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उत्तराखंड रजत जयंती: 9 नवंबर को पीएम मोदी का कार्यक्रम तय, सीएम धामी ने लिया तैयारियों का जायजा

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देहरादून : उत्तराखंड राज्य की स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 9 नवंबर को प्रदेशभर में भव्य रजत जयंती उत्सव का आयोजन किया जाएगा। मुख्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम देहरादून स्थित फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (एफआरआई) में आयोजित होगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। यह आयोजन राज्य की विकास यात्रा और उपलब्धियों को राष्ट्रीय पटल पर उजागर करने का ऐतिहासिक अवसर साबित होगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को विधानसभा के विशेष सत्र में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संबोधन के बाद सीधे एफआरआई पहुंचकर कार्यक्रम की तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने आयोजन स्थल, सुरक्षा व्यवस्था, दर्शक दीर्घा, यातायात प्रबंधन, सांस्कृतिक मंच और स्वागत द्वारों की विस्तृत समीक्षा की। अधिकारियों को निर्देश देते हुए सीएम धामी ने कहा कि यह ऐतिहासिक अवसर गरिमामय और व्यवस्थित तरीके से मनाया जाए। उन्होंने विशेष पवेलियन स्थापित करने के निर्देश दिए, जिसमें विभिन्न विभागों की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को प्रदर्शित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन उत्तराखंड की 25 वर्ष की विकास यात्रा, संघर्ष और उपलब्धियों का प्रतीक है। प्रधानमंत्री मोदी के सान्निध्य में यह रजत जयंती समारोह प्रदेश के लिए प्रेरणादायक अवसर होगा। उन्होंने जोर दिया कि कार्यक्रम में स्थानीय संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और युवा ऊर्जा को प्रमुखता दी जाए। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने भी शनिवार को एफआरआई का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया था, जिसमें डीजीपी दीपम सेठ, विभिन्न सचिवों और देहरादून जिला मजिस्ट्रेट सविन बंसल सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

राज्य सरकार ने इस वर्ष को ‘राज्य स्थापना रजत जयंती वर्ष’ घोषित किया है, जिसके तहत विभिन्न जिलों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, जागरूकता अभियान और कल्याणकारी योजनाओं का आयोजन हो रहा है। 3 से 9 नवंबर तक देहरादून के साइबर ट्रेजरी में पेंशन जागरूकता शिविर भी लगाया जाएगा। पीएम मोदी 9 नवंबर को राज्यवासियों को संबोधित करेंगे, जो पहले 11 नवंबर को निर्धारित था, लेकिन राज्य स्थापना दिवस के साथ जोड़ दिया गया है। यह समारोह न केवल राज्य की प्रगति का जश्न मनाएगा, बल्कि भविष्य की दिशा भी निर्धारित करेगा। सीएम धामी ने जनता से उत्सव में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।

दिल के मरीज़ों के लिए डॉ. रोहित चौहान के विंटर केयर टिप्स – ठंड में कैसे रखें दिल का ख़याल

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जैसे-जैसे उत्तर भारत में ठंड बढ़ रही है, अस्पतालों में हार्ट अटैक के मरीजों की संख्या में 20-30% तक की वृद्धि दर्ज की जा रही है। मैक्स हॉस्पिटल, दिल्ली के सीनियर कार्डियक सर्जन डॉ. रोहित चौहान ने कहा है कि ठड़ में अपने दिल की सेहत का ख्याल ज्यादा रखें। ठंडी हवा से ब्लड वेसल्स सिकुड़ती हैं, ब्लड गाढ़ा होता है, बीपी बढ़ता है और दिल पर अचानक दबाव पड़ता है। यही हार्ट अटैक का मुख्य कारण बनता है। डॉ. चौहान ने कहा, “सर्दी में हार्ट अटैक का रिस्क 30% तक बढ़ जाता है। लेकिन अगर मरीज पहले से सतर्क रहें, तो 90% मामलों में इसे रोका जा सकता है।” उनकी विशेषज्ञता के आधार पर, यहां 10 जरूरी विंटर केयर टिप्स दिए जा रहे हैं जो हर हार्ट पेशेंट को फॉलो करने चाहिए:

1. गरम कपड़े पहनें – बॉडी टेम्परेचर मेंटेन रखें

ठंड में ब्लड वेसल्स सिकुड़ जाती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है और दिल पर ज़्यादा स्ट्रेस पड़ता है। इसलिए:

  • वार्म और कंफर्टेबल लेयर्स पहनें – कॉटन या ऊन सबसे अच्छा रहता है।
  • बाहर निकलते समय स्कार्फ़ या शॉल से अपनी छाती और गले को ढकें।
  • बहुत टाइट कपड़े न पहनें जिससे ब्लड सर्क्युलेशन रुक सकता है।

शरीर को गरम रखना सिर्फ़ आराम के लिए नहीं, बल्कि दिल और पूरी सेहत के लिए ज़रूरी है।

2. एक्टिव रहें – लेकिन सेफ़ली

एक्सरसाइज़ दिल के लिए बहुत ज़रूरी है, लेकिन सर्दियों में थोड़ा समझदारी से करनी चाहिए:

  • सुबह देर से वॉक पर जाएँ, जब सूरज निकल चुका हो।
  • ज़्यादा ठंड हो तो घर में योगा, स्ट्रेचिंग या लाइट एरोबिक्स करें।
  • ओवरएक्सर्शन से बचें, और अगर छाती में दर्द, साँस लेने में तकलीफ़ या थकान महसूस हो तो तुरंत आराम करें।
  • रेग्युलर एक्टिविटी से ब्लड फ्लो बेहतर रहता है और दिल मज़बूत होता है – बस ओवर मत करें।

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3. विंटर में हार्ट-फ्रेंडली डाइट लें

सर्दियों में सभी को गरम और हैवी खाना पसंद आता है, पर बैलेंस ज़रूरी है:

  • सीज़नल फ्रूट्स जैसे संतरा, अमरूद और अनार खाएँ – ये एंटीऑक्सिडेंट्स से भरे होते हैं।
  • नमकीन और मिठाइयाँ कम खाएँ ताकि बीपी और कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में रहे।
  • नट्स, सीड्स, ऑलिव ऑयल और ओमेगा-3 रिच मछली अपनी डाइट में शामिल करें।
  • पानी कम लगता है तो सूप, ग्रीन टी या हर्बल टी से हाइड्रेटेड रहें।

हेल्दी डाइट से एनर्जी भी बनी रहती है और दिल भी फिट रहता है।

4. पानी पीना न भूलें

सर्दियों में प्यास कम लगती है, लेकिन डिहाइड्रेशन फिर भी हो सकता है:

  • दिनभर थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें, चाहे प्यास न लगे।
  • नारियल पानी, ताज़े जूस या सूप भी ले सकते हैं।
  • ज़्यादा चाय या कॉफ़ी से बचें, ये बॉडी को डिहाइड्रेट करती हैं।
  • हाइड्रेशन से ब्लड फ्लो और दिल का पम्पिंग फ़ंक्शन दोनों बेहतर रहते हैं।

5. मन और मूड दोनों का ध्यान रखें

सर्दी के मौसम में कई लोगों को उदासी या बेचैनी महसूस होती है (Seasonal Affective Disorder – SAD)। ये दिल की सेहत पर भी असर डाल सकती है।

  • रोज़ कुछ देर धूप में बैठें, नैचुरल लाइट से मूड बेहतर होता है।
  • मेडिटेशन, डीप ब्रीदिंग या अपनी हॉबीज़ में समय बिताएँ।
  • फैमिली और दोस्तों के साथ वक्त बिताएँ।
  • अगर डिप्रेशन के लक्षण ज़्यादा दिख रहे हैं, तो डॉक्टर से सलाह लें।

हेल्दी माइंड = हेल्दी हार्ट

6. फ्लू और कोल्ड से बचाव ज़रूरी है

सर्दी, खाँसी या वायरल इन्फेक्शन हार्ट पेशेंट्स के लिए रिस्की हो सकते हैं।

  • फ्लू वैक्सीन लगवाने से पहले अपने डॉक्टर से कंसल्ट करें।
  • हाथ धोते रहें और भीड़भाड़ वाली जगहों से बचें।
  • अगर बुखार, थकान या खाँसी हो तो डॉक्टर से तुरंत मिलें।

जल्दी इलाज से इंफेक्शन बढ़ने से रोका जा सकता है।

7. हाइपोथर्मिया और फ्रॉस्टबाइट से बचें

हार्ट पेशेंट्स में ब्लड सर्क्युलेशन कम होने के कारण ठंड से जुड़ी प्रॉब्लम्स का रिस्क ज़्यादा रहता है:

  • सुबह उठते ही तुरंत बाहर न जाएँ, शरीर को थोड़ा समय दें एडजस्ट होने का।
  • बाहर जा रहे हों तो जैकेट या स्वेटर ज़रूर पहनें।
  • नहाने के लिए गुनगुना पानी इस्तेमाल करें – बहुत गरम या ठंडा पानी नहीं।

बहुत ठंडी या तेज़ हवा वाले दिनों में बाहर जाने से बचना ही सबसे अच्छा है।

8. बाहर निकलते वक्त एक्स्ट्रा केयर लें

अगर बाहर निकलना ज़रूरी हो, तो ये बातें याद रखें:

  • फिसलन से बचने के लिए नॉन-स्लिप जूते पहनें।
  • भारी सामान उठाने या तेज़ चलने से बचें।
  • अपनी दवाइयाँ और पानी हमेशा साथ रखें।

अगर समझ न आए कि बाहर जाना सेफ़ है या नहीं, तो अपने कार्डियोलॉजिस्ट से सलाह लें।

9. डॉक्टर के संपर्क में रहें

सर्दियों में रेग्युलर हेल्थ चेकअप और भी ज़रूरी हो जाता है।

  • बीपी और कोलेस्ट्रॉल चेक करवाते रहें।
  • डॉक्टर से डिस्कस करें अगर मेडिसिन या रूटीन में कोई बदलाव चाहिए।
  • अगर छाती में दर्द, थकान या घबराहट महसूस हो तो इग्नोर न करें।

अपने नज़दीकी हार्ट हॉस्पिटल या स्पेशलिस्ट से जुड़े रहना हमेशा सेफ़ रहता है।

10. वेदर अपडेट्स चेक करते रहें

अचानक मौसम या एयर क्वालिटी में बदलाव दिल पर असर डाल सकता है।

  • रोज़ का वेदर और AQI चेक करें।
  • अगर हवा की क्वालिटी खराब हो तो बाहर कम निकलें या एयर प्यूरीफ़ायर इस्तेमाल करें।
  • आउटडोर प्लान करने से पहले मौसम ज़रूर देख लें।
  • प्लानिंग से स्ट्रेस कम होता है और सेहत बेहतर रहती है।

सर्दियों में दिल के मरीज़ों को थोड़ा एक्स्ट्रा ध्यान रखना ज़रूरी है। अगर आप गरम कपड़े पहनते हैं, एक्टिव रहते हैं, हेल्दी डाइट लेते हैं और डॉक्टर से रेग्युलर कनेक्टेड रहते हैं, तो आपका दिल पूरे सीज़न में सेफ़ रहेगा।इमरजेंसी की स्थिति में अपने नज़दीकी हार्ट हॉस्पिटल का पता और संपर्क नंबर हमेशा साथ रखें। थोड़ी सी सावधानी और जागरूकता, आपको दे सकती है एक हेल्दी और हैप्पी विंटर!

FAQs

  1. कितनी ठंड हार्ट पेशेंट्स के लिए रिस्की होती है?
    जब टेम्परेचर नीचे चला जाता है, तो हार्ट पेशेंट्स को एक्स्ट्रा सावधानी रखनी चाहिए — खासकर सुबह और रात में।
  2. क्या विंटर में हार्ट अटैक का रिस्क ज़्यादा होता है?
    हाँ, ठंडी हवा से ब्लड वेसल्स सिकुड़ जाती हैं जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है और दिल पर ज़्यादा लोड पड़ता है।
  3. अचानक टेम्परेचर ड्रॉप के लिए कैसे तैयार रहें?
    गरम कपड़े तैयार रखें, हाइड्रेटेड रहें, ज़्यादा मेहनत न करें, और अपनी दवाइयाँ व इमरजेंसी कॉन्टैक्ट्स हमेशा पास रखें।

राष्ट्रपति मुर्मू का उत्तराखंड विधानसभा में संबोधन: रजत जयंती पर विकास, शौर्य और महिला सशक्तिकरण की सराहना

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उत्तराखंड राज्य की स्थापना की रजत जयंती के ऐतिहासिक अवसर पर विधानसभा के विशेष सत्र में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सदस्यों को संबोधित किया। उन्होंने पूर्व और वर्तमान विधानसभा सदस्यों तथा राज्य के सभी निवासियों को हार्दिक बधाई दी। राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संबोधन में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में 2000 में राज्य के गठन का उल्लेख करते हुए कहा कि यह जनमानस की आकांक्षाओं को साकार करने का परिणाम था।

विगत 25 वर्षों में उत्तराखंड ने पर्यावरण, ऊर्जा, पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि-उद्योग जैसे क्षेत्रों में प्रभावशाली प्रगति की है। साक्षरता दर में वृद्धि, महिलाओं की शिक्षा का विस्तार, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी तथा स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने के प्रयासों पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि विकास के इन समग्र प्रयासों से राज्य कई मानकों पर सुधार की ओर अग्रसर है।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में राज्य सरकार के प्रयासों की विशेष सराहना करते हुए राष्ट्रपति ने सुशीला बलूनी, बछेंद्री पाल, गौरा देवी, राधा भट्ट और वंदना कटारिया जैसी प्रेरणादायी महिलाओं की गौरवशाली परंपरा का जिक्र किया। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण को राज्य की पहली महिला विधानसभा अध्यक्ष बनाए जाने पर बधाई दी और सभी हितधारकों से विधानसभा में महिलाओं की संख्या बढ़ाने का आह्वान किया।

उत्तराखंड को ‘देवभूमि’ बताते हुए राष्ट्रपति ने यहां की अध्यात्मिक और शौर्य परंपराओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ऋषि-मुनियों की तपस्थली रही यह भूमि चंद और गढ़वाल राजवंशों के नाम से शौर्य का प्रतीक है। राज्य के युवाओं में सेना में सेवा करने का उत्साह देशवासियों के लिए गर्व का विषय है। संविधान निर्माताओं के नीति निर्देश के अनुरूप समान नागरिक संहिता विधेयक लागू करने के लिए विधानसभा सदस्यों की सराहना करते हुए उन्होंने 550 से अधिक विधेयकों के पारित होने का उल्लेख किया, जिनमें उत्तराखंड लोकायुक्त विधेयक, जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था विधेयक और नकल विरोधी विधेयक शामिल हैं। पारदर्शिता, नैतिकता और सामाजिक न्याय से प्रेरित इन कदमों की प्रशंसा की।

राष्ट्रपति ने विधानसभाओं को संसदीय प्रणाली का प्रमुख स्तंभ बताते हुए बाबासाहब आंबेडकर के उद्धरण का हवाला दिया कि जनता के प्रति निरंतर उत्तरदायित्व ही इसकी शक्ति है। इस वर्ष विधानसभा में ई-पेपरलेस सत्र की शुरुआत पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि इससे सदस्य संसदीय प्रक्रियाओं को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे।

राज्य की अनुपम प्राकृतिक संपदा के संरक्षण के साथ विकास को जोड़ते हुए उन्होंने विधायकों से जन-आकांक्षाओं को अभिव्यक्ति देने का अनुरोध किया। ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ की भावना के साथ राज्य और देश को विकास पथ पर आगे ले जाने का विश्वास जताते हुए राष्ट्रपति ने सभी निवासियों के स्वर्णिम भविष्य की मंगलकामना की।

भारत ने महिला वनडे विश्वकप का खिताब जीता, फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को 52 रन से हराया

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भारत की महिला क्रिकेट टीम ने इतिहास रच दिया है। इंग्लैंड में खेले गए महिला वनडे विश्व कप 2025 के फाइनल मुकाबले में टीम इंडिया ने दक्षिण अफ्रीका को 52 रन से हराकर पहली बार विश्व कप का खिताब अपने नाम किया।

पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने शानदार प्रदर्शन किया और 50 ओवर में सात विकेट पर 298 रन बनाए। टीम की ओर से शेफाली वर्मा ने आक्रामक अंदाज़ में 87 रन की पारी खेली और बाद में गेंदबाजी में भी दो विकेट झटके।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीकी टीम की शुरुआत अच्छी रही, लेकिन दीप्ति शर्मा की घातक गेंदबाजी के आगे पूरी टीम 246 रन पर सिमट गई। दीप्ति ने 10 ओवर में 5 विकेट लेकर मैच का रुख भारत की ओर मोड़ दिया।

दक्षिण अफ्रीका की कप्तान लौरा वोल्वार्ट ने शानदार 101 रन बनाए, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सकीं। 52 साल के महिला वनडे विश्व कप इतिहास में यह भारत का पहला खिताब है। गौरतलब है कि पहला महिला वनडे विश्व कप वर्ष 1973 में खेला गया था।

मैच के बाद शेफाली वर्मा को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ घोषित किया गया, जबकि दीप्ति शर्मा को उनके पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन के लिए ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ चुना गया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने विश्व क्रिकेट में एक नया अध्याय लिख दिया है।

महिला वनडे विश्व कप फाइनल: भारत vs द. अफ्रीका आज, पहली बार नया चैंपियन

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मुंबई : सपनों की उड़ान अब हकीकत बनने की दहलीज पर है। डीवाई पाटिल स्टेडियम में रविवार दोपहर 2 बजे जब भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच महिला वनडे विश्व कप 2025 का फाइनल शुरू होगा, तो महिला क्रिकेट को पहली बार नया विश्व चैंपियन मिलेगा। न ऑस्ट्रेलिया, न इंग्लैंड – यह पहला फाइनल होगा जहां ये दिग्गज टीमें नहीं होंगी।

भारत की तीसरी कोशिश, पहला खिताब

  • 2005: ऑस्ट्रेलिया ने हराया.
  • 2017: इंग्लैंड ने हराया.
  • 2025: अब मौका, पहला खिताब जीतने का!

सेमीफाइनल में 7 बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को 5 रन से हराकर भारत ने 339 रनों का रिकॉर्ड लक्ष्य चेज किया – महिला वनडे इतिहास का सबसे बड़ा चेज। जेमिमा रोड्रिग्स (नाबाद 127) और हरमन (89) ने कमाल किया। लीग में 3 लगातार हार के बाद ऐतिहासिक वापसी।

द. अफ्रीका भी पहली बार फाइनल में

कप्तान लॉरा वोलवार्ड्ट की टीम ने भी पहली बार फाइनल में कदम रखा है। उन्होंने कहा, “नॉकआउट मैच अलग होते हैं। भारत का आत्मविश्वास ऊंचा है, लेकिन हम उन्हें शांत करने आए हैं।”

हरमन का ऐलान: जीत का एहसास चाहिए

मैच से एक दिन पहले हरमनप्रीत ने कहा, “हमें हार का दर्द पता है। अब जीत का एहसास चाहिए। रविवार हमारा दिन होगा। हमने मेहनत की है, अब बस फाइनल में सब कुछ पूरा करना है।”

बारिश की आशंका, रिजर्व डे तैयार

मौसम विभाग ने दोपहर 1 से शाम 7 बजे तक हल्की बारिश की संभावना जताई है। अगर मैच पूरा नहीं हुआ, तो सोमवार को वहीं से शुरू होगा। परिणाम के लिए 20-20 ओवर जरूरी।

जीते तो 125 करोड़ का इनाम?

बीसीसीआई ने अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की, लेकिन सूत्रों के मुताबिक, महिला टीम को पुरुष टीम (2024 टी-20 विश्व कप) की तरह 125 करोड़ रुपये मिल सकते हैं। 2017 में उपविजेता रहने पर हर खिलाड़ी को 50 लाख दिए गए थे।

1983 जैसा जादू दोहराने का मौका

अगर भारत जीता, तो कपिल देव की 1983 की जीत की तरह क्रिकेट घर-घर पहुंचेगा। युवा बेटियों के लिए यह सपनों का नया आकाश बनेगा।

मैच टाइमिंग:

  • टॉस: दोपहर 1:30 बजे
  • मैच शुरू: दोपहर 2:00 बजे
  • लाइव: स्टार स्पोर्ट्स, डिज्नी+हॉटस्टार

राष्ट्रपति दौरे पर देहरादून में 3 नवंबर को ट्रैफिक प्लान, 10 से ज्यादा रूट डायवर्ट

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देहरादून : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के 3 नवंबर को उत्तराखंड विधानसभा के रजत जयंती विशेष सत्र में संबोधन और जीटीसी हेलीपैड से प्रस्थान कार्यक्रम को देखते हुए देहरादून में सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक भारी वाहनों की नो-एंट्री और 10 से अधिक प्रमुख रूटों पर डायवर्जन लागू रहेगा। यातायात पुलिस ने वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान चप्पे-चप्पे पर बैरिकेडिंग, ड्रोन निगरानी और 500 से अधिक जवानों की तैनाती की है।

भारी वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध (सुबह 7 से रात 9 बजे तक)

  • नया गांव → आईएसबीटी → रिस्पना पुल
  • आशारोड़ी → आईएसबीटी → रिस्पना पुल
  • रानीपोखरी → भानियावाला → हर्रावाला
  • नेपाली फार्म → भानियावाला → हर्रावाला

नोट: हल्के वाहन (कार, बाइक) वैकल्पिक रूटों से गुजर सकेंगे, लेकिन भारी मालवाहक पूरी तरह रोक दिए जाएंगे।

राष्ट्रपति प्रस्थान पर खास डायवर्जन प्लान (वीवीआईपी स्थल से जीटीसी हेलीपैड तक)

  1. मोहकमपुर की ओर आने वाला ट्रैफिक → पूरी तरह डायवर्ट, वैकल्पिक रूट की सूचना बाद में।
  2. मसूरी डायवर्जन से ग्रेट वैल्यू → कोई ट्रैफिक नहीं। → सांई मंदिर → काठ बंगला तिराहा रूट से भेजा जाएगा। → दिलाराम चौक, बहल, बैनीबाजार पर रोका जाएगा।
  3. धोरण पुल से ग्रेट वैल्यू → आईटी पार्क की ओर डायवर्ट। → कैनाल रोड से आने वाले वाहन 50 मीटर पीछे रोके जाएंगे।
  4. कालीदास रोड से कैंट → 50 मीटर पहले रोका जाएगा।
  5. सर्किट हाउस तिराहा → राजभवन, सीएसडी, हाथीबड़कला रोड बंद।
  6. कैंब्रियन हाल स्कूल से जीटीसी हेलीपैड → पूरी तरह रोका। → वाटिका तिराहा से पोस्ट ऑफिस तिराहा डायवर्ट।
  7. टेकऑफ से 10 मिनट पहले → कैंट से आकाश गंगा → पोस्ट ऑफिस तिराहा पर रोका।

यात्रियों से अपील

एसएसपी अजय सिंह ने कहा, “वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान 15-20 मिनट का जाम संभव है। लोग वैकल्पिक रूट अपनाएं, गूगल मैप्स चेक करें। आपातकालीन वाहन (एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड) को छूट रहेगी।”

राष्ट्रपति का दौरा राज्य के गौरव का प्रतीक है, लेकिन ट्रैफिक व्यवस्था में सहयोग करें। कल सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक घर से निकलने से पहले रूट चेक करें!

उत्तराखंड में दर्दनाक सड़क हादसा, 2 की मौत, 15 घायल, SDRF ने किया रेस्क्यू

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ज्योलिकोट के पास दर्दनाक सड़क हादसा, दो की मौत, 15 घायल – SDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

नैनीताल : नैनीताल जिले के ज्योलिकोट आमपड़ाव क्षेत्र में देर रात एक टेम्पो ट्रैवलर वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। वाहन में कुल 18 लोग सवार थे। हादसे की सूचना मिलते ही SDRF पोस्ट नैनीताल की टीम सब-इंस्पेक्टर मनीष भाकुनी के नेतृत्व में तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई।

मौके पर पहुँचने पर पाया गया कि वाहन अनियंत्रित होकर सड़क से लगभग 15 मीटर नीचे जा गिरा था। SDRF टीम ने त्वरित रेस्क्यू अभियान चलाते हुए 15 घायलों को सुरक्षित निकालकर उपचार के लिए हल्द्वानी अस्पताल भेजा।

दुर्भाग्यवश, हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जिनके शवों को स्थानीय पुलिस के सुपुर्द किया गया है। वहीं एक व्यक्ति अब भी लापता बताया जा रहा है, जिसकी तलाश SDRF व पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा की जा रही है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का उत्तराखण्ड दौरा 2 से 4 नवम्बर तक, हरिद्वार, देहरादून और नैनीताल में कार्यक्रम

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देहरादून: राष्ट्रपति  द्रौपदी मुर्मु 2 से 4 नवम्बर, 2025 तक उत्तराखण्ड के दौरे पर रहेंगी। अपने तीन दिवसीय प्रवास के दौरान राष्ट्रपति हरिद्वार, देहरादून और नैनीताल में विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत करेंगी।

दौरे के पहले दिन 2 नवम्बर को राष्ट्रपति हरिद्वार स्थित पतंजलि विश्वविद्यालय के दूसरे दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेंगी।

3 नवम्बर को राष्ट्रपति उत्तराखण्ड राज्य की रजत जयंती वर्ष के अवसर पर उत्तराखण्ड विधानसभा को संबोधित करेंगी। उसी दिन वे नैनीताल राजभवन की स्थापना के 125 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित विशेष समारोह में भी सम्मिलित होंगी।

दौरे के अंतिम दिन 4 नवम्बर को राष्ट्रपति कैंची धाम जाकर नीम करोली बाबा आश्रम में दर्शन करेंगी। इसके बाद वे कुमाऊँ विश्वविद्यालय, नैनीताल के 20वें दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी और तत्पश्चात नई दिल्ली लौट जाएंगी।

श्रीकाकुलम मंदिर में भगदड़, 9 श्रद्धालुओं की मौत, कई घायल

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श्रीकाकुलम (आंध्र प्रदेश), 1 नवंबर 2025 (संवाददाता): एकादशी के पावन अवसर पर आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले के काशीबुग्गा स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में भीड़ भाड़ के दौरान भगदड़ मच गई, जिसमें कम से कम 9 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। ज्यादातर महिलाओं और बच्चों सहित कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। घटना के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन ने बचाव कार्य तेज कर दिया, और घायलों को पलासा सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतक संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

भीड़ में अफरा-तफरी, वीडियो वायरल

घटना शनिवार सुबह हुई जब मंदिर में एकादशी पूजा के लिए हजारों श्रद्धालु उमड़ पड़े। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंदिर के संकरे प्रवेश द्वार पर भीड़ बढ़ने से अफरा-तफरी मच गई, जिसके चलते कई लोग कुचल दिए गए। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पुजा की टोकरियां लिए महिलाओं के चीखने-चिल्लाने और जमीन पर पड़े शवों के दृश्य दिखाई दे रहे हैं। श्रीकाकुलम जिला कलेक्टर पी. राजा बाबू ने बताया, “हमारी टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और व्यवस्था बहाल कर ली। 9 शव बरामद हो चुके हैं, जबकि कई घायल गंभीर हैं। जांच के आदेश दिए गए हैं।”

मंदिर, जो एंडोमेंट्स विभाग के अधीन नहीं है, ने बिना पूर्व सरकारी अनुमति के यह सभा आयोजित की थी, जिसकी वजह से सुरक्षा व्यवस्था में चूक हुई। यह घटना हाल के वर्षों में धार्मिक आयोजनों के दौरान हुई ऐसी त्रासदियों की याद दिलाती है।

सीएम नायडू का दुख, तत्काल सहायता के निर्देश

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इस हृदयविदारक घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। एक्स पर पोस्ट में उन्होंने कहा, “श्रीकाकुलम जिले के काशीबुग्गा वेंकटेश्वर मंदिर में हुई भगदड़ से मुझे बहुत दुख हुआ। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में श्रद्धालुओं की मौत अत्यंत हृदय विदारक है। मृतकों के परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदना।” सीएम ने अधिकारियों को घायलों का त्वरित उपचार सुनिश्चित करने और राहत कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला मंत्री आचन्ना अयडू और स्थानीय विधायक गौठू शरिश से बात की।

केंद्रीय नेताओं का शोक संदेश

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर कहा, “श्रीकाकुलम के काशीबुग्गा वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में भगदड़ से हुई दुखद मौतों से व्यथित हूं। मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना।” राज्यपाल श्री अब्दुल नजीर ने भी शोक व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन को घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए। केंद्रीय मंत्री बांदी संजय कुमार ने इसे “निरपराध श्रद्धालुओं की त्रासदी” बताते हुए प्रार्थना की।

राहत कार्य तेज, जांच का आदेश

स्थानीय प्रशासन ने मृतकों के परिवारों को तत्काल सहायता राशि देने का ऐलान किया है। बचाव दल और पुलिस ने मंदिर परिसर को खाली करा लिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मंदिर प्रबंधनों को पूर्व अनुमति और सुरक्षा प्रोटोकॉल अनिवार्य करने की जरूरत है।

स्थायी राजधानी के लिए गैरसैंण समिति का एलान, 9 नवंबर को कर्णप्रयाग में देंगे धरना

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देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य गठन को 25 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं, लेकिन अभी तक राज्य अपनी स्थायी राजधानी तय नहीं कर पाया है। इसी मुद्दे को केंद्र में रखकर “स्थायी राजधानी गैरसैंण समिति” का गठन कुछ समान विचारधारा वाले नागरिकों द्वारा किया गया है। समिति का एकमात्र उद्देश्य गैरसैंण को उत्तराखण्ड की स्थायी राजधानी घोषित कराना है।

इस लक्ष्य को लेकर समिति ने राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर 21 सितम्बर को धरना-प्रदर्शन आयोजित किया था। इसके बाद 12 अक्टूबर को देहरादून में भी समिति ने धरना, प्रदर्शन और ज्ञापन कार्यक्रम सम्पन्न किया।

अब समिति ने ऐलान किया है कि 9 नवम्बर को राज्य स्थापना दिवस के दिन चमोली जिले के कर्णप्रयाग में सुबह 11 बजे से एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इसी दिन मुख्य सचिव, उत्तराखण्ड शासन को ज्ञापन भी सौंपा जाएगा।

समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि यह प्रेस कॉन्फ्रेंस इसलिए बुलाई गई है क्योंकि 3 और 4 नवम्बर को उत्तराखण्ड विधानसभा का विशेष सत्र आहूत है। यदि इस सत्र में सरकार गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाती है, तो 9 नवम्बर को कर्णप्रयाग में इसे स्वागत समारोह के रूप में मनाया जाएगा।

लेकिन यदि ऐसा नहीं हुआ, तो समिति ने चेतावनी दी है कि 26 नवम्बर से पहाड़ के हर घर में काले झंडे टांगकर विरोध प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। समिति के सदस्य 9 नवम्बर के बाद गांव-गांव जाकर आंदोलन को जन-आंदोलन का रूप देंगे।