बीएमसी घूस विवाद में फंसे कॉमेडिन कपिल शर्मा ने अभी तक घूसखोर अफसर का नाम नहीं बताया है. बीएमसी और प्रशासन उन पर नाम जाहिर करने का दबाव बना रहा है, वहीं इस बीच उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस से मिलने का समय मांगा है.
कॉमेडी किंग कपिल शर्मा ने शनिवार को बंबई नगरपालिका पर 5 लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाकर सियासी दुनिया में बवाल मचा दिया. बयान पर बीजेपी और शिवसेना जहां जंग के मूड में है, वहीं शर्मा ने शनिवार को ही शाम ढलते-ढलते इस ओर सफाई भी दी. शर्मा ने ट्वीट कर कहा है कि वह सिर्फ भ्रष्टाचार की बात कर रहे हैं और उनका बयान किसी राजनीतिक पार्टी के खिलाफ नहीं है.
कपिल शर्मा ने ट्वीट में कहा, ‘मैंने सिर्फ उस भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई है, जिसका मैंने सामना किया है. मैं बीजेपी, एमएनएस, शिवसेना या किसी राजनीतिक पार्टी को इसके लिए दोषी नहीं ठहरा रहा.’ बीएमसी ने भी कपिल पर अवैध निर्माण का आरोप लगाकर पलटवार किया है. बीएमसी के मुताबिक, मुंबई वेस्ट इलाके में कपिल के ऑफिस का अवैध तरीके से निर्माण का काम चल रहा है. यही नहीं, 16 जुलाई को नोटिस भेजने के बाद भी कपिल ने निर्माण का काम जारी रखा है. बाद में चार अगस्त को बीएमसी ने अवैध निर्माण गिरा दिया.
शनिवार शाम को बीएमसी की टीम अंधेरी के उनके घर भी पहुंची, लेकिन कपिल शर्मा वहां मौजूद नहीं थे. ऐसे में बीएमसी ने उनके घर नोटिस चस्पा कर दिया है. ग्रेटर मुंबई नगर निगम ने कपिल की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए उन्हें नोटिस भेजा है और भरोसा दिलाया है कि इस मामले की जांच और कार्रवाई की जाएगी. नगर निगम ने कपिल ने रिश्वत मांगने वाले अधिकारी का नाम पूछा है ताकि उन्हें कार्रवाई करने में आसानी हो. साथ ही कपिल से कहा गया है कि अगर वो चाहें तो उनकी तरफ से दी गई सारी जानकारियां गुप्त रखी जाएंगी.
कपिल शर्मा से जल्द ही मुंबई पुलिस पूछताछ कर सकती है. कपिल शर्मा के आरोपों के बाद बीजेपी एमएलए राम कदम ने मुंबई पुलिस के सामने शिकायत दर्ज करवाई है. सूत्रों के मुताबिक, मुंबई पुलिस जल्द ही कपिल शर्मा से इस केस के बारे में और जानकारी के लिए पूछताछ करेगी. इसके लिए कपिल शर्मा को समन भेजा जाएगा.
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने भी कपिल शर्मा से घूस मामले की संबंधित अधिकारियों को पूरी जानकारी देने के लिए कहा है. सीएम ने विवाद सामने आते ही ट्वीट करके कहा कि कपिल भाई के मामले की जानकारी दें. उन्होंने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.
अपनी बिंदास कॉमेडी से दर्शकों के पेट में दर्द लाने वाले स्टेंडअप कॉमेडियन कपिल शर्मा ने शनिवार सुबह 5 बजकर 53 मिनट पर कपिल ने ट्वीट किया, ‘मैं पिछले पांच साल से 15 करोड़ रुपये टैक्स भर रहा हूं. इसके बावजूद अपना ऑफिस बनाने के लिए मुझे बीएमसी को 5 लाख की घूस देनी होगी.’ बाद में इस ट्वीट को उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए एक और ट्वीट किया, ‘क्या ये हैं अच्छे दिन?’
एमएनएस ने कपिल शर्मा से मामले में माफी मांगने को कहा है और धमकी दी है कि वह उनके शो की शूटिंग नहीं होने देंगे. जबकि शिवसेना ने मांग की कि शर्मा पर गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई होनी चाहिए.
कपिल शर्मा ने अभी तक नहीं बताया भ्रष्ट अधिकारी का नाम, CM से मांगा अप्वॉइंटमेंट
महंगाई के खिलाफ महिला कांग्रेस की हल्लाबोल जनजागरण रैली
महंगाई और केंद्र सरकार के खिलाफ महिला कांग्रेस की हल्लाबोल जनजागरण रैली में भारी भीड़ जुटी। देहरादून के अलावा हरद्विार, ऋषिकेश, विकासनगर से बड़ी संख्या में महिलाएं रैली में शामिल होने पहुंची। महिला कांग्रेसियों ने कांग्रेस भवन से राजभवन के लिए कूच किया। जन्हिें पुलिस ने बहल चौक पर रोक दिया।
सीएम हरीश रावत डेढ़ बजे कांग्रेस भवन पहुंचे। रैली के जुटी भीड़ को देख सीएम ने कहा कि इस भीड़ को देख दल्लिी वाला बाबा की चिंता बढ़े या न बढ़े पर मुझ जैसे झोपड़ी वाले बाबा की चिंता जरूर बढ़ गई है। महिलाएं महंगाई से त्रस्त हैं, इसीलिए इतनी भीड़ जुटी है। इसलिए हमारी सरकार अपने स्तर पर जितना हो सके, उतने प्रयास महंगाई रोकने के कर रहे हैं।
महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सरिता आर्य ने कहा कि मोदी सरकार के चुनावी वायदे कब पूरे होंगे महिलाएं पूछ रही हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार महिलाओं के हित की रक्षा करती है, इसीलिए इतनी बड़ी संख्या में महिलाएं यहां जुटी हैं। राष्ट्रीय महिला सचिव अनुपमा रावत ने आटे-दाल के भाव गिनाए। कहा कि केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी और अरहर के दाम 30 से 60 रुपए हुए तो सरकार ने चना दाल की कीमतें कम कर दी। लेकिन अब चना दाल भी अरहर की राह पर चल रही है और सरकार चुप बैठी है।
कांग्रेस भवन में सभा के बाद महिला कांग्रेस ने राजभवन कूच किया। बहल चौक पर पुलिस के रोकने पर कांग्रेस पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सिटी मज्ट्रिरेट के माध्यम से राज्यपाल के लिए दिया।
मुख्यमंत्री का ऐलान- राज्य के 11 लाख एपीएल परिवारों को सस्ता राशन
सरकार उत्तराखंड के 11 लाख एपीएल कार्डधारकों को सस्ता राशन देने जा रही है। इन परिवारों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के दाम पर सस्ता गेहूं-चावल मिलेगा। सीएम हरीश रावत ने यह घोषणा महिला कांग्रेस की महंगाई के खिलाफ हल्लाबोल जनजागरण रैली में की। उन्होंने कहा कि सरकार ने एपीएल कार्डधारकों को सस्ता राशन दिलाने के लिए 300 करोड़ रुपये की व्यवस्था कर ली है।
राज्य में अभी एपीएल कार्ड धारकों को नौ रुपये किलो चावल और पांच रुपये किलो गेहूं मिलता है। जबकि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के तहत आने वाले कार्ड धारकों को तीन रुपये किलो चावल और दो रुपये किलो गेहूं मिलता है। सीएम हरीश रावत ने महंगाई के खिलाफ महिला कांग्रेस की रैली शुरू होने से पहले कांग्रेस भवन में आयोजित सभा में महंगाई को रोकने के सरकारी इंतजामों का ऐलान किया। सीएम ने कहा कि एपीएल परिवारों को सस्ता राशन मिल सके इसके लिए 300 करोड़ की व्यवस्था की गई है। राशन की दुकानों में रेट लिस्ट और राशन की उपलब्धता का ब्योरा अफसर सुनिश्चित करेंगे।
एपीएल कार्ड नवीनीकरण दो महीने और : सीएम हरीश रावत ने एपीएल कार्ड नवीनीकरण को लेकर भी अहम घोषणा की। सीएम ने कहा कि सभी जिलों में विशेष अभियान चलाकर अगले दो महीने तक एपीएल कार्डों को बनाने का काम करेंगे। नवीनीकरण की तिथि 31 जुलाई को खत्म हो चुकी है लेकिन बड़ी संख्या में लोगों के कार्ड का नवीनीकरण होना बाकी है। इसलिए इस तिथि को दो महीने बढ़ाया गया है।
समाज कल्याण विभाग से मिलने वाली पेंशन भी सरकार बढ़ाने जा रही है। सीएम हरीश रावत ने कहा कि अभी एक हजार रुपये मिल रहे हैं और चुनाव से पहले इसे और बढ़ा दिया जाएगा। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों से गर्भवती महिलाओं को आखिरी तीन महीने दूध भी देने की घोषणा की।
सीएम हरीश रावत ने कहा कि राज्य के सभी महिला स्वयं सहायता समूहों को सरकार पांच-पांच हजार रुपये देगी। जो महिला समूह स्वरोजगार में लगे हैं उन्हें 20 हजार रुपये दिए जाएंगे। सामूहिक खेती करने वाले महिला समूहों को सरकार एक लाख रुपये देगी। दुग्ध उत्पादन से जुड़े समूहों को ज्यादा रकम मिलेगी।
पंजाब में किसानों को मुफ्त बिजली-कर्ज माफ, AAP ने किए ये 15 वादे
आम आदमी पार्टी दिल्ली के बाद अब पंजाब में सत्ता का सिरमौर बनना चाहती है. विधानसभा चुनाव के मद्देनजर ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के किसानों के लिए घोषणापत्र जारी किया है, इसमें किसानों को 12 घंटे बिजली मुफ्त देने के साथ ही कई वादे किए गए हैं. केजरीवाल ने कहा कि घोषणापत्र में किसानों और मजदूरों को आत्महत्या करने से बचाने और उनको खुशहाल बनाने का लक्ष्य रखा गया है.
घोषणापत्र में किसानों से केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के वादे-
1) 2018 तक किसानों को कर्जमुक्त किया जाएगा. 2) काम न मिलने पर 10,000 रुपये प्रति महीना दिया जाएगा, जब तक कि काम नहीं मिलेगा. 3) फसल बर्बाद होने पर किसानों को 20,000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजा मिलेगा. 4) किसान जब मंडी में फसल लेकर आएंगे तो 24 घंटे के अंदर उसे खरीद ली जाएगी और उसका भुगतान 72 घंटे के अंदर कर दिया जाएगा. 5) किसानों को 12 घंटे मुफ्त बिजली दी जाएगी. 6) किसी भी स्थिति में किसानों के घर की कुर्की जब्ती नहीं होगी, कर्ज माफ किया जाएगा. 7) आटा दाल स्कीम में 10 लाख नए परिवारों को शामिल किए जाएगा. 8) दूध, दवाओं और उर्वरकों में मिलावट करने वालों को उम्रकैद की सजा दी जाएगी. 9) 25 हजार डेयरी फार्म खोला जाएगा. 10) सतलज यमुना लिंक के लिए किसानों से ली गई जमीन उनको वापस कर दी जाएगी. 11) साल 1934 का सर छोटूराम अधिनियम लागू करेगी, जिसमें प्रावधान है कि कुल ब्याज मूलधन से ज्यादा नहीं होना चाहिए. 12) ऐसे सभी कर्ज माफ होंगे, जिसमें किसानों ने मूलधन से दोगुना ब्याज दिया है. 13) जिन किसानों की संपत्ति साहूकारों के कब्जे में है उसे छुड़ाया जाएगा और कर्ज वाले किसानों को घर से बेदखल नहीं किया जाएगा. 14) बेटी की शादी के लिए 51,000 रुपये और बेटी के जन्म पर 21,000 रुपये दिए जाएंगे. 15) वृद्धावस्था पेंशन को 800 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये प्रति महीना किया जाएगा.
'मैं ही बनूंगी सीएम, मैं ही लाऊंगी अच्छे दिन' : मायावती
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष व उप्र की पूर्व मुख्यमंत्री सुश्री मायावती ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में बसपा को सत्ता में आने से रोकने के लिए भाजपा व समाजवादी पार्टी ने सांठगांठ कर ली है.लेकिन सब विरोधी समझ लें कि वह बसपा को सत्ता में आने से नहीं रोक पाएंगे.
उन्होंने कहा कि जब से केंद्र में भाजपा की सरकार बनी है तब से दलित व मुस्लिमों का उत्पीड़न किया जा रहा है. यही नहीं नरेंद्र मोदी जब से प्रधानमंत्री बने हैं तब से देश के अच्छे दिन के बजाए बुरे दिन आ गए हैं. लेकिन आप विश्वास रखें कि कोई भ्रम में न पड़ें बसपा के सत्ता में आने पर मैं ही सीएम बनूंगी और अच्छे दिन भी मैं ही लाऊंगी.
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था के नाम पर जंगलराज कायम है. इसलिए सर्वसमाज के हित के लिए बसपा को वोट देकर पूर्ण बहुमत की सरकार बनवाएं.
उन्होंने पदोन्नति में आरक्षण निष्प्रभावी बनाने के लिए केंद्र की तत्कालीन कांग्रेस व वर्तमान भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि उनकी बदौलत ही आज आरक्षित वर्ग को आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा है.
बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुश्री मायावती रविवार को यहां दिल्ली रोड स्थिस पोसमोस कालोनी के मैदान पर आयोजित बसपा की रैली को सम्बोधित कर रही थी. उन्होंने कहा कि उप्र विधानसभा के आगामी चुनाव में भाजपा तथा सपा की मिलीभगत, षड्यंत्र व हथकंडे भी बसपा को पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने से रोक नहीं पाएंगे.
चुनाव से पहले इमेज सुधारने में जुटी यूपी सरकार, करप्शन मामले में दो मंत्रियों को किया बर्खास्त
लखनऊ। लंबे समय से खनन विवाद के कारण चर्चा में रहे खनन मंत्री व अमेठी से विधायक गायत्री प्रजापति को सोमवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया। गायत्री प्रसाद प्रजापति को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राज्यपाल राम नाईक को पत्र भेज दिया है। इसके अलावा पंचायती राज मंत्री राजकिशोर सिंह को भी बर्खास्त कर दिया गया है।
हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खनन घोटाले मामले में सीबीआई जांच के आदेश दिए थे, जिसके बाद आज मुख्यमंत्री ने यह कदम उठाया है। अखिलेश के इस कदम को डेमैज कंट्रोल बताया जा रहा है।
मुख्यमंत्री अखिलेश को ऐसे कड़े कदम एक ऐसे समय पर उठाना पड़ा है, जब राज्य में चुनाव के दिन करीब हैं और सभी विपक्षी दल सत्ताधारी पार्टी को उखाड़ फेंकने का आह्वान कर रहे हैं। कांग्रेस से लेकर भाजपा और बसपा ने मौजूदा अखिलेश सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। अमेठी से पहली बार विधायक बनने वाले प्रजापति पहली बार में ही मंत्री बन गए थे।
प्रदेश में कम समय में ही लंबी छलांग लगाने वाले गायत्री प्रसाद प्रजापति कैबिनेट मंत्री के रूप में भूतत्व एवं खनिकर्म मंत्रालय संभाल रहे थे। गायत्री प्रजापति प्रदेश में खनन मंत्री हैं और उनपर कई भ्रष्टाचार के आरोप लगते आए हैं। ऐसे में अपनी सरकार की छवि को बेहतर बनाने के लिए अखिलेश यादव ने यह अहम फैसला लिया है। गायत्री प्रजापति को सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव का करीबी भी माना जाता है।
चुनावी नाव पर 2002 में पहली बार सवार होने वाले गायत्री प्रसाद प्रजापति ने विधानसभा चुनाव के दौरान अपने चुनावी हलफनामे में कुल संपत्ति 91,436 रुपए बताई थी। दस वर्ष बाद अमेठी से विधायक बनने वाले गायत्री प्रजापति ने 2012 के विधानसभा चुनाव के लिए भरे पर्चे के साथ लगे हलफनामे में अपनी कुल संपत्ति 3 लाख 71 हजार 720 रुपए बताई थी। अब उनकी संपत्ति अब बढ़कर दो लाख बाहर हजार करोड़ रुपए हो गई है। आज उनके पास कई बंगले, गाड़ी, फॉर्म हाउस सहित सैकड़ों करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति है। लखनऊ के मुख्यमंत्री आवास के बगल में सरोजनी नायडू मार्ग पर आलीशान कोठी है। इसे कई लोग राजनीति का मुद्दा बनाने को तैयार थे।
यूपी में अवैध खनन की सीबीआई जांच रुकवाने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट की बड़ी बेंच में पहुंची अखिलेश सरकार को तगड़ा झटका लगा था। हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच पर रोक लगाने से इन्कार करते हुए राज्य सरकार से सवाल पूछा था कि अगर खनन में कोई गड़बड़ी नहीं है तो सरकार जांच से क्यों बचना चाहती है।
हाईकोर्ट के इस फैसले को अखिलेश सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा था। सरकार ने चुनाव से पहले खनन घोटाले के आरोप ने विपक्ष के हाथ एक और मुद्दा दे दिया।
गायत्री प्रजापति अपनी कार्यशैली को लेकर पहले भी विवादों में रहे हैं। गायत्री प्रजापति सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के करीबी माने जाते हैं। सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर ने प्रजापति के खिलाफ खनन के जरिये अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए लोकायुक्त से भी शिकायत की थी।
दलित देंगे मोदी, अमिताभ को 'बदबू गुजरात की' का न्योता
अहमदाबाद। ऊना में पिटाई का विरोध कर रहे दलित अब पोस्टकार्ड से “बदबू गुजरात” अभियान छेड़ने जा रहे हैं। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व अमिताभ बच्चन को भी न्योता दिया जाएगा। गुजरात के पर्यटन विभाग के अभियान “खशबू गुजरात की” के जवाब में छेड़ा जा रहा है।
सरकारी अभियान का प्रचार अमिताभ बच्चन ने किया था। अहमदाबाद के समीप कलोल से ऊना दलित अत्याचार लड़त समिति मंगलवार को अपना अभियान शुरू करेगी। इसमें बच्चन को मुंबई के पते पर और मोदी को प्रधानमंत्री आवास के पते पर “बदबू गुजरात” की लिखे हजारों पोस्टकार्ड भेजे जाएंगे। उन्हें गुजरात आने का न्योता दिया जाएगा, ताकि वे मृत गायों के सड़ रहे कंकालों की बदबू ले सकें।
राज्य के दलितों ने ऊना पिटाई कांड के विरोध में यह अभियान छेड़ रखा है। समिति के संयोजक जिग्नेश मेवानी ने आरोप लगाया है कि अमिताभ ने मोदी के एजेंडे को प्रचारित करने के लिए गुजरात की झूठी छवि बनाई। उन्होंने बताया कि हमने पशुओं के शव व उनके कंकाल को हटाना बंद कर दिया है। इस कारण पशुओं के शव जहां-तहां पड़े हैं और उनकी बदबू फैल रही है।
कावेरी विवाद : कर्नाटक को थोड़ी राहत, SC ने हर दिन 12 हज़ार क्यूसेक पानी छोड़ने के लिए कहा
चेन्नई: कावेरी जल विवाद में अब सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक को थोड़ी राहत देते हुए कहा है कि तमिलनाडु के लिए 20 सितंबर तक हर दिन 12 हज़ार क्यूसेक पानी छोड़ा जाए. गौरतलब है कि कोर्ट ने 5 सितंबर को कर्नाटक सरकार को आदेश दिया था कि वह अगले 10 दिन तक कावेरी नदी का रोजाना 15 हज़ार क्यूसेक पानी तमिलनाडु को सप्लाई करे. कोर्ट के इस फ़ैसले के बाद से कर्नाटक के लोगों में नाराज़गी दिखाई दे रही है. तमिलनाडु को पानी दिए जाने के विरोध में राज्य के मांड्या समेत कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन जारी हैं.
आज सुप्रीम कोर्ट कर्नाटक की उस याचिका पर सुनवाई करने बैठा था जिसमें उसने कहा था कि वह पड़ोसी राज्य तमिलनाडु को कावेरी नदी से 15 हज़ार क्यूसेक पानी देने वाले निर्देश का पालन नहीं कर पाएगा. आज छुट्टी होने के बावजूद अदालत ने कावेरी मामले की सुनवाई रखी.सोमवार को चेन्नई में स्थित एक कर्नाटक होटल में तोड़फोड़ की गई है, वहीं रविवार को बैंगलुरू में एक छात्र पर इसलिए हमला किया गया क्योंकि उसने सोशल मीडिया पर दोनों राज्यों के बीच पानी के बंटवारे को लेकर अपनी राय रखी थी.
उधर सोमवार की सुबह चेन्नई के वुडलैंड्स होटल पर कथित तौर पर एक तमिल संगठन द्वारा हमला किया गया. हमलावरों ने होटल की खिड़कियों के शीशे तोड़े और कुछ पर्चे भी छोड़े जिसमें लिखा गया था कि अगर कर्नाटक में तमिल लोगों पर हमला किया गया तो इसका बदला लिया जाएगा.
न्यायाधीशों की नियुक्ति प्रक्रिया तेज की जानी चाहिए: सीजेआई
सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) टीएस ठाकुर ने रविवार को एक बार फिर न्यायपालिका में रिक्तियों और बड़ी संख्या में लंबित मामलों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि न्यायाधीशों की नियुक्ति की प्रक्रिया को अवश्य तेज किया जाना चाहिए।
न्यायमूर्ति ठाकुर ने कहा कि देश में प्रति 10 लाख की आबादी पर 12 न्यायाधीश हैं और कम से कम तीन करोड़ मामले अदालतों में लंबित हैं। उन्होंने कहा कि न्यायाधीशों के रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया तेज करने की जरूरत है। न्यायिक अधिकारियों के पहले राज्यस्तरीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए न्यायमूर्ति ठाकुर ने न्यायपालिका में ईमानदारी को अहम बताया। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका की सबसे बड़ी विशेषता ईमानदारी है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी क्षेत्र से जुड़ा व्यक्ति ईमानदार नहीं है तो वह ‘दुकान’ चला रहा है। न्याय करने वाले को ऐसा नहीं होना चाहिए।
सीजेआई ने कहा कि विधि आयोग की 1987 की रिपोर्ट के अनुसार तब 40 हजार न्यायाधीशों की जरूरत थी, लेकिन आज भी न्यायाधीशों की संख्या सिर्फ 18000 है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसे ही हालात रहे तो अगले 15-20 साल में लंबित मामलों की संख्या पांच करोड़ के आंकड़े को पार कर जाएगी। सीजेआई ने कहा कि अगले पांच साल में एक लक्ष्य निर्धारित कर नियुक्तियां की जा सकती हैं। सीजेआई ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री के सामने भी इस मुद्दे पर अपनी चिंता जताई है।
नेपाल में नदियों पर डैम बनाने के बारे में भी बात करेंगे प्रचंड
नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहाल प्रचंड अपने दूसरे कार्यकाल में न केवल भारत से बेहतर संबंधों के हिमायती नजर आ रहे हैं, बल्कि वह दोनों देशों की सीमा के आर- पार की बुनियादी समस्याओं के परस्पर सहयोग से समाधान के भी पक्षधर हैं। नेपाल की चोटियों से निकलने वाली नदियों से हर साल पैदा होने वाली बाढ़ और इससे दोनों तरफ होने वाली भारी क्षति के प्रति भी वह गंभीर हैं।
उनसे जब पूछा गया कि नेपाल में डैम बनाने की बात लंबे समय से चल रही है। डैम बनने से नेपाल में बिजली का उत्पादन होगा तो नेपाल की तराई समेत बिहार, उत्तर प्रद्रेश और उत्तराखंड को बाढ़ से निजात मिलेगी। नेपाली प्रधानमंत्री का रवैया इस मुद्दे पर भी सकारात्मक था। उन्होंने दो टूक कहा कि इसके बारे में भी हमारी बात होगी। मैं अभी इतना ही कहूंगा।
उनसे जब यह पूछा गया कि दोनों देशों की खुली सीमा से कई तरह की समस्याएं पैदा होती हैं। आप इसके समाधान को लेकर भी बात करना चाहेंगे? श्री प्रचंड ने कहा कि खुली सीमा ही हमारे संबंधों का यूनिकनेस है। यही खूबसूरती है। लेकिन इसको लेकर जो खतरा है, उस मोर्चे पर दोनों देशों को मिलकर काम करना होगा।
यह पूछे जाने पर कि आप पटना से काठमांडू हवाई सेवा शुरू चाहेंगे? श्री प्रचंड ने कहा कि पटना से काठमांडू हवाई सेवा शुरू होनी चाहिए। इसके रास्ते में क्या बाधाएं हैं, उसे भी मैं देखूंगा। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसी वर्ष 3 मार्च को अपनी काठमांडू यात्रा के दौरान वहा के तत्कालीन प्रधानमंत्री से कोसी नदी पर डैम के निर्माण के लिए सर्वे के काम में तेजी लाने का अनुरोध किया था। श्री कुमार ने पटना से काठमांडू हवाई सेवा शुरू करने पर भी जोर दिया था।
भारत और नेपाल के बीच बहने वाली मोहाना नदी पर पक्का पुल बनेगा। रविवार को नेपाल की एक टीम सर्वे को पहुंची। भारत-नेपाल सीमा पर बह रही मोहाना नदी के गुलरिया घाट पर पक्का पुल बनाने को लेकर नेपाल से सर्वे करने के लिए टीम पहुंची। इस पुल के बन जाने से बाढ़ प्रभावित भारतीय इलाकों को भी बढ़ी राहत मिलने के आसार हैं।
नेपाल के काठमांडू कांसलटेंट से आये गुलरिया घाट पर पुल निर्माण के सर्वे टीम में इंजीनियर सुदीप कार्को ,सहायक इंजीनियर दिनेश बूढ़ाठोकी ने बताया कि भारत-नेपाल सीमा पर बह रही मोहाना नदी के गुलरिया घाट पर पुल निर्माण कार्य में सर्वे के मुताबिक लगभग 100मीटर लम्बा पुल निर्माण होगा। इसका मानक पुल के डिजाइन के हिसाब से पुल निर्माण विभाग तय करेगा। उन्होंने बताया की इस पुल का निर्माण दोनों देशों की सहमति से होना है। दोनों देशों के उच्चस्तरीय अधिकारियों की वार्ता चल रही है। गुलरिया घाट पर पक्का पुल निर्माण के लिए वर्षो से ग्रामीणों की मांग रही है। प्रतिदिन सैकड़ों लोग दैनिक उपयोग की चीजों को लेने के लिए नाव से आते-जाते हैं। पुल बन जाने से वर्षों पुराना ग्रामीणों का सपना पूरा होगा।







