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दिल्ली से पहलगाम तक आक्रोश, प्रधानमंत्री ने सऊदी दौरा बीच में छोड़ा, दिल्ली पहुंचे

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जम्मू-कश्मीर के शांत कहे जाने वाले पहलगाम में हुए भयावह आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया है। आतंकियों की इस घिनौनी साज़िश में 26 मासूम जानें चली गईं — जिनमें ज़्यादातर पर्यटक थे। यह हमला 2019 के पुलवामा त्रासदी के बाद सबसे बड़ा और खौफनाक माना जा रहा है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सऊदी अरब का अपना आधिकारिक दौरा बीच में ही छोड़ दिया और बुधवार सुबह दिल्ली लौट आए। राजधानी पहुंचते ही उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, विदेश सचिव विक्रम मिस्री और अन्य शीर्ष अधिकारियों के साथ आपात बैठक की। अब से कुछ ही देर में वे सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की अध्यक्षता भी करेंगे।

देश भर में इस नृशंस हमले को लेकर गम और ग़ुस्से का माहौल है। हर कोना पूछ रहा है — कब तक? आखिर कब तक बेगुनाहों का खून बहता रहेगा? कश्मीर फिर से आंसुओं की घाटी बन गया है।

पहलगाम आतंकी हमला: पर्यटकों पर कहर, 27 की मौत, टीआरएफ ने ली जिम्मेदारी, श्रीनगर पहुंचे अमित शाह

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श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर के शांत और खूबसूरत पहलगाम की वादियां आज गोलियों की गूंज से थर्रा उठीं। आतंकवाद के नए चेहरे ‘द रजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) ने एक बार फिर अपनी हैवानियत दिखाई है। सोमवार शाम करीब 7:45 बजे, पहलगाम में पर्यटकों से भरी एक बस पर आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें अब तक 27 पर्यटकों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं।

हमले की ज़िम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ी आतंकी शाखा टीआरएफ ने ली है। यह संगठन पिछले कुछ समय से घाटी में सिलसिलेवार हमलों के लिए बदनाम हो चुका है, और अब उसने टूरिज़्म को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है।

हमले के कुछ ही घंटों के भीतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से फोन पर बातचीत की और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद अमित शाह रात में ही श्रीनगर पहुंच गए। गृह मंत्री ने कहा, “इस जघन्य हमले में शामिल एक भी आतंकी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्हें उनके अंजाम तक पहुंचाया जाएगा।”

श्रीनगर पहुंचते ही अमित शाह ने एक हाई-लेवल मीटिंग बुलाई है, जिसमें आईबी, रॉ, एनआईए और जम्मू-कश्मीर पुलिस के आला अधिकारी शामिल हैं। बैठक में हमले के पीछे की साजिश, खुफिया तंत्र की कमजोरी, और सुरक्षा चूक की जांच की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, टीआरएफ के खिलाफ बड़े पैमाने पर ऑपरेशन की योजना बन चुकी है।

घायलों को तुरंत श्रीनगर के एसएमएचएस अस्पताल और सेना के 92 बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय प्रशासन ने ब्लड डोनेशन कैंप शुरू कर दिए हैं और आसपास के इलाकों में कर्फ्यू जैसे हालात बना दिए गए हैं।

पहलगाम जैसी हाई-सेक्योरिटी टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर आतंकी इतने बड़े हमले को अंजाम कैसे दे गए? क्या सुरक्षा एजेंसियों को कोई इनपुट नहीं मिला? या फिर इनपुट मिला और नजरअंदाज कर दिया गया।

हमले के बाद पूरे देश में गुस्से की लहर है। सोशल मीडिया पर लोग सरकार से सख्त जवाब की मांग कर रहे हैं। यह हमला न सिर्फ कश्मीर की शांति पर हमला है, बल्कि भारत की अंतरात्मा पर भी चोट है।

देहरादून में 30 अप्रैल को कांग्रेस की ‘संविधान बचाओ’ रैली

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देहरादून : उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आगामी 30 अप्रैल को देहरादून में विशाल ‘संविधान बचाओ रैली’ आयोजित करने की घोषणा की है। यह निर्णय आज प्रदेश कांग्रेस की उच्च स्तरीय समन्वय समिति की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा ने की और बैठक में प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल रहीं।

बैठक में सह प्रभारी सुरेन्द्र शर्मा, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व अध्यक्ष प्रीतम सिंह, पूर्व अध्यक्ष गणेश गोदियाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना सहित सभी प्रमुख नेता उपस्थित रहे।

प्रदेश कांग्रेस ने साफ किया कि यह रैली केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों द्वारा संविधान विरोधी नीतियों और लोकतंत्र को कुचलने की कोशिशों के विरोध में आयोजित की जा रही है।

प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने कहा कि भाजपा सरकार आरएसएस के इशारे पर देश की संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने और विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि “देश आज एक नाजुक मोड़ पर खड़ा है। लोकतंत्र और संविधान को बचाने की जिम्मेदारी आज कांग्रेस पार्टी के कंधों पर है।”

उन्होंने कहा कि कांग्रेस देशव्यापी ‘संविधान बचाओ’ अभियान के तहत हर राज्य, जिला और विधानसभा स्तर पर इस तरह की रैलियां आयोजित करेगी।

बैठक में सीडब्ल्यूसी सदस्य सरदार गुरदीप सिंह सप्पल ने कहा कि कांग्रेस के अहमदाबाद अधिवेशन में पारित ‘न्याय पथ संकल्प’ प्रस्ताव से भाजपा में बौखलाहट है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी बौखलाहट में भाजपा सरकार ने नेशनल हेराल्ड मामले में श्रीमती सोनिया गांधी और राहुल गांधी सहित कई नेताओं पर ईडी से झूठे आरोप लगवाकर चार्जशीट दाखिल करवाई।

सह प्रभारी सुरेन्द्र शर्मा ने सभी कांग्रेस नेताओं से अपील की कि अगले चालीस दिनों के भीतर इस अभियान को बूथ स्तर तक ले जाया जाए और उन सभी नागरिक संगठनों को भी साथ लाया जाए जो संविधान और लोकतंत्र के पक्षधर हैं।

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और प्रीतम सिंह ने कहा कि सभी विधायक और कार्यकर्ता इस रैली को ऐतिहासिक बनाने के लिए पूरी ताकत झोंकेंगे। पूर्व अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने चेताया कि भाजपा विपक्ष के कार्यक्रमों में बाधा डालने की कोशिश कर सकती है, इसलिए कार्यकर्ताओं को सतर्क और संगठित रहना होगा।

भुवन कापड़ी, विधायक और कांग्रेस विधायक दल के उपनेता ने सुझाव दिया कि देहरादून के बाद हल्द्वानी में भी इसी तरह की रैली आयोजित की जाए।

इस महत्वपूर्ण बैठक में पूर्व मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत, पूर्व सांसद प्रत्याशी वीरेंद्र रावत (हरिद्वार) और जोत सिंह गुंसोला (टिहरी), विधायक ममता राकेश, विक्रम सिंह नेगी, रवि बहादुर, पूर्व विधायक रंजीत रावत, महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला, युवा कांग्रेस अध्यक्ष सुमित भुल्लर, एनएसयूआई अध्यक्ष विकास नेगी, सेवा दल की हेमा पुरोहित, अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष मदन लाल सहित अनेक वरिष्ठ नेता व पदाधिकारी मौजूद रहे।

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2024-25: शक्ति दुबे बनीं देश की नई ‘IAS टॉपर’

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नई दिल्ली:  संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2024-25 का अंतिम परिणाम 22 अप्रैल 2025 को जारी कर दिया है। हर साल की तरह इस बार भी यह परीक्षा न सिर्फ भारत के सबसे कठिन, बल्कि सबसे प्रतिष्ठित मुकाबलों में से एक साबित हुई। और इस बार, प्रयागराज की शक्ति दुबे ने देशभर में टॉप कर यह साबित कर दिया कि मेहनत, धैर्य और माटी से जुड़ी जिद मिलकर चमत्कार कर सकती है। दूसरे और तीसरे स्थान पर क्रमश: हरियाणा की हर्षिता गोयल और डोंगरे अर्चित पराग रहे।

 

इस रिपोर्ट में हम परिणाम की प्रमुख बातें, टॉपर्स की प्रोफाइल, चयन प्रक्रिया, रिक्तियों की स्थिति, हिंदी माध्यम के उम्मीदवारों की स्थिति और आगे की राह पर रोशनी डालेंगे।

 

 

 

तीन चरणों में होती है परीक्षा, लाखों में चुनिंदा ही सफल

 

यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा तीन स्तरों पर आयोजित होती है—

 

1. प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) – वस्तुनिष्ठ प्रकार की परीक्षा जो 16 जून 2024 को हुई।

 

 

2. मुख्य परीक्षा (Mains) – वर्णनात्मक पेपर, जो सितंबर 2024 में आयोजित हुए।

 

 

3. व्यक्तित्व परीक्षण (Interview) – 7 जनवरी से 17 अप्रैल 2025 के बीच।

 

 

अंतिम मेरिट लिस्ट मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार के अंकों के आधार पर तैयार की जाती है। प्रारंभिक परीक्षा केवल स्क्रीनिंग के लिए होती है।

मुख्य आँकड़े: चयन, रैंक और रिक्तियां

कुल चयनित उम्मीदवार: 1,009

घोषित रिक्तियां: 1,129 (979 CSE + 150 IFoS)

PwBD के लिए आरक्षित: 50

प्रोविजनल उम्मीदवार: 241

रिज़र्व लिस्ट: 230 उम्मीदवार (सामान्य से 115, OBC से 59, SC से 14, ST से 6 आदि)

सफलता दर: अनुमानित तौर पर 0.1% से भी कम।

टॉपर्स की कहानी: मेहनत, मिसाल और मील का पत्थर

1. शक्ति दुबे (AIR 1)

गृह नगर: प्रयागराज, उत्तर प्रदेश

शिक्षा: स्नातक – इलाहाबाद विश्वविद्यालय | मास्टर्स – BHU (बायोकेमिस्ट्री)

यूपीएससी यात्रा: पहली ही कोशिश में रैंक 1।

प्रेरणा: “मैं समाज में परिवर्तन लाना चाहती हूं।”

2. हर्षिता गोयल (AIR 2)

गृह नगर: हरियाणा

पेशेवर पृष्ठभूमि: चार्टर्ड अकाउंटेंट

3. डोंगरे अर्चित पराग (AIR 3)

 

अमरनाथ यात्रा से पहले पहलगाम में पर्यटकों पर आतंकी हमला, एक की मौत

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श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने पर्यटकों पर हमला किया, जिसमें एक पर्यटक की मौत हो गई और कई घायल हो गए।

पुलिस के अनुसार, मंगलवार को अनंतनाग जिले के पहलगाम में हुए इस आतंकी हमले में एक पर्यटक के सिर में गोली लगी, जबकि सात अन्य घायल हुए।

सुरक्षाबलों ने तुरंत मोर्चा संभाला और पहाड़ी क्षेत्रों में तलाशी अभियान शुरू कर दिया। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।

एक महिला ने पीटीआई को बताया कि उनके पति के सिर में गोली लगी है और उन्होंने घायलों के लिए तत्काल मदद की गुहार लगाई।

दो सगे भाइयों की हत्या से सनसनी, जांच में जुटी पुलिस

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बेगूसराय के बरौनी थाना क्षेत्र के हरपुर में वास्तु विहार के पीछे एक खेत से दो सगे भाइयों के शव बरामद होने से हड़कंप मच गया। शवों को सफेद पॉलिथीन में लपेटा गया था। प्रारंभिक जांच में पीट-पीटकर हत्या की आशंका जताई जा रही है। सूचना मिलते ही एसपी मनीष के नेतृत्व में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और जांच शुरू की। शवों की शिनाख्त अभी तक नहीं हो सकी है।

जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह करीब 5 बजे कुछ मजदूर गेहूं काटने खेत में पहुंचे। वहां उन्हें एक सफेद पॉलिथीन दिखी। पास जाकर देखने पर मजदूरों के होश उड़ गए, क्योंकि पॉलिथीन में हाथ-पैर बंधे दो शव थे। मजदूरों ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस और डायल 112 को दी।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो पॉलिथीन में लिपटे दो युवकों के शव मिले। दोनों की उम्र 18 से 25 वर्ष के बीच बताई जा रही है। खेत से एक साथ दो शव मिलने की खबर फैलते ही आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई, लेकिन कोई भी शवों की पहचान नहीं कर सका।

मुख्यमंत्री के निर्देश: चारधाम यात्रा, वनाग्नि रोकथाम और पेयजल व्यवस्था को करें दुरुस्त, इन पर करें सख्त कार्रवाई

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने  वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि जन शिकायतों का शीघ्रता से समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, जिससे शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे। आगामी चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा के दौरान उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों, होटल व्यवसायियों तथा अन्य हितधारकों के साथ समन्वय स्थापित कर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री ने सभी विभागीय सचिवों और जिलाधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि उत्तराखण्ड की चारधाम यात्रा के दौरान विभागों और जिला प्रशासन के स्तर पर सभी व्यवस्थाएं बेहतर बनाई जाए। चारधाम यात्रा आस्था का प्रमुख केन्द्र होने के साथ ही स्थानीय लोगों की आजीविका से भी जुड़ी है। चारधाम यात्रा से जुड़े सभी हितधारकों से निरन्तर समन्वय बनाने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिये हैं। चारधाम यात्रा को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। इसके लिए जन सहयोग भी लिया जाए। यात्रा मार्गों पर स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और यात्री सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी चारधाम यात्रा को लेकर ट्रैफिक व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को परेशानी न हो।

 

मुख्यमंत्री ने बैठक में वनाग्नि प्रबंधन के लिए वन विभाग के साथ सभी जिलाधिकारियों को पूर्ण तैयारी करने के निर्देश दिये है। वनाग्नि की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यक उपकरणों की पर्याप्त व्यवस्था रखी जाए। वनाग्नि नियंत्रण के लिए त्वरित कार्यवाही के लिए स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों के नम्बर भी अपडेट रखे जाएं, ताकि वनाग्नि की घटना होने पर शीघ्रता से नियंत्रण किया जा सके। वनाग्नि की संभावना वाले क्षेत्रों में टीमें तैनात की जाए और उनकी निरंतर मॉनिटरिंग भी की जाए। मोबाइल गश्त टीमें भी तैनात की जाए।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि गर्मियों में लोगों को पेयजल की दिक्कत न हो। पेयजल की समस्याएं आने पर उनका त्वरित समाधान किया जाएं। पेयजल टैंकर की भी पर्याप्त उपलब्घता सुनिश्चित की जाए। सभी जिलाधिकारियों को पेयजल की समस्याओं के समाधान के लिए अपने स्तर से बैठक करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिये हैं। उन्होंने आगामी मानसून सीजन के दृष्टिगत भी सभी सुरक्षात्मक उपाय करने के निर्देश अधिकारियों को दिये हैं। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों से बाढ़ सुरक्षा से संबंधित कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली। जल भराव की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में सभी उपचारात्मक कार्य किये जाएं।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिलाधिकारियों द्वारा जन सुनवाई नियमित की जाए। तहसील दिवस, बीडीसी की बैठकों और बहुद्देशीय शिविरों के माध्यम से लोगों को योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ दिया जाए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि लोगों को अनावश्यक रूप से दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़े। ई-सेवाओं के माध्यम से लोगों को अधिकाधिक लाभान्वित किया जाए। अनावश्यक रूप से कार्यों में लेटलतीफी करने वाले कार्मिकों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि विद्युत बिलों को लेकर प्राप्त हो रही शिकायतों का तुरंत निस्तारण किया जाए। स्मार्ट मीटर लगाने की कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिये हैं।

 

मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि राज्य में बाहरी लोगों और संदिग्ध गतिविधियों पर सतत निगरानी रखी जाए। अवैध अतिक्रमण पर नियमित कार्रवाई की जाए। आधार कार्ड, वोटर आईडी, बिजली-पानी कनेक्शन जैसी सुविधाएं अनधिकृत रूप से अपात्र लोगों को प्रदान करने वाले कार्मिकों को तत्काल निलंबित कर टर्मिनेशन की कार्यवाही भी प्रारंभ की जाए। यह राज्य की सुरक्षा से जुड़ा विषय है, जिसमें कोई समझौता नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने दोनों मण्डल आयुक्तों को निर्देश दिए कि वे स्वयं फील्ड में जाकर इन निर्देशों की प्रगति का भौतिक सत्यापन करें और आगामी समीक्षा बैठक से पूर्व सभी कार्यों की प्रगति रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को अवगत कराएं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने  वर्चुअल बैठक में सभी जिलाधिकारियों को जन शिकायतों के त्वरित समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए, ताकि शासन-प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो। आगामी चारधाम यात्रा की तैयारियों की समीक्षा के दौरान उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों, होटल व्यवसायियों और हितधारकों के साथ समन्वय कर बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण अनुकूल बनाने पर जोर दिया। यात्रा मार्गों पर स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और यात्री सुविधाओं को प्राथमिकता देने, ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने और स्थानीय लोगों की आजीविका को ध्यान में रखते हुए सभी विभागों व जिला प्रशासन को समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिए।

वनाग्नि प्रबंधन के लिए वन विभाग और जिलाधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में उपकरणों की उपलब्धता, स्थानीय लोगों के संपर्क नंबर अपडेट करने, मोबाइल गश्त टीमें तैनात करने और निरंतर मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।

पेयजल की कमी को रोकने के लिए त्वरित समाधान, टैंकरों की उपलब्धता और जिलाधिकारियों को नियमित बैठकें करने को कहा गया। आगामी मानसून के लिए बाढ़ सुरक्षा और जलभराव संवेदनशील क्षेत्रों में उपचारात्मक कार्यों की प्रगति की समीक्षा भी की गई।

मुख्यमंत्री ने जन सुनवाई, तहसील दिवस, बीडीसी बैठकों और बहुद्देशीय शिविरों के माध्यम से योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने, ई-सेवाओं को बढ़ावा देने और अनावश्यक देरी करने वाले कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। विद्युत बिल शिकायतों के त्वरित निस्तारण और स्मार्ट मीटर स्थापना में तेजी लाने को भी कहा।

राज्य की सुरक्षा के लिए बाहरी व्यक्तियों और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने, अवैध अतिक्रमण पर कार्रवाई करने और आधार कार्ड, वोटर आईडी, बिजली-पानी कनेक्शन जैसी सुविधाएं अनधिकृत रूप से देने वाले कर्मियों को तत्काल निलंबित कर टर्मिनेशन की कार्रवाई शुरू करने के सख्त निर्देश दिए। दोनों मंडल आयुक्तों को फील्ड में जाकर इन निर्देशों की प्रगति का सत्यापन करने और अगली समीक्षा बैठक से पहले प्रगति रिपोर्ट सौंपने को कहा गया।

एफआरआई में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में प्रदेश के कृषि एवं ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने किया प्रतिभाग।

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देहरादून, 21 अप्रैल 2024। देहरादून स्थित एफआरआई में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में प्रदेश के कृषि एवं ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने प्रतिभाग कर एफआरआई के वैज्ञानिकों से बांस की प्रजातियों से प्राकृतिक धागा तैयार करने और उत्तराखंड में बांस की खेती को और अधिक प्रोत्साहन देने तथा किसानों को इससे जोड़ने के लिए नीति निर्माण की संभावनाओं पर चर्चा की गई। खेती के साथ-साथ प्रदेश में बांस जैसे वानिकी उत्पादों को भी कृषि प्रणाली में शामिल कर किसानों की आय में बढ़ोतरी के संबंध में मंथन किया गया। केंद्रीय मंत्री ने कृषि विज्ञान केन्द्रों के सहयोग से मदार जैसे बहुपयोगी वृक्षों पर भी शोध को बढ़ावा देने का सुझाव दिया।
इस दौरान प्रदेश के कृषि एवं ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह को अवगत कराया कि उत्तराखंड में ओक टसर रेशम उत्पादन का कार्य तेजी से प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि कीटपालन अब पूरी तरह इनडोर प्रणाली के माध्यम से किया जा रहा है और टेंट की सहायता से व्यावसायिक स्तर पर उत्पादन किया जा रहा है। मंत्री जोशी ने केंद्रीय मंत्री से रेशम उत्पादक किसानों से मिलने का अनुरोध किया, जिसे स्वीकार करते हुए गिरिराज सिंह ने भविष्य में इस हेतु कार्यक्रम निर्धारित करने का आश्वासन दिया। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रदेश में बांस की खेती को बढ़ावा देने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की जाएगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के नए अवसर सृजित हों और पलायन पर रोक लगने के साथ ही, इससे राज्य की आर्थिकी को नई गति मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में बांस की खेती किसानों के लिए एक सशक्त वैकल्पिक आय का स्रोत बन सकती है।
कृषि मंत्री ने केन्द्रीय वस्त्र मंत्री का प्रदेश में निर्मित हो रहे ओक टसर रेशम की शाल भेंट की। बैठक में रेशम विभाग के निदेशक प्रदीप कुमार सहित अन्य विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

IIM रोहतक की रिपोर्ट : कांग्रेस नेता धस्माना बोले-चारधाम यात्रा को लेकर भ्रम की स्थिति में सरकार

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  • आईआईएम रोहतक की रिपोर्ट से अंजान मंत्री, सड़क दुर्घटनाओं में तीन महीने में ही 275 मौतें।

देहरादून।  चारधाम यात्रा को लेकर राज्य सरकार की नीति और नीयत दोनों सवालों के घेरे में हैं। एक ओर सरकार यात्रियों के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन पंजीकरण की बात कर रही है, तो दूसरी ओर बिन-पंजीकरण यात्रियों को भी यात्रा की खुली छूट देने की घोषणा कर भ्रम और अव्यवस्था की ज़मीन तैयार कर रही है। यह आरोप लगाए हैं उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (संगठन एवं प्रशासन) सूर्यकांत धस्माना ने।

प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में धस्माना ने कहा, “यात्रा शुरू होने में महज़ कुछ दिन बाकी हैं, लेकिन सरकार के पास ठोस योजना के बजाय सिर्फ़ खोखले दावे हैं। स्थिति यह है कि पर्यटन मंत्री को यह तक नहीं पता कि आईआईएम रोहतक ने चार धाम मार्गों और शहरों की भार-वहन क्षमता पर विस्तृत रिपोर्ट दी है, जिसे मुख्य सचिव ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकों में इस्तेमाल भी किया है।”

धस्माना ने कहा कि जब मंत्री स्वयं असीमित संख्या में यात्रियों को आमंत्रित कर रहे हैं, तो पिछले वर्ष की तरह पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ने जैसी घटनाएं फिर दोहराई जा सकती हैं। उन्होंने कहा, “चार धाम यात्रा करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, और साथ ही उत्तराखंड की आर्थिक जीवनरेखा भी। इसकी सफलता में ही प्रदेश के लाखों लोगों की आजीविका जुड़ी है।”

“30 जुलाई की आपदा के बाद केदार घाटी की स्थिति सामान्य नहीं हो सकी थी, और यात्रा बुरी तरह प्रभावित हुई। यमुनोत्री व बद्रीनाथ मार्गों पर भी यात्री परेशान रहे।”

धस्माना ने आंकड़ों के ज़रिए सरकार की सड़क सुरक्षा नीति की भी पोल खोली। उन्होंने बताया कि “पिछले पांच वर्षों में औसतन हर साल 1000 लोग सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवा चुके हैं और करीब 1500 घायल हुए हैं। इस साल की पहली तिमाही में ही 275 मौतें हो चुकी हैं।”

उन्होंने कहा, “सरकार को चाहिए कि चार धाम यात्रा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, आवास, भोजन और सबसे अहम, दर्शन व्यवस्था सुनिश्चित करे। साथ ही यात्रा मार्गों और शहरों की भार वहन क्षमता का सख्ती से पालन अनिवार्य बनाए।”

 

राहुल गांधी ने अमेरिका में उठाए महाराष्ट्र चुनाव पर सवाल

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नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी दो दिवसीय अमेरिका दौरे पर हैं। बोस्टन में ब्राउन यूनिवर्सिटी के छात्रों के साथ एक सत्र में उन्होंने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। राहुल ने भारत की चुनाव प्रणाली और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए।

महाराष्ट्र चुनाव में धांधली का आरोप
राहुल ने कहा, “महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में युवा मतदाताओं की संख्या से अधिक वोट पड़े। यह तथ्य है। चुनाव आयोग ने हमें शाम 5:30 बजे तक के मतदान के आंकड़े दिए। लेकिन 5:30 से 7:30 बजे के बीच, जब मतदान बंद हो जाना चाहिए था, 65 लाख वोट पड़े। यह असंभव है। एक मतदाता को वोट डालने में करीब 3 मिनट लगते हैं। हिसाब लगाएं तो मतदान रात 2 बजे तक चलता रहा होगा, जो नहीं हुआ।”

चुनाव आयोग की कार्यशैली पर सवाल
राहुल ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने उनकी मांग पर वीडियोग्राफी उपलब्ध नहीं कराई। उन्होंने कहा, “हमने वीडियो मांगे, लेकिन आयोग ने हमारी अपील खारिज कर दी और नियम ही बदल दिए। यह साफ है कि चुनाव आयोग ने अपनी निष्पक्षता से समझौता किया है। हमने बार-बार सार्वजनिक मंचों पर महाराष्ट्र चुनाव में धांधली का मुद्दा उठाया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।”

हाल के महीनों में दूसरा अमेरिका दौरा
पिछले कुछ महीनों में राहुल की यह दूसरी अमेरिका यात्रा है। सितंबर 2024 में उन्होंने डलास और वाशिंगटन डीसी का दौरा किया था। डलास में टेक्सास यूनिवर्सिटी के छात्रों और भारतीय प्रवासियों से मुलाकात की थी, जबकि वाशिंगटन में जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी में बातचीत की थी। लोकसभा में विपक्ष के नेता बनने के बाद यह उनकी पहली अमेरिका यात्रा थी।

पिछले दौरे ने मचाया था विवाद
राहुल की सितंबर यात्रा के दौरान आरक्षण प्रणाली पर उनकी टिप्पणी ने भारत में राजनीतिक बवाल मचा दिया था। उन्होंने कहा था कि जब देश निष्पक्ष हो जाएगा, तब आरक्षण खत्म किया जा सकता है। साथ ही, उन्होंने जाति जनगणना की वकालत करते हुए कहा था कि ओबीसी, दलित और आदिवासी, जो देश की 90% आबादी हैं, उन्हें संस्थानों, व्यवसायों और मीडिया में उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिलता।