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3 दिसंबर को देहरादून में कांग्रेस का महासम्मेलन, “संविधान बचाओ, लोकतंत्र बचाओ, शामिल होंगे बड़े नेता

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देहरादून कांग्रेस ने केंद्र की मोदी सरकार पर संविधान और लोकतंत्र को कमजोर करने का गंभीर आरोप लगाते हुए 3 दिसंबर को देहरादून में कांग्रेस का महासम्मेलन होगा। पार्टी के अनुसूचित जाति विभाग के तत्वावधान में राजीव भवन (प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय) में सुबह 11 बजे से “संविधान बचाओ, लोकतंत्र बचाओ” विशाल सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है।

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (संगठन) एवं AICC सदस्य सूर्यकांत धस्माना ने बताया कि पिछले 11 वर्षों से संविधान पर लगातार हमले हो रहे हैं। भाजपा-आरएसएस के कृत्यों से लोकतंत्र खतरे में है। कांग्रेस का हर कार्यकर्ता संविधान की रक्षा के लिए किसी भी हद तक बलिदान देने को तैयार है।

कांग्रेस ने केंद्र की भाजपा सरकार पर संविधान और लोकतंत्र को खतरे में डालने का सीधा आरोप लगाते हुए आगामी 3 दिसंबर को देहरादून में बड़ा शक्ति-प्रदर्शन करने जा रही है। प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के तत्वावधान में राजीव भवन में सुबह 11 बजे से “संविधान बचाओ, लोकतंत्र बचाओ” नाम से विशाल सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, CWC सदस्य करण माहरा, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति विभाग अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम, CWC सदस्य गुरदीप सिंह सप्पल समेत कई राष्ट्रीय और प्रदेश स्तरीय नेता शामिल होंगे।

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि पिछले ग्यारह वर्षों से संविधान पर लगातार हमले हो रहे हैं और भाजपा-आरएसएस के कृत्यों से लोकतंत्र खतरे में है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस का हर कार्यकर्ता संविधान की रक्षा के लिए किसी भी बलिदान को तैयार है। सम्मेलन के बाद पूरे प्रदेश में जन-जागरण अभियान चलाकर भाजपा की कथित साजिशों का पर्दाफाश किया जाएगा। प्रदेश भर से हजारों कार्यकर्ताओं के जुटने की उम्मीद है।

गुलदार-भालू के आतंक पर कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल की सीएम धामी को चिट्ठी

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देहरादून उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को कड़ा पत्र लिखा है। गोदियाल ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने तत्काल प्रभावी कदम नहीं उठाए और अपनी घोषणाओं को सार्वजनिक डोमेन में नहीं लाया, तो कांग्रेस सड़कों पर उतरने को मजबूर होगी।

पत्र में गोदियाल ने कहा कि पहाड़ी जिलों में गुलदार और भालू का आतंक अब असहनीय हो चुका है। पिछले कुछ वर्षों में वन्यजीवों के हमलों में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। लोग दिनदहाड़े घरों के अंदर भी सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर इन घटनाओं के पीछे असल कारण क्या हैं और सरकार अब तक चुप क्यों है?

मुआवजा बढ़ाना समाधान नहीं, रोकथाम जरूरी

गोदियाल ने मुख्यमंत्री की उस घोषणा पर तंज कसा जिसमें वन्यजीव हमले में मृत्यु पर मुआवजा 6 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये किया गया है। उन्होंने कहा, “मुआवजा बढ़ाना कोई समाधान नहीं है। असल सवाल यह है कि हमले क्यों हो रहे हैं और इन्हें रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं?”

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मांग की है कि:

  • वन विभाग के अधिकारियों को मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के स्पष्ट और सख्त निर्देश जारी किए जाएं।
  • ये निर्देश और अब तक उठाए गए एहतियाती कदम तुरंत सार्वजनिक किए जाएं।
  • घायलों के निःशुल्क इलाज और बिल प्रतिपूर्ति के आदेश यदि जारी हुए हैं, तो उन्हें भी पब्लिक डोमेन में लाया जाए।

पीड़ितों से मिले गोदियाल

गोदियाल ने खुलासा किया कि वे दो दिन पहले पौड़ी जिले में भालू हमले से घायल हुए लोगों से मिले। पीड़ितों ने बताया कि न तो उन्हें मुआवजा मिला और न ही इलाज का एक रुपया सरकार ने दिया। गोदियाल ने इसे सरकार की “खोखली घोषणाओं” का सबूत बताया।

उन्होंने कहा, “केंद्र में सत्ता के सांसद अनिल बलूनी भी चिंता जता रहे हैं, लेकिन प्रदेश की भाजपा सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा रही। जनता अब और इंतजार नहीं कर सकती।”

कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह में ठोस कार्रवाई और पारदर्शिता नहीं दिखाई गई तो पार्टी पूरे प्रदेश में आंदोलन करेगी। गोदियाल ने कहा, “लोगों की जान से बड़ा कोई चुनाव या वोटबैंक नहीं है। सरकार जागे, वरना जनता जगाएगी।

देहरादून बना ओवरऑल चैंपियन, 84 गोल्ड मेडल के साथ जीती चल वैजयंती ट्रॉफी

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देहरादून महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में आयोजित दो दिवसीय आठवीं राज्य स्तरीय मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में देहरादून जिला ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ओवरऑल चैंपियन का खिताब अपने नाम किया। देहरादून के खिलाड़ियों ने कुल 84 स्वर्ण पदक जीतकर सभी को पीछे छोड़ दिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए देहरादून को प्रतिष्ठित चल वैजयंती ट्रॉफी से नवाजा गया।

उत्तराखंड एथलेटिक्स एसोसिएशन और देवभूमि मास्टर्स एथलेटिक्स एंड स्पोर्ट्स डेवलपमेंट एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रतियोगिता में प्रदेश भर से 260 से अधिक मास्टर्स एथलीटों ने हिस्सा लिया, जिनमें 225 महिलाएं और 35 पुरुष शामिल थे। खास बात यह रही कि 90 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के एथलीटों ने भी भरपूर उत्साह दिखाया। प्रतियोगिता का सबसे प्रेरणादायक क्षण तब आया जब अल्मोड़ा के 92 वर्षीय वयोवृद्ध एथलीट लक्ष्मण सिंह ऐठानी ने अपने आयु वर्ग में भाग लेकर स्वर्ण पदक जीता और सभी के लिए मिसाल कायम की। उनकी फिटनेस और जोश ने युवा खिलाड़ियों को भी हैरान कर दिया।

विभिन्न आयु वर्गों में स्वर्ण विजेता

अपने-अपने वर्गों में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रमुख खिलाड़ी इस प्रकार रहे: सतीश चंद्र चौहान, जितेंद्र गुप्ता, ललित चंद जोशी, जीएन पंत, सूरज भान चौहान, मोतीराम, दिनेश सिंह नेगी, आशीष रावत, असलम हुसैन, संजय थापा, वीरेंद्र कुमार, अलका जगदीश, सुशीला थापा, सरिता रानी, कमलेश गौरात, कमला भट्ट, संदीप कुमार सिंह, पूरन चंद भट्ट, कांति रावत, सोनल शाह, विजय नेगी, निर्मला जोशी, भीम सिंह वैद्य, बीना शर्मा, महेंद्र कुमार, जगमोहन सिंह, दीपक नेगी, सुधीर सिंह, भगवान सिंह, शिव मोहन सिंह, गंभीर सिंह पंवार, सतीश चंद्र बंगवाल, गिरीश जोशी, क्षेत्रश कुमार मुखिया, राजेंद्र सिंह मेहरा, नवीन त्यागी, सुमित शाह, अनुराग सैनी, सबल सिंह और सुनील कुमार रतूड़ी। समापन समारोह में एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण कुमार सूद, महासचिव सतीश चंद्र चौहान सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।

 ‘ग्यारैक्स मैराथन’ में बच्चों-बड़ों ने दिखाया दमखम

देहरादून में ही रविवार को ज्ञाननंदा इंटरनेशनल स्कूल ने ‘ग्यारैक्स मैराथन’ का सफल आयोजन किया। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों के लिए सुरक्षित आउटडोर खेल मैदान और सीखने के अवसरों को बढ़ावा देना था। इस सामुदायिक मैराथन में स्कूल के छात्र-छात्राएं, अभिभावक, शिक्षक और आसपास के क्षेत्रवासी बड़ी संख्या में शामिल हुए। 3 किमी, 5 किमी और 10 किमी की तीन अलग-अलग श्रेणियों में दौड़ आयोजित की गई। सभी प्रतिभागियों ने अनुशासन और उत्साह के साथ दौड़ पूरी की। विजेताओं को मेडल और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का ट्रायल रन शुरू, यात्रा समय घटकर सिर्फ ढाई घंटे!

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देहरादून : दिल्ली से देहरादून और सहारनपुर जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। लंबे इंतजार के बाद बहुप्रतीक्षित दिल्ली–सहारनपुर–देहरादून एक्सप्रेसवे का ट्रायल रन रविवार रात 12 बजे से शुरू हो गया है। शुरुआती चरण में गीता कॉलोनी फ्लाईओवर और आसपास के बैरिकेड्स हटा दिए गए हैं, जिससे वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है।

यात्रा समय आधा, सिर्फ 2.5 घंटे में देहरादून!

अधिकारियों के मुताबिक, इस 210 किलोमीटर लंबे अत्याधुनिक 6-लेन एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद दिल्ली से देहरादून की दूरी महज ढाई घंटे में पूरी हो जाएगी। अभी यह यात्रा 4 से 6 घंटे तक लेती है। यानी यात्रा का समय लगभग 50% तक कम हो जाएगा। इससे न सिर्फ आम यात्री और व्यापारी लाभान्वित होंगे, बल्कि उत्तराखंड घूमने आने वाले पर्यटकों की संख्या में भी भारी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।

दिल्ली में जाम से मिलेगी मुक्ति

एक्सप्रेसवे का दिल्ली वाला हिस्सा पूरी तरह एलिवेटेड बनाया गया है। यह अक्षरधाम मंदिर के पास से शुरू होकर सीधे दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से जुड़ जाता है। इससे खजूरी खास, सोनिया विहार, करावल नगर, गीता कॉलोनी जैसे इलाकों में रोजाना लगने वाला भयानक ट्रैफिक जाम अब इतिहास बन जाएगा।

11,800 करोड़ की परियोजना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना की आधारशिला 4 दिसंबर 2021 को रखी थी। करीब 11,800 करोड़ रुपये की लागत से बने इस हाई-स्पीड कॉरिडोर को कई चरणों में पूरा किया गया। भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण मंजूरी, तकनीकी चुनौतियां और खराब मौसम के बावजूद अब यह पूरी तरह तैयार है।

जल्द होगा भव्य उद्घाटन

ट्रायल रन के दौरान सुरक्षा और तकनीकी जांच अंतिम चरण में है। अधिकारियों का कहना है कि सबकुछ ठीक रहा तो बहुत जल्द ही प्रधानमंत्री या किसी बड़े केंद्रीय मंत्री द्वारा इसका औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा।

मुंबई में दिल्ली जैसा संकट: GRAP-4 लागू, निर्माण कार्यों पर पूरी तरह रोक

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मुंबई: दिल्ली-एनसीआर के बाद अब मुंबई की हवा भी लोगों का दम घुटने लगी है। सोमवार सुबह से शहर के अधिकांश इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘गंभीर’ (Severe) श्रेणी में पहुंच गया है। इसे देखते हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने तत्काल प्रभाव से ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का चरण-4 लागू कर दिया है।

प्रमुख कदम

सभी प्रकार के निर्माण और तोड़फोड़ के काम पर तुरंत रोक

50 से अधिक बड़ी निर्माण स्थलों को बंद करने के नोटिस जारी

मार्बल कटिंग, बेकरी और धूल पैदा करने वाले छोटे उद्योगों को जगह बदलने के निर्देश

कई वार्डों में फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात – इंजीनियर, पुलिस और GPS युक्त वाहनों वाली टीमें 24×7 निगरानी करेंगी

नियम तोड़ने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

लोगों को हो रही तकलीफ

पिछले कुछ दिनों से मुंबईवासियों को आंखों में जलन, गले में खराश, सांस लेने में तकलीफ और सिर दर्द जैसी शिकायतें बढ़ गई हैं। सुबह-शाम धुंध की मोटी चादर और हवा में कणों (PM2.5) का स्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है।

मुख्यमंत्री धामी ने ABVP के 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन में किया प्रतिभाग, बोले – “विद्यार्थी परिषद ने मुझे अनुशासन और सेवा का पाठ पढ़ाया 

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को परेड ग्राउंड, देहरादून में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने गोरखपुर के सामाजिक कार्यकर्ता श्रीकृष्ण पांडेय को ‘प्रो. यशवंत राव केलकर युवा पुरस्कार’ से सम्मानित किया। श्री पांडेय ने बाल भिक्षावृत्ति उन्मूलन, निस्सहाय मनोरोगियों की सेवा तथा जेल बंदियों के पुनर्वास जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में खुलासा किया कि वे स्वयं भी लंबे समय तक विद्यार्थी परिषद के सक्रिय कार्यकर्ता रहे हैं। उन्होंने कहा, “ABVP के साथ बिताए दिन मुझे नेतृत्व, संगठन कौशल और सबसे बड़ी बात – अनुशासन के साथ निरंतर समाज सेवा का पाठ पढ़ाते रहे। वे मूल्य और आदर्श आज भी मेरे जीवन की आधारशिला हैं।”

उन्होंने इस राष्ट्रीय अधिवेशन को “राष्ट्र-निर्माण के पवित्र यज्ञ में समर्पित युवाओं का महासंगम” करार देते हुए कहा कि 1949 में स्थापित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद पिछले 77 वर्षों से व्यक्ति-निर्माण से लेकर राष्ट्र-निर्माण तक का कार्य बखूबी कर रही है। यह संगठन सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षिक और वैचारिक क्षेत्रों में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने वाली सबसे बड़ी छात्र शक्ति बना हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की युवा शक्ति ही देश की सबसे बड़ी पूंजी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवाओं को राष्ट्र-शक्ति मानते हुए स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, फिट इंडिया और नई शिक्षा नीति जैसी योजनाओं से उन्हें सशक्त बनाया जा रहा है। “इसी युवा ऊर्जा को सही दिशा मिले तो भारत पुनः विश्व गुरु बनेगा और ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ का सपना साकार होगा।”

कार्यक्रम में केन्द्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, ABVP के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. रघुराज किशोर तिवारी, महामंत्री डॉ. वीरेन्द्र सिंह सोलंकी सहित देशभर से आए सैकड़ों पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

मन की बात में PM मोदी ने उत्तराखंड बने सबसे बड़े ब्रांड एम्बेस्डर: सर्दियों में हिमालय की वादियों में घूमने की देशवासियों से अपील

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देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को प्रसारित ‘मन की बात’ के 128वें एपिसोड में करीब ढाई मिनट उत्तराखंड को समर्पित करते हुए राज्य के शीतकालीन पर्यटन, साहसिक खेलों और डेस्टिनेशन वेडिंग की भरपूर तारीफ की। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि इस सर्दी में छुट्टियां मनाने का प्लान बना रहे हैं तो हिमालय की गोद में बसे उत्तराखंड को जरूर अपने विकल्प में शामिल करें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इन दिनों उत्तराखंड का विंटर टूरिज्म लोगों को खूब आकर्षित कर रहा है। औली, मुनस्यारी, दयारा बुग्याल, चोपता जैसी जगहें सर्दियों में बेहद खूबसूरत हो जाती हैं। उन्होंने पिथौरागढ़ में 14,500 फीट की ऊंचाई पर आयोजित आदि कैलाश हाई ऑल्टीट्यूड अल्ट्रा रन मैराथन का जिक्र करते हुए बताया कि तीन साल पहले जहां आदि कैलाश मात्र 2 हजार लोग ही आते थे, आज यह संख्या 30 हजार तक पहुंच चुकी है।

PM मोदी ने कहा कि कुछ ही हफ्तों में उत्तराखंड में पहली बार ‘विंटर गेम्स’ का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें देशभर के खिलाड़ी और एडवेंचर प्रेमी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने राज्य की बेहतर होती कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और नई होम-स्टे नीति की भी सराहना की।

खास तौर पर डेस्टिनेशन वेडिंग की ब्रांडिंग करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “सर्दियों की सुनहरी धूप और पहाड़ों से उतरते कोहरे के बीच उत्तराखंड अब शादियों के लिए भी सबसे पसंदीदा जगह बन रहा है। गंगा के किनारे अब खूब डेस्टिनेशन वेडिंग हो रही हैं।”

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री के इस विशेष उल्लेख के लिए आभार जताते हुए कहा, “आदरणीय प्रधानमंत्री जी उत्तराखंड टूरिज्म के सबसे बड़े ब्रांड एम्बेस्डर हैं। उनके हर दौरे और हर उल्लेख से देवभूमि को नई पहचान और नई ऊंचाई मिलती है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि PM मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार विंटर टूरिज्म, एडवेंचर स्पोर्ट्स, होम-स्टे और डेस्टिनेशन वेडिंग को तेजी से बढ़ावा दे रही है। केदारनाथ, बद्रीनाथ, आदि कैलाश, जागेश्वर और पिछले साल मुखबा-हर्षिल में प्रधानमंत्री के दौरे के बाद इन क्षेत्रों में पर्यटकों की संख्या कई गुना बढ़ी है और स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।

प्रदेशवासी प्रधानमंत्री जी के प्रति कृतज्ञ हैं कि उन्होंने एक बार फिर विश्व पटल पर देवभूमि उत्तराखंड की प्राकृतिक, आध्यात्मिक और साहसिक पर्यटन के सबसे मजबूत गंतव्य के रूप में स्थापित किया है।

महाकाल की नगरी में सीएम मोहन यादव के बेटे अभिमन्यु की शादी, 21 गरीब जोड़ों के साथ एक मंच पर लिए सात फेरे

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उज्जैन : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पुत्र डॉ. अभिमन्यु यादव आज उज्जैन में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में खरगोन जिले के किसान दिनेश पटेल यादव की बेटी डॉ. इशिता यादव के साथ परिणय सूत्र में बंध गए। खास बात यह रही कि सीएम पुत्र की शादी किसी आलीशान महल या पांच सितारा होटल में नहीं, बल्कि 21 गरीब एवं जरूरतमंद जोड़ों के साथ एक ही मंच पर, एक ही मंडप में संपन्न हुई।

बारात के दौरान डॉ. अभिमन्यु यादव घोड़ी पर सवार होकर सामूहिक विवाह स्थल पर पहुंचे। उनके साथ ढोल-नगाड़ों की धुन पर दोस्त और रिश्तेदार नाचते-गाते चल रहे थे। पूरा माहौल उत्साह और उमंग से भरा था।

विवाह समारोह में केंद्रीय मंत्री व पूर्व लोकसभा स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर, कई कैबिनेट मंत्री, सांसद, विधायक, योग गुरु बाबा रामदेव और बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री सहित हजारों लोग मौजूद रहे।

“नया रास्ता दिखाया है”

बारातियों का स्वागत करते हुए नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, “मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जो नया रास्ता दिखाया है, उसकी जितनी प्रशंसा की जाए कम है। उनके संकल्प का परिणाम है कि आज उनके पुत्र का विवाह 21 अन्य जोड़ों के साथ हो रहा है। मैं महाकाल से प्रार्थना करता हूं कि सभी नव दंपति सुखी रहें।”

सीएम मोहन यादव ने कहा – “यहां कोई बड़ा-छोटा नहीं”

खुद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भावुक स्वर में कहा,

“यह महाकाल की नगरी है। महाकाल का आशीर्वाद सभी बच्चों को मिले। भगवान की यही मर्जी है कि ऐसा विवाह हो। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र को साकार करते हुए यह आयोजन किया गया है। यहां सभी वर्गों के नव दंपति हैं – अनुसूचित जाति से लेकर सामान्य वर्ग तक। कोई वेटर है, कोई ड्राइवर है, लेकिन आज हमारे लिए सभी दूल्हा-दुल्हन राजा-महाराजा समान हैं।”

दोनों नव दंपति चिकित्सक हैं। डॉ. अभिमन्यु यादव ने एमबीबीएस के बाद मास्टर ऑफ सर्जरी (MS) की डिग्री हासिल की है, जबकि डॉ. इशिता यादव भी एमबीबीएस हैं।

देश के नए भूकंप नक्शे से हड़कंप: 75% आबादी डेंजर जोन में, हिमालय में 200 साल से शांत क्षेत्र अब तबाही ला सकता

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नई दिल्ली: भारत सरकार द्वारा हाल ही में जारी नए भूकंपीय जोनेशन मैप ने पूरे देश में चिंता की लहर दौड़ा दी है। इस नक्शे के अनुसार, देश का 61 प्रतिशत क्षेत्र मध्यम से बहुत उच्च जोखिम वाले जोन III से VI में आ गया है, जबकि 75 प्रतिशत आबादी ऐसे इलाकों में रहती है जहां भूकंप का असर जानलेवा साबित हो सकता है। खासकर हिमालयी क्षेत्र, जो पिछले 200 वर्षों से बड़े भूकंपों से अछूता रहा है, अब ‘अल्ट्रा-हाई रिस्क’ यानी जोन VI में चिह्नित किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यहां जमा ऊर्जा किसी भी समय विस्फोटक रूप ले सकती है, जिससे महाविनाश की आशंका है।

ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) द्वारा जनवरी 2025 से लागू ‘IS 1893 (Part 1): 2025’ कोड के तहत तैयार यह नया सीस्मिक जोनेशन मैप पुराने नक्शे से कई गुना सटीक है। पुराने मानचित्र में देश को चार जोन (II से V) में बांटा गया था, लेकिन नए मैप में पहली बार जोन VI जोड़ा गया है। यह बदलाव प्रोबेबिलिस्टिक सीस्मिक हेजर्ड असेसमेंट (PSHA) तकनीक पर आधारित है, जिसमें कंप्यूटर मॉडल्स के जरिए अगले 50 वर्षों में 2.5 प्रतिशत संभावना वाले सबसे बड़े भूकंप का अनुमान लगाया गया है।

हिमालय का पूरा इलाका—कश्मीर से अरुणाचल प्रदेश तक—अब जोन VI में शामिल है। वैज्ञानिकों के अनुसार, भारतीय प्लेट हर साल लगभग 5 सेंटीमीटर की रफ्तार से यूरेशियन प्लेट के नीचे धंस रही है, जिससे मध्य हिमालय में पिछले दो शताब्दियों से कोई बड़ा सतही विखंडन (सर्फेस ब्रेक) नहीं हुआ। इसका मतलब है कि यहां ‘लॉक्ड एनर्जी’ यानी जमा तनाव चरम पर पहुंच चुका है। यदि यह अचानक रिलीज होता है, तो 8.0 या उससे अधिक तीव्रता का भूकंप आ सकता है, जो दिल्ली-एनसीआर, देहरादून, ऋषिकेश जैसे शहरों को बुरी तरह प्रभावित करेगा।

नए नक्शे के प्रमुख खुलासे:
जोन VI (अल्ट्रा-हाई रिस्क): पूरा हिमालय, जिसमें उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर राज्य शामिल। यहां भूकंप प्रतिरोधी निर्माण के लिए सख्त मानक लागू होंगे।

जोन V (बहुत उच्च रिस्क): गुजरात, महाराष्ट्र के कुछ हिस्से, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल के तटीय क्षेत्र।
जोन III और IV: दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और मध्य भारत के बड़े हिस्से, जहां मध्यम से उच्च खतरा है।
कुल 61 क्षेत्रों को उच्च जोखिम वाले करार दिया गया, जिनमें सीमा पर बसे शहर प्रमुख हैं।

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि पुराने भवनों को तत्काल ‘रेट्रोफिटिंग’ (मजबूतीकरण) की जरूरत है। नई इमारतों में मजबूत नींव, अतिरिक्त स्टील और फ्लेक्सिबल डिजाइन अनिवार्य होंगे। हिंदुस्तान के संपादकीय में कहा गया है कि यह नक्शा न केवल जोखिम को कम आंकने की गलती सुधारता है, बल्कि लाखों जानें और अरबों रुपये बचाने का अवसर भी प्रदान करता है।

सरकार ने निर्देश जारी किए हैं कि सभी निर्माण कार्य अब नए कोड के अनुसार ही हों। साथ ही, जन जागरूकता अभियान चलाने और आपदा प्रबंधन योजनाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। यदि समय रहते तैयारी की गई, तो इस संभावित तबाही को रोका जा सकता है। फिलहाल, हिमालयी क्षेत्रों में रहने वाले लोग अतिरिक्त सतर्क रहें।

SIR फॉर्म 4 दिसंबर तक नहीं भरा तो क्या होगा? पूरी सच्चाई जानिए

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नई दिल्ली/कोलकाता: पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के तहत फॉर्म भरने की अंतिम तारीख 4 दिसंबर 2025 नजदीक आ गई है। लाखों मतदाता अभी तक यह फॉर्म नहीं भर पाए हैं, जिससे अफवाहें फैल रही हैं कि नाम कट जाएगा या जुर्माना लगेगा। चुनाव आयोग ने सारी शंकाओं को दूर कर दिया है। यहां साफ-साफ समझिए क्या होगा और क्या नहीं:

1. जुर्माना या पेनाल्टी बिल्कुल नहीं लगेगी

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि SIR फॉर्म न भरने पर कोई कानूनी कार्रवाई, जुर्माना या पेनाल्टी नहीं होगी। घबराएं नहीं।

2. 9 दिसंबर को आएगी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट

अगर आपने फॉर्म नहीं भरा और 9 दिसंबर 2025 को प्रकाशित होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची में आपका नाम नहीं दिखता, तो भी परेशान न हों।

3. जनवरी 2026 तक नाम जुड़वा सकते हैं

ड्राफ्ट लिस्ट में नाम न दिखने पर आप क्लेम एंड ऑब्जेक्शन पीरियड (जनवरी 2026 तक) में आसानी से नाम जुड़वा सकते हैं। इसके लिए:

फॉर्म-6 ऑनलाइन (voters.eci.gov.in) या ऑफलाइन भरें।

जरूरी दस्तावेज जमा करें।

4. पुराने मतदाताओं पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं।

अगर आप पहले से रजिस्टर्ड वोटर हैं और BLO आपसे संपर्क नहीं कर पाया या आप फॉर्म नहीं भर पाए, तो भी आपके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी। हां, वेरिफिकेशन के लिए नोटिस आ सकता है, जिसका जवाब देना होगा।

5. फाइनल लिस्ट से नाम हटने का खतरा तभी

अगर आप 9 दिसंबर के बाद SIR या फॉर्म-6 भरते हैं, तो इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) जांच करेगा। आपको हियरिंग में हाजिर होना पड़ सकता है। अगर आप हाजिर नहीं होते या योग्यता साबित नहीं कर पाते, तो फाइनल लिस्ट (जनवरी 2026 में प्रकाशित) से नाम हटाया जा सकता है।

6. सफल होने पर नया वोटर ID मिलेगा

योग्यता साबित होने पर आपका नाम जोड़ा जाएगा और नया EPIC (वोटर कार्ड) जारी होगा।।

ध्यान दें:

  • ये नियम सिर्फ पहले से रजिस्टर्ड (मौजूदा) मतदाताओं पर लागू हैं।
  • 18 साल पूरा कर चुके नए मतदाताओं के लिए प्रक्रिया अलग है, उन्हें अभी फॉर्म-6 भरना जरूरी है।