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देहरादून में बड़ा हादसा, ट्रक ने कार को मारी टक्कर, 6 लोगों की मौत

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देहरादून: देहरादून में बड़ा सड़क हादसा हुआ है। हादसे में 6 लोगों की दर्दनाक की खबर है। पुलिस के अनुसार ट्रक और इनोवा कार के बीच टक्कर हो गई।

टक्कर में 6 लोगों की मौत हो गई है, जबकि एक घायल है। घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को क्षतिग्रस्त गाड़ी से निकालकर अस्पताल पहुंचाया है। बताया जा रहा है कि कार सवार सभी छात्र थे।

जानकारी के अनुसार, देर रात ओएनजीसी चौक पर ट्रक और इनोवा कार की टक्कर हो गई। हादसे में छह लोगों की मौत हो गई, जबकि एक घायल है। हादसा इतना भीषण था कि कार के परखच्चे उड़ गए। चालक ट्रक छोड़कर मौके से भाग गया।

मौके पर पहुंची पुलिस ने क्षतिग्रस्त कार से पांच छात्रों के शव दून अस्पताल और एक का शव महंत इंद्रेश अस्पताल भेजा। इसमें छात्राएं भी बताई जा रही हैं। कुछ छात्र दिल्ली और कुछ हिमाचल के हैं।

मृतकों की पहचान गुनीत उम्र 19 वर्ष निवासी जीएमएस रोड, कुणाल उम्र 23 वर्ष वर्तमान निवासी राजेन्द्र नगर मूल निवासी चंबा हिमाचल प्रदेश, नव्या गोयल उम्र 23 वर्ष निवासी तिलक रोड, अतुल अग्रवाल उम्र 24 वर्ष निवासी कालिदास रोड, कामाक्षा उम्र 20 वर्ष निवासी कांवली रोड और ऋषव जैन निवासी राजपुर रोड के रूप में हुई है। सिधेश अग्रवाल उम्र 25 वर्ष गंभीर रूप से घायल है।

बेरोजगार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बॉबी पंवार का एक और खुलासा, लगाये ये गंभीर अरोप

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देहरादून: बेरोजगार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बॉबी पंवार ने एक और बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि आईएएस मीनाक्षी सुंदरम से भ्रष्ट अफसर अनिल कुमार यादव के मामले में बात करने के अलावा एक और मामले पर बात करने के लिए गए थे। बॉबी पंवार ने कहा कि ऊर्जा विभाग में नियुक्तियों में बड़ी गड़बड़ियां हुई हैं। यह खेल राज्य निर्माण के बाद से ही चल रहा है।

बॉबी ने कहा कि ऊर्जा निगम ने राज्य बनने के बाद जब भर्तियां की, तो उसमें जितने भी अभ्यर्थी भर्ती हुए, उन सभी में बड़ी गड़बड़ियां हुई हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जलविद्युत निगम को कर्मचारियों की जरूरत पड़ी तो ऊर्जा निगम में क्वालिफाई नहीं कर पाए अभ्यर्थियों के साथ ही कुछ ऐसे लोगों को भी भर्ती कर लिया गया था, जो परीक्षा में शामिल भी नहीं हुए थे।

इंटरव्यू के जरिए सीधे अपने चहेतों को नौकरी दे दी गई। बॉबी पंवार ने कहा कि 2001-2002-03 में संविदा पर नियुक्त कर्मचारियों के नियमितिकरण में भी फर्जीवाड़ा हुआ है। उनका कहना है कि सूचना में भी विभाग ने कुछ पेज फाड डाले, जिससे पूरी जानकारी नहीं है।

उन्होंने कहा कि किसी भी विभाग में सीधे एक्जीक्यूटिव इंजीनियर की भर्ती नहीं की जाती है। लेकिन, यूजेवीएनएनल ने सीधी भर्ती निकाली दी। इंटरव्यू के दौरान यूजेवीएनएल ने एक्जीक्यूटिव इंजीनियर के पद पर आवेदन करने वाले दो लोगों को बिना किसी भर्ती प्रक्रिया के बगैर ही एई के पदों पर नियुक्त दे दी गई।

इस बीच चयनित अधिकारी ने त्यागपत्र दे दिया। उनकी जगह पर सुनील कुमार जोशी नाम के व्यक्ति को एक्जीक्यूटव इंजीनियर बना दिया गया। उसके लिए भी कोई जरूरी प्रक्रिया ही नहीं चलाई गई। उनका कहना है कि फर्जी नियुक्यिों के जरिए भर्ती हुए लोग ही वर्तमान में राज्यभर में ऊर्जा निगम और यूजेवीएनएल में बड़े पदों पर अधिकारी बैठे हैं।

बॉबी पंवार ने कहा कि इस मामले में मोटी डील हुई है। उन्होंने कहा कि आईएएस अधिकारी ऐसे लोगों को चार्ज दे रहे हैं, जो उनके हिसाब से चल रहे हैं। किसी विभाग के अधिकारी को किसी दूसरे विभाग में निदेशक बना दिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपने चहेते अधिकारियों से वसूली कराई जा रही है।

बेरोजगार संघ के अध्यक्ष बॉबी पंवार ने कहा कि जो भी फर्जी ढंग से नौकरी लगी हैं, इन प्रकरणों की सीबीआई जांच होनी चाहिए। साथ ही उस वक्त नियुक्त हुए अधिकारियों की संपत्ति की जांच भी कराई जाए। उन्होंने कहा कि हम सरकार से जांच की मांग करेंगे। अगर सरकार जांच नहीं कराती है, तो हम न्यायालय का रुख करेंगे।

बॉबी ने कहा आईएएस मनाक्षी सुंदरम से अनिल कुमार यादव के सेवा विस्तार और राज्य बनने के समय से अब तक ऊर्जा निगम और यूजेवीएनएल के मामले में मिलने गए थे। लेकिन, मीनाक्षी सुंदरम ने कहा कि उनके विभाग के एमडी का सेवा विस्तार हो रहा है, इसके बारे में उनको कोई जानकारी नहीं है, यह प्रकरण सेवा विस्तार से काफी पहले का है। इससे गंभीर बात और क्या हो सकती है कि अधिकारी को उनके ही विभाग की जानकारी नहीं है।

उन्होंने जूता उठाने की बात पर कहा कि एफआईआर में कहीं भी जूता उठाए जाने की बात नहीं लिखी गई है। बॉबी ने कहा कि जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, उनको लेकर हर दिन आईएएस अधिकारी से लेकर अन्य कर्मचारी भी लगातार बयान बदल रहे हैं। इससे पता चलता है कि उनके पर बेवजह और बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं।

अखिलेश बोले- महाराष्ट्र चुनाव के बाद चली जाएगी योगी की कुर्सी

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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सीएम योगी आदित्यनाथ को लेकर भविष्यवाणी की है. कुंदरकी में सोमवार को चुनावी रैली संबोधित करते हुए अखिलेश ने कहा कि महाराष्ट्र चुनाव के बाद इनकी (सीएम योगी) की कुर्सी छीन ली जाएगी. सपा प्रमुख ने कहा कि आजकल सरकार को अपनी कुर्सी बचाने का गुस्सा है, क्योंकि दिल्लीवालों ने तय कर लिया है कि महाराष्ट्र के चुनाव के बाद इनकी कुर्सी बचेगी नहीं.

सीएम योगी पर निशाना साधते हुए अखिलेश ने कहा कि कि ये दिल्ली गए थे और चाहते थे कि अपना कुछ बनवा लें, लेकिन अपना कुछ न बना पाएं, सब कार्यवाहक चल रहा है, ये कानून व्यवस्था की बहुत दुहाई देते हैं लेकिन इनका सबसे बड़ा पुलिस अधिकारी अभी तक कार्यवाहक है, परमानेंट नहीं हो पाया. दिल्ली वाले इंतजार कर रहे हैं कि कब कुर्सी छीन लें.

इससे पहले दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी सीएम योगी को लेकर इसी तरह की भविष्यवाणी की थी. उन्होंने कहा था कि लोकसभा चुनाव के नतीजों के दो महीने के भीतर योगी आदित्यनाथ को यूपी के मुख्यमंत्री पद से हटा दिया जाएगा.

सपा चीफ अखिलेश ने आगे कहा, मैं आपको भरोसा दिला रहा हूं कि महाराष्ट्र में बीजेपी हारेगी और यूपी में कुर्सी छीन ली जाएगी.’ पूर्व सीएम ने कहा कि इनकी (सीएम योगी) कुर्सी तभी चली गई होती, जब इन्हें लगा कि नजूल की जमीन मुसलमान भाईयों की जमीन है. जब सब विधायक इकट्ठे हुए और कहा कि कुर्सी छीन लेंगे. तब वह डर गए और कानून को वापस ले लिया. PDA को लेकर सीएम योगी के बयान पर अखिलेश यादव ने कहा कि हमारे सीएम को अंग्रेजी नहीं आती है, उनसे पूछना चाहिए कि PDA में H कहां से आ गया, असल में PDA से इनके पेट में दर्द है.

अखिलेश हाजी रिजवान के समर्थन में रैली करने कुंदरकी पहुंचे थे. यहां20 नंवबर पर उपचुनाव है. इस बार यहां मुकाबला कड़ी टक्कर का है. सपा से यहां से हाजी रिजवान को चुनावी मैदान में उतारा है. वहीं, बीजेपी से ठाकुर रामवीर सिंह को टिकट दिया है. इसके अलावा बीएसपी से रफतुल्लाह चुनावी मैदान में हैं. उधर, चंद्रशेखर आजाद की पार्टी ने अपने उम्मीदवार को उतार दिया है.

वहीं, आजाद समाज पार्टी (कांशी राम) के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने कुंदरकी से चांदबाबू को टिकट दिया है. ओवैसी की पार्टी भी यहां किस्मत आजमा रही है. कुंदरकी सीट सपा विधायक जिया-उर-रहमान बर्क के सांसद बनने की वजह से खाली हुई है. कुंदरकी विधानसभा सीट पर 64 फीसदी मुलिम आबादी है. इस सीट पर पिछले 31 साल से बीजेपी को कभी जीत हासिल नहीं हुई है.

जस्टिस संजीव खन्ना बने देश के 51वें मुख्य न्यायधीश, राष्ट्रपति मुर्मु ने दिलाई शपथ

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जस्टिस संजीव खन्ना ने आज (11 नवंबर) देश के 51वें सीजेआई के तौर पर शपथ ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें शपथ दिलाई। राष्ट्रपति भवन के अशोक हॉल में संजीव खन्ना ने शपथ ली। इस दौरान समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

चुनाव में ईवीएम की उपयोगिता बनाए रखना, चुनावी बांड योजना को खारिज करना, अनुच्छेद-370 के निरस्तीकरण के फैसले को कायम रखना और दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को लोकसभा चुनाव के दौरान प्रचार के लिए अंतरिम जमानत प्रदान करने के फैसले देने वाले बेंच में वो शामिल थे।

जस्टिस संजीव खन्ना दिल्ली के रहने वाले हैं और उन्होंने अपनी सारी पढ़ाई-लिखाई दिल्ली से ही की है। उनका जन्म 14 मई 1960 को हुआ था। उनके पिता न्यायमूर्ति देस राज खन्ना थे, जो दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के पद से सेवानिवृत्त हुए थे।

साल 1983 में वो दिल्ली बार काउंसिल के साथ एक वकील के रूप में नामांकित हुए। शुरुआत में दिल्ली के तीस हजारी परिसर में जिला न्यायालयों में और बाद में दिल्ली के उच्च न्यायालय और संवैधानिक कानून, प्रत्यक्ष कराधान, मध्यस्थता जैसे विविध क्षेत्रों में न्यायाधिकरणों में प्रैक्टिस की। वाणिज्यिक कानून, कंपनी कानून, भूमि कानून, पर्यावरण कानून और चिकित्सा लापरवाही कानूनों पर उनकी जबर्दस्त पकड़ है।

18 जनवरी, 2019 को भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में उन्हें पदोन्नत किया गया। उन्होंने 17 जून 2023 से 25 दिसंबर 2023 तक सुप्रीम कोर्ट कानूनी सेवा समिति के अध्यक्ष का पद संभाला। वह वर्तमान में राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष और राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी, भोपाल के गवर्निंग काउंसिल के सदस्य भी हैं। संजीव खन्ना 13 मई, 2025 तक सीजेआई के पद पर रहेंगे।

 

 

महाराष्ट्र चुनाव : किसके घोषणा पत्र में कौन से वादे, किस पर कौन भारी?

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महाराष्ट्र : विधानसभा चुनाव में चरम पर है. एक तरफ सत्ताधारी महायुति ने 10 गारंटी दी है तो दूसरी ओर से विपक्षी महा विकास अघाड़ी ने 5 बड़े वादे किए हैं. दोनों ही गठबंधनों के केंद्र में महिलाएं, किसान और युवा शामिल हैं. चुनाव में जीत चाहे जिस भी गठबंधन का हो, लेकिन सत्ता के केंद्र में ये तीन वर्ग रहेंगे. इन तीनों ही वर्गों को हर महीने पैसे देने का वादा किया गया है.

BJP नित महायुति के घोषणा पत्र की बात करें तो इसे 5 नवंबर को जारी किया गया था. महायुति के मेनिफेस्टो में पहले नंबर पर लाडली बहना योजना को स्थान दिया गया था. मेनिफेस्टो में कहा गया है कि अगर सरकार में उनकी वापसी होती है तो प्यारी बहनों को 2100 रुपए दिए जाएंगे. इसके अलावा महिला सुरक्षा के लिए पुलिस बल में 25 हजार महिलाओं की भर्ती की जाएगी.

वहीं, किसानों के लिए ऋण माफी का वादा किया गया है और कहा गया है कि कृषक सम्मान योजना की राशि को 12000 से बढ़ाकर 15000 किया जाएगा. इसके अलावा 25 लाख रोजगार सृजन और 10 लाख छात्रों को प्रशिक्षण के जरिए हर महीने 10 हजार रुपए ट्यूशन फीस देने का वादा किया गया है. मेनिफेस्टो में आंगनबाड़ी और आशा सेवकों की सैलरी बढ़ाकर 15 हजार करने का भी जिक्र है.

महायुति के बड़े वादे

  • लाडली बहना योजना के अंतर्गत हर महीने मिलने वाली राशि को बढ़ाकर 2100 करने का वादा.
  • किसानों की ऋण माफी की जाएगी और कृषक सम्मान योजना की राशि को 12 से बढ़ाकर 15000 देने का वादा.
  • राज्य में 25 लाख रोजगार पैदा करने, 10 लाख छात्रों को प्रशिक्षण के जरिए हर महीने 10 हजार ट्यूशन फीस का वादा.
  • हर गरीब को भोजन और आश्रय देने का वादा! यानी कि मुफ्त राशन की सुविधा देने का वादा.
  • वृद्धावस्था पेंशन धारकों को हर महीने 1500 रुपए से बढ़ाकर 2100 रुपए देने का वादा.
  • राज्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों में स्थिरता लाने का वादा किया गया है.
  • राज्य के 45 हजार गांवों में पक्की सड़कें बनाई जाएंगी.
  • आंगनवाड़ी और आशा सेवकों को 15000 रुपए महीने की सैलरी और सुरक्षा का वादा.
  • बिजली बिलों में 30 फीसदी की कटौती करके सौर और नवीकरणीय ऊर्जा पर ध्यान केंद्रित करने का वादा.
  • सरकार बनने के बाद विजन महाराष्ट्र 2029, 100 दिनों के भीतर वादा पूरा करने का आश्वासन.

दूसरी ओर से विपक्षी महाविकास अघाड़ी गठबंधन की बात करें तो इसमें शामिल दलों की ओर से पांच गारंटी का वादा किया गया है. पांच वादों में महालक्ष्मी, कुटुंब रक्षा, कृषि समृद्धि, युवाओं को वचन और समानता की गारंटी का वादा किया गया है. महाविकास अघाड़ी की ओर से कहा गया है कि अगर चुनाव में उन्हें जीत मिलती है तो फिर इन पांच वादों को पहले पूरा किया जाएगा.

MVA की पांच बड़ी बातें 

महालक्ष्मी: इस योजना के जरिए महिलाओं को हर महीने 3000 रुपए और पूरे राज्य में महिलाओं को फ्री में बस सेवा की सुविधा मिलेगी.

कुटुंब रक्षा: इस योजना के जरिए 25 लाख रुपए तक स्वास्थ्य बीमा दिया जाएगा. इसके अलावा मुफ्त दवा की भी सुविधा मिलेगी.

समानता की गारंटी: राज्य में जातिगत जनगणना कराई जाएगी और 50 फीसदी आरक्षण की सीमा को हटाने का वादा किया गया है.

कृषि समृद्धि: किसानों को 3 लाख रुपए तक कर्ज माफ होगा और नियमित कर्ज चुकाने पर 50 हजार रुपए का प्रोत्साहन दिया जाएगा.

युवाओं को वचन: राज्य के बेरोजगारों को हर महीने 4000 रुपए की मदद का वादा किया गया है.

अब देखना है कि चुनाव में किसका वादा किस पर भारी पड़ता है. दोनों गठबंधन की ओर से वोटरों को लुभाने के लिए बड़े-बड़े वादे किए गए हैं. जातीय जनगणना कराने पर महाविकास अघाड़ी का स्टैंड पहले से भी साफ रहता है. जिन जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकार है, वहां जाति जनगणना को प्रमुखता दी जा रही है. जहां तक लाडली बहना योजना की बात है तो महायुति में शामिल दलों को इससे बहुत उम्मीद है. मध्य प्रदेश के चुनाव में बीजेपी को मिली जीत का श्रेय इसी योजना दिया जाता है जिसे तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुरू की थी.

BJP सांसद का बयान, 50-60 साल बाद बच्चे ऑनलाइन पैदा होंगे…?

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मध्यप्रदेश के रीवा से भाजप सांसद जनार्दन मिश्रा एक अटपटा बयान दिया, जिससे वो चर्चाओं में हैं. एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि आजकल शादियां भी ऑनलाइन होने लगी हैं. मैं तो सोचता हूं कि 50-60 साल बाद ऑनलाइन बच्चे पैदा होंगे. उन्होंने आगे कहा कि ऑनलाइन पैदा होने वाला बच्चाकैसा होगा? क्या वो स्टील का होगा या फिर मांस और हड्डियों का?

उन्होंने तकनीक पर लोगों की ज्यादा निर्भरता होने के कारण उसके दूसरे पहलुओं को समझाने की कोशिश करते हुए ऐसा सवाल पूछा. उन्होंने इस बार पर जोर देते हुए कहा कि बेशक हम तकनीक से जुड़े रहें लेकिन, मानवता के पहलुओं को नजरअंदाज करना सही नहीं है.

सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज के स्वर्ण जयंती समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने मानवता, सौहार्द और व्यक्तिगत संपर्क बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन और दूसरी डिवाइस पर लोगों की निर्भरता काफी बढ़ गई है.

आजकल कपल्स एकसाथ एक बेड पर होते हुए भी डिवाइज के जरिए एक दूसरे से बात करते हैं. जनार्दन मिश्रा ने चुटकी लेते हुए कहा कि उन्होंने किसी का बेडरूम नहीं देखा है. उन्होंने इंजीनियरिंग के छात्रों से इसका समाधान खोजने को कहा. ताकि, लोगों के जीवन में टेक्नोलॉजी के इतने ज्यादा इस्तेमाल को कम किया जा सके. उन्होंने कहा कि तकनीक लोगों के जीवन में खुद को तेजी से स्थापित कर रही है.

सांसद जनार्दन मिश्रा ने कहा कि आज कल के कपल्स फोन पर रोमांटिक बात करके ही खुश हो जाते हैं. शादियां भी ऑनलाइन होने लगी है. ऐसे में क्या बच्चे भी ऑनलाइन ही पैदा होंगे? मोबाइल फोन पर लोगों की निर्भरता के दूसरे पहलू को उन्होंने उजागर करने की कोशिश की.

भाजपा सांसद ने कहा कि सामाजिक मूल्यों की रक्षा करना एक बड़ी जिम्मेदारी है. इसे देश के युवाओं को संभालनी होगी. कॉलेज के छात्र और शोधकर्ता होने के कारण डिवाइस पर ज्यादा निर्भरता आपके सामने एक बड़ी चुनौती है. इस बड़ी समस्या से आप कैसे निकलेंगे? साथ ही इससे बाहर निकलने के लिए एक बेहतर रास्ता कैसे खोजेंगे?

अपने आखिरी जजमेंट में बोले चीफ जस्टिस चंद्रचूड़, बुलडोजर के जरिए न्याय मंजूर नहीं…

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सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने अपने आखिरी जजमेंट में बुलडोजर एक्शन पर कड़ी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि कानून के शासन में बुलडोजर राज स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने किसी की संपत्ति को नष्ट करके उसे न्याय नहीं दिया जा सकता है. बुलडोजर चलाने की धमकी देकर लोगों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता. यह कानून की नजर में सही नहीं है. इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता.

चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने कहा कि बुलडोजर के जरिए न्याय करना किसी भी सभ्य न्याय व्यवस्था का हिस्सा नहीं हो सकता. तीन जजों की बेंच ने कहा कि अवैध या गैरकानूनी अतिक्रमणों को हटाने के लिए कार्रवाई करने से पहले राज्यों को उचित कानून प्रक्रिया का पालन करना चाहिए. बुलडोजर जस्टिस स्वीकार्य नहीं है.

सीजेआई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि अगर इसकी अनुमति दे दी गई तो अनुच्छेद 300ए के तहत संपत्ति के अधिकार की संवैधानिक मान्यता समाप्त हो जाएगी. संविधान के अनुच्छेद 300ए में कहा गया है कि किसी भी व्यक्ति को कानून के प्राधिकार के बिना उसकी संपत्ति से वंचित नहीं किया जाएगा. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने यूपी के महाराजगंज में हुए बुलडोजर एक्शन पर अपना फैसला सुनाया था. इस दौरान शीर्ष अदालत ने योगी सरकार को फटकार लगाई थी. कोर्ट ने यूपी सरकार को मुआवजा देने का भी आदेश दिया था.

योगी सरकार के बुलडोजर एक्शन पर चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि आप इस तरह लोगों के घरों को कैसे तोड़ना शुरू कर सकते हैं? किसी के घर में घुसना अराजकता है. यह पूरी तरह से मनमानी है. उचित प्रक्रिया का पालन कहां किया गया है? चीफ जस्टिस ने कहा कि हमारे पास हलफनामा है, जिसमें कहा गया है कि कोई नोटिस जारी नहीं किया गया था.

आप केवल साइट पर गए थे और लोगों को सूचित किया था. क्या इससे न्याय का उद्देश्य पूरा होगा? चंद्रचूड़ ने कहा कि जिसका घर तोड़ा है उसे 25 लाख रुपए का मुआवजा दे.चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ आज सुप्रीम कोर्ट से रिटायर हो जाएंगे. 9 नवंबर 2022 को उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस का पदभार ग्रहण किया था. जस्टिस संजीव खन्ना भारत के अगले चीफ जस्टिस होंगे.

श्रीनगर में सुरक्षाबलों और आतंकियों में मुठभेड़

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 श्रीनगर के निशात इलाके में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हो रही है। आतंकी एक मकान में छिपे हुए हैं उनकी संख्या तीन तक हो सकती है। इन आतंकियों को पकड़ने के लिए शनिवार की रात को अभियान चलाया गया था।
जिस जगह यह मुठभेड़ हो रही है वहां से कुछ ही दूरी दाचीगाम नेशनल पार्क और जंगल का इलाका भी शुरू होता है। इससे पहले, सोपोर में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच फिर मुठभेड़ शुरू हुई थी। इस दौरान जवानों को बड़ी कामयाबी हाथ लगी थी।
जवानों ने एक आतंकी को ढेर कर दिया था। इलाके में आतंकियों के छिपे होने का इनपुट मिलने पर जवानों ने सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इस दौरान ने आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी थी। जवाबी कार्रवाई में जवानों ने एक आतंकी को मार गिराया।

गैरसैंण में उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस मनाया

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ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में सादगी से मनाया गया राज्य स्थापना दिवस।

राज्य स्थापना दिवस पर अमर शहीदों, शहीद राज्यIMG 20241109 WA0099 scaled आंदोलनकारियों और अल्मोड़ा बस दुर्घटना में मृतकों को दी गई श्रृद्वांजलि।

सिमली में महिला बेस अस्पताल को पूर्ण बेस अस्पताल बनाने की घोषणा कर मुख्यमंत्री ने जनपद को दी बड़ी सौगात।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर विधानसभा परिसर भराडीसैंण, गैरसैंण ( चमोली ) में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों को उत्तराखण्ड राज्य निर्माण के 24 वर्ष पूर्ण होने और रजत जयन्ती वर्ष के शुभारम्भ अवसर पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी।

विधानसभा परिसर भराडीसैंण में राज्य स्थापना दिवस पर पुलिस एवं एनसीसी जवानों द्वारा विधानसभा परिसर में सेरेमोनियल परेड का आयोजन किया गया। उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर विभिन्न विभागों द्वारा बहुउद्देशीय शिविर लगाकर विभिन्न उत्पादों की प्रदर्शनी के लिए स्टॉल लगाए गए। जिसमें विकास मुखी एवं कल्याणकारी योजनाओं को प्रदर्शित किया गया। मुख्यमंत्री ने विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण भी किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने 47 राज्य आंदोलनकारियों को पुष्प माला व शाल भेंट कर सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री ने देश के लिये सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों एवं राज्य निर्माण के सभी अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सभी राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए सम्मानित किया। उन्होंने उत्तराखण्ड की मजबूत नींव रखने वाले पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्री अटल बिहारी बाजपेई को भी राज्य की जनता की ओर से नमन किया। *रजत जयंती के अवसर मुख्यमंत्री ने विधानसभा परिसर भराडीसैंण से सिमली में महिला बेस अस्पताल को पूर्ण बेस अस्पताल बनाने और रा.इ.का आगरचट्टी में विज्ञान वर्ग शुरू करने की घोषणा भी की।*

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर रहा है। इन 24 सालों में जनता के सहयोग से हर क्षेत्र में राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस दशक को उत्तराखंड का दशक बनाने के लिए जन सहभागिता से राज्य सरकार हर क्षेत्र में अल्पकालिक, लघुकालिक और दीर्घकालिक योजनाओं पर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अनेक क्षेत्रों में उत्तराखंड देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में है। नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्यों की रैंकिंग में उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान मिला है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में राज्य को अचीवर्स और र्स्टाटप में लीडर्स की श्रेणी प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि जीएसडीपी में 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। उत्तराखंड युवाओं को रोजगार देने में भी अग्रीणी राज्य बना है। एक वर्ष में बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की कमी लाई गई है। राष्ट्रीय खेलों के आयोजन को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उत्तराखंड के लिए बड़ा अवसर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि 21 वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा। उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप राज्य, तेजी से विकास पथ पर अग्रसर है। वर्ष 2023-24 के सतत विकास के लक्ष्यों के इंडेक्स में उत्तराखण्ड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में राज्य को एचीवर्स तथा स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी प्राप्त हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में केदारनाथ धाम का भव्य और दिव्य पुनर्निर्माण कार्य तेजी से हुआ है। बदरीनाथ धाम के मास्टर प्लान के तहत विकास कार्य गतिमान हैं। इसी प्रकार मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत प्रथम चरण में 16 पौराणिक मंदिर क्षेत्रो को विकसित किया जा रहा हैं। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। जल्द ही पहाड़ में रेल का सपना साकार होने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों के लिये मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना शुरू की गई है। वाईब्रेंट विलेज योजना से उत्तराखण्ड के सीमावर्ती गांवों का विकास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू कर प्रदेश के लाखों युवाओं का भविष्य सुरक्षित किया गया है। पिछले 03 वर्षों में सरकारी सेवाओं में लगभग 18 हजार 500 भर्तियां की जा चुकी हैं। प्रदेश में भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण के लिये कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृशक्ति का सम्मान करते हुए प्रदेश सरकार ने सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण के साथ ही सहकारी समितियों में भी राज्य की महिलाओं के 33 प्रतिशत पद आरक्षित रखे जाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री नारी सशक्तिकरण योजना, लखपति दीदी योजना और मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना सहित अनेक योजनाएं महिलाओं को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बना रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड के मूल स्वरूप को बनाये रखने के लिये राज्य में जबरन धर्मांतरण के विरूद्ध कठोर कानून बनाया गया है। प्रदेश में अब दंगा करने वाले दंगाईयों से ही सारे नुकसान की भरपाई का कानून लागू किया गया है। राज्य की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिये निरंतर अभियान चलाया जा रहा है। प्रदेश में लगभग 5 हजार एकड़ सरकारी भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रजत जयंती वर्ष 2025 तक उत्तराखण्ड देश के अग्रणी राज्य के रूप में अपनी पहचान बनाने में सफल हो यह हमारा संकल्प है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड का चहुंमुखी विकास हो रहा है और हम भारत का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनने की ओर अग्रसर हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अल्मोडा के मरचूला बस हादसे में दिवंगतों की आत्मा को शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ्य होने की ईश्वर से कामना भी की।

इस अवसर पर कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल ने क्षेत्र के विकास कार्यो को तेजी आगे बढाने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में उत्तराखंड राज्य आज स्वास्थ्य, शिक्षा सहित सभी क्षेत्रों में विकास की ओर निरंतर अग्रसर है। उन्होंने प्रदेश वासियों को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं भी दी।

इस अवसर पर जिलाध्यक्ष रमेश मैखुरी, राज्य मंत्री रमेश गडिया, ब्लाक प्रमुख शशि सौर्याल, गढवाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय, पुलिस महानिरीक्षक के.एस नगन्याल, जिलाधिकारी संदीप तिवारी, पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, सीडीओ नंदन कुमार, एडीम विवेक प्रकाश, एसडीएम संतोष कुमार सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, स्थानीय जनता, स्कूली बच्चे आदि मौजूद रहे।

देहरादून में गरजे बेरोजगार युवा, सरकार को दी चेतावनी

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देहरादून:राज्य स्थापना दिवस पर बेरोजगार संघ सीएम आवास कूच करने पहुंचे। सैकड़ों की संख्या में युवा राजधानी के गांधी पार्क में एकत्रित हुए। यहां से युवाओं की भीड़ ने सीएम आवास कूच के लिए हुंकार भरी। इस दौरान प्रदर्शनकारी युवाओं को रोकने के लिए भारी पुलिस भी तैनात रहा।

युवा उत्तराखंड पुलिस कांस्टेबल भर्ती में पांच साल की छूट देने की मांग कर रहे हैं। इस मौके पर उन्होंने करो या मरो रैली का एलान भी किया। उत्तराखंड बेरोजगार संघ के बैनर तले सुबह बेरोजगार युवा गांधी पार्क पर एकत्र हुए।

प्रदर्शनकारी युवाओं का कहना है कि पिछली भर्ती में सरकार ने आश्वासन दिया था कि आगामी भर्ती में आयु सीमा में छूट दी जाएगी। लेकिन, इस बार ऐसा नहीं किया गया। इससे युवाओं में भारी रोष है।

युवाओं ने चेतावनी देते हुए कहा, पुलिस भर्ती की आयु सीमा नहीं बढ़ाई गई तो वह करो या मरो रैली निकालेंगे। संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष राम कंडवाल ने कहा कि प्रदेश के डीजीपी अभिनव कुमार के आश्वासन का सम्मान करते हुए उन्होंने आठ नवंबर तक कोई धरना और प्रदर्शन नहीं किया था।

बेरोजगार संघ के अध्यक्ष बॉबी पंवार ने कहा, मांग पूरी न होने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा।  बॉबी ने कहा कि आठ सालों में पहली बार पुलिस भर्ती का अवसर आया है। ऐसे में उन युवाओं का क्या गुनाह है, जिन्होंने एक बार भी फॉर्म नहीं भरा।