देहरादून, 8 मार्च 2025। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आज देहरादून के ग्राम पंचायत गल्जवाड़ी में अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया और उन्हें शुभकामनाएं दीं।
मंत्री गणेश जोशी ने अपने संबोधन में कहा, “आज महिलाओं को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। देश के विकास में महिलाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण है, और उन्हें हर क्षेत्र में सशक्त बनाने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा महिलाओं के कल्याण के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक कार्य किए हैं, जिनका लाभ आज करोड़ों महिलाओं को मिल रहा है। इस दौरान क्षेत्रवासियों की मांग पर मंत्री गणेश जोशी ने गल्जवाड़ी में बारात घर निर्माण की घोषणा भी की, जिससे स्थानीय लोगों को सामाजिक व पारिवारिक आयोजनों के लिए सुविधा मिल सकेगी। उन्होंने सभी को होली की अग्रिम शुभकामनाएं भी दी।
इस अवसर पर ग्राम प्रधान गल्जवाड़ी लीला शर्मा, ज्योति कोटिया, पार्षद नंदनी शर्मा, मंडल महिला मोर्चा मंत्री विनीता अधिकारी, रेखा, दीपा, विमला, रेणु राणा, कविता, हरिमाला, शोभा अधिकारी उपस्थित रहे।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं को किया सम्मानित।
हर महिला को 2500 रुपये: भाजपा ने महिला समृद्धि योजना को दी हरी झंडी
दिल्ली : अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर भाजपा ने महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देने की घोषणा की। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने दिल्ली में आयोजित ‘महिला दिवस कार्यक्रम’ में महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि “महिला समृद्धि योजना” को लागू करने के लिए 5100 करोड़ रुपये का बजट पास कर दिया गया है। इस योजना के तहत हर पात्र महिला को 2500 रुपये दिए जाएंगे।
जेपी नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार का ध्यान “Women-led Development” पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि जब नारी शक्ति का विकास होता है, तो देश और दुनिया का विकास होता है। भाजपा हमेशा से महिलाओं के उत्थान के लिए काम करती आई है, और आज भी यही संकल्प दोहराया जा रहा है।
जेपी नड्डा ने यह भी कहा कि दिल्ली में भाजपा की जीत में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने दिल्ली की महिलाओं को धन्यवाद देते हुए कहा, “यदि महिलाओं का समर्थन न मिलता तो दिल्ली में भाजपा की जीत संभव नहीं होती। यह जीत महिलाओं के आशीर्वाद और सहयोग से ही मिली है।”
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस मौके पर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “कांग्रेस के दौर में जब इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थीं, तो उनके अलावा कोई महिला कैबिनेट में नहीं थी। वहीं, आप की सरकार में महिला सांसदों को घर पर बुलाकर पीटा जाता था। भाजपा ही एकमात्र पार्टी है जहां महिलाओं का वास्तविक सम्मान किया जाता है।”
रेखा गुप्ता ने बताया कि “भाजपा ने ही मुझे मुख्यमंत्री बनाकर बजट पेश करने का अवसर दिया है, ठीक उसी तरह जैसे केंद्र में निर्मला सीतारमण को वित्त मंत्री बनाया गया।” उन्होंने कहा कि भाजपा में महिलाओं को अवसर दिए जाते हैं, न कि सिर्फ दिखावे के लिए आगे लाया जाता है।
दिल्ली की कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने “महिला सम्मान योजना” पर मुहर लगा दी है। उन्होंने कहा, “हमने दिल्ली चुनाव के संकल्प पत्र में वादा किया था कि गरीब बहनों को 2500 रुपये की सहायता दी जाएगी। आज हमने इसे पूरा करने के लिए 5100 करोड़ रुपये का बजट पास कर दिया है।”
महिलाओं के लिए नई योजनाएं
जेपी नड्डा ने बताया कि भाजपा सरकार ने कई योजनाओं से महिलाओं को सशक्त किया है:
नारी शक्ति वंदन योजना
नारी पंचायत योजना
उज्ज्वला योजना – जिससे महिलाएं लकड़ी काटने और चूल्हे के धुएं से मुक्त हुईं.
वन स्टॉप सेंटर – हर जिले में महिलाओं के लिए मदद केंद्र बनाए जाएंगे.
पिंक टॉयलेट योजना – हर जरूरत की जगह पर महिलाओं के लिए विशेष शौचालय बनाए जाएंगे.
जेपी नड्डा ने कहा कि जब भी विकसित भारत की कल्पना की जाती है, तो उसमें महिलाओं की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा, “महिलाओं के बिना न तो समाज आगे बढ़ सकता है, न ही देश। भाजपा सरकार इस सोच के साथ काम कर रही है कि महिलाओं को जितना सशक्त किया जाएगा, देश उतना ही आगे बढ़ेगा।”
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर भाजपा ने महिलाओं के लिए कई नई योजनाओं की घोषणा की, जिसमें सबसे प्रमुख महिला समृद्धि योजना है। दिल्ली सरकार द्वारा इसे लागू करने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। भाजपा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि महिलाओं के विकास के बिना देश का विकास अधूरा है, और इस दिशा में सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
राहुल गांधी का बड़ा बयान: कांग्रेस में कई बब्बर शेर, लेकिन चेन से बंधे हुए
गुजरात दौरे पर पहुंचे कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अपनी ही पार्टी को कठघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने कांग्रेस संगठन की कमजोरी पर खुलकर बात करते हुए कहा कि पार्टी में कई बब्बर शेर हैं, लेकिन वे चेन से बंधे हुए हैं। उन्होंने पार्टी के भीतर बैठे ऐसे नेताओं पर निशाना साधा जो, उनके मुताबिक, कांग्रेस के बजाय बीजेपी के लिए काम कर रहे हैं।
गुजरात कांग्रेस पर राहुल का तीखा हमला
राहुल गांधी ने कहा कि गुजरात कांग्रेस इस समय “अटकी हुई” है और उसे सही रास्ता नहीं दिख रहा। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि मौजूदा नेतृत्व राज्य को सही दिशा देने में असमर्थ है। उन्होंने कहा,
“मैं कांग्रेस पार्टी का सदस्य हूं और मैं खुलकर कह रहा हूं कि गुजरात कांग्रेस पार्टी उसे रास्ता दिखाने में असमर्थ है। मैं इसे बिना किसी शर्म और डर के कह रहा हूं। चाहे हमारे कार्यकर्ता हों, महासचिव हों, पीसीसी अध्यक्ष हों या मैं खुद, हम गुजरात को सही दिशा देने में विफल हैं।”
राहुल गांधी के इस बयान ने गुजरात कांग्रेस की कार्यशैली और नेतृत्व पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
संगठन में बड़े बदलाव के संकेत
राहुल गांधी ने पार्टी में बड़े बदलाव के संकेत देते हुए कहा कि अगर 10 से 40 नेताओं को बाहर भी करना पड़े तो किया जाना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस संगठन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा,
“कांग्रेस पार्टी रेस के घोड़े को बारात में लगा देती है और बारात के घोड़ों को रेस में दौड़ाने की कोशिश करती है।”
यह बयान साफ संकेत देता है कि कांग्रेस में बड़े फेरबदल की तैयारी चल रही है और जल्द ही संगठन में बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
कांग्रेस में दो तरह के नेता
राहुल गांधी ने पार्टी के भीतर दो तरह के नेताओं की मौजूदगी की बात कही। उन्होंने कहा,
- पहली श्रेणी के नेता – वे लोग जो जनता से सीधे जुड़े हुए हैं और जिनके दिल में कांग्रेस बसी हुई है।
- दूसरी श्रेणी के नेता – वे लोग जो जनता से कटे हुए हैं और उन्हें आम लोगों के मुद्दों की कोई जानकारी नहीं है।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इस दूसरी श्रेणी के नेताओं में से भी आधे ऐसे हैं जो कांग्रेस में रहकर भी बीजेपी के लिए काम कर रहे हैं।
क्या गुजरात कांग्रेस में होगा बड़ा बदलाव?
राहुल गांधी के इस बयान से यह साफ संकेत मिलता है कि पार्टी में जल्द ही बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। उनके इस बयान से गुजरात कांग्रेस में हलचल मच गई है और यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी नेतृत्व इस पर क्या कदम उठाता है। क्या कांग्रेस में बड़े नेताओं की छंटनी होगी? क्या संगठन को फिर से खड़ा करने की कोई नई रणनीति बनाई जाएगी? यह तो आने वाला समय ही बताएगा, लेकिन एक बात साफ है – राहुल गांधी अब पार्टी में अंदरूनी सफाई के मूड में हैं।
एनटीपीसी कोयला परियोजना के डीजीएम कुमार गौरव की गोली मारकर हत्या
हजारीबाग। एनटीपीसी कोयला परियोजना केरेडारी के कोयला डिस्पैच विभाग के डीजीएम कुमार गौरव की अपराधियों ने शनिवार सुबह गोली मारकर हत्या कर दी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और अपराधियों की तलाश जारी है।
ऑफिस जाते समय हुआ हमला
जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह कुमार गौरव हजारीबाग स्थित अपने आवास से कार्यालय जाने के लिए निकले थे। वह कंपनी के वाहन में सवार थे। जैसे ही वह कटकमदाग थाना क्षेत्र के फतहा चौक पहुंचे, बाइक सवार अपराधियों ने उनकी गाड़ी को ओवरटेक किया और उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
अस्पताल में मृत घोषित
आनन-फानन में कुमार गौरव को आरोग्य अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया जाता है कि कुमार गौरव मूल रूप से बिहार के नालंदा जिले के रहने वाले थे। उनकी हत्या की खबर सुनकर परिजनों में कोहराम मच गया।
प्रशासन पर उठे सवाल
इस हत्या के बाद प्रशासन पर भी सवाल उठ रहे हैं। कोयला खनन क्षेत्र में पदाधिकारियों पर लगातार हो रहे हमलों से सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई है। इससे पहले भी आउटसोर्सिंग कंपनी के जीएम की हत्या लेवी को लेकर अपराधियों द्वारा की गई थी।
क्या लेवी मांगने के चलते हुई हत्या?
कुमार गौरव एनटीपीसी के कोयला डिस्पैच विभाग के डीजीएम थे, और उन पर कोयला आपूर्ति की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी थी। माना जा रहा है कि यह हत्या कोयला माफिया और लेवी के विवाद से जुड़ी हो सकती है। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है।
जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। अपराधियों की तलाश के लिए एसआईटी गठित कर दी गई है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और जल्द ही दोषियों को पकड़ने की बात कही जा रही है।
कोयला क्षेत्र में बढ़ती हिंसा चिंता का विषय
एनटीपीसी और अन्य खनन परियोजनाओं से जुड़े अधिकारियों पर बढ़ते हमले चिंता का विषय बन गए हैं। लेवी वसूली के लिए कोयला माफिया लगातार हिंसक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। प्रशासन को इस मुद्दे पर सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
10वीं की परीक्षा में बांट दिए 12वीं के पेपर, रद्द हुआ अंग्रेजी का एग्जाम
धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने 8 मार्च को होने वाली 12वीं कक्षा की अंग्रेजी विषय की वार्षिक परीक्षा स्थगित कर दी है। यह निर्णय चंबा जिले के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चुवाड़ी परीक्षा केंद्र में हुई गंभीर लापरवाही के चलते लिया गया, जहां शुक्रवार को 10वीं की अंग्रेजी परीक्षा के दौरान छात्रों को 12वीं कक्षा का प्रश्नपत्र बांट दिया गया।
कैसे हुई गलती?
शुक्रवार को 10वीं कक्षा की अंग्रेजी परीक्षा के दौरान बोर्ड के दिशानिर्देशों के अनुसार परीक्षा केंद्र में अधीक्षक, उपाधीक्षक और प्रधानाचार्य की उपस्थिति में प्रश्नपत्र खोला गया। इसका वीडियो बनाकर ‘एग्जाम मित्रा’ मोबाइल एप पर अपलोड किया गया और इसके बाद विद्यार्थियों में प्रश्नपत्र बांटे गए।
हालांकि, किसी ने भी प्रश्नपत्र पर ध्यान नहीं दिया कि यह 10वीं का नहीं, बल्कि 12वीं कक्षा का अंग्रेजी विषय का प्रश्नपत्र था। बाद में गलती का एहसास होने पर सभी वितरित प्रश्नपत्र एकत्र किए गए और छात्रों को सही प्रश्नपत्र दिए गए।
शिक्षा बोर्ड को शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई
इस लापरवाही की शिकायत शिक्षा बोर्ड को ईमेल के माध्यम से शाम 4:30 बजे मिली। बोर्ड के अधिकारियों ने ‘एग्जाम मित्रा’ एप में अपलोड किए गए वीडियो की जांच की और गलती की पुष्टि होने पर 12वीं की अंग्रेजी परीक्षा को स्थगित करने का निर्णय लिया।

परीक्षा केंद्र पर तैनात स्टाफ पर गिरी गाज
चुवाड़ी परीक्षा केंद्र में तैनात परीक्षा अधीक्षक सुमन लता, उपाधीक्षक चंद्र मोहन और सुभाष की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं। बोर्ड ने इस मामले की जांच के लिए उपसचिव की अध्यक्षता में एक टीम चुवाड़ी भेजी है। दोषी पाए गए शिक्षकों पर बोर्ड परीक्षाओं में ड्यूटी करने पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
दसवीं के प्रश्नपत्र में भी हुई गलती
इसके अलावा, 10वीं की अंग्रेजी परीक्षा के प्रश्नपत्र में भी त्रुटि सामने आई है। ए सीरीज के प्रश्नपत्र में बी सीरीज का कुछ भाग छप गया था, जिससे परीक्षार्थियों को परेशानी हुई। यह समस्या कांगड़ा, मंडी, बिलासपुर और ऊना के कई परीक्षा केंद्रों पर देखने को मिली। छात्रों को अतिरिक्त समय देकर सही प्रश्नपत्र मुहैया करवाया गया।
बोर्ड का बयान
बोर्ड सचिव डॉ. मेजर विशाल शर्मा ने कहा, “चुवाड़ी केंद्र में 10वीं की जगह 12वीं का प्रश्नपत्र खुला था। इसकी शिकायत के बाद ‘एग्जाम मित्रा’ एप के जरिए गलती की पुष्टि हुई। 12वीं की परीक्षा स्थगित कर दी गई है और इसकी नई तिथि जल्द घोषित होगी। मामले की जांच के लिए टीम भेजी गई है और दोषी शिक्षकों पर कार्रवाई की जाएगी।”
प्रधानाचार्य ने दी सफाई
चुवाड़ी परीक्षा केंद्र की प्रधानाचार्य रेखा ने कहा, “प्रश्नपत्र खोलने के दौरान मैंने भी ध्यान नहीं दिया कि यह 12वीं का है। वीडियो अपलोड करने के बाद मैं वहां से चली गई थी। बाद में गलती का पता चला तो तुरंत सही प्रश्नपत्र वितरित किए गए। बोर्ड की जांच टीम चुवाड़ी केंद्र से रिपोर्ट तैयार करने के बाद आगे की कार्रवाई की सिफारिश करेगी। इस घटना ने बोर्ड परीक्षाओं में गोपनीयता और प्रश्नपत्र वितरण प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025: भारत-न्यूजीलैंड फाइनल के लिए पिच का चयन, रोमांचक मुकाबले की तैयारी पूरी
दुबई में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल मुकाबले की उलटी गिनती शुरू हो गई है। भारत और न्यूजीलैंड के बीच यह महत्त्वपूर्ण मैच रविवार को दुबई स्पोर्ट्स सिटी स्टेडियम में खेला जाएगा। इस बहुप्रतीक्षित खिताबी भिड़ंत के लिए पिच का चयन कर लिया गया है, जिससे मैच को लेकर उत्साह चरम पर है।
पहले इस्तेमाल की गई पिच पर खेला जाएगा फाइनल
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, फाइनल मुकाबले के लिए उसी पिच का उपयोग किया जाएगा, जिस पर ग्रुप स्टेज में भारत और पाकिस्तान के बीच हाई-प्रोफाइल मैच खेला गया था। अमीरात क्रिकेट बोर्ड ने अपनी दो सप्ताह की पिच आराम नीति को बरकरार रखते हुए यह निर्णय लिया है। चैंपियंस ट्रॉफी के शुरू होने से पहले इस मैदान पर आईएलटी20 (ILT20) टूर्नामेंट खेला गया था, जिससे नई पिच तैयार करने के लिए अधिक समय नहीं मिल पाया। ऐसे में आईसीसी के पास इस पहले इस्तेमाल की गई पिच को दोबारा उपयोग करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।
दो हफ्ते बाद फिर उपयोग होगी यह पिच
इस पिच का आखिरी बार इस्तेमाल 23 फरवरी को भारत-पाकिस्तान मुकाबले के दौरान हुआ था, और अब 9 मार्च को भारत-न्यूजीलैंड के फाइनल में इसका दोबारा उपयोग होगा। भारत के पूर्व कोच और कमेंटेटर रवि शास्त्री ने भी इस नीति का समर्थन करते हुए कहा कि ग्राउंड स्टाफ ने पिच को दो सप्ताह का पूरा आराम दिया है, ताकि यह मुकाबले के लिए पूरी तरह तैयार हो सके। उनके अनुसार, पूरे टूर्नामेंट में मैदान और आउटफील्ड की देखभाल बहुत ही बारीकी से की गई है, जिससे दुबई की तेज़ गर्मी के बावजूद आउटफील्ड हरी-भरी बनी हुई है।
स्पिनरों की भूमिका हो सकती है अहम
दुबई की गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के कारण स्पिन गेंदबाजों की भूमिका इस फाइनल मुकाबले में और भी महत्वपूर्ण हो सकती है। सेंटर विकेट को पिछले कुछ दिनों से कवर में रखा गया था और इसका पहला औपचारिक निरीक्षण शनिवार को किया जाएगा। इससे पहले भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए मैच में भी स्पिनरों का दबदबा देखने को मिला था। उस मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 49.4 ओवर में 241 रन पर समेट दिया था, जहां स्पिनरों ने पांच विकेट झटके थे। वहीं, भारतीय टीम ने 42.3 ओवर में चार विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया था।
दुबई में तेज गेंदबाजों का भी दबदबा
दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में अब तक कुल 860 विकेट गिरे हैं, जिनमें से 493 तेज गेंदबाजों को और 350 स्पिनरों को मिले हैं। इस मैदान पर पिछले 9 वनडे मैचों में 123 विकेट गिरे हैं, जिनमें से 70 तेज गेंदबाजों और 50 स्पिनरों ने लिए हैं। ऐसे में पिच का मिजाज तेज और स्पिन गेंदबाजों दोनों के लिए अनुकूल माना जा सकता है।
भारत के लिए ऐतिहासिक मौका
भारतीय टीम का दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में रिकॉर्ड शानदार रहा है। यहां अब तक खेले गए 10 वनडे मुकाबलों में भारत ने 9 में जीत दर्ज की है, जबकि एक मैच टाई रहा है। दूसरी ओर, न्यूजीलैंड ने इस मैदान पर तीन मैच खेले हैं, जिनमें से दो में उसे हार मिली, जबकि एक मैच का कोई नतीजा नहीं निकला।
गौरतलब है कि भारत और न्यूजीलैंड 25 साल बाद फिर से चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में आमने-सामने होंगे। साल 2000 में खेले गए फाइनल में न्यूजीलैंड ने भारत को हराकर खिताब जीता था। अब भारतीय टीम के पास उस हार का बदला लेने और चैंपियंस ट्रॉफी पर कब्जा जमाने का सुनहरा मौका है। क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें इस रोमांचक मुकाबले पर टिकी हुई हैं, जहां दोनों टीमें अपनी पूरी ताकत झोंकने को तैयार हैं।
कोटद्वार विधानसभा में नमामि गंगे के द्वारा ₹135 करोड़ की लागत से लगेगा एसटीपी प्लांट।
कोटद्वार 7 मार्च 2025 । विधानसभा अध्यक्ष व विधायक कोटद्वार ऋतु खण्डूडी भूषण ने विधानसभा कोटद्वार के अंतर्गत शहरी क्षेत्र में ₹135 करोड़ की लागत से बनने जा रहे नये एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) के कार्य की जानकारी संबंधित अधिकारियों ने पार्षदों और जनता से साझा करी। ऋतु खण्डूडी ने बताया कि नई एसटीपी का कार्य जल्द शुरू होने वाला है जिससे हम अपने नदियों को गंदा होने से बचा सकेंगे।
उन्होंने साथ ही यह भी बताया कि यह नई एस०टी०पी० भारत सरकार की नमामी गंगे योजना के अंतर्गत है जिसे की वो भारत सरकार से कोटद्वार के लिए लाई हैं।इससे न केवल कोटद्वार वासियों को लाभ मिलेगा बल्कि पर्यावरण के दृष्टि से भी यह अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस विषय पर और जानकारी देते हुए उन्होंने कहा की राज्य विभाजन के बाद पुराना एसटीपी उत्तर प्रदेश में चला गया और तब से इन 25 वर्षों से कोटद्वार एक एसटीपी की राह देख रहा था जो आज पूरा हो रहा है।
ऋतु खण्डूडी ने एस०टी०पी० के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने बताया एसटीपी के माध्यम से 9 गंदे नालों पर टैपिंग होगी जिससे जनता को गंदगी से राहत मिलेगी। उन्होंने बताया वर्तमान में नगर में केवल 10% क्षेत्र में ही सीवर नेटवर्क है, इसके आने से शहरी क्षेत्र में एस०टी०पी० के माध्यम से खो नदी में सीधे गिर रहे 09 गंदे नालों से हो रहे प्रदूषण की रोकथाम होगी एवं कोटद्वार में पूर्व निर्मित सिवरेज व्यवस्था को भी इस योजना में जोड़ दिया जाएगा एवं वर्तमान में कोटद्वार नगर के नगर वासियों के सेफ्टीक टैंक से निकलने वाले सेफ्टेज का भी समुचित निस्तारण एवं शोधन संभव हो सकेगा ।
साथ ही ऋतु खण्डूडी ने कोटद्वार में उत्तराखंड नगरीय क्षेत्र विकास अभिकरण द्वारा ₹373 करोड़ की लागत से बन रही पेयजल आपूर्ति योजना की रूपरेखा विभागीय अधिकारियों की मदद से वार्ड संख्या 4 से 26 के उपस्थित पार्षदों के बीच साझा करी ।
ऋतु खण्डूडी ने बताया कि खो और सुखरो नदी के बीच के इन 23 वार्डों को 20 डीएमए में बांटा गया है, ताकि काम सुचारू और व्यवस्थित तरीके से हो सके। इस परियोजना के तहत पानी की टंकियां , ट्यूबवेल और पानी की नई लाइन बिछाने का कार्य गतिमान है, जिसकी वजह से आम जनता को आवागमन में आ रही दिक्कतों से अधिकारियों को अवगत करवाया और उन पर तुरंत कारवाही करने के निर्देशित दिया।
इस अवसर पर अधिशासी अभियंता संजीव कुमार वर्मा , जतिन सिंह सैनी प्रोजेक्ट मैनेजर एडीपी, मण्डल अध्यक्ष विकासदीप मित्तल ,पार्षद नीरू बाला , पिंकी खंतवाल , राजेंद्र बिष्ट , सोनिया नेगी , पंकज भाटिया , जयदीप नौटियाल , किरन काला, ज्योति , उमेद सिंह नेगी आदि लोग उपस्थित रहे ।
गोप्रतिष्ठा आंदोलन पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने पीएम ‘मोदी की फोटो’ से सांकेतिक वार्ता
वाराणसी। ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सांकेतिक संवाद कर गोप्रतिष्ठा आंदोलन की महत्ता को लेकर एस बड़ा संदेश दिया है। इस संवाद के माध्यम से उन्होंने गौसंरक्षण और सनातनी मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने काम किया। हालांकि, यह बातचीत प्रतीकात्मक थी, लेकिन इसके गहरे निहितार्थ हैं।
गौसंरक्षण के प्रति बढ़ती चिंता
देश में गौसंरक्षण को लेकर चिंताओं का बढ़ना स्वाभाविक है। गोवंश का महत्व केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि आर्थिक और सांस्कृतिक भी है। हिंदू धर्म में गौमाता को पूजनीय माना गया है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में उनकी सुरक्षा और संरक्षण को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
शंकराचार्य ने इस संवाद के माध्यम से गौसंरक्षण को राष्ट्रहित से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गौमाता केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए कल्याणकारी हैं। वे भारतीय कृषि, पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, इसलिए उनका संरक्षण न केवल धर्म का विषय है, बल्कि यह सामाजिक एवं आर्थिक दृष्टि से भी अनिवार्य है।
गोप्रतिष्ठा आंदोलन का महत्व
गोप्रतिष्ठा आंदोलन के तहत गौमाता के सम्मान, सुरक्षा और उनके धार्मिक-सांस्कृतिक महत्व को पुनर्स्थापित करने की मांग की जा रही है। इस आंदोलन का उद्देश्य केवल गौहत्या पर प्रतिबंध तक सीमित नहीं है, बल्कि गौशालाओं की स्थिति सुधारना, गोवंश के पालन-पोषण को प्रोत्साहित करना और गो-उत्पादों (गौदुग्ध, गौमूत्र, गोबर) को भारतीय अर्थव्यवस्था में पुनः महत्वपूर्ण स्थान दिलाना भी है।
शंकराचार्य महाराज लंबे समय से इस विषय पर मुखर रहे हैं और इस दिशा में राष्ट्रव्यापी चेतना जागृत करने का प्रयास कर रहे हैं। उनका मानना है कि जब तक गौसंरक्षण को राष्ट्रीय नीति का हिस्सा नहीं बनाया जाता, तब तक इस दिशा में सार्थक बदलाव संभव नहीं होगा।
गौसंरक्षण और सरकार की भूमिका
गौसंरक्षण को लेकर सरकार की भूमिका भी अहम हो जाती है। विभिन्न राज्यों में गौहत्या पर प्रतिबंध के कानून लागू हैं, लेकिन इनका सख्ती से पालन नहीं हो पाता। कई स्थानों पर गौशालाओं की दुर्दशा देखने को मिलती है, और निराश्रित गायें सड़कों पर भूख-प्यास से तड़पती नजर आती हैं।
शंकराचार्य ने प्रधानमंत्री मोदी से सांकेतिक संवाद के माध्यम से यह संदेश दिया कि गौसंरक्षण को केवल आस्था तक सीमित न रखकर इसे कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर भी प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाती है, तो इससे सनातन संस्कृति और भारतीय समाज को एक नई दिशा मिल सकती है।
संस्कृति और राष्ट्रहित से जुड़ा विषय
गौसंरक्षण केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा मुद्दा नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और परंपरा का अभिन्न अंग है। इतिहास गवाह है कि जब-जब गौसंरक्षण कमजोर हुआ, तब-तब समाज में अस्थिरता आई। इसलिए, यह आवश्यक है कि सरकार और समाज मिलकर इस दिशा में ठोस कदम उठाएं। शंकराचार्य का यह सांकेतिक संवाद केवल प्रतीकात्मक नहीं था, बल्कि यह पूरे समाज के लिए एक संदेश था कि गौसंरक्षण को अब टालने योग्य मुद्दा नहीं माना जा सकता। गौमाता का सम्मान, उनकी सुरक्षा और उनके धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व को पुनः स्थापित करना समय की मांग है।
उत्तराखण्ड औद्यानिक परिषद की 8वीं सामान्य सभा बैठक सम्पन्न।
देहरादून, 7 मार्च 2025। उत्तराखण्ड औद्यानिक परिषद की 8वीं सामान्य सभा बैठक आज राजकीय उद्यान सर्किट हाउस, देहरादून में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने की।
बैठक की शुरुआत परिषद द्वारा विगत वर्षों की आय-व्यय विवरण प्रस्तुत किया गया और पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों की अनुपालन आख्या पर चर्चा हुई। बैठक के एजेंडे पर बिंदुवार चर्चा की गई। जिसमे उत्तराखण्ड औद्यानिक परिषद की 8वीं सामान्य सभा बैठक में राज्य के कृषि और उद्यानिकी क्षेत्र को डिजिटल बनाने के उद्देश्य से ‘परिषद ने एक निजी कंपनी के सहयोग से तैयार “डिजिटल उद्यान एवं प्लांट एलोकेशन सिस्टम” की ड्राफ्ट रिपोर्ट पर विस्तृत चर्चा की। राज्य के किसानों के हित में राज्य में कृषि विभाग एवं अन्य सहयोगी विभागों की योजनाओं को डिजिटाइज़ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। यह कार्य राजस्थान सरकार के सहयोग तथा निजी कंपनी द्वारा तैयार रिपोर्ट के आधार पर किया जाएगा। इसके लिए परिषद ने ₹20 लाख के व्यय को अनुमोदित किया।
राजकीय उद्यान चौबटिया स्थित नवनिर्मित भवन को परिषद को हस्तांतरित किए जाने के बाद, वहां कृषकों द्वारा उत्पादित प्रसंस्कृत उत्पादों की बिक्री और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए एक रिटेल आउटलेट एवं रेस्टोरेंट की स्थापना का निर्णय लिया गया। इसके लिए परिषद ने ₹25 लाख की धनराशि को अनुमोदित/स्वीकृत किया। बैठक में सेब की अति सघन बागवानी योजना, औद्यानिक प्रसंस्कृत उत्पादों के विपणन और राज्य के उत्पादों के प्रचार-प्रसार से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। राज्य में सेब की अति सघन बागवानी योजना के तहत नए सेब बागान स्थापित करने वाले कृषकों को प्रशिक्षण देने के लिए कार्योत्तर स्वीकृति/अनुमोदन प्रदान किया गया। यह प्रशिक्षण किसानों को आधुनिक तकनीकों से अवगत कराकर सेब उत्पादन की गुणवत्ता और उत्पादकता बढ़ाने में मदद करेगा। जाइका (JICA) पोषित उत्तराखण्ड एकीकृत बागवानी विकास योजना (UKIHDP) के अंतर्गत नैनीताल और टिहरी के काश्तकारों द्वारा उत्पादित औद्यानिक प्रसंस्कृत उत्पादों के विपणन के लिए परिषद द्वारा रिटेल आउटलेट स्थापित करने की मंजूरी दी गई। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय किसानों को बाजार उपलब्ध कराना और उनके उत्पादों को अधिक ग्राहकों तक पहुंचाना है।
बैठक में उत्तराखण्ड में उत्पादित उच्च गुणवत्ता वाले औद्यानिक उत्पादों को राज्य से बाहर पहचान दिलाने और बड़े स्तर पर प्रचार-प्रसार करने के लिए महोत्सवों के आयोजन के निर्देश दिए गए। इस पहल से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा और राज्य के औद्यानिक उत्पादों की मांग देशभर में बढ़ेगी।
बैठक के उपरांत कृषि मंत्री गणेश जोशी ने विभागीय अधिकारियों के साथ आगंतुक कृषक प्रतिनिधियों से संवाद किया। इस दौरान किसानों की विभिन्न समस्याओं को समझते हुए उनके समाधान हेतु अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जिले स्तर पर कार्यरत कृषक संगठन जनपद के किसानों की समस्याओं को सूचीबद्ध कर जिले/राज्य स्तरीय अधिकारियों को अवगत कराएंगे, जिससे समाधान की प्रक्रिया तेज हो सके। उन्होंने जनपद के कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारी और कर्मचारी ग्राम व न्याय पंचायत स्तर पर भ्रमण कर किसानों की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करें। किसानों को बीज, पौध, उर्वरक और अन्य औद्यानिक निवेश उच्च गुणवत्ता के साथ समय पर उपलब्ध कराए जाएं। रुद्रप्रयाग को जैविक जिला घोषित किए जाने के बाद वहां के किसानों को सभी आवश्यक जैविक निवेश उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। राज्य में अन्ननाश (Kiwi), बड़ी इलायची और परिसीमन फल (Persimmon) की खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। टिहरी जनपद के थत्युड़ क्षेत्र में किसानों की उद्यानिक उपजों के विक्रय के लिए एक छोटी मंडी (Retail Hub) की स्थापना कराई जाए, ताकि उन्हें उचित बाजार मूल्य मिल सके।
इस अवसर पर अपर सचिव कृषि मनुज गोयल, महानिदेशक, कृषि एवं उद्यान रणबीर सिंह चौहान, संयुक्त सचिव वित्त, शिव स्वरूप त्रिपाठी, प्रभारी अपर निदेशक उद्यान डॉ. रतन कुमार, निदेशक बागवानी मिशन महेन्द्र पाल, औद्यानिक परिषद सीईओ नरेंद्र यादव, निदेशक, शोध औद्यानिकी भरसार अनमोल वशिष्ठ सहित किसान संगठन के पदाधिकारीगण भी उपस्थित रहे।
चमोली के इस गांव में शॉर्ट सर्किट से आग, दादी-पोते की दर्दनाक मौत
चमोली : जिले के तहसील थराली स्थित पातला (ताल) गांव में एक घर में शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लग गई। इस हादसे में दादी और पोते की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि घर में मौजूद तीन अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
थराली की तहसीलदार अक्षय पंकज ने बताया कि हादसा देर रात उस समय हुआ जब घर के भीतर पांच लोग सो रहे थे। अचानक हुए शॉर्ट सर्किट से पूरे घर में आग लग गई, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। आग की चपेट में आने से दादी और पोते की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य तीन लोग गंभीर रूप से झुलस गए।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन हरकत में आ गया। पटवारी समेत राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। फिलहाल आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।
इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। स्थानीय लोग प्रशासन से प्रभावित परिवार की हरसंभव मदद करने की मांग कर रहे हैं। इस घटना ने बिजली सुरक्षा को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया गया है।

















