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डोकलाम मुद्दे पर भारत की कूटनीतिक जीत, चीन वापस बुला रहा अपनी सेना

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A signboard is seen from the Indian side of the Indo-China border at Bumla, in the northeastern Indian state of Arunachal Pradesh, November 11, 2009. With ties between the two Asian giants strained by a flare-up over their disputed boundary, India is fortifying parts of its northeast, building new roads and bridges, deploying tens of thousands more soldiers and boosting air defences. Picture taken November 11, 2009. REUTERS/Adnan Abidi (INDIA POLITICS MILITARY) - RTXQO7W

नई दिल्ली। डोकलाम को लेकर भारत और चीन के बीच पिछले 10 हफ्तों से चल रहा गतिरोध अब समाप्त हो गया है। भारत और चीन दोनों ने अपनी-अपनी सेना को वापस बुलाने का मन बना लिया है। इसे भारत की जबरदस्त कूटनीतिक सफलता भी माना जा रहा है।

दोनों पक्षों के बीच हुए एक एग्रीमेंट में कहा गया है कि भारत और चीन अपनी-अपनी सेनाएं वापस बुलाएंगे और डोकलाम विवाद खत्म करेंगे। हालांकि चीन ने कहा है कि वे डोकलाम में सड़क निर्माण नहीं करेगे लेकिन उनकी सेना इस क्षेत्र में पेट्रोलिंग करती रहेगी। वहीं, दूसरी तरफ इस क्षेत्र में पेट्रोलिंग को लेकर भारत की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

डोकलाम विवाद पर चीन ने कई बार भारत के साथ युद्ध की धमकियां दी थी लेकिन भारत की रणनीति के आगे इस बार चीन ने अपना रवैया बदलते हुए अपनी सेना को पीछे हटाने का फैसला लिया है। यह भारत की बहुत बड़ी कूटनीति जीत है क्योंकि चीन कई बार भारत से रिश्तें खराब करने और युद्ध की धमकी दे चुका था। वहीं, इस बार इंडियन आर्मी भी जोरदार ढंग से विरोध करते हुए लगातार चीनी सेना का सामना करती रही। आखिरकार दोनों देशों को डोकलाम से अपनी-अपनी सेना को हटाना पड़ा।

म्यांमार से जान बचाकर भाग रहे रोहिंग्या को बांग्लादेश ने वापस खदेड़ा

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A Rohingya Muslim woman and her son cry after being caught by Border Guard Bangladesh (BGB) while illegally crossing at a border check point in Cox’s Bazar , Bangladesh, November 21, 2016. REUTERS/Mohammad Ponir Hossain TPX IMAGES OF THE DAY - RTSSOBB

म्यांमार के रख़ाइन प्रांत में बीते दो दिनों से जारी हिंसा की वजह से हज़ारों की संख्या में अल्पसंख्यक रोहिंग्या मुसलमान जान बचाकर बांग्लादेश सीमा की ओर भाग रहे हैं जबकि बांग्लादेश के सीमा सुरक्षा बल उन्हें वापस म्यांमार की ओर खदेड़ रहे हैं।

म्यांमार के सबसे ग़रीब प्रांत रख़ाइन में दस लाख से अधिक रोहिंग्या रहते हैं जिन पर म्यांमार सरकार ने कई तरह के प्रतिबन्ध लगा रखा है जिनकी वजह से रोहिंग्या समुदाय का रुझान कट्टरपंथ की ओर बढ़ रहा है। बौद्ध बहुल म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों पर लगे प्रतिबंधों की वजह से यहां कई सालों से रोहिंग्या और बौद्धों के बीच संघर्ष चल रहा है। इसी के तहत शुक्रवार को रोहिंग्या लड़ाकों ने तीस पुलिस थानों पर एक साथ हमले कर दिए जिसके बाद शुरू हुई हिंसा शनिवार को भी जारी रही। इस बीच पोप फ्रांसिस ने अपील की है कि रोहिंग्या मुसलमानों का शोषण बंद होना चाहिए। रोहिंग्या लोग म्यांमार सरकार पर नस्लीय हिंसा का आरोप लगाते रहे हैं उनका कहना है कि बौद्ध लोग रोहिंग्या मुस्लिमों का ख़ात्मा चाहते हैं। इस बीच पोप फ्रांसिस ने अपील की है कि रोहिंग्या मुसलमानों का शोषण बंद होना चाहिए।

हाल के दिनों में क़रीब तीन हज़ार रोहिंग्या बांग्लादेश पहुंचने में कामयाब रहे हैं जहां उन्होंने कैंपों और गांवों में शरण ले रखी है। जान बचाकर बांग्लादेश जा रहे रोहिंग्या मुसलमानों को वापस म्यांमार की ओर खदेड़ रही बांग्ला देश पुलिस के एक कर्मी ने एक समाचार एजेंसी को बताया कि शनिवार को उन्होंने 70 रोहिंग्या लोगों को ज़बरदस्ती म्यांमार वापस भेजा है, ये लोग बांग्लादेश में घुस आए थे और राहत कैंप जाने की कोशिश कर रहे थे। पुलिसकर्मी के मुताबिक ये लोग वापस म्यांमार न भेजे जाने की गुहार लगा रहे थे। राहत कैंप में मौजूद एएफ़पी के संवाददाता के मुताबिक यहां पहुंच रहे लोग डर और दहशत की कहानियां सुना रहे हैं।

सत्तर साल के एक बुज़ुर्ग मोहम्मद जफ़र ने बताया कि हथियारबंद बौद्ध समूहों ने उनके दोनों बेटों की हत्या कर दी। इन लोगों लोगों का समूह लाठियों और डंडों के साथ आया था। एक अन्य 61 वर्षीय आमिर हुसैन ने कहा, “हमारी जान बचा लीजिए, हम यहीं रहना चाहते हैं नहीं तो वो हमें मार देंगे।”

ताजमहल शिव मंदिर नहीं था, शाहजहाँ का बनवाया मकबरा है : एएसआई

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आगरा कोर्ट के सिविल जज (सिनियर डिविजन) को लिखित जवाब देते हुए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने कहा है कि ताजमहल सिर्फ एक मकबरा है। एएसआई ने इस वर्ल्ड हेरिटेज साइट को पूर्व में भगवान शिव का मंदिर होने से साफ इंकार कर दिया। गौरतलब है कि एएसआई को देश में पुरातात्विक अनुसंधान और ऐतिहासिक स्मारकों के संरक्षण के साथ-साथ इनके शोध की भी जिम्मेदारी दी गई है।

कोर्ट ने मामले में अगली सुनवाई की तारीख 11 सितंबर दी है। कोर्ट ने अपने जवाब से पहले केंद्र सरकार और केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के साथ गृह सचिव व एएसआई को नोटिस जारी किया था। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय 2015 में ही लोकसभा में यह कह चुका है कि ताजमहल के शिव मंदिर होने का कोई सबूत नहीं मिलता है।

दरअसल ताजमहल को पूर्व में भगवन शिव का मंदिर होने और उसका नाम तेजो महल होने का दावा करते हुए आगरा के छह वकीलों ने मिलकर साल 2015 में मुकदमा दायर किया था। अपने दावे में उन्होंने हिंदू धर्म के मानने वालों को ताजमहल परिसर के दर्शन और आरती की अनुमति दी जाने की माँग करते हुए स्मारक के उन कमरों को खोलने की भी मांग की थी जिन्हें बंद कर दिया गया है।

कोर्ट में याचिकाकर्ताओं की सुनवाई से पहले एएसआई और केंद्र के वकील ने कहा कि उनकी याचिका में कोई दम नहीं है। यह एक मुस्लिम स्मारक है इसलिए याचिकार्ताओं को ताजमहल परिसर में पूजा करने का अधिकार नहीं दिया जा सकता और ना ही किसी धार्मिक क्रियाकलाप की अनुमति दी जा सकती है। कोर्ट ने याचिकार्ताओं को जवाब में ये बातें कहीं हैं। इस दौरान कोर्ट ने कहा एएसआई भी ताजमहल के हिंदू धर्म से जुड़े होने की बात को नकार चुका है। ये बात वर्तमान तथ्यों से भी साबित होती है कि ताजमहल का निर्माण सत्रहवीं शताब्दी में शाहजहां ने एक समाधि के रूप में करवाया था। शाहजहां ने ताजमहल का निर्माण अपनी रानी मुमताज की याद में करवाया था।

गौरतलब है कि वर्ममान में केवल मुस्लिम समुदाय के ही लोग ताजमहल परिसर के पास नमाज पढ़ सकते हैं। यहां ताजमहल परिसर में स्थित मस्जिद में हर शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय के लोग नमाज अता करने आते हैं।

फ्रांस से राफेल फाइटर विमान अब 60% कीमत पर खरीदेगा भारत

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भारतीय वायुसेना ने फ्रांस से जेट लड़ाकू विमान की पहली खेप मिलने के बाद 36 राफेल लड़ाकू विमानों की अगली खेप पिछले रक्षा सौदे की तुलना में सिर्फ 60 फीसदी कीमत से खरीदेगी। इसके लिए वायु सेना ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली है।

गौरतलब है कि लंबे इंतजार के बाद पिछले साल नवंबर में रक्षामंत्री मनोहर परिकर ने भारत-फ्रांस के बीच 36 राफेल विमानों के लिए करीब 59000 करोड़ की डील पर हस्ताक्षर किया था। पिछले साल सितंबर में फ्रांस के साथ हुई 36 जेट विमानों की डील के बाद इंडियन एयरफोर्स 36 राफेल लड़ाकू विमान की अगली खेप हासिल करने के लिए मजबूती के साथ तैयार है।

रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि अपनी दीर्घकालिक योजनाओं के तहत भारतीय वायुसेना ने 36 अतिरिक्त राफेल लड़ाकू विमान के परिचालन की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए “कुछ प्रस्तुतीकरण” किए हैं। इसके साथ ये दलील दी गई है कि रुस के द्वारा विकसित किए जाने वाले पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान (एफजीएफए) की तुलना में फ्रेंच फाइटर्स काफी सस्ते साबित होंगे।

पुलवामा पुलिस लाइंस पर आतंकी हमला, 2 जवान शहीद और 6 जवान घायल

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जम्‍मू-कश्‍मीर के पुलवामा में पुलिस लाइंस पर शनिवार की भोर में आतंकियों ने हमला कर दिया है जिसमें एक पुलिस और एक CRPF जवान शहीद हो गए हैं साथ ही 6 जवान घायल हो गए हैं। घायल जवानों को अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बतायी जा रही है।

इस हमले में 1 आतंकी के भी मारे जाने की खबर है। जानकारी के मुताबिक सेना और पुलिस फोर्स ने पुलिस लाइंस को घेर लिया है और आतंकियों को पकड़ने की कोशिश जारी है। वहीं पुलवामा जिले को सील कर सर्च अभियान चलाया जा रहा है।

आतंकी जिला पुलिस की रिहायशी बिल्डिंग में घुसे हुए हैं और ई ब्लॉक में छिपे हैं। मिली जानकारी के अनुसार आतंकियों को पुलिस लाइन के 2 ब्लॉक्स में सीमित कर दिया गया है। दोनोें ओर से लगातार फायरिंग जारी है।
बता दें कि आतंकियों ने जहां हमला किया है, वहां पुलिस में कार्यरत लोगों के परिजन रहते हैं। जानकारी के अनुसार सभी परिवार सुरक्षित निकाल लिए गए हैं।

चीन ने की बेहद शर्मनाक हरकत

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भारत के साथ चल रहे विवाद और भारत की तैयारियों से बौखलाया हुआ चीन अब शर्मनाक हरकत पर उतर आया है। इस बार उसने भारत के राष्ट्र ध्वज तिरंगे को अपमानित करने वाली हरकत को अंजाम दिया है।

मामला उत्तराखंड का है जहाँ एक शॉपकीपर को ऐसे डिब्बे डिलीवर किए गए जिस पर तिरंगा बना हुआ और उस पर चीनी भाषा में कुछ शब्द लिखे हुए थे। शॉपकीपर ने जब उन डिब्बों खोलकर देखा तो उसके पैरों तले जमीन सरकती नज़र आयी, क्योंकि तिरंगे से लिपटे उन डिब्बों में चीनी जूते थे। दुकानदार ने पुलिस को जानकारी दे दी है। पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। तम्मना ट्रेडर्स नामक उस दुकान के मालिक बिशन बोरा ने बताया कि उसे ये डिब्बे दिल्ली से डिलीवर किए गए थे। पुलिस अब दिल्ली में भी पूछताछ शुरू कर दी है। बीजेपी के जिला अध्यक्ष अलमोरा ललित लतवाल ने तिरंगे अपमान पर नाराजगी जताई और पुलिस ने सख्त कार्रवाई की मांग की है।

बिशन बोरा ने बताया जब उसने डिब्बों को खोला तो वो पल बेहद चौकाने वाला था। ये देखते ही उसने पुलिस बुलाई और पूरी जानकारी दी।

बिना किसी हो-हल्ले के बढ़ गए पौने छः रुपये प्रति लीटर पेट्रोल के दाम

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पेट्रोलियम प्रोडक्ट पर डायनामिक प्राइजिंग सिस्टम की नई सरकारी नीति का असर मध्य प्रदेश में कुछ यूं नजर आ रहा है कि पिछले लगभग दो महीने में पेट्रोल की कीमत में पौने छह रुपए की बढ़ोत्तरी हो चुकी है। डीजल भी खामोशी से मूल्यवृद्धि की सीढ़ियां चढ़ते हुए चार रुपए से ज्यादा महंगा हो चुका है।

गौर करने वाली बात यह है कि दाम भी बढ़ रहे हैं और शोर भी नहीं मच रहा। ज्यादातर उपभोक्ता लगातार बढ़ रही इस कीमत से पूरी तरह अनजान ही बने हुए हैं।

डायनामिक प्राइजिंग सिस्टम लागू करने से पहले दावा किया गया था कि इसका सीधा फायदा उपभोक्ताओं को मिलेगा। जबकि दावे के उलट 1 जुलाई के मुकाबले 22 अगस्त को इंदौर शहर में पेट्रोल की कीमत 5 रुपए 75 पैसे बढ़ चुकी है और डीजल की कीमत में 4 रुपए 7 पैसे का ईजाफा हो चुका है।

पिछले लगभग दो महीने के दौरान पेट्रोल की कीमतों में हुए कुल 18 बार के बदलाव में एक बार भी कीमत कम नहीं हुई। इतने ही दिनों में 18 बार डीजल की कीमत का भी पुनर्निधारण किया गया। इस दौरान कुल तीन बार ही दाम में कटौती की गई। जबकी 15 बार कीमत में बढ़ोत्तरी कर दी गई। खास बात है कि तीन बार जब भी दाम में कटौती हुई तो वह महज 2 पैसे, 11 पैसे और 25 पैसे तक ही सीमित रही। जबकी बढ़त इससे ज्यादा ही रही।

पौधों को पानी देते हुए सलमान खान का पड़ोसियों से नोंक-झोंक

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चौंकिए मत, दरअसल यह वास्तविक नहीं है बल्कि बिग बॉस के सीजन-11 शो के प्रोमो का दृश्य है जो अभी रिलीज हुआ है। 45 सेकंड के इस प्रोमो में सलमान कहते हैं कि ‘पड़ोसी बजाने आ रहे हैं बारह।’ प्रोमो शुरू होते ही सलमान छत पर खड़े पौधों को पानी देते नजर आते हैं और बाहर खड़े पड़ोसियों से उनकी नोक-झोंक चल रही है।

इस प्रोमो में शो के होस्ट सलमान अपनी शादी के बारे में बात करते नजर आ रहे हैं। इसी नोक-झोंक में जब उनकी पड़ोसन उनसे कहती है कि अब उन्हें शादी कर लेनी चाहिए तो वे पड़ोसन से कहते हैं कि अगर उन्हें शादी की इतनी जल्दी न होती और वे सिंगल होतीं तो सलमान उनसे ही शादी कर लेते।

बिग बॉस सीजन-11 पड़ोसी-पड़ोसी थीम पर बेस्ड है। यानी इस पड़ोसी थीम के साथ इस बार खूब खींचतान देखने को मिलने वाली है। इस प्रोमो को देखकर साफ लग रहा है कि बिग बॉस सीजन-11 बहुत ही खास होगा।

”मैं सलमान खान के साथ कैसी भी फिल्म कर सकती हूं’ – जैकलीन

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रेमो डिसूजा की अगली फिल्म में सलमान के साथ नजर आने वाली जैकलीन जैकलीन फर्नांडीस ने कहा, ‘मैं कैसी भी फिल्म करने के लिए तैयार हूं, मुझे कोई परेशानी नहीं, यदि उसमें सलमान खान हों’। फिलहाल सलमान खान के साथ जैकलीन की दो फिल्में फाइनल हैं। दोनों ही फिल्में रेमो डिसूजा की हैं। एक रेस 3 .. और एक डांस ड्रामा फिल्म..।

जैकलीन कई बार दिल खोलकर सलमान की तारीफ कर चुकी हैं। एक बार उन्होंने बयान दिया था कि- मैं आंख बंद कर सलमान पर विश्वास करती हूं। सलमान खान हमेशा मेरी जिंदगी के सबसे खास व्यक्ति रहेंगे। उन्होंने मेरे करियर को बदल दिया। मैं कभी नहीं भूल सकती कि सलमान ने मेरे लिए क्या किया है।

एक ओर जहां बॉलीवुड में सलमान खान के साथ काम करने के लिए कई एक्ट्रेसस बेताब हैं वहीं जैकलीन हैं, जिन्हें एक फिल्म के बाद अब दो, दो फिल्में मिल रही हैं।

सलमान- जैकलीन की जोड़ी को दर्शकों ने पहली बार फिल्म ‘किक’ में देखा था। और इस जोड़ी को काफी पसंद भी किया गया था।

बिहार में गौ-रक्षा के नाम पर हिंसा

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बिहार के चम्पारण जिलान्तर्गत चनपटिया थाना के एक गाँव में हिंसक भीड़ ने कथित रुप से बीफ़ खाने के शक़ में अल्पसंख्यकों के करीब आधा दर्जन घरों पर हमला किया और उनमें से कुछ को बंधक बना लिया।

मामले की शुरुआत एक बछड़ा के चोरी होने की घटना से हुआ। भीड़ को शक़ था कि अल्पसंख्यकों में से कुछ ने इस बछड़े की पहले चोरी की और फिर मांस के लिए इसे मार डाला। मौके पर पहुंची पुलिस ने इस सिलसिले में जहां एक ओर मुस्लिम समुदाय के सात लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है वहीं हमला करने वालों में से अब तक किसी की गिरफ़्तारी नहीं हुई है। हालांकि पुलिस ने हमला करने वाले करीब दर्जन भर लोगों पर भी प्राथमिकी दर्ज कर ली है।

थाना प्रभारी राजेश झा ने बताया, ”भीड़ ने कुछ लोगों को पकड़ रखा था। उनका कहना था कि एक बछड़े को मार कर उसका मांस बांटा गया है, इसी ओराप पर प्राथमिकी दर्ज हुई और इन सभी को जेल भेजा गया है।” गिरफ़्तार किए गए लोगों में से चार घायलों का इलाज भी चल रहा था। डुमरा गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। गौरतलब है कि बिहार में दूध देने वाली गाय और बछड़ों को मारना प्रतिबंधित है लेकिन बीफ़ के उपभोग पर कोई रोक नहीं है।