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बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 10 जिलों के डीएम बदले, 23 आईएएस अधिकारियों का तबादला

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार देर रात प्रशासनिक हलकों में बड़ा बदलाव करते हुए 23 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। इसमें 10 जिलों के डीएम बदले गए हैं। प्रमुख सचिव नियुक्ति एम. देवराज द्वारा जारी आदेश के तहत ये तबादले तत्काल प्रभाव से लागू माने जाएंगे।

अयोध्या मंडलायुक्त बदले गए

अयोध्या के मंडलायुक्त गौरव दयाल को गृह विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है। उनकी जगह राजेश कुमार, जो अब तक गृह एवं सतर्कता विभाग में सचिव थे, अयोध्या के नए मंडलायुक्त बनाए गए हैं।

जिलाधिकारियों के तबादले

  • गोरखपुर: कृष्णा करुणेश को हटाकर दीपक मीणा (पूर्व डीएम गाजियाबाद) नियुक्त.

  • गाजियाबाद: रवींद्र कुमार मंदर (पूर्व डीएम प्रयागराज) बनाए गए.

  • प्रयागराज: मनीष कुमार वर्मा (पूर्व डीएम गौतमबुद्धनगर) को जिम्मेदारी.

  • गौतमबुद्धनगर: मेधा रूपम (पूर्व डीएम कासगंज) को नियुक्त किया गया.

  • कासगंज: प्रणय सिंह (पूर्व एमडी, यूपी चीनी निगम) बनाए गए.

  • कानपुर देहात: आलोक सिंह को हटाकर कपिल सिंह (पूर्व अपर सीईओ, यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण) को डीएम बनाया गया.

  • ललितपुर: अक्षय त्रिपाठी हटाए गए, अमनदीप डुली को नया डीएम नियुक्त.

  • बहराइच: मोनिका रानी को हटाकर अक्षय त्रिपाठी को नई जिम्मेदारी.

  • गोंडा: प्रियंका निरंजन (पूर्व डीएम मिर्जापुर) को नियुक्त किया गया.

  • मिर्जापुर: पवन कुमार गंगवार को नया डीएम बनाया गया है.

अन्य प्रमुख बदलाव

  • नेहा शर्मा (पूर्व डीएम गोंडा) को प्रभारी महानिरीक्षक निबंधन बनाया गया है.

  • मोनिका रानी (पूर्व डीएम बहराइच) को विशेष सचिव बेसिक शिक्षा और एडीजी स्कूल शिक्षा नियुक्त.

  • अमनदीप डुली को डीएम ललितपुर.

  • जय नाथ यादव को विशेष सचिव, कृषि उत्पादन आयुक्त शाखा.

  • प्रणता ऐश्वर्या को मुख्य विकास अधिकारी, सीतापुर.

  • मिनिष्ती एस को गन्ना आयुक्त.

  • प्रमोद कुमार उपाध्याय अब होंगे सचिव, समाज कल्याण विभाग.

  • डॉ. सारिका मोहन बनीं सचिव, वित्त.

  • अमृत त्रिपाठी को सचिव, उच्च शिक्षा विभाग.

  • बिमल कुमार दुबे, मंडलायुक्त झांसी को बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण के सीईओ का अतिरिक्त प्रभार दिया गया.


सीएम योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में किए गए इस फेरबदल को शासन प्रशासन को अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। इस बदलाव से न केवल जिलों में प्रशासनिक दिशा और गति को नया रूप मिलने की उम्मीद है, बल्कि अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियों के साथ काम करने का अवसर मिला है।

भीषण सड़क हादसा: कांवड़ियों से भरी बस की ट्रक से टक्कर, 9 श्रद्धालुओं की मौत, दर्जनों घायल

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देवघर : झारखंड के देवघर में श्रावण मास की आस्था के बीच दर्दनाक हादसा हुआ। मंगलवार तड़के मोहनपुर थाना क्षेत्र के जमुनिया जंगल के पास कांवड़ियों से भरी एक बस और गैस सिलेंडर से लदा ट्रक आपस में टकरा गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस के परखच्चे उड़ गए। हादसे में अब तक कम से कम 9 श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 20 से अधिक घायल बताए जा रहे हैं। कई की हालत नाज़ुक बनी हुई है, जिससे मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका है।

मृतकों की पहचान:

  1. सुभाष तुरी (40 वर्ष) – बस चालक, निवासी मोहनपुर, देवघर

  2. शिवकुमार उर्फ पीयूष (15 वर्ष) – निवासी वैशाली, बिहार

  3. दुर्गावती देवी (45 वर्ष) – भानगर महाराजी, बेतिया, बिहार

  4. जानकी देवी – भानगर महाराजी, बेतिया, बिहार

  5. समदा देवी – तरंगना, पटना, बिहार

हालांकि, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने हादसे में 18 लोगों की मौत का दावा करते हुए शोक व्यक्त किया। वहीं, झारखंड के राज्यपाल ने ट्वीट कर घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

दुर्घटना का विवरण:

पुलिस महानिरीक्षक (दुमका क्षेत्र) शैलेंद्र कुमार सिन्हा के अनुसार, हादसा सुबह करीब साढ़े चार बजे हुआ जब 32-सीटर बस में सवार श्रद्धालु देवघर से बासुकीनाथ की ओर जा रहे थे। रास्ते में जमुनिया जंगल के पास सामने से आ रहे गैस सिलेंडर लदे ट्रक से बस की आमने-सामने टक्कर हो गई।

यातायात पुलिस उपाधीक्षक लक्ष्मण प्रसाद के अनुसार, मौके पर राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया। घायलों को नजदीकी अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया है। कुछ को बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है।

हालात गंभीर

दुर्घटना के बाद देवघर जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है। प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं और शवों की पहचान प्रक्रिया जारी है। घटनास्थल पर अफरातफरी का माहौल रहा, कई श्रद्धालु सदमे में हैं।

कांवड़ यात्रा पर साया

श्रावण मास में लाखों श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथधाम में जल अर्पण करने पहुंचते हैं। ऐसे में यह हादसा आस्था की यात्रा पर भारी पड़ता दिखाई दे रहा है। हादसे के बाद देवघर से बासुकीनाथ की ओर जाने वाले रूट पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।

शौच को निकले युवक पर गुलदार का हमला, हालत गंभीर

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श्रीनगर (पौड़ी)। गुलदार का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। श्रीनगर क्षेत्र एक बार फिर गुलदार के हमले से दहल उठा है। मंगलवार सुबह गंगा दर्शन क्षेत्र से आगे, पौड़ी रोड पर एक युवक पर गुलदार ने अचानक झपट्टा मार दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी दहशत का माहौल है।

घायल युवक की पहचान 32 वर्षीय संदीप कुमार पुत्र राजेंद्र सिंह निवासी रुड़की, हरिद्वार के रूप में हुई है, जो कुछ समय से श्रीनगर क्षेत्र में निवास कर रहा था। बताया गया कि सुबह के समय संदीप शौच के लिए निकला था, तभी झाड़ियों में घात लगाए गुलदार ने उस पर हमला कर दिया।

स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घायल को संयुक्त अस्पताल श्रीनगर पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे श्रीकोट स्थित बेस अस्पताल रेफर कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार युवक के शरीर पर गुलदार के गहरे पंजों के निशान हैं और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। चिकित्सकों ने घायल का सीटी स्कैन किया है और इलाज जारी है।

पहले भी हो चुके हैं हमले

इस क्षेत्र में गुलदार की सक्रियता कोई नई बात नहीं है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पूर्व में भी गुलदार दो लोगों पर हमला कर चुका है। दोनों घटनाएं शाम के समय घटी थीं, जब लोग सैर के लिए निकले थे। अब ताजा हमले के बाद डर और आक्रोश और गहरा गया है।

स्थानीय निवासी अकेले सुनसान इलाकों में जाने से बच रहे हैं। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। गंगा दर्शन क्षेत्र खासकर गुलदार की गतिविधियों का केंद्र बन गया है। बीते दिनों भी यहां दो अलग-अलग लोगों पर गुलदार ने हमला किया था, दोनों ही घटनाएं लगभग एक ही स्थान और समय पर हुई थीं।

वन विभाग पर उठे सवाल

लगातार हो रहे इन हमलों से नाराज़ स्थानीय निवासियों ने वन विभाग से गुलदार के आतंक से जल्द निजात दिलाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि विभाग की निष्क्रियता के कारण जान-माल को खतरा बना हुआ है। वहीं, यह घटना प्रदेश के खुले में शौच मुक्त दावों पर भी सवाल खड़े करती है। हमले के वक्त संदीप खुले में शौच के लिए निकला था, जिससे साफ है कि व्यवस्था में कहीं न कहीं खामी है।

श्रीनगर में ऑपरेशन ‘महादेव’, पहलगाम हमले के दो गुनहगारों सहित तीन पाकिस्तानी आतंकी ढेर

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श्रीनगर: जब संसद में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा कर रहे थे, ठीक उसी समय सुरक्षा बलों ने जम्मू-कश्मीर में आतंक के खिलाफ एक बड़ी जीत हासिल करते हुए श्रीनगर के पास तीन पाकिस्तानी आतंकियों को एक मुठभेड़ में ढेर कर दिया। मारे गए आतंकियों में दो, 22 अप्रैल को पहलगाम के बैसरण घाटी में हुए नृशंस हमले में शामिल थे, जिसमें 26 निर्दोषों की हत्या कर दी गई थी।

इस मुठभेड़ को ऑपरेशन महादेव नाम दिया गया। मारे गए आतंकियों में सुलेमान शाह उर्फ हाशिम मूसा, अबू हम्जा और यासिर शामिल हैं। सुरक्षाबलों ने पुष्टि की है कि सुलेमान शाह लश्कर-ए-तैयबा का शीर्ष आतंकी था और पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड था। वह पूर्व में पाकिस्तान की सेना में भी कार्यरत रह चुका था। हमले के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने उस पर 20 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।

ऑपरेशन महादेव में भारतीय सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में इन आतंकियों को मार गिराया गया। मुठभेड़ श्रीनगर के हरवान क्षेत्र के मुलनार इलाके के घने जंगलों में हुई। खुफिया जानकारी के आधार पर सुरक्षा बलों ने इलाके को घेरकर ऑपरेशन शुरू किया। सूत्रों के अनुसार, तीनों आतंकी विदेशी नागरिक और “हाई वैल्यू टारगेट” थे। भारतीय सेना की चिनार कोर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी दी कि “तीन आतंकियों को एक तीव्र मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया है, ऑपरेशन अब भी जारी है।”

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आतंकियों के ठिकाने से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद हुआ है। इनमें कार्बाइन और AK-47 राइफलें, 17 राइफल ग्रेनेड और अन्य घातक सामग्री शामिल है। बरामदगी से संकेत मिलते हैं कि ये आतंकी जम्मू-कश्मीर में किसी बड़े आतंकी हमले की साजिश रच रहे थे। ऑपरेशन के बाद क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है और व्यापक तलाशी अभियान जारी है।

मनसा देवी हादसे के बाद सीएम धामी सख्त, सुनियोजित विकास, पंजीकरण और भीड़ नियंत्रण पर विशेष जोर, दिए व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश,

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देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुविधाएं सुनिश्चित करने को लेकर अधिकारियों को निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए भीड़ प्रबंधन, दर्शन प्रणाली, पंजीकरण प्रक्रिया और मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाया जाए, ताकि उन्हें सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित दर्शन अनुभव प्राप्त हो सके।

मुख्यमंत्री ने खासतौर पर हरिद्वार के मनसा देवी–चंडी देवी मंदिर, टनकपुर के पूर्णागिरि धाम, नैनीताल का कैंची धाम, अल्मोड़ा का जागेश्वर मंदिर, और पौड़ी का नीलकंठ महादेव मंदिर जैसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन स्थलों पर सुविधाओं का समुचित विकास किया जाना अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालु पंजीकरण को अनिवार्य किया जाए और दर्शन की व्यवस्था चरणबद्ध ढंग से नियंत्रित की जाए। साथ ही पैदल मार्गों और सीढ़ियों का चौड़ीकरण, अतिक्रमण हटाने तथा व्यवस्थित दुकान प्रबंधन जैसे उपायों पर प्राथमिकता से कार्य किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा, “श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए स्थायी और दीर्घकालिक समाधान की दिशा में काम किया जाना चाहिए।”

सीएम धामी ने निर्देश दिए कि दोनों मंडलों के आयुक्तों की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया जाए। इस समिति में संबंधित जिलों के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्ष और कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा। यह समिति प्रमुख धार्मिक स्थलों पर व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित करेगी।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से मनसा देवी मंदिर परिसर के सुनियोजित विकास और धारणा क्षमता में वृद्धि पर बल दिया। उन्होंने कहा कि व्यवस्थाओं को इस प्रकार डिज़ाइन किया जाए जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में भीड़ पर नियंत्रण बना रहे और श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन का अवसर मिले।

सरकार की इस पहल को श्रद्धालुओं की सुविधा और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि धार्मिक आस्था के इन केंद्रों पर प्रशासनिक दक्षता के साथ व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

बी.डी. सिंह बने उत्तराखंड चारधाम/ बीकेटीसी मुख्य सलाहकार

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उत्तराखंड चारधाम/ श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति हेतु मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार नियुक्त हुए बी. डी. सिंह

• उत्तराखंड शासन की ओर से अधिसूचना जारी हुई।

• तीर्थ पुरोहित समाज एवं बीकेटीसी कर्मचारी संघ ने मुख्य मंत्री का आभार जताया।

देहरादून/गोपेश्वर/, रूद्रप्रयाग : 28 जुलाई।उत्तराखण्ड शासन ने श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर मंदिर समिति ( बीकेटीसी )के प्रशासक रह चुके बीकेटीसी पूर्व मुख्य कार्याधिकारी भारतीय वन सेवा( आईएफएस) के अवकाश प्राप्त वरिष्ठ अधिकारी बी.डी.सिंह को उनके दीर्घकालिक अनुभव को देखते हुए प्रदेश सरकार ने दुबारा चारधाम यात्रा तथा श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति हेतु मुख्यमंत्री का मुख्य सलाहकार नियुक्त किया है इस संबंध में शासन की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गयी है।
बृहस्पतिवार 24 जुलाई को जारी अधिसूचना में कहा गया है कि बी.डी. सिंह, सेवानिवृत्त भारतीय वन सेवा अधिकारी को श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति में उनके पूर्व अनुभव को दृष्टिगत रखते हुये चारधाम यात्रा एवं श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति में मा० मुख्यमंत्री जी के मुख्य सलाहकार (अवैतनिक) के रूप में को-टर्मिनस आधार पर कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से मा० मुख्यमंत्री जी की स्वेच्छा अथवा मा० मुख्यमंत्री जी के कार्यकाल, जो भी पहले हो बशर्ते उक्त नियुक्ति इससे पूर्व ही समाप्त न कर दी जाय, तक नियुक्ति प्रदान किये जाने की श्री राज्यपाल महोदय सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं।

शासन की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति द्वारा श्री बी.डी. सिंह को मुख्य सलाहकार के पद कार्य-निष्पादन हेतु आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करायी जायेगी।
श्री बदरीनाथ धाम तथा केदारनाथ धाम के तीर्थ पुरोहित समाज सहित श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति कर्मचारी संघ के अध्यक्ष विजेंद्र विष्ट , सचिव भूपेन्द्र रावत, उपाध्यक्ष रविंद्र भट्ट , पारेश्वर त्रिवेदी सहित सभी संघ पदाधिकारियों सदस्यों ने बी. डी. सिंह को चारधाम/ बीकेटीसी सलाहकार नियुक्त किये जाने पर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार जताया है।

उत्तराखंड त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का दूसरा चरण: प्रदेशभर में मतदान जारी, मतदाताओं में दिख रहा उत्साह

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देहरादून : उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दूसरे चरण के लिए मतदान सोमवार सुबह 8 बजे से शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हो गया। चुनाव प्रचार शनिवार शाम को थमने के बाद से प्रदेश के 40 विकासखंडों में आज मतदान प्रक्रिया चल रही है, जो शाम 5 बजे तक चलेगी। कुल 21 लाख मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

दूसरे चरण में कुल 14,761 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। इनमें सदस्य ग्राम पंचायत के 933 पदों पर 1,998 उम्मीदवार, प्रधान ग्राम पंचायत के 2,726 पदों पर 7,833 प्रत्याशी, सदस्य क्षेत्र पंचायत के 1,225 पदों पर 4,214 उम्मीदवार और सदस्य जिला पंचायत के 14 पदों पर 716 प्रत्याशी किस्मत आजमा रहे हैं।

चमोली: 106 साल की बुजुर्ग ने किया मतदान

चमोली जिले के दशोली, नंदानगर, गैरसैंण, कर्णप्रयाग और पोखरी विकासखंडों में कुल 411 मतदान केंद्रों पर मतदान जारी है। इन पांचों विकासखंडों में 1,80,232 मतदाता पंजीकृत हैं। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की भीड़ उमड़ पड़ी। प्रशासन ने शांतिपूर्ण मतदान के लिए पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की है। इस बीच ऐरोली गांव की 106 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने वोट डालकर लोकतंत्र के प्रति अपनी आस्था का परिचय दिया।

नैनीताल: सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद

नैनीताल जनपद के हल्द्वानी, भीमताल, रामनगर और कोटाबाग विकासखंडों में मतदान जारी है। इन चारों क्षेत्रों में 522 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए 43 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 13 जोनल मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। जिला प्रशासन और पुलिस बल लगातार निगरानी बनाए हुए है।

चंपावत और बाराकोट: मतदान में दिखा उत्साह

चंपावत जिले के चंपावत और बाराकोट विकासखंडों में भी मतदान शांतिपूर्ण तरीके से जारी है। चंपावत में 159 और बाराकोट में 59 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। सुबह से ही मतदाताओं में उत्साह देखा गया और लोग लंबी कतारों में अपने मताधिकार का प्रयोग करते नजर आए।

रामनगर: 134 बूथों पर कड़ी निगरानी

रामनगर में कुल 76,848 मतदाता पंजीकृत हैं। यहां 134 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 20 को संवेदनशील और 25 को अति संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र विशेष निगरानी रखी जा रही है और पुलिस बल की तैनाती की गई है।

प्रदेशभर के 40 विकासखंडों में मतदान

दूसरे चरण में प्रदेश के जिन 40 विकासखंडों में मतदान हो रहा है, उनमें शामिल हैं: सल्ट, स्याल्दे, भिकियासैंण, हवालबाग, द्वाराहाट, रुद्रपुर, काशीपुर, जसपुर, चंपावत, बाराकोट, विण, मूनाकोट, बेरीनाग, गंगोलीहाट, हल्द्वानी, रामनगर, भीमताल, कोटाबाग, डुंडा, चिन्यालीसौड़, भटवाड़ी, पोखरी, दशोली, नंदानगर, कर्णप्रयाग, गैरसैंण, कीर्तिनगर, देवप्रयाग, नरेंद्रनगर, चंबा, डोईवाला, रायपुर, सहसपुर, यमकेश्वर, जयहरीखाल, दुगड्डा, द्वारीखाल, पौड़ी, कोट और कल्जीखाल।

मनसा देवी मंदिर हादसा: भगदड़ में आठ श्रद्धालुओं की मौत, 35 घायल, अस्पताल पहुंचे सीएम धामी

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हरिद्वार | सावन के सोमवार पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच हरिद्वार स्थित मनसा देवी मंदिर के पैदल मार्ग पर हुए भगदड़ हादसे में अब तक आठ श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हो चुकी है। एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने जानकारी दी कि कुल 35 घायल श्रद्धालुओं को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से कई गंभीर रूप से घायल श्रद्धालुओं को हायर सेंटर रेफर किया गया है।

भीषण हादसे के तुरंत बाद 108 एंबुलेंस सेवा की सात और ‘खुशियों की सवारी’ की दो एंबुलेंस मौके पर तैनात की गईं। इन वाहनों के माध्यम से घायल श्रद्धालुओं को समय रहते अस्पताल पहुंचाया गया, जिससे कई की जान बचाई जा सकी। मौके पर राहत और बचाव कार्य लगातार जारी रहा।

जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं की सूची इस प्रकार है:

1. वकील, उम्र 45

2. आरुष, उम्र 6, निवासी रामपुर मुरादाबाद

3. विशाल, उम्र 19

4. विपिन, उम्र 18

5. शांति, उम्र 60

6. रामभरोसे, उम्र 65

7. अज्ञात, अनुमानित उम्र 19

8. विक्की, उम्र 25

हादसे के बाद पूरे शहर में मातम पसरा है और मंदिर प्रशासन से लेकर सुरक्षा प्रबंधन तक पर सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन ने घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं, और यह देखा जा रहा है कि क्या सुरक्षा इंतजामों में कोई चूक हुई थी।

मनसा देवी हादसा: पीड़ितों के साथ है सरकार, मजिस्ट्रियल जांच के आदेश

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हरिद्वार | मनसा देवी मंदिर मार्ग पर हुई भगदड़ की दर्दनाक घटना पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि “यह एक अत्यंत हृदय विदारक हादसा है। सरकार घायलों के उपचार और मृतकों के परिजनों की हर संभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध है। पूरा प्रशासन पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है।”

मुख्यमंत्री ने इस घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी कर दिए हैं ताकि हादसे के कारणों की गहराई से पड़ताल हो सके और भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकी जा सकें।

धामी ने संबंधित अधिकारियों को राहत व बचाव कार्यों में पूरी तत्परता बरतने और घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

गैस सिलिंडर ब्लास्ट, पांच लोग झुलसे, तीन मासूम भी शामिल

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देहरादून : शहर के पटेलनगर थाना क्षेत्र में सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। महंत इंद्रेश अस्पताल के पीछे टपरी बस्ती में स्थित एक घर में एलपीजी सिलिंडर से गैस रिसाव के चलते अचानक विस्फोट हो गया। इस हादसे में एक ही परिवार के पांच सदस्य पति-पत्नी समेत तीन मासूम बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, फॉरेंसिक टीम और बम डिस्पोजल स्क्वाड मौके पर पहुंची और पूरे घटनास्थल की बारीकी से जांच की। घायलों को तत्काल 108 एम्बुलेंस के माध्यम से दून अस्पताल पहुंचाया गया।

कैसे हुआ हादसा?

पुलिस के अनुसार, पूर्वी पटेलनगर की टपरी बस्ती में रहने वाले विजय साहू अपने परिवार के साथ एक छोटे से कमरे में रह रहे थे रात कमरे के सभी खिड़की-दरवाजे बंद थे और वहीं गैस सिलिंडर के साथ चूल्हा भी रखा था। देर रात धीरे-धीरे गैस का रिसाव होता रहा, जो घरवालों की नींद में महसूस नहीं हुआ।

सुबह करीब 6:45 बजे जैसे ही कमरे में लगे एक स्विच में नंगी तार से हल्की सी स्पार्किंग हुई, कमरे में भरी गैस ने आग पकड़ ली और तेज धमाका हुआ। धमाके से कमरे का दरवाजा और एक दीवार का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, वहीं कमरे में मौजूद सभी लोग झुलस गए।

घायल व्यक्तियों की पहचान:

1. विजय साहू (38 वर्ष) – पुत्र अशरफी लाल, निवासी ग्राम असहीपुर, जिला बलरामपुर (उ.प्र.), वर्तमान में टपरी, पटेलनगर, देहरादून

2. सुनीता (35 वर्ष) – पत्नी विजय साह

3. अमर (11 वर्ष) – पुत्र

4. सनी (8 वर्ष) – पुत्र

5. अनामिका (8 वर्ष) – पुत्रीगैस सिलिंडर ब्लास्ट, पांच लोग झुलसे – परिवार के तीन मासूम भी घायल

फिलहाल सभी घायलों का इलाज दून अस्पताल में चल रहा है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। स्थानीय पुलिस का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और सिलिंडर कंपनियों को भी सतर्क किया गया है।