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उत्तराखंड में चार नई हेली सेवाओं का शुभारंभ, पर्यटन और कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को चार नई हेली सेवाओं का उद्घाटन कर प्रदेश में हवाई संपर्क को और मजबूत कर दिया है। इन सेवाओं के तहत देहरादून से नैनीताल, बागेश्वर और मसूरी के साथ-साथ हल्द्वानी से बागेश्वर के लिए हवाई मार्ग से कनेक्टिविटी शुरू हो गई है।

पर्यटन और आर्थिक विकास को मिलेगा बढ़ावा
इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ‘उड़ान’ योजना के तहत शुरू की गई इन सेवाओं से उत्तराखंड के पर्यटन और आर्थिक विकास को गति मिलेगी। बेहतर हवाई कनेक्टिविटी से न केवल यात्रियों का सफर आसान होगा, बल्कि स्थानीय लोगों को भी लाभ मिलेगा। नैनीताल, मसूरी और बागेश्वर ऐतिहासिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाले क्षेत्र हैं, जहां देश-विदेश के पर्यटक बड़ी संख्या में आते हैं। अब इन स्थलों तक पहुंचने में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा।

पर्यटकों और स्थानीय लोगों को मिलेगी सुविधा
मुख्यमंत्री ने बताया कि सड़क मार्ग से देहरादून से इन स्थानों तक पहुंचने में करीब 8 से 10 घंटे का समय लगता है, जबकि हेली सेवा के माध्यम से यह सफर मात्र एक घंटे का रह जाएगा। इससे न केवल पर्यटकों को सहूलियत मिलेगी बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों में भी यह सेवा बेहद मददगार साबित होगी।

18 हेलीपोर्ट्स के विकास पर कार्य जारी
प्रदेश में हवाई सेवाओं के विस्तार को लेकर सरकार तेजी से काम कर रही है। अब तक गौचर, श्रीनगर, चिन्यालीसौड़, हल्द्वानी, मुन्स्यारी, पिथौरागढ़, पंतनगर, चंपावत और अल्मोड़ा जैसे कई क्षेत्रों को हेली सेवा से जोड़ा जा चुका है। राज्य में कुल 18 हेलीपोर्ट्स के विकास की योजना है, जिनमें से 12 हेलीपोर्ट्स पर सेवाएं पहले ही शुरू हो चुकी हैं।

वर्चुअल माध्यम से यात्रियों से संवाद
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने हेली सेवा के जरिए यात्रा कर रहे यात्रियों से वर्चुअल माध्यम से बातचीत भी की। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जनता ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक उमेश शर्मा काऊ, खजानदास, सविता कपूर, बृज भूषण गैरोला, मेयर सौरभ थपलियाल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

हेली सेवा का संचालन और किराया विवरण
देहरादून से मसूरी की हेली सेवा उत्तराखंड हवाई संपर्क योजना के तहत चलाई जा रही है, जबकि अन्य तीन सेवाएं केंद्र सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना के अंतर्गत संचालित की जा रही हैं।

📍 देहरादून – नैनीताल
🔹 किराया: ₹4500 प्रति यात्री
🔹 उड़ान समय:

  • देहरादून से: सुबह 8:15 बजे, दोपहर 2:25 बजे
  • नैनीताल से: सुबह 9:10 बजे, दोपहर 3:20 बजे

📍 देहरादून – बागेश्वर
🔹 किराया: ₹4000 प्रति यात्री
🔹 उड़ान समय:

  • देहरादून से: सुबह 10:20 बजे, दोपहर 12:30 बजे
  • बागेश्वर से: सुबह 11:10 बजे, दोपहर 1:20 बजे

📍 हल्द्वानी – बागेश्वर
🔹 किराया: ₹3500 प्रति यात्री
🔹 उड़ान समय:

  • हल्द्वानी से: सुबह 8:30 बजे, दोपहर 2:45 बजे
  • बागेश्वर से: सुबह 9:00 बजे, दोपहर 3:00 बजे

📍 देहरादून – मसूरी
🔹 किराया: ₹2578 प्रति यात्री
🔹 उड़ान: प्रतिदिन एक उड़ान (प्रारंभिक एक माह के लिए)

इन सेवाओं के शुभारंभ के साथ, उत्तराखंड के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों तक पहुंचना अब और आसान हो गया है। सरकार का प्रयास है कि आने वाले समय में और भी अधिक स्थानों को हेली नेटवर्क से जोड़ा जाए, जिससे राज्य में पर्यटन और आवागमन को नई दिशा मिले।

कबड्डी मैच में हराया तो काट दी 11वीं के दलित छात्र की उंगलियां

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तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां 11वीं कक्षा के एक दलित छात्र पर हमला कर उसकी उंगलियां काट दी गईं। पीड़ित छात्र देवेंद्रन अपने स्कूल परीक्षा देने जा रहा था, तभी तीन अज्ञात हमलावरों ने बस रोककर उसे बाहर खींच लिया और उसके बाएं हाथ की उंगलियां काट दीं।

पिता को भी बनाया निशाना

हमलावरों ने देवेंद्रन के पिता, थंगा गणेश, पर भी हमला किया, जिससे उनके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद हमलावर भाग निकले। देवेंद्रन को पहले श्रीवैकुंडम सरकारी अस्पताल और फिर तिरुनेलवेली सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी उंगलियों को जोड़ने के लिए सर्जरी की जा रही है।

जातिगत रंजिश या कबड्डी मैच की दुश्मनी?

हमले को लेकर पुलिस ने तीन नाबालिगों को हिरासत में लिया है। इस बीच, देवेंद्रन के परिवार का दावा है कि यह हमला जातिगत दुश्मनी से जुड़ा है। उनके अनुसार, हाल ही में हुए एक कबड्डी मैच में देवेंद्रन की टीम ने ‘जाति हिंदू’ समुदाय की टीम को हराया था, जिसके बाद से रंजिश चल रही थी।

हम आगे न बढ़ें, यही चाहते हैं 

देवेंद्रन के चाचा सुरेश ने घटना पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, “हम एससी समुदाय से हैं और कोई नहीं चाहता कि हम जीवन में आगे बढ़ें। वह पढ़ाई में अच्छा था, इसलिए उसे निशाना बनाया गया।” पुलिस मामले की जांच में जुटी है और इस हमले के पीछे के असली कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रही है। इस घटना ने इलाके में जातिगत भेदभाव और हिंसा को लेकर फिर से बहस छेड़ दी है।

आनंद विहार में झुग्गियों में लगी भीषण आग, तीन लोगों की दर्दनाक मौत

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नई दिल्ली: दिल्ली के आनंद विहार इलाके में मंगलवार तड़के एक अस्थायी टेंट में भीषण आग लगने से तीन मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई। आग इतनी भयानक थी कि टेंट के अंदर रखा गैस सिलेंडर भी फट गया, जिससे आग और तेज़ हो गई। घटना सुबह 2:15 बजे की बताई जा रही है।

दमकल की टीम ने पाया तीन जले हुए शव
दिल्ली अग्निशमन सेवा को सुबह 2:22 बजे आग लगने की सूचना मिली, जिसके बाद तुरंत तीन दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। फायर ब्रिगेड ने 2:50 बजे तक आग पर काबू पा लिया। सुबह 3:10 बजे स्टेशन अधिकारी फिरोज ने टेंट के अंदर से तीन जले हुए शव बरामद किए जाने की पुष्टि की।

मृतकों की पहचान और हादसे का कारण
पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान जग्गी (30), श्याम सिंह (40) और कांता प्रसाद (37) के रूप में हुई है। तीनों उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के रहने वाले थे और दिल्ली में मजदूरी करते थे। वे इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) में अस्थाई मजदूर थे और डीडीए प्लॉट, मंगलम रोड के पास स्थित एक अस्थायी टेंट में रहते थे।

चश्मदीदों के मुताबिक, टेंट में रोशनी के लिए डीजल की डिबिया जलाई जाती थी। रात करीब 2 बजे श्याम सिंह ने आग लगती देखी और साथी नितिन सिंह को जगाने की कोशिश की। टेंट के दरवाजे पर ताला लगा था, जिसे खोलने की कोशिश नाकाम रही। नितिन किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहा, लेकिन जग्गी, श्याम सिंह और कांता आग की चपेट में आ गए।

जांच जारी, पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए शव
फिलहाल दमकल विभाग, क्राइम टीम और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीमों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है। पुलिस ने चश्मदीदों के बयान दर्ज कर लिए हैं, और मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया गया है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आग का कारण डीजल की डिबिया और सिलेंडर फटना हो सकता है।

दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानी बनी दिल्ली, भारत के 13 शहर टॉप 20 में शामिल

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नई दिल्ली। वायु प्रदूषण को लेकर वैश्विक स्तर पर एक चिंताजनक रिपोर्ट सामने आई है। मंगलवार को IQAir द्वारा जारी वर्ल्ड एयर क्वालिटी रिपोर्ट 2024 के अनुसार, दिल्ली दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानी बनी हुई है। इस रिपोर्ट में दुनिया के 20 सबसे प्रदूषित शहरों की सूची जारी की गई है, जिनमें से 13 शहर भारत के हैं।

हालांकि, दिल्ली और नोएडा भारत के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में शीर्ष पर नहीं हैं। इस बार मेघालय का बर्नीहाट देश का सबसे प्रदूषित शहर बनकर उभरा है। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के चार और चीन के एक शहर को भी दुनिया के 20 सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल किया गया है।

भारत की स्थिति वैश्विक स्तर पर कुछ हद तक सुधरी है। वर्ष 2023 में भारत दुनिया का तीसरा सबसे प्रदूषित देश था, लेकिन 2024 में यह पांचवें स्थान पर आ गया है। हालांकि, प्रदूषण की गंभीरता अभी भी बनी हुई है और इससे निपटने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।

विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में बढ़ता शहरीकरण, निर्माण कार्य, पराली जलाने, और औद्योगिक प्रदूषण वायु की गुणवत्ता को लगातार खराब कर रहे हैं। अगर प्रभावी उपाय नहीं किए गए, तो यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है।

पर्वतीय जिलों में 13-14 मार्च को बदलेगा मौसम, हल्की बारिश के आसार

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देहरादून। उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में होली पर मौसम बदल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार 13 और 14 मार्च को मौसम के बिगड़ने की संभावना है। हालांकि, मैदानी इलाकों में इसका खास असर नहीं दिखेगा। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर प्रभाव के चलते पर्वतीय इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है।

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि सोमवार को पर्वतीय क्षेत्रों में बादल छाए रहे, जबकि मैदानी इलाकों में तापमान सामान्य से 2-3 डिग्री अधिक दर्ज किया गया। मंगलवार को पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना है।

मैदानी इलाकों में गर्मी का असर बढ़ा

राजधानी देहरादून में अधिकतम तापमान तीन डिग्री की बढ़ोतरी के साथ 29 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जबकि टिहरी में तापमान सामान्य से एक डिग्री कम 19 डिग्री दर्ज किया गया।

डीएमके सांसद कनिमोझी का केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर हमला

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नई दिल्ली: डीएमके सांसद कनिमोझी करुणानिधि ने सोमवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ संसदीय विशेषाधिकार हनन का नोटिस दाखिल किया। यह विवाद तब भड़का जब मंत्री ने संसद में तमिलनाडु की शिक्षा नीति और तीन-भाषा प्रणाली पर टिप्पणी की, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर तमिलनाडु के सांसदों को “असभ्य” कह दिया।

‘असभ्य’ शब्द पर बवाल

कनिमोझी ने इस शब्द को असंसदीय और अपमानजनक करार दिया। उन्होंने कहा, “‘असभ्य’ शब्द किसी भी इंसान के लिए इस्तेमाल नहीं होना चाहिए, खासकर निर्वाचित प्रतिनिधियों के लिए। यह बेहद आपत्तिजनक है। उन्होंने बीजेपी पर दक्षिणी राज्यों के विकास को नकारने का आरोप लगाया और कहा कि यह मामला यहीं नहीं रुकेगा। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा तीन-भाषा नीति को लागू करने के तरीके पर भी नाराजगी जताई।

क्या है तीन-भाषा नीति विवाद?

तीन-भाषा नीति के तहत पूरे भारत के स्कूलों में हिंदी, अंग्रेजी और एक अन्य क्षेत्रीय भाषा पढ़ाने का प्रस्ताव है। लेकिन तमिलनाडु में इसे लंबे समय से विरोध झेलना पड़ा है, क्योंकि वहां अंग्रेजी और तमिल ही पसंदीदा शिक्षण भाषाएं रही हैं। डीएमके हिंदी को अनावश्यक बोझ मानती है और इसे जबरन थोपने का विरोध करती रही है।

‘दक्षिणी राज्यों के साथ भेदभाव’

कनिमोझी ने दक्षिण और उत्तर भारत के बीच विकास असमानता पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “दक्षिणी राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण का पालन किया, लेकिन अब हमें इसकी सजा दी जा रही है। अब कहा जा रहा है कि उत्तर भारत की बढ़ती आबादी को देखते हुए संसदीय सीटों का पुनर्वितरण होगा।”

उन्होंने आगे कहा, “उत्तर भारत में गरीबी, शिक्षा की कमी और बुनियादी सुविधाओं की दिक्कतें हैं। हम गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और जीवन प्रदान करने में सक्षम हैं, लेकिन अब केंद्र सरकार को इसे वहां लागू करने की जरूरत है, बजाय इसके कि हमें दंडित किया जाए।”

‘तमिलनाडु की शिक्षा प्रणाली श्रेष्ठ है’

कनिमोझी ने दो-भाषा नीति (तमिल और अंग्रेजी) का समर्थन किया और हिंदी को अनिवार्य करने का विरोध किया। उन्होंने कहा, “तमिलनाडु के लोग दुनिया भर में बसे हुए हैं और हमारी शिक्षा प्रणाली मजबूत है। तो फिर हमें एक अतिरिक्त भाषा सीखने के लिए मजबूर क्यों किया जा रहा है?”

उन्होंने परिसीमन को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि इससे दक्षिणी राज्यों की संसदीय सीटों में कटौती हो सकती है। उन्होंने मांग की कि इस पर खुली चर्चा होनी चाहिए और सरकार को स्पष्ट एसओपी जारी करनी चाहिए।

भाषा के खिलाफ नहीं, लेकिन थोपने के खिलाफ’

डीएमके सांसद ने कहा, “हम हिंदी के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन इसे जबरन लागू करने के खिलाफ हैं। भाषा राज्यों का विषय है, केंद्र इसे थोपने की कोशिश न करे। तमिलनाडु ने दो-भाषा नीति को सफलतापूर्वक अपनाया है और हम इसे बनाए रखेंगे।”

इस विवाद से यह साफ हो गया है कि दक्षिण बनाम उत्तर की बहस सिर्फ विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि भाषायी पहचान और सांस्कृतिक स्वायत्तता का मुद्दा भी इसमें गहराई से जुड़ा हुआ है।

भूपेश बघेल के घर ईडी की छापेमारी, लौट रही टीम पर हमला

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता भूपेश बघेल के भिलाई स्थित आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार सुबह 7 बजे छापा मारा। यह कार्रवाई राज्य में 2100 करोड़ रुपये के कथित शराब घोटाले से जुड़ी जांच के तहत की गई।

ईडी की टीम ने बघेल के भिलाई-3 मानसरोवर कॉलोनी स्थित निवास और कैंप कार्यालय के साथ-साथ उनके पुत्र चैतन्य बघेल के करीबियों के ठिकानों पर भी दबिश दी। इसके अलावा, कांग्रेस नेता राजेंद्र साहू, मुकेश चंद्राकर, होटल कारोबारी कमल अग्रवाल, ट्रांसपोर्टर संदीप सिंह, बिल्डर और व्यापारियों सहित कई अन्य लोगों के परिसरों की भी तलाशी ली गई।

छापे के दौरान नोट गिनने की मशीन मंगवाई

सूत्रों के मुताबिक, ईडी की टीम ने छापेमारी के दौरान बघेल के आवास में नोट गिनने की मशीन भी मंगवाई। इसके अलावा, उनके और उनके परिवार के वाहनों की भी बारीकी से जांच की गई। ईडी अधिकारियों ने दस्तावेज खंगाले और कई अहम फाइलें जब्त कीं।

लौट रही ईडी टीम पर हमला

ईडी की कार्रवाई के बाद जब टीम वापस लौट रही थी, तभी कुछ लोगों के समूह ने उन पर हमला कर दिया। हमलावरों को लेकर दावा किया जा रहा है कि वे कांग्रेस कार्यकर्ता थे, जो छापेमारी से नाराज थे। इस हमले में ईडी के एक उप-निदेशक स्तर के अधिकारी की कार को भी निशाना बनाया गया।

हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अब तक ईडी या कांग्रेस की ओर से आधिकारिक बयान नहीं आया है। लेकिन इस छापेमारी ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल मचा दी है।

 

राहुल गांधी ने संसद में उठाया वोटर लिस्ट का मामला

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नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत आज से हो गई। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने मणिपुर में हिंसा और मतदाता सूची में कथित हेराफेरी को लेकर जोरदार हंगामा किया। वहीं, राज्यसभा में भी विपक्षी दलों के नेता विभिन्न मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन करते रहे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्षी सांसदों से शांत रहने की अपील की, लेकिन विपक्ष की ओर से लगातार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।

सरकार और विपक्ष आमने-सामने

बजट सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच ‘ईपीआईसी’ (इलेक्ट्रॉनिक फोटो आईडेंटिटी कार्ड) के मुद्दे पर टकराव होने की संभावना है। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर हेराफेरी की गई है, जिसे लेकर सदन में चर्चा की मांग की गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लोकसभा में कहा, “पूरे देश में वोटर लिस्ट पर सवाल उठ रहे हैं। पूरा विपक्ष एकजुट होकर बस यही मांग कर रहा है कि इस मुद्दे पर सदन में चर्चा हो।”

मणिपुर हिंसा पर गरमाई राजनीति

मणिपुर में हिंसा की हालिया घटनाओं को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरने की कोशिश की। विपक्षी सांसदों ने इस मुद्दे को सदन में प्रमुखता से उठाने की मांग की, जिसके चलते सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।

सरकार की प्राथमिकताएँ

सरकार का ध्यान बजटीय प्रक्रिया को पूरा करने, मणिपुर बजट के लिए अनुमोदन प्राप्त करने और वक्फ संशोधन विधेयक को पारित करने पर केंद्रित है।

ताजमहल में दरार का मुद्दा लोकसभा में गूंजा

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने लोकसभा में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) में खाली पड़े पदों पर सवाल उठाए और कहा कि ताजमहल में पानी का रिसाव हो रहा है और उसमें दरारें आ रही हैं। उन्होंने सरकार से इस पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग की।

भाषा विवाद पर लोकसभा में टकराव

नए शिक्षा नीति और तीन-भाषा नीति के मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और डीएमके सांसदों के बीच तीखी बहस हुई। प्रधान ने तमिलनाडु सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा, “वे (डीएमके) बेईमान हैं। वे तमिलनाडु के छात्रों के प्रति प्रतिबद्ध नहीं हैं और उनका भविष्य बर्बाद कर रहे हैं। उनका एकमात्र मकसद भाषा को लेकर राजनीति करना है।” इस बयान के बाद डीएमके सांसदों ने जोरदार विरोध किया, जिससे लोकसभा की कार्यवाही लगभग 30 मिनट तक बाधित रही।

आगे की रणनीति

सरकार के लिए यह बजट सत्र महत्वपूर्ण होने वाला है, क्योंकि उसे बजट प्रस्तावों को पारित कराना है। वहीं, विपक्ष सरकार को मतदाता सूची, मणिपुर हिंसा और अन्य मुद्दों पर घेरे रहने की रणनीति पर काम कर रहा है। अगले कुछ दिनों में सदन में तीखी बहस और हंगामे की संभावना बनी हुई है।

फिर बदलेगा मौसम, इन जिलों में बारिश-बर्फबारी का अनुमान

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उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में एक बार फिर मौसम करवट बदल सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं, 3500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 13 से 15 मार्च के बीच बारिश और बर्फबारी के आसार हैं।

पश्चिमी विक्षोभ होगा सक्रिय

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस सप्ताह एक बार फिर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिससे ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और बारिश की संभावना बढ़ गई है। हालांकि, मैदानी इलाकों में इसका ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ेगा, बल्कि चटक धूप के कारण तापमान में दो से चार डिग्री तक की वृद्धि दर्ज की जा सकती है।

मैदानी इलाकों में गर्मी बढ़ेगी

जहां ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड बढ़ सकती है, वहीं मैदानी जिलों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। धूप तेज होने से तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिससे गर्मी का अहसास होने लगा है।

महू में चैंपियंस ट्रॉफी की जीत के बाद हिंसा: पेट्रोल बम फेंके गए, घर-दुकानें जलाई गईं, पुलिस ने संभाला मोर्चा

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महू, मध्य प्रदेश – चैंपियंस ट्रॉफी में भारत की शानदार जीत के बाद महू शहर में जश्न का माहौल अचानक हिंसा में बदल गया। रविवार रात करीब 10 बजे, जब स्थानीय लोग बाइक रैली के माध्यम से विजय उत्सव मना रहे थे, तब जामा मस्जिद के पास दो गुटों के बीच विवाद शुरू हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जय श्रीराम के नारों के साथ आगे बढ़ रहे जुलूस पर दूसरे पक्ष के लोगों ने आपत्ति जताई, जिससे दोनों गुटों में पथराव शुरू हो गया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि उपद्रवियों ने 12 से अधिक बाइक, दो कारों और कई दुकानों में आग लगा दी। पत्ती बाजार, मार्केट चौक, जामा मस्जिद, बतख मोहल्ला और धानमंडी क्षेत्रों में हिंसा का व्यापक प्रभाव देखा गया।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। करीब 300 से अधिक पुलिस अधिकारी और जवान मौके पर तैनात किए गए। कलेक्टर आशीष सिंह और डीआईजी निमिष अग्रवाल ने रात करीब डेढ़ बजे महू पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

इस हिंसा में फिलहाल किसी के गंभीर घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है। पुलिस ने उपद्रवियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। महू में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है, और प्रशासन ने नागरिकों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की है।