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देहरादून में LPG आपूर्ति में सुधार, 90 हजार सिलेंडर का बैकलॉग बरकरार

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देहरादून। राजधानी देहरादून में एलपीजी आपूर्ति व्यवस्था में सुधार के संकेत मिले हैं, हालांकि अब भी करीब 90 हजार सिलेंडरों का बैकलॉग बना हुआ है। प्रशासन स्थिति को सामान्य करने के लिए लगातार प्रयासरत है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, हाल ही में 17,705 घरेलू और 384 कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई की गई है। वहीं वर्तमान में स्टॉक में 37,488 घरेलू और 1,616 व्यावसायिक सिलेंडर उपलब्ध हैं, जिससे आपूर्ति को और बेहतर करने की कोशिश की जा रही है।

स्थिति की निगरानी के लिए गठित क्यूआरटी (त्वरित प्रतिक्रिया दल) टीमों ने विभिन्न गैस एजेंसियों का निरीक्षण किया और वितरण व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उपभोक्ताओं से मिली 37 शिकायतों पर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए समस्याओं का समाधान किया।

प्रशासन के अनुसार, बैकलॉग बढ़ने का मुख्य कारण सॉफ्टवेयर में आई तकनीकी गड़बड़ी रही है, जिसे अब सुधारने का काम तेजी से चल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य कर दी जाएगी।

उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे घबराएं नहीं और किसी भी समस्या की सूचना संबंधित एजेंसी या प्रशासन को दें, ताकि तत्काल कार्रवाई की जा सके।

उत्तराखंड के ऊंचाई वाले जिलों में हिमस्खलन का खतरा, प्रशासन अलर्ट

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देहरादून। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने प्रदेश के पर्वतीय जिलों में संभावित बर्फबारी और हिमस्खलन को लेकर अलर्ट जारी किया है। इस संबंध में उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर के जिलाधिकारियों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

जारी पत्र के अनुसार, रक्षा भू-सूचना विज्ञान अनुसंधान प्रतिष्ठान द्वारा शुक्रवार शाम 5 बजे से शनिवार शाम 5 बजे तक के लिए पूर्वानुमान जारी किया गया है। इसमें राज्य के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी और हिमस्खलन की आशंका जताई गई है।

पूर्वानुमान के मुताबिक, उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों को डेंजर लेवल-3 में रखा गया है, जहां हिमस्खलन का खतरा अधिक है। वहीं रुद्रप्रयाग और बागेश्वर जिलों को डेंजर लेवल-1 में शामिल किया गया है, जहां अपेक्षाकृत कम लेकिन संभावित जोखिम बना हुआ है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अधिक बर्फबारी की स्थिति में एवलांच (हिमस्खलन) का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों, पर्यटकों और यात्रियों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है।

स्थानीय प्रशासन को भी आपदा प्रबंधन की तैयारियां दुरुस्त रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

उत्तरकाशी : बर्फ से ढकी चोटियां चमकीं, सेब के बागवानों के लिए बड़ी राहत

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उत्तरकाशी। जनपद में मौसम पूरी तरह साफ हो गया है और तेज धूप खिलने से जनजीवन सामान्य होता नजर आ रहा है। खासकर उपला टकनौर क्षेत्र में मौसम खुलते ही चारों ओर बर्फ से ढकी पहाड़ियां चांदी की तरह चमकती दिखाई दे रही हैं, जिससे क्षेत्र का प्राकृतिक सौंदर्य और निखर गया है।

जनपद के गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम सहित शीतकालीन प्रवास स्थल मुखवा और खरसाली के साथ-साथ हर्षिल व सुक्खी टॉप जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हाल ही में अच्छी खासी बर्फबारी दर्ज की गई है।

बर्फबारी के बाद सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा मुख्य मार्गों से बर्फ हटाने का कार्य लगातार जारी है, ताकि यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाया जा सके।

इस बर्फबारी का असर कृषि क्षेत्र पर भी सकारात्मक रूप से देखने को मिल रहा है। खासकर नगदी फसल सेब के उत्पादकों के लिए यह राहत भरी खबर है। उत्तरकाशी जिला प्रदेश में सेब उत्पादन के मामले में अग्रणी है, जहां गंगा और यमुना घाटियों में करीब 29 हजार मीट्रिक टन सेब का उत्पादन होता है।

सहायक उद्यान अधिकारी टी. एस. पुंडीर के अनुसार, इस बार की बर्फबारी से सेब की फसल को काफी लाभ मिलेगा। वर्तमान समय में अर्ली फ्लावरिंग का दौर रहता है, जिसमें ओलावृष्टि का खतरा बना रहता है। बर्फबारी के कारण पेड़ों को पर्याप्त नमी मिलेगी, जिससे फ्लावरिंग संतुलित होगी। उन्होंने बताया कि सामान्यतः 10 अप्रैल के बाद होने वाली फ्लावरिंग ही बेहतर फ्रूट सेटिंग के लिए अनुकूल मानी जाती है।

बर्फबारी और मौसम साफ होने के बाद जहां एक ओर प्राकृतिक सौंदर्य में बढ़ोतरी हुई है, वहीं दूसरी ओर किसानों के चेहरे पर भी राहत की झलक साफ दिखाई दे रही है।

‘धाकड़ नहीं, धुरंधर धामी’-हल्द्वानी में बोले राजनाथ सिंह, सरकार की उपलब्धियां गिनाईं

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हल्द्वानी। राजनाथ सिंह ने शनिवार को हल्द्वानी में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उत्तराखंड सरकार की उपलब्धियों को गिनाया और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि “धामी साधारण नहीं, धाकड़ धामी हैं, बल्कि अब उन्हें धुरंधर धामी कहना चाहिए।”

रक्षा मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के लोग स्वभाव से सौम्य होते हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर अटलता भी दिखाते हैं। उन्होंने राज्य में विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि धामी सरकार का चार साल का कार्यकाल अभूतपूर्व रहा है और विकास ने नई दिशा पकड़ी है।

वैश्विक हालात पर जताई चिंता

राजनाथ सिंह ने खाड़ी देशों और पश्चिमी एशिया में जारी संघर्ष पर चिंता जताते हुए कहा कि पूरी दुनिया इस समय संकट के दौर से गुजर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में युद्ध का समाधान केवल बातचीत और कूटनीति से ही संभव है।

उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक संकट का असर भारत पर भी पड़ सकता है, खासकर ऊर्जा क्षेत्र में, लेकिन नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश पर इसका गंभीर प्रभाव फिलहाल नहीं दिख रहा है।

‘चार साल में चौका, छह साल में छक्का’

रक्षा मंत्री ने कहा कि धामी सरकार ने चार साल में “चौका” लगाया है और आने वाले वर्षों में “छक्का” भी लगाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के गठन के बाद संसाधनों की कमी की बात होती थी, लेकिन अब राज्य ने विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं।

उन्होंने चारधाम ऑल वेदर रोड परियोजना को प्रदेश के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे यात्रा सुगम और सुरक्षित होगी, साथ ही राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

विकास और सुरक्षा पर जोर

राजनाथ सिंह ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और पूर्व सैनिकों के हित में कई अहम फैसले लिए गए हैं। उन्होंने भ्रष्टाचार पर सख्त रुख अपनाने के लिए भी धामी सरकार की सराहना की।

मुख्यमंत्री धामी ने रखी सरकार की उपलब्धियां

वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि 2014 के बाद देश में आत्मविश्वास का नया दौर शुरू हुआ है और विकसित भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से कदम बढ़ रहे हैं।

उन्होंने बताया कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था में पिछले चार वर्षों में डेढ़ गुना वृद्धि हुई है और प्रति व्यक्ति आय में 41 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। राज्य में 1700 से अधिक स्टार्टअप स्थापित हो चुके हैं और 30 हजार से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत किया जा रहा है, केदारनाथ और बदरीनाथ धाम का पुनर्निर्माण किया गया है, और उत्तराखंड को पर्यटन, खेल व रोजगार के क्षेत्र में अग्रणी बनाया जा रहा है।

भ्रष्टाचार पर सख्ती का दावा

सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

पड़ोसी राज्य का बजट पेश : गरीब परिवारों के लिए बड़ी राहत, 300 यूनिट बिजली मुफ्त

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शिमला। मुखयमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को हिमाचल प्रदेश विधानसभा में वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। इस बजट में आम जनता, खासकर गरीब और ग्रामीण वर्ग को राहत देने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। सबसे बड़ी घोषणा के तहत एक लाख गरीब परिवारों को हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की योजना शुरू करने का ऐलान किया गया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि “मुख्यमंत्री सुखी परिवार योजना” के तहत आर्थिक रूप से कमजोर एक लाख परिवारों का चयन किया जाएगा। इन परिवारों को न सिर्फ मुफ्त बिजली मिलेगी, बल्कि महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जाएगी। इसके साथ ही जिन परिवारों के पास पक्के मकान नहीं हैं, उन्हें चरणबद्ध तरीके से आवास सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

बजट में शिक्षा क्षेत्र को भी प्राथमिकता दी गई है। इसके लिए 9,660 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सभी स्नातक (यूजी) कोर्स अब सेमेस्टर प्रणाली के तहत संचालित होंगे। वहीं, जिन कॉलेजों में छात्रों की संख्या 75 से कम है, उनके विद्यार्थियों को जिला मुख्यालय के कॉलेज में पढ़ाई के लिए हर महीने 5,000 रुपये की सहायता दी जाएगी।

रोजगार और युवाओं के लिए भी कई घोषणाएं की गईं। पंचायत सचिवों के 150 पद भरे जाएंगे, जबकि 500 युवाओं को ई-टैक्सी खरीदने के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। इसके लिए 50 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य में स्नो टूरिज्म, नाइट पिकनिक और होम-स्टे जैसी योजनाएं शुरू की जाएंगी। 40 गांवों को स्नो टूरिज्म स्पॉट के रूप में विकसित किया जाएगा, जबकि महिलाओं के लिए ‘शी ट्रैवल पोर्टल’ लॉन्च किया जाएगा। इसके अलावा कांगड़ा एयरपोर्ट के पास एरोसिटी विकसित करने और जिला मुख्यालयों को हेलीपोर्ट से जोड़ने की योजना भी बनाई गई है।

कृषि और पशुपालन क्षेत्र में भी कई अहम फैसले लिए गए हैं। प्राकृतिक गेहूं, मक्की, जौ और हल्दी के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी की गई है। पहली बार अदरक की खरीद पर भी MSP लागू किया गया है। साथ ही दूध के दाम में वृद्धि करते हुए गाय के दूध का मूल्य 61 रुपये और भैंस के दूध का मूल्य 71 रुपये प्रति लीटर किया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में किसान आयोग का गठन किया जाएगा और पारंपरिक बीजों को बढ़ावा देने के लिए “बीज गांव” स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा 2030 तक राज्य के हरित क्षेत्र को बढ़ाने और 4,000 हेक्टेयर में पौधारोपण करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, बजट सत्र के दौरान विपक्ष ने कई मुद्दों पर हंगामा भी किया। भाजपा विधायकों ने एंट्री टैक्स और अन्य मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए बाधित रही।

आप रहें सावधान! इलेक्ट्रिक टूथब्रश में धमाका, महिला बाल-बाल बची

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नई दिल्ली। ब्रिटेन के मैनचेस्टर में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक महिला के इलेक्ट्रिक टूथब्रश में अचानक विस्फोट हो गया और उसमें आग लग गई। इस हादसे में महिला बाल-बाल बच गई।

मैनचेस्टर निवासी 33 वर्षीय चार्लोट बोवर्स ने बताया कि उन्होंने करीब आठ महीने पहले Oral-B कंपनी का इलेक्ट्रिक टूथब्रश खरीदा था। फरवरी 2026 में जब वह सो रही थीं, तभी अचानक टूथब्रश में धमाका हो गया और उसमें आग लग गई।

आग लगने के बाद बाथरूम में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन शीशे के स्टील फ्रेम ने आग को फैलने से रोक लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। महिला का कहना है कि यदि आग फैल जाती तो उनकी जान को खतरा हो सकता था।

चार्लोट ने बताया कि जब वह बाथरूम में पहुंचीं तो टूथब्रश पूरी तरह जला हुआ था। उन्होंने कहा, “मुझे विश्वास ही नहीं हुआ कि ऐसा भी हो सकता है। मैंने पहले कभी इस तरह की घटना के बारे में नहीं सुना था।”

महिला के अनुसार, उन्होंने हमेशा टूथब्रश को सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल किया और उसे चार्जिंग पर भी नहीं छोड़ा था। इसके बावजूद इस तरह का हादसा होना चौंकाने वाला है।

घटना के बाद उन्होंने कंपनी से शिकायत की, जिस पर कंपनी ने मुआवजे के तौर पर 46 डॉलर या नया टूथब्रश देने की पेशकश की, जबकि महिला के अनुसार इस हादसे में करीब 267 डॉलर का नुकसान हुआ है।

बारिश के बाद भूस्खलन, बदरीनाथ हाईवे सहित कई मार्ग बंद; जनजीवन प्रभावित

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चमोली। चमोली जिले में लगातार बारिश के बाद भूस्खलन की घटनाएं फिर सामने आई हैं। बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग और नीति-मलारी हाईवे पर चट्टानें टूटकर गिरने से यातायात बाधित हो गया है, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार, गोविंदघाट के पास पिनोला क्षेत्र में पहाड़ी से बड़े-बड़े पत्थर सड़क पर गिरने से बदरीनाथ हाईवे पूरी तरह बंद हो गया। मार्ग अवरुद्ध होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्री घंटों तक फंसे रहे। वहीं नीति-मलारी मार्ग भी स्योन-सालधर क्षेत्र के पास भूस्खलन के कारण बाधित हो गया है।

इन प्रमुख मार्गों के बंद होने से घाटी के कई गांवों का संपर्क तहसील मुख्यालय से अस्थायी रूप से कट गया है, जिससे स्थानीय जनजीवन प्रभावित हो गया है।

प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचकर जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने में जुटी हैं। हालांकि लगातार पत्थर गिरने के कारण मार्ग खोलने में दिक्कतें आ रही हैं। पुलिस के अनुसार स्थिति पर नजर रखी जा रही है और जल्द से जल्द मार्ग को सुचारू करने के प्रयास जारी हैं।

बताया जा रहा है कि प्रदेश में बीते दिनों से हो रही बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के चलते पहाड़ों में दरारें बढ़ गई हैं, जिससे भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।

बॉक्स ऑफिस पर ‘धुरंधर 2’ का जलवा, दो दिन में 200 करोड़ पार, ‘उस्ताद भगत सिंह’ की रफ्तार धीमी

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नई दिल्ली। धुरंधर 2 बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार प्रदर्शन कर रही है। फिल्म ने रिलीज के दूसरे दिन भी शानदार कमाई करते हुए 200 करोड़ क्लब में एंट्री मार ली है और कई बड़ी फिल्मों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।

दूसरे दिन भी जबरदस्त कमाई

रणवीर सिंह स्टारर इस फिल्म ने ओपनिंग डे पर 102.55 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था। वहीं दूसरे दिन फिल्म ने 80.72 करोड़ रुपये की कमाई की। इस तरह दो दिनों में फिल्म का कुल कलेक्शन 226.27 करोड़ रुपये पहुंच गया है। यह रणवीर सिंह के करियर की अब तक की सबसे बड़ी हिट मानी जा रही है।

वर्ल्डवाइड भी बनाई मजबूत पकड़

वर्ल्डवाइड कलेक्शन की बात करें तो फिल्म ने करीब 240 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है और कमाई के मामले में तीसरे स्थान पर पहुंच गई है। इसने राजा साहब के 208.38 करोड़ रुपये के लाइफटाइम कलेक्शन को भी पीछे छोड़ दिया है। अब फिल्म की नजर बॉर्डर 2 के रिकॉर्ड पर है।

‘पुष्पा 2’ और ‘जवान’ को छोड़ा पीछे

धुरंधर-2 ने दूसरे दिन के कलेक्शन के मामले में पुष्पा 2 और जवान को भी पीछे छोड़ दिया है। ‘पुष्पा 2’ के हिंदी वर्जन ने दूसरे दिन 56.9 करोड़ रुपये कमाए थे, जबकि ‘जवान’ का दूसरा दिन का कलेक्शन 46.23 करोड़ रुपये रहा था।

‘उस्ताद भगत सिंह’ की कमाई में गिरावट

वहीं, साथ रिलीज हुई उस्ताद भगत सिंह बॉक्स ऑफिस पर खास असर नहीं दिखा पाई। पवन कल्याण की इस फिल्म ने पहले दिन 34.75 करोड़ रुपये कमाए थे, लेकिन दूसरे दिन इसका कलेक्शन गिरकर 9.25 करोड़ रुपये रह गया। दो दिनों में फिल्म की कुल कमाई करीब 44 करोड़ रुपये पहुंची है।

आगे की कमाई पर नजर

वीकेंड से पहले ही ‘धुरंधर-2’ की जबरदस्त कमाई ने बॉक्स ऑफिस पर मजबूत पकड़ बना ली है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में यह फिल्म और कौन-कौन से रिकॉर्ड अपने नाम करती है।

चारधाम यात्रा 2026 : गंगोत्री धाम में गैर सनातनियों के प्रवेश पर रोक, ‘पंचगव्य’ से पहचान और घर वापसी…!

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देहरादून। उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा 2026 से पहले धार्मिक व्यवस्थाओं को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। गंगोत्री धाम में गैर सनातनियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी की जा रही है। इसके तहत श्री पांच गंगोत्री मंदिर समिति ने दर्शन से पहले ‘पंचगव्य’ ग्रहण को अनिवार्य करने का प्रस्ताव रखा है।

मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल के अनुसार, इस निर्णय के संवैधानिक और कानूनी पहलुओं की जांच के लिए एक समिति गठित की गई है, जिसमें विधि विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। यह समिति आगामी 10 दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्यवाही तय की जाएगी।

पंचगव्य ग्रहण से जुड़ा प्रवेश नियम

समिति के मुताबिक, गंगोत्री धाम में दर्शन से पहले पंचगव्य ग्रहण की व्यवस्था की जाएगी। जो व्यक्ति इसे स्वीकार करेगा, उसे सनातन परंपरा में आस्था रखने वाला माना जा सकता है। धार्मिक आधार पर इस व्यवस्था को लागू करने की बात कही जा रही है।

क्या है पंचगव्य?

पंचगव्य संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ गाय से प्राप्त पांच तत्वों—दूध, दही, घी, गोमूत्र और गोबर—का मिश्रण होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसे शुद्धिकरण और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है। वैदिक परंपराओं में पूजा-पाठ, यज्ञ और संस्कारों में इसका विशेष महत्व बताया गया है।

‘घर वापसी’ का भी जिक्र

मंदिर समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि जो व्यक्ति पंचगव्य का आचमन करता है और गौ माता को पूजनीय मानता है, उसे सनातन परंपरा में शामिल माना जा सकता है। उन्होंने इसे अन्य समुदायों के लिए ‘घर वापसी’ का अवसर भी बताया।

अन्य धामों में भी चर्चा

इसी बीच बदरी-केदार मंदिर समिति ने भी केदारनाथ धाम और बदरीनाथ धाम में गैर हिंदुओं के प्रवेश को लेकर एफिडेविट व्यवस्था लागू करने पर विचार किया है।

वहीं यमुनोत्री धाम की मंदिर समिति ने भी इस विषय पर सहमति जताई है। समिति के अनुसार 24 मार्च को चैत्र शुक्ल षष्ठी (मां यमुना अवतरण दिवस) के अवसर पर इस संबंध में अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।

प्रशासनिक और कानूनी पहलू अहम

धार्मिक संगठनों के इन प्रस्तावों को लेकर अब सभी की नजर कानूनी और संवैधानिक पहलुओं पर टिकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के निर्णयों को लागू करने से पहले विस्तृत कानूनी समीक्षा आवश्यक होगी।

UKSSSC की स्नातक स्तरीय परीक्षा की डेट घोषित, पेपर लीक के कारण रद्द की गई भर्ती परीक्षा

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उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) ने पेपर लीक प्रकरण के कारण रद्द की गई स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा की नई तिथि घोषित कर दी है। अब यह परीक्षा 17 मई 2026 को आयोजित की जाएगी।

आयोग के सचिव डॉ. शिव कुमार बरनवाल ने बताया कि 21 सितंबर 2025 को पटवारी, लेखपाल, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VDO) सहित अन्य स्नातक स्तरीय पदों के लिए लिखित परीक्षा कराई गई थी। एक परीक्षा केंद्र पर नकल का गंभीर मामला सामने आने के बाद आयोग ने परीक्षा को तत्काल निरस्त कर दिया था।

इसके अलावा, विभिन्न विभागों में विशेष तकनीकी अर्हता वाले 18 प्रकार के पदों की भर्ती परीक्षा 3 मई 2026 को होगी। इन पदों के लिए कुल 5872 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। यह परीक्षा टैब-आधारित (कंप्यूटर आधारित) होगी, जिससे नकल की संभावना को और कम किया जा सकेगा।

पेपर लीक मामले के बाद प्रदेश भर में युवाओं ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए थे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद प्रदर्शनरत छात्र-छात्राओं से मुलाकात की और नकल प्रकरण की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। आयोग ने छात्रों के हित में परीक्षा पुनः आयोजित करने का निर्णय लिया है ताकि पारदर्शी और निष्पक्ष चयन प्रक्रिया सुनिश्चित हो सके।

अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक वेबसाइट sssc.uk.gov.in पर नियमित अपडेट देखें और प्रवेश पत्र, परीक्षा केंद्र आदि की जानकारी समय पर प्राप्त करें।