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कामरेड राजा बहुगुणा नहीं रहे, भाकपा (माले) के केंद्रीय नेता का निधन

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देहरादून, 28 नवंबर 2025: भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन के केंद्रीय कंट्रोल कमीशन के अध्यक्ष और उत्तराखंड में पार्टी के संस्थापक नेताओं में शुमार कामरेड राजा बहुगुणा का आज दिल्ली में निधन हो गया। वे 2023 से लिवर कैंसर से जूझ रहे थे। उनके निधन की खबर से कार्यकर्ता समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई। पार्टी ने कहा, “पार्टी अपना लाल झंडा उस प्रिय कामरेड के सम्मान में झुकाती है, जिनका पूरा जीवन मेहनतकश जनता के संघर्षों को समर्पित था।”

राजनीतिक यात्रा: कॉलेज से क्रांति तक

कामरेड राजा बहुगुणा का राजनीतिक सफर नैनीताल के कॉलेज दिनों से शुरू हुआ। शुरुआत में उनका जुड़ाव युवा कांग्रेस से था, लेकिन 1970 के दशक के तूफानी वर्षों में शासक वर्गीय राजनीति से मोहभंग हो गया। उन्होंने आपातकाल विरोधी आंदोलन और चिपको आंदोलन (वन आंदोलन) से खुद को जोड़ लिया।

उत्तराखंड संघर्ष वाहिनी में शामिल होकर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, किसानों-मजदूरों के अधिकारों और रोजगार के लिए नैनीताल, अल्मोड़ा समेत राज्य के विभिन्न हिस्सों में कई आंदोलनों का नेतृत्व किया। 1980 के दशक में भाकपा (माले) के संपर्क में आने के बाद उन्होंने उत्तराखंड में पार्टी का गठन किया, जब यह क्षेत्र अविभाजित उत्तर प्रदेश का हिस्सा था।

उत्तराखंड राज्य आंदोलन के नायक

उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन में उनकी भूमिका ऐतिहासिक रही। 1980 के दशक में आंदोलन के गतिरोध के दौरान उन्होंने नैनीताल में विशाल रैली आयोजित की। राज्य के भविष्य पर एक महत्वपूर्ण पुस्तिका भी लिखी। उन्होंने उत्तराखंड पीपल्स फ्रंट का गठन किया, जो अलग राज्य की लोकतांत्रिक भावनाओं का प्रतीक बना। वे इंडियन पीपल्स फ्रंट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और उत्तर प्रदेश अध्यक्ष भी रहे।

बिंदुखत्ता में भूमिहीनों को जमीन वितरण का ऐतिहासिक आंदोलन और तराई में महिला हिंसा के खिलाफ ‘महतोषमोड़’ आंदोलन जैसे कई संघर्षों का उन्होंने नेतृत्व किया। पुलिस दमन, लाठियां और जेल यात्राओं का बहादुरी से मुकाबला किया।

चुनौतियां और उपलब्धियां

1989 में पहली बार लोकसभा चुनाव लड़कर उन्होंने अच्छे वोट हासिल किए। 1990 के दशक तक उनकी अगुवाई में पार्टी उत्तराखंड के हर कोने में फैल गई। वे पार्टी के उत्तराखंड राज्य सचिव, केंद्रीय कमेटी सदस्य, ट्रेड यूनियन एक्टू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और एआईपीएफ की केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य रहे। 2023 में पटना के 11वें पार्टी महाधिवेशन में केंद्रीय कंट्रोल कमीशन का अध्यक्ष चुने गए।

शोक और श्रद्धांजलि

कार्यकर्ताओं ने कहा, “कामरेड राजा बहुगुणा ने समतामूलक समाज और जनता के अधिकारों के लिए जीवन समर्पित किया। उनकी विरासत हमें संघर्ष की प्रेरणा देगी।” देहरादून, नैनीताल और अल्मोड़ा में श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की जा रही हैं। अंतिम संस्कार की जानकारी जल्द घोषित होगी।

कनाडा में कपिल शर्मा के कैफे पर फायरिंग मामले में गोल्डी ढिल्लों गैंग का बंधु मान गिरफ्तार, चाइनीज पिस्टल बरामद

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नई दिल्ली : दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए कनाडा में कॉमेडियन कपिल शर्मा के ‘कैप्स कैफे’ पर हुई फायरिंग की साजिश के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी बंधु मान सिंह शेखों (उर्फ बंधु मान सिंह), गोल्डी ढिल्लों गैंग का प्रमुख सदस्य, कनाडा से भारत लौटते ही लुधियाना में धर दबोचा गया। उसके पास से एक हाई-टेक चाइनीज पीएक्स-3 पिस्टल और आठ जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। पुलिस का मानना है कि यह हथियार भारत में आगे की साजिशों के लिए इस्तेमाल होने वाला था।

अंतरराष्ट्रीय साजिश का पर्दाफाश

क्राइम ब्रांच के डीसीपी संजीव यादव के नेतृत्व वाली टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर आरोपी को ट्रैक किया। बंधु मान सिंह शेखों कनाडा के सरे में स्थित कपिल शर्मा के कैफे पर इस साल जुलाई से अब तक हुई तीन फायरिंग घटनाओं का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। पहली घटना 9 जुलाई को हुई, जब जर्मनी स्थित बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के आतंकी हरजीत सिंह लड्डी ने इसे कपिल शर्मा के शो पर कथित टिप्पणियों का बदला बताया। इसके बाद 7 अगस्त और 16 अक्टूबर को दो और हमले हुए, जिसमें गोल्डी ढिल्लों गैंग ने जिम्मेदारी ली।

पुलिस के अनुसार, शेखों ने कनाडा में हमलावरों को हथियार, वाहन और लॉजिस्टिक सपोर्ट प्रदान किया था। हालिया फायरिंग में इस्तेमाल वाहन भी उसके नाम पर रजिस्टर्ड था। वह भारत लौटने के बाद गैंग के नेटवर्क को फिर से मजबूत करने की कोशिश कर रहा था और हाई-प्रोफाइल लोगों को टारगेट करने की प्लानिंग में लगा था। पूछताछ में पता चला कि वह विदेशी बिजनेसमैन और सेलिब्रिटीज को धमकाने वाले एक्सटॉर्शन रैकेट का अहम हिस्सा है। उसके खिलाफ भारत में पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें हथियार तस्करी और गोलीबारी शामिल हैं।

गैंग का धमकी भरा संदेश

कपिल शर्मा का यह कैफे इस गर्मी में कनाडा में उनका पहला अंतरराष्ट्रीय रेस्तरां वेंचर था। हमलों के बाद गोल्डी ढिल्लों ने सोशल मीडिया पर दावा किया, “कैप्स कैफे पर फायरिंग हमने की। हम जनता से कोई दुश्मनी नहीं रखते, लेकिन जो हमें ठगता है या हमारे धर्म के खिलाफ बोलता है, उसके लिए गोलियां तैयार हैं। बॉलीवुड वाले सावधान रहें।” गैंग ने मुंबई में अगला हमला करने की धमकी भी दी थी।

कपिल शर्मा ने हाल ही में अपनी फिल्म ‘किस किसको प्यार करूं 2’ के ट्रेलर लॉन्च पर कहा, “मैं डरता नहीं हूं। कनाडा की पुलिस और फेडरल गवर्नमेंट ने हमारी शिकायत पर संसद में चर्चा की। हर हमले के बाद कैफे की बुकिंग बढ़ गई। लेकिन वहां के नियमों में सुधार की जरूरत है।” कपिल ने इंडस्ट्री और सिक्योरिटी एजेंसियों से मिले समर्थन का जिक्र किया।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग

दिल्ली पुलिस अब हथियारों की सप्लाई चेन, फंडिंग और टारगेट लिस्ट की गहन जांच कर रही है। कनाडाई अथॉरिटीज के साथ कोऑर्डिनेशन बढ़ाया गया है ताकि गैंग के अन्य सदस्यों को पकड़ा जा सके। क्राइम ब्रांच अधिकारी ने बताया, “यह गिरफ्तारी क्रॉस-बॉर्डर क्राइम के खिलाफ बड़ी जीत है। शेखों से पूछताछ में और खुलासे हो रहे हैं।” मृत्यु या चोट की कोई रिपोर्ट नहीं है, लेकिन ये हमले भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा पर सवाल उठा रहे हैं।

प्रशासन ने विदेश में रहने वाले भारतीय बिजनेसमैनों को सतर्क रहने की सलाह दी है। जांच जारी है, और आगे की कार्रवाई के लिए आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए दिल्ली पुलिस से संपर्क करें। यह घटना अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क के खिलाफ भारत की सख्ती को दर्शाती है।

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर भयानक हादसा, तेज रफ्तार डंपर कार पर पलटा, एक ही परिवार के चार लोगों की दर्दनाक मौत

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सहारनपुर : उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर शुक्रवार सुबह एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार से आ रहे खनिज लदे डंपर ने एक कार को टक्कर मार दी, जिसके बाद अनियंत्रित होकर डंपर कार पर ही पलट गया। इस भीषण दुर्घटना में सहारनपुर के सैय्यद माजरा गांव के एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर कुछ देर के लिए यातायात ठप हो गया, और बचाव कार्य में पुलिस व स्थानीय लोगों को खासी मशक्कत करनी पड़ी।

डंपर चालक की लापरवाही बनी कारण

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मृतक परिवार कार से कहीं बाहर घूमने या किसी काम से जा रहा था। सहारनपुर के सैय्यद माजरा गांव के निवासी चारों सदस्य सुबह-सुबह एक्सप्रेसवे पर गांव की सीमा पार कर रहे थे, तभी देहरादून की दिशा से तेज रफ्तार में आ रहे एक डंपर ने कार को देखा। डंपर चालक ने अचानक ब्रेक लगाने की कोशिश की, लेकिन अधिक स्पीड के कारण वाहन का संतुलन बिगड़ गया। परिणामस्वरूप, डंपर सीधे कार के ऊपर पलट गया और कार पूरी तरह उसके नीचे दब गई।

हादसा इतना भयावह था कि कार के परखच्चे उड़ गए, और चारों यात्रियों—परिवार के सदस्यों—की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों के नामों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस कर रही है, लेकिन प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, ये सभी एक ही परिवार से थे। डंपर चालक बाल-बाल बच गया, लेकिन उसे भी मामूली चोटें आई हैं। पुलिस ने डंपर को जब्त कर लिया है और चालक से पूछताछ शुरू कर दी है।

बचाव कार्य में मशक्कत, यातायात बाधित

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, एनएचएआई की टीम और जेसीबी मशीनें घटनास्थल पर पहुंचीं। क्षतिग्रस्त कार को डंपर के नीचे से निकालने में करीब एक घंटे का समय लग गया। एक्सप्रेसवे पर दोनों दिशाओं में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिसके कारण सहारनपुर-दिल्ली मार्ग पर जाम की स्थिति बन गई। यातायात बहाल होने में दो घंटे से अधिक समय लग गया।

सहारनपुर के एसएसपी और एनएचएआई अधिकारियों ने बताया कि हादसे के कारणों की गहन जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में डंपर की अधिक स्पीड और चालक की लापरवाही मुख्य कारण नजर आ रही है। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, और परिजनों को सूचना दे दी गई है।

एक्सप्रेसवे पर बढ़ते हादसे चिंता का विषय

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार वाहनों और लापरवाही के कारण हादसे बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि निर्माणाधीन हिस्सों में स्पीड लिमिट का पालन न करना और अचानक ब्रेकिंग इन दुर्घटनाओं को न्योता दे रही है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने सभी प्रमुख एक्सप्रेसवेज पर स्पीड चेकिंग अभियान तेज करने का ऐलान किया है। साथ ही, चालकों से अपील की गई है कि स्पीड लिमिट का पालन करें और सावधानी बरतें।

मृतकों के परिजन सदमे में हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं। प्रशासन ने परिवार को सरकारी सहायता देने का आश्वासन दिया है। अधिक अपडेट के लिए स्थानीय पुलिस या एनएचएआई से संपर्क करें। यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता की आवश्यकता पर जोर देता है।

उत्तराखंड में सड़क हादसों का कहर: चमोली में 2 ममेरे भाइयों की दर्दनाक मौत, हरिद्वार में 2 दिनों में 4 की जान गई

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चमोली/हरिद्वार : उत्तराखंड में सड़क सुरक्षा को लेकर लगातार उठ रही चिंताओं के बीच चमोली जिले के बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर बिरही के पास देर रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार स्विफ्ट कार और बाइक के बीच जोरदार टक्कर में दो ममेरे भाइयों की मौके पर ही मौत हो गई।

बिरही हादसे में दो युवकों की दर्दनाक मौत

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार रात करीब 9 बजे रामणी नंदानगर के निवासी राहुल (28 वर्ष, पुत्र भवान सिंह) और उनका ममेरा भाई कमल सिंह (27 वर्ष, पुत्र रणजीत सिंह) किसी रिश्तेदार की शादी में शामिल होकर निजमुला से बाइक पर घर लौट रहे थे। जब वे बिरही में बीआरओ कैंप के पास पहुंचे, तभी चमोली की ओर से आ रही तेज रफ्तार स्विफ्ट कार ने उनकी बाइक को जबरदस्त टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी भयानक थी कि कमल सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, गंभीर रूप से घायल राहुल को चमोली थाने की पुलिस और स्थानीय लोगों ने तुरंत जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचाया। लेकिन अत्यधिक खून बहने के कारण राहुल ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा भरकर मोर्चरी में रखवा दिया है। शुक्रवार को पोस्टमार्टम होगा। चमोली पुलिस ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है और कार चालक के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

हरिद्वार में 2 दिनों में 3 हादसों से 4 लोगों की मौत

उत्तराखंड में सड़क हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे। चमोली के इस हादसे से ठीक पहले हरिद्वार जिले में दो दिनों में तीन अलग-अलग दुर्घटनाओं में 4 लोगों की जान चली गई।

  • पहला हादसा (गुरुवार सुबह): पासपोर्ट बनवाने जा रहे दो भाइयों की बाइक एक अन्य बाइक से टकरा गई। सड़क पर गिरे दोनों भाइयों को तेज रफ्तार डंपर ने कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
  • दूसरा हादसा (गुरुवार देर शाम): एक व्यापारी अपने परिवार के साथ कार से जा रहे थे। रास्ते में एक पिकअप वाहन ने उनकी कार को टक्कर मार दी। हादसे में व्यापारी की मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
  • तीसरा हादसा (बुधवार): पथरी इलाके के निर्भय फार्म के पास एक कार ने बाइक सवार इदरीश को टक्कर मार दी। हादसे में इदरीश की मौके पर ही मौत हो गई।

बढ़ते हादसों पर सवाल

ये हादसे तेज रफ्तार, लापरवाही और वाहनों के बीच टक्कर के कारण हुए। विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में संकरी सड़कें, अंधेरा और वाहन चालकों की लापरवाही इन दुर्घटनाओं को बढ़ावा दे रही हैं। उत्तराखंड पुलिस ने सतर्कता बरतने की अपील की है, लेकिन जनता में सड़क सुरक्षा को लेकर गुस्सा बढ़ रहा है।

पुलिस और प्रशासन ने सभी जिलों में वाहन चेकिंग अभियान तेज करने का ऐलान किया है। मृतकों के परिजनों ने न्याय की मांग की है। अधिक जानकारी के लिए स्थानीय पुलिस से संपर्क करें।

दिल्ली-एनसीआर में जहरीली हवा का कहर: 80% लोग बीमार, राजधानी से पलायन की हो रही तैयारी – नई रिपोर्ट में डरावने आंकड़े

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नई दिल्ली: सर्दियों का मौसम शुरू होते ही दिल्ली-एनसीआर की हवा फिर से जहर बन गई है। एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) ‘सीवियर’ कैटेगरी में पहुंच चुका है, और इसका असर न सिर्फ सांसों पर, बल्कि पूरे परिवारों की जिंदगी पर पड़ रहा है। एक ताजा सर्वे के मुताबिक, 80% से ज्यादा लोग प्रदूषण से पीड़ित हैं, जबकि 80% परिवार शहर छोड़ने की योजना बना रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे ‘अदृश्य महामारी’ बता रहे हैं, जो किडनी, हृदय और फेफड़ों को चुपचाप नष्ट कर रही है।

स्वास्थ्य पर डरावना असर: हर घर में बीमारी का साया

स्मिटन पल्सएआई की नवीनतम रिपोर्ट (नवंबर 2025) में 4,000 से ज्यादा लोगों के सर्वे से खुलासा हुआ है कि दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद में रहने वाले 80% निवासी प्रदूषण के कारण लगातार स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। इनमें क्रॉनिक खांसी, सांस लेने में तकलीफ, थकान और श्वसन तंत्र की जलन शामिल हैं।579152 लोकलसर्कल्स के एक अन्य सर्वे में 18,000 से ज्यादा परिवारों से पूछा गया कि पिछले चार हफ्तों में कितने सदस्य प्रदूषण से प्रभावित हुए। नतीजा चौंकाने वाला: 80% घरों में कम से कम एक व्यक्ति बीमार पड़ा, जबकि 40% परिवारों में चार या इससे ज्यादा सदस्यों को दिक्कत हुई।

डॉक्टरों का कहना है कि यह हवा सांस लेने के बराबर है रोजाना 10 सिगरेट पीने का। फोर्टिस हॉस्पिटल्स और सिफार के विशेषज्ञों के अनुसार, प्रदूषण किडनी पेशेंट्स के लिए दोहरा खतरा है – यात्रा के दौरान संक्रमण का जोखिम बढ़ जाता है, और ब्लड प्रेशर अनियंत्रित हो जाता है। महिलाओं में प्रजनन क्षमता प्रभावित हो रही है, जबकि बच्चों को न्यूरोलॉजिकल नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों पर असर सबसे ज्यादा है, जहां सालाना हजारों असामयिक मौतें हो रही हैं।

राजधानी से पलायन: 80% लोग कर रहे प्लानिंग

प्रदूषण का बोझ सिर्फ स्वास्थ्य तक सीमित नहीं। वही सर्वे बताता है कि 80% लोग दिल्ली-एनसीआर छोड़ने पर विचार कर रहे हैं या पहले ही शिफ्ट हो चुके हैं। वजह? बढ़ते मेडिकल खर्च, लाइफस्टाइल में बदलाव और ‘पॉल्यूशन टैक्स’ – जैसे एयर प्यूरीफायर, मास्क और दवाओं पर होने वाला खर्च। मिडिल क्लास परिवार शिक्षा या किराने के बीच चयन करने को मजबूर हैं। स्वगत सरंगी, स्मिटन पल्सएआई के को-फाउंडर कहते हैं, “यह परिवारों के लिए असंभव फैसले थोप रहा है। गुणवत्ता जीवन नष्ट हो रही है।”

AQI का हाल: अभी भी ‘हैजर्डस’, कोई राहत नहीं

आज सुबह 1 बजे आनंद विहार में AQI 400 से ऊपर था, जो ‘हैजर्डस’ कैटेगरी में आता है। नोएडा में 413, ग्रेटर नोएडा में 443 दर्ज किया गया।2df149 PM2.5 लेवल WHO की सीमा से 20 गुना ज्यादा है।04ec23 प्रदर्शनकारी 9 नवंबर को इंडिया गेट पर उतरे, सरकार पर डेटा छिपाने और कार्रवाई न करने का आरोप लगाया।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ, आगे क्या?

विशेषज्ञों का मानना है कि स्रोत जैसे पराली जलाना, वाहन उत्सर्जन, निर्माण धूल और फैक्ट्रियां समस्या की जड़ हैं। ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) स्टेज-3 लागू है, लेकिन क्लाउड सीडिंग जैसी कोशिशें नाकाम रहीं। डॉक्टर सलाह देते हैं: घर पर रहें, मास्क लगाएं, और आउटडोर एक्टिविटी बंद करें। सरकार को सख्त कदम – जैसे पुराने वाहनों पर बैन – बढ़ाने की जरूरत है।

क्या एकनाथ शिंदे फिर बनेंगे मुख्यमंत्री? फडणवीस सरकार के मंत्री के बयान से चढ़ा सियासी पारा

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महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव से पहले सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन में खटास साफ दिख रही है। बीजेपी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना एक-दूसरे के नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल कर रहे हैं, जिससे दोनों दलों के बीच तल्खी बढ़ गई है।

इसी बीच शिवसेना कोटे के मंत्री दादा भूसे ने नंदुरबार में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे आज भी लोगों के दिलों पर राज करते हैं।

भूसे ने दावा किया, “आज भी अगर आप किसी से पूछें कि उनके दिल में सबसे प्रिय मुख्यमंत्री कौन हैं, तो जवाब मिलेगा – एकनाथ शिंदे। चिंता न करें, जो किस्मत में लिखा है, वो होकर रहेगा। बहुत जल्द हम एकनाथ शिंदे को फिर से महाराष्ट्र का नेतृत्व करते देखेंगे।”

उन्होंने शिंदे की तारीफ में कहा कि वे ऐसे मुख्यमंत्री थे जो दिन में 20-22 घंटे काम करते थे और देर रात तक लोगों से मिलते थे। यह बयान ऐसे समय में आया है जब महायुति के अंदर सीट बंटवारे और प्रत्याशियों को लेकर खींचतान चल रही है।

श्री बदरीनाथ धाम यात्रा का समापन: आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी एवं श्री गरूड़ जी पहुंचे ज्योतिर्मठ

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श्री बदरीनाथ धाम यात्रा 2025 का हुआ समापन

• शीतकालीन यात्रा होगी शुरू: ऋषि प्रसाद सती 

• आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी पहुंची श्री नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ।बीते कल बुधवार देर शाम को ज्योर्तिमठ पहुंची थी भगवान नारायण के वाहन श्री गरूड़ जी की देव डोली देवपुजाई समिति, रैकवाल पंचायत एवं श्रद्धालुओं ने की पुष्प वर्षा।IMG 20251127 WA0096

ज्योर्तिमठ: 27 नवंबर। मंगलवार 25 नवंबर को श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के बाद आज गुरूवार सुबह को योग बदरी पांडुकेश्वर से आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी सेना के बैंड के भक्तिमय उदघोष के साथ अपराह्न को श्री नृसिंह मंदिर ज्योर्तिमठ पहुंच गयी।

अपने संदेश में श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी के गद्दी के ज्योर्तिमठ पहुंचने तथा श्री बदरीनाथ धाम यात्रा के समापन पर शुभकामनाएं दी।बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने बताया कि योग बदरी पांडुकेश्वर तथा श्री नृसिंह मंदिर ज्योर्तिमठ में बीकेटीसी दिशा निर्देशों के तहत शीतकालीन पूजा व्यवस्थायें की जा रही है।

आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी के श्री नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ पहुंचने पर बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती तथा मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गिरीश चौहान ने आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी तथा रावल जी सहित आगंतुकों की अगवानी कर स्वागत किया।  बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद  सती ने बताया कि पूजा-अर्चना  पश्चात आदि गुरु शंकराचार्य गद्दी  तथा श्री गरूड़ जी     शीतकालीन गद्दीस्थल  में विराजमान हो गये जहां शीतकाल में गद्दी के दर्शन होंगे तथा श्री नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ में शीतकालीन पूजायें भी शुरू होंगी।

आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी का गोविंद घाट, श्री विष्णु प्रयाग, ग्रीफ केंप मारवाड़ी में तथा लोअर मार्केट ज्योर्तिमठ,में आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी का भब्य स्वागत हुआ।

इससे पूर्व बीते बुधवार 26 नवंबर देर शाम को भगवान नारायण के प्रिय वाहन श्री गरूड़ जी महाराज सजधज कर श्री बदरीनाथ धाम से डोली में श्री नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ पहुंचे। रैंकवाल पंचायत अध्यक्ष अनूप पंवार, सोनू बजवाड़ी,देवेद्र पंवार,आलोक पंवार आदि रैंकवाल पंचायत पदाधिकारियों ने श्री गरूड़ जी की देव डोली को श्री बदरीनाथ धाम से श्री ज्योर्तिमठ तक पहुंचाया।

जहां देवपुजाई समिति अध्यक्ष अनिल नंबूरी के नेतृत्व एवं अगवानी में विष्णु वाहन श्री गरूड़ जी का भब्य स्वागत हुआ। इसी शाम भगवान गरूड़ के साथ भगवान नारायण का पवित्र खजाना भी ज्योर्तिमठ पहुंच गया। इस अवसर पर बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, सदस्य देवी प्रसाद देवली, पूर्व धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल,वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश कपरवाण,मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गिरीश चौहान, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी विजेंद्र बिष्ट, देव पुजाई समिति उपाध्यक्ष प्रकाश सती, सचिव प्रकाश नेगी कोषाध्यक्ष आशीष सती,श्री नृसिंह मंदिर प्रभारी संदीप कप्रवाण, लेखाकार भूपेंद्र रावत, सहायक लेखाकार संदेश मेहता, पुजारी सुशील डिमरी,अजय सती प्रदीप बिष्ट,प्रदीप राणा आदि मौजूद रहे।

बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि 25 नवंबर को श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के बाद 26 नवंबर को श्री उद्धव जी एवं श्री कुबेर जी की देव डोली तथा आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी धाम से शीतकालीन पूजा स्थल योग बदरी पांडुकेश्वर प्रस्थान हुई। श्री उद्धव जी योगबदरी मंदिर पहुंचे तथा श्री कुबेर जी पांडुकेश्वर स्थित अपने मंदिर में विराजमान हो गये रैंकवाल पंचायत पदाधिकारी विष्णु वाहन श्री गरूड़ जी की देव डोली के साथ देर शाम श्री नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ पहुंचे।

आज 27 नवंबर अपराह्न को आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी पांडुकेश्वर से श्री नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ पहुंची। आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी के साथ रावल अमरनाथ नंबूदरी, धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान,प्रभारी धर्माधिकारी स्वयंबर सेमवाल, वेद पाठी रविंद्र भट्ट, नायब रावल सूर्यराग नंबूदरी, दफेदार हरेंद्र कोठारी,विकास सनवाल सहित श्रद्धालुजन ज्योर्तिमठ पहुंचे।
आज शाम को बदरीनाथ धाम रावल अमरनाथ नंबूदरी ने गढ़वाल स्काउट स्थित मां दुर्गा तथा भगवान विष्णु मंदिर में पूजा-अर्चना की इस अवसर पर मंदिर समिति धर्माधिकारी वेद पाठी आचार्य सेना के अधिकारी जवान पूजा-अर्चना में शामिल हुए सेना ने रावल एवं आचार्यों का स्वागत किया।

लोक सेवा आयोग से चयनित 178 अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री ने प्रदान किये नियुक्ति पत्र

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देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित अर्थ एवं संख्या, कृषि एवं उद्यान तथा महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के 178 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। जिसमें अर्थ एवं संख्या विभाग के 117, कृषि विभाग के 12 उद्यान विभाग के 30 तथा महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के 19 अभ्यर्थी शामिल है।

उन्होंने नवनियुक्त अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि सभी ईमानदारी, निष्ठा एवं समर्पण के साथ दायित्वों का निर्वहन कर उत्तराखंड को विकसित, आत्मनिर्भर एवं देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।

मुख्यमंत्री ने नव-चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण, विश्वसनीय एवं समयबद्ध आँकड़े ही योजनाओं की प्रभावी रूपरेखा, क्रियान्वयन और मूल्यांकन का आधार हैं तथा अर्थ एवं संख्या विभाग राज्य में डेटा संग्रह एवं विश्लेषण का नोडल विभाग होने के कारण अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि सहायक सांख्यिकी अधिकारी सरकार की विभिन्न योजनाओं और नीतियों के प्रभाव का आकलन कर तंत्र को तथ्यपरक फीडबैक उपलब्ध कराएँ, ताकि आवश्यकतानुसार सुधारात्मक कदम समय पर उठाए जा सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पिछले साढ़े चार वर्षों के दौरान साढ़े 26 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी सेवा में अवसर प्रदान किए गए हैं, जो राज्य के गठन के बाद पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल की तुलना में दोगुने से भी अधिक हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने नकल माफियाओं पर कड़ा प्रहार करते हुए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है, जिससे भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, गति और विश्वसनीयता सुनिश्चित हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, नई स्टार्टअप एवं उद्यमिता नीति, नई पर्यटन नीति, कृषि एवं फल उत्पादन तथा होम-स्टे जैसी योजनाओं के माध्यम से राज्य में रोजगार एवं स्वरोजगार के व्यापक अवसर सृजित हुए हैं, जिसके परिणामस्वरूप प्रदेश में रिवर्स माइग्रेशन के आँकड़ों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

मेडिकल कॉलेजों की मान्यता के लिए रिश्वतखोरी मामला: ED की 10 राज्यों में 15 ठिकानों पर छापेमारी

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नई दिल्ली : प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को दिल्ली सहित देश के 10 राज्यों में 15 अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई मेडिकल कॉलेजों को मान्यता दिलाने के लिए बड़े पैमाने पर चल रही रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के एक मामले में की गई है। इसमें राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के कुछ अधिकारियों के नाम भी सामने आए हैं।

ED की यह कार्रवाई केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की उस FIR पर आधारित है, जिसे 30 जून 2025 को दर्ज किया गया था। PMLA (धन शोधन निवारण अधिनियम) के तहत चल रही इन तलाशियों में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, राजस्थान, बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली शामिल हैं।

छापेमारी कहाँ-कहाँ हुई?

  • सात निजी मेडिकल कॉलेजों के परिसर और कार्यालय.
  • CBI की FIR में नामजद कुछ मध्यस्थों (बिचौलियों) और निजी व्यक्तियों के ठिकाने.
  • कुछ सरकारी अधिकारियों से जुड़े परिसर.

CBI की FIR में क्या खुलासा हुआ?

16 पन्नों की FIR में कुल 35 आरोपियों के नाम दर्ज हैं। मुख्य आरोप यह है कि NMC और स्वास्थ्य मंत्रालय के कुछ अधिकारियों ने मोटी रकम की रिश्वत लेकर मेडिकल कॉलेजों को गोपनीय निरीक्षण रिपोर्ट, निरीक्षण तारीख और निरीक्षकों के नाम पहले ही लीक कर दिए। इससे कॉलेज प्रबंधनों को कमी दूर करने का मौका मिल जाता था, जिसमें शामिल थे:

    • फर्जी फैकल्टी दिखाना या प्रॉक्सी शिक्षक खड़ा करना.
    • बायोमेट्रिक अटेंडेंस में हेरफेर.
    • निरीक्षण के दिन अस्पताल में नकली मरीज भरना.
    • जरूरी उपकरण और सुविधाएँ अस्थायी तौर पर किराए पर लेकर दिखाना.

CBI के अनुसार यह एक सुनियोजित आपराधिक साजिश थी, जिसमें सरकारी अधिकारी, बिचौलिये और निजी मेडिकल कॉलेजों के मालिक/प्रतिनिधि मिले हुए थे। गोपनीय फाइलों की नकल कर कॉलेजों को दी जाती थी, ताकि वे मानकों में कमी होने के बावजूद NMC से मान्यता हासिल कर सकें।

मामला क्यों गंभीर है?

जांच एजेंसियों का कहना है कि इस तरह की भ्रष्ट प्रथाएँ देश में मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता को गंभीर रूप से प्रभावित कर रही हैं। मानकों से छेड़छाड़ के कारण अक्षम डॉक्टर तैयार हो रहे हैं, जो सीधे जन स्वास्थ्य पर असर डालता है।

फिलहाल ED की तलाशी जारी है। सूत्रों के मुताबिक कई डिजिटल उपकरण, दस्तावेज और नकदी बरामद होने की संभावना है। मामले में जल्द ही गिरफ्तारियाँ भी हो सकती हैं।

देवभूमि सीएससी सेंटर सील, निरीक्षण में मिली गंभीर अनियमितताएं

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देहरादून: जिलाधिकारी सविन बंसल के सख्त निर्देश पर जिले भर में कॉमन सर्विस सेंटर्स (सीएससी) पर चलाए जा रहे छापेमारी अभियान के तहत सहारनपुर रोड माजरा स्थित देवभूमि सीएससी सेंटर को सील कर दिया गया।

निरीक्षण में खुली पोल

उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी और तहसीलदार सदर सुरेंद्र देव के नेतृत्व में पहुंची प्रशासनिक टीम ने केंद्र पर गहन जांच की। इस दौरान कई गंभीर खामियां सामने आईं।

चुनाव से जुड़े दस्तावेज बरामद

केंद्र पर निर्वाचन संबंधी संवेदनशील दस्तावेज मिले, लेकिन संचालक अब्दुल वसीम और आसिफ इनके बारे में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।

रेट लिस्ट-पंजिका गायब, नियमों की धज्जियां

  • सेवा शुल्क की रेट लिस्ट कहीं नहीं लगी थी.
  • प्रमाण-पत्र जारी करने की पंजिका का कोई रिकॉर्ड नहीं.
  • लेन-देन और अभिलेखों में भारी अनियमितता.

संचालक के नाम से था केंद्र

सीएससी आईडी 275623770017 अब्दुल वसीम के नाम से रजिस्टर्ड यह केंद्र था। प्रशासन ने इसे तत्काल प्रभाव से सील करते हुए ताला जड़ दिया।

अग्रिम आदेश तक बंद रहेगा संचालन

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अगले आदेश तक इस केंद्र का कोई भी संचालन नहीं होगा। उपभोक्ताओं से अधिक शुल्क वसूली और पारदर्शिता की कमी के आरोप भी जांच के दायरे में हैं।

जिलाधिकारी का सख्त संदेश

जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा, “जनसेवा केंद्रों पर किसी भी तरह की अनियमितता या उपभोक्ता शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पारदर्शिता और जनहित सर्वोपरि है। पूरे जिले में यह अभियान लगातार चलेगा और जहां भी गड़बड़ी मिलेगी, ताला लगेगा।