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कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज तबीयत बिगड़ी, हाल जानने एम्स पहुंचे मुख्यमंत्री धामी

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ऋषिकेश। पुष्कर सिंह धामी गुरुवार को एम्स ऋषिकेश पहुंचे, जहां उन्होंने प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज का हालचाल जाना। मुख्यमंत्री ने अस्पताल में भर्ती सतपाल महाराज से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद चिकित्सकों से मंत्री के इलाज और स्वास्थ्य स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री धामी ने डॉक्टरों को निर्देश दिए कि सतपाल महाराज के उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और उन्हें सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मरीजों के बेहतर इलाज के लिए हर संभव सहयोग प्रदान कर रही है। गौरतलब है कि सतपाल महाराज की तबीयत खराब होने के बाद उन्हें एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।

उत्तराखंड में बदला मौसम का मिजाज, चारधाम समेत इन इलाकों में बर्फबारी

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देहरादून। उत्तराखंड में गुरुवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली। बदरीनाथ धाम, केदारनाथ धाम, गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम में सुबह ताजा बर्फबारी दर्ज की गई, जिससे पूरे क्षेत्र में एक बार फिर कड़ाके की ठंड लौट आई है। ऊंचाई वाले इलाकों में पहाड़ सफेद चादर से ढक गए हैं और दृश्य बेहद मनमोहक नजर आ रहे हैं।

मौसम विभाग ने पहले ही राज्य में मौसम परिवर्तन की संभावना जताई थी। इसके असर के रूप में पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक का दौर जारी है।

विभाग के अनुसार प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। हरिद्वार, उधम सिंह नगर, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और चंपावत में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।

इसके अलावा उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ में भी मौसम के बिगड़ने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना जताई है। साथ ही अगले एक से दो दिनों में तापमान में 3 से 5 डिग्री तक गिरावट आने का अनुमान है।

अयोध्या में श्रीराम यंत्र की प्रतिष्ठापना, राष्ट्रपति मुर्मू रहीं मौजूद

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अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन के दौरान द्वितीय तल पर श्रीराम यंत्र की विधिवत प्रतिष्ठापना की गई। इस पावन अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू संतों और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मौजूद रहीं। यह श्रीराम यंत्र दो वर्ष पूर्व जगद्गुरु शंकराचार्य विजयेंद्र सरस्वती द्वारा अयोध्या भेजा गया था।

पहले से चल रहा था वैदिक अनुष्ठान

श्रीराम यंत्र की स्थापना से पहले मंदिर परिसर में नौ दिवसीय वैदिक अनुष्ठान प्रारंभ हो चुका था। यह यंत्र वैदिक गणित और ज्यामितीय संरचनाओं पर आधारित माना जाता है, जिसे देवताओं का निवास और सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत समझा जाता है। इस अनुष्ठान में दक्षिण भारत, काशी और अयोध्या के विद्वान आचार्यों ने भाग लिया।

कई प्रमुख हस्तियां रहीं मौजूद

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, आध्यात्मिक गुरु मां अमृतानंदमयी सहित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारी और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

1000 भक्तों के साथ पहुंचीं ‘अम्मा’

समारोह में शामिल होने के लिए केरल से मां अमृतानंदमयी अपने लगभग 1000 भक्तों के साथ अयोध्या पहुंचीं। उनके अनुयायी उन्हें ‘अम्मा’ के नाम से संबोधित करते हैं। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022 में फरीदाबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया था।

अयोध्या से मथुरा के लिए रवाना हुईं राष्ट्रपति

कार्यक्रम के उपरांत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अयोध्या से मथुरा के लिए रवाना हो गईं। मथुरा में वे इस्कॉन मंदिर और प्रेम मंदिर में दर्शन करेंगी तथा 20 मार्च को संत प्रेमानंद महाराज से भेंट भी करेंगी।

नवरात्र व ईद से पहले गैस संकट गहराया, धस्माना ने सीएम धामी से की मुलाकात

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देहरादून। प्रदेश में रसोई गैस की किल्लत को लेकर सूर्यकांत धस्माना ने गुरुवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर आम जनता की परेशानियों से अवगत कराया।

इस दौरान धस्माना ने मुख्यमंत्री को विक्रमी नवसंवत्सर 2083 और चैत्र नवरात्र की शुभकामनाएं दीं तथा प्रदेश में बढ़ती गैस संकट की समस्या को जल्द दूर करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय हालात, खासकर खाड़ी क्षेत्र में तनाव के चलते एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसका असर उत्तराखंड में साफ दिखाई दे रहा है।

धस्माना ने बताया कि चैत्र नवरात्र और ईद-उल-फितर जैसे प्रमुख त्योहारों के चलते गैस की मांग बढ़ गई है, लेकिन आपूर्ति कम होने से उपभोक्ताओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि लोग गैस सिलेंडर के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं, जिससे त्योहारों की खुशियां फीकी पड़ रही हैं।

उन्होंने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि केवल देहरादून में ही करीब 7.75 लाख उपभोक्ता हैं, जबकि आवंटित कोटा लगभग 5.5 लाख सिलेंडर का है। पहले से ही करीब 2.25 लाख सिलेंडर की कमी बनी हुई है, वहीं वर्तमान में आपूर्ति और घटने से स्थिति और गंभीर हो गई है।

धस्माना ने मांग की कि राज्य सरकार केंद्र सरकार से समन्वय कर प्रदेश के लिए एलपीजी सिलेंडरों का कोटा बढ़वाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।

इस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आश्वासन दिया कि वे इस मुद्दे पर जल्द ही केंद्रीय पेट्रोलियम एवं खाद्य आपूर्ति मंत्रालय के अधिकारियों से बातचीत कर प्रदेश के लिए एलपीजी कोटा बढ़ाने का प्रयास करेंगे, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।

1 अप्रैल से बदलेंगे HRA के नियम, मकान मालिक से रिश्ता छिपाया तो लगेगी 200% तक पेनल्टी

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नई दिल्ली: 1 अप्रैल 2026 से देश में नए आयकर नियम लागू होने जा रहे हैं, जिनके तहत हाउस रेंट अलाउंस (HRA) क्लेम करने वालों के लिए बड़े बदलाव किए गए हैं। अब टैक्सपेयर्स को यह बताना अनिवार्य होगा कि जिस व्यक्ति को वे किराया दे रहे हैं, उससे उनका क्या रिश्ता है। यदि यह जानकारी छिपाई गई या गलत दी गई, तो भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।

क्या है नया नियम?

नए प्रावधानों के अनुसार, HRA क्लेम करते समय कर्मचारियों को फॉर्म 12BB के साथ अतिरिक्त जानकारी देनी होगी। इसमें यह स्पष्ट करना होगा कि मकान मालिक उनके माता-पिता, भाई-बहन, जीवनसाथी या कोई अन्य रिश्तेदार तो नहीं है।

इसके साथ ही:

सालाना 1 लाख रुपये से अधिक किराया देने पर मकान मालिक का PAN देना अनिवार्य होगा

यदि PAN नहीं है तो मकान मालिक की स्व-घोषणा देनी होगी

सभी ट्रांजेक्शन का प्रमाण (बैंक, UPI, चेक) रखना जरूरी होगा

परिवार को किराया देने पर भी मिलेगा HRA

नियम यह नहीं कहते कि आप परिवार के सदस्य को किराया नहीं दे सकते। लेकिन:

किराया वास्तव में दिया जाना चाहिए

रेंट एग्रीमेंट होना चाहिए

मकान मालिक को अपनी आय में किराया दिखाना होगा

यानी अब “फर्जी रेंट रसीद” दिखाकर टैक्स बचाना आसान नहीं रहेगा।

क्यों लागू किए जा रहे हैं ये बदलाव?

सरकार का उद्देश्य टैक्स सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ाना और फर्जी HRA क्लेम पर रोक लगाना है। पहले कई लोग रिश्तेदारों के नाम पर नकली किराया दिखाकर टैक्स बचाते थे। अब नई डिजिटल जांच प्रणाली से इन मामलों का क्रॉस-वेरिफिकेशन किया जाएगा।

गलत जानकारी देने पर कितनी पेनल्टी?

अगर कोई टैक्सपेयर:

रिश्ते की जानकारी नहीं देता

गलत जानकारी देता है

या फर्जी दस्तावेज जमा करता है

तो उसका HRA क्लेम खारिज किया जा सकता है। इसके अलावा आयकर अधिनियम की धारा 270A के तहत:

50% से लेकर 200% तक पेनल्टी लग सकती है.

नए टैक्स सिस्टम का हिस्सा

यह बदलाव नए आयकर अधिनियम 2025 के तहत लागू किए जा रहे हैं, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा। इसका उद्देश्य टैक्स प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है।

क्या करें टैक्सपेयर्स?

विशेषज्ञों की सलाह है कि HRA क्लेम करने वाले लोग:

  • रेंट एग्रीमेंट तैयार रखें.
  • बैंक ट्रांजेक्शन का रिकॉर्ड रखें.
  • मकान मालिक का PAN और ITR सुनिश्चित करें.

1 अप्रैल से लागू होने वाले ये नए नियम टैक्स चोरी पर लगाम लगाने के लिए सख्त कदम माने जा रहे हैं। ऐसे में टैक्सपेयर्स को अब पूरी पारदर्शिता के साथ HRA क्लेम करना होगा, वरना भारी जुर्माना भुगतना पड़ सकता है।

पुलिस और RBI अफसर बनकर लूटे 2.07 करोड़ रुपये, हाई कोर्ट ने CBI की हाई-टेक टीम को सौंपी जांच

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चंडीगढ़ में सामने आए डिजिटल अरेस्ट साइबर ठगी के एक बड़े मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंपने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा कि इस तरह के संगठित और बहु-राज्यीय साइबर अपराधों की प्रभावी जांच केवल उच्च तकनीकी विशेषज्ञता वाली केंद्रीय एजेंसी ही कर सकती है।

यह आदेश जस्टिस जसजीत सिंह बेदी की पीठ ने सुनवाई के दौरान दिया। मामला पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड के सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता सुखमंदर सिंह की याचिका से जुड़ा है, जिन्होंने खुद को डिजिटल अरेस्ट बताकर की गई 2.07 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप लगाया था।

याचिकाकर्ता के अनुसार, ठगों ने खुद को पुलिस, भारतीय रिजर्व बैंक और अन्य सरकारी एजेंसियों के अधिकारी बताकर संपर्क किया। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगाने की धमकी देकर मानसिक दबाव बनाया और कथित जांच के नाम पर वीडियो कॉल के जरिए लगातार निगरानी में रखा।

सुनवाई में सामने आया कि 9 मई से 16 जून 2025 के बीच याचिकाकर्ता के पेंशन खाते से आरटीजीएस के माध्यम से कई ट्रांजेक्शन कर कुल 2.07 करोड़ रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा लिए गए। इस दौरान ठगों ने फर्जी आरबीआई दस्तावेज और नकली डिजिटल अरेस्ट वारंट का इस्तेमाल किया।

‘धुरंधर 2’ को लेकर बढ़ा क्रेज, दमदार कहानी और बड़े एक्शन का वादा

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एंटरटेनमेंट डेस्क |

फिल्म ‘धुरंधर 2’ को लेकर शुरुआत से ही जबरदस्त हाइप देखने को मिल रहा है। पहले पार्ट की सफलता के बाद दर्शकों के बीच इसके सीक्वल को लेकर खासा उत्साह था, जिसे मेकर्स ने भी बखूबी समझा। यही वजह है कि फिल्म के दूसरे भाग को बड़े स्तर पर और ज्यादा दमदार कहानी के साथ पेश करने की तैयारी की गई है।

सूत्रों के अनुसार, ‘धुरंधर 2’ की कहानी पहले भाग से आगे बढ़ते हुए और अधिक रोमांच, एक्शन और इमोशनल ट्विस्ट से भरपूर होगी। फिल्म में न सिर्फ पुराने किरदारों की वापसी देखने को मिलेगी, बल्कि कुछ नए चेहरे भी कहानी में अहम भूमिका निभाते नजर आएंगे।

मेकर्स का मानना है कि दर्शकों ने पहले पार्ट को जिस तरह का प्यार दिया, उसी को ध्यान में रखते हुए इस बार स्क्रिप्ट, सिनेमैटोग्राफी और एक्शन सीक्वेंस पर खास फोकस किया गया है। फिल्म के कई सीन बड़े पैमाने पर शूट किए गए हैं, जिससे इसका विजुअल एक्सपीरियंस और भी शानदार होने की उम्मीद है।

इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर फिल्म अपनी कहानी और प्रस्तुति में दर्शकों की उम्मीदों पर खरी उतरती है, तो ‘धुरंधर 2’ बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल कर सकती है।

फिलहाल, फिल्म की रिलीज डेट और ट्रेलर को लेकर दर्शकों में उत्सुकता बनी हुई है। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या ‘धुरंधर 2’ दर्शकों की उम्मीदों पर खरी उतर पाती है या नहीं।

चैत्र नवरात्रि आज से प्रारंभ, कलश स्थापना के साथ मां शैलपुत्री की पूजा

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देहरादून: आज गुरुवार से चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ शुरू हो गया है। धर्म ग्रंथों के अनुसार यह नौ दिवसीय उत्सव माता भगवती की आराधना, संकल्प, साधना और सिद्धि का विशेष समय माना जाता है। इस दौरान श्रद्धालु उपवास, पूजा-पाठ और ध्यान के माध्यम से तन-मन को शुद्ध और निरोग रखने का प्रयास करते हैं।

मान्यता है कि देवी ही ब्रह्मा, विष्णु और महेश के रूप में सृष्टि के सृजन, पालन और संहार का संचालन करती हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान महादेव के आह्वान पर मां पार्वती ने रक्तबीज, शुंभ-निशुंभ और मधु-कैटभ जैसे असुरों के विनाश के लिए अनेक रूप धारण किए। हालांकि नवरात्रि में देवी के नौ प्रमुख स्वरूपों की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।

नवरात्रि के पहले दिन, चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर विधि-विधान से कलश स्थापना की जाती है और मां के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां शैलपुत्री की उपासना से जीवन में स्थिरता, शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

हर दिन देवी के अलग-अलग स्वरूप की पूजा करने से भक्तों के विभिन्न मनोरथ पूर्ण होने की मान्यता है। मंदिरों और घरों में सुबह से ही पूजा-अर्चना का दौर शुरू हो गया है और वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।

 

WhatsApp कॉलिंग होगी और क्लियर, जल्द मिलेगा नॉइज कैंसलेशन फीचर

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अगर आप भी WhatsApp का इस्तेमाल मैसेजिंग के साथ-साथ कॉलिंग के लिए करते हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। कंपनी जल्द ही एक नया फीचर लाने जा रही है, जिससे वॉइस और वीडियो कॉल के दौरान बैकग्राउंड शोर अपने आप कम हो जाएगा।

कॉलिंग एक्सपीरियंस होगा बेहतर

Meta के इस लोकप्रिय प्लेटफॉर्म पर कॉलिंग क्वालिटी को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। अब एक नया बिल्ट-इन नॉइज कैंसलेशन फीचर टेस्टिंग में देखा गया है, जो कॉल को ज्यादा साफ और स्पष्ट बनाएगा।

बीटा अपडेट में मिला फीचर

रिपोर्ट्स के अनुसार, WhatsApp Beta के Android 2.26.11.8 अपडेट में यह फीचर स्पॉट किया गया है। इसकी जानकारी WABetaInfo ने साझा की है। उम्मीद है कि टेस्टिंग पूरी होने के बाद इसे जल्द ही सभी यूजर्स के लिए जारी किया जाएगा।

कैसे काम करेगा फीचर?

नॉइज कैंसलेशन एक ऐसी तकनीक है जो कॉल के दौरान ट्रैफिक, हवा या आसपास की आवाजों को कम करती है। यह यूजर की आवाज पर फोकस करते हुए बैकग्राउंड शोर को रियल टाइम में फिल्टर करती है, जिससे कॉलिंग अनुभव बेहतर हो जाता है।

Android यूजर्स को मिलेगा फायदा

अभी तक Android डिवाइस में इस तरह का कोई इन-बिल्ट फीचर उपलब्ध नहीं है, जबकि iPhone और iPad में Voice Isolation जैसी तकनीक पहले से मौजूद है। ऐसे में WhatsApp का यह नया फीचर Android यूजर्स के लिए खास तौर पर फायदेमंद साबित हो सकता है। कुल मिलाकर, इस नए अपडेट के आने के बाद शोर-शराबे वाले माहौल में भी WhatsApp कॉल पहले से ज्यादा साफ और स्पष्ट सुनाई देंगी।

ब्रॉडबैंड समिति की 9वीं बैठक आयोजित, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने विभागों को दिए ये निर्देश

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देहरादून : राज्य में इंटरनेट कनेक्टिविटी को सुदृढ़ बनाने के लिए बुधवार को सचिवालय में राज्य ब्रॉडबैंड समिति की 9वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने की। इस दौरान दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में नेटवर्क से जुड़ी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में सड़क संपर्क उपलब्ध नहीं है, वहां 4जी उपकरण पहुंचाने के बजाय फाइबर केबल बिछाने और वाई-फाई के माध्यम से शीघ्र कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जाए। साथ ही, अन्य वैकल्पिक तकनीकों के उपयोग पर भी विचार करने को कहा गया।

बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि भारतनेट योजना के तहत सभी पंचायत भवनों को जल्द से जल्द इंटरनेट सुविधा से जोड़ा जाए। जहां पंचायत भवन निर्माणाधीन हैं, वहां अस्थायी रूप से नजदीकी सरकारी भवनों—जैसे प्राथमिक विद्यालय या आंगनवाड़ी केंद्र—में कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

मुख्य सचिव ने राज्य के आरओडब्ल्यू (Right of Way) पोर्टल का संचालन आईटीडीए द्वारा किए जाने तथा पेयजल, बिजली, गैस और संचार विभागों को अपने सिस्टम इस पोर्टल से शीघ्र जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कनेक्टिविटी सैचुरेशन की प्रगति रिपोर्ट हर महीने सचिव सूचना प्रौद्योगिकी को अनिवार्य रूप से भेजी जाए।

स्ट्रीट फर्नीचर मैपिंग कार्य में तेजी लाने, जनपद स्तरीय समितियों की नियमित बैठक सुनिश्चित करने और पंचायत भवनों के निर्माण व मरम्मत कार्यों में तेजी लाने के भी निर्देश दिए गए।

इसके अलावा, मुख्य सचिव ने टेलीकॉम कंपनियों को प्रदेशभर में कॉल ड्रॉप की समस्या से निपटने के लिए ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर सुधार करने को कहा। उन्होंने यात्रा सीजन को देखते हुए प्रमुख मार्गों पर स्थायी टावर स्थापित होने तक अस्थायी मोबाइल टावर लगाने के निर्देश भी दिए।

बैठक में सचिव नितेश कुमार झा, सी. रविशंकर, केंद्रीय दूरसंचार विभाग के अधिकारी, बीएसएनएल सहित निजी मोबाइल नेटवर्क कंपनियों और टावर्स एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि मौजूद रहे।