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मेघालय के 5 बार मुख्यमंत्री रहे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने छोड़ी पार्टी

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नई दिल्ली। भारत के पूर्वोत्तर राज्य मेघालय में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। राज्य के पांच बार मुख्यमंत्री रहे डोनवा देथवेल्सन लपांग ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। लपांग के इस कदम से पार्टी में हड़कंप मच गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता लपांग ने पार्टी नेतृत्व पर ‘वरिष्ठ नेताओं’ को दरकिनार करने का आरोप लगते हुए यह इस्तीफ़ा दिया है।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को गुरुवार रात भेजे अपने इस्तीफे में लपांग ने कहा कि वह ‘‘अनिच्छा और भारी मन से इस्तीफा दे रहे हैं।’’ मेघालय प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एमपीसीसी) के पूर्व प्रमुख ने एआईसीसी पर वरिष्ठ एवं बुजुर्ग लोगों को दरकिनार करने की नीति पर चलने का आरोप लगाया। इस्तीफे वाले पत्र में उन्होंने कहा, ‘‘ मुझे लगता है कि अब वरिष्ठ एवं बुजुर्ग लोगों की सेवा एवं योगदान पार्टी के लिए उपयोगी नहीं रह गई हैं।’’इस्तीफे की प्रतियां उन्होंने मीडिया को भी उपलब्ध कराईं।

लपांग पहली बार 1992 में मेघालय के मुख्यमंत्री बने थे। इसके बाद वह 2003,2007 और 2009 में मुख्यमंत्री पद पर काबिज हुए। एआईसीसी के मेघालय के प्रभारी महासचिव लुइजिन्हो फलेरो ने कहा कि वह पिछले तीन साल से लपांग से नहीं मिले हैं। वहीं एमपीसीसी के अध्यक्ष सेलिस्टिन लिंग्दोह ने लपांग के पार्टी छोड़ने के निर्णय पर हैरानी जताई है।

दाउदी बोहरा समुदाय के धर्मगुरू का दर्शन करने इंदौर पहुंचे प्रधान मंत्री मोदी

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इंदौर। मध्य प्रदेश में दो महीने बाद विधान सभा चुनाव होनेवाले हैं। लिहाजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज इंदौर में दाऊदी बोहरा समुदाय के प्रमुख सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन का दर्शन करने पहुँचे। सैयदना 6 सितम्बर को इंदौर पहुँचे थे। मध्य प्रदेश सरकार ने सैयदना को राजकीय अतिथि का दर्जा दिया है लिहाजा स्थानीय प्रशासन और प्रदेश भाजपा सहित सरकारी अमला सैयदना की खिदमत में लगा हुआ है। वे 25 सितम्बर तक वहाँ रहेंगे। उधर प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व भी राहुल गाँधी की मुलाकात सैयदना से कराने में लगा है।

इंदौर के सैफी मस्जिद में प्रधानमंत्री ने अशारा मुबारक में शिरकत की और दाऊदी बोहरा समुदाय के धर्मगुरू से मुलाकात की। इस मौके पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मौजूद थे। इस दौरान पीएम मोदी ने मस्जिद में एकत्र हुए बोहरा समाज के लोगों को संबोधित भी किया।

पीएम मोदी ने कहा, ‘मुझे बताया गया है कि टेक्नॉलॉजी के माध्यम से देश और दुनिया के अलग-अलग सेंटर्स से भी समाज के लोग जुड़े हैं, आप सभी का भी मैं अभिनंदन करता हूं। इमाम हुसैन के पवित्र संदेश को आपने अपने जीवन में उतारा है और दुनिया तक उनका पैगाम पहुंचाया है। इमाम हुसैन अमन और इंसाफ के लिए शहीद हो गए थे। उन्होंने अन्याय, अहंकार के विरुद्ध अपनी आवाज़ बुलंद की थी।’

बोहरा समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इमाम हुसैन की ये सीख जितनी तब महत्वपूर्ण थी उससे अधिक आज की दुनिया के लिए ये अहम। उन्होंने कहा कि हम पूरे विश्व को एक परिवार मानने वाले, सबको साथ लेकर चलने की परंपरा का मानने वाले लोग हैं। हमारे समाज की, हमारी विरासत की, यही शक्ति है जो हमें दुनिया के दूसरे देशों से अलग करती है।

BJP नेताओं के बयान की वजह से होते हैं अल्पसंख्यकों पर हमले : यूएन की रिपोर्ट

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नई दिल्ली। यूनाइटेड नेशंस के मानवाधिकार एक्सपर्ट की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भाजपा नेताओं के बिगड़े बोल की वजह से अल्पसंख्यकों पर हमले हो रहे हैं। हाल ही में पेश की गई इस रिपोर्ट में भाजपा नेताओं पर गंभीर आरोप लगते हुए कहा गया है कि भाजपा नेता अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ विवादित बयान दे रहे हैं जिसकी वजह से मुसलमानों और दलितों के पर हमले बढ़े हैं। इस रिपोर्ट को यूएन की विशेष समिति के सदस्य टेंडायी एकियम ने तैयार किया है। एकियम का चयन यूएन मानवाधिकार काउंसिल ने किया था।

संयुक्त राष्ट्रसंघ की और से पेश की गयी इस रिपोर्ट को 2017 में यूएन की जनरल एसेंबली के रिजोल्यूशन में तमाम देशों द्वारा नस्लभेद, असहिष्णुता पर दी गई गई रिपोर्ट के आधार पर तैयार किया गया है। अपनी रिपोर्ट में टेंडायी ने कहा है कि हिंदू राष्ट्रवाद को लेकर चलनेवाली पार्टी भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने दलितों और अल्संख्यक समुदायों के खिलाफ विवादित बयान दिए जिसकी वजह से उन्हें हिंसा का निशाना बनाया गया।

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि इस वर्ष मई माह में उन्होंने भारत सरकार को पत्र लिखकर एनआरसी मुद्दे पर बंगाली मुस्लिम अल्पसंख्यकों को लेकर चिंता जाहिर की गयी थी , जिन्हें प्रदेश में विदेशी नागरिक की तरह से देखा जा रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चुनाव आयोग की मतदाता सूची में जिस तरह से इनके नाम शामिल है और वह एनआरसी से गायब है वह चिंता का विषय है। यह भी कहा गया है कि 1997 में भी इस प्रक्रिया को अपनाया गया था, जिसकी वजह से बड़ी संख्या में असम में बंगाली मुसलमानों के अधिकार चले गए थे। असम में जिस तरह से प्रशासन ने एनआरसी रजिस्टर को तैयार किया है उसपर भी सवाल खड़े किए गए। इसमे कहा गया है कि प्रशासन के जो लोग इस प्रक्रिया में शामिल हैं वह मुसलमानों के खिलाफ हैं वह रिपोर्ट में मनमानी कर सकते हैं, जिससे कि उन लोगों के नाम, जो वास्तव में भारत के नागरिक हैं, रजिस्टर से गायब किया जा सकता है।

इंटरनेशनल कोर्ट को अमेरिका की धमकी, कहा – हमारे खिलाफ जांच हुई तो इंटरनेशनल कोर्ट पर लगेगा प्रतिबंध, जज होंगे गिरफ्तार

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वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (आईसीसी) के न्यायाधीशों और वकीलों को धमकी दी है। बोल्टन ने कहा कि अगर अंतरराष्ट्रीय क्रिमिनल कोर्ट अफगानिस्तान में युद्ध लड़ रहे किसी भी अमेरिकी के खिलाफ कथित अपराधों की जांच करता है, तो वे आईसीसी के जजों को गिरफ्तार कर सकते हैं। ट्रंप के सुरक्षा सलाहकार ने हेग (नीदरलैंड का शहर) में स्थित आईसीसी को एक ‘गैरजिम्मेदार’ और ‘बहुत खतरनाक’ बताया है।

सोमवार को वॉशिंगटन में दिए एक भाषण में बोल्टन ने इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) को कड़ी फटकार लगाते हुए उसपर प्रतिबंध लगाने और जजों को गिरफ्तार करने की धमकी दी है। उन्होंने कहा, ‘आज 11 सितंबर (आतंकी हमले) की पूर्व संध्या पर मैं राष्ट्रपति की तरफ से एक साफ संदेश देना चाहता हूं। अमेरिका अपने नागरिकों और अपने सहयोगियों को इस अवैध (आईसीसी) न्यायालय से बचाने के लिए हर जरूरी तरीका अपनाएगा। हम आईसीसी के साथ सहयोग नहीं करेंगे। हम उसकी कोई मदद नहीं करेंगे। हम उसे खुद ही खत्म होने के लिए छोड़ देंगे। वैसे भी अपने इरादों और उद्देश्यों की वजह से आईसीसी हमारे लिए पहले ही खत्म हो चुका है।

बोल्टन ने कहा कि अगर आईसीसी अमेरिका, इजरायल या अन्य किसी देश के खिलाफ कोई कदम उठाता है, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। बोल्टन ने कहा कि अमेरिकी सदस्यों के खिलाफ कोई भी जांच पूरी तरह से निराधार, अन्यायपूर्ण जांच साबित होगी।

बोल्टन ने आगे कहा कि अगर अमेरिका के खिलाफ किसी भी प्रकार की जांच होती है, तो इंटरनेशनव क्रिमिनल कोर्ट को दी जाने वाली फंडिंग को वे रोक देंगे। ट्रंप के सुरक्षा सलाहकार ने धमकी देते हुए कहा, ‘हम पर उनके फंड पर प्रतिबंध लगाएंगे और यूएस क्रिमिनल सिस्टम में उन पर मुकदमा चलाएंगे।’ वॉशिंगटन में फडरेलिस्ट सोसयटी को दिए स्पीच में बोल्टन ने यह भी कहा कि अमेरिका के खिलाफ जांच में आईसीसी की जो भी देश मदद करेगा, उसके साथ भी हम कड़े तरीकों से पेश आएंगे।

बता दें कि अफगानिस्तान में करीब 18 सालों से जंग लड़ रहे अमेरिका के खिलाफ आईसीसी ने पिछले साल नवंबर 2017 में शक के आधार पर हिरासत में लिए लोगों को यातना देने और परेशान करने का आरोप लगाया था। बोल्टन ने कहा कि आईसीसी अपने मन से यह जांच कर रही है, क्योंकि न तो अफगानिस्तान ने और ना ही किसी अन्य देश ने अमेरिका के खिलाफ जांच की मांग की है।

भारत पर बेहतरीन फिल्में विदेशों में बन रही हैं, भारत में नहीं : अनुपम खेर

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बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर इस बात से हैरान हैं कि भारत पर महान फिल्में केवल विदेशी ही बना रहे हैं। सितंबर 2008 में हुए आतंकवादी हमलों पर आधारित ऑस्ट्रेलियाई निर्देशक एंथनी मारस की पहली फीचर फिल्म ‘होटल मुंबई’ के टोरंटो में प्रीमियर पर खेर ने कहा, ‘यह काफी रोचक है कि फिल्म ‘गांधी’ भी विदेशी ने बनाई थी और अब ‘होटल मुंबई’ भी एक विदेशी ने बनाई है। धन्यवाद, एंथनी यह फिल्म बनाने के लिए। यह फिल्म उन सभी को समर्पित एक श्रद्धांजलि हैं, जिन्होंने इस हादसे में अपनों को खो दिया।’

आपको बता दें कि फिल्म ‘होटल मुंबई’ 2009 में निर्मित एक डाक्युमेंट्री सर्विंग मुंबई से प्रेरित है जो 2008 मुंबई के होटल ताज पर हुए आतंकवादी हमले पर आधारित है। इस फिल्म में बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर के अलावा नजिनिन बोनिडी, जेसन इसान और देव पटेल ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं। देव पटेल स्लमडॉग मिलियनेयर में जमाल मालिक की भूमिका निभाकर सुर्खयों में आये थे। इस फिल्म का निर्देशन एन्थोनी मैरास ने किया है जबकि कहानी जॉन कोली और मारस ने लिखी है।

इस संवाददाता सम्मेलन में अनुपम ने खुलासा किया कि ‘होटल मुंबई’ उनके करियर की 501वीं फिल्म है। यह फिल्म 7 सितंबर को टोरंटो अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में दिखाई गई।

आज का दुख, कल का सुख

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आज का दुख, कल का सुख

– किशन शर्मा

देश भर में जिस जिस नगर में सडकों, उड्डान पुलों, या मैट्रो का काम चल रहा है, वहां एक ही संदेश हर थोडी थोडी दूर पर लिखा हुआ दिखाई देता है – “आज का दुख, कल का सुख” । मैं बहुत लंबे समय से इसी ‘कल’ की प्रतीक्षा में हूं । हर दिन सडक पर चलते हुए, या वाहन चलाते हुए जिस असुविधा का सामना करना पडता है, मैं और अन्य सभी नागरिक यही सोच कर सारे कष्टों को सह लेते हैं कि बस आज का दुख है, कल सुख ही सुख होगा ।

मुझ जैसे ज्येष्ठ नागरिक के लिये असमतल और ऊबड-खाबड रास्तों पर चलना किसी भी समय घातक सिद्ध हो सकता है । धूल हर समय उडती रहती है । रात-दिन मैट्रो का काम चलता रहता है और मशीनों की भयंकर कर्कश आवाज़ से रात में सोना भी दुश्वार होता रहता है । अनेक नागरिक इसके विरोध में अदालत में भी गये, परंतु मैट्रो के अधिकारियों ने यह कह कर बात समाप्त कर दी कि समय बद्ध काम के लिये मैट्रो पर ‘ध्वनि प्रदूषण’ के नियम लागू नहीं होते । लगभग एक वर्ष से भी अधिक समय तक उस भयंकर कर्कश आवाज़ को सहने के बाद अब उस आवाज़ में भी सोने की आदत पड गई है । अब तो मुझे यह चिंता सताने लगी है कि जब काम पूरा हो जाने के बाद ये आवाज़ें बंद हो जायेंगी, तब मुझे नींद कैसे आयेगी ? सडकों की चौडाई कम होती चली गई है और मैट्रो के लिये सडक पर जो अवरोधक लगाए गए हैं, वो कहीं भी फ़ैल और सिकुड जाते हैं । इस कारण वाहन चालकों को बहुत ही सतर्क रहना पडता है । अनेक वाहन इस प्रकार के अचानक सिकुडे हुए रास्ते के कारण आपस में टकरा भी जाते हैं ।

दुपहिया वाहन चालक तो कहीं भी और कैसे भी अपने वाहन को घुसा देते हैं । उनके लिये कोई नियम, कानून लागू नहीं होते और मैट्रो के यातायात नियंत्रकों के निर्देशों का पालन तो कम से कम दुपहिया वाहन चालक नहीं ही करते । वो बेचारे अधिक से अधिक सीटी ही बजाते रह जाते हैं । अधिकृत यातायात पुलिस कर्मी और अधिकारी ही जब दुपहिया वाहन चालकों को नियंत्रित नहीं कर पाते, तो बेचारे मैट्रो के यातायात ‘वौलंटीयर’ उनको कैसे नियंत्रित कर सकते हैं ? सडकें कहीं भी, कैसे भी खोद डाली गई हैं और ऐसी असमतल सडकों पर वाहन चलाना किसी सर्कस की कलाबाज़ी से कम नहीं होता । अनेक रास्तों को सुधारा जा रहा था, परंतु वर्तमान स्तिथि कुछ ऐसी है कि यूं लगने लगता है कि रास्तों को सुधारा नहीं, बल्कि बिगाडा जा रहा है । थोडा सा काम करके बीच में ही सडकों को ऊबड-खाबड छोड कर नागरिकों की सतर्कता की परीक्षा क्यों ली जा रही है, यह संबंधित नेता और अधिकारी ही जानते होंगे । अनेक स्थानों पर सडक का आधा हिस्सा कुछ ऊंचा कर दिया गया है, और दूसरा आधा हिस्सा लगभग एक फ़ुट नीचा छोड दिया गया है, जो बहुत ही खतरनाक है । अनेक आधी सडकों पर दोनों तरफ़ का यातायात चलता रहता है और उसी छोटी सी सडक पर वाहन खडे भी कर दिये जाते हैं, लेकिन किसी को कोई चिंता नहीं होती है ।

मैं ऐसी हर जगह पर “आज का दुख, कल का सुख” संदेश पढकर हर दिन उस सुख भरे अदृष्य कल की आशा में सब कुछ सहता रहता हूं । मैं अति कुशल, कर्मशील, दूरदृष्टा, वचन पालक और अति उत्साही नेता नितिन गडकरी जी का प्रशंसक तो हूं, परंतु कभी कभी उनके कुछ वक्तत्व मुझे परेशान कर जाते हैं । अभी उन्होंने कह दिया कि 16 वर्ष के युवा लडके-लडकियों को दुपहिया वाहन चलाने की अनुमति देने का प्रस्ताव है । वैसे बिना अनुमति के भी 13-14 साल के बच्चे स्कूटर और कभी कभी कार भी चलाते हुए दिखाई देते रहते हैं और अनेक बार दुर्घटनाएं भी होती रहती हैं । जिस लापरवाही से अधिकतर युवा लडके-लडकियां वाहन चलाते और यातायात नियमों की धज्जियां उडाते रहते हैं, उस आग में घी डालने का काम 16 वर्ष के युवाओं को वाहन चलाने का अधिकार देने से हो जायेगा । मैंने उनसे निवेदन किया था कि दुपहिया वाहनों की बिक्री को सीमित किया जाये, क्योंकि सडक दुर्घटनाओं में दुपहिया वाहनों का लापरवाही से चलाया जाना एक मुख्य कारण बन गया है ।

ऐसा लगता है कि मंत्री महोदय दुपहिया वाहनों की बिक्री असीमित रूप से बढाने का काम करने के लिये अति उत्साहित होते जा रहे हैं । मैं तो 74वें वर्ष में चल रहा हूं, और मुझे मालूम नहीं कि ईश्वर की तरफ़ से मुझे अभी कितना समय और प्रदान किया गया है; परंतु आज वाला दुख हर दिन देखने और सहने के बाद मुझे समझ में नहीं आ रहा है कि सुख वाला कल मेरे जीवन काल में आ सकेगा या नहीं । बहरहाल, उम्मीद पर दुनिया कायम है और हम सब को भी उम्मीद करते रहना चाहिये कि सुख भरा कल कभी न कभी अवश्य आयेगा ।

901, केदार
यशोधाम एन्क्लेव,
प्रशांत नगर, नागपुर – 440015
मोबाइल – 8805001042

सुपरहिट स्त्री का अब अगला पार्ट बनेगा

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इस साल रिलीज होने वाली बड़ी फिल्मों को कमाई के अनुपात में पीछे छोड़ रही श्रद्धा कपूर-राजकुमार राव के अभिनय से सजी फिल्म ‘स्त्री’ बॉक्स ऑफिस पर सुपर हिट साबित हो रही है।. फिल्म ट्रेड पंडितों के अनुमानित आंकड़ों को पलटकर ‘स्त्री’ उम्मीद ज्यादा कमाने में कामयाब रही है। फिल्म की कामयाबी के बाद इसके डायरेक्टर दिनेश विजान ने फिल्म का सिक़्वल बनाने की घोषणा की है।

एक इंटरव्यू में दिनेश विजान ने कहा, “स्त्री का सीक्वल जरूर बनेगा। फिल्म को कंफ्यूजिंग नोट पर खत्म किया गया है। स्त्री में कई ऐसे पहलू हैं जो फ्रेंचाइजी को आगे ले जाएंगे। आखिरी के दो शॉट्स कहानी को आगे लेकर जा रहे हैं। इन सीन्स के बारे में दूसरे पार्ट में विस्तार से दिखाया जाएगा।”

“सीक्वल में श्रद्धा कपूर की बैक स्टोरी दिखाई जाएगी। उसमें बताया जाएगा कि आखिर वो औरत (स्त्री) कौन है, जो स्टेच्यू के सामने खड़ी रहती है। ये सब सेकंड हाफ में दिखाया जाएगा। फिल्म के क्लाइमेक्स के बारे में लोग जो अनुमान लगा रहे हैं वो गजब के हैं।”

डायरेक्टर ने यह भी खुलासा किया कि स्त्री के सीक्वल में पुरानी स्टारकास्ट देखने को मिलेगी। हालाँकि कास्ट को बढ़ाया भी जा सकता है। बता दें, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर श्रद्धा कपूर के लिए गेमचेंजर साबित हुई है। ‘स्त्री’ ने 4 दिनों में 41.97 करोड़ का बिजनेस किया है। बॉक्स ऑफिस पर स्त्री सुपरहिट हो गई है।

 

शिवपाल ने अपनी गाड़ी से उतारा समाजवादी पार्टी का झंडा

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लखनऊ। हाल ही में समाजवादी पार्टी से अलग होकर समाजवादी सेक्युलर मोर्चा नामक अपनी नयी पार्टी बनाने वाले सपा के कद्दावर नेता शिवपाल यादव ने अब समाजवादी पार्टी से साफ तौर पर किनारा कर लिया है। शिवपाल यादव ने बड़ा कदम उठाते हुए पहले सोशल मीडिया से अपना बायो बदला और फिर आज अपनी गाड़ी से सपा का झंडा हटा कर उन्होंने यह साफ तौर पर साबित कर दिया है।

शिवपाल यादव ने सोशल मीडिया के अपने ट्विटर पेज से समाजवादी पार्टी हटा कर समाजवादी सेक्युलर मोर्चा कर दिया है। बायो में शिवपाल यादव ने समाजवादी नेता की जगह सेक्युलर नेता लिख दिया है। आपको बता दें कि कुछ दिन पहले शिवपाल यादव ने समाजवादी पार्टी से किनारा करते हुए समाजवादी सेक्युलर मोर्चा बनाकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को खुलेआम चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि जिसे भी सपा में या अन्य किसी भी दल में सम्मान न मिल रहा हो वो समाजवादी सेक्युलर मोर्चा में शामिल हो सकता है। पिछले कुछ दिनों से सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और शिवपाल यादव के बीच की रार किसी से छिपी नहीं है। उसके बाद से धीरे-धीरे करके शिवपाल यादव ने सपा से किनारा करना शुरू कर दिया था।

शिवपाल यादव ने मोर्चा का गठन करने के बाद अपने बयान में कहा था कि उत्तर प्रदेश की किस्मत बदलना ही सेक्युलर मोर्चा का उद्देश्य है। किसी भी दल के उपेक्षित, जिन्हें अपने दल में सम्मान नहीं मिल रहा है, चाहे सीनियर हो या जूनियर, वो समाजवादी सेक्युलर मोर्चा में शामिल हो सकते हैं। उनके इस बयान से ये कयास लगाए जा रहे हैं कि वे सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव को भी अपने साथ मोर्चे में शामिल कर सकते है।

रहस्यमय तरीके से सामने आया 9 साल पहले गायब हुआ जहाज

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यह दुनिया अजब-गजब रहस्यों से भरी पड़ी है। कुछ घटनाएं तो ऐसी होती हैं जिन पर लाख माथापच्ची करने के बाद भी वैज्ञानिक उसका कारण नहीं बता पाते अतः उसे दैवीय घटना मान लिया जाता है। पिछले हफ्ते हिंद महासागर में एक अनोखी घटना देखने को मिली। एक ऐसा जहाज जो 9 साल पहले गायब हो गया था, अचानक म्यामांर के पास समुद्र में प्रकट हो गया। दुनियाभर में इस जहाज को लेकर चर्चा हो रही है और इसके बारे में अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं। इस जहाज ने आखिरी बार 2009 में ताईवान के पास अपनी मौजूदगी की खबर दी थी।

म्यामांर समुद्र तट के पास ‘सैम रताउलांगी पीबी 1600’ नामक मालवाहक जहाज जंग लगे हुए हालत में मिला इस जहाज पर ना तो चालक दल का कोई सदस्य दिखा और कोई ना ही कोई सामान। इस पर इंडोनेशिया का झंडा लगा हुआ था।

म्यामांर की वाणिज्यिक राजधानी के तट से करीब 11 किलोमीटर दूर मर्तबान की खाड़ी में सबसे पहले मछुआरों को यह जहाज नजर आया। यांगून पुलिस ने फेसबुक पर एक बयान में कहा कि अधिकारी एवं नौसैनिक कल जहाज पर गये थे ताकि उसके बारे में और जानकारी मिल सके।

बयान के अनुसार यह जहाज बीच पर फंस गया है और उस पर इंडोनेशिया का झंडा लगा है. उस पर कोई नाविक या सामान नहीं है। दुनियाभर में जहाजों की आवाजाही का ब्यौरा रखने वाली मैरीन टैरिफ वेबसाइट के अनुसार यह जहाज 2001 में बना था।

इस जहाज के ट्रांसपोंडर ने 2009 में ताइवान के पास होने की खबर दी थी। उसके बाद फिर इसकी कोई खबर नहीं मिली। काफी खोजबीन के बाद जब इस जहाज का पता नहीं लगा तो यह मान लिया गया कि यह जहाज समुद्र में डूब चुका हैऔर इसके साथ ही इस पर सवार चालक दल के सभी सदस्यों के समुद्र में डूब जाने की संभावना को स्वीकार कर लिया गया। अब अचानक इस जहाज के इस प्रकार प्रकट होने से विशेषज्ञ भी हैरान हैं।

‘बिम्सटेक’ देश आपस में मिलकर जलवायु परिवर्तन की प्रतिकूलता से निपटेंगे

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काठमांडो। नेपाल की राजधानी काठमांडो में हुए दो दिवसीय बिम्सटेक सम्मलेन में भाग लेने वाले सदस्य देशों ने जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभावों से निबटने के लिए पर्यावरण विशेषज्ञों का एक दल गठित करने की संभावनाओं की तलाश पर सहमति प्रकट की है। बिम्सटेक भारत, बांग्लादेश, म्यामांर, श्रीलंका, थाईलैंड और नेपाल का क्षेत्रीय संगठन संगठन है । इन देशों में विश्व की 22 फीसदी जनसंख्या रहती है।

जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभावों को लेकर गंभीर चिंता प्रकट करते हुए भारत सहित बिम्सटेक के छह अन्य सदस्य देशों ने जरुरी सामूहिक कार्रवाई के वास्ते कार्ययोजना तैयार करने के लिए एक अंतर – सरकार विशेषज्ञ दल स्थापित करने की संभावना खंगालने का फैसला किया । दो दिवसीय चौथे बिम्सटेक सम्मेलन के समापन पर जारी काठमांडो घोषणा पत्र के अनुसार सदस्य देशों ने पर्यावरण की रक्षा और उसके संरक्षण के लिए सहयोग बढ़ाने का निश्चय किया । इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हिस्सा लिया ।

घोषणा पत्र के मुताबिक नेताओं ने पर्यावरण के क्षरण, जलवायु परिवर्तन और धरती के बढ़ते तापमान का नाजुक हिमालयी और पर्वतीय पारिस्थितिकियों तथा बंगाल की खाड़ी एवं हिंद महासागर पर प्रतिकूल प्रभावों को लेकर गंभीर चिंता प्रकट की। उसके अनुसार बिम्सटेक देश लोगों के जीवन और उनकी जीविका पर जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभावों का समाधान करने के लिए पर्यावरण को सुरक्षित बचाए रखने के लिए सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए।