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उत्तरकाशी के इस गांव में शराब पर प्रतिबंध, शादी-समारोह में परोसने पर 51 हजार जुर्माना, सामाजिक बहिष्कार

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उत्तरकाशी जिले के डुंडा विकासखंड के लोदाड़ा गांव में ग्रामीणों ने नशामुक्त अभियान की अनोखी शुरुआत की है। ग्राम प्रधान कविता बुटोला की अगुवाई में आयोजित आम सभा में सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि शादी-विवाह, चूड़ाकर्म या किसी भी सार्वजनिक समारोह में शराब परोसना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। नियम तोड़ने पर 51,000 का जुर्माना और पूरे परिवार का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा।

महिला मंगल दल, युवा मंगल दल और सभी ग्रामीणों ने इस प्रस्ताव का जोरदार समर्थन किया। प्रधान कविता बुटोला ने कहा कि शराब परोसने की शिकायत मिलने पर कोई ग्रामीण उस समारोह में शामिल नहीं होगा और दंडित परिवार को गांव के किसी कार्यक्रम में भाग लेने का अधिकार नहीं रहेगा।

ग्रामीणों का कहना है कि पहले शादियों में शराब परोसने से झगड़े, मारपीट और डर का माहौल बनता था। युवा नशे की गिरफ्त में आकर अपराध की राह पर जा रहे हैं। बच्चों के भविष्य को बचाने के लिए यह कड़ा कदम उठाया गया है। लोदाड़ा की यह पहल आसपास के गांवों में मिसाल बन रही है।

मतदाता सूची पुनरीक्षण: आज से 12 राज्यों में SIR शुरू, घर-घर पहुंचेंगे BLO; 11 दस्तावेज जरूरी, 7 फरवरी को फाइनल लिस्ट

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नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने 12 राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) का दूसरा चरण आज से शुरू कर दिया है। 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर फॉर्म बांटेंगे और सत्यापन करेंगे। 9 दिसंबर को ड्राफ्ट लिस्ट जारी होगी, जबकि 7 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी।

किन राज्यों में SIR?

  • अंडमान निकोबार
  • छत्तीसगढ़
  • गोवा
  • गुजरात
  • केरल
  • लक्षद्वीप
  • मध्य प्रदेश
  • पुड्डचेरी
  • राजस्थान
  • तमिलनाडु
  • उत्तर प्रदेश
  • पश्चिम बंगाल

पूरी समय-सारणी

क्रम कार्य तिथि
1 फॉर्म प्रिंटिंग व BLO ट्रेनिंग 28 अक्टूबर – 3 नवंबर 2025
2 घर-घर SIR (फॉर्म वितरण व सत्यापन) 4 नवंबर – 4 दिसंबर 2025
3 ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशन 9 दिसंबर 2025
4 दावे-आपत्तियां 9 दिसंबर 2025 – 8 जनवरी 2026
5 जांच, नोटिस, सुनवाई 9 दिसंबर 2025 – 31 जनवरी 2026
6 अंतिम मतदाता सूची 7 फरवरी 2026

ये 11 दस्तावेज जरूरी (आधार सिर्फ ID प्रूफ, नागरिकता नहीं)

  1. सरकारी/पीएसयू कर्मचारी ID या पेंशन ऑर्डर
  2. 1 जुलाई 1987 से पहले का कोई सरकारी दस्तावेज
  3. जन्म प्रमाण पत्र
  4. पासपोर्ट
  5. मैट्रिक/शैक्षिक प्रमाण पत्र
  6. स्थायी निवास प्रमाण पत्र
  7. वन अधिकार प्रमाण पत्र
  8. OBC/SC/ST/जाति प्रमाण पत्र
  9. राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC)
  10. परिवार रजिस्टर
  11. भूमि/मकान आवंटन पत्र

नोट: आधार सिर्फ पहचान के लिए मान्य, नागरिकता प्रमाण नहीं।

SIR क्यों जरूरी? आयोग की 4 बड़ी वजहें

  1. शहरीकरण व पलायन: लोग तेजी से जगह बदल रहे हैं।
  2. डुप्लिकेट नाम: एक व्यक्ति का नाम दो जगह दर्ज।
  3. मृत मतदाताओं के नाम: सूची से नहीं हटाए जा रहे।
  4. घुसपैठिए: गलत तरीके से नाम जुड़वाए गए।

चुनाव आयोग के अधिकारी ने कहा, “SIR से मतदाता सूची शुद्ध, सटीक और विश्वसनीय बनेगी। हर पात्र नागरिक का नाम जुड़े, कोई फर्जी न रहे।”

क्या करें आप?

  • BLO आए तो दस्तावेज तैयार रखें।
  • नाम जुड़वाना, हटवाना या सुधार कराना हो तो 9 दिसंबर से 8 जनवरी तक फॉर्म भरें।
  • हेल्पलाइन: 1950 या voterportal.eci.gov.in

चुराचांदपुर में असम राइफल्स का ‘ऑपरेशन खनपी’, UKNA के 4 उग्रवादी ढेर; हथियार बरामद, सर्चिंग जारी

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मणिपुर : मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में सुरक्षाबलों ने बड़ा अभियान चलाते हुए प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन यूनाइटेड कूकी नेशनल आर्मी (UKNA) के चार खूंखार आतंकियों को मार गिराया। यह मुठभेड़ आज तड़के सुबह करीब 5:30 बजे खानपी गांव के पास शुरू हुई, जब खुफिया सूचना पर असम राइफल्स और पैरा कमांडो ने सर्च ऑपरेशन चलाया। उग्रवादियों ने पहले गोलीबारी शुरू की, जिसका मुंहतोड़ जवाब देते हुए सुरक्षा बलों ने चारों को ढेर कर दिया। मौके से हथियार, गोला-बारूद और वॉर-लाइक स्टोर्स बरामद किए गए हैं।

घटना के बाद इलाके में तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है, क्योंकि कुछ उग्रवादी जंगल में फरार हो गए। सेना ने बयान जारी कर कहा कि UKNA हाल ही में गांव प्रमुख की हत्या और स्थानीय लोगों को धमकाने में शामिल था। यह संगठन 2008 के सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस (SoO) समझौते में शामिल नहीं हुआ था और दक्षिणी मणिपुर में नार्को-टेररिज्म फैलाने का आरोप है। मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने इसे शांति के दुश्मनों पर करारा प्रहार बताया, जबकि कुकी संगठनों ने चुप्पी साध रखी है।

सुरक्षाबल ड्रोन और स्पेशल फोर्सेस की मदद से फरार उग्रवादियों की धरपकड़ में जुटे हैं। मई 2023 से चले आ रहे जातीय तनाव के बीच यह कार्रवाई राज्य में कानून-व्यवस्था बहाल करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि SoO से बाहर रहने वाले गुटों पर ऐसी सख्ती ही हिंसा को रोक सकती है।

शादी से पहले सस्ता हुआ सोना-चांदी: खरीदने का सुनहरा मौका, जानिए आज के ताज़ा रेट

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लखनऊ/इंदौर। शादी के सीजन से ठीक पहले सोने-चांदी के दामों में गिरावट देखने को मिल रही है। ऐसे में उन लोगों के लिए यह अच्छी खबर है जो आगामी शादियों के लिए गहने खरीदने की योजना बना रहे हैं।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोमवार सुबह 9:48 बजे 10 ग्राम सोने की कीमत ₹1,20,752 दर्ज की गई, जो पिछले बंद भाव से ₹657 प्रति 10 ग्राम कम है। दिन के कारोबार में सोना ₹1,19,801 प्रति 10 ग्राम के निचले स्तर और ₹1,20,970 रुपये प्रति 10 ग्राम के ऊपरी स्तर तक पहुंचा।

वहीं, इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक रविवार शाम को 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,20,777 प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट का ₹1,10,632 प्रति 10 ग्राम, और 18 कैरेट सोने का भाव ₹92,583 प्रति 10 ग्राम रहा।

Silver Price Today: चांदी में भी गिरावट

एमसीएक्स पर सुबह 9:53 बजे 1 किलो चांदी की कीमत ₹1,46,910 दर्ज की गई, जो पिछले सत्र से ₹848 प्रति किलो कम है। आज के कारोबार में चांदी ने ₹1,46,000 प्रति किलो का लो और ₹1,47,230 प्रति किलो का हाई स्तर बनाया।

क्या अब खरीदें सोना या करें इंतजार?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोने के दाम में अभी और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। हालांकि, शादी के मौसम को देखते हुए यह समय खरीदारी के लिए बेहतर माना जा रहा है, क्योंकि सीजन नजदीक आते ही दाम फिर से बढ़ने की संभावना रहती है।

जम्मू-कश्मीर प्रशासन फर्जी पत्रकारों पर सख्त, एलजी मनोज सिन्हा ने दिए कड़े निर्देश

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जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने प्रदेश में सक्रिय फर्जी पत्रकारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। यह फैसला हाल ही में विधानसभा सत्र के दौरान विधायकों के फर्जी वीडियो प्रसारित होने की घटना के बाद लिया गया।

लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में श्रीनगर में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में यह मुद्दा प्रमुखता से उठा। बैठक में एलजी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पत्रकारिता के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी विभाग केवल प्रमाणित और वास्तविक मीडिया कर्मियों को ही मान्यता दें और उन्हीं से कार्य लें।

सूत्रों के अनुसार, एलजी ने सभी जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को ऐसे लोगों की पहचान करने और उन्हें सिस्टम से बाहर करने के ठोस कदम उठाने को कहा है।

प्रशासन ने हर जिले में मान्यता प्राप्त व सक्रिय पत्रकारों का एक वेरिफाइड डेटाबेस तैयार करने के निर्देश भी जारी किए हैं, ताकि भविष्य में फर्जी पत्रकारों की गतिविधियों पर पूर्ण विराम लगाया जा सके।

12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में आज से मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण शुरू

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देश के 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मंगलवार से मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) शुरू हो गया है। इनमें नौ राज्य और तीन केंद्रशासित प्रदेश शामिल हैं। यह प्रक्रिया 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक चलेगी।

चुनाव आयोग के अनुसार, एसआईआर की गणना प्रक्रिया 4 नवंबर से शुरू होकर 4 दिसंबर तक चलेगी, जबकि 9 दिसंबर को मसौदा मतदाता सूची जारी की जाएगी और अंतिम सूची 7 फरवरी 2026 को प्रकाशित होगी। यह एसआईआर का दूसरा चरण है, जिसका पहला दौर बिहार में पूरा हो चुका है।

इस विशेष पुनरीक्षण में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, छत्तीसगढ़, गोवा, राजस्थान, गुजरात, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप और पुडुचेरी शामिल हैं। इन 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में कुल मिलाकर लगभग 51 करोड़ मतदाता हैं।

गौरतलब है कि तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में अगले वर्ष मार्च से मई के बीच विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं, जबकि शेष राज्यों में भी अगले दो से तीन वर्षों में चुनाव होने हैं।

वहीं, असम में मतदाता सूची संशोधन की घोषणा फिलहाल स्थगित रखी गई है। राज्य में नागरिकता सत्यापन की प्रक्रिया सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में जारी है और नागरिकता अधिनियम के विशेष प्रावधान भी वहां लागू हैं।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि असम में मतदाता सूची से जुड़ा निर्णय नागरिकता सत्यापन प्रक्रिया के अनुसार अलग से किया जाएगा।

कांग्रेस का रजत जयंती समारोह, अस्पतालों में मरीजों को वितरित किए फल

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देहरादून: उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के रजत जयंती समारोह पखवाड़े के तहत रविवार को पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के सभी जिलों, महानगरों व कस्बों में अस्पतालों में भर्ती मरीजों को फल वितरित किए। इस दौरान देहरादून के दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष (संगठन) सूर्यकांत धस्माना और महानगर अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी ने 167 मरीजों को फल बांटे तथा उनकी कुशलक्षेम पूछी।

कार्यक्रम में टिहरी, उत्तरकाशी, पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार सहित कुमाऊं के सभी जिलों में जिला एवं महानगर अध्यक्षों ने अपने-अपने क्षेत्रों में फल वितरण आयोजित किया। देहरादून में धस्माना और गोगी ने जनरल, ऑर्थोपेडिक, सर्जरी तथा पीडियाट्रिक्स वार्डों का दौरा किया। मरीजों में गढ़वाल के दूरस्थ जिलों—चमोली, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, उत्तरकाशी, हरिद्वार तथा उत्तर प्रदेश के बिजनौर से आए लोग शामिल थे। धस्माना ने अस्पताल अधिकारियों से मरीजों के उचित उपचार सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

मीडिया से बातचीत में धस्माना ने कहा, “राज्य निर्माण के 25 वर्ष बीतने के बाद भी स्वास्थ्य सेवाएं जर्जर हैं। दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों में हड्डी, सर्जरी, न्यूरो एवं हार्ट उपचार की सुविधाएं नहीं हैं, जिससे जिला अस्पताल केवल रेफरल सेंटर बनकर रह गए हैं। राज्य आंदोलनकारियों ने घर-पास इलाज की उम्मीद से बलिदान दिए थे, किंतु आज भी देहरादून, ऋषिकेश एम्स या हल्द्वानी आना पड़ता है।” उन्होंने उदाहरण दिया कि इस वर्ष स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले पौड़ी में बस दुर्घटना के घायलों का इलाज टॉर्च एवं मोमबत्ती की रोशनी में करना पड़ा।

डॉ. गोगी ने कहा, “दून अस्पताल के मेडिकल कॉलेज बनने के बाद स्थानीय मरीज कोरोनेशन अस्पताल के चक्कर काट रहे हैं, जहां डॉक्टर उपलब्ध नहीं होते। कार्यक्रम में प्रदेश महामंत्री जगदीश धीमान, श्रम प्रकोष्ठ अध्यक्ष दिनेश कौशल, राजेश पुंडीर, शिवानी थपलियाल, राम गोपाल वर्मा, गोपाल गड़िया, इलियास अंसारी, लक्की राणा, वीरेंद्र पंवार, आदर्श सूद, गगन छाछर, सुनील जायसवाल, रविश जमाल, आनंद सिंह पुंडीर एवं पुनीत चौधरी उपस्थित रहे।

“थामा” रिव्यू: हॉरर-कॉमेडी का मजेदार मिश्रण

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  • रजत तलवार

फिल्म “थामा” ने रिलीज के सिर्फ 9 दिनों में भारत में ₹104-105 करोड़ नेट कमाई कर ली है, जबकि ग्लोबल कलेक्शन ₹143 करोड़ के करीब पहुंच चुका है। दिवाली छुट्टियां और टिकट डिस्काउंट ने फिल्म को धमाकेदार शुरुआत दी। मैडॉक हॉरर-कॉमेडी यूनिवर्स (स्त्री, भेड़िया) का हिस्सा होने से फिल्म को पहले से ही दर्शकों की उम्मीद थी।

प्लस पॉइंट्स: स्टारकास्ट और टेक्निकल ब्रिलियंस

आयुष्मान खुराना डार्क ह्यूमर में एक्सपेरिमेंटल, ईमानदार और कॉमिक टाइमिंग के साथ चमके। रश्मिका मंदाना फ्रेश और एनर्जेटिक लगीं, ‘पुष्पा’, ‘एनिमल’ के बाद फिर 100 करोड़ क्लब में शामिल। नवाजुद्दीन सिद्दीकी का विलेन रोल इंटेंस और इर्रेसिस्टेबल, उनकी डायलॉग डिलीवरी दर्शकों को पसंद आई। सिनेमैटोग्राफी और सचिन-जिगर का म्यूजिक फिल्म को टेक्निकली मजबूत बनाता है। नोरा फतेही और मलाइका अरोड़ा के स्पेशल गाने हाइलाइट रहे।

माइनस पॉइंट्स: स्क्रिप्ट और टोन में कमजोरी

कहानी की शुरुआत 323 BC से भ्रमित करने वाली है। स्क्रीनप्ले में सोशल इश्यूज का जबरन इंसर्ट मूल कहानी को कमजोर करता है। टोन में स्थिरता की कमी – कभी हॉरर, कभी हल्की कॉमेडी। सेकंड हाफ लंबा और खिंचता हुआ लगता है। यूनिवर्स कनेक्ट करने के चक्कर में फोकस बिखर जाता है। संवाद प्रभावशाली हैं, लेकिन गहराई और नवाचार की कमी खलती है।

वर्डिक्ट: हिट, लेकिन परफेक्ट नहीं

“थामा” हॉरर-ह्यूमर फैंस के लिए परफेक्ट वीकेंड वॉच है। स्टार पावर और बिजनेस जबरदस्त, लेकिन अस्थिर कथावाचन और स्क्रिप्ट की कमजोरी इसे और हिट होने से रोकती है। रेटिंग: 3.5/5 – मजेदार, लेकिन और बेहतर हो सकती थी!

उत्तराखंड विधानसभा विशेष सत्र: पारंपरिक गहने पहनकर सत्र में पहुंची महिला विधायक

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देहरादून : उत्तराखंड विधानसभा के विशेष सत्र में सोमवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी में खुशियों का माहौल रहा। राज्य की रजत जयंती की खुशी के साथ-साथ भारतीय महिला क्रिकेट टीम की विश्व विजेता बनने की उपलब्धि ने सदन को उत्साह से भर दिया। राष्ट्रपति ने महिला सशक्तिकरण के प्रयासों की खुलकर सराहना की, जिससे माहौल और गर्मजोशी भरा हो गया।

राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने अभिभाषण में राज्य की 25 वर्षीय यात्रा में महिला सशक्तिकरण को प्रमुख स्थान दिया। उन्होंने महिला शिक्षा के विस्तार, मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता पर संतोष जताया। चिपको आंदोलन की नायिका स्वर्गीय गौरा देवी से लेकर हॉकी स्टार वंदना कटारिया तक की गौरवशाली परंपरा का जिक्र करते हुए उन्होंने उत्तराखंड आंदोलन की प्रमुख नेत्री स्वर्गीय सुशीला बलूनी, पर्वतारोही बछेंद्री पाल और राधा भट्ट जैसे नाम गिनाए।

विशेष रूप से राज्य की पहली महिला विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण की नियुक्ति पर राष्ट्रपति ने कहा, “उत्तराखंड विधानसभा ने अपना गौरव बढ़ाया है।” उन्होंने सभी हितधारकों से सदन में महिला सदस्यों की संख्या बढ़ाने का आह्वान किया।

महिला क्रिकेट टीम की जीत पर तालियां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संबोधन की शुरुआत भारतीय महिला क्रिकेट टीम की विश्व विजय से की। जैसे ही उन्होंने बेटियों को बधाई दी, पूरे सदन के साथ राष्ट्रपति मुर्मू ने भी जोरदार तालियां बजाईं। यह पल सदन की एकजुटता और महिला उपलब्धियों के प्रति सम्मान का प्रतीक बना।

यूसीसी पर विशेष जोर राष्ट्रपति ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का खास तौर पर उल्लेख किया। संविधान के अनुच्छेद-44 का हवाला देते हुए उन्होंने यूसीसी लागू करने में विधानसभा सदस्यों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह कदम समानता और सामाजिक न्याय की दिशा में मील का पत्थर है।

भयानक सड़क हादसा: बस-ट्रक की आमने-सामने टक्कर से 20 की मौत, 3 महीने की बच्ची समेत महिलाएं शिकार

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हैदराबाद : तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले के चेवेला मंडल में सोमवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे राज्य को झकझोर दिया। खनापुर गेट के पास मिरजगुडा-खानापुर रोड पर टीजीएसआरटीसी की एक यात्री बस और बजरी से लदे टिपर ट्रक की आमने-सामने टक्कर हो गई, जिसमें 20 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में 10 महिलाएं, 9 पुरुष और एक 3 महीने की मासूम बच्ची शामिल हैं। लगभग 20 अन्य घायल हैं, जिनमें से 3 की हालत गंभीर बनी हुई है। हादसा सुबह करीब 7:30 बजे हुआ, जब विकाराबाद डिपो की बस हैदराबाद की ओर जा रही थी और टिपर ट्रक गलत दिशा से तेज रफ्तार में आ रहा था।

पुलिस के अनुसार, टिपर चालक ने एक दोपहिया वाहन को ओवरटेक करने की कोशिश में बस से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयावह थी कि ट्रक का भारी बजरी का लोड बस पर गिर पड़ा, जिससे कई यात्री दबकर मारे गए। चेवेला के एसीपी बी. किशन ने बताया कि बस में करीब 72 यात्री सवार थे, जो तांडूर से हैदराबाद आ रहे थे। स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को नजदीकी चेवेला सरकारी अस्पताल पहुंचाया। गंभीर रूप से घायलों को हैदराबाद के पाटनम महिंद्रा रेड्डी मेडिकल कॉलेज और भास्कर जनरल हॉस्पिटल रेफर किया गया है। हादसे के कारण हैदराबाद-बीजापुर नेशनल हाईवे पर कई किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम हो गया, जिसे पुलिस ने डायवर्ट कर दिया।

टिपर चालक की लापरवाही साइबराबाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हादसे की मुख्य वजह टिपर चालक का गलत दिशा में वाहन चलाना और तेज रफ्तार लग रही है। चालक की पहचान अभी जारी है और उसके खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू हो गई है। चेवेला कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (सीएचसी) के सुपरिंटेंडेंट ने पुष्टि की कि 20 शवों को मोर्चरी में रखा गया है और पंचनामा पूरा होने के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा।

पीएम मोदी ने जताया शोक, 2 लाख की सहायता का ऐलान हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया। पीएमओ के बयान में कहा गया, “रंगारेड्डी जिले के चेवेला में हुए इस हादसे में जान गंवाने वालों की मौत अत्यंत दुखद है। मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।” पीएम ने मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।

सीएम रेवंत रेड्डी ने तत्काल राहत के दिए निर्देश मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए अधिकारियों को तुरंत मौके पर पहुंचने और बचाव कार्य तेज करने के आदेश दिए। उन्होंने मुख्य सचिव और डीजीपी को निर्देश दिया कि सभी घायलों को हैदराबाद के बड़े अस्पतालों में शिफ्ट किया जाए और उनके इलाज की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। सीएम ने मंत्रियों को घटनास्थल पर पहुंचकर राहत कार्यों की निगरानी करने को कहा। एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है, जहां हादसे से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।

परिवहन मंत्री पोनम प्रभाकर: 5 लाख मुआवजा, घायलों को प्राथमिकता परिवहन मंत्री पोनम प्रभाकर ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने टीजीएसआरटीसी के एमडी नागी रेड्डी और जिला कलेक्टर से फोन पर बात कर घायलों को उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा देने के निर्देश दिए। मंत्री ने घोषणा की कि मृतकों के परिवारों को राज्य सरकार से 5 लाख रुपये और टीजीएसआरटीसी से अतिरिक्त 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। उन्होंने पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। एडीजी महेश भागवत ने बताया कि बस में 50 से अधिक यात्री सवार थे और बचाव कार्य जारी है।

बीआरएस नेता केटीआर ने की आर्थिक सहायता की मांग पूर्व मंत्री और बीआरएस कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव (केटीआर) ने हादसे पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “चेवेला में यह हादसा बेहद दुखद है। 20 जिंदगियां खोना असहनीय है।” केटीआर ने राज्य सरकार से प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता और घायलों को सर्वोत्तम इलाज उपलब्ध कराने का आग्रह किया। बीआरएस प्रमुख केसीआर ने भी परिवारों के प्रति संवेदना जताई।

स्वास्थ्य मंत्री सी. दामोदर राजा नरसिम्हा ने भी शोक व्यक्त कर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से घायलों की स्थिति की जानकारी ली। पुलिस ने चालान काटने और सख्ती से ट्रैफिक नियमों का पालन सुनिश्चित करने का वादा किया। यह हादसा तेलंगाना में सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रहा है, जहां हाल के महीनों में कई बड़े दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। पीड़ित परिवारों के लिए सभी स्तरों पर सहायता का आश्वासन दिया गया है।