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अवार्ड जीतने के बाद देहरादून पहुंचे जुबिन नौटियाल, जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत

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देहरादून: उत्तराखंड के प्रतिभाशाली गायक जुबिन नौटियाल ने एक बार फिर अपनी सुरीली आवाज से देश-दुनिया में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। हाल ही में उन्हें आईफा अवार्ड से सम्मानित किया गया, और यह अवार्ड पाने के बाद जब वे पहली बार देहरादून पहुंचे, तो जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर उनके चाहने वालों ने उनका जोरदार स्वागत किया।

एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत

जुबिन नौटियाल के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक पहुंचे थे। जौनसार के लोक कलाकारों की टीम भी पारंपरिक वाद्ययंत्रों और नृत्य के साथ मौजूद रही। स्कूली बच्चे भी अपने चहेते सिंगर को देखने और बधाई देने पहुंचे थे। जुबिन के माता-पिता भी इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने। उनके पिता राम शरण नौटियाल ने इसे पूरे उत्तराखंड का सम्मान बताया और कहा कि जुबिन की मेहनत और प्रशंसकों के प्यार की बदौलत यह मुकाम हासिल हुआ है।

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दूसरी बार मिला आईफा अवार्ड

जुबिन नौटियाल ने आईफा अवार्ड दूसरी बार जीता है। यह किसी भी कलाकार के लिए बड़ी उपलब्धि होती है, क्योंकि इस अवार्ड को पाने के लिए लोग सालों मेहनत करते हैं और कई लोग इसे पूरी जिंदगी भी हासिल नहीं कर पाते। जुबिन ने अपनी मेहनत और लगन से यह मुकाम पाया है।

संगीत की दुनिया में शानदार सफर

जुबिन नौटियाल का जन्म 14 जून 1989 को उत्तराखंड के देहरादून में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा देहरादून के सेंट जोसेफ्स अकादमी में हुई। उन्होंने बचपन से ही संगीत की ओर रुझान दिखाया और बाद में मुंबई जाकर औपचारिक रूप से संगीत की शिक्षा ली।WhatsApp Image 2025 03 13 at 2.27.15 PM

उनका करियर 2014 में “एक मुलाकात” (सोनाली केबल) गाने से शुरू हुआ, लेकिन “जिंदगी कुछ तो बता” (बजरंगी भाईजान) ने उन्हें पहली बड़ी पहचान दिलाई। इसके बाद उन्होंने बेखयाली (कबीर सिंह), रातां लंबियां (शेरशाह), तुम ही आना (मरजावां), लुट गए, दिल गलती कर बैठा है जैसे सुपरहिट गाने गाए और भारतीय संगीत जगत में अपनी एक अलग जगह बनाई।

जुबिन के अब तक के प्रमुख अवार्ड और सम्मान

  • मिर्ची म्यूजिक अवार्ड (2015) – बेस्ट अपकमिंग मेल वोकलिस्ट
  • गिआमा अवार्ड (2017) – बेस्ट प्लेबैक सिंगर
  • आईफा अवार्ड (2022, 2024-(25) – बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर
  • फिल्मफेयर अवार्ड नॉमिनेशन – रातां लंबियां और तुम ही आना के लिए
  • यूथ आइकॉन अवार्ड (उत्तराखंड सरकार द्वारा सम्मानित)

अपनी जड़ों से जुड़े जुबिन

हालांकि जुबिन नौटियाल बॉलीवुड के सबसे सफल गायकों में से एक बन चुके हैं, लेकिन वे हमेशा अपनी उत्तराखंडी संस्कृति और जड़ों से जुड़े रहे हैं। उन्होंने उत्तराखंड के पारंपरिक लोकगीतों को भी प्रमोट किया है और कई पहाड़ी गाने गाए हैं। स्वागत के दौरान जुबिन ने कहा कि वे आने वाले समय में और भी बेहतरीन गाने लेकर आएंगे और अपनी आवाज से अपने प्रशंसकों का मनोरंजन करते रहेंगे।

“यह अवार्ड मेरे फैंस और उत्तराखंड को समर्पित” – जुबिन

देहरादून पहुंचने के बाद जुबिन ने कहा, “यह अवार्ड केवल मेरा नहीं, बल्कि मेरे फैंस, मेरे माता-पिता और उत्तराखंड के हर संगीत प्रेमी का है। आपकी दुआओं और प्यार ने ही मुझे यहां तक पहुंचाया है।”

इसरो का देश को तोहफा, स्पैडेक्स उपग्रह सफलतापूर्वक अनडॉक

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नई दिल्ली: होली से पहले भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने देश को एक बड़ी सौगात दी है। ISRO ने स्पैडेक्स (SPADEX) उपग्रह की सफल अनडॉकिंग कर एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर ली है। इस सफलता के साथ ही भारत के महत्वाकांक्षी चंद्रयान-4 मिशन का रास्ता साफ हो गया है।

क्या है स्पैडेक्स मिशन?

स्पैडेक्स (SPADEX) यानी स्पेस डॉकिंग एक्सपेरिमेंट ISRO का एक प्रमुख मिशन है, जिसका उद्देश्य अंतरिक्ष में दो उपग्रहों के बीच सफलतापूर्वक डॉकिंग और अनडॉकिंग की प्रक्रिया को परखना था। यह तकनीक भविष्य में मल्टी-मॉड्यूलर स्पेस स्टेशन और अन्य अंतरिक्ष अभियानों के लिए बेहद जरूरी मानी जाती है।

कैसे हुई अनडॉकिंग और क्या है इसका महत्व?

ISRO ने स्पैडेक्स उपग्रह की अनडॉकिंग को सफलतापूर्वक अंजाम देकर यह सिद्ध कर दिया कि भारत अब स्पेस डॉकिंग तकनीक में आत्मनिर्भर हो गया है। यह मिशन भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए मील का पत्थर साबित होगा, क्योंकि इससे भविष्य में चंद्रयान-4, गगनयान, अंतरिक्ष में ईंधन भरने की तकनीक और अन्य डीप स्पेस मिशन के लिए नए द्वार खुलेंगे।

चंद्रयान-4 मिशन के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह सफलता?

स्पैडेक्स मिशन की सफलता चंद्रयान-4 मिशन के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। चंद्रयान-4 को लूनर ऑर्बिटर और लैंडर मॉड्यूल के बीच डॉकिंग-अनडॉकिंग प्रक्रिया से गुजरना होगा, जो स्पैडेक्स मिशन के तहत सफलतापूर्वक परखी जा चुकी है। इससे भारत के आगामी मून मिशन की तैयारियों को मजबूती मिलेगी और भविष्य में अंतरिक्ष में स्वायत्त डॉकिंग तकनीक को और विकसित करने में मदद मिलेगी।

ISRO प्रमुख ने क्या कहा?

इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर ISRO प्रमुख एस. सोमनाथ ने कहा, “स्पैडेक्स मिशन की सफलता भारत के अंतरिक्ष अभियानों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह हमारे भविष्य के अभियानों जैसे चंद्रयान-4 और गगनयान के लिए अत्यधिक उपयोगी साबित होगा। हम आगे भी अंतरिक्ष अन्वेषण में नए कीर्तिमान स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

अंतरिक्ष में भारत का बढ़ता दबदबा

स्पैडेक्स मिशन की सफलता के साथ भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जो स्पेस डॉकिंग तकनीक में महारत रखते हैं। यह उपलब्धि न केवल भारत की वैज्ञानिक क्षमता को दर्शाती है, बल्कि अंतरिक्ष में भारत के बढ़ते प्रभाव को भी साबित करती है।

युवाओं को बड़ा तोहफा, बोर्ड आज दो बजे जारी कर देगा सिपाही भर्ती का फाइनल रिजल्ट

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस सिपाही भर्ती को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) ने सिपाही भर्ती परीक्षा का फाइनल परिणाम घोषित करने की तैयारी पूरी कर ली है। होली के मौके पर युवाओं के लिए यह बड़ी सौगात होगी। बोर्ड ने जानकारी दी है कि आज यानी 13 मार्च को दोपहर 2 बजे अंतिम परिणाम घोषित कर दिया जाएगा।

भर्ती प्रक्रिया का पूरा विवरण

उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष रूप से पूरा करने के लिए सरकार और भर्ती बोर्ड ने विशेष प्रयास किए। 26 दिसंबर 2024 से भर्ती प्रक्रिया के तहत लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों का दस्तावेज़ सत्यापन (DV) और शारीरिक मानक परीक्षण (PST) शुरू किया गया था।

इस प्रक्रिया को सभी 75 जिलों में गठित समितियों के माध्यम से पुलिस लाइनों में संपन्न कराया गया। अब जब दस्तावेज़ सत्यापन और शारीरिक मानक परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे हो चुके हैं, तो बोर्ड ने फाइनल रिजल्ट जारी करने की तैयारी कर ली है।

शारीरिक परीक्षण में आपत्ति और अपील की प्रक्रिया

बोर्ड ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि यदि कोई अभ्यर्थी शारीरिक मानक परीक्षण (PST) के परिणाम से असंतुष्ट होता है, तो उसे उसी दिन आपत्ति दर्ज करनी होगी। इसके लिए हर जिले में एक एएसपी को नामित किया गया था, जो आपत्ति दर्ज करने वाले अभ्यर्थियों का पुनः परीक्षण कराता। हालांकि, यदि कोई उम्मीदवार इस पुनः परीक्षण में भी असफल होता, तो उसे आगे अपील का अवसर नहीं दिया जाता।

युवाओं के लिए होली का तोहफा

इस भर्ती प्रक्रिया के तहत चयनित अभ्यर्थियों के लिए यह होली बेहद खास होगी, क्योंकि आज फाइनल रिजल्ट घोषित किया जा रहा है। इससे प्रदेशभर में उन युवाओं की खुशी दोगुनी हो जाएगी, जो लंबे समय से इस परीक्षा के परिणाम का इंतजार कर रहे थे।

बोर्ड के अनुसार, नतीजे आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे, जहां अभ्यर्थी अपने रोल नंबर और अन्य आवश्यक विवरण दर्ज कर परिणाम देख सकते हैं।

कैसे देखें रिजल्ट?

  1. UPPRPB की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
  2. सिपाही भर्ती परीक्षा फाइनल रिजल्ट के लिंक पर क्लिक करें।
  3. अपना रोल नंबर और अन्य मांगी गई जानकारी भरें।
  4. रिजल्ट स्क्रीन पर दिखाई देगा, जिसे डाउनलोड या प्रिंट किया जा सकता है।

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने यह भी सुनिश्चित किया है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष हो। सफल अभ्यर्थियों को अब जल्द ही नियुक्ति पत्र मिलने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

17 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘गौ प्रतिष्ठा निर्णायक दिवस’, जुटेंगे हजारों गो भक्त

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गौ रक्षा आंदोलन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ आने वाला है। 17 मार्च 2025 को दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में ‘गौ प्रतिष्ठा निर्णायक दिवस’ का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन भारतीय गौ क्रांति मंच के नेतृत्व में होगा, जिसमें संत समाज, गोभक्त और गोरक्षा के लिए संघर्षरत संगठन केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और समस्त राजनीतिक दलों से गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध और गौमाता को ‘राष्ट्रमाता’ घोषित करने की मांग करेंगे।

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गौरक्षा की लड़ाई और शंकराचार्यों का समर्थन

गौमाता को हिंदू धर्म में पूजनीय स्थान प्राप्त है। शास्त्रों में स्पष्ट कहा गया है कि “गावो विश्वस्य मातरः” – अर्थात गाय समस्त विश्व की माता है। धर्म सम्राट करपात्री जी महाराज की प्रेरणा से शुरू हुए गौ प्रतिष्ठा आंदोलन को अब भारत के चारों शंकराचार्यों का समर्थन प्राप्त है। विशेष रूप से ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी इस अभियान में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने इस संवत्सर को ‘गो संवत्सर’ घोषित किया है और देशभर में गोरक्षा के लिए जनजागरण कर रहे हैं।

इस आंदोलन के तहत अब तक तीन ‘गो संसद’ का आयोजन, गोवर्धन गिरिराज की परिक्रमा, दिल्ली तक नंगे पैर पदयात्रा, और सभी राज्यों की राजधानियों में गो ध्वज की स्थापना की गई है। इसी प्रयास के चलते  महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहे एकनाथ शिंदे ने गोमाता को ‘राज्यमाता’ का दर्जा दिया, लेकिन केंद्र सरकार और अन्य राजनीतिक दल अभी तक इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं।

गौमाता के अपमान पर अब चुप्पी नहीं

गौरक्षा आंदोलन के संयोजक पूज्य गोपाल मणि जी महाराज का कहना है कि भारत में बहुसंख्यक हिंदू समाज गौमाता को पूजता है, लेकिन सरकारें और राजनीतिक दल गौहत्या को रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठा रहे। उन्होंने कहा कि अगर बहुमत के आधार पर सरकारें बन सकती हैं, तो बहुसंख्यक समाज की आस्था का सम्मान क्यों नहीं किया जाता?

सरकारें अपना रुख स्पष्ट करें

‘गौ प्रतिष्ठा निर्णायक दिवस’ पर केंद्र सरकार, सभी राज्य सरकारों और राजनीतिक दलों को गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध, गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने और गोवंश की रक्षा को लेकर अपने रुख को सार्वजनिक करना होगा। इसके लिए आयोजकों ने देशभर की सरकारों और राजनीतिक दलों को पत्र भेजकर यह पूछने का प्रयास किया है कि वे गौरक्षा के पक्ष में हैं या गौहत्या के  समर्थक ?

आंदोलन के नेताओं का कहना है कि यदि सरकारें गोरक्षा में कोई अड़चन देखती हैं, तो वे सार्वजनिक रूप से उसे स्पष्ट करें, ताकि गौभक्त समाधान पर विचार कर सकें।

रामलीला मैदान में निर्णायक सभा

17 मार्च को सूर्योदय से गोधूलि बेला तक दिल्ली के रामलीला मैदान में ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य पूज्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी, पूज्य गोपाल मणि जी महाराज, साधु-संतों और हजारों गौभक्तों की उपस्थिति में यह महत्वपूर्ण सभा होगी। इस दौरान सभी राजनीतिक दलों और सरकारों को अपने रुख को स्पष्ट करने का अंतिम अवसर दिया जाएगा।

प्रेस वार्ता में कौन-कौन रहा मौजूद ?

इस प्रेस वार्ता को स्वामी प्रत्यक्चैतन्य मुकुन्दानन्द गिरी जी, गौ प्रतिष्ठा आंदोलन के सचिव देवेंद्र पाण्डेय, भारतीय गौ क्रांति मंच के राष्ट्रीय महासचिव विकास पाटनी, गोपाल दास जी महाराज और राजा सक्षम सिंह योगी ने संबोधित किया।

अब देखना होगा कि केंद्र सरकार और विपक्षी दल इस निर्णायक आंदोलन पर क्या रुख अपनाते हैं। 17 मार्च को पूरे देश की नजर दिल्ली के रामलीला मैदान पर होगी, जहां गौभक्त यह तय करेंगे कि भारत में गौ रक्षा का भविष्य क्या होगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नगर निगम देहरादून के होली मिलन समारोह में भाग लिया

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को नगर निगम देहरादून द्वारा आयोजित होली मिलन कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व सांस्कृतिक एकता को मजबूत करने और समरसता की भावना को बढ़ाने का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए सभी को निरंतर प्रयास करने होंगे।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने नगर निगम द्वारा वित्तीय पारदर्शिता के लिए विकसित ई-कोष वेबसाइट का लोकार्पण किया। उन्होंने बताया कि नगर निगम देहरादून नागरिकों को उच्च स्तरीय जन सुविधाएं प्रदान करने और शहर की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। इसके तहत केदारपुरम में 3.5 हेक्टेयर भूमि पर 5 करोड़ की लागत से योगा पार्क और यमुना कॉलोनी में 1.3 करोड़ की लागत से एक नया पार्क बनाया जा रहा है। साथ ही, स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए दो स्थानों पर मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं। स्वच्छता अभियान के तहत प्रत्येक माह तीन पर्यावरण मित्रों को “स्वच्छता सेनानी सम्मान योजना” के तहत दस हजार रुपये दिए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगम ने भवन कर भुगतान के लिए ऑनलाइन सुविधा शुरू की है और वित्तीय मामलों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ई-कोष पोर्टल विकसित किया गया है। उन्होंने स्वच्छता रैंकिंग में नगर निगम देहरादून के स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 में देश में 68वें और उत्तराखंड में पहले स्थान पर रहने की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि इस वर्ष यह रैंकिंग और बेहतर होगी।

मुख्यमंत्री ने सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की है, जिससे महिला सशक्तिकरण को नया आयाम मिला है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सख्त भू-कानून लागू कर रही है और निवेशकों को सिंगल विंडो सिस्टम के तहत अनुमति देकर निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है। रोजगार को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने साढ़े तीन वर्षों में 20 हजार से अधिक युवाओं को नौकरी दी है।

इस अवसर पर मेयर सौरभ थपलियाल ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में राज्य विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने बताया कि 2025 तक सहस्त्रधारा स्थित पूर्व ट्रेंचिंग ग्राउंड के लीगेसी वेस्ट को समाप्त कर वहां एक व्यापक हाट बाजार विकसित किया जाएगा। साथ ही, शहरवासियों को बेहतर जन सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नगर निगम लगातार प्रयासरत है।

हल्द्वानी से आगरा जा रही उत्तराखंड की रोडवेज बस यूपी रोडवेज से भिड़ी, मच गई चीख पुकार

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हाथरस : आगरा जा रही काठगोदाम डिपो की बस बुधवार तड़के हाथरस के मीतई गांव के पास हादसे का शिकार हो गई। यह दुर्घटना लगभग तीन बजे हुई, जब बस की आमने-सामने भिड़ंत हाथरस डिपो की बस से हो गई। इस टक्कर में चालक और परिचालक समेत कई यात्री घायल हो गए। जैसे ही घटना की सूचना मिली, हल्द्वानी से रोडवेज अधिकारी तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हो गए।

आगरा के लिए रवाना हुई थी बस

रोडवेज अधिकारियों के अनुसार, चालक विजय सिंह और परिचालक कमल काठगोदाम डिपो की बस में यात्रियों को लेकर आगरा के लिए निकले थे। हाथरस क्षेत्र में कुछ यात्रियों को उतारने के बाद बस आगे बढ़ी, तभी मीतई गांव के पास सामने से आ रही हाथरस डिपो की बस से टकरा गई।

चालक का पैर फ्रैक्चर, कई यात्री घायल

इस हादसे में काठगोदाम डिपो की बस के चालक का पैर फ्रैक्चर हो गया, जबकि दोनों बसों में सवार यात्रियों को भी चोटें आईं। इसी दौरान काठगोदाम डिपो की एक अन्य बस वहां से गुजर रही थी, जिसके चालक सुभाष ने डिपो को फोन कर दुर्घटना की जानकारी दी।

अधिकारी मौके पर रवाना

घटना की सूचना मिलते ही एआरएम और स्टेशन इंचार्ज घटनास्थल के लिए रवाना हो गए। वहां पहुंचने के बाद ही हादसे में घायल अन्य यात्रियों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

बलूचिस्तान में जफर एक्सप्रेस हाईजैक: कई लोग अब भी बंधक, मारे गए 30 पाक सैनिक

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पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में एक बड़ा आतंकी हमला सामने आया है, जहां बलूच विद्रोहियों ने जफर एक्सप्रेस को हाईजैक कर लिया और उसमें सवार कई यात्रियों को बंधक बना लिया। इस घटना के बाद से इलाके में तनाव बढ़ गया है और पाकिस्तान सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन शुरू कर दिया है।

रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, अब तक 80 यात्रियों को बचाया गया

बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता शाहिद रिंद ने बताया कि अब तक 80 यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जिनमें 43 पुरुष, 26 महिलाएं और 11 बच्चे शामिल हैं। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स में यह संख्या 104 बताई जा रही है।

इस ऑपरेशन में अब तक 13 आतंकियों को मार गिराया गया है। वहीं, न्यूज एजेंसी IANS के अनुसार, इस हमले में अब तक 16 आतंकवादी मारे जा चुके हैं।

हाईजैक के पीछे बीएलए का हाथ

इस हमले की जिम्मेदारी बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) के मजीद ब्रिगेड ने ली है। संगठन का दावा है कि वे बलूचिस्तान को पाकिस्तान से आज़ाद करवाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। हाईजैकर्स ने बंधकों की रिहाई के बदले में राजनीतिक कैदियों और लापता व्यक्तियों की रिहाई की मांग की है। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।

सुरक्षा बलों ने चारों तरफ से घेरा, सेना के जेट और ड्रोन तैनात

घटनास्थल पर पाकिस्तान की सेना और सुरक्षा बलों ने कई किलोमीटर के क्षेत्र को घेर लिया है। पाकिस्तान सेना के जेट विमान, गनशिप हेलीकॉप्टर और ड्रोन भी ऑपरेशन में लगे हुए हैं। वहीं, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा है कि यह ऑपरेशन सफल होगा और आतंकवादियों को खत्म कर दिया जाएगा।

30 सैनिकों की हत्या का आरोप

इससे पहले भी बीएलए द्वारा 30 पाकिस्तानी सैनिकों की हत्या किए जाने की जानकारी सामने आई थी। अब इस ताजा हमले ने पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

ऋषभ पंत की बहन साक्षी की शादी में क्रिकेट सितारों का जलवा, धोनी-रैना ने लगाए ठुमके

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मसूरी : भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत की बहन साक्षी पंत की शादी की धूम जोरों पर है। शादी की रस्मों में भारतीय क्रिकेट जगत के दिग्गजों ने शिरकत की, जिससे यह समारोह और भी खास बन गया। मंगलवार को हल्दी की रस्म के दौरान पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और दिग्गज क्रिकेटर सुरेश रैना ने अपनी मौजूदगी से महफिल में चार चांद लगा दिए।

धोनी और रैना का डांस वीडियो वायरल

सोशल मीडिया पर शादी से जुड़े वीडियो और तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं। खासकर एक वीडियो में महेंद्र सिंह धोनी, सुरेश रैना और ऋषभ पंत मशहूर गाने ‘दमा दम मस्त कलंदर’ पर झूमते नजर आ रहे हैं। फैंस को धोनी का यह मस्तीभरा अंदाज बेहद पसंद आ रहा है। समारोह में क्रिकेट सितारों ने पारिवारिक माहौल का भरपूर आनंद उठाया और जमकर मस्ती की।

कौन हैं साक्षी पंत के दूल्हे राजा?

साक्षी पंत उद्योगपति अंकित चौधरी के साथ सात फेरे लेंगी। अंकित लंदन स्थित एक निजी कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में शामिल हैं। दोनों लंबे समय से एक-दूसरे को जानते हैं और पिछले साल जनवरी में इनकी सगाई हुई थी। शादी में परिवार के करीबी सदस्यों और खास दोस्तों को ही आमंत्रित किया गया है।

ऋषभ पंत और आईपीएल 2025

ऋषभ पंत हाल ही में चैंपियंस ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन करने के बाद बहन की शादी में शामिल होने पहुंचे। आईपीएल 2025 में वह लखनऊ सुपर जाएंट्स की कप्तानी करते नजर आएंगे। इससे पहले वह दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान थे। मेगा ऑक्शन में लखनऊ फ्रेंचाइजी ने उन्हें 27 करोड़ रुपये में खरीदा था, जिससे वह इस सीजन के सबसे महंगे खिलाड़ी बने।

शादी में क्रिकेट जगत की बड़ी हस्तियां

इस भव्य शादी समारोह में क्रिकेट जगत की कई मशहूर हस्तियां शामिल हुईं। महेंद्र सिंह धोनी और सुरेश रैना के अलावा कई अन्य क्रिकेटरों के भी पहुंचने की संभावना है। शादी समारोह की भव्यता और सितारों की मौजूदगी इसे यादगार बना रही है।

जुबिन नौटियाल को मिला दूसरी बार IIFA अवॉर्ड, देहरादून में भव्य स्वागत की तैयारी

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देहरादून: मशहूर बॉलीवुड सिंगर जुबिन नौटियाल को दूसरी बार IIFA अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। इस उपलब्धि के बाद, उनके गृह नगर देहरादून में उनके स्वागत की भव्य तैयारी की जा रही है।

13 मार्च 2025 को दोपहर 1 बजे, जुबिन नौटियाल जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर उतरेंगे, जहां स्थानीय लोग गर्मजोशी से उनका स्वागत करेंगे। इस कार्यक्रम का आयोजन जॉनसार बाबर पौणिक सांस्कृतिक लोक कला मंच द्वारा किया जा रहा है।

जुबिन नौटियाल, जिन्होंने अपने सुरों से करोड़ों लोगों के दिलों पर राज किया है, लगातार अपनी गायकी से बॉलीवुड और संगीत जगत में धूम मचा रहे हैं। इस सम्मान से उत्तराखंड के संगीत प्रेमियों में भी जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें।

📞 9837052076, 8077931329, 7055456448, 7055570212

उत्तराखंड में चार नई हेली सेवाओं का शुभारंभ, पर्यटन और कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को चार नई हेली सेवाओं का उद्घाटन कर प्रदेश में हवाई संपर्क को और मजबूत कर दिया है। इन सेवाओं के तहत देहरादून से नैनीताल, बागेश्वर और मसूरी के साथ-साथ हल्द्वानी से बागेश्वर के लिए हवाई मार्ग से कनेक्टिविटी शुरू हो गई है।

पर्यटन और आर्थिक विकास को मिलेगा बढ़ावा
इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ‘उड़ान’ योजना के तहत शुरू की गई इन सेवाओं से उत्तराखंड के पर्यटन और आर्थिक विकास को गति मिलेगी। बेहतर हवाई कनेक्टिविटी से न केवल यात्रियों का सफर आसान होगा, बल्कि स्थानीय लोगों को भी लाभ मिलेगा। नैनीताल, मसूरी और बागेश्वर ऐतिहासिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाले क्षेत्र हैं, जहां देश-विदेश के पर्यटक बड़ी संख्या में आते हैं। अब इन स्थलों तक पहुंचने में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा।

पर्यटकों और स्थानीय लोगों को मिलेगी सुविधा
मुख्यमंत्री ने बताया कि सड़क मार्ग से देहरादून से इन स्थानों तक पहुंचने में करीब 8 से 10 घंटे का समय लगता है, जबकि हेली सेवा के माध्यम से यह सफर मात्र एक घंटे का रह जाएगा। इससे न केवल पर्यटकों को सहूलियत मिलेगी बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों में भी यह सेवा बेहद मददगार साबित होगी।

18 हेलीपोर्ट्स के विकास पर कार्य जारी
प्रदेश में हवाई सेवाओं के विस्तार को लेकर सरकार तेजी से काम कर रही है। अब तक गौचर, श्रीनगर, चिन्यालीसौड़, हल्द्वानी, मुन्स्यारी, पिथौरागढ़, पंतनगर, चंपावत और अल्मोड़ा जैसे कई क्षेत्रों को हेली सेवा से जोड़ा जा चुका है। राज्य में कुल 18 हेलीपोर्ट्स के विकास की योजना है, जिनमें से 12 हेलीपोर्ट्स पर सेवाएं पहले ही शुरू हो चुकी हैं।

वर्चुअल माध्यम से यात्रियों से संवाद
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने हेली सेवा के जरिए यात्रा कर रहे यात्रियों से वर्चुअल माध्यम से बातचीत भी की। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जनता ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक उमेश शर्मा काऊ, खजानदास, सविता कपूर, बृज भूषण गैरोला, मेयर सौरभ थपलियाल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

हेली सेवा का संचालन और किराया विवरण
देहरादून से मसूरी की हेली सेवा उत्तराखंड हवाई संपर्क योजना के तहत चलाई जा रही है, जबकि अन्य तीन सेवाएं केंद्र सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना के अंतर्गत संचालित की जा रही हैं।

📍 देहरादून – नैनीताल
🔹 किराया: ₹4500 प्रति यात्री
🔹 उड़ान समय:

  • देहरादून से: सुबह 8:15 बजे, दोपहर 2:25 बजे
  • नैनीताल से: सुबह 9:10 बजे, दोपहर 3:20 बजे

📍 देहरादून – बागेश्वर
🔹 किराया: ₹4000 प्रति यात्री
🔹 उड़ान समय:

  • देहरादून से: सुबह 10:20 बजे, दोपहर 12:30 बजे
  • बागेश्वर से: सुबह 11:10 बजे, दोपहर 1:20 बजे

📍 हल्द्वानी – बागेश्वर
🔹 किराया: ₹3500 प्रति यात्री
🔹 उड़ान समय:

  • हल्द्वानी से: सुबह 8:30 बजे, दोपहर 2:45 बजे
  • बागेश्वर से: सुबह 9:00 बजे, दोपहर 3:00 बजे

📍 देहरादून – मसूरी
🔹 किराया: ₹2578 प्रति यात्री
🔹 उड़ान: प्रतिदिन एक उड़ान (प्रारंभिक एक माह के लिए)

इन सेवाओं के शुभारंभ के साथ, उत्तराखंड के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों तक पहुंचना अब और आसान हो गया है। सरकार का प्रयास है कि आने वाले समय में और भी अधिक स्थानों को हेली नेटवर्क से जोड़ा जाए, जिससे राज्य में पर्यटन और आवागमन को नई दिशा मिले।