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IFS अधिकारी ने की खुदकुशी, बिल्डिंग से कूदकर दी जान, जांच में जुटी पुलिस

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नई दिल्ली। दिल्ली के चाणक्यपुरी इलाके में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां भारतीय विदेश सेवा (IFS) के एक अधिकारी ने इमारत से कूदकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि शुरुआती जांच में किसी तरह की गड़बड़ी के संकेत नहीं मिले हैं।

मृतक की पहचान 35 से 40 वर्ष के जितेंद्र रावत के रूप में हुई है, जो उत्तराखंड के रहने वाले थे। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, लेकिन फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है।

जांच में जुटी पुलिस

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की तफ्तीश शुरू कर दी। अधिकारी विभिन्न पहलुओं की जांच कर रहे हैं ताकि इस आत्महत्या के पीछे की सच्चाई सामने आ सके।

इलाके में चर्चाओं का दौर

घटना के बाद से इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कुछ लोग इसे पारिवारिक विवाद से जोड़ रहे हैं, तो कुछ अन्य संभावित कारणों पर चर्चा कर रहे हैं। हालांकि, वास्तविक कारण पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

रोहित को मोटा कहने वाली शमा मोहम्मद अब मोहम्मद शमी के सपोर्ट में आईं

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कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने क्रिकेटर मोहम्मद शमी का समर्थन किया है, जिन पर रमजान के दौरान रोजा न रखने को लेकर विवाद हुआ था। उन्होंने शमी का बचाव करते हुए कहा कि इस्लाम में रमजान के दौरान यात्रा करने वाले व्यक्ति के लिए रोजा रखना अनिवार्य नहीं होता।

चूंकि शमी यात्रा कर रहे हैं और क्रिकेट खेल रहे हैं, जो एक शारीरिक रूप से कठिन खेल है, इसलिए उन पर रोजा रखने का कोई दबाव नहीं होना चाहिए। शमा मोहम्मद ने इस्लाम को एक वैज्ञानिक धर्म बताते हुए कहा कि इसमें किसी पर कोई चीज जबरन नहीं थोपी जाती।

उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्म का महत्व अधिक होता है और शमी की स्थिति को देखते हुए उनके फैसले पर सवाल उठाना उचित नहीं है। कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने आगे कहा कि इस्लाम एक बहुत ही वैज्ञानिक धर्म है और इसमें किसी पर कुछ थोपा नहीं जाता है। उन्होंने कहा कि अगर शमी यात्रा में हैं तो उन्हें रोजा रखने की जरूरत नहीं है।

वरिष्ठ पत्रकार मनमोहन भट्ट के खिलाफ जारी आदेश पर कोर्ट ने रोक लगाई  

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  • बीजेपी नेता बलजीत सोनी ने समाचार प्रसारित होने पर पत्रकार मनमोहन भट्ट के विरुद्ध किया था मानहानि का मुक़दमा.

  • वरिष्ठ अधिवक्ता चंद्रशेखर तिवारी ने की अदालत में मजबूत पैरवी.

  • पत्रकार अभिषेक उपाध्याय मामले पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला दिया गया.

  • पत्रकार मनमोहन भट्ट को कोर्ट ने दी राहत.

उत्तराखंड के वरिष्ठ पत्रकार मनमोहन भट्ट को देहरादून की अदालत ने राहत प्रदान की है. पत्रकार मनमोहन भट्ट ने बीजेपी के कुछ नेताओं के कारनामों की पोल खोलते हुए एक समाचार अपने प्रतिष्ठित यू ट्यूब चैनल में 5 फ़रवरी 2023 को प्रसारित किया था. इस समाचार के प्रसारित होने के बाद बीजेपी नेता बलजीत सोनी ने मनमोहन भट्ट के विरुद्ध अपराधिक मानहानि का मुकदमा देहरादून की अदालत में दायर किया था. अदालत ने मनमोहन भट्ट के खिलाफ वारंट जारी किये थे. निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगाने के लिए मनमोहन भट्ट ने देहरादून के विद्वान अधिवक्ता चंद्रशेखर तिवारी के जरिये उच्च अदालत में अपील दायर की थी. जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया और निचली अदालत के आदेश पर रोक लगा दी.

UKSSSC पेपर लीक के आरोपी का नाम था समाचार में

मनमोहन भट्ट ने बीजेपी के तीन नेताओं के कारनामों की स्टोरी प्रसारित की थी. इसमें एक नेता का नाम हाकम सिंह था . हाकम सिंह उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन योग की प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक के मामलों में आरोपी था . जिस समय समाचार प्रसारित किया गया था उस समय हाकम सिंह को उत्तराखंड पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी. अपने समाचार में मनमोहन भट्ट ने हरिद्वार जनपद के बीजेपी के एक तत्कालीन मंडल अध्यक्ष संजय धारीवाल के नाम का भी जिक्र किया था. संजय धारीवाल उस समय फरार चल रहा था. संजय धारीवाल पर लोक सेवा योग द्वारा करवाई जा रही पटवारी भर्ती परीक्षा के अतिरिक्त कई अन्य परीक्षाओं के पेपर लीक कराने का आरोप था. बाद में संजय धारीवाल को भी पुलिस ने गिरफ्तार का जेल भेजा।

बीजेपी नेता बलजीत सोनी का नाम आया था

मनमोहन भट्ट ने बीजेपी के तीसरे नेता के रूप में बलजीत सोनी के नाम का जिक्र किया था. बलजीत सोनी का देहरादून के बिल्डर और कारोबारी सुधीर विंडलास के साथ पैसों के लेन देन का विवाद चल रहा था. इस सम्बन्ध में दोनों के बीच वोट्स अप पर हुई चैट लीक हो गई थी. इस बारे में उत्तराखंड के एक पत्रकार ने सुधीर विंडलास का इंटरव्यू लिया था. इस इंटरव्यू में सुधीर विंडलास ने खुलकर बताया था कि बलजीत सोनी ने उनसे किसी काम को करवाने के लिए 25 लाख रूपए लिए थे. जब बीजेपी नेता बलजीत सोनी 25 लाख रूपए वापस नहीं कर रहा था तो सुधीर विंडलास उन पर अपना पैसा वापस पाने के लिए दबाव बना रहे थे. ये ही बातचीत (चैट) लीक भी हुई थी. उक्त इंटरव्यू और बातचीत (चैट) को आधार बनाते हुए पत्रकार मनमोहन भट्ट ने अपने यूट्यूब चैनल पर समाचार प्रसारित किया . इसके बाद बीजेपी नेता बलजीत सोनी ने पत्रकार मनमोहन भट्ट पर अपराधिक मानहानि का मुक़दमा ठोक दिया.

फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन के अंतर्गत बनाता है पत्रकार समाचार

मनमोहन भट्ट के अधिवक्ता चंद्रशेखर तिवारी ने अदालत के सामने मजबूत पैरवी की . श्री तिवारी ने कोर्ट के सामने पत्रकारों को मिले संवैधानिक अधिकारों की बात को प्रमुखता से रखा. भारत के संविधान की धारा 19-1 (A) फ्रीडम ऑफ़ एक्सप्रेशन के अंतर्गत पत्रकारों को समाचार प्रसारित करने का अधिकार प्राप्त है. चंद्रशेखर तिवारी ने इस सन्दर्भ में सुप्रीम कोर्ट के 2024 के फैसले का भी उदाहरण प्रस्तुत किया. इसमें उत्तर प्रदेश सरकार ने वरिष्ठ पत्रकार अभिषेक उपाध्याय के खिलाफ एक अपराधिक मुकदमा दर्ज किया था. उत्तर प्रदेश सरकार में एक जाति विशेष के अधिकारियों को महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति दिए जाने विषय पर पत्रकार अभिषेक उपाध्याय ने रिपोर्ट प्रसारित की थी. इस पर उत्तर प्रदेश सरकार ने अभिषेक उपाध्याय पर मुकदमा दर्ज किया था. इसके बाद पत्रकार अभिषेक उपाध्याय सुप्रीम कोर्ट पंहुचे . सुप्रीम कोर्ट ने अभिषेक उपाध्याय को राहत देते हुए आदेश दिया था की कि एक लोकतान्त्रिक देश में दूसरे के विचारों का भी सम्मान होना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि पत्रकारों को भारत के संविधान की धारा 19-1 (A) के अंतर्गत संवैधानिक अधिकार प्राप्त हैं. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि सिर्फ सरकार की आलोचना करने के कारण पत्रकारों पर अपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं किया जाना चाहिए.

देहरादून कोर्ट में सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का दिया गया हवाला

देहरादून की कोर्ट में वरिष्ठ वकील चंद्रशेखर तिवारी ने पत्रकार अभिषेक उपाध्याय के मामले में सुप्रीम कोर्ट के ताज़ा आदेश का ही हवाला दिया. चंद्रशेखर तिवारी ने तर्क दिया है की पत्रकार मनमोहन भट्ट द्वारा प्रसारित समाचार भारतीय दंड संहिता की धारा 499 के अपवाद (Exception) 9 & 10 में Good Faith की श्रेणी में आता है. इस का देहरादून की कोर्ट ने संज्ञान लिया और निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगाकर पत्रकार मनमोहन भट्ट को राहत प्रदान की.

सत्येंद्र साहनी मामले में भी आया था बलजीत सोनी का नाम

आपको बता दें कि बीजेपी नेता बलजीत सोनी एक बार फिर विवादों में तब आये थे जब देहरादून के जाने माने बिल्डर सत्येन्द्र साहनी ने आत्महत्या कर ली थी. बीजेपी नेता बलजीत सोनी द्वारा देहरादून के कई व्यापारियों से हुई तथाकथित बात भी लीक हो गई थी .

भीषण सड़क हादसा : ट्रक और कार में आमने-सामने जोरदार टक्कर, पांच की मौत

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छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक भीषण सड़क हादसे की खबर सामने आई है। मंदिर हसौद थाना क्षेत्र के अंतर्गत नेशनल हाईवे-53 पर ट्रक और कार की आमने-सामने टक्कर में पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा उमरिया स्थित मयूर कॉलेज के पास हुआ।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और क्रेन की मदद से शवों को बाहर निकाला। हादसे में कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे शव भी बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए। मृतकों की पहचान अब तक नहीं हो पाई है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि कार का टायर फटने के कारण वाहन अनियंत्रित होकर डिवाइडर तोड़ते हुए सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गई।

इस दर्दनाक दुर्घटना के चलते हाईवे पर लंबा जाम लग गया। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। रायपुर एएसपी (ग्रामीण) समेत भारी पुलिस बल घटनास्थल पर तैनात है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

अमेरिका में पाकिस्तानियों की एंट्री पर लग सकता है प्रतिबंध!

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सुरक्षा और जांच से जुड़े जोखिमों के चलते पाकिस्तान और अफगानिस्तान के नागरिकों के अमेरिका में प्रवेश पर रोक लगाने की योजना बना रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप जल्द ही इस आदेश पर हस्ताक्षर कर सकते हैं, जिससे इन दोनों देशों के लोगों के लिए अमेरिका में दाखिल होना बेहद कठिन हो जाएगा। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, यह प्रतिबंध अगले हफ्ते से लागू हो सकता है।

हालांकि, यह गौर करने वाली बात है कि हाल ही में राष्ट्रपति ट्रंप ने एक आतंकी को पकड़वाने में पाकिस्तान और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की भूमिका की तारीफ की थी। रॉयटर्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रंप प्रशासन ने सुरक्षा और जोखिम मूल्यांकन के आधार पर कुछ देशों की सूची तैयार की है, जिन पर यात्रा प्रतिबंध लगाया जा सकता है। हालांकि, अन्य किन देशों पर यह प्रतिबंध लगेगा, इसका खुलासा नहीं किया गया है।

अफगान नागरिकों के लिए अमेरिका में प्रवेश पहले ही चुनौतीपूर्ण था, और अब यह लगभग असंभव हो सकता है। अमेरिका में शरण पाने के लिए अफगान नागरिकों को पहले से ही कड़ी जांच से गुजरना पड़ता है। खासतौर पर वे लोग, जिन्होंने तालिबान के खिलाफ अमेरिका का साथ दिया था, अब इस फैसले के चलते संकट में आ सकते हैं।

अमेरिका के इस नए प्रतिबंध से उन हजारों अफगानी नागरिकों का भविष्य अधर में लटक सकता है, जिन्हें शरणार्थी के रूप में या विशेष आप्रवासी वीजा पर अमेरिका में बसाने की मंजूरी दी गई थी। इनमें वे लोग भी शामिल हैं जिन्होंने तालिबान शासन के खिलाफ अमेरिका की मदद की थी और अब अपने देश में उनके लिए खतरा बना हुआ है।

गौरतलब है कि 2016 के चुनाव प्रचार के दौरान भी ट्रंप ने गाजा पट्टी, लीबिया, सोमालिया, सीरिया और यमन जैसे देशों को सुरक्षा के लिए खतरा बताया था और इन पर यात्रा प्रतिबंध लगाने की बात कही थी। अब यह देखना होगा कि नए प्रतिबंध किन देशों पर लागू होते हैं और इससे वैश्विक राजनीति पर क्या असर पड़ता है।

प्रधानमंत्री ने की ‘घाम तापो’ के तौर पर की उत्तराखंड विंटर टूरिज्म की ब्रांडिंग

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उत्तरकाशी: एक दिवसीय शीतकालीन यात्रा पर उत्तरकाशी पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुखवा और हर्षिल से उत्तराखंड में शीतकालीन तीर्थाटन और पयर्टन की जोरदार ब्रांडिंग की है। प्रधानमंत्री ने तीर्थयात्रियों, पर्यटकों से लेकर कॉरपोरेट और फिल्म उद्योग तक को विंटर सीजन में उत्तराखंड आने का निमंत्रण दिया। प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के विंटर टूरिज्म की ब्रांडिंग ‘घाम तापो टूरिज्म’ के तौर पर की है।

गुरुवार को हर्षिल में जनसभा को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले बीते दिनों माणा में हुए हिमस्खलन में दिवंगत लोगों के प्रति दुख: व्यक्त किया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की यह भूमि, आध्यात्मिक ऊर्जा से औत प्रोत है। प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड से अपना आत्मीय लगाव, व्यक्त करते हुए कहा कि वो जीवनदायनी मां गंगा के शीतकालीन गद़्दी स्थल पर अपने परिवारजनों के बीच पहुंचकर धन्य महसूस कर रहे हैं। प्रधानमंत्री बोले कि मां गंगा की कृपा से ही उन्हें दशकों तक उत्तराखंड की सेवा का सौभाग्य मिला। मां गंगा के आशीर्वाद से ही वो काशी पहुंच सांसद के रूप में काशी की सेवा कर रहे हैं। इसलिए उन्होंने कहा था कि मां गंगा ने ही उन्हें काशी बुलाया है।

प्रधानमंत्री ने दार्शनिक अंदाज में कहा कि उन्हें कुछ महीने पहले अनुभूति हुई कि जैसे मां गंगा ने उन्हें गोद ले लिया है, अब अपने बच्चे के प्रति मां गंगा का दुलार ही है कि वो आज खुद मुखवा गांव पहुंच पाए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वो हर्षिल की धरती पर आकर, अपनी दीदी भुलियों को भी याद कर रहे हैं, क्योंकि वो उन्हें हर्षिल की राजमा और अन्य लोकल प्रॉडक्ट भी भेजती रहती हैं।

बन रहा उत्तराखंड का दशक

प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ साल पहले जब वो बाबा केदार के दर्शन के लिए आए थे तो बाबा के दर्शन के बाद उनके मुंह से अचानक ही भाव प्रकट हुआ कि ये दशक उत्तराखंड का होने जा रहा है। ये भाव भले ही उनके थे, लेकिन इसके पीछे सामर्थ देने की शक्ति बाबा केदार की थी। अब बाबा के आशीर्वाद से ये शब्द धीरे- धीरे सच्चाई में बदल रहे हैं। ये दशक अब उत्तराखंड का बन रहा है। उत्तराखंड की प्रगति के लिए, नए – नए रास्ते खुल रहे हैं, जिन आकांक्षाओं को लेकर उत्तराखंड का जन्म हुआ था, उत्तराखंड नित नए लक्ष्य और संकल्प लेते हुए, उन्हें पूरा कर रहा है।

शीतकालीन यात्रा पर सीएम की पहल को सराहा

प्रधानमंत्री ने शीतकालीन तीर्थाटन – पर्यटन पर जोर देते हुए कहा कि इसके माध्यम से उत्तराखंड की आर्थिक सामर्थ को साकार करने में बहुत बड़ी मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री ने इस अभिनव पहल के लिए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बधाई देते हुए कहा कि उत्तराखंड के लिए अपने टूरिज्म सेक्टर को बहूआयामी या बारामासी बनाना बहुत जरूरी है। उत्तराखंड में 365 दिन का पर्यटन जरूरी है।

वो चाहते हैं कि उत्तराखंड में कोई भी पर्यटन सीजन ऑफ नहीं रहे, बल्कि हर सीजन में टूरिज्म ऑन रहे। प्रधानमंत्री ने कहा कि अभी पहाड़ों पर मार्च से जून के बीच ही ज्यादातर पर्यटन आते हैं, जबकि इसके बाद पर्यटकों की संख्या बहुत कम हो जाती है। अभी सर्दियों के सीजन में होटल, रिजॉर्ट, होम स्टे खाली पड़े रहते हैं। ये असंतुलन साल के बड़े हिस्से में उत्तराखंड की आर्थिकी को सुस्त कर देता हैं। जबकि सच्चाई यह कि अगर देश- विदेश के लोग, सर्दियों में यहां आए तो उन्हें सच्चे अर्थ में देवभूमि की आभा के दर्शन होंगे। विंटर टूरिज्म में यहां लोगों को ट्रैकिंग, स्कीइंग जैसी एक्टिविटी का रोमांच मिलेगा।

सर्दियों का सीजन धार्मिक यात्रा के लिए भी अहम

प्रधानमंत्री ने कहा कि धार्मिक यात्रा के लिए भी उत्तराखंड में सर्दियों का समय बेहद खास होता है। यहां इस समय कई तीर्थ स्थलों पर विशेष अनुष्ठान होते हैं। यहां मुखवा गांव में ही जो अनुष्ठान किया जाता है, वो हमारी प्राचीन परंपरा का हिस्सा है, इसलिए उत्तराखंड सरकार का बारामासी पर्यटन का विजन, लोगों को दिव्य अनुभूति से जोड़ेगा। इससे यहां साल भर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

डबल इंजन की सरकार मिलकर काम कर रही

प्रधानमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार उत्तराखंड को विकसित राज्य बनाने के लिए मिलकर काम कर रही है। राज्य में चारधाम, ऑल वेदर रोड आधुनिक एक्सप्रेस वे से लेकर रेलवे और हेली सेवाओं का विस्तार हो रहा है।

एक दिन पहले ही केंद्र सरकार ने केदारनाथ और हेमकुंडसाहिब के लिए रोपवे को मंजूरी प्रदान की है। केदारनाथ रोपवे के जरिए आठ से नौ घंटे की पैदल यात्रा 30 मिनट में पूरी हो जाएगी। इससे बुजुर्ग, महिलाओं ओर बच्चों की यात्रा सुगम हो सकेगी।

सीमांत गांवों के विकास पर जोर

प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, 2014 से पहले चार धाम यात्रा पर प्रतिवर्ष 18 लाख यात्री ही आते थे, अब हर साल 50 लाख से अधिक यात्री चारधाम यात्रा पर आ रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस साल के बजट में 50 टूरिस्ट डेस्टिनेशन विकसित किए जा रहे हैं। इसके जरिए सरकार का प्रयास है कि उत्तराखंड के बॉर्डर वाले इलाकों में पर्यटक पहुंचे। उन्होंने कहा कि पहले सीमावर्ती गांवों को आखरी गांव कहा जाता, लेकिन अब उन्हें पहला गांव कहा जा रहा है।

इसी क्रम में सीमावर्ती गांवों के विकास के लिए वाइब्रेंट विलेज योजना शुरू की गई है, इसके जरिए नेलांग और जादुंग गांव फिर से बसाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के टिम्मबरसैंण, महादेवसैंण, माणा और जादुंग गांव में पर्यटकों के लिए आधारभूत सुविधाएं जोड़ी जा रही हैं। जादुंग को 1962 में चीन युद्ध के समय खाली करा दिया गया था, अब 70 साल बाद सरकार इस गांव को फिर से बसा रही है।

गढ़वाली में ‘घाम तापो पयर्टन’

प्रधानमंत्री ने देशभर के लोगों खासकर युवाओं से सर्दियों में उत्तराखंड आने का आह्वाहन करते हुए कहा कि सर्दियों में जब देश के बड़े हिस्से में कोहरा होता है, तो पहाड़ों में आप धूप का आनंद ले सकते हैं। गढ़वाली में इसे ‘घाम तापो पयर्टन’ कहते हैं। प्रधानमंत्री ने देश के कॉरपोरेट से उत्तराखंड में विंटर टूरिज्म से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि कॉरपोरेट की मीटिंग, कांफ्रेंस, सेमिनार, एक्जीबिशन के लिए देवभूमि से अच्छी जगह नहीं हो सकती है। यहां आकर योग और आवुर्वेद के जरिए आप खुद को रिचार्ज कर सकते हैं। इसी तरह कॉलेज, यूनिवर्सिटी, स्कूलों के नौजवान विंटर ट्रिप के लिए उत्तराखंड आ सकते हैं।

शूटिंग और वैडिंग डेस्टिनेशन

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे यहां हजारों करोड़ रुपए की वैडिंग इकॉनामी है। इसलिए उन्होंने देशवासियों से वेड इन इंडिया के तहत देश में ही शादियां करने की अपील की थी। सर्दियों के सीजन में वेडिंग डेस्टिनेशन के लिए देशवासी उत्तराखंड को प्राथमिकता दे सकते हैं। इसी तरह भारत की फिल्म इंडस्ट्री उत्तराखंड का रुख कर सकती है, उत्तराखंड को मोस्ट फिल्म फ्रैंडली स्टेट का पुरस्कार मिल चुका है।

यहां फिल्म शूटिंग के लिए शानदार सुविधाएं विकसित हो रही हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया के कई देश विंटर टूरिज्म के लिए जाने जाते हैं, उत्तराखंड उनसे बहुत कुछ सीख सकता है। इसके लिए उत्तराखंड टूरिज्म के सभी स्टेक होल्डर मिलकर अध्ययन करें। प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में कई जगह हॉट स्प्रिंग हैं, इन्हें वेलनेस स्पा के रूप में विकसित किया जा सकता है। धार्मिक आध्यात्मिक और योग जगत के दिग्गज सर्दियों में अपने यहां विशेष योगा कैम्प लगा सकते हैं।

कंटेंट क्रिएटर निभाएं भूमिका

प्रधानमंत्री ने हर्षिल में विंटर टूरिज्म पर लगाई गई, प्रदर्शनी का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका मन कर रहा था के वो पचास साल पुराने दिनों में लौटकर इन सभी जगहों पर कुछ दिन बिता सकूं। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें उत्तराखंड के विंटर टूरिज्म की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए कंटेंट क्रिएटर की मदद लेनी चाहिए, इसके लिए एक प्रतियोगिता आयोजित की जा सकती है। प्रधानमंत्री ने गंगा मैया की जय नारे के साथ अपने संबोधन का समापन किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का माँ गंगा के मायके मुखवा एवं सीमांत क्षेत्र हर्षिल घाटी आगमन पर सभी प्रदेशवासियों की ओर से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि उत्तराखंड के चहुँमुखी विकास के साथ ही यहाँ की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में हमें सदैव प्रधानमंत्री का मार्गदर्शन एवं सहयोग प्राप्त होता रहा है।

उत्तराखंड में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के सफल आयोजन, विश्व स्तरीय जी-20 सम्मेलन की बैठकों का आयोजन, यूसीसी जैसा कानून लागू करना हो या फिर हाल ही में उत्तराखंड में आयोजित हुए 38वें राष्ट्रीय खेलों का भव्य आयोजन हो, प्रधानमंत्री का राज्य को हमेशा  मार्गदर्शन मिला। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड पर जब भी कोई विपदा आयी है, चाहे केदारनाथ यात्रा मार्ग पर आई प्राकृतिक आपदा, जोशीमठ में भूधंसाव, सिलक्यारा टनल हो या फिर अभी हाल ही में चमोली में माणा गाँव के पास हुई हिमस्खलन की घटना हो। प्रधानमंत्री जी हमारे साथ सदैव खड़े रहे है।

मुख्यमंत्री ने 04 हजार 81 करोड़ रूपए की लागत से गौरीकुंड से केदारनाथ और 27 सौ 30 करोड़ रूपए से अधिक की लागत से गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक रोपवे निर्माण की सौगात देने के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इन दोनों रोपवे परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद तीर्थयात्रियों को आवगमन के लिए सुगमता होगी और प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा उत्तराखंड की आर्थिकी का एक प्रमुख आधार है। होटल व्यवसायियों से लेकर टैक्सी चालकों, स्थानीय दुकानदारों के साथ ही यात्रा से जुड़े हुए लाखों लोगों को रोज़गार के अवसर प्राप्त होते हैं।

शीतकाल में उत्तराखण्ड के चारों धामों के कपाट बंद होने के बाद इन सभी लोगों की आर्थिकी प्रभावित होती थी। जिसके दृष्टिगत प्रधानमंत्री जी से मार्गदर्शन प्राप्त कर इस वर्ष से राज्य में शीतकालीन यात्रा की शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के आगमन से न केवल शीतकालीन यात्रा को वृहद् स्तर पर बढ़ावा मिलेगा बल्कि सीमांत क्षेत्र में ट्रेकिंग और माउंटेन बाइकिंग के साथ-साथ दूसरी एडवेंचरस एक्टिविटीज को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही राज्य में दो बड़े धार्मिक आयोजन प्रस्तावित है। जिनमें नंदा राजजात यात्रा और कुंभ शामिल है। हमें विश्वास है कि पीएम के नेतृत्व में इन दोनों आयोजन का सफलतापूर्वक निर्वहन करेंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार से मांगा जवाब: कैंपा निधि का आईफोन, लैपटॉप पर खर्च क्यों?

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार से प्रतिपूरक वनीकरण निधि प्रबंधन और योजना प्राधिकरण (CAMPA-कैंपा) के धन के कथित दुरुपयोग पर स्पष्टीकरण मांगा है। शीर्ष अदालत ने राज्य के मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि वे बताएँ कि हरित आवरण बढ़ाने के लिए निर्धारित इस निधि का उपयोग अयोग्य कार्यों, जैसे कि आईफोन, लैपटॉप, फ्रिज, कूलर और भवन नवीनीकरण जैसी गतिविधियों में क्यों किया गया।

CAG रिपोर्ट का कोर्ट ने लिया संज्ञान

दरअसल, भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) की एक रिपोर्ट में यह सामने आया कि उत्तराखंड वन प्राधिकरण ने CAMPA निधियों का उपयोग अनधिकृत कार्यों के लिए किया। जब यह मामला न्याय मित्र के. परमेश्वर ने अदालत के संज्ञान में लाया, तो जस्टिस बी.आर. गवई और जस्टिस ए.जी. मसीह की खंडपीठ ने इसे गंभीरता से लिया और राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई।

निधि का इस तरह उपयोग नहीं हो सकता

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि CAMPA निधि का मुख्य उद्देश्य देश में वनों का विस्तार और पर्यावरण संरक्षण है, न कि प्रशासनिक खर्चों या अनावश्यक वस्तुओं की खरीद। अदालत ने यह भी कहा कि अधिनियम के अनुसार इस निधि पर जो भी ब्याज बनता है, उसे राज्य प्रतिपूरक वनीकरण निधि (SCAF) में जमा किया जाना चाहिए, लेकिन उत्तराखंड सरकार ने ऐसा नहीं किया।

हलफनामा दाखिल करने का निर्देश

कोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव से कहा कि वे इस पूरे मामले पर स्पष्टीकरण देते हुए अगली सुनवाई की तिथि तक एक हलफनामा दाखिल करें। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि अगर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो सरकार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

वन संरक्षण के नाम पर हो रही लापरवाही?

CAMPA निधि का उद्देश्य वनों की कटाई से हुए नुकसान की भरपाई के लिए नए वृक्षारोपण और वन क्षेत्र बढ़ाने के उपायों में इसका उपयोग करना है। लेकिन CAG रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तराखंड में इस धन का इस्तेमाल व्यक्तिगत और प्रशासनिक सुख-सुविधाओं पर किया गया, जिससे इस योजना के मूल उद्देश्य पर सवाल खड़े हो गए हैं।

हर्षिल-मुखबा दौरे पर PM मोदी, मां गंगा की विशेष पूजा-अर्चना

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हर्षिल/मुखबा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को हर्षिल और मुखबा के दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने मां गंगा की विशेष पूजा-अर्चना की। उनके इस दौरे से यमुनोत्री धाम के पुरोहित समाज में उत्साह है। पूर्व पंच पड़ा समिति के अध्यक्ष मनमोहन उनियाल ने उम्मीद जताई कि इससे वर्षों से उपेक्षित चारधाम के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक, यमुनोत्री धाम के कायाकल्प की संभावनाएं बढ़ेंगी।

पीएम मोदी ने की गंगा आरती

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुखबा स्थित गंगा मंदिर में आगमन पर श्री पांच गंगोत्री मंदिर समिति की ओर से उन्हें गंगाजल भेंट किया गया। इस दौरान उन्होंने 20 मिनट तक विशेष पूजा-अर्चना की। पारंपरिक ढोल-रणसिंघे की ध्वनि के बीच पूरे विधि-विधान से गंगा आरती संपन्न हुई।

चीन सीमा पर बढ़ी सुरक्षा

पीएम मोदी के इस दौरे को लेकर सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर थीं। हर्षिल और मुखबा क्षेत्र को जीरो जोन घोषित किया गया था, जहां बिना पास के किसी को भी प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। इसके बावजूद सीमांत गांवों के लोग गुरुवार सुबह 7 बजे से ही जनसभा स्थल पर पहुंचने लगे थे।

भारत-तिब्बत व्यापार 

प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान यह भी चर्चा में रहा कि 1962 के भारत-चीन युद्ध से पहले भारत का तिब्बत से सीधा व्यापारिक संबंध था। हालांकि युद्ध के बाद व्यापार और कैलाश मानसरोवर यात्रा बंद हो गई थी। 1976 में यात्रा दोबारा शुरू हुई, लेकिन कोविड और भारत-चीन संबंधों में तनाव के कारण यह फिर बाधित हो गई। हाल ही में विदेश मंत्री की चीन के विदेश मंत्री से हुई वार्ता के बाद उम्मीदें जगी हैं कि यह यात्रा फिर शुरू हो सकती है।

पीएम मोदी हर्षिल पहुंचे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार सुबह वायुसेना के विशेष विमान से देहरादून पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, नरेश बंसल, पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत और रमेश पोखरियाल निशंक ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वह एमआई-17 हेलिकॉप्टर से हर्षिल के लिए रवाना हुए। हर्षिल पहुंचने पर उन्होंने मां गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा के लिए प्रस्थान किया।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने जरूरतमंदों को विधानसभा अध्यक्ष द्वारा स्वीकृत विवेकाधीन कोष के तहत वितरित किए आर्थिक सहायता के चेक।

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देहरादून, 4 मार्च 2025। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मंगलवार को अपने कैंप कार्यालय में आर्थिक सहायता चेक वितरण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मसूरी विधानसभा क्षेत्र के जरूरतमंदों को पांच-पांच हजार रुपये के चेक वितरित किए गए। यह सहायता विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी द्वारा स्वीकृत विवेकाधीन कोष के तहत प्रदान की गई। इस अवसर पर मंत्री गणेश जोशी ने विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी का आभार व्यक्त किया और उनके सहयोग को सराहा।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की मदद करना हमारी प्राथमिकता है, और इसी उद्देश्य से जरूरतमंदों को यह सहायता प्रदान की जा रही है। कार्यक्रम के दौरान मंत्री गणेश जोशी ने यह भी कहा कि राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से समाज के कमजोर तबकों की मदद कर रही है। उन्होंने कहा कि आगे भी जरूरतमंदों को सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष प्रदीप रावत, विष्णु गुप्ता भी उपस्थित रहे।

इन लाभार्थियों को मिला आर्थिक सहायता चेक – दीपक सिंह, शारदा देवी, वर्षा, शिवानी, पूनम, सुमन देवी, आकांक्षा चीनाली, रजनी देवी, सरिता, प्रमोद कुमार, उमा गुरुंग, विमला देवी, अनूप कुमार, कौशल्या देवी, शीतल, शेफाली, बसंती, सपना आदि लोगों को आर्थिक सहायता के चेक सौंपे गए।

नाबार्ड उत्तराखण्ड क्षेत्रीय कार्यालय, देहरादून में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2025 में विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूड़ी रही मुख्य अतिथि।

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देहरादून 5 मार्च 2025 । राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड), उत्तराखण्ड क्षेत्रीय कार्यालय, देहरादून द्वारा आईटी पार्क, सहस्त्रधारा रोड स्थित कार्यालय में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2025 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती ऋतु खण्डूडी भूषण, अध्यक्ष, उत्तराखंड विधानसभा उपस्थित रहीं।

विधानसभा अध्यक्ष ने महिलाओं के महत्व को रेखांकित करते हुए नारी शक्ति की प्रगति से ही विकसित भारत की संकल्पना साकार हो सकती है । ग्रामीण उधमिता व महिला स्वरोजगार के कार्यक्रम को नाबार्ड द्वारा 1992 से निरन्तर संचालित किया जा रहा है स्वयं सहायता समूह की अवधारणा महिला विकास के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम है । वर्तमान में लगभग 1.44 करोड़ स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं जिससे लगभग 18 करोड़ परिवार जुड़े हुए हैं।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा नाबार्ड अपनी विभिन्न योजनाओं यथा सूक्ष्म उद्यम विकास कार्यक्रम, आजीविका उद्यम विकास कार्यक्रम एवं आदिवासी विकास परियोजनाओं के माध्यम से महिलाओं के सशक्तिकरण में निरंतर योगदान दे रहा है और उन्हें सामाजिक और आर्थिक रूप आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

श्रीमती ऋतु खण्डूडी भूषण ने अपनी पृष्ठभूमि के बारे में बताया की उनके परिवार में भी महिलाओं का समाजिक उत्थान व सामाजिक सरोकारों से सदैव वास्ता रहा है जिसके कारण उन्हें भी प्रेरणा मिली उत्तराखण्ड में भी समय के साथ महिलाओं का सामाजिक व आर्थिक विकास हो रहा है। जिसमें अभी भी बहुत कार्य करने की आवश्यकता है

श्रीमती खण्डूडी ने बताया की महिलाओं का आर्थिक विकास सुनिश्चित किए बिना उनका समग्र विकास नहीं हो सकता एवं इस क्षेत्र में नाबार्ड की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। भविष्य में भी श्रीमती खण्डूडी द्वारा नाबार्ड से महिलाओं के हित में निरंतर प्रयासरत रहने एवं विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं का सम्पूर्ण विकास सुनिश्चित करने में प्रयासरत रहना चाहिए।

कार्यक्रम के अन्त में मुख्य अतिथि ने महिला सशक्तिकरण के क्षेत्रों में विभिन्न उपलब्धियाँ प्राप्त करने वाली एवं दूसरी महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनकर उभरने वाली महिलाओं को सम्मानित किया एवं समृतिचिह्न प्रदान किया, साथ ही साथ मुख्य अतिथि ने नाबार्ड द्वारा वित्तपोषित महिला स्वयं सहायता समूहों एवं उत्पादक संगठनों के उत्पादों की प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया। विभिन्न स्टॉलों में महिला स्वयं सहायता समूहों के द्वारा तैयार किए गए विभिन्न उत्पादों का मुख्य अतिथि द्वारा अवलोकन किया जिसमें मुख्य रूप से रिंगाल, हथकरघा, अचार, मसाले आदि उत्पाद शामिल रहे।

मुख्य अतिथि ने महिलाओं के साथ वार्तालाप कर उत्पादों की जानकारी ली और महिलाओं का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम का समापन पंकज कुमार यादव, महाप्रबंधक, नाबार्ड नीलकमल कुमार उप महाप्रबंधक सहित अनेक गणमान्य लोग व मातृशक्ति उपस्थित रहीं