Home Blog Page 182

हाईवे किनारे मिली महिला पुलिसकर्मी की लाश, हत्या की आशंका से सनसनी

0

उत्तरा प्रदेश : बिंदौरा गांव, थाना मसौली (बाराबंकी) के पास बुधवार सुबह लखनऊ-बहराइच हाईवे किनारे एक महिला की संदिग्ध हालात में लाश मिलने से हड़कंप मच गया। शव वर्दी में था और नेम प्लेट पर ‘विमलेश’ नाम अंकित था, लेकिन पीएनओ नंबर गायब था, जिससे उसकी असल पहचान को लेकर संशय बना हुआ है। शव अर्धनग्न अवस्था में पाया गया, जिसे लेकर दुष्कर्म और हत्या की आशंका जताई जा रही है।

स्थानीय ग्रामीणों ने शव देखकर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची मसौली थाना पुलिस ने उच्चाधिकारियों को जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मृतका की पैंट शव के पास पड़ी थी, जिसे पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहनाया।

फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और मौत के कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस इस बात की पुष्टि में जुटी है कि क्या शव वाकई किसी महिला पुलिसकर्मी का है या वर्दी में महज भ्रम पैदा किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। प्रथम दृष्टया मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि महिला की मौत कैसे हुई और वह कौन थी। पुलिस ने संबंधित थानों से महिला कर्मियों की उपस्थिति की जानकारी भी तलब की है।

200 मीटर खाई में गिरी कार, एक युवक की मौत, चालक गंभीर

0

भतरौंजखान (अल्मोड़ा) : भतरौंजखान थाना क्षेत्र के अंतर्गत बुधवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि कार चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा सुबह करीब 5:30 बजे ग्राम पनुवाडोखन के पास हुआ, जब दिल्ली से देघाट की ओर आ रही एक एर्टिका कार (UK19TA-2494) अनियंत्रित होकर लगभग 200 मीटर गहरी खाई में जा गिरी।

कार में दो व्यक्ति सवार थे। हादसे में 18 वर्षीय मोहित कुमार, पुत्र चंदन राम, निवासी ग्राम तिमली, पीपोरा, तहसील स्याल्दे, थाना देघाट की मौके पर ही मौत हो गई। कार चालक सुरेश राम (45 वर्ष), पुत्र बहादुर राम, निवासी J3/22A संगम विहार, नई दिल्ली को गंभीर चोटें आईं।

पुलिस और राहत टीम ने किया रेस्क्यू

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंचे। रेस्क्यू टीम ने खाई में उतरकर घायल को बाहर निकाला और रामनगर स्थित रामदत्त संयुक्त चिकित्सालय भेजा गया। मृतक मोहित का शव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भतरौंजखान में रखा गया है। पुलिस ने परिजनों को सूचित कर दिया है और पोस्टमार्टम व विधिक कार्रवाई की जा रही है।

हायर सेंटर रेफर

रामदत्त संयुक्त चिकित्सालय के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. संदीप सिंह पांती के अनुसार, घायल चालक की स्थिति चिंताजनक थी। प्राथमिक उपचार के बाद उसे सुशीला तिवारी अस्पताल, हल्द्वानी रेफर कर दिया गया है।

हादसे की जगह बेहद जोखिम भरी

स्थानीय लोगों का कहना है कि पनुवाडोखन क्षेत्र बेहद खतरनाक मोड़ों वाला इलाका है, जहां पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। इस दुर्घटना की खबर से मृतक मोहित के गांव में शोक की लहर है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मार्ग पर सुरक्षा उपायों को मजबूत किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं रोकी जा सकें।

उत्तराखंड : सेना के जवानों की बस बदरीनाथ हाईवे पर पलटी, बड़ा हादसा टला

0

चमोली : उत्तराखंड के चमोली ज़िले में आज सुबह एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। सेना के जवानों को लेकर जा रही एक बस बदरीनाथ नेशनल हाईवे पर सोनल के पास अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में कुछ जवानों को हल्की चोटें आईं, जबकि सभी अन्य जवान सुरक्षित बताए गए हैं।

जानकारी के अनुसार, यह सेना की बस जोशीमठ से रायवाला की ओर जा रही थी। सोनल के समीप अचानक वाहन का संतुलन बिगड़ गया। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए चालक ने सूझबूझ का परिचय देते हुए बस को खाई की ओर जाने से रोक कर पहाड़ी की दिशा में मोड़ दिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। बस सड़क पर ही पलट गई।

हादसे की सूचना स्थानीय लोगों द्वारा पुलिस को दी गई। चमोली पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से बस में फंसे जवानों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। मामूली रूप से घायल जवानों को 108 एंबुलेंस की सहायता से उप-जिला चिकित्सालय कर्णप्रयाग भेजा गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।

भीषण सड़क हादसा: ट्रक और ट्रोले की टक्कर के बाद लगी आग, दो चालकों की मौत, एक गंभीर घायल

0

ऋषिकेश : आज तड़के ऋषिकेश के आरटीओ ऑफिस के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। एक ट्रोला और बोरिंग मशीन से लदा ट्रक आपस में इतनी भीषण टक्कर में भिड़े कि ट्रोले में आग लग गई। इस भयावह दुर्घटना में दो चालकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ट्रक में सवार एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया।

हादसे की जानकारी मिलते ही एसडीआरएफ पोस्ट ढालवाला से हेड कांस्टेबल अर्जुन पंवार के नेतृत्व में एक रेस्क्यू टीम तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हुई। स्थानीय पुलिस और फायर सर्विस की टीम भी मौके पर पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रोले में तुरंत आग लग गई।

ट्रोला चालक आग की चपेट में आ गया और मौके पर ही उसकी मृत्यु हो गई। ट्रक चालक भी टक्कर के कारण गंभीर रूप से घायल हुआ और उसने भी घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। ट्रक में सवार एक अन्य व्यक्ति बुरी तरह घायल था, जिसे एसडीआरएफ और पुलिस की सहायता से बाहर निकालकर तत्काल अस्पताल भेजा गया। उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।

रूस में 8.7 तीव्रता का भीषण भूकंप, जापान-अमेरिका समेत पांच देशों में सुनामी का अलर्ट

0

मॉस्को/टोक्यो/वॉशिंगटन : धरती फिर डोली, समंदर की लहरें बिफरने को तैयार! रूस के सुदूर पूर्वी इलाके कैमचटका प्रायद्वीप में बुधवार सुबह जोरदार 8.7 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। इस भूंकप ने न केवल रूस बल्कि जापान, अमेरिका, फिलीपींस, इंडोनेशिया और पापुआ न्यू गिनी तक समंदर के किनारों को हिला दिया है। सुनामी का खतरा मंडराने लगा है, जिससे तटीय इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया गया है।

नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के अनुसार, भूकंप का केंद्र समुद्र के नीचे था, जिससे भारी सुनामी की आशंका जताई गई है। रूस के अलावा अमेरिका की नेशनल ओशनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन (NOAA) और जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने भी अपने-अपने तटीय क्षेत्रों में चेतावनी जारी की है।

इस जबरदस्त झटके के बाद गूगल और अन्य तकनीकी प्लेटफॉर्म पर फिर सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि 2023 के तुर्की भूकंप जैसी स्थिति में भी समय पर अलर्ट नहीं दिया गया था। गूगल ने अब जाकर उस भूल को स्वीकारा है।

इस बीच भारत में निसार मिशन की लॉन्चिंग और अमेरिकी टैरिफ को लेकर चल रही उल्टी गिनती के बीच यह भू-संकट एक नई चिंता बनकर उभरा है। कई देश अभी से ही तटीय इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की तैयारियों में जुट गए हैं।

क्या है कैमचटका?

रूस का कैमचटका प्रायद्वीप Ring of Fire का हिस्सा है, यानी वह इलाका जहां अक्सर भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट होते रहते हैं। बीते वर्षों में यहां कई बार गंभीर भूकंप आ चुके हैं, लेकिन इस बार की तीव्रता और दायरा दोनों ही चिंताजनक हैं।

गुलदार का आतंक: घर में घुसकर महिला पर किया जानलेवा हमला, चेहरे पर आए गहरे घाव

0
File photo

रुद्रप्रयाग : उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जनपद में गुलदार का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा मामला अगस्त्यमुनि नगर पंचायत के वार्ड नंबर छह नाकोट का है, जहां मंगलवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे एक गुलदार ने घर में घुसकर 37 वर्षीय कुशला देवी पर जानलेवा हमला कर दिया। महिला गंभीर रूप से घायल है और चेहरे पर सात टांके आए हैं।

घटना के समय कुशला देवी अपने पति नत्थी लाल और बच्चों के साथ घर में सो रही थीं। उनके साथ पुत्र आशू, अंकित, और मायके से आई बेटी ज्योति तथा उसका दूधमुंहा बेटा आयुष्मान भी मौजूद थे। बताया जा रहा है कि गुलदार दरवाजे को धकेल कर घर में घुसा और सीधे कुशला देवी पर झपट पड़ा। अचानक हुए हमले से पूरे घर में अफरा-तफरी मच गई।

पति नत्थी लाल ने बहादुरी दिखाते हुए गुलदार से पत्नी को छुड़ाया, जिसके बाद परिवार ने शोर मचाकर गुलदार को भागने पर मजबूर किया। घायल कुशला देवी को तुरंत अगस्त्यमुनि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सक डॉ. शिवांश के अनुसार, महिला के माथे, गाल और कंधे पर गहरे जख्म हैं और उन्हें सात टांके लगाए गए हैं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें निगरानी में रखा गया है।

नत्थी लाल, जो पेशे से मजदूर हैं, ने बताया, “आज मेरा परिवार बाल-बाल बच गया। यह खौफ अब जीवन भर नहीं जाएगा।” उन्होंने वन विभाग से इलाके में पिंजरा लगाने और नगर पंचायत से सोलर लाइट लगाने की मांग की है, ताकि इस तरह की घटनाएं दोहराई न जाएं।

पहले भी हो चुके हैं हमले

पिछले एक महीने में अगस्त्यमुनि क्षेत्र में गुलदार के हमलों की यह चौथी घटना है। कुछ दिन पहले सिल्लाबामण गांव के बाराकोट तोक में एक महिला पर हमला हुआ था। इससे पूर्व किरोड़ा गांव में एक स्कूली छात्रा, और फिर गंगतल में एक महिला गुलदार की चपेट में आ चुकी है।

चमराड़ा गांव के ग्रामीणों ने भी गुलदार की लगातार आवाजाही की शिकायत की है। हालांकि अब तक किसी की जान नहीं गई है, लेकिन इलाके में भय का माहौल गहरा गया है। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और गश्त तेज कर दी गई है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए क्षेत्र में सक्रियता बढ़ाने और गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की है।

संसद में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर गरमाया माहौल : गृह मंत्री अमित शाह ने दिया बड़ा बयान, तीनों आतंकी मार गिराए गए

0

नई दिल्ली :  संसद के मानसून सत्र के सातवें दिन मंगलवार को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर लोकसभा में तीखी चर्चा देखने को मिली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर और उससे जुड़े आतंकवाद-रोधी प्रयासों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पहलगाम आतंकी हमले में शामिल तीनों आतंकवादी मारे जा चुके हैं। यह कार्रवाई भारतीय सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के संयुक्त ‘ऑपरेशन महादेव’ के तहत अंजाम दी गई।

अमित शाह ने कहा कि मारे गए तीनों आतंकवादी पाकिस्तानी नागरिक थे, जिनकी पहचान सुलेमान उर्फ फैजल, अफगान और जिबरान के रूप में हुई है। इनमें सुलेमान लश्कर-ए-तैयबा का ए-श्रेणी का कमांडर था, जबकि अफगान और जिबरान भी ए-ग्रेड के आतंकवादी थे। उन्होंने बताया कि हमले के बाद आतंकियों को शरण देने और खाना पहुंचाने वाले लोगों को पहले ही हिरासत में लिया जा चुका था। बाद में श्रीनगर में शवों की पहचान इन्हीं गिरफ्तार आरोपियों द्वारा की गई।

गृह मंत्री ने बताया कि एफएसएल रिपोर्ट और जब्त राइफलों के मिलान से भी यह पुष्टि हो गई कि ये तीनों वही आतंकवादी थे जिन्होंने बैसरन घाटी और पहलगाम में निर्दोष नागरिकों की हत्या की थी। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ स्थित फॉरेंसिक लैब में रिपोर्ट के जरिए इनकी संलिप्तता पुख्ता हो गई।

अमित शाह ने लोकसभा में अपने वक्तव्य के दौरान भावुक होते हुए कहा कि उन्होंने हमले के बाद पीड़ित परिवारों से मुलाकात की थी। मैंने एक नवविवाहिता महिला को देखा जो शादी के 6 दिन बाद ही विधवा हो गई थी। वो दृश्य आज भी मेरी आंखों के सामने है।

इससे पहले सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर संसद में सरकार का पक्ष रखते हुए पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी थी। राजनाथ सिंह ने कहा था कि भारत अब आतंकी हमलों को सहन नहीं करेगा और अगर दोबारा उकसाया गया, तो करारा जवाब देने में झिझक नहीं करेगा।

विपक्ष ने इस विषय को लेकर सरकार पर सवाल उठाए और बिहार में वोटर लिस्ट एसआईआर मुद्दे को भी सदन में उठाया, लेकिन केंद्र सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ की जा रही कार्रवाई को सख्ती से आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।

उत्तराखंड में फिर सक्रिय हुआ मानसून : 29 जुलाई से 2 अगस्त तक भारी बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट

0

देहरादून। उत्तराखंड में एक बार फिर मानसून पूरी ताक़त के साथ सक्रिय हो गया है। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने आज 29 जुलाई से 2 अगस्त तक कई जिलों में भारी वर्षा और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। पर्वतीय और मैदानी दोनों क्षेत्रों के लिए यह सप्ताह संवेदनशील रहने वाला है। स्थानीय प्रशासन और आमजन को सतर्क रहने की अपील की गई है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट रहने और राहत व बचाव दलों को तैयार रखने के निर्देश दिए हैं।

मौसम पूर्वानुमान…

29 जुलाई
उत्तरकाशी, देहरादून, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना है। राज्य के सभी जिलों में गर्जन के साथ आकाशीय बिजली और तीव्र से अति तीव्र वर्षा की चेतावनी दी गई है।

30 जुलाई
देहरादून, नैनीताल, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। राज्य के अन्य जिलों में भी तेज गर्जन, बिजली चमकने और मूसलधार बारिश के आसार हैं।

31 जुलाई 
देहरादून, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। पर्वतीय जिलों में गर्जन व बिजली के साथ तीव्र बारिश, जबकि मैदानी क्षेत्रों में बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है।

1 अगस्त
पौड़ी, नैनीताल और बागेश्वर में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। पर्वतीय जिलों में तीव्र बारिश और आकाशीय बिजली, वहीं मैदानी जिलों में गर्जन व बिजली चमकने की आशंका बनी हुई है।

2 अगस्त 
देहरादून, चंपावत, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना है। राज्य के सभी जनपदों में गर्जन, आकाशीय बिजली और तीव्र बारिश के दौर की संभावना बनी हुई है।

लोगों के लिए सुझाव

  • नदी-नालों के आसपास न जाएं।

  • पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें।

  • आकाशीय बिजली से बचने के लिए खुले में मोबाइल या मेटल वस्तु न रखें।

  • आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के नंबरों पर संपर्क करें।

भारी बारिश और बादल फटने से तबाही, तीन लोगों की मौत, NDRF और पुलिस का राहत अभियान जारी

0


मंडी : हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले मेंजारी मूसलधार बारिश ने एक बार फिर कहर बरपाया है। जेल रोड क्षेत्र में बादल फटने की घटना के बाद शहर के कई हिस्सों में भारी तबाही हुई। अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि एक महिला लापता बताई जा रही है। एनडीआरएफ और स्थानीय पुलिस राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई है। मंडी की एसपी साक्षी वर्मा स्वयं घटनास्थल पर मौजूद हैं और हालात का जायज़ा ले रही हैं।

पानी के बहाव में बहे लोग

जेल रोड में आई बाढ़ के चलते एक महिला का शव मलबे में दबी गाड़ियों के बीच से बरामद किया गया, जिसे काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया। बताया जा रहा है कि दर्जनों छोटे-बड़े वाहन मलबे में दब गए हैं या तेज बहाव में बह गए हैं। नगर निगम आयुक्त रोहित राठौर ने बताया कि शहर में आई तबाही बादल फटने का परिणाम हो सकती है। भारी बारिश से ऊपरी क्षेत्रों का मलबा नीचे की ओर बह आया, जिससे कई घर और वाहन चपेट में आ गए।

हाईवे ठप, यातायात बंद

राष्ट्रीय राजमार्ग-21 (मंडी-कुल्लू मार्ग) पर 4 मील, 9 मील (पंडोह के पास) और डवाड़ा (औट के समीप) के पास भारी भूस्खलन के कारण सड़कें पूरी तरह बंद हैं। इसके अलावा चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर झलोगी, दवाड़ा, और अन्य क्षेत्रों में भी भारी भूस्खलन हुआ है। वहीं पठानकोट-मंडी मार्ग पर भी कई स्थानों पर मलबा गिरने से यातायात प्रभावित है। NHAI अधिकारियों ने बताया कि लगातार हो रही बारिश से मार्ग बहाली में कठिनाई आ रही है और मार्ग तब तक नहीं खोले जा सकते जब तक वर्षा थम नहीं जाती।

शहर में दहशत का माहौल

पैलेस कॉलोनी, जोनल अस्पताल क्षेत्र, धर्मपुर लोनिवि मंडल कार्यालय और विक्टोरिया पुल के पास भारी नुकसान की सूचना है। धर्मपुर स्थित अधीक्षण अभियंता कार्यालय के ऊपर भी भारी भूस्खलन हुआ है। ब्यास, सुकेती और सकोड़ी खड्ड के उफान पर होने से किनारे बसे घरों के लोग भी रातभर जागते रहे और भय के साये में पूरी रात बिताई। नगर निगम के मेयर वीरेंद्र भट्ट, आयुक्त रोहित राठौर सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायज़ा लिया। राहत कार्य जारी हैं, लेकिन लगातार बारिश से बचाव कार्यों में बाधा आ रही है।

बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 10 जिलों के डीएम बदले, 23 आईएएस अधिकारियों का तबादला

0

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार देर रात प्रशासनिक हलकों में बड़ा बदलाव करते हुए 23 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। इसमें 10 जिलों के डीएम बदले गए हैं। प्रमुख सचिव नियुक्ति एम. देवराज द्वारा जारी आदेश के तहत ये तबादले तत्काल प्रभाव से लागू माने जाएंगे।

अयोध्या मंडलायुक्त बदले गए

अयोध्या के मंडलायुक्त गौरव दयाल को गृह विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है। उनकी जगह राजेश कुमार, जो अब तक गृह एवं सतर्कता विभाग में सचिव थे, अयोध्या के नए मंडलायुक्त बनाए गए हैं।

जिलाधिकारियों के तबादले

  • गोरखपुर: कृष्णा करुणेश को हटाकर दीपक मीणा (पूर्व डीएम गाजियाबाद) नियुक्त.

  • गाजियाबाद: रवींद्र कुमार मंदर (पूर्व डीएम प्रयागराज) बनाए गए.

  • प्रयागराज: मनीष कुमार वर्मा (पूर्व डीएम गौतमबुद्धनगर) को जिम्मेदारी.

  • गौतमबुद्धनगर: मेधा रूपम (पूर्व डीएम कासगंज) को नियुक्त किया गया.

  • कासगंज: प्रणय सिंह (पूर्व एमडी, यूपी चीनी निगम) बनाए गए.

  • कानपुर देहात: आलोक सिंह को हटाकर कपिल सिंह (पूर्व अपर सीईओ, यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण) को डीएम बनाया गया.

  • ललितपुर: अक्षय त्रिपाठी हटाए गए, अमनदीप डुली को नया डीएम नियुक्त.

  • बहराइच: मोनिका रानी को हटाकर अक्षय त्रिपाठी को नई जिम्मेदारी.

  • गोंडा: प्रियंका निरंजन (पूर्व डीएम मिर्जापुर) को नियुक्त किया गया.

  • मिर्जापुर: पवन कुमार गंगवार को नया डीएम बनाया गया है.

अन्य प्रमुख बदलाव

  • नेहा शर्मा (पूर्व डीएम गोंडा) को प्रभारी महानिरीक्षक निबंधन बनाया गया है.

  • मोनिका रानी (पूर्व डीएम बहराइच) को विशेष सचिव बेसिक शिक्षा और एडीजी स्कूल शिक्षा नियुक्त.

  • अमनदीप डुली को डीएम ललितपुर.

  • जय नाथ यादव को विशेष सचिव, कृषि उत्पादन आयुक्त शाखा.

  • प्रणता ऐश्वर्या को मुख्य विकास अधिकारी, सीतापुर.

  • मिनिष्ती एस को गन्ना आयुक्त.

  • प्रमोद कुमार उपाध्याय अब होंगे सचिव, समाज कल्याण विभाग.

  • डॉ. सारिका मोहन बनीं सचिव, वित्त.

  • अमृत त्रिपाठी को सचिव, उच्च शिक्षा विभाग.

  • बिमल कुमार दुबे, मंडलायुक्त झांसी को बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण के सीईओ का अतिरिक्त प्रभार दिया गया.


सीएम योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में किए गए इस फेरबदल को शासन प्रशासन को अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। इस बदलाव से न केवल जिलों में प्रशासनिक दिशा और गति को नया रूप मिलने की उम्मीद है, बल्कि अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियों के साथ काम करने का अवसर मिला है।