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‘जाट’ ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया धमाल: पहले दिन कमाए 9.50 करोड़, बनी सनी देओल की दूसरी सबसे बड़ी ओपनर

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सनी देओल ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उनकी एक्शन फिल्मों का जलवा बरकरार है। साल 2023 में ‘गदर 2’ से बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ने के बाद अब सनी की नई फिल्म ‘जाट’ ने भी धमाकेदार ओपनिंग की है। 10 अप्रैल को रिलीज हुई इस एक्शन थ्रिलर ने पहले ही दिन 9.50 करोड़ रुपये की कमाई की है।

सोशल मीडिया पर मिली पॉजिटिव प्रतिक्रिया

गोपीचंद मालिनेनी द्वारा निर्देशित ‘जाट’ एक टिपिकल साउथ स्टाइल की एक्शन मसाला फिल्म है, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा है। फिल्म में सनी देओल के साथ रणदीप हुड्डा, विनीत कुमार सिंह, रेजिना कैसेंड्रा, जगपति बाबू, सैयामी खेर और राम्या कृष्णन जैसे कलाकार भी नजर आए।

फिल्म को दर्शकों से पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिल रहा है। खासकर सनी और रणदीप की दमदार परफॉर्मेंस की खूब तारीफ हो रही है।

बॉक्स ऑफिस पर कड़ी टक्कर के बावजूद शानदार प्रदर्शन

‘जाट’ की रिलीज के साथ इसका मुकाबला अजीत कुमार की ‘गुड बैड अग्ली’, पंजाबी फिल्म ‘अकाल’, और सलमान खान की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘सिकंदर’ से हुआ। इसके बावजूद फिल्म ने मजबूत ओपनिंग के साथ बॉक्स ऑफिस पर पकड़ बनाई है।

सनी देओल के करियर की दूसरी सबसे बड़ी ओपनिंग

‘गदर 2’ के बाद ‘जाट’ सनी देओल के करियर की दूसरी सबसे बड़ी ओपनिंग फिल्म बन गई है।

गदर 2 ने पहले दिन कमाए थे: 40.10 करोड़

जाट ने कमाए: 9.50 करोड़

2025 की चौथी सबसे बड़ी ओपनर

‘जाट’ ने 2025 की सबसे बड़ी ओपनिंग फिल्मों की लिस्ट में चौथा स्थान हासिल किया है।

छावा: 33.10 करोड़

सिकंदर: 27.50 करोड़

स्काई फोर्स: 15.30 करोड़

जाट: 9.50 करोड़

100 करोड़ की लागत से बनी फिल्म

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ‘जाट’ करीब 100 करोड़ रुपये की लागत में बनी है। पहले दिन के प्रदर्शन को देखते हुए फिल्म के लिए आगे भी अच्छी कमाई की उम्मीद की जा रही है।

 

केंद्र सरकार ने पीएम पोषण योजना के तहत सामग्री लागत में की 9.50 प्रतिशत बढ़ोतरी

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प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत देश में सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में छात्र-छात्राओं को गर्म पका हुआ भोजन दिया जाता है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने इसमें उपयोग होने वाली सामग्री लागत में 9.50 फीसदी की वृद्धि की है। इस वृद्धि के कारण केंद्र सरकार वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग 954 करोड़ रुपये की अतिरिक्त लागत वहन करेगी। इससे विद्यार्थियों को पर्याप्त और पौष्टिक भोजन मिलता रहेगा।

शिक्षा मंत्रालय ने इसके बारे में एक बयान जारी बताया। यह नई दरें 1 मई से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू होंगी। पीएम पोषण योजना एक केंद्र प्रायोजित योजना है जिसके अंतर्गत 10.36 लाख सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालय आते हैं। यहां बाल वाटिका और कक्षा 1 से 8 तक अध्ययनरत 11.20 करोड़ विद्यार्थियों को दिन में एक बार गर्म पका हुआ भोजन दिया जाता है।

इस योजना का उद्देश्य पोषण सहायता प्रदान करना और विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाना है। शिक्षा मंत्रालय का कहना है कि पीएम पोषण योजना के अंतर्गत भोजन बनाने के लिए दाल, सब्जियां, तेल, मसाले और ईंधन आदि की खरीद के लिए ‘सामग्री लागत’ प्रदान की जाती है। सामग्री लागत के अलावा, भारत सरकार भारतीय खाद्य निगम के माध्यम से लगभग 26 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न भी उपलब्ध कराती है।

भारत सरकार खाद्यान्न की 100 प्रतिशत लागत वहन करती है। इसमें प्रति वर्ष लगभग 9,000 करोड़ रुपये का अनुदान और भारतीय खाद्य निगम डिपो से विद्यालयों तक खाद्यान्न की 100 प्रतिशत परिवहन लागत शामिल है। योजना के अंतर्गत खाद्यान्न लागत सहित सभी घटकों को जोड़ने के बाद प्रति भोजन लागत बाल वाटिका और प्राथमिक कक्षाओं के लिए लगभग 12.13 रुपये और उच्च प्राथमिक कक्षाओं के लिए 17.62 रुपये आती है।

केंद्रीय श्रम मंत्रालय का श्रम ब्यूरो, पीएम पोषण के अंतर्गत इन वस्तुओं के लिए मुद्रास्फीति के आंकड़े प्रदान करता है। इन आंकड़ों के अनुसार पीएम पोषण के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) तैयार किया गया है। ग्रामीण क्षेत्र के लिए यह सूचकांक, देश के 20 राज्यों में फैले 600 गांवों के नमूने से निरंतर मासिक मूल्य एकत्र करने के आधार पर जारी किया जाता है। ये सामग्री लागत दरें न्यूनतम अनिवार्य दरें हैं। वहीं राज्य और केंद्र शासित प्रदेश इसमें अपने निर्धारित हिस्से से अधिक योगदान करने के लिए स्वतंत्र हैं।

सनी देओल की ‘जाट’ है हाई वोल्टेज एक्शन पैकेज, रणदीप हुड्डा ने भी जमकर मचाया धमाल

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करीब दो साल के लंबे इंतज़ार के बाद सनी देओल एक बार फिर बड़े पर्दे पर लौटे हैं—इस बार फिल्म ‘जाट’ के साथ। गदर 2 की बंपर सफलता के बाद दर्शकों को सनी से बड़ी उम्मीदें थीं, और कहना गलत नहीं होगा कि उन्होंने अपने फैंस को निराश नहीं किया।

कहानी में है दम और जबरदस्त टक्कर

फिल्म की कहानी शुरू होती है खतरनाक विलेन राणातुंगा (रणदीप हुड्डा) से, जो श्रीलंका से भागकर आंध्र प्रदेश में अपना आतंक फैलाता है। 40 गांवों पर उसका कब्जा है और वह मौत का कारोबार करता है। लेकिन उसकी पत्नी भारती (रेजिना कैसेंड्रा) और पुलिस अफसर विजयलक्ष्मी (सैयामी खेर) जब उसका सामना करती हैं, तो कहानी नया मोड़ लेती है।

इसी बीच फिल्म में एंट्री होती है सनी देओल के किरदार ‘जाट’ की, जो न सिर्फ राणातुंगा के साम्राज्य को चुनौती देता है बल्कि उसका अतीत भी खंगालता है। कहानी में ट्विस्ट, पुराने राज़ और टकराव के ऐसे मोड़ आते हैं जो दर्शकों को बांधे रखते हैं।

सेकेंड हाफ में जबरदस्त पकड़

2 घंटे 38 मिनट लंबी फिल्म का पहला हाफ थोड़ा हल्का लग सकता है, लेकिन इंटरवल के बाद फिल्म पूरी रफ्तार पकड़ती है। गोपीचंद मलिनेनी का डायरेक्शन और स्क्रीनप्ले सेकेंड हाफ में अपना असर दिखाता है। सनी देओल के किरदार के पीछे का सस्पेंस अंत तक बना रहता है, जो फिल्म को दिलचस्प बनाए रखता है।

परफॉर्मेंस में सभी पास

सनी देओल वही दमदार, गुस्सैल और जोशीले अवतार में हैं जिनके लिए वे जाने जाते हैं। उनके पंच और डायलॉग्स सीटी बजाने वाले हैं।
रणदीप हुड्डा विलेन के किरदार में एकदम फिट हैं—उनका अंदाज़, बॉडी लैंग्वेज और स्क्रीन प्रेजेंस कमाल का है।
विनीत कुमार सिंह ने एक बार फिर निगेटिव रोल में चौंकाया है, जबकि सैयामी खेर, रेजिना कैसेंड्रा, राम्या कृष्णन और जगपति बाबू जैसे कलाकारों ने भी अपनी भूमिका को मजबूती से निभाया है।

टेक्निकल लेवल पर भी मजबूत फिल्म

गोपीचंद मलिनेनी का डायरेक्शन पॉलिश्ड और मास अपील वाला है। बैकग्राउंड स्कोर सनी के एक्शन को ऊंचा उठाता है। सिनेमैटोग्राफी शानदार है—कुछ सीन इतने पावरफुल हैं कि स्क्रीन पर देखते ही शॉक लगता है।

फुल पैसा वसूल फिल्म

जाट पूरी तरह से एक मसालेदार, हाई वोल्टेज एक्शन ड्रामा है, जिसमें सनी देओल और रणदीप हुड्डा की टक्कर देखने लायक है। अगर आप पुराने सनी देओल के फैन हैं और एक्शन से भरपूर फिल्म देखना चाहते हैं, तो जाट जरूर देखें।

चपरासी ने चेक की यूनिवर्सिटी एग्जाम की आंसर शीट, प्रिंसिपल और प्रोफेसर सस्पेंड

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मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले में एक सरकारी कॉलेज के परीक्षा मूल्यांकन में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद कॉलेज के प्रिंसिपल और दो प्रोफेसरों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि तीन अन्य को सेवा से बर्खास्त किया गया है। वायरल वीडियो में एक चपरासी को छात्रों की यूनिवर्सिटी एग्जाम की उत्तर पुस्तिकाएं जांचते हुए देखा जा सकता है।

शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप
वीडियो सामने आते ही शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। जांच के बाद कॉलेज प्रिंसिपल राकेश कुमार वर्मा और उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन के लिए नियुक्त नोडल अधिकारी प्रो. राम गुलाम पटेल को 4 अप्रैल को निलंबित कर दिया गया। इसके साथ ही, गेस्ट फैकल्टी खुशबू पगारे, तकनीशियन (चपरासी) पन्नालाल पठारिया और पुस्तक चोरी के आरोपी राकेश कुमार मेहर को 8 अप्रैल को बर्खास्त कर दिया गया।

मंत्री ने दी प्रतिक्रिया
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए युवा मामले एवं सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने कहा, “यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण और अक्षम्य है। सरकार उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर कोई समझौता नहीं करेगी। सभी दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

छात्रों ने की शिकायत, विधायक ने उठाया मामला
सूत्रों के मुताबिक, यह घटना जनवरी 2025 की है, लेकिन वीडियो के हाल ही में वायरल होने के बाद मामला सुर्खियों में आया। छात्रों ने स्थानीय विधायक ठाकुरदास नागवंशी से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद उच्च शिक्षा विभाग ने जांच शुरू की।

प्रिंसिपल बोले – मुझे फंसाया गया
प्रिंसिपल राकेश वर्मा ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा, “मुझे फंसाया गया है। मूल्यांकन कार्य का नोडल अधिकारी राम गुलाम पटेल था। उसकी नियुक्ति से जुड़ा पत्र भी मैंने विभाग को भेजा है।” उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर अपने निलंबन को रद्द करने की मांग की है।

सरकार ने दिए सतर्कता के निर्देश
सरकार ने ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी कॉलेजों और मूल्यांकन केंद्रों को सतर्कता बढ़ाने के निर्देश जारी किए हैं। उच्च शिक्षा विभाग इस पूरे मामले की निगरानी कर रहा है।

भारत लाया जा रहा है 26/11 मुंबई हमले का आरोपी तहव्वुर राणा

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नई दिल्ली : 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा को अमेरिका से भारत लाया जा रहा है। यह भारत, विदेश मंत्रालय और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के लिए बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।

पूर्व NIA प्रमुख योगेश चंद्र मोदी ने कहा कि राणा के प्रत्यर्पण में भारत और अमेरिका की मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि NIA ने अमेरिकी अदालतों में ठोस सबूत पेश किए और जांच टीम कई बार अमेरिका गई। केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस और NIA मिलकर राणा से गहन पूछताछ करेंगी ताकि पूरे मामले को अंजाम तक पहुंचाया जा सके।

केंद्र सरकार ने एडवोकेट नरेंद्र मान को तहव्वुर राणा और डेविड कोलमैन हेडली के खिलाफ मामलों के लिए विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया है। वह दिल्ली स्थित NIA की विशेष अदालतों और अपीलीय अदालतों में इन मामलों का प्रतिनिधित्व करेंगे। उनकी नियुक्ति 3 साल की अवधि या मुकदमे के पूरा होने तक, जो पहले हो, के लिए की गई है।

पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक राणा, 26/11 हमले के साजिशकर्ता डेविड कोलमैन हेडली का करीबी है। इस हमले में छह अमेरिकियों सहित 166 लोगों की जान गई थी। राणा से पूछताछ के दौरान पाकिस्तानी आतंकियों और आकाओं के बारे में अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है।

राणा ने अमेरिका में प्रत्यर्पण से बचने के लिए कई कानूनी हथकंडे अपनाए। उसने बीमारी और भारत में जान को खतरे का हवाला देते हुए छूट मांगी। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर कीं, लेकिन न्यायाधीश एलेना कागन ने उसकी अपील खारिज कर दी। फरवरी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद राणा के प्रत्यर्पण को मंजूरी दी थी।

गृह मंत्री अमित शाह ने इसे मोदी सरकार की बड़ी कूटनीतिक जीत बताया। उन्होंने कहा कि भारत अपने नागरिकों और जमीन पर हमला करने वालों को किसी भी कीमत पर न्याय के कठघरे में लाएगा। भारतीय एजेंसियों की टीम पहले से अमेरिका में मौजूद थी और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद प्रत्यर्पण की सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की गईं। राणा को हिरासत में लिया गया और टीम गुरुवार दोपहर तक भारत पहुंचेगी।

उत्तराखंड में बदला मौसम का मिजाज, थराली में भारी बारिश से तबाही

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उत्तराखंड में बुधवार को मौसम ने लंबे इंतजार के बाद करवट ली, लेकिन यह बदलाव राहत नहीं, आफ़त बनकर आया। खासकर चमोली जिले के थराली क्षेत्र में मौसम का मिज़ाज इतना बिगड़ा कि कई गांवों में तेज आंधी-तूफान के साथ मूसलाधार बारिश ने तबाही मचा दी। नदी-नाले उफान पर आ गए और पहाड़ियों से भारी मलबा सड़कों और गाड़ियों पर आ गिरा। रिपोर्ट के मुताबिक, दो दर्जन से अधिक वाहन मलबे के नीचे दब गए हैं।

 

दोपहर बाद कर्णप्रयाग और आसपास के इलाकों में मौसम अचानक बदला और घना अंधेरा छा गया। फिर क्या था—आसमान से लगातार बिजली की चमक और गरज ने लोगों को दहशत में डाल दिया। इस दौरान जोरदार बारिश के साथ भीषण ओलावृष्टि भी हुई, जिसने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। गेहूं, सरसों, मसूर की फसलें और बागवानी की पौधें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।

 

लगभग तीन घंटे की मूसलधार बारिश ने गधेरों और नालों को रौद्र रूप दे दिया। थराली-देवाल मुख्य मोटर मार्ग सहित छह अन्य सड़कें मलबा आने से बाधित हो गईं। प्रशासन को जेसीबी मंगवानी पड़ी और कई घंटे की मशक्कत के बाद मार्ग बहाल किए गए। इस बीच थराली बाजार की दुकानों में मलबा और पानी घुस गया, जिससे दुकानदारों का लाखों का सामान बर्बाद हो गया।

 

स्थानीय किसान सुरेंद्र सिंह, अमर सिंह नंदा, वल्लभ और महेश कुमार जैसे कई लोगों ने बताया कि ओलावृष्टि ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। उन्होंने प्रशासन से तत्काल मुआवजे की मांग की है। तहसीलदार अक्षय पंकज ने जानकारी दी कि नुकसान का सर्वे कराया जाएगा और रिपोर्ट के आधार पर किसानों को उचित सहायता दी जाएगी।

 

इधर, मौसम विभाग ने आज देहरादून समेत पर्वतीय जिलों में झोंकेदार हवाएं चलने और बारिश की संभावना जताई है। यानी राहत की उम्मीदों के बीच अभी सतर्क रहने की ज़रूरत है।

मुख्यमंत्री ने खटीमा में 213 फीट ऊँचे राष्ट्रीय ध्वज की स्थापना के लिए किया भूमि पूजन।

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खटीमा 9 अप्रैल 2025।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को कंजाबाग तिराहे, खटीमा में स्थापित किए जा रहे 213 फीट ऊँचे राष्ट्रीय ध्वज का भूमि पूजन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज देश की एकता, अखंडता और शौर्य का प्रतीक है। जो हर नागरिक को देशभक्ति की भावना से प्रेरित करता है। आने वाले समय में यह ध्वज पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सौरभ बहुगुणा, सांसद अजय भट्ट, लेo जनरल संदीप जैन, मेयर रुद्रपुर विकास शर्मा, काशीपुर दीपक बाली, हल्द्वानी गजराज बिष्ट, दर्जा राज्यमंत्री डां अनिल कपूर डब्बू, विनय रुहेला, विधायक शिव अरोड़ा, त्रिलोक सिंह चीमा, गोपाल सिंह राणा, सुरेश गड़िया, भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज पाल, कमल जिंदल, अध्यक्ष नगर पालिका रमेश चंद्र जोशी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

डीबीएस ग्लोबल यूनिवर्सिटी में लगा ‘ट्रेंड बाजार’छात्रों ने स्टाल लगाकर की खुद के बनाए ब्रांड्स की बिक्री।

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देहरादून 9 अप्रैल 2025।
डीबीएस ग्लोबल यूनिवर्सिटी में बुधवार को ‘ट्रेंड बाजार’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में छात्रों ने अपने स्टॉल लगाए और स्वयं के बनाए हुए प्रोडक्ट्स को बेचा,साथ ही उनकी मार्केटिंग भी की।
इस मौके पर डीबीएस ग्लोबल यूनिवर्सिटी की वाइस प्रेसिडेंट डॉ. अंजुम अग्रवाल ने बताया कि
‘ट्रेंड बाजार’ का उद्देश्य छात्रों को व्यापार से जुड़ी असली और व्यावहारिक सीख देना है। इसमें छात्र प्लानिंग से लेकर कस्टमर से बात करने, मार्केटिंग और बिक्री तक का पूरा अनुभव खुद छात्र खुद करते है। इससे उन्हें यह समझने का मौका मिलता है कि अपने आइडिया को कैसे बिज़नेस में बदला जा सकता है। उन्होंने बताया कि
यह आयोजन “ब्रांड एड” के तहत किया गया, जिसके अंतर्गत ट्रेड बाजार प्रतियोगिता में डीबीएस ग्लोबल यूनिवर्सिटी के छात्र बाहरी प्रतिष्ठित ब्रांड्स को कॉलेज कैंपस में लेकर आए और उनके प्रोडक्ट्स की बिक्री की। इससे छात्रों को बड़े ब्रांड्स के साथ काम करने और असली बाज़ार का अनुभव लेने का अवसर मिला।इस प्रतियोगिता में प्रमुख ब्रांड्स में ग्रेविक्स, शोर-शूर, स्टेपली वोकेशिया, क्यूबिक,केवेंटर्स, डंकिन, बेल्जियम वेफल, ज्ञानी आइसक्रीम, हाउस ऑफ कैंडी आदि शामिल रहे। यह कार्यक्रम छात्रों के लिए एक शानदार अवसर रहा, जहां उन्हें टैलेंट को दिखाने का मौका मिल सका। इस मौके पर डीबीएस ग्लोबल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ.संजय जसोला, प्रो वाइस चांसलर्स डॉ. राजीव भारद्वाज और डॉ. मनीष प्रतीक, मार्केटिंग क्लब के पेट्रेंस डॉ नेहा चौकसी, डॉ ईश्विंद्र सिंह आहलूवालिया आदि उपस्थित थे।

उत्तराखंड पंचायत चुनाव : क्या दो-तीन महीने तक टल जाएंगे चुनाव?

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देहरादून: उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की सरगर्मी अब तेज़ होती जा रही है। राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची को अंतिम रूप देने की तैयारी कर ली है और इसी सप्ताह इसे ऑनलाइन अपलोड भी कर दिया जाएगा। इसको लेकर चुनाव आयोग और एनआईसी के अधिकारियों की अहम बैठक हुई, जिसमें पूरी प्रक्रिया पर अंतिम मुहर लगाई गई। इस बीच सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार  पंचायत चुनाव टलने के पूरे-पूरे आसार नजर आ रहे हैं।

ओबीसी आरक्षण पर संशय, दो बच्चों का मामला भी अधर में

पंचायत चुनाव की तारीखों को लेकर तस्वीर अब भी धुंधली है। ओबीसी आरक्षण लागू करने को लेकर अब तक स्पष्टता नहीं है। इसके लिए सरकार को पंचायत एक्ट में संशोधन करना होगा। पंचायती राज विभाग अध्यादेश लाने की तैयारी में है, जिसका प्रस्ताव शासन स्तर पर तैयार हो रहा है। इसे कैबिनेट से मंजूरी दिलाकर अध्यादेश लाया जा सकता है।

एकल सदस्यीय समर्पित आयोग की रिपोर्ट

इसके तहत पंचायतों में ओबीसी आरक्षण एकल सदस्यीय समर्पित आयोग की रिपोर्ट के आधार पर लागू किया जाएगा। लेकिन, जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक चुनाव कराना संभव नहीं दिख रहा।

चुनाव दो-तीन तक टलने की संभावना

जैसे-जैसे कानूनी और आरक्षण संबंधी प्रक्रियाएं आगे बढ़ रही हैं, यह संकेत मिल रहा है कि पंचायत चुनाव दो या तीन माह तक के लिए टल सकते हैं। हालांकि, इस पर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

नौ जिलों में बैलेट पेपर तैयार

इस बीच निर्वाचन आयोग ने नौ जिलों में बैलेट पेपर छपवाकर भेज दिए हैं। केवल हरिद्वार में इस बार पंचायत चुनाव नहीं होंगे। बाकी जिलों के लिए प्रक्रिया जारी है।

पंचायत चुनाव में पहली बार ऑनलाइन हो रही मतदाता सूची

राज्य निर्वाचन आयोग ने इस बार चुनाव से पहले मतदाताओं को जागरूक करने के लिए कई प्रयास किए हैं। पहली बार हर पंचायत में मतदाता सूची पहुंचाई गई ताकि ग्रामीण समय रहते अपने नाम जांच सकें। इसके अलावा, एक विशेष अभियान चलाकर पंचायतों में मतदाता सूची का संशोधन भी कराया गया। अब आयोग इसे ऑनलाइन अपलोड कर रहा है, जिससे ग्रामीण अपने वोट की पुष्टि वेबसाइट पर कर सकेंगे। आयोग के सचिव राहुल गोयल ने जानकारी दी कि दो से तीन दिन में वेबसाइट पर मतदाता सूची उपलब्ध करा दी जाएगी। इससे पारदर्शिता और भागीदारी दोनों को बढ़ावा मिलेगा।

सरकार के फैसलों पर नजर

एक तरफ जहां आयोग तकनीकी और जनसहभागिता के स्तर पर नई मिसाल कायम करने की ओर बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर कानूनी अस्पष्टता और नीतिगत देरी के चलते चुनाव की घड़ी खिंचती जा रही है। अब निगाहें अध्यादेश और कैबिनेट के फैसले पर टिकी हैं। चुनाव की तिथियां तय होंगी या फिर और टलेंगी, यह आने वाले हफ्तों में साफ हो जाएगा।

सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी, दो से तीन आतंकी घेरे

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उधमपुर। जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले के रामनगर क्षेत्र में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच एक बार फिर मुठभेड़ शुरू हो गई है। रामनगर के जोफर गांव में पुलिस और सेना के संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान आतंकियों के छिपे होने की सूचना पर कार्रवाई की गई, जिसके बाद दोनों ओर से फायरिंग शुरू हो गई।

इलाके में दो से तीन आतंकियों के छिपे होने की आशंका है और सुरक्षाबलों ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया है। उधमपुर-रियासी रेंज के डीआईजी मोहम्मद भट ने पुष्टि की है कि मुठभेड़ जारी है और ऑपरेशन में तेजी लाई गई है।


यह एनकाउंटर कठुआ में जारी लंबे ऑपरेशन की कड़ी माना जा रहा है, जहां 24 मार्च के बाद से तीन बार मुठभेड़ हो चुकी हैं और चार जवान शहीद हुए हैं। सुफैन इलाके से फरार हुए आतंकियों की तलाश में 17 दिनों से कठुआ और उधमपुर में व्यापक अभियान चल रहा है।