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दिल्ली ब्लास्ट का महाराष्ट्र लिंक क्या है? 19 करोड़ का चेक, फेक IAS का ID कार्ड और पाक आर्मी से कनेक्शन…

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नई दिल्ली: लाल किले के पास 10 नवंबर को हुई कार बम विस्फोट की जांच में दिल्ली पुलिस को बड़ा सुराग हाथ लगा है। जांच एजेंसियों को शक है कि इस हमले के तार महाराष्ट्र के संभाजीनगर से जुड़ रहे हैं।

लाल किला ब्लास्ट के तार संभाजीनगर से जुड़े

दिल्ली के लाल किले के पास 10 नवंबर 2025 को हुए कार बम धमाके की जांच में नया मोड़ आया है। दिल्ली पुलिस और महाराष्ट्र ATS को शक है कि इस हमले के तार महाराष्ट्र के संभाजीनगर तक जुड़े हो सकते हैं।

नकली IAS बनकर रह रही थी महिला

संभाजीनगर की एक महिला को गिरफ्तार किया गया है, जो पिछले कई महीनों से फर्जी IAS अधिकारी की पहचान के साथ पुणे-मुंबई के लग्जरी होटलों में रह रही थी। उसने अपना नाम कल्पना भागवत बताया था, लेकिन सभी दस्तावेज़ नकली पाए गए।

पाकिस्तानी सेना और अफगानिस्तान से कनेक्शन

महिला का बॉयफ्रेंड अशरफ खलील पाकिस्तानी नागरिक है और भाई आवेद खलील अफगानिस्तान में रहता है। उसके फोन में पाकिस्तान आर्मी के अधिकारियों, पेशावर आर्मी कैंटोनमेंट बोर्ड और अफगानिस्तान दूतावास के नंबर मिले हैं। कुल 10 अंतरराष्ट्रीय नंबर बरामद हुए।

होटल रूम से मिले हैरान करने वाले सबूत

होटल के कमरे की तलाशी में पुलिस को 19 करोड़ और 6 लाख रुपये के दो चेक, 2017 का नकली IAS नियुक्ति पत्र, फर्जी आधार कार्ड और अशरफ-अवेद के खातों से ट्रांसफर हुई बड़ी रकम के सबूत मिले।

ब्लास्ट के दिन दिल्ली में थी मौजूद

पुलिस के अनुसार, 10 नवंबर को लाल किला ब्लास्ट के वक्त यह महिला दिल्ली में ही थी। वह पिछले छह महीने से लग्जरी होटलों में रह रही थी।

पुलिस ने मांगी लंबी रिमांड

दिल्ली पुलिस ने कोर्ट से महिला की रिमांड मांगी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है या नहीं और लाल किला हमले में उसकी कोई भूमिका या जानकारी तो नहीं थी।

आतंकी हमले में 15 की मौत

10 नवंबर की शाम लाल किला के पास i20 कार में हुए विस्फोट में 15 लोग मारे गए थे और 20 से अधिक घायल हुए थे। मुख्य आरोपी कश्मीरी डॉक्टर मुजम्मिल शकील गनई, अदील राथर, मुजफ्फर राथर और ड्राइवर उमर-उन-नबी पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं।

हरिद्वार के कनखल में भीषण सड़क हादसा, दो युवकों की दर्दनाक मौत, दो गंभीर रूप से घायल

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हरिद्वार : कनखल थाना क्षेत्र के जियापोता गांव के पास देर रात उस वक्त दिल दहला देने वाला हादसा हो गया जब दो बाइकों की आमने-सामने की जोरदार टक्कर के बाद एक बाइक ट्रक की चपेट में और दूसरी बस की चपेट में आ गई। हादसे में दोनों बाइक सवारों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

पुलिस के अनुसार हादसे के समय दोनों बाइकों पर दो-दो लोग सवार थे। टक्कर इतनी भयानक थी कि एक बाइक सवार ट्रक के नीचे कुचल गया, तो दूसरा बस के नीचे दब गया। दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों की शिनाख्त अभी नहीं हो पाई है।

बाकी दोनों घायल बाइक सवारों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत नाजुक बताई है। दोनों को उच्च स्तरीय चिकित्सा के लिए देहरादून रेफर किया जा रहा है।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि ट्रक और बस दोनों ओवरलोड थे और तेज रफ्तार से आ रहे थे। हादसा होने के बाद दोनों बड़े वाहन चालक मौके से फरार हो गए। घटना से इलाके में हड़कंप मच गया और लोगों में भारी आक्रोश है। लोग लगातार लापरवाही करने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

कनखल पुलिस ने दोनों फरार वाहनों (ट्रक व बस) की तलाश शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज की मदद से वाहनों को ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।

उत्तराखंड : धामी कैबिनेट के 7 बड़े फैसले, यहां पढ़ें हर निर्णय

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देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक में 10 में से 7 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक की शुरुआत में कैबिनेट ने राज्य आंदोलनकारी व पूर्व मंत्री दिवाकर भट्ट को 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी।

कैबिनेट के प्रमुख फैसले:

  1. वन्यजीव हमले में मुआवजा बढ़ा अब मृतक के परिजनों को 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि मिलेगी (पहले 6 लाख थी)। घायलों का सम्पूर्ण इलाज खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।
  2. महिला कर्मियों को रात की शिफ्ट की छूट दुकानों-प्रतिष्ठानों में महिलाएं रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक काम कर सकेंगी, बशर्ते लिखित सहमति दें। सुरक्षा के पूरे इंतजाम अनिवार्य।
  3. देहरादून मेट्रो नियो प्रोजेक्ट को हरी झंडी केंद्र के सुझावों को शामिल कर परियोजना को अंतिम मंजूरी। जल्द शुरू होगा काम।
  4. अभियोजन विभाग को मजबूती नए ढांचे को मंजूरी, 86 पदों की स्वीकृति। न्याय व्यवस्था होगी और तेज।
  5. केंद्रीय श्रम संहिता को अपनाया उत्तराखंड दुकान एवं स्थापन अधिनियम में संशोधन कर केंद्र की नई श्रम संहिता को लागू किया जाएगा।

6-7. विधानसभा में रखे जाएंगे प्रतिवेदन

  • ऊर्जा निगम का वार्षिक प्रतिवेदन
  • पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग का वार्षिक लेखा-जोखा

महिला सशक्तिकरण, पीड़ितों को त्वरित राहत और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास – आज की कैबिनेट ने राज्य के हर वर्ग को बड़ी सौगात दी है।

WhatsApp ने जोड़ा कम रोशनी में भी साफ दिखने वाला लो-लाइट मोड

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अगर आप रात में या कम रोशनी वाली जगह पर WhatsApp वीडियो कॉल करते हैं और आपका चेहरा धुंधला या ग्रेनी दिखता है, तो अब ये परेशानी खत्म! WhatsApp ने अपने यूज़र्स के लिए नया “लो-लाइट मोड” फीचर रोलआउट कर दिया है, जो कम रोशनी में भी आपको साफ और ब्राइट दिखाता है। यह फीचर अभी Android और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है।

लो-लाइट मोड कैसे इस्तेमाल करें?

  1. WhatsApp खोलें और किसी भी दोस्त या परिवार वाले को वीडियो कॉल करें।
  2. कॉल कनेक्ट होने के बाद स्क्रीन के ऊपरी दाएं कोने में एक बल्ब का आइकन दिखेगा।
  3. इस बल्ब आइकन पर टैप करें → लो-लाइट मोड तुरंत ऑन हो जाएगा।
  4. इसे बंद करना हो तो दोबारा बल्ब आइकन पर टैप करें।

बस! अब सामने वाला व्यक्ति आपको चाहे अंधेरे कमरे में हों या रात के समय बाहर, बिल्कुल साफ और अच्छी क्वालिटी में देख सकेगा।

ध्यान देने वाली बातें

  • यह एक अस्थायी (temporary) सेटिंग है, यानी हर नई वीडियो कॉल में आपको इसे दोबारा ऑन करना पड़ेगा।
  • एक बार कॉल खत्म होने पर यह अपने आप बंद हो जाता है।

साथ में मिलते हैं ये मज़ेदार फीचर्स भी

WhatsApp ने वीडियो कॉल को और भी मजेदार बनाने के लिए कुछ अतिरिक्त फीचर्स भी दिए हैं:

  • बैकग्राउंड रिमूवर/चेंजर: कॉल के दौरान अपना बैकग्राउंड ब्लर करें या कोई फोटो लगा दें।
  • कलर फिल्टर्स: कई तरह के मजेदार फिल्टर लगाकर कॉल को रंगीन बनाएं।
  • टच-अप मोड: हल्का-सा ब्यूटी इफेक्ट लगाकर खुद को और अच्छा दिखाएं।

इन सभी फीचर्स को इस्तेमाल करने के लिए वीडियो कॉल स्क्रीन पर नीचे की तरफ स्वाइप करें या इफेक्ट्स बटन पर टैप करें। अब देर रात परिवार-दोस्तों से बात करना और भी आसान और साफ हो गया है।

बहादुरगढ़ में जर्जर पोल गिरने से 15 साल के होनहार बास्केटबॉल खिलाड़ी की मौत

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बहादुरगढ़ (झज्जर): रेलवे रोड स्थित शहीद ब्रिगेडियर होशियार सिंह स्टेडियम में रविवार दोपहर एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। अभ्यास के दौरान 15 वर्षीय प्रतिभाशाली बास्केटबॉल खिलाड़ी अमन पर जर्जर बास्केटबॉल पोल अचानक टूटकर गिर पड़ा। पोल सीधे उसके पेट पर लगा, जिससे गंभीर आंतरिक चोटें आईं। रोहतक पीजीआईएमएस में भर्ती कराने के बावजूद सोमवार देर रात अमन ने दम तोड़ दिया।

अमन बहादुरगढ़ के श्रीरामा भारती पब्लिक स्कूल में 10वीं कक्षा का छात्र था। कुछ दिन पहले ही स्कूल की खेलकूद प्रतियोगिता में उसने पदक जीता था। वह परिवार में दो बहनों का इकलौता भाई और सबसे छोटा सदस्य था। पिता सुरेश कुमार डीआरडीओ में ग्रुप-डी कर्मचारी हैं तथा परिवार लाइनपार की वत्स कॉलोनी में रहता है।

कैसे हुआ हादसा?

अमन के चचेरे भाई रोहित ने बताया कि रविवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे अमन रोज की तरह स्टेडियम में अभ्यास करने गया था। महज 10 मिनट बाद परिजनों को सूचना मिली कि बास्केटबॉल पोल टूटकर अमन पर गिर गया है। जर्जर हालत में खड़ा पोल अचानक बीच से टूटा और अमन के पेट पर जा लगा। घायल अवस्था में उसे पहले बहादुरगढ़ नागरिक अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत देखते हुए तुरंत रोहतक पीजीआईएमएस रेफर कर दिया गया।

परिवार का गंभीर आरोप

परिजनों का कहना है कि पीजीआईएमएस में समय पर उचित इलाज नहीं मिला, जिससे अमन की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। जब परिवार ने डॉक्टरों की लापरवाही पर विरोध जताया तो उल्टे उनके खिलाफ ही कार्रवाई करने की धमकी दी गई। मंगलवार को गमगीन माहौल में अमन का अंतिम संस्कार किया गया।

खेल जगत में शोक की लहर, लोगों में रोष

अमन की मौत की खबर से पूरे बहादुरगढ़ में शोक की लहर दौड़ गई। खेल प्रेमी और समाजसेवी गुस्से में हैं। समाजसेवी राजकुमार अरोड़ा ने कहा, “यह स्पष्ट हत्या है, लापरवाही की हत्या। जर्जर खेल उपकरण और विभागीय उदासीनता ने एक होनहार खिलाड़ी की जिंदगी छीन ली। इसकी उच्च स्तरीय जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।”

लोगों ने मांग की है कि स्टेडियम सहित सभी सरकारी खेल मैदानों में उपकरणों और संरचनाओं की तुरंत तकनीकी जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी दोबारा न हो।

रोहतक में भी कुछ महीने पहले हुई थी ऐसी ही घटना

गौरतलब है कि रोहतक जिले के कलानौर क्षेत्र में भी कुछ महीने पहले बिल्कुल इसी तरह का हादसा हुआ था। वहां प्रैक्टिस के दौरान नेशनल लेवल के सब-जूनियर खिलाड़ी हार्दिक राठी पर बास्केटबॉल पोल टूटकर गिर गया था। पोल सीधे उसके सीने पर लगा था। हार्दिक दो बार नेशनल सब-जूनियर खेल चुका था और इंदौर की राष्ट्रीय बास्केटबॉल अ07 अकादमी के लिए हरियाणा से चयनित सिर्फ दो खिलाड़ियों में शामिल था। उस घटना ने भी पूरे खेल जगत को हिला कर रख दिया था।

अब अमन की मौत ने एक बार फिर खेल विभाग और नगर परिषद की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन से मांग की जा रही है कि सभी खेल मैदानों का तुरंत ऑडिट कराया जाए और जर्जर उपकरणों को बदलने का काम युद्धस्तर पर शुरू किया जाए।

ट्रक और स्कॉर्पियो की टक्कर में 5 लोगों की मौत, मृतकों में सेना के दो जवान भी शामिल

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जांजगीर-चांपा : छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया। नेशनल हाईवे-49 पर सुकली गांव के पास देर रात एक ट्रक और स्कॉर्पियो के बीच आमने-सामने की जबरदस्त टक्कर हो गई, जिसमें पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में दो सेना के जवान भी शामिल हैं। हादसे में तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सभी मृतक और घायल नवागढ़ के रहने वाले बताए जा रहे हैं।

हादसे की भयावहता से कांप उठा इलाका

टक्कर इतनी जोरदार थी कि स्कॉर्पियो का सामने का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और वाहन के परखच्चे चारों तरफ बिखर गए। हादसे के बाद मौके पर खून के धब्बे साफ नजर आ रहे थे, जबकि ट्रक सड़क से नीचे उतर गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि रात के सन्नाटे में टक्कर की आवाज सुनकर पूरा इलाका हिल गया। अफरा-तफरी मचते ही ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी।

शादी की खुशी में बदल गया मातम

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मृतक और घायल सभी नवागढ़ के निवासी थे। वे पंतोरा गांव में एक बारात में शामिल होने के लिए स्कॉर्पियो में सवार होकर गए थे। विवाह समारोह के बाद देर रात लौटते समय सुकली के पास यह दर्दनाक हादसा हो गया। मृतकों में राजेंद्र कश्यप (27 वर्ष) और पोमेश्वर जलतारे (33 वर्ष) शामिल हैं, जो सेना में तैनात थे। अन्य मृतकों के नाम अभी स्पष्ट नहीं हो सके हैं, लेकिन सभी एक ही परिवार या समुदाय से जुड़े बताए जा रहे हैं।

पुलिस ने बताया कि स्कॉर्पियो में कुल आठ लोग सवार थे। टक्कर के तुरंत बाद तीन लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि दो अन्य ने अस्पताल पहुंचने पर उपचार के दौरान अंतिम सांस ली। बाकी तीन घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है।

पुलिस ने शुरू की जांच, ट्रक चालक फरार?

जांजगीर पुलिस और स्थानीय थाना प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य कराया। प्रारंभिक जांच में ट्रक की तेज रफ्तार और स्कॉर्पियो के आगे बढ़ने को हादसे का कारण बताया जा रहा है। ट्रक चालक मौके से फरार हो गया है, जिसकी तलाश में पुलिस टीमें लगी हुई हैं। एसपी जांजगीर ने कहा, “हादसे के सटीक कारणों की जांच चल रही है। हम वाहनों के ब्लैक बॉक्स और सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल कर रहे हैं। सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

ग्रामीणों का आरोप: हाईवे पर लापरवाही बरत रहे अधिकारी

स्थानीय ग्रामीणों ने हाईवे पर खराब लाइटिंग और गड्ढों की शिकायत की है। उनका कहना है कि NH-49 पर अक्सर ऐसी दुर्घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन मरम्मत का काम ठप पड़ा है। इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिला प्रशासन ने मृतकों के परिवारों को तत्काल सहायता राशि देने का ऐलान किया है।

यह हादसा छत्तीसगढ़ में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं की कड़ी में एक और उदाहरण जोड़ता है। पिछले कुछ महीनों में राज्य में कई ऐसी घटनाएं घटी हैं, जहां तेज रफ्तार और लापरवाही ने कई जिंदगियां लील लीं। पुलिस ने ड्राइवरों से सावधानी बरतने की अपील की है।

उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दिग्गज नेता दिवाकर भट्ट का निधन, 79 वर्ष की आयु में ली अंतिम सांस

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हरिद्वार/देहरादून : उत्तराखंड राज्य आंदोलन के प्रमुख योद्धा, उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) के संस्थापक सदस्य, पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवाकर भट्ट का आज शाम करीब 4:30 बजे हरिद्वार के तरुण हिमालय स्थित आवास पर निधन हो गया। वे 79 वर्ष के थे।

लंबी बीमारी से जूझ रहे दिवाकर भट्ट पिछले कई दिनों से देहरादून के महंत इंद्रेश अस्पताल में भर्ती थे। आज दोपहर परिजनों ने उन्हें घर लाने का निर्णय लिया। घर पहुंचने के कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ी और उन्होंने अंतिम सांस ली।

1970 के दशक से ही अलग राज्य की लड़ाई में कूदने वाले दिवाकर भट्ट ने वन आंदोलन से लेकर राज्य आंदोलन तक कई बार लंबी जेल यात्राएं कीं। 1995 में श्रीनगर के श्रीयंत्र टापू आंदोलन का नेतृत्व करने के बाद उन्होंने टिहरी की सबसे ऊंची चोटी खैट पर्वत पर आमरण अनशन भी किया था।

राज्य गठन के बाद भाजपा-उक्रांद गठबंधन सरकार में वे कैबिनेट मंत्री रहे और राजस्व, आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विभाग संभाले। खंडूरी सरकार में लागू कठोर भू-कानून के पीछे भी उनकी निर्णायक भूमिका रही। बीएचईएल हरिद्वार में कर्मचारी नेता और कीर्तिनगर के पूर्व ब्लॉक प्रमुख के रूप में भी वे लंबे समय तक सक्रिय रहे।

परिजनों ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार कल हरिद्वार में किया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पूर्व मुख्यमंत्रियों समेत राज्य के सभी प्रमुख नेताओं ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उत्तराखंड राज्य आंदोलन के एक और सिपाही की विदाई।

बिल लाओ-इनाम पाओ” के 1888 विजेताओं को सीएम धामी ने किया सम्मानित

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देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्य सेवक सदन में “बिल लाओ-इनाम पाओ” योजना के विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए। 1 सितंबर 2022 से 31 मार्च 2024 तक चली इस योजना में कुल 1888 उपभोक्ताओं ने इनाम जीते।

मुख्यमंत्री ने विजेताओं को बधाई देते हुए कहा, “हर बिल प्रदेश के विकास में एक ईंट की तरह है। इस योजना ने आम जनता को राजस्व संग्रहण से जोड़कर पारदर्शिता और जागरूकता का बड़ा अभियान बनाया। तीन साल में यह योजना न सिर्फ उपभोक्ता जागरूकता का माध्यम बनी, बल्कि व्यापारी और ग्राहक के बीच साझा जिम्मेदारी का प्रतीक भी बन गई।”

सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में व्यापारियों को प्रोत्साहन, प्रॉफिट और प्रोटेक्शन तीनों मिल रहे हैं। उत्तराखंड में भी ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और व्यापार सुधार कार्ययोजना से निवेश-अनुकूल माहौल बनाया जा रहा है।उन्होंने गर्व जताते हुए बताया कि राज्य ने राजकोषीय अनुशासन में शानदार प्रदर्शन किया है।

  • अरुण जेटली नेशनल इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट में उत्तराखंड “देश के सर्वश्रेष्ठ वित्तीय प्रबंधन वाले राज्यों” में शामिल
  • सतत विकास लक्ष्यों के राष्ट्रीय सूचकांक में उत्तराखंड नंबर-1

मुख्यमंत्री ने सभी से अपील की कि हर खरीदारी पर बिल जरूर लें, ताकि लेन-देन पारदर्शी रहे और राज्य का विकास तेज हो।

योजना के आंकड़े

  • 90 हजार उपभोक्ताओं ने 6.5 लाख बिल अपलोड किए
  • कुल बिल मूल्य : 270 करोड़ रुपये
  • मासिक पुरस्कार : 17 महीने तक हर महीने 1500-1500 रुपये के 1500 विजेता

मुख्य पुरस्कार

  • 02 ईवी कार
  • 16 मारुति आल्टो K-10
  • 20 ईवी स्कूटर
  • 50 मोटरसाइकिल
  • 100 लैपटॉप
  • 200 स्मार्ट टीवी
  • 500 टैबलेट
  • 1000 माइक्रोवेव

कार्यक्रम में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आयुक्त कर सोनिका, विधायक सरिता कपूर सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा, “बिल मांगिए, विकास में भागीदार बनिए।

बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद, बदरीविशाल की जयकारों की गूंज

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चमोली : विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम के कपाट आज ठीक दोपहर 2 बजकर 56 मिनट पर वैदिक मंत्रोच्चार, सेना के बैंड की मधुर धुनों और “जय बदरी विशाल” के गगनभेदी जयकारों के बीच शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए।

इस पावन क्षण के साक्षी बनने हजारों श्रद्धालु बने। कपाट बंद होने से पहले भगवान बदरी विशाल के दरबार को 12 क्विंटल ताजे गेंदे के फूलों से भव्य पुष्प सज्जा की गई थी, जिसकी अलौकिक छटा देख हर कोई मंत्रमुग्ध हो गया।

कपाट बंदी के साथ ही भगवान बदरी विशाल की मूल स्वयंभू शालिग्राम मूर्ति मंदिर में ही विराजमान रहेगी, जबकि उत्सव मूर्ति (चलियाल) को भव्य शोभायात्रा के साथ शीतकालीन प्रवास स्थल जोशीमठ स्थित नृसिंह मंदिर (ज्योतिर्मठ) ले जाया जाएगा। वहीं भगवान उद्धव जी एवं कुबेर जी की उत्सव मूर्तियां पांडुकेश्वर के योगध्यान बदरी मंदिर में छह महीने तक विराजेंगी।

कपाट बंद होने के साथ ही इस वर्ष की चारधाम यात्रा भी विधिवत समाप्त हो गई। अब अगले वर्ष 2026 में ग्रीष्मकाल में जब हिमालय की चोटियां बर्फ से मुक्त होंगी, तब पुनः बदरी विशाल के दर्शन श्रद्धालुओं को प्राप्त होंगे।

‘ये ध्वज सदियों के सपने साकार होने का प्रतीक…’, धर्म ध्वजारोहण कर बोले पीएम

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अयोध्या :श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर आज अभिजीत मुहूर्त में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं भगवा धर्म ध्वज फहराया। 10 फीट ऊंचे और 20 फीट लंबे इस त्रिकोणीय ध्वज पर सूर्य चिह्न, कोविदार वृक्ष और ‘ओम’ अंकित है। ध्वजारोहण के साथ ही पूरा रामनगरी क्षेत्र ‘जय श्रीराम’ के जयकारों से गूंज उठा।

“अब मानसिक गुलामी से मुक्ति का समय” – पीएम ध्वजारोहण के बाद विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “गुलामी की मानसिकता ने सदियों तक हमें राम से दूर रखा। इसी मानसिकता ने राम को काल्पनिक बता दिया। लेकिन आज भारत के कण-कण में राम बस्ते हैं। हमने नौसेना के ध्वज से गुलामी का निशान हटाया, अब अगले 10 सालों में मैकाले की 200 साल पुरानी गुलामी की मानसिकता को पूरी तरह खत्म कर देंगे।”

पीएम ने कहा कि 21वीं सदी की अयोध्या विकसित भारत का मेरुदंड बन रही है। प्राण प्रतिष्ठा के बाद अब तक 45 करोड़ श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। नए रेलवे स्टेशन, वंदे भारत-अमृत भारत ट्रेनों से स्थानीय अर्थव्यवस्था को जबरदस्त बल मिला है।

“राम कोई व्यक्ति नहीं, मर्यादा और दिशा हैं” प्रधानमंत्री ने कहा, “राम यानी जनता का सुख सर्वोपरि, राम यानी विवेक की पराकाष्ठा, राम यानी कोमलता में दृढ़ता, राम यानी सत्य का अडिग संकल्प। यदि हमें विकसित भारत बनाना है तो अपने भीतर राम को जगाना होगा। 2047 में जब देश आजादी के 100 वर्ष मनाएगा, तब तक हमें विकसित भारत बनाना ही होगा।”

मोहन भागवत : आज सार्थकता का दिन इससे पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा, “आज उन सभी की आत्मा को शांति मिली होगी जिन्होंने इस मंदिर के लिए प्राण न्योछावर किए। यह भगवा ध्वज रघुकुल की सत्ता का प्रतीक है। कोविदार वृक्ष हमें याद दिलाता है कि हमें दूसरों के लिए छाया और फल देना है, स्वयं धूप में खड़े रहकर भी।”

सीएम योगी : 500 साल का इंतजार खत्म मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “500 वर्षों में समय बदला, नेतृत्व बदला, लेकिन आस्था नहीं डगमगाई। जब संघ के हाथ में कमान आई तो सिर्फ एक नारा गूंजा – रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे। आज वही संकल्प सिद्ध हुआ।”

ध्वज की खासियत

  • आकार : 10×20 फीट, समकोण त्रिभुज
  • रंग : भगवा
  • चिह्न : उज्ज्वल सूर्य (राम की वीरता का प्रतीक), कोविदार वृक्ष (रघुकुल चिह्न), ‘ओम’
  • स्थान : नागर शैली के मुख्य शिखर पर

कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं लाखों श्रद्धालु उपस्थित रहे। ध्वजारोहण से पहले प्रधानमंत्री ने सरसंघचालक के साथ रामलला का दर्शन-पूजन किया और माता अन्नपूर्णा मंदिर में मत्था टेका।