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उत्तराखंड ब्रेकिंग : फीताड़ी गांव में भीषण आग, कई लकड़ी के घर चपेट में आने की आशंका

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उत्तरकाशी। मोरी विकासखंड के दूरस्थ फीताड़ी गांव में देर रात अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग सबसे पहले दो लकड़ी के भवनों में लगी, जो देखते ही देखते आसपास के घरों तक फैलने लगी। गांव में अधिकांश मकान लकड़ी के बने होने और उनके बीच दूरी कम होने के कारण आग तेजी से फैल रही है, जिससे बड़े अग्निकांड का खतरा बना हुआ है।

सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग, पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें मौके के लिए रवाना हो गई हैं। बताया जा रहा है कि अब तक करीब 5 से 6 घर आग की चपेट में आ चुके हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी नुकसान की आशंका है।

ग्रामीण अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन संसाधनों की कमी और लकड़ी के घरों के कारण आग पर काबू पाना मुश्किल हो रहा है। तेज हवा और घनी बस्ती आग को और भड़काने का काम कर रही है।

तहसील मोरी के अंतर्गत आने वाले फीताड़ी गांव के ग्राम प्रधान ने बताया कि फिलहाल दो से तीन आवासीय भवनों में आग लगने की पुष्टि हुई है, हालांकि स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है।

प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने की तैयारी में हैं। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। फिलहाल पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल है और स्थानीय लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं।

उत्तराखंड : हिमस्खलन और खराब मौसम का अलर्ट, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह

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देहरादून। उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हिमस्खलन को लेकर रक्षा भू-भौतिकी अनुसंधान प्रतिष्ठान (DGRE) ने चेतावनी जारी की है। जारी बुलेटिन के अनुसार, राज्य के उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों में तीन हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों के लिए खतरे का स्तर-दो (मध्यम) निर्धारित किया गया है, जहां छोटे हिमस्खलन की संभावना बनी हुई है। वहीं, रुद्रप्रयाग और बागेश्वर जिलों में खतरे का स्तर-एक (कम) बताया गया है। डीजीआरई ने लोगों और पर्यटकों को सलाह दी है कि वे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचें और सतर्कता बरतें।

इसी बीच, मौसम विज्ञान केंद्र ने 23 मार्च के लिए उत्तरकाशी, चमोली, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण प्रदेश के मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। आगामी दिनों में 27 मार्च तक पूरे राज्य में मौसम अस्थिर बना रह सकता है।

रविवार को देहरादून का अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री कम होकर 27.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 12.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से दो डिग्री कम है। वहीं, पर्वतीय क्षेत्रों में तापमान में और अधिक गिरावट दर्ज की गई है, जिससे ठंड का असर बढ़ गया है।

शहीद हेमू कालाणी की 103वीं जयंती पर स्वतंत्रता आंदोलन यादगार समिति ने दी श्रद्धांजलि

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नई दिल्ली। सिंधी देशभक्त क्रांतिकारी और स्वतंत्रता सेनानी हेमू कालाणी की 103वीं जयंती के अवसर पर देशभर में उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। विभिन्न संगठनों और नागरिकों ने उनके बलिदान को याद करते हुए युवाओं से उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।

हेमू कालाणी का जन्म 23 मार्च 1923 को सिंध प्रांत (अब पाकिस्तान) के सुक्कुर में हुआ था। उनके पिता का नाम पेसूमल कालाणी और माता का नाम जेठी बाई था। प्रारंभिक शिक्षा सुक्कुर में ही प्राप्त करने के बाद वे स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ गए और स्वराज सेना के माध्यम से क्रांतिकारी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई।

भारत छोड़ो आंदोलन, जिसे अगस्त क्रांति के नाम से जाना जाता है, के दौरान महात्मा गांधी के “करो या मरो” के आह्वान से प्रेरित होकर हेमू कालाणी ने आंदोलन में भाग लिया। वर्ष 1942 में उन्होंने अपने साथियों के साथ ब्रिटिश सैनिकों और गोला-बारूद से भरी ट्रेन को पटरी से उतारने का प्रयास किया। इसी दौरान उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, जबकि उनके साथी बच निकलने में सफल रहे।

ब्रिटिश सरकार ने उन्हें फांसी की सजा सुनाई। सिंध के कई गणमान्य लोगों द्वारा दया याचिका दायर की गई, लेकिन शर्त रखी गई कि वे अपने साथियों की जानकारी दें। हेमू कालाणी ने यह शर्त ठुकरा दी और देश के प्रति अपनी निष्ठा बनाए रखी।

21 जनवरी 1943 को मात्र 19 वर्ष की आयु में उन्हें फांसी दे दी गई। बताया जाता है कि अंतिम समय में उन्होंने पुनः भारत में जन्म लेने की इच्छा जताई और “इंकलाब जिंदाबाद” तथा “भारत माता की जय” के नारों के साथ हंसते-हंसते फांसी को स्वीकार किया।

उनकी शहादत आज भी युवाओं को देशभक्ति और त्याग की प्रेरणा देती है। जयंती के अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि हेमू कालाणी का जीवन साहस, समर्पण और राष्ट्रप्रेम का अद्वितीय उदाहरण है।

NIA की बड़ी कार्रवाई, इस मामले में 9 ठिकानों पर छापामारी

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श्रीनगर। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सोमवार को कश्मीर घाटी में बड़ी कार्रवाई करते हुए लाल किला ब्लास्ट मामले से जुड़े संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की। अधिकारियों के अनुसार, एजेंसी की टीमों ने कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा क्षेत्र और कुलगाम जिले में कुल 9 स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया।

सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई आतंकी नेटवर्क की गतिविधियों और उससे जुड़े लोगों की पहचान करने के उद्देश्य से की गई। छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की गई, जिन्हें आगे की पड़ताल के लिए जब्त किया गया है।

एनआईए अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान क्षेत्र में सक्रिय आतंकी संगठनों और उनके सहयोगियों पर शिकंजा कसने की रणनीति का हिस्सा है। एजेंसी लगातार उन तत्वों की पहचान करने में जुटी है, जो आतंकवादी गतिविधियों को समर्थन या सहयोग प्रदान कर रहे हैं।

इस कार्रवाई को कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और आतंकी नेटवर्क को कमजोर करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। फिलहाल, मामले में आगे की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

मार्केट में गिरावट, सेंसेक्स 1700 पॉइंट धड़ाम, मिनटों में डूबे 12 लाख करोड़, जानिए इस मंदी के कारण

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पिछले कारोबारी सत्र में हल्की राहत के बाद उम्मीद थी कि बाजार संभलेगा, लेकिन सोमवार, 23 मार्च भारतीय शेयर बाजार के लिए भारी गिरावट लेकर आया। बाजार खुलते ही BSE Sensex करीब 1700 अंक यानी 2.25% से ज्यादा टूटकर 72,854 पर पहुंच गया, जबकि Nifty 50 532 अंक गिरकर 22,582 पर आ गया।

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा होर्मुज को लेकर दिए गए अल्टीमेटम और Iran की जवाबी चेतावनी ने वैश्विक तनाव बढ़ा दिया, जिसका सीधा असर बाजार पर पड़ा।

मिनटों में 12 लाख करोड़ रुपये साफ

बाजार खुलते ही निवेशकों को भारी झटका लगा। कुछ ही मिनटों में करीब 12 लाख करोड़ रुपये की दौलत खत्म हो गई। Bombay Stock Exchange (BSE) में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप 429 लाख करोड़ रुपये से घटकर 417 लाख करोड़ रुपये पर आ गया। यह गिरावट इतनी बड़ी है कि इसकी तुलना देश के वार्षिक रक्षा बजट से भी की जा सकती है।

इस नुकसान का असर सिर्फ बड़े निवेशकों पर ही नहीं, बल्कि उन लाखों छोटे निवेशकों पर भी पड़ा है, जिन्होंने SIP और म्यूचुअल फंड के जरिए बाजार में पैसा लगाया हुआ है।

छोटे निवेशकों पर सबसे ज्यादा मार

मुख्य सूचकांकों में 2% की गिरावट दिखती है, लेकिन असली झटका मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में लगा। BSE Midcap Index और BSE Smallcap Index दोनों में 3% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।

पिछले कुछ वर्षों में ज्यादा रिटर्न के लालच में बड़ी संख्या में रिटेल निवेशक इन सेगमेंट्स में आए थे, लेकिन गिरावट के समय यही शेयर सबसे ज्यादा टूटते हैं। बड़े संस्थागत निवेशकों के पास जोखिम प्रबंधन के बेहतर साधन होते हैं, जबकि छोटे निवेशकों के पास अक्सर इंतजार ही एकमात्र विकल्प बचता है।

वैश्विक बाजारों का दबाव

भारत ही नहीं, बल्कि एशिया के अन्य प्रमुख बाजार भी दबाव में रहे। Nikkei 225 और KOSPI जैसे बाजारों में भी भारी गिरावट देखने को मिली।

विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आ सकता है। इससे वैश्विक महंगाई बढ़ेगी और केंद्रीय बैंकों को सख्त मौद्रिक नीतियां अपनानी पड़ सकती हैं, जो शेयर बाजार के लिए नकारात्मक संकेत है।

पश्चिमी विक्षोभ का असर, उत्तराखंड में बारिश-बर्फबारी का अलर्ट

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देहरादून। उत्तराखंड में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम ने करवट ले ली है। बीते कुछ दिनों में राज्य के कई जिलों में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी देखने को मिली, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग ने आज भी प्रदेश के कई हिस्सों में वर्षा और हिमपात की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है।

मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून के अनुसार उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं भी चल सकती हैं। वहीं 3300 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने की संभावना है।

राज्य के अन्य पर्वतीय जिलों में भी कहीं-कहीं हल्की बारिश गरज और चमक के साथ हो सकती है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है। देहरादून में आज आसमान साफ से आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। कुछ स्थानों पर गरज वाले बादल बनने से हल्की बारिश हो सकती है। यहां अधिकतम तापमान लगभग 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

मौसम विभाग के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से कम से लेकर सामान्य के आसपास रहा, जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में यह सामान्य से काफी कम दर्ज किया गया। हालांकि अगले 3 से 4 दिनों में राज्य के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी की संभावना है।

मौसम की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। बारिश और बर्फबारी के दौरान ऊंचाई वाले इलाकों में भूस्खलन और सड़कों के बाधित होने का खतरा बना रहता है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है।

उत्तराखंड सरकार में नए मंत्रियों को मिली अहम जिम्मेदारी, इस मंत्री से हटाया बड़ा विभाग

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देहरादून। उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट विस्तार के बाद विभागों का बड़ा फेरबदल किया गया है। नए मंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपने के साथ ही पुराने मंत्रियों के विभागों में भी बदलाव कर सरकार ने प्रशासनिक संतुलन साधने की कोशिश की है।

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ताजा फेरबदल के तहत डॉ. धन सिंह रावत से स्वास्थ्य विभाग वापस लेकर यह जिम्मेदारी कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल को दी गई है। वहीं गणेश जोशी से ग्रामीण विकास विभाग हटाकर यह विभाग नए कैबिनेट मंत्री भारत चौधरी को सौंपा गया है।

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इसके अलावा सतपाल महाराज से पंचायती राज विभाग लेकर इसे नए मंत्री मदन कौशिक को दिया गया है। इस फेरबदल के जरिए सरकार ने नए चेहरों को महत्वपूर्ण विभाग देकर उन्हें प्रशासनिक तौर पर मजबूत भूमिका में लाने का संकेत दिया है।

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कैबिनेट विस्तार के बाद किया गया यह विभागीय पुनर्गठन आगामी योजनाओं और विकास कार्यों को गति देने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सरकार अनुभव और नए नेतृत्व के बीच संतुलन बनाकर कार्यकुशलता बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।

ऋषिकेश में अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव 2026 का समापन

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ऋषिकेश में अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव-2026 का भव्य समापन

राज्यपाल ने योग को जीवन का अभिन्न अंग बनाने पर दिया जोर

ऋषिकेश से विश्व को योग का संदेश, राज्यपाल ने जन-जन तक पहुँचाने का किया आह्वान

देहरादून/ऋषिकेश 22 मार्च।राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने ऋषिकेश में आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव-2026 के समापन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। पर्यटन विभाग और गढ़वाल मण्डल विकास निगम द्वारा आयोजित इस महोत्सव में एक सप्ताह तक देश- विदेश से आए 2500 से अधिक योग साधकों ने प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि यह केवल समापन समारोह नहीं, बल्कि एक नए संकल्प का श्रीगणेश है, जिसके माध्यम से योग का संदेश सम्पूर्ण मानवता तक पहुँचाया जाना है। उन्होंने कहा कि हिमालय की पावन गोद एवं माँ गंगा के तट पर स्थित ऋषिकेश विश्व में आध्यात्मिक चेतना और साधना का प्रमुख केंद्र है। यहाँ की पवित्र भूमि से योग का संदेश सम्पूर्ण विश्व में प्रसारित होता है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे उत्तराखण्ड, विशेषकर ऋषिकेश और हरिद्वार आकर योग एवं आध्यात्मिक अनुभूति से जुड़ें।

राज्यपाल ने कहा कि योग शरीर, मन और आत्मा की एकता का माध्यम है। यह केवल एक अभ्यास नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक विधा है। उन्होंने कहा कि यदि जीवन में आनंद, शांति और आध्यात्मिक संतुलन प्राप्त करना है, तो योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना आवश्यक है। उन्होंने कोविड-19 महामारी का उल्लेख करते हुए कहा कि वैश्विक संकट ने हमें स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का महत्वपूर्ण संदेश दिया है। योग और आयुर्वेद के माध्यम से हम अपने शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बना सकते हैं।

राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड की विशेष जिम्मेदारी है कि वह योग और आयुर्वेद के संदेश को वैश्विक स्तर पर प्रसारित करे। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से आह्वान किया कि वे “अमृत पीढ़ी” के रूप में योग को अपनाएँ और इसे जन-जन तक पहुँचाने में अग्रणी भूमिका निभाएँ। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में योग आज वैश्विक जन-आंदोलन बन चुका है, यह भारत की ‘सॉफ्ट पावर’ का प्रतीक है। आज विश्व योग को अपनी सांस्कृतिक सीमाओं से ऊपर उठकर अपना रहा है।

राज्यपाल ने इस भव्य आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस वर्ष का आयोजन विशेष रूप से युवाओं की ऊर्जा, समर्पण और उत्कृष्ट प्रबंधन का प्रतीक रहा है। उन्होंने आयोजन की सफलता के लिए सभी आयोजकों एवं स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त किया और कहा कि योग को केवल एक कार्यक्रम तक सीमित न रखकर इसे जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाया जाना चाहिए। समापन समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले योगाचार्यों को राज्यपाल ने सम्मानित किया। इस अवसर पर देव संस्कृति विश्वविद्यालय के बच्चों ने योगा के करतब भी दिखाए।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज, गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंदरजीत सिंह बिंद्रा, एवं स्वामी प्रेम बाबा, जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल श्रीमती नितिका खण्डेलवाल, एमडी जीएमवीएन प्रतीक जैन, एसएसपी टिहरी गढ़वाल आयुष अग्रवाल, नगरपालिका अध्यक्ष मुनिकीरेती नीलम बिजल्वाण एवं स्वामी आत्मस्वरूप आनंद, स्वामी भारत भूषण योगिनी उषा माता, स्वामी सुनील भगत सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

अब सिर्फ ‘प्रॉम्प्ट’ से बनेंगे पूरे ऐप: Google AI Studio में बड़ा अपडेट, मिनटों में तैयार होंगे इंटरैक्टिव और मल्टीप्लेयर ऐप

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टेक्नोलॉजी डेस्क। टेक दिग्गज Google ने अपने प्लेटफॉर्म Google AI Studio में बड़ा अपडेट पेश किया है। इस अपडेट के साथ कंपनी ने “फुल-स्टैक वाइब कोडिंग” एक्सपीरिएंस लॉन्च किया है, जिसका मकसद ऐप डेवलपमेंट को पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज बनाना है।

कंपनी के मुताबिक, अब यूजर्स केवल एक साधारण टेक्स्ट प्रॉम्प्ट लिखकर मिनटों में पूरा फंक्शनल एप्लिकेशन तैयार कर सकते हैं। यह नया सिस्टम Antigravity AI एजेंट से पावर्ड है, जो ऐप डेवलपमेंट की लगभग सभी प्रक्रियाओं को खुद संभाल सकता है—चाहे वह कोड लिखना हो, बैकएंड सेटअप करना हो या जरूरी सर्विसेज को इंटीग्रेट करना हो।

जटिल ऐप बनाना हुआ आसान

इस नए अपडेट के जरिए डेवलपर्स अब ज्यादा कॉम्प्लेक्स और एडवांस्ड एप्लिकेशन भी आसानी से बना सकेंगे। प्लेटफॉर्म रियल-टाइम मल्टीप्लेयर एक्सपीरिएंस, कोलैबोरेटिव टूल्स और इंटरैक्टिव ऐप्स को सपोर्ट करता है, जिससे एक साथ कई यूजर्स ऐप में जुड़कर काम कर सकते हैं।

ऑटोमैटिक बैकएंड सेटअप

AI Studio की खास बात यह है कि यह खुद पहचान सकता है कि ऐप को डेटाबेस या लॉगिन सिस्टम की जरूरत है या नहीं। इसके आधार पर यह Firebase की सेवाओं—जैसे Cloud Firestore और ऑथेंटिकेशन टूल्स—का उपयोग करके बैकएंड को अपने आप कॉन्फिगर कर देता है।

मॉडर्न फ्रेमवर्क का सपोर्ट

अपडेट में मॉडर्न वेब डेवलपमेंट फ्रेमवर्क्स के लिए भी सपोर्ट जोड़ा गया है। खास तौर पर Next.js जैसे लोकप्रिय फ्रेमवर्क के साथ ऐप बनाने का विकल्प दिया गया है। इसके अलावा, सिस्टम जरूरत के अनुसार एनीमेशन लाइब्रेरी, UI कंपोनेंट्स और अन्य टूल्स को ऑटोमैटिकली इंस्टॉल भी कर सकता है।

डेवलपर्स के लिए बड़ा बदलाव

टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह अपडेट डेवलपर्स के काम करने के तरीके को पूरी तरह बदल सकता है। अब कम कोडिंग ज्ञान रखने वाले यूजर्स भी आसानी से अपने आइडिया को ऐप के रूप में बदल सकेंगे।

Google AI Studio का यह नया फीचर ऐप डेवलपमेंट की दुनिया में बड़ा बदलाव ला सकता है, जहां भविष्य में “कोडिंग” की जगह “प्रॉम्प्ट लिखना” ज्यादा अहम भूमिका निभाएगा।

देहरादून नगर निगम सख्त: पालतू श्वान पॉलिसी 2025 लागू, बंदरों व आवारा पशुओं पर कार्रवाई  तेज 

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देहरादून। शहर में पशुओं से जुड़ी बढ़ती समस्याओं पर अंकुश लगाने के लिए नगर निगम देहरादून ने सख्त रुख अपना लिया है। निगम के पशु चिकित्सा अनुभाग को बंदरों, आवारा कुत्तों, पालतू पशुओं, डेयरी और मीट से संबंधित सभी शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए सक्रिय किया गया है।

नगर निगम के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. वरुण अग्रवाल ने बताया कि गजट नोटिफिकेशन के बाद 14 मार्च से पालतू श्वान पॉलिसी 2025 पूरी तरह लागू कर दी गई है। इसके तहत शहर में पालतू कुत्तों का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त चालान और नोटिस जारी किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि बिना लीश और मज़ल के कुत्तों को सार्वजनिक स्थानों पर घुमाने, गंदगी फैलाने और उसे साफ न करने जैसी शिकायतों पर निगम तत्काल कार्रवाई कर रहा है। ऐसे मामलों में शिकायत मिलते ही जुर्माना लगाया जा रहा है।

इधर, शहर में बंदरों की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए भी विशेष अभियान चलाया जा रहा है। नगर निगम ने कोटेशन प्रक्रिया के तहत बंदरों को पकड़ने का काम तेज कर दिया है। किद्दूवाला, टिहरी कॉलोनी, राजपुर, ब्राह्मणवाला, रेलवे स्टेशन और बंगाली कोठी क्षेत्रों से बंदरों को पकड़कर चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर भेजा जा चुका है।

नगर निगम का दावा है कि सीएम हेल्पलाइन और अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों का 24 घंटे के भीतर निस्तारण किया जा रहा है, जिससे आम जनता को राहत मिल रही है। नगर निगम की इस सख्त कार्यवाही से उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में देहरादून में पशुओं से जुड़ी