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उत्तराखंड: ड्रग्स के खिलाफ महाअभियान शुरू, UPES में पहली बड़ी ड्रग टेस्टिंग ड्राइव

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  • मुख्यमंत्री के ‘नशा-मुक्त उत्तराखंड’ विज़न को साकार करने ज़िला प्रशासन ने उठाए सख़्त कदम।

  • किसी भी छात्र के ड्रग-पॉजिटिव पाए जाने पर कॉलेज डीन/प्रिंसिपल पर भी FIR और कानूनी कार्रवाई तय।

देहरादून : जिलाधिकारी सविन बंसल के नेतृत्व में देहरादून जिला प्रशासन ने नशे के खिलाफ ज़ोरदार मुहिम छेड़ दी है। रविवार को यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज़ (UPES) में बड़े स्तर पर छात्र-छात्राओं की ड्रग टेस्टिंग की गई। यह अभियान अब जिले के सभी स्कूल, कॉलेज और उच्च शिक्षण संस्थानों में रोस्टर के आधार पर लगातार चलेगा।

मुख्य फैसले और निर्देश

  • अगर किसी संस्थान में कोई छात्र ड्रग-पॉजिटिव पाया गया तो संबंधित डीन/प्रिंसिपल/संस्थान स्वामी के खिलाफ तुरंत आपराधिक मुकदमा दर्ज होगा।
  • सभी शिक्षण संस्थानों में एंटी-ड्रग्स कमेटी अनिवार्य, जिसमें एक छात्र और एक छात्रा को भी शामिल करना ज़रूरी।
  • स्कूल-कॉलेज के आसपास और संवेदनशील इलाकों में CCTV लगाने के आदेश।
  • रात्रि में ट्रैफिक चेकिंग के दौरान भी ड्रग टेस्टिंग होगी।
  • सभी मेडिकल स्टोर पर 10 दिन के अंदर CCTV अनिवार्य, नहीं लगाने पर लाइसेंस रद्द।
  • दवा फैक्टरियों और मेडिकल स्टोर की सघन जांच अभियान शुरू।

नई पहलें

  • बच्चों के लिए राज्य का पहला समर्पित नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र (Rehabilitation Centre) जल्द शुरू होने की प्रक्रिया शुरू।
  • रायवाला में 30 बेड का नशा मुक्ति एवं मानसिक स्वास्थ्य केंद्र पहले से चल रहा है।
  • AIIMS ऋषिकेश के साथ MoU – 10 बेड 7 दिन इंटेंसिव थेरेपी के लिए रिज़र्व।
  • जिला डी-एडिक्शन सेंटर हेल्पलाइन: 9625777399

 हेल्पलाइन: 1933

जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा, “नशा अब सिर्फ व्यक्तिगत समस्या नहीं, बल्कि समाज के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। खासकर किशोरों और युवाओं को इस लत से बचाना हमारी प्राथमिकता है। इसके लिए हम ज़ीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहे हैं।”

तेज़ रफ़्तार मर्सिडीज़ ने फुटपाथ पर सो रहे तीन लोगों को रौंदा, एक की मौत, दो गंभीर

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नई दिल्ली: दक्षिण दिल्ली के पॉश इलाके बसंत कुंज में रविवार तड़के करीब 2 बजे एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ। नेल्सन मंडेला मार्ग पर तेज़ रफ़्तार मर्सिडीज़ G63 कार अनियंत्रित होकर फुटपाथ पर चढ़ गई और वहाँ सो रहे तीन लोगों को कुचल दिया।

हादसे में उत्तराखंड के चमोली निवासी 23 साल के रोहित की मौके पर ही मौत हो गई। बाकी दो घायल – जो एम्बियंस मॉल के एक रेस्तरां में काम करते हैं – गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं।

पुलिस ने क्या बताया?

  • कार चला रहा 29 साल का शिवम (करोल बाग निवासी) अपनी पत्नी और बड़े भाई के साथ शादी से लौट रहा था।
  • कार उसके दोस्त अभिषेक की थी।
  • तेज़ गति के कारण ड्राइवर का गाड़ी पर नियंत्रण ख़त्म हो गया, कार पहले एक खंभे से टकराई और फिर फुटपाथ पर चढ़ गई।
  • पुलिस ने शिवम को मौके से हिरासत में ले लिया है।
  • IPC की संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

पुलिस घटना की गहन जांच कर रही है और CCTV फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। इलाके में एक बार फिर तेज़ रफ़्तार लग्ज़री गाड़ियों से होने वाले हादसों पर सवाल खड़े हो गए हैं।

नेशनल हेराल्ड केस में नया मोड़: दिल्ली पुलिस EOW ने सोनिया-राहुल सहित 7 पर दर्ज की FIR

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दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) ने नेशनल हेराल्ड मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सैम पित्रोदा सहित तीन अन्य व्यक्तियों और तीन कंपनियों के खिलाफ नई FIR दर्ज की है। यह FIR प्रवर्तन निदेशालय (ED) की आधिकारिक शिकायत और PMLA की धारा 66(2) के तहत मिली जांच रिपोर्ट के आधार पर दर्ज की गई है।

मुख्य आरोप

यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड (YIL) नाम की कंपनी के जरिए कांग्रेस से जुड़ी एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) पर धोखाधड़ी से कब्जा करने की आपराधिक साजिश।

AJL की लगभग 2,000 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति पर मात्र 50 लाख रुपये में नियंत्रण हासिल करने का आरोप।

कोलकाता की कथित शेल कंपनी Dotex Merchandise Pvt Ltd ने यंग इंडियन को 1 करोड़ रुपये दिए थे, जिसके बदले YIL ने कांग्रेस पार्टी को सिर्फ 50 लाख रुपये चुकाकर AJL का अधिग्रहण कर लिया।

ED की चार्जशीट पर 16 दिसंबर को फैसला

इसी मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट की विशेष पीएमएलए अदालत ने ED की पूरक चार्जशीट पर संज्ञान लेने का फैसला एक बार फिर टाल दिया है। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगवे अब 16 दिसंबर 2025 को इस पर अंतिम आदेश सुनाएंगे।

ED ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सैम पित्रोदा, सुमन दुबे समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को इस मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी बनाया है। कोर्ट ने नए आपराधिक कानून BNSS की धारा 223 के तहत सभी आरोपियों को संज्ञान से पहले अपना पक्ष रखने का मौका देने का फैसला किया है, जिसे अदालत ने निष्पक्ष सुनवाई का हिस्सा बताया है।

इस तरह नेशनल हेराल्ड मामला एक बार फिर सुर्खियों में है, जिसमें अब EOW की नई FIR और ED की चार्जशीट पर कोर्ट का आने वाला फैसला अहम होगा।

उत्तराखंड : टमाटर लदा पिकअप की खाई में गिरा, 1 की मौत, 2 घायल

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विकासनगर : हरिपुर कोटि-इच्छाडी मोटर मार्ग पर शनिवार सुबह छिबरोऊ के पास टमाटर से लदा पिकअप वाहन खाई में गिर गया। इस हादसे में वाहन सवार एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया है।

घटना का पूरा विवरण

पुलिस के अनुसार, हादसा शनिवार सुबह करीब 8 बजे हुआ। विकासनगर मंडी की ओर जा रहा टमाटर लदा पिकअप वाहन अचानक अनियंत्रित हो गया और गहरी खाई में समा गया। तेज रफ्तार और सड़क पर कीचड़ होने के कारण चालक का वाहन पर नियंत्रण खो गया।

ग्रामीणों ने बचाई जानें

हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने साहस दिखाते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और घायलों को वाहन से बाहर निकाला। मृतक की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है, जबकि घायलों का इलाज चल रहा है।

पुलिस जांच जारी

विकासनगर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में वाहन की तेज गति और सड़क की खराब स्थिति को हादसे का कारण बताया जा रहा है। पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।

दिल्ली ब्लास्ट मामला : उत्तराखंड की इस मस्जिद के इमाम को ले गई दिल्ली पुलिस, आतंकी से क्या है कनेक्शन?

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नई दिल्ली/हल्द्वानी : दिल्ली के लाल किले के पास 10 नवंबर को हुए कार ब्लास्ट मामले में दिल्ली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। आतंकी उमर उन नबी से जुड़े मोबाइल कॉल डिटेल की जांच में पुलिस को हल्द्वानी के संवेदनशील इलाके बनभूलपुरा के बिलाली मस्जिद के इमाम के संपर्क का सुराग मिला। शुक्रवार देर रात ढाई बजे दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम और एलआईयू (एलायंस इंटेलिजेंस यूनिट) ने संयुक्त रूप से दबिश देकर इमाम को हिरासत में ले लिया। सूत्रों के अनुसार, इमाम को पूछताछ के लिए दिल्ली ले जाया गया है।

हल्द्वानी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

दबिश के बाद इलाके की संवेदनशीलता को देखते हुए शनिवार सुबह ही भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल, सीओ लालकुआं दीपशिखा अग्रवाल के नेतृत्व में लालकुआं, कालाढूंगी, हल्द्वानी, मुखानी और काठगोदाम थानों की टीमें बनभूलपुरा पहुंचीं। अचानक फोर्स की मौजूदगी से स्थानीय निवासी सहम गए। पुलिस ने बिलाली मस्जिद और इमाम के आवास पर कड़ी निगरानी रखी है। एसपी सिटी ने बताया, “दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई की है। एहतियातन सुरक्षा बढ़ाई गई है, स्थिति नियंत्रण में है।”

दिल्ली ब्लास्ट का पूरा घटनाक्रम

10 नवंबर को शाम करीब 6:50 बजे लाल किले के बाहर एक कार में विस्फोट हो गया, जिसमें 13 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हुए। सीसीटीवी फुटेज में विस्फोट के ठीक पहले ट्रैफिक की हलचल दिखाई देती है, उसके बाद एक जबरदस्त धमाका हुआ। केंद्र सरकार ने इसे आतंकी घटना घोषित करते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दिया। प्रारंभिक जांच में विस्फोट स्थल से टीएटीपी (ट्राइसेटोन पर्क्साइड) जैसे विस्फोटक के अवशेष मिले।

मुख्य आरोपी उमर उन नबी की भूमिका

मुख्य आरोपी डॉ. उमर उन नबी पुलवामा (जम्मू-कश्मीर) का निवासी है, जो फरीदाबाद के अल-फलाह यूनिवर्सिटी में पढ़ाता था। डीएनए विश्लेषण से पुष्टि हुई कि कार में मौजूद शव उमर का ही था। जांच एजेंसियों के अनुसार, उमर जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के ‘डॉक्टर मॉड्यूल’ का हिस्सा था, जिसमें फरीदाबाद और कश्मीर के कई डॉक्टर शामिल थे। विदेशी हैंडलर्स के संपर्क में होने का भी खुलासा हुआ। एनआईए का मानना है कि फरीदाबाद में हुई छापेमारी के बाद घबराहट में उमर ने समय से पहले विस्फोट कर दिया।

एनआईए की कार्रवाइयां

एनआईए ने मामले में तेजी दिखाई है। मुख्य आरोपी आमिर राशिद अली को रिमांड पर लिया गया, जो उमर को सुरक्षित ठिकाना और लॉजिस्टिक सपोर्ट देता था। इसके अलावा, उमर के सहयोगी जासिर बिलाल वानी को 10 दिन की कस्टडी मिली, जो जेईएम के लिए ओवरग्राउंड वर्कर बनने से इनकार कर चुका था। श्रीनगर से एक अन्य सह-षड्यंत्रकारी को गिरफ्तार किया गया, जो आतंकी हमलों में तकनीकी सहायता देता था। शोपियां से मौलवी इरफान अहमद, जो पूर्व पैरामेडिक था, को पोस्टर सप्लाई और डॉक्टरों को कट्टर बनाने के आरोप में पकड़ा गया। फरीदाबाद के सोयब को भी हरबोरिंग के लिए गिरफ्तार किया गया। पुलवामा में उमर के घर को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया।

जांच में नया मोड़

उमर के मोबाइल कॉल डिटेल से हल्द्वानी कनेक्शन उजागर होने से जांच को नया आयाम मिला है। एनआईए और दिल्ली पुलिस संयुक्त रूप से बड़े नेटवर्क की तलाश में जुटी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीड़ितों से मुलाकात की और दोषियों को सजा दिलाने का आश्वासन दिया।

दिसंबर 2025 में 18 दिन बंद रहेंगे बैंक, पहले से बना लें प्लान

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नई दिल्ली/लखनऊ/देहरादून : आने वाला दिसंबर महीना बैंक जाने वालों के लिए थोड़ा मुश्किल रहने वाला है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की छुट्टियों की लिस्ट के अनुसार, दिसंबर 2025 में कुल 18 दिन बैंक बंद रहेंगे। इनमें रविवार, दूसरा-चौथा शनिवार के साथ-साथ क्रिसमस और कई राज्यों के स्थानीय त्योहार शामिल हैं।

हालांकि घबराने की जरूरत नहीं है – UPI, नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, ATM और डेबिट-क्रेडिट कार्ड पूरी तरह काम करते रहेंगे। सिर्फ ब्रांच में जाने वाले काम जैसे पासबुक अपडेट, चेक जमा-क्लियरिंग, लॉकर विजिट या नकद लेन-देन प्रभावित होंगे।

दिसंबर 2025 में बैंक कब-कब बंद रहेंगे?

1 दिसंबर (सोमवार) – ईटानगर, कोहिमा

3 दिसंबर (बुधवार) – गोवा (सेंट फ्रांसिस जेवियर उत्सव)

7 दिसंबर (रविवार) – पूरे देश में

12 दिसंबर (शुक्रवार) – शिलांग

13 दिसंबर (दूसरा शनिवार) – पूरे देश में

14 दिसंबर (रविवार) – पूरे देश में

18 दिसंबर (गुरुवार) – शिलांग (मृत्यु स्मृति दिवस)

19 दिसंबर (शुक्रवार) – गोवा (गोवा मुक्ति दिवस)

20 दिसंबर (शनिवार) – सिक्किम (लोसूंग/नामसूंग फेस्टिवल)

21 दिसंबर (रविवार) – पूरे देश में

24 दिसंबर (बुधवार) – आइजोल, कोहिमा, शिलांग (क्रिसमस ईव)

25 दिसंबर (गुरुवार) – क्रिसमस – पूरे देश में बैंक बंद

26 दिसंबर (शुक्रवार) – आइजोल, कोहिमा, शिलांग

27 दिसंबर (चौथा शनिवार + क्रिसमस सेलिब्रेशन) – कोहिमा + पूरे देश में

28 दिसंबर (रविवार) – पूरे देश में

30 दिसंबर (मंगलवार) – शिलांग

31 दिसंबर (बुधवार) – आइजोल, इंफाल

सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य

इस बार पूर्वोत्तर राज्य (मेघालय, नगालैंड, मिजोरम, सिक्किम) और गोवा में सबसे ज्यादा छुट्टियां हैं। उत्तर भारत के बड़े शहरों (दिल्ली, लखनऊ, चंडीगढ़, देहरादून आदि) में मुख्य रूप से सिर्फ रविवार, दूसरा-चौथा शनिवार और 25 दिसंबर की छुट्टी ही लागू होगी – यानी करीब 6-7 दिन।

ऐसे निपटाएं काम

सैलरी क्रेडिट, बिल पेमेंट, EMI आदि के लिए ऑटो-डेबिट पहले से सेट कर लें।

अगर चेक जमा करना है या लॉकर जाना है तो दिसंबर के पहले हफ्ते में निपटा लें।

नकदी की जरूरत हो तो ATM से पहले निकाल लें, क्योंकि लंबे वीकेंड में ATM में कैश खत्म होने की शिकायतें आती हैं।

बैंक यूनियनों ने भी ग्राहकों से अपील की है कि जरूरी ब्रांच संबंधी काम नवंबर के आखिरी दिनों में ही पूरा कर लें, ताकि दिसंबर में परेशानी न हो।

उत्तराखंड: DM का सख्त रुख, HDFC Ergo को 8.11 लाख की RC, 5 दिन में कर्ज माफी नहीं तो सम्पत्ति कुर्क-नीलामी

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देहरादून : जिलाधिकारी सविन बंसल ने बीमा क्लेम न चुकाने और विधवा को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप में HDFC Ergo General Insurance Company Ltd. के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। DM ने कंपनी के नाम 8 लाख 11 हजार 709 रुपये की रिकवरी सर्टिफिकेट (RC) जारी करते हुए तहसीलदार सदर को भू-राजस्व बकाया की तरह वसूली के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी है कि पांच दिन के अंदर ऋण माफी (क्लेम सेटलमेंट) नहीं किया गया तो कंपनी की सम्पत्ति कुर्क कर नीलाम कर दी जाएगी।

मामला विकासनगर क्षेत्र की रहने वाली सुप्रिया नौटियाल (पत्नी स्व. प्रदीप रतूड़ी) का है। उनके पति ने वाहन खरीदने के लिए HDFC Bank से 8,11,709 रुपये का लोन लिया था। बैंक ने अनिवार्य बीमा के नाम पर HDFC Ergo General Insurance से पॉलिसी नंबर CI 24-14680 और सर्व सुरक्षा प्लस क्लेम नंबर RR-CI 24-14680891 के तहत बीमा कराया था।

प्रदीप रतूड़ी की मृत्यु के बाद जब सुप्रिया ने क्लेम मांगा तो कंपनी ने कोई दस्तावेज भौतिक रूप से नहीं दिए और क्लेम भी खारिज कर दिया। इसके बावजूद बैंक ने विधवा से पूरी किश्तें वसूलने और गाड़ी उठा लेने की धमकी देनी शुरू कर दी। 9 साल की मासूम बेटी की यह विधवा माँ परेशान होकर 15 नवम्बर को जिलाधिकारी के जनता दर्शन में पहुंची और गुहार लगाई।

शिकायत की जांच में बीमा धोखाधड़ी के स्पष्ट प्रमाण मिले। DM ने इसे गम्भीरता से लेते हुए तुरंत RC जारी कर दी और कहा कि बीमित ऋण होने के बाद भी आम जनता को प्रताड़ित करने की इजाजत किसी बैंक या इंश्योरेंस कंपनी को नहीं दी जाएगी।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जिले में ऋण बीमा धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों पर अब कड़ाई से नकेल कसी जाएगी। कई अन्य बैंक और इंश्योरेंस कंपनियां भी उनके रडार पर हैं। ऐसे प्रकरणों में आगे सम्पत्ति कुर्की, नीलामी और जरूरत पड़ी तो शाखा सीज करने तक की कार्रवाई होगी।

विधवा सुप्रिया नौटियाल ने जिलाधिकारी का आभार जताते हुए कहा कि कई महीनों से मानसिक प्रताड़ना झेल रही थीं, अब उन्हें न्याय की उम्मीद जगी है।

UKSSSC पेपर लीक मामले में सहायक प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI की पहली कार्रवाई

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देहरादून : उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएससी) की स्नातक स्तरीय परीक्षा पेपर लीक मामले में शुक्रवार को सीबीआई ने बड़ा कदम उठाया। सहायक प्रोफेसर सुमन चौहान को गिरफ्तार कर लिया गया, जो इस मामले में सीबीआई की पहली गिरफ्तारी है। सुमन पर आरोप है कि उसने मुख्य आरोपी खालिद के लिए पेपर हल किया था। इससे पहले दून पुलिस ने खालिद और उसकी बहन साबिया को गिरफ्तार कर लिया था, और दोनों वर्तमान में न्यायिक अभिरक्षा में जेल में हैं।

घटना का पूरा घटनाक्रम

यह मामला 21 सितंबर 2025 को आयोजित यूकेएसएससी स्नातक स्तरीय परीक्षा से जुड़ा है। परीक्षा के दौरान पेपर का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद बेरोजगार संघ ने पेपर लीक का आरोप लगाया। रायपुर थाने में मुकदमा दर्ज होने के बाद जांच शुरू हुई, जिसमें पता चला कि पेपर हरिद्वार के बहादरपुर जट स्थित परीक्षा केंद्र से बाहर आया था।

षड्यंत्र का खुलासा

जांच में सामने आया कि परीक्षार्थी खालिद ने केंद्र में पहले से छिपाए गए मोबाइल से पेपर की तस्वीर अपनी बहन साबिया को भेजी। साबिया ने इसे सहायक प्रोफेसर सुमन चौहान को सौंपा, जो टिहरी गढ़वाल के शहीद श्रीमति हंसा धनई राजकीय महाविद्यालय में पढ़ाती थी। 22 सितंबर को पुलिस ने सुमन को हिरासत में लिया और पूछताछ के बाद खालिद और साबिया को गिरफ्तार किया गया।

सुमन की भूमिका पर सवाल

पहली जांच में पुलिस ने पाया था कि सुमन इस षड्यंत्र में जानबूझकर शामिल नहीं थी और उसे यह पता नहीं था कि पेपर किसी प्रतियोगी परीक्षा से संबंधित है। इस आधार पर उसे जांच में सहयोग के नाम पर छोड़ दिया गया था। हालांकि, सीबीआई की गहन जांच में सुमन की भूमिका पर शक गहराया और उसे षड्यंत्र में शामिल पाया गया।

सीबीआई जांच की मांग और कार्रवाई

पेपर लीक के बाद युवाओं ने आठ दिन तक सीबीआई जांच की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धरनास्थल पर पहुंचकर सीबीआई जांच की संस्तुति की थी। औपचारिकताएं पूरी होने के बाद सीबीआई ने 26 अक्तूबर को मुकदमा दर्ज किया। अब सुमन को गिरफ्तार कर स्पेशल जज सीबीआई की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

आगे की कार्रवाई

सीबीआई इस मामले की गहन जांच जारी रखे हुए है और अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है। इस घटना से उत्तराखंड में सरकारी नौकरी की परीक्षाओं पर सवाल उठ रहे हैं, और छात्रों में आक्रोश व्याप्त है।

सोलर रेडिएशन का असर, एयरबस का अलर्ट: इंडिगो-AI के 250 विमानों की उड़ानें प्रभावित होने की आशंका

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नई दिल्ली : हवाई यात्रियों को बड़े स्तर पर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। विमान निर्माता कंपनी एयरबस ने दुनिया भर में संचालित हो रहे अपने लोकप्रिय ए-320 परिवार के विमानों के लिए तत्काल सॉफ्टवेयर अपडेट का निर्देश जारी किया है। इस कदम से भारतीय विमानन कंपनियों एअर इंडिया और इंडिगो की हजारों उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं, क्योंकि दोनों के बेड़े में सैकड़ों ए-320 विमान हैं।

एयरबस ने शुक्रवार को घोषणा की कि उसके सबसे ज्यादा बिकने वाले ए-320 विमानों की एक बड़ी संख्या में सॉफ्टवेयर में बदलाव अनिवार्य रूप से किया जाना चाहिए। उद्योग के सूत्रों के अनुसार, यह अपडेट दुनिया भर में परिचालनरत 6,000 से अधिक ए-320 विमानों पर लागू होगा, जो कुल बेड़े का आधे से ज्यादा हिस्सा है। इस प्रक्रिया में समय लगने के कारण कई उड़ानों में देरी या रद्दीकरण की स्थिति पैदा हो सकती है।

भारतीय एयरलाइंस पर सीधा असर

भारत में ए320 विमान घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की रीढ़ हैं। इंडिगो के बेड़े में 300 से अधिक और एअर इंडिया के पास 100 से ज्यादा ए320 विमान हैं। दोनों कंपनियों ने पहले ही यात्रियों के लिए सलाह जारी कर दी है। इंडिगो ने सोशल मीडिया पर कहा, “हम एयरबस के निर्देशों का पालन कर रहे हैं और यात्रियों को समय पर जानकारी देते रहेंगे। कृपया अपनी उड़ान की स्थिति ऐप या वेबसाइट पर जांचें।” वहीं, एअर इंडिया ने भी यात्रियों से धैर्य रखने और वैकल्पिक उड़ानों पर नजर रखने की अपील की है।

विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में घरेलू उड़ानों का 20-30 प्रतिशत हिस्सा प्रभावित हो सकता है, खासकर व्यस्त हवाई अड्डों जैसे दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद पर।

वैश्विक स्तर पर हलचल

यह समस्या केवल भारत तक सीमित नहीं है। जापान की प्रमुख एयरलाइंस ऑल निप्पॉन एयरवेज (ANA) ने पहले ही 65 उड़ानें रद्द कर दी हैं। यूरोप और अमेरिका की अन्य कंपनियां जैसे ब्रिटिश एयरवेज, लुफ्थांसा और डेल्टा एयरलाइंस भी अपडेट प्रक्रिया शुरू कर रही हैं। एयरबस के प्रवक्ता ने कहा, “यह सॉफ्टवेयर अपडेट विमानों की सुरक्षा और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है। हम सभी ऑपरेटरों के साथ समन्वय में काम कर रहे हैं।”

क्या है समस्या?

हालांकि एयरबस ने समस्या का विस्तृत विवरण नहीं बताया, लेकिन सूत्रों के अनुसार यह सॉफ्टवेयर से जुड़ी एक तकनीकी खामी है, जो उड़ान नियंत्रण प्रणाली को प्रभावित कर सकती है। अपडेट प्रक्रिया में प्रत्येक विमान पर 4-6 घंटे लग सकते हैं, जिसके कारण एयरलाइंस को बेड़े का एक हिस्सा ग्राउंड करना पड़ेगा।

यात्रियों के लिए सलाह

  • उड़ान से पहले ऑफिशियल ऐप या वेबसाइट पर स्थिति जांचें।
  • वैकल्पिक उड़ानों की जानकारी लें।
  • हवाई अड्डे पर समय से पहुंचें।
  • यात्रा बीमा होने पर दावा करने की तैयारी रखें।

विमानन मंत्रालय ने भी एयरलाइंस को निर्देश दिए हैं कि वे यात्रियों को अधिकतम सुविधा दें और मुआवजे का पालन करें। स्थिति पर नजर रखी जा रही है, और अगले अपडेट में और स्पष्टता मिलने की उम्मीद है।

दिल्ली के जहरीले प्रदूषण पर राहुल गांधी का केंद्र पर तीखा हमला, संसद में बहस की मांग

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नई दिल्ली : संसद के शीतकालीन सत्र से ठीक पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली-एनसीआर के बढ़ते वायु प्रदूषण पर केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने इसे ‘स्वास्थ्य आपातकाल’ बताते हुए संसद में तुरंत और विस्तृत बहस की मांग की। राहुल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘चुप्पी’ पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब बच्चे जहरीली हवा में सांस ले रहे हैं, तब सरकार की जिम्मेदारी और तत्परता क्यों नजर नहीं आ रही?

‘बच्चे थक चुके, डरे हुए और गुस्से में’

राहुल गांधी ने अपने आवास पर दिल्ली की कई माताओं से मुलाकात की और उनकी चिंताओं का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया। वीडियो में राहुल कहते नजर आ रहे हैं, “हर मां एक ही बात कहती है- उसका बच्चा जहरीली हवा में पल रहा है। बच्चे थक चुके हैं, डरते हैं और गुस्सा भी हैं। भारत के बच्चे सामने ही घुट रहे हैं। मोदी जी, आप चुप कैसे रह सकते हैं?”

माताओं ने बताया कि प्रदूषण से बच्चों की सेहत पर गंभीर असर पड़ रहा है। एक महिला ने कहा, “यह पुरानी और गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है, लेकिन सरकार से कोई सलाह या निर्देश नहीं आते। पूरी पीढ़ी प्रभावित हो रही है, फिर सरकार चुप क्यों है?” राहुल ने सहमति जताते हुए कहा कि दिल्ली में गरीब हो या अमीर, सभी एक ही जहरीली हवा में सांस ले रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ शक्तिशाली हितधारक प्रदूषण से फायदा उठा रहे हैं, इसलिए समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा। आम नागरिक संगठित नहीं हैं, इसलिए उनकी आवाज दब जाती है।

संसद में बहस और ठोस कदमों की मांग

X पर पोस्ट में राहुल ने लिखा, “दिल्ली की हवा बेहद खराब है। यह स्वास्थ्य आपातकाल के हालात हैं। संसद में तुरंत विस्तृत बहस और सख्त एक्शन प्लान जरूरी है।” उन्होंने कहा कि वे खुद उसी हवा में सांस लेते हैं और समस्या किसी से छिपी नहीं। राहुल ने केंद्र से तत्काल कार्रवाई की अपील की, जिसमें अंतर-राज्यीय समन्वय, निर्माण कार्यों पर रोक और स्वास्थ्य सलाह शामिल हो।

दिल्ली का AQI: 15 दिनों से ‘बहुत खराब’

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, दिल्ली पिछले 15 दिनों से ‘बहुत खराब’ हवा झेल रही है। एयर क्वालिटी अर्ली वॉर्निंग सिस्टम के मुताबिक, आने वाले हफ्ते में भी AQI 300 से ऊपर रहने की चेतावनी है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि जहरीली हवा से सांस लेने में दिक्कत, फेफड़ों की क्षमता में कमी और दिल-अस्थमा के मरीजों में खतरा बढ़ रहा है। बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।

विपक्ष एकजुट, सरकार पर दबाव बढ़ा

राहुल की मांग पर अन्य विपक्षी दलों ने समर्थन जताया है। शीतकालीन सत्र (1 दिसंबर से) में यह मुद्दा गरमाने की पूरी संभावना है। दिल्ली सरकार ने भी केंद्र से जीएसटी में छूट और केंद्रीय सहायता की मांग की है। विशेषज्ञों का कहना है कि मौसमी कारकों के अलावा पराली जलाना, वाहनों का धुआं और उद्योगों से निकलने वाला प्रदूषण मुख्य कारण हैं।