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बड़ी खबर : हाईकोर्ट ने हटाई पंचायत चुनाव पर लगी रोक, जल्द जारी होगा कार्यक्रम

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नैनीताल। उत्तराखंड पंचायत चुनाव को लेकर प्रदेशवासियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने पंचायत चुनाव पर लगी रोक को हटा दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद राज्य में चुनावी हलचल और तेज हो जाएगी।

राज्य सरकार की ओर से अदालत को जानकारी दी गई कि पंचायत चुनाव को लेकर तैयारियां की जा रही हैं और जल्द ही एक नया चुनाव कार्यक्रम घोषित किया जाएगा। अब नजरें चुनाव आयोग की ओर हैं, जो किसी भी वक्त विस्तृत कार्यक्रम जारी कर सकता है।

रुद्रप्रयाग बस हादसा: लापता यात्रियों की तलाश में रेस्क्यू अभियान जारी

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रुद्रप्रयाग: ऋषिकेश-बदरीनाथ राजमार्ग पर घोलतीर के समीप हुए एक भीषण बस हादसे में लापता यात्रियों की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान जोरों पर है। शुक्रवार को रेस्क्यू दल ने रतूड़ा के पास अलकनंदा नदी के किनारे से एक और शव बरामद किया। इस हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि आठ यात्री घायल हैं और आठ अन्य लापता हैं।

हादसे का विवरण

बृहस्पतिवार सुबह करीब 7 बजे, रुद्रप्रयाग जिला मुख्यालय से 31 सीटर बस में सवार 18 यात्री, एक गाइड और चालक बदरीनाथ धाम के लिए रवाना हुए थे। ये यात्री राजस्थान, महाराष्ट्र और गुजरात से थे। सुबह 7:30 बजे के आसपास, जिला मुख्यालय से करीब 14 किलोमीटर दूर घोलतीर के पास बस अनियंत्रित होकर अलकनंदा नदी में जा गिरी। हादसे के दौरान चालक सुमित सहित 10 लोग बस की खिड़कियों से छिटककर नदी के पास खाई में गिर गए, जबकि अन्य बस सहित उफनती नदी में बह गए।

राहत और बचाव कार्य

हादसे की सूचना भटवाड़ी गांव के शिक्षक सत्येंद्र सिंह भंडारी ने जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी को दी। स्थानीय ग्रामीण और व्यापारी तुरंत मौके पर पहुंचे और घायलों को बचाने में जुट गए। कुछ ही देर में सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, डीडीआरएफ और जिला आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं। रस्सियों के सहारे बचाव दल ने खाई में उतरकर अभियान शुरू किया। दो लोगों के शव, जिनमें एक किशोरी शामिल थी, खाई में मिले। दो बच्चों सहित आठ घायलों को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जबकि चार गंभीर घायलों को हेलिकॉप्टर से एम्स ऋषिकेश भेजा गया।

प्रशासन का सक्रिय रुख

देहरादून से लौटते ही जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने बृहस्पतिवार देर शाम जिला चिकित्सालय पहुंचकर घायलों से मुलाकात की और उनका हाल जाना। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राम प्रकाश और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि जिला चिकित्सालय में भर्ती चार घायलों की स्थिति स्थिर है। पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंडे ने बताया कि लापता यात्रियों की तलाश में रेस्क्यू दल अलकनंदा नदी के दोनों किनारों पर खोजबीन कर रहा है। एक लापता महिला का शव धारी देवी मंदिर के पास नदी से बरामद हुआ है।

हादसे का कारण और कानूनी कार्रवाई

प्रारंभिक जांच में चालक सुमित की लापरवाही और बस में तकनीकी खराबी को हादसे का कारण माना जा रहा है। पुलिस ने चालक के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। हालांकि, घायल चालक सुमित का दावा है कि वह 20 किमी/घंटा की रफ्तार से बस चला रहा था, लेकिन विपरीत दिशा से आए एक ट्रक की टक्कर से स्टीयरिंग अनियंत्रित हो गया, जिससे बस खाई में गिर गई। घायल यात्री भावना सोनी ने भी चालक के बयान का समर्थन किया है।

यात्रियों की यात्रा

घायल यात्री अमिता सोनी ने बताया कि 17 जून को उनकी टोली हरिद्वार से चारधाम यात्रा के लिए निकली थी। गंगोत्री और यमुनोत्री की यात्रा पूरी करने के बाद वे केदारनाथ पहुंचे और बुधवार को रुद्रप्रयाग लौटे। बृहस्पतिवार सुबह वे बदरीनाथ के लिए रवाना हुए थे, तभी यह हादसा हुआ।

मुख्यमंत्री का बयान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “लापता यात्रियों की तलाश में रेस्क्यू टीमें जुटी हैं। घायलों का उपचार चल रहा है। प्रशासन पूरी संवेदनशीलता से स्थिति पर नजर बनाए हुए है। मैं ईश्वर से घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं।”

हादसे में इनकी हुई मौत

विशाल सोनी (42), निवासी राजगढ़, मध्य प्रदेश।

गौरी सोनी (41), निवासी राजगढ़, मध्य प्रदेश।

ड्रिमी (17), निवासी सूरत, गुजरात।

वाहन हादसे में घायल लोग
अमिता सोनी (49), निवासी मीरा रोड महाराष्ट्र।भावना सोनी ईश्वर (43), निवासी सूरत, गुजरात।

भव्य सोनी (7), निवासी सूरत, गुजरात।

पार्थ सोनी (10), निवासी राजगढ़, मध्य प्रदेश।

एम्स ऋषिकेश में भर्ती

दीपिका सोनी (42), निवासी सिरोही, मीनावास, राजस्थान।

हेमलता सोनी (45), निवासी प्रताप चौक, गोगुंडा, राजस्थान।

ईश्वर सोनी (46), निवासी सूरत, गुजरात।

वाहन चालक सुमित कुमार (23), पुत्र नरेश कुमार, निवासी बैरागी कैंप, हरिद्वार।

हादसे में लापता

रवि भवसार (28), निवासी उदयपुर, राजस्थान।

मौली सोनी (19), निवासी सूरत, गुजरात।

ललित कुमार सोनी (48), निवासी गोगुंडा, राजस्थान।

संजय सोनी (55), निवासी उदयपुर, राजस्थान।

मयूरी (24), निवासी सूरत, गुजरात।

चेतना सोनी (52), निवासी उदयपुर, राजस्थान।

चेष्ठा (12), निवासी सूरत, गुजरात।

कट्टा रंजना अशोक (54), निवासी ठाणे, महाराष्ट्र।

सुशीला सोनी (77), उदयपुर, राजस्थान।

देहरादून समेत कई जिलों में बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज और येलो अलर्ट

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देहरादून। उत्तराखंड में मानसून पूरी तरह से सक्रिय हो गया है और इसका असर प्रदेश के कई जिलों में देखा जा रहा है। बीते कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश ने जहां लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत दी है, वहीं अब भारी बारिश के कारण भूस्खलन और जलभराव जैसी समस्याएं भी सामने आने लगी हैं। मौसम विभाग ने राज्य के विभिन्न हिस्सों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

राज्य के पर्वतीय जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून के अनुसार, शुक्रवार को उत्तराखंड के सभी जिलों में अधिकांश स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। खासतौर पर बागेश्वर और नैनीताल जिलों में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है, जिसके चलते इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी, देहरादून, पौड़ी, चंपावत और पिथौरागढ़ में भी कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। इन क्षेत्रों के लिए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है।

देहरादून में बादलों का डेरा

राजधानी देहरादून में शुक्रवार को दिनभर बादल छाए रहने और एक-दो दौर की गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, देहरादून में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।

नदियों-नालों का बढ़ा जलस्तर

मानसून के आगमन के साथ ही प्रदेश में कई स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की जा रही है। इससे नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पहाड़ी मार्गों पर भूस्खलन के चलते यातायात भी बाधित हो रहा है, जिससे आम जनजीवन पर असर पड़ा है। आपदा प्रबंधन विभाग ने भी सभी जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है।

यहां खाई में गिरा ट्रक, एक की मौत, दो गंभीर घायल

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विकासनगर। उत्तराखंड के विकासनगर क्षेत्र में एक बार फिर सड़क हादसे ने जान ले ली। बीती देर रात हरिपुर मीनस मोटर मार्ग पर कोटी गांव के पास कोलिया खड्ड के समीप एक आयशर ट्रक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

सूचना मिलते ही कालसी थाना पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान चलाकर घायलों को खाई से बाहर निकाला। दोनों घायलों को उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। मृतक के शव को पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

पुलिस के मुताबिक यह हादसा रात करीब 10:30 बजे हुआ। ट्रक दिल्ली से टमाटर बेचकर हिमाचल के नेरवा की ओर लौट रहा था। वाहन में तीन लोग सवार थे। ट्रक जैसे ही कोटी गांव से पहले कोलिया खड्ड के पास पहुंचा, चालक वाहन पर से नियंत्रण खो बैठा और ट्रक गहरी खाई में जा गिरा।

हादसे में इसराइल (28 वर्ष), निवासी नेरवा, शिमला, हिमाचल प्रदेश की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि असलम (32 वर्ष) और गुलाम (45 वर्ष), दोनों निवासी नेरवा, शिमला गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। स्थानीय लोग हादसे के बाद घटनास्थल पर पहुंचे और राहत-बचाव में सहयोग किया।

हाईकोर्ट में आरक्षण मामले पर फिर हुई सुनवाई, सरकार से मांगा विस्तृत स्पष्टीकरण 

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नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट में पंचायत चुनावों में आरक्षण और चुनाव नियमावली को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई गुरुवार को भी जारी रही। मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने सरकार से पूछा कि किन-किन सीटों पर आरक्षण में बदलाव किया गया है और कितनी सीटों पर आरक्षण रिपीट किया गया है।

सरकार की ओर से बुधवार को नियमावली को सही बताते हुए पंचायत चुनावों पर लगी रोक हटाने की मांग की गई थी। इस पर कोर्ट ने सवाल उठाया कि क्या पिछली आरक्षण सूची को दरकिनार करना उचित है?

इसके साथ ही कोर्ट ने जारी गजट नोटिफिकेशन की वैधता पर भी सवाल उठाए। कोर्ट ने पूछा कि क्या यह गजट ‘सामान्य खंड अधिनियम’, ‘रूल 22’ और ‘उत्तराखंड पंचायती राज अधिनियम 2016’ की धारा 126 के प्रावधानों के अनुसार है? यदि नहीं, तो यह गजट भी कानून के विपरीत माना जाएगा।

कोर्ट ने जनसंख्या के आधार पर आरक्षण तय करने की प्रक्रिया पर भी प्रश्नचिन्ह लगाया। पीठ ने पूछा कि आखिर जनसंख्या के आधार पर आरक्षण कैसे लागू किया जा रहा है?

बता दें कि उत्तराखंड हाईकोर्ट पंचायत चुनावों में आरक्षण और चुनाव नियमावली को लेकर दायर याचिकाओं पर लगातार सुनवाई कर रहा है। इस मामले में फिलहाल चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगी हुई है।

कालसी-चकराता मार्ग पर दर्दनाक हादसा : कार गहरी खाई में गिरी, तीन की मौत

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देहरादून : उत्तराखंड के कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर शुक्रवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। जजरेड खड्ड के पास एक कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी, जिससे तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया।

हादसे के बाद मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को खाई से निकालकर उप जिला अस्पताल विकासनगर पहुंचाया। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। घायल की स्थिति नाजुक बनी हुई है।

हादसे की सूचना मिलते ही कालसी थाना प्रभारी दीपक धारीवाल के नेतृत्व में पुलिस और बचाव टीम घटनास्थल पर पहुंची। तीनों मृतकों के शव खाई से निकालने का कार्य देर शाम तक चलता रहा। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।

प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक, वाहन तेज रफ्तार या सड़क पर फिसलन के कारण अनियंत्रित हुआ होगा, लेकिन सटीक कारणों की जांच की जा रही है। हादसे में कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है।इस हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी सड़कों की खतरनाक स्थितियों और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग सड़क सुरक्षा उपायों की समीक्षा की मांग कर रहे हैं।

रुद्रप्रयाग हादसे में बड़ा खुलासा : ट्रक ने पीछे से मारी थी टक्कर

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रुद्रप्रयाग : उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग परहुए दर्दनाक हादसे में एक नया खुलासा हुआ है। अलकनंदा नदी में गिरे टेंपो ट्रैवलर को पीछे से ट्रक ने टक्कर मारी थी, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गया। इस दुर्घटना में अब तक दो तीर्थयात्रियों की मौत हो चुकी है, जबकि 10 लोग अब भी लापता हैं। राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है।हादसे के वक्त टेंपो ट्रैवलर में कुल 20 लोग सवार थे, जिनमें से अधिकांश तीर्थयात्री थे। केदारनाथ के दर्शन के बाद सभी बदरीनाथ की यात्रा पर निकले थे। हरिद्वार के बैरागी कैंप से तीर्थयात्रियों को लाया गया था।

ड्राइवर ने बताई दुर्घटना की पूरी कहानी

गंभीर रूप से घायल चालक सुमित, जो अस्पताल में भर्ती हैं, ने दुर्घटना का कारण बताते हुए कहा कि हम रुद्रप्रयाग से बदरीनाथ के लिए निकले थे। जैसे ही घोलतीर के पास पहुंचे, पीछे से आ रहे एक ट्रक ने हमारी गाड़ी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही टेंपो ट्रैवलर अनियंत्रित हो गया और सीधा अलकनंदा नदी में गिर गया। ड्राइवर के अनुसार, 10 यात्री गाड़ी से छिटककर बाहर गिर गए, जिनमें से कुछ को चोटें आईं और उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। 2 तीर्थयात्रियों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि बाकी यात्रियों की तलाश जारी है।

नदी में सर्च ऑपरेशन

एसडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमों द्वारा सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है। तेज बहाव और दुर्गम स्थल के चलते बचाव कार्यों में बाधा आ रही है, लेकिन प्रशासन हरसंभव प्रयास कर रहा है।

जांच के आदेश

जिला प्रशासन और राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने हादसे पर गहरा दुख जताया है और घटना की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं। ट्रक की टक्कर और चालक की लापरवाही की पुष्टि होने पर कड़ी कार्रवाई की बात कही गई है।

शोक में डूबे परिजन

हादसे के बाद तीर्थयात्रियों के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। कई परिवार हरिद्वार से रुद्रप्रयाग पहुंच रहे हैं, और प्रशासन से त्वरित राहत व सहायता की मांग कर रहे हैं।

उत्तराखंड में 27 से 30 जून तक ऐसा रहेगा मौसम का मिजाज

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देहरादून : उत्तराखंड में मानसून ने दस्तक देते ही अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में 27 जून से 30 जून तक भारी से बहुत भारी बारिश और गरज-चमक के साथ तेज वर्षा की चेतावनी जारी की है। आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

27 जून 2025

  • बागेश्वर एवं नैनीताल जनपदों में कुछ स्थानों पर बहुत भारी वर्षा की संभावना।

  • रुद्रप्रयाग, चमोली, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, चम्पावत और पिथौरागढ़ में भारी वर्षा के आसार।

  • राज्यभर में तेज से बहुत तेज बारिश और गरज-चमक के दौर की चेतावनी।

28 जून 2025

  • बागेश्वर और नैनीताल में एक बार फिर बहुत भारी वर्षा की आशंका।

  • रुद्रप्रयाग, चमोली, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, चम्पावत और पिथौरागढ़ जिलों में भारी वर्षा संभावित।

  • सभी जनपदों में कहीं-कहीं तेज गर्जना के साथ वर्षा हो सकती है।

29 जून 2025

  • बागेश्वर में बहुत भारी वर्षा, जबकि चमोली, नैनीताल, चम्पावत और पिथौरागढ़ में भारी वर्षा की संभावना।

  • पूरे राज्य में तेज से बहुत तेज बारिश और गड़गड़ाहट के साथ मौसम बिगड़ सकता है।

30 जून 2025

  • देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, नैनीताल, चम्पावत, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भारी वर्षा की चेतावनी।

  • राज्य के सभी जनपदों में तेज गरज और भारी बारिश के दौर संभावित।

मौसम विभाग ने भूस्खलन, सड़क अवरोध, नदी-नालों में पानी बढ़ने और बिजली गिरने जैसी घटनाओं को देखते हुए सतर्कता बरतने की अपील की है। विशेषकर पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने संबंधित जिलों में राहत एवं बचाव दलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। स्थानीय प्रशासन से कहा गया है कि संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ाई जाए और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाए।

Uttarakhand Breaking : अलकनंदा में समाया टेंपो ट्रैवलर, 9 लोगों को बचाया, कई के मौत की आशंका!

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रुद्रप्रयाग : उत्तराखंड के चमोली जिले में ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर गुरुवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया। घोलतीर के पास एक टेंपो ट्रैवलर अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिरते हुए सीधे अलकनंदा नदी में समा गया। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दुर्घटना के दौरान तीन लोग वाहन से छिटककर बाहर गिर गए, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से गंभीर अवस्था में अस्पताल पहुंचाया गया। बाकी यात्री वाहन समेत नदी में बह गए।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने जानकारी दी कि अब तक नौ यात्रियों का रेस्क्यू किया जा चुका है। इनमें से कुछ की मौत हो चुकी है, जबकि अन्य को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।

घटनास्थल पर एसडीआरएफ, पुलिस और प्रशासन की टीमें राहत व बचाव कार्य में जुटी हैं। सर्च ऑपरेशन अब भी जारी है। अलकनंदा नदी के तेज बहाव और दुर्घटनास्थल की दुर्गमता के चलते राहत और बचाव कार्यों में काफी दिक्कतें आ रही हैं। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से भी सहयोग की अपील की है।

इस मर्मांतक हादसे के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक तौर पर ब्रेक फेल या चालक की असावधानी को संभावित कारण माना जा रहा है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी।

हादसे की खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। मृतकों और लापता यात्रियों के परिजनों में कोहराम मच गया है। प्रशासन ने त्वरित सहायता और मुआवजे का आश्वासन दिया है।

17 साल बाद घर लौटा राजेश: सोशल मीडिया की आवाज़ बनी आज़ादी का जरिया

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“पिंजरे में बंद परिंदा आज फिर खुले आसमान की तरफ़ देख रहा है… उसकी आंखों में अब सपने हैं, पर उनमें साया है उन सत्रह सालों की कैद का, जो उसने बंधुआ मज़दूर बनकर बिताए।

 

उत्तराखंड के चमोली जिले के नारायणबगड़ विकासखंड के एक छोटे से गांव कौब से करीब 17 साल पहले गायब हुआ एक किशोर, राजेश पुत्र आशा लाल, अब 30 की उम्र में फिर अपनी मां की गोद में लौट आया है। पंजाब की एक गौशाला में उसे बंधुआ मजदूर बनाकर रखा गया था, जहां से उसे एक समाजसेवी संस्था ने पुलिस और प्रशासन की मदद से सकुशल छुड़ाया।

 

वर्ष 2008 में, जब राजेश महज 17 वर्ष का था, वह घर से किसी रोज़गार या काम की तलाश में निकला। फिर अचानक परिवार से उसका संपर्क टूट गया। साल दर साल गुजरते गए, लेकिन कोई खोज-खबर नहीं मिली। परिजन हर त्योहार पर उसकी राह देखते रहे, लेकिन उम्मीदें धुंधलाती चली गईं।

 

राजेश को पंजाब के एक गौशाला मालिक ने कैद कर रखा था, जहां उससे बिना मज़दूरी के सालों तक काम करवाया गया। युवक ने बताया कि उसे शारीरिक प्रताड़ना भी दी जाती थी और बाहर किसी से संपर्क की इजाजत नहीं थी।

 

हाल ही में एक मानवाधिकार संस्था को इस मामले की जानकारी मिली, जिन्होंने संबंधित पुलिस थाने के सहयोग से राजेश को उस गौशाला से मुक्त कराया। बाद में चमोली पुलिस और प्रशासन की निगरानी में युवक को परिजनों को सौंप दिया गया।

 

जब राजेश को स्थानीय थाने में उसकी मां और बहन ने देखा, तो सब्र का बांध टूट गया। मां का वर्षों से सूखा चेहरा आंसुओं से भीग गया। बहन, जिसे भाई की यादें केवल बचपन की तस्वीरों तक सीमित थीं, बेसुध सी होकर उसे गले लगा बैठी।

 

गांव में जैसे कोई मरा हुआ फिर ज़िंदा लौट आया हो, हर आंख नम थी और हर दिल भावुक। राजेश की आपबीती के आधार पर गौशाला मालिक के खिलाफ बंधुआ मज़दूरी, शोषण और शारीरिक हिंसा जैसे गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रशासन द्वारा आगे की जांच की जा रही है।