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बीजेपी के साथ सरकार बनाना जहर पीने जैसा था – महबूबा मुफ्ती

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नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर में बीजेपी और पीडीपी के बीच गठबंधन की सरकार यद्यपि टूट चुकी है और वहां अब राज्यपाल शासन लागू है। लेकिन दोनों पार्टियों के बीच जुबानी जंग अभी भी जारी है। बीजेपी के सहयोग से जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री रह चुकी महबूबा मुफ्ती ने कहा, ‘बीजेपी के साथ गठबंधन करना जहर पीने जैसा था।’ महबूबा ने कहा कि मुफ्ती साहब बीजेपी के साथ हाथ मिलाने के लिए तैयार हो गए थे, क्योंकि वाजपेयी के दौर में हमारे बीच एक अच्छा गठबंधन था। लेकिन इस बार यह एक कठिन निर्णय था।

बीजेपी पर आक्रामक रवैया अपनाते हुए महबूबा ने कहा कि बीजेपी के साथ गठबंधन करना जहर पीने जैसा था। महबूबा ने कहा कि इस 2 साल और 2 माह के गठबंधन में बहुत कुछ गंवाया है। महबूबा ने दावा किया कि उन्होंने बीजेपी के साथ गठबंधन इसलिए किया था, क्योंकि उनकी पार्टी के विधायकों और वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें बताया कि अगर वह बीजेपी के साथ सरकार बनाने के मुफ्ती मोहम्मद सईद के फैसले के खिलाफ गईं तो वह उनका ‘अनादर’ होगा।

गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर में दो साल और दो माह तक गठबंधन रहने के बाद बीजेपी ने पीडीपी से नाता तोड़ दिया था। उधर पीडीपी के भी कई विधायकों ने महबूबा के खिलाफ बगावत की है। वहीं, पीडीपी का कहना है कि अगर बीजेपी उनकी पार्टी को तोड़ने की कोशिश करती है, तो घाटी में 1990 जैसे हालात पैदा हो जाएंगे।

कांग्रेस सेवादल को आरएसएस के मुकाबले तैयार करने में जुटे राहुल गाँधी

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नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए एक बार फिर कहा कि वह आरएसएस की तरह अब अपने पुराने संगठन कांग्रेस सेवा दल को मजबूत करेंगे। पहले कांग्रेस के नेता सेवा दल से ही आते थे, लेकिन बाद में यह संगठन कमजोर होता गया। कांग्रेस अध्यक्ष ने आगामी चुनावों में कामयाबी के लिए अपने कार्यकर्ताओं से कहा है कि वह कड़ी मेहनत करें। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं को आगामी चुनाव में उतरने के लिए जीत का मंत्र भी दिया।

रविवार को हुई कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में राहुल गांधी ने अपने कार्यकर्ताओं से कहा, ”हम कठिन मोर्चे पर काम करने से कतराते हैं।” राहुल ने कहा कि दशक भर पहले आदिवासी कांग्रेस को वोट करते थे। लेकिन बीजेपी, RSS के लोग आदिवासियों के बीच गए उनके साथ काम किया उन्हें समझाया। आज वह बीजेपी को वोट करते हैं। राहुल गाँधी ने अपने कार्यकर्ताओं को भाजपा और आरएसएस से सीख लेने की बात भी कही।

इससे पहले इस बैठक में दिए गए राहुल गांधी के 17 मिनट के भाषण को पार्टी की तरफ से यूट्यूब पर अपलोड किया गया था, लेकिन बाद में उसे हटा दिया गया। इसके बाद से ही इस पर सवाल उठ खड़े हुए हैं। इससे पहले उप्र कांग्रेस इकाई के एक वरिष्ठ पदाधिकारी का दावा है कि राहुल गांधी मानसून सत्र के बाद अपने संसदीय क्षेत्र अमेठी व अपनी मां सोनिया गांधी की संसदीय सीट रायबरेली से एक साथ इसकी शुरुआत कर सकते हैं। बकौल कांग्रेस पदाधिकारी, “कांग्रेस को मजबूत करने के लिए पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी कांग्रेस सेवा दल को फिर से सक्रिय करने की तैयारी में जुटे हैं। उन्होंने सेवा दल को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुकाबले खड़ा करने की योजना तैयार की है।”

दरअसल, कांग्रेस सेवा दल का गठन वर्ष 1923 में हिंदुस्तान सेवा दल के नाम से हुआ था. बाद में इसे कांग्रेस सेवा दल का नाम दे दिया गया। आरएसएस की तरह ही कभी कांग्रेस सेवा दल पर भी प्रतिबंध लगा था। अंग्रेजी हुकूमत के दौरान वर्ष 1932 से लेकर 1937 तक हिंदुस्तान सेवा दल को प्रतिबंधित कर दिया गया था।

कांग्रेस के पदाधिकारी ने बताया, “आजादी के बाद सेवा दल ने कांग्रेस को आगे बढ़ाने की कोशिश की। आजादी के बाद सत्ता में काबिज कांग्रेस को आपातकाल के बाद देश के बदले माहौल में जनता पार्टी की सराकर के गठन के बाद सेवा दल की याद आई थी। इंदिरा गांधी ने सेवा दल को खड़ा किया। यही नहीं, खुद राजीव गांधी ने सेवा दल के शिविर में जाकर 1983 में में सात दिनों का प्रशिक्षण लिया था।”

मराठा संगठनों के विरोध के कारण CM ने रद्द की अपनी पाढ़नपुर यात्रा

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मुंबई। महाराष्ट्र में हर साल होने वाली पंढरपुर की धार्मिक यात्रा वारी में मराठा संगठनों के भारी विरोध के चलते शामिल नहीं होने का ऐलान मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने किया है। मुख्य मंत्री इस यात्रा में पिछले तीन वर्षों से हिस्सा ले रहे थे लेकिन इस बार कई मराठा संगठनों ने उनके कार्यक्रम में बाधा डालने की धमकी दी है, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होने का ऐलान किया है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने मराठा संगठनों की धमकी के बाद कहा कि वारी 700 साल पुरानी परंपरा है, जिसमे श्रद्धालु पंढरपुर जाते हैं। मैं भी पिछले तीन वर्ष से यहां जा रहा हूं, कुछ संगठनों ने मेरे खिलाफ प्रदर्शन करने का ऐलान किया है, उनका यह फैसला गलत है। अगर मेरी वजह से 10 लाख श्रद्धालुओं की सुरक्षा को खतरा है तो मैं वहां नहीं जाउंगा।

इस वर्ष एकादशी के मौके 23 जुलाई पर यह यात्रा होनी है। कैबिनेट मंत्री गिरीश महाजन ने बताया कि मुख्यमंत्री इस पूजा में हिस्सा नहीं लेंगे क्योंकि आरक्षण के संबंध में मराठा समुदाय ने प्रदर्शन का ऐलान किया है। मराठा समुदाय के लोगों ने सरकारी नौकरी और शिक्षा में आरक्षण की मांग को लेकर यह धमकी दी है। उनका कहना है कि जबतक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जाती हैं हम इस धार्मिक कार्यक्रम में बाधा डालेंगे।

वहीं दूसरी तरफ महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने भी मराठाओं की मांग का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री झूठ बोल रहे हैं, मुख्यमंत्री ने कहा था कि बंबई उच्च न्यायालय समुदाय के लिए आरक्षण को मंजूरी देती है तो वह मराठा उम्मीदवारों को 72000 पदों पर 16 फीसदी पद आवंटित कर देंगे। उन्होंने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री इस समुदाय के लोगों को गुमराह कर रहे हैं।

अविश्वास प्रस्ताव पर विपक्ष में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू

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चेन्नई। शुक्रवार को मोदी सरकार के खिलाफ लोकसभा में पेश किए गए अविश्‍वास प्रस्‍ताव के बाद अब विपक्षी खेमे में आरोप-प्रत्‍यारोप का दौर शुरू हो गया है। इसी के तहत द्रमुक ने अन्‍नाद्रमुक पर आरोप लगाया कि कई मतभेद होने के बावजूद नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन न करना तमिलनाडु की सत्तारूढ़ पार्टी और राजग के बीच साठगांठ का सुबूत है।

द्रविण मुनेत्र कणगम (द्रमुक) के कार्यकारी अध्यक्ष एमके स्टालिन ने अन्नाद्रमुक से संसद में विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करने की अपील की थी। द्रमुक का लोकसभा में कोई सांसद नहीं है। वहीं अन्नाद्रमुक के सदन में 37 सांसद हैं। संसद में वह सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी पार्टी कांग्रेस के बाद तीसरी सबसे बड़ी पार्टी है।

स्टालिन ने लोकसभा में अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर हुई बहस और मतदान के बाद शुक्रवार रात को ट्वीट करते हुए कहा कि ‘नीट, 15वें वित्त आयोग, जीएसटी, हिंदी थोपने और सांप्रदायिक राजनीति के बावजूद अविश्वास प्रस्ताव में अन्नाद्रमुक द्वारा मोदी सरकार का समर्थन करना उसके और भाजपा के बीच साठगांठ का सुबूत है।’

बता दें कि विपक्षी पार्टी टीडीपी ने आंध्र प्रदेश को विशेष राज्‍य का दर्जा न मिलने के मामले में मोदी सरकार के खिलाफ अविश्‍वास प्रस्‍ताव पेश करने की घोषणा की थी। इसके बाद उसे अन्‍य विपक्षी पार्टियों का समर्थन प्राप्‍त हुआ था। इसी को लेकर शुक्रवार को लोकसभा में मोदी सरकार के खिलाफ अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर बहस आयोजित की गई थी। इसमें विपक्षी दलों के नेताओं ने मोदी सरकार पर हमला बोला था। विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव 126 के मुकाबले 325 मतों से गिर गया था।

प्रधान मंत्री मोदी पर राहुल का एक और हमला, कहा- सत्ता के लिए नफरत फैला रहे हैं प्रधानमंत्री

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी पर हमला बोलने का कोई मौका कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी नहीं छोड़ रहे हैं। उन्होंने पीएम मोदी पर एक बार फिर से निशाना साधते हुए शुक्रवार को लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा को लेकर एक ट्वीट किया है। इसमें उन्होंने कहा है कि पीएम मोदी अपना मकसद पूरा करने के लिए देश में नफरत फैला रहे हैं, लेकिन हम प्यार और भाईचारे का सन्देश देश में देते रहेंगे।

राहुल गांधी ने शनिवार को ट्वीट कर कहा, ”कल संसद में हुई बहस का मुद्दा ये था कि पीएम अपना मकसद पूरा करने के लिए लोगों के दिलों में नफरत, डर और गुस्सा पैदा कर रहे हैं। हम ये साबित करेंगे कि लोगों के दिलों में प्यार और भाईचार पैदा कर ही देश का निर्माण हो सकता है।”

यह पहला मौका नहीं है, जब राहुल गांधी ने पीएम मोदी और बीजेपी पर नफरत फैलाने का आरोप लगाया है। इससे पहले भी राहुल गांधी नफरत फैलाने के बहाने बीजेपी की मोदी सरकार पर हमला बोलते रहे हैं। शुक्रवार को लोकसभा में मोदी सरकार के खिलाफ पेश पहले अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने 45 मिनट तक भाषण दिया। राहुल ने अपने भाषण में पीएम मोदी और उनकी सरकार की नीतियों को जमकर कोसा।

राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर नफरत और गुस्से से भरे होने का आरोप लगाते हुए कहा था कि ”वे बीजेपी और उसके वैचारिक संरक्षकों की इस बात के लिए बहुत इज्जत करते हैं, क्योंकि उन्होंने उन्हें कांग्रेस और हिंदू का अर्थ समझाया।” उन्होंने कहा कि वे गुस्सा होकर उन्हें पप्पू बुला सकते हैं, लेकिन वे उनकी इस भावना को समाप्त कर देंगे और उन्हें कांग्रेस की तरफ मोड़ देंगे।

डिबेट थप्पड़ काण्ड : मौलाना कासमी के बाद थप्पड़ जड़ने वाली महिला पर भी दर्ज हुई FIR

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नई दिल्ली। ज़ी हिंदुस्तान टीवी चैनल पर लाइव शो के दौरान मार-पीट के मामले में मौलाना एजाज़ अरशद क़ासमी के बाद सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता एडवोकेट फराह फ़ैज़ उर्फ लक्ष्मी वर्मा पर भी FIR दर्ज की गई है। इससे पहले फ़राह फ़ैज़ उर्फ लक्ष्मी वर्मा ने क़ासमी के खिलाफ थाना सेक्टर 20 में मामला दर्ज कराया था। जिसके बाद मौलाना के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया था।

एक समाचार पत्र के मुताबिक, एडवोकेट फराह फ़ैज़ उर्फ लक्ष्मी वर्मा के खिलाफ दर्ज एफआईआर में कहा गया कि फराह फैज़ ने मौलाना पर पहले हमला करते हुए उन्हें थप्पड़ मारा। जिसके बाद प्रतिक्रिया में अपनी रक्षा करते हुए मुफ्ती एजाज अरशद कासमी ने भी फराह फैज़ को थप्पड़ लगा दिया।

चैनल के लाइव डिबेट वीडियो में भी साफ नजर आ रहा है कि बहसबाजी के दौरान महिला ने पहले मौलाना को थप्पड़ जड़ दिया जिसके बाद मौलाना ने खुद का बचाव करते हुए महिला को थप्पड़ लगा दिया।

मौलाना मुफ्ती एजाज़ अरशद क़ासमी आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य भी हैं। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने एक ट्वीट करके बताया है कि मौलाना एजाज़ अरशद क़ासमी के मारपीट मामले में एक तीन सदस्यीय कमेटी गठन करके जांच की जा रही है। यह कमेटी मौलाना रबी हसानी नदवी को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

बोर्ड के ट्वीट का जवाब देते हुए एआईएआईएम प्रमुख असद्दुदीन ओवैसी ने लिखा है कि मौलाना एजाज़ अरशद क़ासमी को बोर्ड की सदस्यता से बर्खास्त किया जाना चाहिए। हमें इस मामले में कमेटी की क्या जरूरत है।

संसद में पेश हुआ 15 साल बाद अविश्‍वास प्रस्‍ताव

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नई दिल्ली। मॉनसून सत्र के पहले ही दिन विपक्ष ने मोदी सरकार के खिलाफ सदन में अविश्वास प्रस्ताव पेश किया, जिसे मंजूर करते हुए लोकसभा स्‍पीकर सुमित्रा महाजन ने चर्चा के लिए शुक्रवार का वक्त दिया। इसके बाद लोकसभा में अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर चर्चा होगी और सरकार के पक्ष और विपक्ष में वोटिंग की जाएगी।

देश की संसद में 20 जुलाई को पूरे 15 साल बाद कोई सरकार अविश्वास प्रस्ताव का सामना करेगी। सत्तारूढ़ मोदी सरकार को अपने 4 साल में किसी अविश्वास प्रस्ताव का सामना नहीं करना पड़ा। यही नहीं अपने दम पर पर पूर्ण बहुमत ना होने के बावजूद मनमोहन सिंह सरकार को भी अपने 10 साल में एक बार भी अविश्वास प्रस्ताव का सामना नहीं करना पड़ा था। पिछला अविश्वास प्रस्ताव नवंबर 2003 में अटल बिहारी वाजपेई सरकार के खिलाफ आया था, हालांकि उस अविश्वास प्रस्ताव में भी सरकार कामयाब रही थी।

संसद में शुक्रवार को पेश होने वाले अविश्वास प्रस्ताव को लेकर विपक्ष इस बात पर खुश है कि उसे सदन के अंदर विपक्षी एकता दिखाने का अच्छा मौका मिल जाएगा। हालांकि, कांग्रेस इस बात पर खुश हो सकती है कि उसे NDA में दरार डालने में कामयाबी मिल गयी है। क्योंकि यह अविश्वास प्रस्ताव उस तेलुगू देशम पार्टी की ओर से आया है जो कुछ महीने पहले तक एनडीए सरकार में भागीदार हुआ करती थी। भारतीय जनता पार्टी की सबसे पुरानी सहयोगी शिवसेना भी इस बार भाजपा के खिलाफ खड़ी होगी। इसके साथ ही विपक्ष के बड़े नेता देश के प्रमुख मुद्दों पर एक-एक कर सरकार को घेरने का अवसर भी पा जाएंगे, लेकिन विपक्ष के पास जिस तरह का संख्याबल है, उसमें बहुत मुश्किल है कि वह अपना अविश्वास प्रस्ताव पास करा सके।

इससे पूर्व बुधवार को मॉनसून सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि इस सत्र में देशहित के कई मसलों पर निर्णय होना जरूरी है।

थाईलैंड की गुफा में फंसे कोच सहित सभी बच्‍चों को बचा लिया गया

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थाईलैंड की गुफा में फंसे सभी बच्‍चों और उनके कोच को बचा लिया गया है। तीन दिन तक चले बचाव अभियान के बाद मंगलवार को सभी को बाहर निकाल लेने में कामयाबी मिल गई। थाइलैंड के उत्तर में चियांग राई इलाके की एक गुफ़ा में 23 जून से बच्चों की एक फुटबॉल टीम फंसी हुई थी। पिछले एक पखवाड़े से अधिक समय से इस घटना में तमाम विपरीत परिस्थितियों के बीच जो बचाव अभियान चल रहा था, वह सफलतापूर्व सम्पन्न हो गया तथा दुनिया भर के लोगों ने राहत की सांस ली।

ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरीजा मे पहली ऐसी विश्व नेता हैं जिन्होंने इन किशोरों को बचाने में मिली सफलता पर प्रसन्नता जताई तथा उन गोताखोरों के जज्बे को सलाम किया जिन्होंने अपनी जान को जोखिम में डालकर इन किशोरों को बचाया। मे ने ट्वीट कर कहा, ‘‘थाईलैंड में गुफा में फंसे हुए लोगों का सफलतापूर्वक बचाव किए जाने के कारण प्रसन्न हूं। विश्व देख रहा था तथा इसमें शामिल सभी लोगों को वह सलाम कर रहा है।’’

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर कहा, ‘‘थाईलैंड में खतरनाक गुफा से 12 किशोरों और उनके प्रशिक्षक को सफलतापूर्वक बचाने के लिए अमेरिका की तरफ से थाई नेवी सील और सभी को बधाई।’’

इंग्लैंड के फुटबाल क्लब मैनचेस्टर यूनाटेड ने ‘वाइल्ड बोर्स’ तथा बचाव अभियान में शामिल सभी लोगों को इंग्लैंड आने और क्लब का दौरा करने करने का न्योता दिया. क्लब ने ट्वीट कर कहा, ‘‘कितना खूबसूरत क्षण.. सभी बच गये. महान कार्य।’’

बता दें कि गुफा से सफलतापूर्वक बाहर निकाले गये किशोरों की उम्र 11 से 16 वर्ष के बीच है। ये किशोर फुटबॉल का अभ्यास करने के बाद 23 जून को उत्तरी थाईलैंड के पर्वतीय क्षेत्र में स्थित थाम लुआंग गुफा में चले गये थे। गुफा में अंदर जाने के बाद भारी बारिश होने से बाढ़ का पानी गुफा के भीतर घुस गया और गुफा से निकलने का रास्ता कीचड़ और फिसलन भरा होने के कारण बहुत खतरनाक हो गया।

बचाव दल के प्रमुख नारोंगसाक ओसोतानाकोर्न ने बताया कि एक चिकित्सक तथा तीन थाई नौसेना के गोताखोर भी बाद में गुफा से निकल आये। ये चारों गुफा से सबसे बाद में बाहर आये। इन लोगों ने नौ अंधकारमय दिन गुफा में बिताये। इसके बाद दो ब्रिटिश गोताखोर इन तक पहुंचने में कामयाब हुए। किशोर कमजोर होने के बावजूद काफी उत्साहित नजर आ रहे थे। इन किशोरों में से अधिकतर को तैरना नहीं आता था और किसी के पास गोताखोरी का अनुभव नहीं था। लिहाजा बचावकर्ताओं ने उन्हें मास्क पहनना तथा ऑक्सीजन सिलेंडर की मदद से पानी के भीतर सांस लेने का प्रशिक्षण दिया।

अधिकारियों को इन्हें भीतर से सुरक्षित निकालने की योजना को तैयार करने में बहुत माथा पच्ची करनी पड़ी। इसका कारण था कि उन्हें गुफा के भीतर चार किलोमीटर से अधिक जाना था और कुछ सुरंगें तो बेहद संकरी थीं।

थाई नेवी सील के एक पूर्व गोताखोर की गुफा में आक्सीजन की कमी के चलते शुक्रवार को हुई मौत के कारण बचाव मार्ग के खतरों को लेकर आशंकाएं बहुत बढ़ गयीं थीं। थाईलैंड के प्रधानमंत्री प्रयुत चान ओ चा ने मंगलवार को खुलासा किया कि इन किशोरों को कुछ दवा दी गयी ताकि वे शांत रह सकें। उन्होंने कहा, ‘‘यह मामूली बेहोशी वाली दवा थी ताकि उन्हें उद्विग्नता से बचाया जा सके।’’

अब जबकि सभी लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है, इस विभीषिका से गुजरने वाले लोगों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई जा रही है। विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि दूषित पानी अथवा पक्षियों या चमगादड़ों के मल से संक्रमित होने वाले पानी के कारण फंसे रहे लोगों को खतरनाक संक्रमण हो सकता है।

“भगवान राम भी नहीं रोक पाएंगे रेप की घटनाएं” : भाजपा विधायक

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भारतीय जनता पार्टी के विधायक ने उत्तर प्रदेश में हो रही रेप की घटनाओं को लेकर विवादस्पद बयान दिया है। उत्तर प्रदेश के बलिया से विधायक सुरेंद्र सिंह ने कहा कि भगवान राम भी आ जाएंगे तो भी रेप की घटनाओं पर नियंत्रण संभव नहीं।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बलिया से बीजेपी विधायक ने उन्नाव की यौन उत्पीड़न की घटना के बारे में बात करते हुए कहा कि अब तो भगवान राम भी अगर यूपी में आ जाएं तो भी रेप की घटनाओं पर कंट्रोल करना मुश्किल है।

एएनआई के मुताबिक, सिंह ने कहा कि संस्कारों के बल पर ही रेप जैसी घटनाओं पर कंट्रोल किया जा सकता है। संविधान और कानून के बूते इन घटनाओं को कभी नहीं रोका जा सकता है।

वहीं उन्होंने आगे कहा कि यूपी में खतरनाक अपराधी एनकाउंटर में मारे जा रहे हैं। लेकिन बलात्कारियों के साथ ऐसा नहीं होता है, उन्हें सिर्फ जेल में डाल दिया जाता है।

सुरेंद्र सिंह का ये पहला ऐसा बयान नहीं है। इससे पहले भी वो विवादित बयान दे चुके हैं। सुरेंद्र सिंह ने कहा था कि ऑफिशियल्स से अच्छा चरित्र वैश्याओं का होता है, वह पैसा लेकर कम से कम अपना काम तो करती हैं और स्टेज पर नाचती हैं।

अगले 24 घंटे के लिए मुंबई समेत महाराष्ट्र, गुजरात और केरला में भी भारी बारिश का अलर्ट

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मुबंई समेत पूरे महाराष्ट्र में पिछले कई दिनों से हो रही बारिश के चलते लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले कई दिनों से मुंबई समेत महाराष्ट्र के कई इलाकों में लगातार भारी बारिश हो रही है। जिससे जन जीवन बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। पिछले 24 घंटों में ठाणे में 40 सेमी बारिश हुई।

मौसम विभाग ने कहा कि अगले पांच दिनों में कोंकण, गोवा और मुंबई में भारी बारिश की संभावना है। वहीं भारी बारिश को देखते हुए नागपुर में 12वीं क्लास तक के सभी स्कूलों बंद है और अगले 24 घंटों में शहर में और अधिक बारिश होने की उम्मीद है। इसके अलावा गुजरात और केरल में भी तेज बारिश होने की सम्भावना मौसम विभाग ने जताई है

मुंबई और आस पास के इलाकों में झमाझम बारिश की वजह से जलभराव हो गया है।ट्रेनों की आवाजाही को रोक दिया गया है। सड़कों पर भी ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया गया है।