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उत्तराखंड : सड़क हादसे में शिक्षक समेत दो की मौत, परिवारों में मचा कोहराम

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नानकमत्ता में मंगलवार देर रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे में चंपावत निवासी एक शिक्षक समेत दो लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। मृतक शिक्षक की पहचान संजय पांडे के रूप में हुई है, जो राजकीय इंटर कॉलेज बालातड़ी में तैनात थे।

जानकारी के अनुसार माडली, चंपावत निवासी 41 वर्षीय संजय पांडे अपने साथी शिक्षक चंद्रप्रकाश जोशी के साथ नई कार खरीदने के लिए हल्द्वानी गए थे। मंगलवार रात दोनों नई कार लेकर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान नानकमत्ता के पास सामने से आ रही तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर कार ने उनकी कार को जोरदार टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी भीषण थी कि शिक्षक संजय पांडे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके साथी शिक्षक चंद्रप्रकाश जोशी बाल-बाल बच गए। वहीं फॉर्च्यूनर में सवार लोगों के भी गंभीर रूप से घायल होने की सूचना है। हादसे में फॉर्च्यूनर सवार एक व्यक्ति की भी जान चली गई।

घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस और राहत टीम मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भिजवाया। दोनों मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए खटीमा भेज दिया गया है।

मृतक शिक्षक संजय पांडे अपने पीछे पत्नी, तीन बच्चों, माता-पिता और दादी सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। संजय पांडे शिक्षा के साथ-साथ भजन गायकी के लिए भी क्षेत्र में काफी लोकप्रिय थे। उनके असामयिक निधन से शिक्षा जगत और स्थानीय लोगों में गहरा शोक व्याप्त है।

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई, गुरुग्राम से MBBS छात्र हिरासत में

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गुरुग्राम। NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गुरुग्राम के फरुखनगर इलाके से एक एमबीबीएस छात्र को हिरासत में लिया है। आरोप है कि छात्र प्रश्नपत्र लीक करने वाले नेटवर्क का हिस्सा था और उसने पेपर को राजस्थान समेत अन्य क्षेत्रों में पहुंचाने में भूमिका निभाई।

सूत्रों के अनुसार हिरासत में लिया गया छात्र यश नाम का है, जो फरुखनगर के खुरमपुर गांव का निवासी बताया जा रहा है। राजस्थान एसओजी की टीम मंगलवार रात करीब 10 बजे गुरुग्राम पहुंची और छात्र के घर पर छापेमारी की। टीम ने पहले घर पर ही उससे लंबी पूछताछ की और बाद में उसे अपने साथ राजस्थान लेकर रवाना हो गई।

जांच एजेंसियों के मुताबिक यश उस गिरोह से जुड़ा हुआ था, जिसने महाराष्ट्र के नासिक से बाहर आए प्रश्नपत्र को विभिन्न राज्यों तक पहुंचाने का काम किया। बताया जा रहा है कि नासिक स्थित प्रिंटिंग प्रेस से पेपर की फिजिकल कॉपी बाहर निकाली गई थी, जिसके बाद उसे डिजिटल और प्रिंट माध्यम से कई राज्यों में सर्कुलेट किया गया।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि पहले गिरफ्तार किए गए आरोपितों से पूछताछ के दौरान यश का नाम सामने आया था। इसके बाद एसओजी टीम ने उसकी लोकेशन ट्रेस कर कार्रवाई की। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि गुरुग्राम और राजस्थान के कुछ इलाकों में पेपर सर्कुलेट करने में उसकी अहम भूमिका थी।

मामले की जांच कर रही एजेंसियां अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हैं। आशंका जताई जा रही है कि पेपर लीक रैकेट कई राज्यों में फैला हुआ है और इसमें शिक्षा माफिया के साथ कुछ तकनीकी जानकार लोग भी शामिल हो सकते हैं।

NEET-UG जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा के पेपर लीक होने से लाखों छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी है। वहीं इस मामले में लगातार हो रही गिरफ्तारियों के बाद जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हुई हैं।

अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव का निधन

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लखनऊ। समाजवादी पार्टी प्रमुख एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री Akhilesh Yadav के परिवार से बुधवार को बेहद दुखद खबर सामने आई। समाजवादी पार्टी के संस्थापक एवं पूर्व मुख्यमंत्री Mulayam Singh Yadav के छोटे बेटे Prateek Yadav का 38 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके असामयिक निधन से यादव परिवार, समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई है।

जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने पर प्रतीक यादव को लखनऊ के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सिविल अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवेश चंद्र पांडेय ने बताया कि प्रतीक यादव को सुबह करीब 5:55 बजे अस्पताल लाया गया था, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। अस्पताल प्रशासन ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

प्रतीक यादव का शव पोस्टमार्टम के लिए लखनऊ स्थित KGMU मुर्दाघर लाया गया। इस दौरान Akhilesh Yadav भी पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। परिवार के अन्य सदस्य और करीबी रिश्तेदार भी वहां मौजूद रहे।

हालांकि, अभी तक उनकी मौत के कारणों का आधिकारिक खुलासा नहीं हो सका है। प्रारंभिक जानकारी में जहरीले पदार्थ के सेवन की आशंका जताई जा रही है, लेकिन पुलिस और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा।

प्रतीक यादव राजनीति से दूर रहते थे और उन्होंने फिटनेस तथा बिजनेस सेक्टर में अपनी अलग पहचान बनाई थी। उन्होंने ब्रिटेन की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स से पढ़ाई की थी। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने राजनीति में सक्रिय भूमिका नहीं निभाई और निजी व्यवसाय पर ध्यान केंद्रित किया।

प्रतीक यादव की पत्नी Aparna Yadav भारतीय जनता पार्टी की नेता हैं और वर्तमान में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं। निधन की खबर मिलते ही उनकी मां अंबी बिष्ट सहित परिवार के करीबी लोग लखनऊ स्थित आवास पहुंचने लगे।

इस दुखद घटना पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने भी गहरा दुख व्यक्त किया है। वहीं समाजवादी पार्टी ने सोशल मीडिया पर शोक संदेश जारी करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

Akhilesh Yadav ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “श्री प्रतीक यादव जी का निधन अत्यंत दुखद। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे। विनम्र श्रद्धांजलि।”

प्रतीक यादव के निधन की खबर सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर फैल गई। विभिन्न दलों के नेताओं और समर्थकों ने यादव परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

पौड़ी में सतपाल महाराज की बैठक का कांग्रेस ने किया विरोध, गुलदार के आतंक और पंकज कुमार हत्याकांड पर चुप्पी को लेकर जताई नाराज़गी

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पौड़ी। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज की पौड़ी में आयोजित बैठक उस समय विवादों में घिर गई, जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैठक स्थल के बाहर जोरदार प्रदर्शन और नारेबाज़ी शुरू कर दी। कांग्रेस नेताओं ने क्षेत्रीय उपेक्षा, चौबट्टाखाल क्षेत्र में बढ़ते गुलदार आतंक तथा पंकज कुमार हत्याकांड मामले में मंत्री की कथित चुप्पी को लेकर नाराज़गी जताई।

प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप था कि चौबट्टाखाल क्षेत्र में गुलदार के लगातार बढ़ते हमलों से लोग दहशत में हैं और कई परिवार अपनों को खो चुके हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। इसके अलावा चर्चित पंकज कुमार हत्याकांड पर भी मंत्री की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आने से लोगों में आक्रोश है।

कांग्रेस प्रदेश सचिव कवींद्र इष्टवाल ने कहा कि सरकार जनता की समस्याओं के समाधान में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सतपाल महाराज अपने क्षेत्र में गुलदार के आतंक से लोगों को निजात दिलाने में नाकाम रहे हैं और पंकज कुमार हत्याकांड जैसे गंभीर मामले पर भी चुप्पी साधे हुए हैं।

इष्टवाल ने कहा कि जब क्षेत्र की जनता भय और असुरक्षा के माहौल में जी रही है, तब जनप्रतिनिधियों का मौन बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार को जवाब देना चाहिए कि आखिर जनता की सुरक्षा और न्याय के मुद्दों पर संवेदनशीलता क्यों नहीं दिखाई जा रही।

वहीं कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि बैठक में मीडिया को प्रवेश नहीं दिया गया, जबकि भाजपा कार्यकर्ता अंदर मौजूद रहे। इसे लेकर कांग्रेसियों ने पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि बैठक सरकारी थी तो मीडिया को बाहर क्यों रखा गया।

बैठक स्थल के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने काफी देर तक प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाज़ी की। घटना के बाद क्षेत्र में राजनीतिक माहौल गरमा गया है।

नए लेबर कोड में बड़ा बदलाव: 4 दिन काम, 3 दिन छुट्टी का विकल्प, ओवरटाइम पर मिलेगा दोगुना भुगतान

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नई दिल्ली, 12 मई। केंद्र सरकार द्वारा तैयार किए गए नए लेबर कोड्स को लेकर देशभर में चर्चा तेज हो गई है। नए नियमों के तहत कर्मचारियों को हफ्ते में 4 दिन काम और 3 दिन छुट्टी का विकल्प मिल सकता है। साथ ही ओवरटाइम करने पर दोगुना भुगतान और नौकरी छोड़ने पर जल्द फुल एंड फाइनल सेटलमेंट जैसी सुविधाएं भी प्रस्तावित की गई हैं।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था सभी कंपनियों पर अनिवार्य नहीं होगी। कंपनियां अपनी जरूरत और कर्मचारियों की सहमति के आधार पर 4 डे वर्किंग मॉडल अपना सकेंगी। हालांकि, कुल कार्य अवधि 48 घंटे प्रति सप्ताह ही रहेगी।

4 दिन काम तो रोज करना होगा 12 घंटे कार्य

नए नियमों के अनुसार यदि कोई कंपनी 4 दिन का वर्किंग वीक लागू करती है, तो कर्मचारियों को प्रतिदिन लगभग 12 घंटे तक काम करना पड़ सकता है। इसमें ब्रेक का समय भी शामिल रहेगा। वहीं 5 दिन काम करने वाले कर्मचारियों के लिए प्रतिदिन काम के घंटे कम रहेंगे।

ओवरटाइम पर मिलेगा डबल पैसा

लेबर कोड में ओवरटाइम नियमों को भी कर्मचारियों के पक्ष में मजबूत किया गया है। तय समय से अधिक काम कराने पर कंपनियों को कर्मचारियों को दोगुना भुगतान करना होगा। ओवरटाइम की गणना बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते (DA) के आधार पर की जाएगी।

नियमों के मुताबिक शिफ्ट समाप्त होने के बाद 15 से 30 मिनट तक अतिरिक्त काम करने पर आधे घंटे का ओवरटाइम माना जाएगा, जबकि 30 मिनट से अधिक काम करने पर पूरे एक घंटे का ओवरटाइम लागू होगा।

ओवरटाइम की सीमा भी तय

सरकार ने कर्मचारियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ओवरटाइम की अधिकतम सीमा भी निर्धारित की है। बिना ओवरटाइम के किसी कर्मचारी से सप्ताह में 48 घंटे से अधिक काम नहीं कराया जा सकेगा। वहीं ओवरटाइम सहित एक दिन में कुल कार्य अवधि 12 घंटे से अधिक नहीं होगी।

इसके अलावा तीन महीने की अवधि में अधिकतम 125 से 144 घंटे तक ही ओवरटाइम कराया जा सकेगा। यह सीमा अलग-अलग राज्यों के नियमों के अनुसार तय होगी।

नौकरी छोड़ने पर दो दिन में होगा भुगतान

नए लेबर कोड्स के तहत कर्मचारियों को एक और बड़ी राहत दी गई है। यदि कोई कर्मचारी नौकरी छोड़ता है, इस्तीफा देता है या कंपनी उसे हटाती है, तो कंपनी को दो कार्य दिवस के भीतर उसका फुल एंड फाइनल सेटलमेंट करना होगा। इसमें लंबित ओवरटाइम भुगतान भी शामिल रहेगा।

29 पुराने कानूनों की जगह आएंगे 4 नए कोड

केंद्र सरकार ने 29 पुराने श्रम कानूनों को मिलाकर 4 नए लेबर कोड तैयार किए हैं। इनमें वेतन, सामाजिक सुरक्षा, औद्योगिक संबंध और कार्यस्थल की स्थितियों से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। केंद्र सरकार इन कोड्स को मंजूरी दे चुकी है, हालांकि कई राज्यों में इनके नियम अभी तैयार किए जा रहे हैं।

सरकार का कहना है कि नए नियमों का उद्देश्य कर्मचारियों के अधिकारों को मजबूत करना, कार्यस्थल पर पारदर्शिता बढ़ाना और श्रमिकों के शोषण को रोकना है।

NEET UG 2026 परीक्षा रद्द, पेपर लीक मामले की जांच करेगी CBI

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नई दिल्ली। देशभर के लाखों छात्रों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने NEET UG 2026 परीक्षा को रद्द कर दिया है। बताया जा रहा है कि पेपर लीक मामले के सामने आने के बाद यह बड़ा फैसला लिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपने का निर्णय लिया है।

जानकारी के अनुसार, 3 मई को आयोजित हुई NEET UG 2026 परीक्षा के दौरान राजस्थान में पेपर लीक का मामला सामने आया था। इसके बाद परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होने लगे। लगातार बढ़ते विवाद और छात्रों के विरोध को देखते हुए NTA ने परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया।

सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियां पेपर लीक से जुड़े नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की पड़ताल करेंगी। CBI यह जांच करेगी कि प्रश्नपत्र कैसे लीक हुआ और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे।

इस फैसले के बाद लाखों अभ्यर्थियों में निराशा का माहौल है। छात्र अब नई परीक्षा तिथि की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि, NTA की ओर से अभी दोबारा परीक्षा कराने की तारीख को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

सरकार और NTA ने छात्रों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है और भरोसा दिलाया है कि निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

कमिश्नर दीपक रावत का औचक निरीक्षण, कार्यालयों में मिली खामियों पर अधिकारियों को फटकार

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नैनीताल। कुमाऊं कमिश्नर एवं मुख्यमंत्री सचिव Deepak Rawat ने मंगलवार को नैनीताल स्थित एसडीएम, तहसील और उप निबंधक कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई गंभीर प्रशासनिक खामियां सामने आने पर उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने लंबित राजस्व वादों और अभिलेखों के रखरखाव की समीक्षा की। धारा 229-बी से जुड़े कई मामले 15 से 20 वर्षों से लंबित पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई और एसडीएम को हर सप्ताह सुनवाई कर इन मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

संपत्ति बंटवारे से जुड़े धारा 176 के मामलों की समीक्षा में यह भी सामने आया कि एसडीएम के आदेश जारी होने के बावजूद संबंधित पटवारियों द्वारा आवश्यक कार्रवाई पूरी नहीं की गई। इस पर कमिश्नर ने लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के आदेश दिए।

राजस्व अनुभाग में अभिलेखों के रखरखाव और लंबित मामलों की जानकारी संतोषजनक न मिलने पर राजस्व अहलमद रोहित पालीवाल को भी फटकार लगाई गई। कमिश्नर ने संबंधित कर्मचारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। साथ ही राजस्व निरीक्षकों और उप निरीक्षकों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए उनकी सूची तैयार कर कार्रवाई करने को कहा।

कमिश्नर दीपक रावत ने एसडीएम और तहसीलदार को निर्देश दिए कि धारा 143 से जुड़े सभी लंबित मामलों का जल्द निस्तारण कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक लंबित प्रकरणों का समाधान नहीं हो जाता, तब तक अधिकारी नियमित समीक्षा करते रहें और अद्यतन रिपोर्ट उपलब्ध कराएं।

उप निबंधक कार्यालय के निरीक्षण में भी कई अनियमितताएं सामने आईं। रजिस्ट्री दस्तावेजों के रखरखाव में लापरवाही, रिसिविंग पंजिका का अभाव और रजिस्ट्री अभिलेखों का पूरा विवरण मौके पर उपलब्ध न होना पाया गया। इस पर कमिश्नर ने सब-रजिस्ट्रार से स्पष्टीकरण तलब करते हुए व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।

औचक निरीक्षण के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा रहा। कमिश्नर ने साफ कहा कि सरकारी कार्यों में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

फ्लोर टेस्ट से पहले AIADMK में बगावत, शणमुगम गुट ने विजय की TVK को दिया समर्थन

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नई दिल्ली/चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में फ्लोर टेस्ट से पहले बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला है। राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी AIADMK में अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है। पार्टी दो खेमों में बंटती नजर आ रही है और एक गुट ने अभिनेता-राजनेता Vijay की पार्टी TVK को समर्थन देने का एलान कर दिया है।

विधायक सीवी शणमुगम के नेतृत्व वाले गुट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि पार्टी के कई नेता और विधायक DMK के समर्थन से सरकार गठन के पक्ष में नहीं थे। उनका कहना है कि AIADMK की स्थापना ही DMK के विरोध के लिए हुई थी, इसलिए डीएमके के साथ किसी भी तरह का राजनीतिक समझौता पार्टी की मूल विचारधारा के खिलाफ है।

शणमुगम ने घोषणा की कि पूर्व मंत्री एस.पी. वेलुमणि विधानसभा में AIADMK विधायक दल के नेता होंगे, जबकि सी. विजयभास्कर को पार्टी का व्हिप नियुक्त किया गया है। इस संबंध में प्रोटेम स्पीकर को भी पत्र सौंपे जाने का दावा किया गया है।

उन्होंने कहा कि DMK के साथ गठबंधन से पार्टी की राजनीतिक पहचान कमजोर हो सकती है। इसी वजह से उनके गुट ने TVK को समर्थन देने का फैसला लिया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि भविष्य में AIADMK अकेले चुनाव लड़ने की रणनीति पर काम करेगी और संगठन को फिर से मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद से ही पार्टी के भीतर असंतोष की खबरें सामने आ रही थीं। लगातार चुनावी हार के बाद नेतृत्व को लेकर सवाल उठ रहे हैं। शणमुगम ने स्वीकार किया कि पार्टी को लगातार पराजय का सामना करना पड़ा है और अब सभी नेताओं को मिलकर हार के कारणों की समीक्षा करनी होगी।

फ्लोर टेस्ट से पहले सामने आई इस टूट ने तमिलनाडु की राजनीति को और दिलचस्प बना दिया है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सत्ता गठन की प्रक्रिया में यह बगावत कितना असर डालती है।

चारधाम यात्रा पर मौसम का असर, श्रद्धालुओं से सतर्क रहने की अपील

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देहरादून। प्रदेश में आगामी 12 और 13 मई को मौसम खराब रहने की संभावना के बीच प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। मौसम विभाग की ओर से पर्वतीय क्षेत्रों सहित कई हिस्सों में भारी वर्षा और प्रतिकूल मौसम को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने श्रद्धालुओं से यात्रा शुरू करने से पहले मौसम की ताजा जानकारी लेने और उसी के अनुरूप यात्रा कार्यक्रम तय करने को कहा है। उन्होंने कहा कि 12 और 13 मई के दौरान यात्रा करने वाले यात्री अतिरिक्त सावधानी बरतें तथा संभव हो तो मौसम सामान्य होने के बाद ही यात्रा करें।

आयुक्त ने कहा कि यात्रा मार्गों पर प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए है और सभी संबंधित विभागों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि यात्रा सुरक्षित और सुचारु रूप से संचालित हो सके।

उन्होंने भरोसा जताया कि श्रद्धालुओं के सहयोग और सतर्कता से चारधाम यात्रा सुरक्षित, व्यवस्थित और सफलतापूर्वक संपन्न होगी।

पश्चिम एशिया संकट पर सियासी संग्राम: मोदी की ‘बचत अपील’ पर राहुल गांधी का पलटवार

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नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और वैश्विक तेल संकट के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi की ओर से देशवासियों से ईंधन बचाने, वर्क-फ्रॉम-होम अपनाने और एक साल तक सोना खरीदने से बचने की अपील अब बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गई है। विपक्ष ने इसे सरकार की आर्थिक विफलता से जोड़ते हुए केंद्र पर तीखा हमला बोला है।

प्रधानमंत्री मोदी ने हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि पश्चिम एशिया के हालात का असर भारत की अर्थव्यवस्था, विदेशी मुद्रा भंडार और तेल आपूर्ति पर पड़ सकता है। उन्होंने लोगों से पेट्रोल-डीजल का कम इस्तेमाल करने, मेट्रो और कारपूलिंग को बढ़ावा देने, ऑनलाइन मीटिंग और वर्क-फ्रॉम-होम जैसी व्यवस्थाओं को फिर से अपनाने की अपील की।

साथ ही उन्होंने नागरिकों से एक साल तक गैर-जरूरी सोना खरीदने और विदेश यात्राओं से बचने का भी आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए विदेशी मुद्रा बचाना बेहद जरूरी है। उन्होंने इसे “राष्ट्रहित में जिम्मेदार जीवनशैली” बताया।

हालांकि, प्रधानमंत्री की इस अपील पर कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने तीखी प्रतिक्रिया दी। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि “मोदी जी ने जनता से त्याग मांगे — सोना मत खरीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, खाद और खाने का तेल कम करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो। ये उपदेश नहीं, नाकामी के सबूत हैं।”

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार अपनी जिम्मेदारियों से बचने के लिए आर्थिक बोझ जनता पर डाल रही है। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि यदि देश की आर्थिक स्थिति मजबूत है तो फिर लोगों से इस तरह की “किफायत मुहिम” चलाने की जरूरत क्यों पड़ रही है।

उधर, प्रधानमंत्री की अपील का असर शेयर बाजार में भी देखने को मिला। खासकर ज्वेलरी सेक्टर की कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। कई बड़ी ज्वेलरी कंपनियों के शेयर 10 प्रतिशत तक टूट गए।

सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई है। कुछ लोगों ने इसे संकट के समय जरूरी कदम बताया, जबकि कई यूजर्स ने इसे सरकार की आर्थिक नीतियों की विफलता करार दिया। रेडिट और अन्य प्लेटफॉर्म पर वर्क-फ्रॉम-होम की वापसी और संभावित महंगाई को लेकर चर्चाएं तेज हैं।