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हरिद्वार में किशोरी की संदिग्ध मौत से सनसनी, परिजनों ने लगाए गैंगरेप के गंभीर आरोप

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हरिद्वार : हरिद्वार में एक किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि किशोरी एक दिन पहले लापता हो गई थी, जिसे अगले दिन बरामद किया गया। तबीयत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल लाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने जिला अस्पताल में जमकर हंगामा किया। स्वजनों ने किशोरी के कुछ दोस्तों पर सामूहिक दुष्कर्म जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। मौके पर पहुंचे कांग्रेस समेत अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी घटना को गंभीर बताते हुए पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाए।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने डॉक्टरों के पैनल से शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई है ताकि जांच में पारदर्शिता बनी रहे। शुरुआती जांच में जहरीला पदार्थ सेवन करने की आशंका सामने आई है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

पुलिस ने किशोरी के संपर्क में रहे कुछ संदिग्ध युवकों से पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की गहन जांच जारी है।

‘रवांई : लोकसंस्कृति एवं पर्यटन’ पुस्तक का विमोचन, वक्ताओं ने बताया क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर का दस्तावेज

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बड़कोट। नगर पालिका परिषद बड़कोट में रविवार को शिक्षक एवं साहित्यकार ध्यान सिंह रावत “ध्यानी” द्वारा लिखित पुस्तक ‘रवांई की लोक संस्कृति एवं पर्यटन’ का भव्य लोकार्पण किया गया। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ की ओर से आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्र के शिक्षकों, साहित्य प्रेमियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और गणमान्य लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में अजीज प्रेम जी फाउंडेशन का विशेष सहयोग रहा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रसिद्ध साहित्यकार महावीर रवांल्टा ने पुस्तक को रवांई क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर का महत्वपूर्ण दस्तावेज बताते हुए कहा कि यह केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का स्रोत है। उन्होंने कहा कि लोक संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करने के लिए इस प्रकार के प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं।

पुस्तक की समीक्षा करते हुए खजान चौहान ने कहा कि पुस्तक में उन सभी विषयों को गंभीरता से शामिल किया गया है, जिन्हें सामने लाना समय की आवश्यकता थी। उन्होंने पुस्तक की विषयवस्तु को शोधपरक और उपयोगी बताते हुए कहा कि यह रवांई क्षेत्र की संस्कृति, समाज और पर्यटन को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण कृति है।

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कार्यक्रम में मौजूद जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य डॉ. सुबोध बिष्ट ने पुस्तक को युवाओं और शोधार्थियों के लिए उपयोगी बताते हुए कहा कि स्थानीय इतिहास और संस्कृति पर आधारित साहित्य नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करता है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए लोकसंस्कृति संरक्षण की आवश्यकता पर भी बल दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे नगर पालिका अध्यक्ष विनोद डोभाल ने कहा कि इस तरह की रचनात्मक पहल समाज को नई दिशा और सकारात्मक दृष्टिकोण प्रदान करती हैं। उन्होंने पुस्तक को क्षेत्रीय संस्कृति के संरक्षण और प्रचार-प्रसार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

पुस्तक के लेखक ध्यान सिंह रावत ‘ध्यानी’ ने अपने लेखन सफर के अनुभव साझा करते हुए बताया कि पुस्तक तैयार करने के लिए उन्होंने रवांई घाटी के लगभग पूरे क्षेत्र का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों से संवाद किया और अनेक संस्मरणों को पुस्तक में स्थान दिया। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य रवांई की संस्कृति, परंपराओं और पर्यटन स्थलों को व्यापक पहचान दिलाना है।

कार्यक्रम के दौरान यह भी चर्चा हुई कि पुस्तक को विद्यालयों में उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि छात्र-छात्राएं अपने क्षेत्र की संस्कृति और विरासत से परिचित हो सकें। लेखक ने पुस्तक को कम कीमत पर उपलब्ध कराने की बात भी कही।

पुस्तक में रवांई क्षेत्र के प्राकृतिक सौंदर्य, लोकजीवन और पर्यटन स्थलों का विस्तार से वर्णन किया गया है। इसमें सरनौल, मोरी, पुरोला, नौगांव, बड़कोट, हनोल, हरकीदून, रूपिन घाटी, दयारा बुग्याल, नचिकेता ताल और यमुनोत्री धाम सहित कई प्रसिद्ध और अल्पज्ञात स्थलों की जानकारी दी गई है। पुस्तक केवल पर्यटन स्थलों का परिचय नहीं कराती, बल्कि वहां के सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन को भी जीवंत रूप में प्रस्तुत करती है।

इसके अलावा पुस्तक में लोकपर्वों, पारंपरिक खान-पान, वेशभूषा, आभूषण, पशुपालन, वन संपदा और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों को संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ शामिल किया गया है। वक्ताओं ने कहा कि यह पुस्तक उत्तराखंड की लोकसंस्कृति को समझने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए संग्रहणीय और प्रेरणादायी साबित होगी।

पुस्तक के प्रकाशक हिमांतर प्रकाशन के शशि मोहन रवांल्टा ने कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य क्षेत्रीय रचनाकारों को एक मजबूत मंच उपलब्ध कराना है और हिमांतर प्रकाशन इसी दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि प्रकाशन संस्था लंबे समय से उत्तराखंड की लोक संस्कृति और साहित्य के संरक्षण के लिए समर्पित है।

क्षेत्रीय लोकसाहित्य और लोकसंस्कृति को बढ़ावा देने वाली पुस्तकों का प्रकाशन वर्तमान समय की बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने भविष्य में भी उत्तराखंड की संस्कृति और साहित्य से जुड़ी महत्वपूर्ण कृतियों को प्रकाशित करने का भरोसा दिलाया।

इस अवसर पर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनुपमा रावत, प्रहलाद रावत, सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक रुकम सिंह रावत, विजेंद्र विश्वकर्मा, प्रताप राणा, विनोद असवाल, चरण सिंह रावत, जनक सिंह राणा, संगीता रावत, यशवंत पंवार, जमुना रावत, प्रदीप चौहान, अनूज सिंह बनाली, जयवीर सिंह रावत, अवनीश शुक्ला, दिनेश कोठियाल, नवदीप, कनिका, अर्चना, अरिंदम, आदर्श, राजेश अग्रवाल, अर्जुन सिंह रावत, उत्तराखंड की प्रथम महिला ई-रिक्शा चालक तथा अतुल सिंह भंडारी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, साहित्य प्रेमी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

उत्तराखंड: श्रीनगर में दर्दनाक सड़क हादसा, ईको वाहन दुर्घटनाग्रस्त, महिला की मौत

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श्रीनगर। उत्तराखंड के श्रीनगर क्षेत्र में रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। देहलचौरी क्षेत्र के भेटी के पास एक ईको वाहन अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के समय वाहन में कुल पांच लोग सवार थे। दुर्घटना में एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, ईको वाहन भेटी से श्रीनगर की ओर आ रहा था। इसी दौरान रास्ते में वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। फिलहाल दुर्घटना के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुटे हुए हैं।

नोट: यह खबर लगातार अपडेट की जा रही है। जैसे-जैसे नई जानकारी सामने आएगी, समाचार को अपडेट किया जाएगा।

शिक्षा में पिछड़ रहा उत्तराखंड, सीखने के प्रतिफल में देश में 29वें स्थान पर पहुंचा राज्य

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देहरादून। उत्तराखंड की स्कूली शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट ने गंभीर चिंता बढ़ा दी है। परफारमेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI) में सीखने के प्रतिफल (लर्निंग आउटकम) श्रेणी में राज्य का प्रदर्शन बेहद कमजोर दर्ज किया गया है। उत्तराखंड को इस श्रेणी में मात्र 67.4 अंक मिले हैं, जिसके साथ वह देश में 29वें स्थान पर पहुंच गया है।

रिपोर्ट के अनुसार शिक्षा की गुणवत्ता और छात्रों की सीखने की क्षमता के मामले में उत्तराखंड कई राज्यों से पीछे रह गया है। चिंताजनक बात यह है कि बिहार, झारखंड और मणिपुर जैसे राज्यों का प्रदर्शन भी उत्तराखंड से बेहतर रहा। बिहार को 81.9, झारखंड को 69.3 और मणिपुर को 89.7 अंक प्राप्त हुए हैं।

वहीं पड़ोसी पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश ने शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करते हुए देश के शीर्ष राज्यों में जगह बनाई है। विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तराखंड में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी, संसाधनों का अभाव और लगातार गिरता शैक्षणिक स्तर इसके प्रमुख कारण हैं।

शिक्षाविदों का कहना है कि यदि समय रहते शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार नहीं किए गए तो इसका सीधा असर राज्य के भविष्य और विकास पर पड़ेगा। खासकर पर्वतीय क्षेत्रों के स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं, डिजिटल शिक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय का परफारमेंस ग्रेडिंग इंडेक्स राज्यों की स्कूली शिक्षा व्यवस्था का मूल्यांकन विभिन्न मानकों पर करता है, जिसमें सीखने के प्रतिफल, बुनियादी ढांचा, शिक्षक प्रशिक्षण और प्रशासनिक व्यवस्था जैसे पहलुओं को शामिल किया जाता है।

डीएमके-एआईएडीएमके युग का अंत, TVK प्रमुख विजय ने ली शपथ

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चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में रविवार, 10 मई 2026 का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) के अध्यक्ष सी. जोसेफ विजय ने राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर डीएमके और एआईएडीएमके के लगभग छह दशक पुराने राजनीतिक वर्चस्व को समाप्त कर दिया।

चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में सुबह 10 बजे आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल ने विजय को मुख्यमंत्री पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। उनके साथ नौ अन्य मंत्रियों ने भी शपथ ग्रहण की, जिनमें टीवीके के कई वरिष्ठ नेता शामिल हैं।

विजय गठबंधन सरकार का नेतृत्व करेंगे, जिसमें कांग्रेस सहयोगी दल के रूप में शामिल है। शपथ ग्रहण से पहले राज्य में सरकार गठन को लेकर राजनीतिक अनिश्चितता बनी हुई थी। हालांकि शनिवार शाम वीसीके और आईयूएमएल द्वारा समर्थन देने के बाद टीवीके गठबंधन का आंकड़ा 120 विधायकों तक पहुंच गया, जिससे सरकार गठन का रास्ता साफ हो गया।

राज्यपाल ने मुख्यमंत्री विजय को निर्देश दिया है कि वे 13 मई या उससे पहले विधानसभा में विश्वास मत हासिल करें। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह बदलाव तमिलनाडु की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत माना जा रहा है, जहां लंबे समय बाद किसी तीसरे राजनीतिक विकल्प को सत्ता मिली है।

तमिलनाडु में सरकार गठन पर सस्पेंस खत्म, IUML समर्थन के बाद विजय के पास बहुमत

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चेन्नई। तमिलनाडु में नई सरकार के गठन को लेकर जारी सियासी उठापटक के बीच अभिनेता से नेता बने विजय की राह अब लगभग साफ होती नजर आ रही है। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के दो विधायकों के समर्थन के बाद टीवीके गठबंधन का आंकड़ा 120 तक पहुंच गया है, जो बहुमत के लिए जरूरी 118 सीटों से अधिक है। इसके साथ ही विजय के मुख्यमंत्री बनने की संभावनाएं तेज हो गई हैं।

तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) ने हालिया विधानसभा चुनाव में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के बाद सरकार गठन के लिए समर्थन जुटाने की कवायद शुरू की थी। कांग्रेस, भाकपा, माकपा और वीसीके जैसे दलों ने पहले ही टीवीके को समर्थन देने के संकेत दिए थे। वहीं वीसीके नेता थोल थिरुमावलवन की ओर से भी समर्थन का औपचारिक एलान किए जाने के बाद समीकरण पूरी तरह विजय के पक्ष में जाते दिखे।

इस बीच सरकार गठन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज रहीं। कांग्रेस ने संभावित टूट-फूट की आशंका के बीच अपने विधायकों को हैदराबाद भेज दिया। पार्टी सूत्रों के अनुसार, मेलूर विधायक पी. विश्वनाथन इन विधायकों के साथ मौजूद हैं। माना जा रहा है कि सरकार बनने की स्थिति में उन्हें मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है।

दूसरी ओर, एएमएमके महासचिव टीटीवी दिनाकरण ने टीवीके पर उनके विधायक के समर्थन का फर्जी पत्र इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। गुइंडी पुलिस थाने में दर्ज शिकायत में कहा गया है कि टीवीके ने बहुमत साबित करने के लिए गलत दस्तावेज पेश किए। हालांकि टीवीके ने इन आरोपों को खारिज करते हुए एक वीडियो जारी किया, जिसमें विधायक एस. कामराज कथित समर्थन पत्र पर हस्ताक्षर करते दिखाई दे रहे हैं।

राज्यपाल की ओर से सरकार गठन के लिए निमंत्रण में हो रही देरी को लेकर भी विपक्षी दलों ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि राजभवन जानबूझकर फैसला टाल रहा है। चेन्नई, मदुरै और कोयंबटूर समेत कई जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन भी किया।

उधर, डीएमके नेता टीकेएस एलंगोवन ने कहा कि विजय को सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते शुरुआत में अकेले सरकार बनाने का दावा पेश करना चाहिए था। उनके अनुसार, गठबंधन के साथ दावा पेश करने की वजह से राज्यपाल पूर्ण बहुमत का इंतजार कर रहे थे।

अब बहुमत का आंकड़ा पार होने के बाद माना जा रहा है कि जल्द ही राजभवन की ओर से विजय को सरकार गठन का न्योता दिया जा सकता है। तमिलनाडु की राजनीति में यह घटनाक्रम एक बड़े बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

उत्तराखंड: तीन बहनों की दिल को झकझोरने वाली कहानी, एक साल में उजड़ा पूरा परिवार, दादी की भी जिम्मेदारी

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गोपेश्वर। पहाड़ के छोटे से गांव में बना वह घर अब दर्द की ऐसी कहानी बन चुका है, जिसे सुनकर हर आंख नम हो जाती है। एक साल के भीतर पिता, चाचा, दादा और फिर मां को खो चुकी तीन नाबालिग बहनें आज जिंदगी के सबसे कठिन मोड़ पर खड़ी हैं। घर में अब सिर्फ लकवाग्रस्त दादी बची हैं, जिनके कांपते हाथ और भीगी आंखें ही बच्चियों का आखिरी सहारा हैं।

बनाला गांव में रहने वाली 15 वर्षीय नीमा, 13 वर्षीय सोनाक्षी और 10 वर्षीय सुहानी की जिंदगी पिछले एक साल में पूरी तरह बदल गई। कभी इस घर में पिता भवान सिंह नेगी की मेहनत और मां बीना देवी की ममता से खुशियां बसी थीं। खेतों में काम कर परिवार चलाने वाले भवान सिंह अपनी बेटियों को पढ़ाकर बड़ा सपना पूरा करना चाहते थे, लेकिन अचानक हुई उनकी मौत ने परिवार को तोड़ दिया।

पिता के जाने के बाद चाचा महेंद्र सिंह नेगी ने बच्चियों की जिम्मेदारी संभाली, मगर कुछ ही महीनों बाद उन्होंने भी दुनिया छोड़ दी। दुखों का सिलसिला यहीं नहीं रुका। पोतियों के सिर पर हाथ रखकर उन्हें संभालने वाले बुजुर्ग दादा रणजीत सिंह नेगी भी एक माह पहले चल बसे।

इसके बाद मां बीना देवी मजदूरी कर किसी तरह बेटियों का पालन-पोषण कर रही थीं। दिनभर मेहनत और रातभर चिंता ने शायद उनके शरीर को भीतर से तोड़ दिया था। पंद्रह दिन पहले उन्होंने भी अंतिम सांस ले ली।

अब घर में सिर्फ 60 वर्षीय दादी गोदांबरी देवी बची हैं, जो पिछले तीन वर्षों से लकवे से पीड़ित होकर बिस्तर पर हैं। वह ठीक से बोल भी नहीं पातीं, लेकिन उनकी आंखों का दर्द सब कुछ कह देता है।

सबसे बड़ी बेटी नीमा अब मां की तरह घर संभाल रही है। छोटी बहनों को स्कूल भेजना, दादी की सेवा करना और घर के काम करना उसकी दिनचर्या बन गई है। सोनाक्षी चुपचाप मां की पुरानी तस्वीर को देखती रहती है, जबकि सबसे छोटी सुहानी आज भी दरवाजे की ओर उम्मीद भरी नजरों से देखती है, जैसे मां कहीं से लौट आएंगी।

तीनों बहनें राजकीय इंटर कॉलेज थिरपाक में पढ़ाई कर रही हैं। गांव के लोग अपनी ओर से मदद कर रहे हैं, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि यह सहारा स्थायी नहीं है। बच्चियों को सरकारी संरक्षण, आर्थिक सहायता और सुरक्षित भविष्य की जरूरत है।

 

ईमेल में QR कोड बन रहे साइबर ठगी का नया हथियार, जारी की चेतावनी

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टेक्नोलॉजी डेस्क। साइबर अपराधियों ने अब लोगों का डेटा और लॉगिन जानकारी चुराने के लिए QR कोड को नया हथियार बना लिया है। Microsoft के साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञों ने हाल ही में तेजी से बढ़ रहे एक खतरनाक स्कैम को लेकर अलर्ट जारी किया है। कंपनी के मुताबिक, हैकर्स फर्जी ईमेल, PDF फाइल और नकली CAPTCHA पेज के जरिए लोगों को झांसे में लेकर उनकी संवेदनशील जानकारी चुरा रहे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, ये ईमेल बेहद प्रोफेशनल दिखते हैं और इनमें अकाउंट ब्लॉक होने, कंप्लायंस समस्या या जरूरी वेरिफिकेशन जैसे बहाने बनाकर यूजर्स पर तुरंत कार्रवाई का दबाव डाला जाता है। ईमेल में दिए गए QR कोड को स्कैन करते ही यूजर नकली लॉगिन पेज पर पहुंच जाता है, जहां दर्ज की गई जानकारी सीधे साइबर ठगों तक पहुंच जाती है।

तेजी से बढ़ रहे QR कोड फिशिंग अटैक

साइबर अपराधियों द्वारा अपनाया जा रहा “QR कोड फिशिंग” तरीका अब सबसे आम ऑनलाइन ठगी में शामिल हो गया है। पहले जहां फर्जी लिंक भेजे जाते थे, वहीं अब QR कोड के जरिए लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, क्योंकि अधिकांश लोग इन्हें सुरक्षित मान लेते हैं।

ये QR कोड अक्सर ऐसे ईमेल में भेजे जाते हैं जो देखने में HR विभाग, IT सपोर्ट या कंपनी मैनेजमेंट की ओर से आए प्रतीत होते हैं। स्कैन करने के बाद यूजर कई वेब पेजों से गुजरता हुआ अंत में फर्जी लॉगिन स्क्रीन तक पहुंचता है, जहां उसका यूजरनेम, पासवर्ड और सेशन टोकन तक चोरी किए जा सकते हैं। कई मामलों में हमलावर टू-स्टेप वेरिफिकेशन होने के बावजूद अकाउंट तक पहुंच बनाने में सफल रहे हैं।

माइक्रोसॉफ्ट के शोधकर्ताओं के मुताबिक, दुनिया भर की करीब 13 हजार कंपनियों के 35 हजार से अधिक यूजर्स इस तरह के हमलों का शिकार बन चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि डर और जल्दबाजी पैदा करना ही इस स्कैम की सबसे बड़ी चाल है, जिससे लोग बिना जांच-पड़ताल किए तुरंत कार्रवाई कर बैठते हैं।

ऐसे करें खुद का बचाव

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। किसी अनजान ईमेल या मैसेज में मिले QR कोड को स्कैन करने से बचें। किसी भी लिंक या लॉगिन प्रक्रिया से पहले भेजने वाले की पहचान जरूर सत्यापित करें। ऐसे ईमेल पर तुरंत भरोसा न करें जो अत्यधिक दबाव या डर पैदा करने की कोशिश करते हों।

इसके अलावा मोबाइल और कंप्यूटर की सुरक्षा सेटिंग्स को हमेशा अपडेट रखें और सिक्योरिटी फीचर्स सक्रिय रखें।

गलती से स्कैन हो जाए संदिग्ध QR कोड तो क्या करें?

यदि किसी संदिग्ध QR कोड को स्कैन कर लिया है तो सबसे पहले इंटरनेट कनेक्शन बंद कर दें। इसके बाद संबंधित अकाउंट का पासवर्ड तुरंत बदलें और अन्य महत्वपूर्ण अकाउंट्स के पासवर्ड भी अपडेट करें। टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन सक्रिय करें और बैंकिंग व सोशल मीडिया अकाउंट्स की गतिविधियों पर नजर रखें। जरूरत पड़ने पर फोन को फैक्टरी रीसेट करना भी सुरक्षित विकल्प हो सकता है।

पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार, शुभेंदु अधिकारी बने मुख्यमंत्री

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Suvendu Adhikari ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर राज्य की राजनीति में नया इतिहास रच दिया। आजादी के बाद पहली बार राज्य में Bharatiya Janata Party की सरकार बनी है।
कोलकाता के Brigade Parade Ground में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री Narendra Modi, केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। समारोह में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक भी शामिल हुए।

शपथ ग्रहण के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास पहुंचकर उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान मंच पर मौजूद नेताओं ने उनका स्वागत किया।

मुख्यमंत्री के साथ भाजपा के वरिष्ठ नेता Dilip Ghosh समेत चार अन्य विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। हालांकि मंत्रियों के विभागों का बंटवारा अभी नहीं किया गया है।

राजनीतिक जानकारों के अनुसार पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनना राष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से बड़ा बदलाव माना जा रहा है। लंबे समय तक क्षेत्रीय दलों के प्रभाव वाले राज्य में भाजपा की यह जीत पार्टी के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है।

श्री केदारनाथ धाम में मुख्यमंत्री ने किया आधुनिक अस्पताल का लोकार्पण

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श्री केदारनाथ धाम में आधुनिक अस्पताल की सौगात, मुख्यमंत्री धामी ने किया बीपीसीएल अस्पताल का उद्घाटन

• श्री केदारनाथ मंदिर में किये दर्शन बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने मुख्यमंत्री का स्वागत कर बाबा केदारनाथ का प्रसाद भेंट किया।
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार 8 मई को श्री केदारनाथ धाम में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड ( बीपीसीएल) द्वारा स्थापित आधुनिक अस्पताल का लोकार्पण किया। इस अस्पताल का संचालन स्वामी विवेकानन्द हेल्थ मिशन सोसाइटी द्वारा किया जा रहा है। कार्यक्रम देर शाम तक चला।
लोकार्पण के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि ऊंचाई वाले कठिन हिमालयी क्षेत्र में अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से युक्त अस्पताल शुरू होने से न केवल यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि स्थानीय लोगों को भी बेहतर उपचार की सुविधा प्राप्त होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है। विभिन्न स्थानों पर चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ, स्वास्थ्य जांच केंद्र, ऑक्सीजन सुविधा और आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और सुगम बनी रहे।

श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने स्वामी विवेकानंद हैल्थ मिशन संचालित अस्पताल के उदघाटन कार्यक्रम में शामिल होने के बाद बताया कि इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बाबा केदारनाथ के दर्शन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना की। बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने मुख्यमंत्री को बाबा केदारनाथ का प्रसाद, रुद्राक्ष माला और विभूति भेंट की। कहा कि केदारनाथ धाम में आधुनिक अस्पताल संचालित होने से तीर्थयात्रियों सहित स्थानीय जन-मानस को लाभ होगा तथा यथाशीघ्र उपचार मिलेगा

इस अवसर पर केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल, संजय खन्ना, डॉ. कृष्ण गोपाल, सुरेश सोनी, दिनेश चंद्र, पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार समिति अध्यक्ष कर्नल अजय कोठियाल, बीकेटीसी उपाध्यक्ष विजय कप्रवान, केदार सभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी, पंकज शुक्ला, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, एसपी निहारिका तोमर, प्रभारी अधिकारी राजन नैथानी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।