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मुस्लिम पब्लिक स्कूल में लगी भीषण आग, बाल-बाल बचे सैकड़ों बच्चे

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श्रीनगर के कुर्सू राजबाग क्षेत्र में गुरुवार दोपहर मुस्लिम पब्लिक स्कूल में आग लग गई। स्कूल में आग लगने से चारों तरफ दहशत का माहौल बन गया। सैकड़ों स्कूली बच्चे बाल-बाल बच गए।

आग लगने के कारण का पता नहीं चल सका है। मुस्लिम पब्लिक स्कूल में लगी आग को बुझाने के लिए दमकल की कई गाड़ियां मौके पर मौजूद हैं।

बम की धमकी के बाद इंडिगो विमान की इमरजेंसी लैंडिंग

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 नागपुर से कोलकाता जा रहे इंडिगो के विमान में बम होने की धमकी के बाद फ्लाइट की रायपुर में आपात लैंडिंग की गई है। अधिकारियों को मिली धमकी के बाद ये एक्शन लिया गया।
पुलिस ने बताया कि विमान में बम की धमकी के बाद गुरुवार सुबह 187 यात्रियों और चालक दल के छह सदस्यों के साथ फ्लाइट की रायपुर हवाई अड्डे पर आपात लैंडिंग कराई गई।
रायपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह ने बताया कि हवाई अड्डे के अधिकारियों को धमकी मिलने के बाद विमान को लैंड करवाया गया था।

SDM को मारा थप्पड़, हमलावर गिरफ्तार, गांव में भारी पुलिस बल तैनात

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राजस्थान के टोंक जिले के देवरी-उनियाला विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए हो रहे मतदान के दौरान निर्दलीय उम्मीदवार नरेश मीणा ने SDM को थप्पड़ जड़ दिया था। यह मामला बुधवार का है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।
वहीं, बुधवार शाम नरेश मीणा की गिरफ्तारी के खिलाफ मीणा समुदाय के लोगों का आक्रोश भी दिखा। पुलिस ने जानकारी दी कि एसडीएम को थप्पड़ मारने के बाद नरेश मीणा फरार हो गया। बुधवार रात से ही पुलिस उसकी तलाशी में जुटी है। आज पुलिस ने उसे समरावता गांव से गिरफ्तार कर लिया है। गांव में पुलिस की जबरदस्त तैनाती की गई है।
गुरुवार सुबह नरेश मीणा ने मीडिया से बातचीत की। गांव में जब पुलिस उसकी गिरफ्तारी करने पहुंची तो वो पहले से ही अपने समर्थकों के साथ बैठा था।
नरेश मीणा ने मीडिया से कहा कि मैं यहां गिरफ्तारी देने आया हूं और पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच होनी चाहिए, पुलिस ने बहुत बर्बरता की, हमने जवाबी कार्रवाई भी की, कल दिन में कलेक्टर आ जातीं मौके पर तो कुछ नहीं होता। मीना ने कहा कि वह पुलिस कस्टडी से नहीं भागे थे।

तौकीर रजा के बयान पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, रामभद्राचार्य को दी सीधी चुनौती

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तौकीर रजा के बयान के बाद देशभर के हिंदू धर्माचार्यों में आक्रोश देखा जा रहा है. इसी क्रम में काशी में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा है कि यह पूरी तरह से गुंडागर्दी की भाषा है, रूह जैसा शब्द हमारे शब्दकोश से नहीं जुड़ा हुआ है तो वह क्या ला देंगे. हमारे बीच से ही धर्म परिवर्तन करने वाले ज्यादातर यहां मुसलमान हैं और हम हिंदू तो वह हैं जिन्होंने गर्दन कटवा दी लेकिन धर्म नहीं बदला. इसीलिए कोई भी धर्म हो, हमारे साथ प्रेम भाव से रहें और 78 साल से रह रहे हैं.

उन्होंने कहा कि हजार साल रहे हमें कोई बाधा नहीं है. लेकिन फौलाद से टकराने की बात मत करें. अच्छी बात करें क्योंकि पत्थर से अगर सर टकराएगा तो सर चूर-चूर हो जाएगा. इसके अलावा उन्होंने इसी मामले पर राजनीतिक दलों पर भी तंज कसते हुए कहा कि यह सिर्फ कुछ राजनीतिक दलों द्वारा ध्रुवीकरण के लिए किया जाता है. जिसका चुनाव में लाभ मिल सके, चतुर राजनेता किसी के भी मुंह से कुछ भी बुलवा देते हैं.
धारा 370 हटाने के नाम पर रणबीर दंड संविदा हटा देना, हिंदूओं के साथ अन्याय जैसा- शंकराचार्य

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जब जम्मू कश्मीर को लेकर धारा 370 पर उनका पक्ष पूछा तो उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर के अलावा भी देश में नागालैंड और अन्य राज्य है जहां पर राज्यों को विशेष दर्जा प्राप्त है. लेकिन वहां पर मुस्लिम आबादी कम है इसलिए हिंदू मुस्लिम राजनीति वहां नहीं हो सकती है. लेकिन, जम्मू कश्मीर में बाकी विशेष दर्जा वाले राज्यों की तुलना में स्थिति अलग रही.

उन्होंने कहा कि दूसरी सबसे प्रमुख बात कि जब जम्मू कश्मीर में धारा 370 लागू था तो वहां धारा 370 के अंतर्गत रणबीर दंड संविदा 298 क और ख लागू था. जिसके अंतर्गत गाय को मारने वाले को 10 साल की कड़ी कैद और जुर्माने की सजा थी. लेकिन रणबीर दंड संहिता हटने के बाद वहां पर गाय हत्या सहज हो गई ।यानी धारा 370 हटना हिंदुओं के साथ अन्याय जैसा और स्पष्ट प्रमाण है कि हिंदू पक्ष के कानून को कमजोर किया गया. इसलिए हमारा मानना है कि 370 जम्मू कश्मीर से बिल्कुल हटाइए लेकिन रणबीर दंड संविदा क और ख को भारतीय न्याय संहिता में शामिल करने के बाद ही यह फैसला लेना चाहिए.

रामभद्राचार्य को शंकराचार्य की सीधी चुनौती

रामकथा के लिए विश्व भर में मशहूर रामभद्राचार्य ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के राजनीतिक समझ पर सवाल उठाया. इस पर उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि वह हमसे बड़े हैं. हम उनका सम्मान करते हैं. लेकिन कभी-कभी वह ज्यादा बोल जाते हैं. उन्होंने कहा कि चारों शंकराचार्य में कोई भी 5 मिनट तक उनसे संस्कृत में नहीं बोल पाएंगे. लेकिन असली हकीकत यह है कि वह चारों शंकराचार्य से कभी भी सीधा आकर बात ही नहीं किए.

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने जम्मू कश्मीर के रणबीर दंड संविदा पर चर्चा को लेकर सीधी चुनौती दे दी. वहीं झारखंड में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर कहा कि वहां पर अब तक किसी भी सरकार ने गौ रक्षा के बारे में बात नहीं की. जबकि महाराष्ट्र की शिंदे सरकार ने गौ माता को राज्य माता का दर्जा प्रदान किया और हमारा मन प्रसन्न है. इसलिए हमने उनको आशीर्वाद प्रदान किया है. झारखंड में जो गौ रक्षा की बात करेगा उसी को हमारा आशीर्वाद प्राप्त होगा।

देर रात को फिर बड़ा हादसा, आपस में टकराए 6 वाहन, एक की मौत, तीन घायल

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देहरादून: देहरादून में दो दिन पहले हादसा हुआ था। उस हादसे में 6 स्टूडेंट्स की दर्दनाक मौत हो गई थी। हादसा इतना खतरनाक था कि शव के टुकड़े दूर-दूर तक बिखरे हुए थे। बुधवार को एक और बड़ा हादसा हो गया। गनीमत यह रही कि इस हादसे में ज्यादा जानें नहीं गई। यहां एक व्यक्ति की मौत हुई है।

जानकारी के अनुसार आशारोड़ी में छह गाड़ियां आपस में टकरा गईं और पलट गईं। दुर्घटना में एक की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए हैं। आशारोड़ी चेक पोस्ट पर बुधवार की रात एक-दूसरे से टकराकर एक के बाद छह गाड़ियां पलट गईं। तीन लोग गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों में दो सेल्स टैक्स अधिकारी हैं।

दिल्ली-देहरादून हाईवे पर आशारोड़ी के पास चेक पोस्ट है। यहां जांच के लिए माल वाहक वाहन समेत अन्य गाड़ियां रोकी जाती हैं। बुधवार रात को भी जांच के लिए अधिकारियों ने एक यूटिलिटी को रोका हुआ था। इसके पीछे एक कार ने ब्रेक लगाए और उसके पीछे आ रहे कंटेनर के ब्रेक नहीं लगे और दाई तरफ जाकर उसने यूटिलिटी को टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी जोर की थी कि यूटिलिटी और कंटेनर पलट गए। पीछे से आ रहे दो डंपर भी कंटेनर से टकराकर पलट गए। घटनास्थल पर एक कार भी पलटी है और बाइक भी टकरा गई। पुलिस के अनुसार हादसे में यूटिलिटी में सवार दो लोगों में से एक की मौत हो गई।

मृतक की पहचान सुखदेव निवासी दमकड़ी सहारनपुर के रूप में हुई। सुखदेव का बेटा सुधांशु गंभीर रूप से घायल है। इस दौरान सेल्स टैक्स के कर्मचारी सुमन दास और नवीन महर भी घायल हुए हैं। पुलिस ने इस हादसे की जांच शुरू कर दी है।

भू-कानून की ओर बढ़ता उत्तराखंड, गैरसैंण में सीएम ने किया मंथन

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भराड़ीसैंण। उत्तराखंड की घोषित ग्रीष्मकालीन राजधानी, भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में बुधवार को बिना विधानसभा सत्र के भी चहल पहल नजर आई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिन में यहां उत्तराखंड के लिए प्रस्तावित भू कानून पर विचार विमर्श करने के साथ ही पलायन निवारण आयोग की बैठक की अध्यक्षता की। वहीं रात्रि विश्राम के दौरान स्थानीय लोगों की समस्याओं का सुना, इस तरह बुधवार को ग्रीष्मकालीन राजधानी एक बार फिर प्रदेश के राजकाज का केंद्र बिंदू बनी रही।

ग्रीष्मकालीन राजधानी में आमतौर पर बजट सत्र के दौरान ही चहल पहल नजर आती है। लेकिन बुधवार को भराडीसैंण विधानसभा परिसर एक बार फिर दिनभर राजकाज में डूबा रहा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यहां बुधवार को सबसे पहले उच्चाधिकारियों और सेवानिवृत अधिकारियों के साथ उत्तराखंड के लिए प्रस्तावित भू कानून पर लंबा मंथन किया।

इसके बाद, पहाड़ों में पलायन रोकथाम के उद्देश्य से गठित पलायन निवारण आयोग की बैठक की अध्यक्षता की, इसके तत्काल बाद उन्होंने राज्यस्तरीय ग्रामीण उद्यमिता विकास कार्यशाला में प्रतिभाग किया, जिसमें प्रदेश के सभी हिस्सों से महिला स्वयं सहायता समूहों की प्रतिनिधि और ग्रामीण उद्यमी शामिल हुए। सीएम ने कार्यशाला में सभी के अनुभव और सुझावों का सुना।

यही नहीं, मुख्यमंत्री ने बुधवार को रात्रि विश्राम भी भराड़ीसैंण में ही किया। इस दौरान भी उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना। पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने बिना विधानसभा सत्र के भराड़ीसैंण में रात्रि विश्राम किया है। इससे अधिकारियों को ग्रीष्मकालीन राजधानी को लेकर स्पष्ट संदेश गया है।

भाजपा को केदारनाथ में क्या डर सता रहा है, क्यों भटक रहे प्रदेश अध्यक्ष…?

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बदरीनाथ और मंगलौर चुनाव के बाद अब केदारनाथ विधानसभा उपचुनाव के लिए कुछ ही दिनों में वोटिंग होगी। लेकिन, उससे पहले चुनाव मैदान में भाजपा और कांग्रेस के बीच बयानबाजी के साथ ही फोटोबाजी भी हो रही है।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट वोटों के लिए चंडीगढ़, मुंबई और दूसरे शहरों में भटकते हुए नजर आ रहे हैं। इससे सवाल उठ रहे हैं कि क्या भाजपा को हारने का डर है ? क्या भाजपा को हार की सुगबुगाहट लग चुकी है ? कहीं भाजपा को हार-जीत के अंतर के बहुत कम रहने का अनुमान तो नहीं है?

इन सभी सवालों के जवाब भी साफ हैं। जिस तरह से केदारनाथ उप चुनाव में भाजपा की स्थिति नजर आ रही है। उससे एक बात तो साफ है कि कहीं ना कहीं भाजपा को कुछ तो डर सता रहा है। इस वजह से भाजपा लगातार प्रयास कर रही है कि केदारघाटी के प्रवासी वोटरों को चुनाव के दिन वोट डलवाने के लिए वापस लाया जा सके!

इसके लिए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लगातार प्रवासी वोटरों को रिझाने के लिए दूसरे शहरों में जा रहे हैं। ऐसे में सवाल यह है कि क्या सत्ताधारी दल भाजपा के लिए यह चुनाव फंस तो नहीं रहा है? क्या भाजपा को इनपुट मिल चुके हैं।

दिवंगत पूर्व विधायक शैलारानी रावत की बेटी ऐश्वर्या के साथ कांग्रेस के दिग्गज पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की तस्वीरें वायरल हुई। उसके बाद भाजपा की प्रत्याशी आशा नौटियाल को भी ऐश्वर्या के साथ अपनी तस्वीरें शेयर करनी पड़ीं। इससे एक बात तो साफ है कि भाजपा को इस बात का डर है कि एश्वर्या के कारण उनको नुकसान हो सकता है।

केदारनाथ धाम में लोगों की दुकानों पर बुल्डोजर चलाए जाने को लेकर सबसे ज्यादा गुस्सा नजर आ रहा है, केदारनाथ मंदिर में सोना घोटाला प्रकरण से यहां के लोग दुखी हैं। दिल्ली में केदारनाथ मंदिर बनाने का मुद्दा भी काफी गर्म रहा था। इसको लेकर कांग्रेस ने केदारनाथ प्रतिष्ठा यात्रा भी निकाली थी।

चुनाव की घोषणा होने से ठीक एक दिन पहले कराड़ों की योजनाओं की मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की। बजट भी जारी किया गया। माना जा रहा है कि भाजपा को पहले से इस बात का अंदाजा था कि कुछ ना कुछ केदारघाटी की जनता के मन है, जिसका सीधा असर चुनाव में देखने को मिल सकता है।

एक और बड़ा सवाल यह है कि जिस तरह से प्रधानों के चुनाव में प्रवासियों को वोटिंग के लिए अपने गांवों में लाया जाता है। क्या भाजपा की स्थिति ऐसी हो गई है कि अब प्रवासी वोटरों को बसों में भरकर वोटिंग के लिए लाया जाएगा। कहीं ना कहीं यह भाजपा की कमजोरी को साबित कर रहा है।

दूसरी ओर कांग्रेस यहां एकजुट नजर आ रही है। गणेश गोदियाल पहले दिन से ही चुनाव मैदान में डटे हुए हैं। चुनाव की घोषणा से पहले ही गोदियाल क्षेत्र में जनसंपर्क कर रहे थे। जैसे-जैसे चुनाव ने जोर पकड़ा कांग्रेस के बड़े नेताओं ने केदारनाथ विधानसभा में मोर्चा संभालना शुरू कर दिया। हालांकि, बाजी कौन मारता है, यह आने वाला वक्त ही बताएगा।

श्री बदरीनाथ धाम दर्शन को पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

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श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद की प्रक्रिया शुरू

• पंच पूजा के‌ पहले दिन श्री गणेश मंदिर के कपाट बंद ।

• प्रदेश के मुख्य मंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंच पूजा में शामिल होकर भगवान बदरीविशाल के दर्शन कियेIMG 20241113 WA0070 IMG 20241113 WA0072

श्री बदरीनाथ धाम: 13 नवंबर। श्री बदरीनाथ धाम के कपाट के कपाट बंद होने की प्रक्रिया आज बुधवार प्रात: से शुरु हो गयी है देर शाम को श्री गणेश मंदिर के कपाट बंद हो जायेंगे।

आज श्री गणेश जी के मंदिर परिसर स्थित मंदिर में रावल, धर्माधिकारी वेदपाठी आचार्यों द्वारा पूजा-अर्चना के पश्चात विधिवत पंच स्नान के पश्चात गणेश जी की मूर्ति को निर्वाण रूप में लाकर श्री बदरीनाथ मंदिर गर्भगृह में बदरीश पंचायत के साथ दर्शनार्थ रखा गया।

प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज प्रात: श्री बदरीनाथ धाम दर्शन को पहुंचे। बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की प्रक्रिया के तहत पहली पंच पूजा में शामिल हुए। भगवान बदरीविशाल के साथ ही उन्होंने बदरीश पंचायत में विराजमान हुए श्री गणेश जी की पूजा-अर्चना एवं दर्शन किये सबकी मंगलकामना की।
इस अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालुजन
भी दर्शन को पहुंचे है।

पंच पूजा के अंतर्गत आज रावल अमरनाथ नंबूदरी श्री गणेश जी के कपाट बंद करेंगे।इस अवसर पर धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल वेदपाठी रविंद्र भट्ट, अमित बंदोलिया पूजा-अर्चना संपन्न करेंगे।
बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा हरीश गौड़ ने बताया कि कल 14 नवंबर बृहस्पतिवार को आदि केदारेश्वर तथा आदि गुरु शंकराचार्य मंदिर के कपाट बंद होंगे तथा 15 नवंबर को वेद पुस्तकों की पूजा-अर्चना तथा वेद ऋचाओं का वाचन बंद होगा।आज पंच पूजा के अवसर पर बीकेटीसी उपाध्यक्ष किशोर पंवार,   मंदिर समिति सदस्य भास्कर डिमरी,ऋषि प्रसाद सती, उपजिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ,मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल, बदरीनाथ धाम प्रभारी अधिकारी विपिन तिवारी, मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान,ईओ नगर पंचायत सुनील पुरोहित,प्रशासनिक अधिकारी कुलदीप भट्ट, राजेंद्र सेमवाल, , योगंबर नेगी ,अमित डिमरी, नरेंद्र सिंह, हरीश जोशी आदि मौजूद रहे।

जानकारों का अनुमान, पहले दिन छप्परफाड़ कमाई करेगी ‘कंगुवा’

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सिंघम अगेन और भूलभुलैया-3 के बाद इस की महीने की तीसरी सबसे बड़ी रिलीज यानी कंगुवा 14 नवंबर सिल्वर स्क्रीन पर रिलीज़ की जायेगी। सूर्या और बॉबी देओल स्टारर इस मूवी को लेकर फैंस में जबरदस्त बज बन हुआ है और हर कोई इसकी रिलीज का बेसब्री से इंतजार कर रहा है। हाल ही में कंगुवा की एडवांस बुकिंग ओपन हो गई है, जिसके तहत इस मूवी की टिकटे धड़ल्ले से बिक रही हैं। इस आधार पर कंगुवा के ओपनिंग डे बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के प्रीडिक्शन रिपोर्ट सामने आ गई है। आइए जानते हैं कि ये मूवी रिलीज के पहले दिन कितना कारोबार कर सकती है।
दीवाली रिलीज के चलते हॉरर कॉमेडी फिल्म भूल भुलैया-3 और अजय देवगन की एक्शन थ्रिलर सिंघम अगेन ने ओपनिंग डे पर बंपर कलेक्शन कर दिखाया था। अब फेस्टिव सीजन गुजर चुका है, लेकिन फिर भी सूर्या की फैटेंसी फिल्म कंगुवा को लेकर फैंस में गजब हाइप देखने को मिल रहा है।
सैकनिल्क की रिपोर्ट के आधार पर अब तक निर्देशक शिवा के निर्देशन में बनने वाली कंगुवा के अब तक2 लाख 33 हजार 826 टिकटों की एडवांस बुकिंग हो चुकी है। जिसकी बदौलत फिल्म ने करीब 5 करोड़ का एडवांस कलेक्शन भी कर लिया है। 2D और 3D फॉर्मेट में टिकटों की बुकिंग की जा रही है।

 

KANGUVA(3)

गौर किया जाए कंगुवा के पहले दिन के अनुमानित बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर तो ये मूवी 40-50 करोड़ की शानदार ओपनिंग ले सकती है, जो सभी भाषाओं की कमाई के आधार पर होगी। हालांकि, ये सिर्फ पूर्वानुमान है, आंकड़ों में बड़ा फेरबदल भी देखने को मिल सकता है।

  • एडवांस बुकिंग- 2 लाख 33 हजार 826 टिकट

  • एडवांस कलेक्शन- 5 करोड़ के करीब

  • सबसे ज्यादा एडवांस बुकिंग- तमिल भाषा में (1,61,709 टिकट)

  • रिलीज डेट- 14 नवंबर 2024

वैसे तो सूर्या की कंगुवा एक तमिल भाषा की फिल्म है, जिसके चलते इस भाषा में 2डी और 3डी फॉर्मेट को मिलाकर फिल्म की सबसे अधिक टिकटों की एडवांस बुकिंग हुई है। इसके अलावा कंगुवा को कई अन्य भाषा में भी रिलीज किया जाएगा।

उनमें हिंदी, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम भाषा शामिल हैं। उम्मीद है कि एक पैन इंडिया मूवी के आधार पर कंगुवा दर्शकों को काफी पसंद आएगी। इसके अतिरिक्त आपको बता दें कि ये एक बिग बजट फिल्म है।

बुल्डोजर एक्शन पर रोक के बाद गाइडलाइन भी जारी, निर्देशों का पालन करना जरूरी

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नई दिल्ली: विभिन्न प्रदेशों में बुल्डोजर एक्शन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है और मामले में सख्त आदेश जारी किया है। बुल्डोजर से किसी का घर गिराने पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर ध्वस्तीकरण का आदेश दिया भी जाता है, तब भी संबंधित पक्ष को समय दिया जाना चाहिए। ताकि वह उस फैसले को चुनौती दे सके. अदालत ने निर्देश दिया। इसको लेकर जल्द ही राज्यों के मुख्य सचिवों को निर्देश दिए जायेंगे।

सुप्रीम कोर्ट के गाइलाइन

  • घर गिराने से पहले 15 दिन का नोटिस दें.
  • रजिस्टर्ड डाक से नोटिस भेजना होगा.
  • नोटिस में बताना होगा, घर कैसे अवैध है.
  • नोटिस को घर पर चिपकाएं.
  • नोटिस की जानकारी डीएम को दी जाए.
  • आदेश पारित होने के बाद भी, पीड़ित पक्ष को उस आदेश को चुनौती देने का समय दिया जाना चाहिए .
    घर खाली करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए.
  • बिना कारण बताओ नोटिस के कोई भी तोड़फोड़ नहीं की जानी चाहिए.
  • सड़क, नदी तट आदि पर अवैध निर्माणों पर प्रभाव न डालने के निर्देश.
  • मालिक को पंजीकृत डाक द्वारा नोटिस और संरचना के बाहर चिपकाया जाए.
  • नोटिस से 15 दिन का समय नोटिस तामील होने के बाद है.
  • इसकी सूचना तामील होने के बाद कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा भेजी जाएगी.
  • कलेक्टर एवं डीएम नगर निगम भवनों के ध्वस्तीकरण आदि के लिए प्रभारी नोडल अधिकारी नियुक्त करें.
  • नोटिस में उल्लंघन की प्रकृति होगी, जिस तारीख को व्यक्तिगत सुनवाई तय की गई है और जिसके समक्ष यह तय की गई है.
  • डिजिटल पोर्टल प्रदान किया जाएगा, जहां नोटिस और उसमें पारित आदेश का विवरण उपलब्ध है.
  • प्राधिकरण व्यक्तिगत सुनवाई सुनेगा और कार्यवृत्त दर्ज किया जाएगा और इस प्रकार अंतिम आदेश पारित किया जाएगा.
  • उसे जवाब देना चाहिए कि क्या अनाधिकृत संरचना समझौता योग्य है, और यदि केवल एक हिस्सा गैर समझौता योग्य पाया जाता है और यह पता लगाना होगा कि विध्वंस का चरम कदम ही एकमात्र उत्तर क्यों है?
  • आदेश डिजिटल पोर्टल पर प्रदर्शित किया जाएगा.
  • आदेश के 15 दिनों के भीतर मालिक को अनधिकृत संरचना को ध्वस्त करने या हटाने का अवसर दिया जाएगा और यदि अपीलीय निकाय ने आदेश पर रोक नहीं लगाई है, तो ही विध्वंस के कदम उठाए जाएंगे.
  • ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की वीडियोग्राफी करायी जाएगी. वीडियो को संरक्षित किया जाएगा, तोड़फोड़ की रिपोर्ट नगर आयुक्त को भेजी जाएगी.
  • सभी निर्देशों का पालन करने और इन निर्देशों का पालन न करने पर अवमानना ​​और मुकदमा चलाया जाएगा और अधिकारियों को मुआवजे के साथ अपनी लागत पर ध्वस्त संपत्ति को बहाल करने के लिए उत्तरदायी ठहराया जाएगा.