएगी। बता दें कि महाराष्ट्र में 20 नवंबर को विधानसभा चुनाव होना है। 288 विधानसभा सीटों पर चुनाव होने वाला है।

पाकिस्तान को BCCI, ICC का झटका, छिन भी सकती है चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी

0

ICC Champions Trophy का आयोजन पाकिस्तान में होना है, लेकिन अब इस टूर्नामेंट की मेजबानी उससे छिन भी सकती है. बड़ी खबर ये है कि अगर पाकिस्तान हाईब्रिड मॉडल के लिए नहीं मानता है तो फिर ये टूर्नामेंट साउथ अफ्रीका में आयोजित किया जा सकता है. आईसीसी इस पर विचार कर रही है. बता दें पाकिस्तान चाहता है कि टीम इंडिया चैंपियंस ट्रॉफी के लिए उसकी सरजमीं पर आए लेकिन बीसीसीआई ने इससे साफ इनकार कर दिया है. वहीं पाकिस्तान भी अड़ गया है कि वो हाईब्रिड मॉडल को नहीं मानेगा. यही वजह है कि आईसीसी अब दूसरे विकल्प पर सोच रही है , जो कि साउथ अफ्रीका है.

साउथ अफ्रीका में चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन 16 साल पहले 2009 में हुआ था. उस टूर्नामेंट का विजेता ऑस्ट्रेलिया रहा था, जबकि सेमीफाइनल में पाकिस्तान, न्यूजीलैंड और इंग्लैंड की टीम पहुंची थी. खिताबी भिड़ंत ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच हुई जिसमें कंगारुओं ने बाजी मारी. टीम इंडिया की बात करें तो वो ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई थी. उसे पहले ही मैच में पाकिस्तान से शिकस्त मिली थी और उसके बाद एक मैच बेनतीजा रहा वहीं आखिरी मैच जीतकर भी उसे कोई फायदा नहीं हुआ.

साउथ अफ्रीकी सरजमीं पर भारतीय बल्लेबाज अकसर जूझते नजर आते हैं. 2009 की चैंपियंस ट्रॉफी में भी कुछ ऐसा ही हुआ था. कप्तान धोनी तो पूरे टूर्नामेंट में 3 ही रन बना पाए थे.सचिन ने 2 मैच में 8 रन बनाए. कार्तिक, गंभीर भी फेल रहे थे. सिर्फ विराट, द्रविड़ और गंभीर ही उस टूर्नामेंट में अर्धशतक तक पहुंच पाए थे.

अब अगर एक बार फिर साउथ अफ्रीका में टूर्नामेंट हुआ तो भारतीय बल्लेबाजों को दिक्कत जरूर पेश आ सकती है. खैर अब ये देखना है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की अगली चाल क्या होती है. आईसीसी के इस प्लान के बाद मुमकिन है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड हाईब्रिड मॉडल के साथ चैंपियंस ट्रॉफी के आयोजन के लिए तैयार हो जाए. क्योंकि अगर पूरी चैंपियंस ट्रॉफी साउथ अफ्रीका शिफ्ट हो गई तो पीसीबी को करोड़ों रुपये का झटका लगना तय है.

बड़ा हादसा: मिट्टी की ढांग गिरने से दबी महिलाएं और बच्चे, चार की मौत

0

उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में सुबह-सुबह दर्दनाक हादसा हो गया। यहां कस्बा मोहनपुरा में मिट्टी की ढांग में दबकर चार महिलाओं की मौत हो गई, जबकि दो दर्जन से अधिक महिलाओं और बच्चे मिट्टी के अंदर दब गए। तत्काल ही बचाव कार्य शुरू कर दिया गया।

सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। सुरंग इतनी गहरी थी कि नीचे दबे महिलाओं और बच्चों को निकालने के लिए जेसीबी बुलानी पड़ गई। अंदर से निकाले गए महिलाओं और बच्चों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है।

हादसा कस्बा मोहनपुरा में गांव रामपुर और कातौर गांव के बीच मंगलवार सुबह करीब सात बजे हुआ। बताया गया है कि गांव रामपुर की महिलाएं और बच्चे मिट्टी लेने के लिए यहां आए थे। उसी समय मिट्टी का ढांग अचानक गिर गई। मिट्टी के नीचे करीब 20 महिलाएं और बच्चे दब गए।

मिट्टी की ढांग अधिक खोखली थी। जब महिलाएं और बच्चियां मिट्टी खोद रहे थे, तभी ये उनके ऊपर गिर गई। अधिक गहराई के कारण मिट्टी में सभी काफी नीचे दब गए। बचाव के लिए आई टीम ने जेसीबी की मदद से मिट्टी को हटाने का काम किया।

एक-एक कर सभी महिलाओं और बच्चियों को बाहर निकाल गया। उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है, जहां चिकित्सक ने एक बच्ची समेत चार महिलाओं को मृत घोषित कर दिया।

गलत रिफंड का दावा करने वालों की खैर नहीं, आयकर विभाग ने जारी किया नोटिस

0
नई दिल्ली। आयकर विभाग ने फर्जी रिफंड दावों पर निशाना साधा है। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के मुताबिक, आयकर विभाग ने ऐसे कई करदाताओं को नोटिस जारी किया है, जिन्होंने गलत रिफंड का दावा किया है। लोगों ने कहा कि विभाग ने विशेष रूप से बेईमान व्यक्तियों से संदिग्ध कर रिटर्न और रिफंड दावों की बढ़ती संख्या पर चिंता जताई है।
विभाग ने चार्टर्ड अकाउंटेंट और एजेंसियों को लक्ष्य बनया है] जो बड़े रिफंड का वादा करते हैं, अक्सर धोखाधड़ी वाले तरीकों का इस्तेमाल करते हुए, उन्होंने कहा कि कई रिफंड दावों में फर्जी खर्च, विकलांगता और चिकित्सा दावे शामिल हैं।
लोगों ने कहा कि नोटिस साल 2021-22 और 2022-23 में हुई धोखाधड़ी के लिए जारी किए गए हैं, जिसमें देश भर के करदाताओं को शामिल किया गया है। लोगों ने कहा कि गुरुग्राम, गाजियाबाद, मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों में बड़े मामले सामने आए हैं, आयकर विभाग बड़े टैक्स रिफंड दावों की बारीकी से निगरानी कर रहा है।
खासकर एक ही सीए या एजेंसी से आने वाले दावों पर और सीए के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। जो एजेंसियां ​ गलत रिफंड का दावा करने के लिए करदाताओं को गुमराह करती हैं।

मतदान से एक दिन पहले झारखंड में ED की ताबड़तोड़ छापामारी

0
झारखंड में मतदान से एक दिन पहले मंगलवार को ईडी ने ताबड़तोड़ छापामारी की है। ED ने यह छापामारी बांग्लादेशी घुसपैठियों से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की है। झारखंड के अलावा पश्चिम बंगाल में भी ED ने रेड की है। जानकारी के मुताबिक ED ने दोनों राज्यों के 17 ठिकानों पर धावा बोला है।
वहीं, इस दौरान एक फेमस होटल स्काईलाइन और रिसोर्ट बाली में भी रेड की गई है। इसके अलावा आश्वी डायग्नोसिस पर भी ED ने शिकंजा कसा है। बता दें कि झारखंड विधानसभा चुनाव में भी भाजपा ने बांग्लादेशी घुसपैठ को मुद्दा बनाया है। सुप्रीम कोर्ट में भी इस मामले में हाल के दिनों में सुनवाई हुई है।
जानकारी के मुताबिक ED ने बांग्लादेशी महिलाओं की घुसपैठ के एक मामले में PMLA के तहत सितंबर में केस दर्ज किया था। यह छापेमारी उसी केस के सिलसिले में हो रही है। रांची के बरियातू थाने में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर ईडी ने केस दर्ज किया था। तब बांग्लादेशी लड़कियां एक रिसोर्ट से पकड़ी गई थीं।