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चारधाम यात्रा 2026 : गंगोत्री धाम में गैर सनातनियों के प्रवेश पर रोक, ‘पंचगव्य’ से पहचान और घर वापसी…!

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देहरादून। उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा 2026 से पहले धार्मिक व्यवस्थाओं को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। गंगोत्री धाम में गैर सनातनियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी की जा रही है। इसके तहत श्री पांच गंगोत्री मंदिर समिति ने दर्शन से पहले ‘पंचगव्य’ ग्रहण को अनिवार्य करने का प्रस्ताव रखा है।

मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल के अनुसार, इस निर्णय के संवैधानिक और कानूनी पहलुओं की जांच के लिए एक समिति गठित की गई है, जिसमें विधि विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। यह समिति आगामी 10 दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्यवाही तय की जाएगी।

पंचगव्य ग्रहण से जुड़ा प्रवेश नियम

समिति के मुताबिक, गंगोत्री धाम में दर्शन से पहले पंचगव्य ग्रहण की व्यवस्था की जाएगी। जो व्यक्ति इसे स्वीकार करेगा, उसे सनातन परंपरा में आस्था रखने वाला माना जा सकता है। धार्मिक आधार पर इस व्यवस्था को लागू करने की बात कही जा रही है।

क्या है पंचगव्य?

पंचगव्य संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ गाय से प्राप्त पांच तत्वों—दूध, दही, घी, गोमूत्र और गोबर—का मिश्रण होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसे शुद्धिकरण और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है। वैदिक परंपराओं में पूजा-पाठ, यज्ञ और संस्कारों में इसका विशेष महत्व बताया गया है।

‘घर वापसी’ का भी जिक्र

मंदिर समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि जो व्यक्ति पंचगव्य का आचमन करता है और गौ माता को पूजनीय मानता है, उसे सनातन परंपरा में शामिल माना जा सकता है। उन्होंने इसे अन्य समुदायों के लिए ‘घर वापसी’ का अवसर भी बताया।

अन्य धामों में भी चर्चा

इसी बीच बदरी-केदार मंदिर समिति ने भी केदारनाथ धाम और बदरीनाथ धाम में गैर हिंदुओं के प्रवेश को लेकर एफिडेविट व्यवस्था लागू करने पर विचार किया है।

वहीं यमुनोत्री धाम की मंदिर समिति ने भी इस विषय पर सहमति जताई है। समिति के अनुसार 24 मार्च को चैत्र शुक्ल षष्ठी (मां यमुना अवतरण दिवस) के अवसर पर इस संबंध में अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।

प्रशासनिक और कानूनी पहलू अहम

धार्मिक संगठनों के इन प्रस्तावों को लेकर अब सभी की नजर कानूनी और संवैधानिक पहलुओं पर टिकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के निर्णयों को लागू करने से पहले विस्तृत कानूनी समीक्षा आवश्यक होगी।

UKSSSC की स्नातक स्तरीय परीक्षा की डेट घोषित, पेपर लीक के कारण रद्द की गई भर्ती परीक्षा

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उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) ने पेपर लीक प्रकरण के कारण रद्द की गई स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा की नई तिथि घोषित कर दी है। अब यह परीक्षा 17 मई 2026 को आयोजित की जाएगी।

आयोग के सचिव डॉ. शिव कुमार बरनवाल ने बताया कि 21 सितंबर 2025 को पटवारी, लेखपाल, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VDO) सहित अन्य स्नातक स्तरीय पदों के लिए लिखित परीक्षा कराई गई थी। एक परीक्षा केंद्र पर नकल का गंभीर मामला सामने आने के बाद आयोग ने परीक्षा को तत्काल निरस्त कर दिया था।

इसके अलावा, विभिन्न विभागों में विशेष तकनीकी अर्हता वाले 18 प्रकार के पदों की भर्ती परीक्षा 3 मई 2026 को होगी। इन पदों के लिए कुल 5872 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। यह परीक्षा टैब-आधारित (कंप्यूटर आधारित) होगी, जिससे नकल की संभावना को और कम किया जा सकेगा।

पेपर लीक मामले के बाद प्रदेश भर में युवाओं ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए थे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद प्रदर्शनरत छात्र-छात्राओं से मुलाकात की और नकल प्रकरण की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। आयोग ने छात्रों के हित में परीक्षा पुनः आयोजित करने का निर्णय लिया है ताकि पारदर्शी और निष्पक्ष चयन प्रक्रिया सुनिश्चित हो सके।

अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक वेबसाइट sssc.uk.gov.in पर नियमित अपडेट देखें और प्रवेश पत्र, परीक्षा केंद्र आदि की जानकारी समय पर प्राप्त करें।

प्रेमानंद जी महाराज से मिलीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, नीम करोली मंदिर पहुंचीं, कैंसर हॉस्पिटल का उद्घाटन

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मथुरा। द्रौपदी मुर्मू अपने तीन दिवसीय धार्मिक दौरे के तहत शुक्रवार को वृंदावन पहुंचीं, जहां उन्होंने विभिन्न मंदिरों और आश्रमों में दर्शन-पूजन किया और संतों से आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने सामाजिक कार्यों से जुड़े कार्यक्रमों में भी भाग लिया।

दौरे के दूसरे दिन राष्ट्रपति सुबह वृंदावन स्थित श्रीराधा हित केली कुंज आश्रम पहुंचीं, जहां उन्होंने संत प्रेमानंद जी महाराज से मुलाकात की। यहां उन्होंने करीब 35 मिनट तक प्रवचन सुना और एकांत वार्ता में भी शामिल रहीं।

इसके बाद राष्ट्रपति नीम करोली आश्रम और उड़िया बाबा मंदिर पहुंचीं, जहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण और बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह भी उनके साथ मौजूद रहे।

राष्ट्रपति ने वृंदावन स्थित रामकृष्ण मिशन सेवा संस्थान परिसर में बने 70 बेड के कैंसर यूनिट अस्पताल का उद्घाटन भी किया। इस पहल को क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

इससे पहले गुरुवार को वृंदावन पहुंचने पर राष्ट्रपति का भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने इस्कॉन मंदिर और श्रीकृष्ण-बलराम मंदिर में राधा-कृष्ण के दर्शन किए और आरती में भाग लिया। इसके बाद प्रेम मंदिर में भी पूजा-अर्चना की, जहां वह करीब 25 मिनट तक रुकीं। शाम को राष्ट्रपति का काफिला वात्सल्य ग्राम आश्रम पहुंचेगा, जहां वह साध्वी ऋतंभरा से मुलाकात करेंगी और रात्रि विश्राम भी वहीं करेंगी।

भारत में प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में 2 रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी

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भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की खबरें तेज हो गई हैं, खासकर प्रीमियम पेट्रोल ब्रांडों पर। तेल कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) की रिपोर्ट के अनुसार, स्पीड (BPCL), पावर (HPCL), और XP95 (IOCL) जैसे प्रीमियम पेट्रोल ब्रांडों की कीमतों में 2.09 प्रति लीटर का इजाफा किया गया है। यह बढ़ोतरी 20 मार्च 2026 से प्रभावी हो गई है और विभिन्न शहरों, विशेष रूप से पुणे में लागू की गई है।

ये है मुख्य कारण

यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से मिडिल ईस्ट (ईरान-इजरायल तनाव) में बढ़ते भू-राजनीतिक संघर्ष के कारण हुई है, जिससे वैश्विक क्रूड ऑयल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। ब्रेंट क्रूड $100 प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, और कुछ रिपोर्टों में $103 तक का उल्लेख है। इससे सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिसका असर प्रीमियम फ्यूल पर पड़ा है।

क्या बदला?

  • प्रीमियम पेट्रोल (Speed, Power, XP95): 2.09/लीटर बढ़ोतरी के बाद अब लगभग 113.77 प्रति लीटर (पुणे में उदाहरण)।
  • रेगुलर पेट्रोल (MS BS-VI) और डीजल (HSD BS-VI): अभी कोई बदलाव नहीं, पुणे में रेगुलर पेट्रोल 103.81/लीटर और डीजल 90.35/लीटर पर स्थिर।
  • यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से पुणे और आसपास के क्षेत्रों में देखी गई है, लेकिन अन्य शहरों में भी प्रभाव पड़ सकता है।

अन्य शहरों में स्थिति

देश के प्रमुख शहरों में रेगुलर पेट्रोल-डीजल की कीमतें अभी स्थिर हैं (मार्च 2026 के मध्य तक):

  • दिल्ली: पेट्रोल ≈ 94.77/लीटर, डीजल ≈ 87.67/लीटर
  • मुंबई: पेट्रोल ≈ 103-104/लीटर, डीजल ≈ 90-92/लीटर
  • कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु आदि में भी कोई बड़ी बढ़ोतरी नहीं।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, क्रूड $130 प्रति बैरल तक पहुंचने तक रेगुलर पेट्रोल-डीजल में बढ़ोतरी की संभावना कम है, क्योंकि OMCs (तेल कंपनियां) पिछले वर्षों के मुनाफे से झटका सह सकती हैं। हालांकि, प्रीमियम ब्रांडों पर यह बढ़ोतरी पहले से शुरू हो गई है।

रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर, डॉलर के मुकाबले 93.08 तक फिसला

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नई दिल्ली। भारतीय मुद्रा में शुक्रवार को शुरुआती कारोबार के दौरान बड़ी गिरावट दर्ज की गई और रुपया 19 पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अब तक के सबसे निचले स्तर 93.08 पर पहुंच गया। पश्चिम एशिया में जारी तनाव, डॉलर की मजबूती और विदेशी पूंजी की लगातार निकासी से रुपये पर दबाव बना हुआ है।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 92.92 प्रति डॉलर पर खुला, लेकिन जल्द ही गिरावट के साथ 93 के स्तर से नीचे चला गया। इससे पहले बुधवार को रुपया 92.89 प्रति डॉलर के अपने पिछले रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था। गुड़ी पड़वा के चलते गुरुवार को विदेशी मुद्रा बाजार बंद रहे थे।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने भी रुपये को कमजोर करने में भूमिका निभाई है। हालांकि, घरेलू शेयर बाजारों में आई मजबूती ने गिरावट को कुछ हद तक थामने का काम किया। इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.17 प्रतिशत बढ़कर 100.25 पर पहुंच गया।

घरेलू शेयर बाजार में भी मजबूती देखने को मिली। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 960.67 अंक यानी 1.29 प्रतिशत उछलकर 75,167.91 अंक पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 311.50 अंक यानी 1.35 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,313.65 अंक पर कारोबार करता दिखा।

वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.64 प्रतिशत गिरकर 106.9 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई। दूसरी ओर, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने गुरुवार को 7,558.19 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की, जिससे बाजार पर दबाव बना रहा।

उत्तराखंड: धामी कैबिनेट का विस्तार, इन पांच नए मंत्रियों ने ली शपथ

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देहरादून। उत्तराखंड में लंबे समय से प्रतीक्षित कैबिनेट विस्तार आखिरकार शुक्रवार को संपन्न हो गया। नवरात्र के शुभ अवसर पर आयोजित समारोह में पांच विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई।

लोकभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने सबसे पहले राजपुर विधायक खजान दास को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके बाद भरत सिंह चौधरी ने संस्कृत में शपथ ली। वहीं मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा और राम सिंह कैड़ा ने भी मंत्री पद की शपथ ग्रहण की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार में पांच मंत्रियों के पद लंबे समय से रिक्त थे, जिन्हें इस विस्तार के जरिए भरा गया है। बताया जा रहा है कि नए मंत्रियों का चयन विधायकों के पिछले चार वर्षों के कार्यों के आधार पर किया गया है।

कैबिनेट विस्तार में क्षेत्रीय और जातीय संतुलन को भी ध्यान में रखा गया है। राजनीतिक गलियारों में इस विस्तार को आगामी चुनावी समीकरणों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

प्रदेश में कैबिनेट विस्तार को लेकर लंबे समय से चर्चाएं चल रही थीं और इसे लेकर पार्टी नेतृत्व व सरकार के बीच कई दौर की बातचीत भी हुई थी। सभी तैयारियां पूरी होने के बाद नवरात्र के शुभ अवसर पर इसे अमलीजामा पहनाया गया।

रूसी एजेंसियों की मदद से NIA ने अमेरिकी समेत 7 विदेशी नागरिकों को किया गिरफ्तार

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नई दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने मिजोरम सीमा के पास एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा करते हुए अमेरिकी और यूक्रेनी नागरिकों समेत सात विदेशियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई रूसी एजेंसियों से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर की गई। जांच एजेंसी के अनुसार, यह गिरोह टूरिस्ट वीजा की आड़ में भारत आकर पड़ोसी देश म्यांमार में सक्रिय हथियारबंद गुटों को प्रशिक्षण दे रहा था। आरोप है कि यह नेटवर्क भारत विरोधी आतंकी साजिश में भी शामिल था।

एनआईए के मुताबिक, अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैन डाइक इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड है। खुद को युद्ध विशेषज्ञ बताने वाला डाइक ‘संस ऑफ लिबर्टी इंटरनेशनल’ नामक सुरक्षा फर्म का संस्थापक बताया जा रहा है। उसे 13 मार्च को नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा से गिरफ्तार किया गया।

डाइक के साथ छह यूक्रेनी नागरिक हुरबा पेट्रो, स्लिवियाक तारास, इवान सुकमानोव्स्की, स्टेफनकीव मारियन, होनचारुक मैक्सिम और विक्टर का मिंस्की को भी गिरफ्तार किया गया है। सूत्रों के अनुसार, इस नेटवर्क में कुल 14-15 लोग शामिल थे, जिनमें से अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

जांच में यह भी सामने आया है कि यह गिरोह यूरोप से बड़ी मात्रा में ड्रोन मंगाकर उन्हें संदिग्ध नेटवर्क के जरिए आगे पहुंचाने की साजिश रच रहा था। आशंका है कि इनका इस्तेमाल भारत से जुड़े उग्रवादी संगठनों द्वारा किया जा सकता था। एनआईए ने अदालत को बताया कि सभी आरोपी टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे, लेकिन बिना अनुमति मिजोरम पहुंचकर वहां से म्यांमार सीमा में दाखिल हुए।

इस दौरान उनका संपर्क हथियारबंद समूहों से था, जो एके-47 जैसे अत्याधुनिक हथियारों से लैस थे। आरोपियों पर प्रतिबंधित भारतीय उग्रवादी संगठनों को प्रशिक्षण और सहयोग देने के भी आरोप हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक, मैथ्यू वैन डाइक का नाम पहले भी अंतरराष्ट्रीय संघर्ष क्षेत्रों, सीरिया, लीबिया, अफगानिस्तान और इराक में सक्रिय रहने को लेकर सामने आ चुका है। वर्ष 2011 के लीबियाई गृह युद्ध के दौरान उसे कई महीनों तक बंदी भी बनाया गया था।

APK स्कैम का बढ़ता खतरा: फोन की ये एक सेटिंग बचा सकती है आपका बैंक अकाउंट

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देहरादून। आजकल देशभर में APK स्कैम का खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है। साइबर अपराधी नए-नए हथकंडे अपनाकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। खासकर LPG गैस सिलेंडर की किल्लत, फर्जी ट्रैफिक चालान या अन्य जरूरी सेवाओं का बहाना बनाकर लोगों को एक APK फाइल डाउनलोड और इंस्टॉल करने के लिए उकसाया जाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की ठगी का मुख्य उद्देश्य यूजर के फोन में एक खतरनाक सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करवाना होता है, जिससे उनके बैंकिंग और निजी डेटा तक पहुंच बनाई जा सके। इस प्रक्रिया को “साइडलोडिंग” कहा जाता है, जिसमें ऐप को आधिकारिक प्लेटफॉर्म की बजाय किसी बाहरी स्रोत से इंस्टॉल कराया जाता है।

हालांकि, कम ही लोग जानते हैं कि मोबाइल की एक साधारण सेटिंग इस पूरे स्कैम से बचा सकती है। यह सेटिंग है “Unknown Sources”। यदि यह सेटिंग बंद (ऑफ) रहती है, तो किसी भी बाहरी स्रोत से APK फाइल इंस्टॉल नहीं की जा सकती।

साइबर ठग आमतौर पर लोगों को पहले इस सेटिंग को ऑन करने के लिए कहते हैं। जैसे ही यूजर इसे ऑन करता है, फोन में अनजान ऐप्स इंस्टॉल होने का रास्ता खुल जाता है, जिससे खतरा बढ़ जाता है।

तकनीकी जानकारों का कहना है कि जब तक “Unknown Sources” सेटिंग ऑफ रहती है, तब तक यूजर केवल आधिकारिक प्लेटफॉर्म जैसे गूगल प्ले स्टोर से ही ऐप डाउनलोड कर सकता है, जो अपेक्षाकृत सुरक्षित होता है।

अक्सर देखा गया है कि लोग पेड ऐप्स के फ्री या क्रैक वर्जन डाउनलोड करने के लालच में इस सेटिंग को ऑन कर देते हैं, जो उनके लिए भारी पड़ सकता है। एक बार यह सेटिंग चालू होने के बाद फोन में संदिग्ध और हानिकारक सॉफ्टवेयर आसानी से इंस्टॉल हो सकते हैं।

अगर कोई भी व्यक्ति आपसे किसी बहाने से “Unknown Sources” सेटिंग ऑन करने के लिए कहे, तो तुरंत सतर्क हो जाएं। यह साइबर ठगी का संकेत हो सकता है। APK स्कैम से बचाव के लिए जरूरी है कि आप अपने फोन की सुरक्षा सेटिंग्स को समझें और “Unknown Sources” को हमेशा ऑफ रखें। छोटी सी सावधानी आपको बड़े नुकसान से बचा सकती है।

उत्तराखंड में मौसम का मिजाज बदला: आज भी बारिश, तेज हवाएं और पहाड़ों में बर्फबारी का अलर्ट

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देहरादून :उत्तराखंड में आज भी मौसम बिगड़ा हुआ रहेगा। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार राज्य के कई हिस्सों में बारिश, आंधी और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। प्रदेश में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम अस्थिर बना हुआ है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

राज्यभर में बारिश और आंधी का असर
मौसम विभाग ने उत्तराखंड सहित उत्तर भारत के कई राज्यों में आज गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 60 से 80 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जिससे पेड़ गिरने और बिजली बाधित होने की आशंका है।

इन जिलों में येलो अलर्ट
उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में 40–50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं और आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना है।

पहाड़ों में बर्फबारी, मैदानी क्षेत्रों में बूंदाबांदी
ऊंचाई वाले क्षेत्रों जैसे बदरीनाथ, केदारनाथ और गंगोत्री धाम में हल्की बर्फबारी की संभावना जताई गई है, जबकि देहरादून, हरिद्वार और उधमसिंह नगर जैसे मैदानी जिलों में बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश हो सकती है।

तापमान में गिरावट के आसार
बारिश और बादलों के कारण प्रदेश के तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। मार्च महीने में सामान्यतः 12°C से 30°C के बीच रहने वाला तापमान आज ठंडा महसूस हो सकता है, खासकर पर्वतीय क्षेत्रों में।

मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने, खुले स्थानों पर सावधानी बरतने और बिजली गिरने के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी है। पहाड़ी इलाकों में जाने वाले यात्रियों और तीर्थयात्रियों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।

उत्तराखंड में मौसम पूरी तरह बदला हुआ रहेगा। कहीं बारिश, कहीं तेज हवाएं और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी देखने को मिल सकती है। आने वाले 24 घंटों में मौसम का यह असर जारी रहने की संभावना है।

धामी मंत्रिमंडल विस्तार: आज नवरात्र के दूसरे दिन नए मंत्रियों की शपथ

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देहरादून: उत्तराखंड में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मंत्रिमंडल विस्तार का शुभ मुहूर्त आ गया है। चैत्र नवरात्र के दूसरे दिन शुक्रवार को सुबह 10 बजे लोक भवन में राज्यपाल  गुरमीत सिंह नए मंत्रियों को शपथ दिलाएंगे।

सूत्रों के अनुसार, वर्तमान में धामी सरकार के मंत्रिमंडल में कुल पांच पद खाली हैं। इनमें से तीन पद पहले से खाली चल रहे थे, जबकि एक पद मंत्री चंदन रामदास के निधन के कारण और दूसरा प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद रिक्त हुआ था। अब इन पांचों पदों को भरने की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है।

नए मंत्रियों के चयन में पिछले चार वर्षों के दौरान विधायकों के कार्यकाल और प्रदर्शन को आधार बनाया गया है। साथ ही क्षेत्रीय संतुलन और जातीय समीकरणों का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा, ताकि सरकार में सभी वर्गों और क्षेत्रों का उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो सके।

मंत्रिमंडल विस्तार के साथ ही सरकार निगमों, बोर्डों और आयोगों में पार्टी पदाधिकारियों को दायित्वधारियों के रूप में नियुक्त करने की प्रक्रिया भी तेज करेगी। सूत्रों के मुताबिक, जल्द ही करीब दो दर्जन अतिरिक्त पदों पर दायित्वधारियों की नियुक्ति की जाएगी।

यह विस्तार आगामी 2027 विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा विधायकों और कार्यकर्ताओं के मनोबल को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री धामी और पार्टी नेतृत्व की ओर से इस फैसले को लेकर हाईकमान से आवश्यक स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है।