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महाराष्ट्र में हिंदी को तीसरी भाषा बनाने पर मचा बवाल, इन्होंने लगाया आरोप, SSC बोर्ड को खत्म करने की साजिश

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पुणे: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एससीपी) की सांसद सुप्रिया सुले ने शनिवार को महाराष्ट्र सरकार के उस फैसले की कड़ी आलोचना की, जिसमें स्कूलों में हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में अनिवार्य किया गया है। उन्होंने इसे जल्दबाजी में लिया गया निर्णय बताया और दावा किया कि यह “एसएससी बोर्ड को खत्म करने की एक साजिश” हो सकती है। सुले ने कहा, “मराठी महाराष्ट्र की आत्मा है और यह हमेशा नंबर वन रहेगी। शिक्षा के क्षेत्र में और भी कई अहम काम किए जाने बाकी हैं। ऐसे में यह फैसला मराठी भाषा की प्राथमिकता को कमजोर करने वाला है।”

NEP के तहत लागू हुआ फैसला

यह निर्णय राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अंतर्गत लिया गया है। महाराष्ट्र के स्कूल शिक्षा विभाग ने 16 अप्रैल को यह फैसला किया, जिसके तहत राज्य बोर्ड से संबद्ध सभी स्कूलों में पहली कक्षा से ही मराठी और अंग्रेजी के साथ-साथ हिंदी को भी अनिवार्य रूप से पढ़ाया जाएगा।

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राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (SCERT) के निदेशक राहुल अशोक रेखावर ने बताया, “यह कदम छात्रों के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इससे उन्हें शैक्षिक रूप से लाभ होगा।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हिंदी को अनिवार्य करना किसी राजनीतिक या सामुदायिक एजेंडे का हिस्सा नहीं है, बल्कि केवल शिक्षा सुधार का हिस्सा है।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इस विषय पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मराठी भाषा को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुंबई मेट्रो लाइन 7A के उद्घाटन के अवसर पर उन्होंने कहा, “नई शिक्षा नीति के तहत हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि मराठी भाषा हर छात्र को आनी चाहिए, लेकिन साथ ही देश की भाषा हिंदी का ज्ञान भी ज़रूरी है।”

बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे का बयान-“अगर सुप्रीम कोर्ट ही कानून बनाए तो संसद बंद कर दी जाए”

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रांची: बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने एक बार फिर अपने बयान से राजनीतिक हलकों में बहस छेड़ दी है। गोड्डा से सांसद दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक विवादित टिप्पणी करते हुए लिखा, “क़ानून यदि सुप्रीम कोर्ट ही बनाएगा तो संसद भवन बंद कर देना चाहिए।”

उनका यह बयान वक्फ संशोधन कानून और पॉकेट वीटो से जुड़े मामलों की न्यायिक समीक्षा के संदर्भ में सामने आया है। सांसद दुबे की यह टिप्पणी उस बहस को और हवा देती है, जिसमें न्यायपालिका और विधायिका के बीच शक्तियों के संतुलन पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

इससे पहले, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने भी इसी मुद्दे पर चिंता जताई थी। कानून मंत्री रिजिजू ने कहा था कि न्यायपालिका को विधायी मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए और संविधान में शक्तियों का स्पष्ट विभाजन तय किया गया है। उनका मानना है कि सरकार और न्यायपालिका को एक-दूसरे के अधिकार क्षेत्रों का सम्मान करना चाहिए।

हालांकि, सांसद दुबे के बयान पर प्रतिक्रियाएं भी तेज़ी से सामने आई हैं। कई लोगों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का कार्य कानून बनाना नहीं, बल्कि संविधान की रक्षा और उस पर आधारित कानूनों की वैधानिकता की समीक्षा करना है। अगर संसद बिना न्यायिक संतुलन के कानून बनाए, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए खतरनाक हो सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार भारतीय संविधान “शक्तियों के पृथक्करण” (Separation of Powers) के सिद्धांत पर आधारित है, जिसमें विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका की अपनी-अपनी सीमाएं और भूमिकाएं निर्धारित हैं। इस संतुलन को बनाए रखना ही एक सशक्त लोकतंत्र की नींव है।

उत्तराखण्ड में फायर सर्विस को मिलेगी नई ताकत, मुख्यमंत्री ने की कई घोषणाएं

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देहरादून में अग्निशमन सेवा सप्ताह के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फायर सर्विस के आधुनिकीकरण और विस्तार को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने भीमताल, द्वाराहाट, गौचर, पुरोला और सहस्त्रधारा में नए फायर स्टेशन खोलने की घोषणा करते हुए कहा कि राज्य में जल्द ही अग्निशमन सेवा का एक विश्वस्तरीय प्रशिक्षण केंद्र भी स्थापित किया जाएगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने तृतीय ऑल इंडिया फायर सर्विस गेम्स में पदक जीतने वाले 7 अग्निशमन कर्मियों और डीजीएफएस डिस्क मेडल विजेता 2 कर्मियों को सम्मानित किया। साथ ही, उत्तराखण्ड फायर सर्विस में शामिल 20 नए फायर टेंडरों और अग्निशमन वाहनों को जन-जागरूकता के लिए रवाना किया। मुख्यमंत्री ने प्रयागराज महाकुंभ ड्यूटी में योगदान देने वाले सभी अग्निशमन कर्मियों को 10-10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की भी घोषणा की।

महिलाएं भी निभा रहीं अहम भूमिका

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड अग्निशमन एवं आपात सेवा के जवानों ने राज्य गठन से अब तक 53 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति और 27 हजार से अधिक लोगों के जीवन को बचाया है। लगभग 7 हजार पशुओं को भी बचाया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि अब महिलाएं भी इस सेवा में शामिल होकर बतौर फायर फाइटर सराहनीय योगदान दे रही हैं।

केंद्र सरकार से मिली 71 करोड़ की सहायता

राज्य सरकार फायर सर्विस के इंफ्रास्ट्रक्चर को सशक्त बनाने और उपकरणों के आधुनिकीकरण पर कार्य कर रही है। केंद्र सरकार द्वारा उत्तराखण्ड फायर सर्विस के लिए 71 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके तहत 18 फायर स्टेशनों का निर्माण और विश्वस्तरीय फायर उपकरणों की खरीद की जा रही है। फायर कर्मियों की सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक फायर सूट भी खरीदे गए हैं।

दूरस्थ क्षेत्रों में भी फायर स्टेशन खोलने की योजना

मुख्यमंत्री ने बताया कि गैरसैंण में फायर स्टेशन भवन और 78 से अधिक आवासों का निर्माण जारी है। हरिद्वार जिले के बहादराबाद में भी नया फायर स्टेशन स्वीकृत किया गया है। राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए फायर स्टेशनों की मैपिंग की जा रही है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों में भी फायर सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा सके।

आपदाओं और चारधाम यात्रा में निभानी होगी अहम भूमिका

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के समय अग्निशमन सेवा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। बीते वर्ष केदारनाथ, टनकपुर, खटीमा, अराकोट और रैणी में आपदा के समय अग्निशमन कर्मियों ने सराहनीय कार्य किया। उन्होंने वनाग्नि जैसी आपदाओं से निपटने के लिए वन विभाग के साथ मिलकर कार्य करने की आवश्यकता पर जोर दिया। आगामी चारधाम यात्रा के सुचारू संचालन में भी फायर सर्विस की भूमिका को अहम बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सेवा केवल आग बुझाने तक सीमित नहीं, बल्कि राहत-बचाव, जन-जागरूकता, और सुरक्षा व्यवस्था में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

दिल्ली के मुस्तफाबाद में इमारत ढहने से चार की मौत, राहत-बचाव जारी

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दिल्ली के मुस्तफाबाद इलाके में शनिवार तड़के एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहां एक इमारत गिरने से चार लोगों की मौत हो गई। राहत-बचाव दल ने अब तक मलबे से 14 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है, जबकि एक व्यक्ति मलबे में जीवित मिला है। घटनास्थल पर एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड, दिल्ली पुलिस और स्थानीय प्रशासन की करीब 100 सदस्यीय टीम तैनात है, साथ ही लगभग 150 स्थानीय लोग भी मदद में जुटे हैं।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हादसे पर गहरी संवेदना जताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि “मुस्तफाबाद की घटना से मन अत्यंत व्यथित है। राहत कार्यों में DDMA, NDRF और DFS समेत सभी एजेंसियां लगातार काम कर रही हैं। घायलों के इलाज की समुचित व्यवस्था की गई है।”

पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए कहा, “मुस्तफाबाद में बिल्डिंग गिरने की घटना बेहद दुखद है। जो लोग अपनों को खो चुके हैं, उनके प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। पार्टी कार्यकर्ता प्रशासन के राहत कार्यों में सहयोग करें।”

डिविजनल फायर ऑफिसर राजेंद्र अटवाल के अनुसार, उन्हें सुबह करीब 2:50 बजे सूचना मिली, जिसके बाद टीमें मौके पर पहुंचीं। उन्होंने बताया कि भारी बारिश और तेज आंधी के चलते इमारत गिरने की आशंका जताई जा रही है।

दिल्ली में शुक्रवार रात मौसम में अचानक आए बदलाव—धूल भरी आंधी और तेज बारिश—के कारण शहर के अन्य इलाकों से भी इमारतों के गिरने की खबरें सामने आई हैं। इससे पहले, बीते हफ्ते मधु विहार में एक निर्माणाधीन इमारत की दीवार गिरने से एक व्यक्ति की मौत और दो अन्य घायल हो गए थे।

हाईस्कूल में बागेश्वर के कमल सिंह और इंटर में अनुष्का बनीं टॉपर

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रामनगर (नैनीताल), 19 अप्रैल 2025:उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद, रामनगर (नैनीताल) ने आज हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा 2025 के साथ-साथ वर्ष 2024 की सुधार एवं अनुपस्थित परीक्षाओं के परिणाम घोषित कर दिए हैं।

हाईस्कूल परीक्षा 2025 के मुख्य बिंदु:

परीक्षा में 1,13,238 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 1,09,859 परीक्षार्थी सम्मिलित हुए और 99,725 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए।

कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 90.77% रहा।

लड़कों का उत्तीर्ण प्रतिशत: 88.20%

लड़कियों का उत्तीर्ण प्रतिशत: 93.25%

नियमित परीक्षार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 91.23%, जबकि व्यक्तिगत परीक्षार्थियों का 59.37% रहा।

प्रदेश के टॉपर:

कमल सिंह चौहान (HGS SVM IC कुसुमखेड़ा, हल्द्वानी, नैनीताल) ने 496/500 (99.20%) अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से पहला स्थान प्राप्त किया।

कनकलता (SVM IC, नई टिहरी, टिहरी गढ़वाल) ने 495/500 (99%) अंक पाकर बालिकाओं में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया।

दिव्यम (गोस्वामी गणेश दत्त सरस्वती IC, उत्तरकाशी) और दीपा जोशी (P P SVM IC, नानकमत्ता, यूएस नगर) ने 494/500 (98.80%) अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से तीसरा स्थान हासिल किया।

अन्य प्रमुख आंकड़े:

पूरक परीक्षा के लिए 12,439 (11.32%) छात्र पात्र घोषित हुए।

प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण: 30,681 (27.92%)

द्वितीय श्रेणी: 41,460 (38.19%)

तृतीय श्रेणी: 14,631 (13.31%)

चमोली जिला 96.97% उत्तीर्णता के साथ शीर्ष पर रहा।

परिणाम में 1.63% की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।

इंटरमीडिएट परीक्षा 2025 के मुख्य बिंदु:

कुल 1,08,980 छात्रों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 1,06,345 शामिल हुए और 88,518 उत्तीर्ण हुए।

कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 83.23%

लड़कों का: 80.10%

लड़कियों का: 86.20%

नियमित परीक्षार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 84.03%, व्यक्तिगत परीक्षार्थियों का 58.25%।

प्रदेश के टॉपर:

अनुष्का राणा (गवर्नमेंट इंटर कॉलेज, बड़ासी, देहरादून) ने 493/500 (98.60%) अंक प्राप्त कर पहला स्थान हासिल किया।

केशव भट्ट (SPIC करबारी ग्रांट, देहरादून) और कोमल कुमारी (गोस्वामी गणेश दत्त सरस्वती विद्य मंदिर, उत्तरकाशी) ने 489/500 (97.80%) अंक पाकर संयुक्त रूप से दूसरा स्थान प्राप्त किया।

आयुष सिंह रावत (SVMIC आवास विकास, ऋषिकेश) ने 484/500 (96.80%) अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान प्राप्त किया।

अन्य आंकड़े:

पूरक परीक्षा के लिए 7,575 (7.12%) छात्र पात्र घोषित हुए।

प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण: 41,290 (38.82%)

द्वितीय श्रेणी: 38,536 (36.23%)

तृतीय श्रेणी: 415 (0.39%)

पिथौरागढ़ जिला 91.90% परिणाम के साथ शीर्ष पर रहा।

परिणाम में 0.60% की वृद्धि दर्ज की गई।

सुधार एवं अनुपस्थित परीक्षा (हाईस्कूल और इंटरमीडिएट), 2024:

हाईस्कूल में 436 परीक्षार्थियों में से 268 उत्तीर्ण रहे — उत्तीर्ण प्रतिशत 61.46%।

इंटरमीडिएट में 715 परीक्षार्थियों में से 360 उत्तीर्ण — उत्तीर्ण प्रतिशत 50.35%।

बोर्ड परीक्षा परिणामों में इस वर्ष लड़कियों ने एक बार फिर बेहतर प्रदर्शन किया है। कुल परिणामों में सुधार देखा गया है, जो राज्य की शिक्षा गुणवत्ता में हो रही प्रगति को दर्शाता है।

आज जारी होगा उत्तराखंड 10वीं और 12वीं बोर्ड का रिजल्ट

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देहरादून:  उत्तराखंड बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन (UBSE) आज, 19 अप्रैल 2025 को सुबह 11:00 बजे कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम घोषित करने जा रहा है। लगभग 2.25 लाख छात्र, जो अपने परिणामों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

 

यह घोषणा पूरे राज्य के छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है, क्योंकि उनकी मेहनत और समर्पण का फल अब सामने आएगा।

https://ubse.co.in/

उत्तराखंड बोर्ड 10वीं 12वीं रिजल्ट 2025 जारी होते ही छात्र या अभिभावक सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और यहां जिस कक्षा का रिजल्ट चेक करना है उस पर क्लिक करें।

इसके बाद रोल नंबर दर्ज करके सबमिट करना है। जानकारी सबमिट होते ही आपका रिजल्ट स्क्रीन पर ओपन हो जायेगा जहां से आप चेक करने के साथ ही मार्कशीट की प्रति डाउनलोड भी कर पाएंगे।

उत्तराखंड के चमोली जिले में बड़ा हादसा, 5 लोगों की मौत की खबर

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गोपेश्वर: उत्तराखंड के चमोली जिले में बिरही-निजमुला मोटर मार्ग पर शुक्रवार शाम एक दुखद हादसा हुआ। गाड़ी गांव के समीप एक कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी, जिसमें सवार सभी पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

 

घटना शाम करीब सात बजे की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, कार दशोली ब्लॉक के हरमनी गांव की ओर जा रही थी। कार में सवार लोग एक शादी समारोह में शामिल होकर लौट रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, उस समय क्षेत्र में तेज आंधी-तूफान और भारी बारिश हो रही थी, जिसके कारण संभवतः चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया।

 

हादसे की सूचना पुलिस को एक घंटे की देरी से मिली, क्योंकि खराब मौसम ने संचार व्यवस्था को प्रभावित किया। चमोली थाने से पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें तुरंत मौके के लिए रवाना हुईं, लेकिन भारी बारिश और अंधेरा राहत व बचाव कार्य में बड़ी बाधा बना।

मौसम विभाग ने अगले तीन घंटे के लिए जारी किया अलर्ट

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मौसम अलर्ट: अगले 3 घंटे में उत्तराखंड के कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज़ आंधी और ओलावृष्टि की संभावना

उत्तराखंड में मौसम ने फिर करवट ली है। मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि अगले 3 घंटे के भीतर देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल और उत्तरकाशी ज़िलों में मध्यम गर्जना वाले तूफान के साथ तेज़ सतही हवाएं, स्क्वॉल (अचानक तेज़ आंधी), ओलावृष्टि और तीव्र वर्षा की प्रबल संभावना है।

चार धाम यात्रा तो सिर्फ बहाना है, भाजपा को पंचायत चुनाव नहीं कराना है -गरिमा मेहरा दसौनी 

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देहरादून: राज्य में पंचायत चुनाव न कराए जाने को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और राज्य सरकार को आढ़े हाथों लिया है। गरिमा ने कहा कि राज्य की भाजपा सरकार लगातार संविधान की हत्या करने पर उतारू है।

गरिमा ने कहा कि पहले राज्य में निकाय चुनावों में डेढ़ साल का विलंब हुआ और अब चार दिसंबर को समाप्त हुए पंचायतों के कार्यकाल से पहले ही जो आरक्षण की प्रक्रिया सरकार और प्रशाशन को करा लेनी चाहिए थी वह जानबूझ कर समय पर नहीं हुई जिसकी वजह से प्रदेश में पंचायत चुनाव टल रहे हैं।

दसौनी ने कहा कि निकाय चुनाव में चार लाख से अधिक वोटर अपने मौलिक अधिकार से वंचित कर दिए गए और अब क्योंकि प्रदेश में हालात प्रेम चंद की गाली प्रकरण हो या त्रिवेंद्र रावत का अवैध खनन पर बयान हो भाजपा में घमासान मचा हुआ है और उसकी लड़ाई और गुटबाजी सड़कों पर आ गई है तो पंचायत चुनाव न कराने के पीछे का कारण चार धाम यात्रा बताया जा रहा है।

जबकि यह सोची समझी रणनीति के तहत किया जा रहा है। ताकि परिस्थितियों को अपने अनुकूल किया जा सके।गरिमा ने पंचायत चुनाव को लोकतंत्र के लिए सबसे ज्यादा जरूरी और महत्वपूर्ण बताया, गरिमा ने कहा कि पंचायत चुनाव किसी भी लोकतंत्र की जड़ होते हैं ऐसे में जब नींव ही कमजोर होगी उस पर एक मजबूत इमारत की कल्पना नहीं की जा सकती।

पंचायत चुनाव किसी भी पेड़ की जड़ों की तरह होते है यदि जड़े ही कमजोर होगी तो उस पर फलदार वृक्ष का कल्पना बेमानी है। ऐसे में विभागीय मंत्री जिस तरह से चार धाम यात्रा को चुनाव न कराने का कारण बता रहे हैं वो हास्यास्पद ही नहीं शर्मनाक है।

क्योंकि एक तो यात्रा शुरू होने पहले चार महीने क्यों बर्बाद किए गए दिसंबर से लेकर मार्च तक चुनाव क्यों नहीं करवाए गए और अब ऑल वैदर रोड बनने के बाद भाजपा का दावा है कि यात्रा साल के बारहों मास गतिमान रहेगी क्या यह समझा जाए कि जब यात्रा साल भर चलेगी तो प्रदेश में दूसरे कोई काम नहीं होंगे??

दसौनी ने राज्य सरकार पर जानबूझ कर लोकतंत्र और संविधान से खिलवाड़ का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा शुरुआत से ही संविधान विरोधी रही है और उसके खाने और दिखने दोनों के दांत अलग अलग हैं।

गरीब मुस्लिम समाज के हित में होगा वक्फ संपत्तियों का उपयोग: सीएम धामी

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देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भाजपा “गरीबों का हक सिर्फ गरीबों को मिलेगा” के संदेश के साथ 20 अप्रैल से 5 मई तक वक्फ जनजागरण अभियान शुरू कर रही है। उन्होंने कहा कि वक्फ संशोधन कानून का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों का उपयोग गरीब, पसमांदा और जरूरतमंद मुस्लिम समाज, खासकर महिलाओं व बच्चों के कल्याण में सुनिश्चित करना है।

भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित वक्फ संशोधन जनजागरण कार्यशाला में सीएम ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में वक्फ बोर्ड की प्रत्येक संपत्ति की जांच की जाएगी और अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि यह कानून धर्मांतरण विरोधी, दंगारोधी और यूसीसी जैसे कानूनों की तरह प्रदेश की जनसंख्या संरचना और सामाजिक समरसता को बचाने की दिशा में एक अहम कदम है।

भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम ने कहा कि अवैध कब्जे से मुक्त कराई गई जमीनों पर पीएम आवास, अस्पताल, स्कूल व समुदायिक केंद्र बनाए जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि वक्फ की संपत्तियों पर अब तक कांग्रेस और संबंधित बोर्डों ने कब्जा जमाया था, जिससे मुस्लिम समाज का बड़ा हिस्सा वंचित रहा।

प्रदेश कार्यशाला के दो सत्रों में सीएम धामी और दुष्यंत गौतम ने इस कानून के सामाजिक, कानूनी और राजनैतिक पहलुओं को विस्तार से रखा। भाजपा संगठन महामंत्री अजेय कुमार ने अभियान की कार्ययोजना साझा करते हुए कहा कि इसे मंडल और जनपद स्तर तक ले जाया जाएगा।

कार्यक्रम में वक्फ बोर्ड अध्यक्ष शादाब शम्स ने कहा कि इस कानून से वक्फ बोर्ड के दुरुपयोग पर लगाम लगेगी और पीड़ितों को न्याय मिलेगा। उन्होंने कई राज्यों में वक्फ बोर्ड द्वारा की गई ज्यादतियों का भी जिक्र किया। बैठक में प्रदेश पदाधिकारी, विधायक, सांसद कल्पना सैनी, अल्पसंख्यक मोर्चा के पदाधिकारी और अन्य नेता मौजूद रहे।