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उत्तराखंड में शराब फिर महंगी होने वाली है, 15 दिसंबर से लागू होंगी नई दरें

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देहरादून: उत्तराखंड में शराब प्रेमियों को एक बार फिर बड़ा झटका लगने वाला है। राज्य सरकार ने आबकारी नीति 2025-26 में संशोधन करते हुए एक्साइज ड्यूटी पर 12 प्रतिशत वैट (VAT) दोबारा लगा दिया है। इसके चलते 15 दिसंबर से प्रदेश में शराब की कीमतें 40 रुपये से लेकर 100 रुपये प्रति बोतल तक बढ़ जाएंगी।

आबकारी आयुक्त अनुराधा पाल ने बताया कि वित्त विभाग के निर्देश पर वैट को फिर से जोड़ा जा रहा है। नई दरों को पारदर्शी तरीके से लागू करने के लिए 15 दिसंबर तक का समय दिया गया है। लाइसेंसी और व्यापारियों की मांग पर एक हफ्ते की मोहलत दी गई है ताकि वे पुराने स्टॉक को नई दरों के अनुसार अपडेट कर सकें।

गौरतलब है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 की नई आबकारी नीति में शुरू में एक्साइज ड्यूटी से वैट हटा दिया गया था। इसका मुख्य कारण पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में वैट न लगना बताया गया था। इससे उत्तराखंड की शराब को प्रतिस्पर्धी बनाना और यूपी-हरियाणा से अवैध शराब की तस्करी रोकना था। लेकिन वित्त विभाग ने इस कदम पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि इससे राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है। आखिरकार वित्त विभाग की आपत्ति के बाद वैट फिर से लगा दिया गया।

कीमतों में इजाफा इस प्रकार होगा:

  • देशी अंग्रेजी शराब (कंट्री लिकर) के पव्वे पर 10 रुपये अतिरिक्त।
  • कंट्री लिकर की पूरी बोतल पर 40 रुपये तक की बढ़ोतरी।
  • विदेशी शराब (IMFL प्रीमियम ब्रांड) की बोतल पर 100 रुपये तक का इजाफा।

फिलहाल उत्तराखंड में शराब के दाम पहले से ही पड़ोसी राज्यों उत्तर प्रदेश, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के मुकाबले काफी ज्यादा हैं। इस नई बढ़ोतरी के बाद अंतर और बढ़ जाएगा, जिससे अवैध शराब की तस्करी फिर से बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

सिम बाइंडिंग का नया जाल: WhatsApp-Telegram जैसे ऐप्स बिना एक्टिव सिम के बंद, साइबर फ्रॉड पर नकेल

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नई दिल्ली: भारत में डिजिटल दुनिया का एक नया दौर शुरू होने वाला है। केंद्र सरकार ने साइबर अपराधों पर लगाम कसते हुए मैसेजिंग ऐप्स के लिए ‘सिम बाइंडिंग’ नियम को अनिवार्य कर दिया है। इसका मतलब साफ है—अगर आपका फोन से सिम निकल गया या निष्क्रिय हो गया, तो WhatsApp, Telegram, Signal, Snapchat समेत कई पॉपुलर ऐप्स तुरंत बंद हो जाएंगे। यह बदलाव फरवरी 2026 से लागू होगा, और लाखों यूजर्स की डिजिटल जिंदगी पर असर डालेगा। लेकिन सवाल यह है: क्या यह सुरक्षा का कवच बनेगा या यूजर्स के लिए नई परेशानी? हमारी डीप सर्च रिपोर्ट में जानिए पूरी सच्चाई।

क्या है ‘सिम बाइंडिंग’ नियम? सरल शब्दों में समझें

दूरसंचार विभाग (DoT) ने 28 नवंबर 2025 को जारी अधिसूचना के तहत ‘Telecommunication Cybersecurity Amendment Rules, 2025’ को अपडेट किया है।ece5a3 इसके तहत मैसेजिंग ऐप्स को अब ‘Telecommunication Identifier User Entities (TIUEs)’ घोषित किया गया है। मतलब, ये ऐप्स अब टेलीकॉम नियमों के दायरे में आ गए हैं।

मुख्य प्रावधान: ऐप रजिस्ट्रेशन के समय इस्तेमाल किया गया मोबाइल नंबर हमेशा फोन में एक्टिव सिम के रूप में मौजूद रहना जरूरी होगा। सिम हटाने, बदलने या निष्क्रिय होने पर ऐप एक्सेस ब्लॉक हो जाएगा।

वेब वर्जन पर असर: WhatsApp Web या Telegram Desktop जैसे प्लेटफॉर्म्स हर 6 घंटे में ऑटो-लॉगआउट होंगे। दोबारा लॉगिन के लिए QR कोड स्कैन करना पड़ेगा।f25f8a

समय सीमा: ऐप कंपनियों को 90 दिनों में (फरवरी 2026 तक) यह सिस्टम लागू करना होगा। 120 दिनों में DoT को रिपोर्ट देनी होगी। पालन न करने पर Telecommunications Act, 2023 के तहत कार्रवाई हो सकती है।6b17f9

यह नियम पहले से बैंकिंग और UPI ऐप्स (जैसे PhonePe, Google Pay) पर लागू है, जहां सिम निष्क्रिय होने पर ट्रांजेक्शन रुक जाते हैं। अब मैसेजिंग ऐप्स पर इसे विस्तार दिया गया है।

प्रभावित ऐप्स: कौन-कौन सी सेवाएं होंगी लाइन में?

DoT ने स्पष्ट रूप से नाम लिए हैं। यहां मुख्य ऐप्स की लिस्ट:

ऐप का नाम

यूजर्स (भारत में अनुमानित)

मुख्य असर

WhatsApp

50 करोड़+

सिम हटने पर चैट हिस्ट्री एक्सेस बंद; वेब पर फ्रीक्वेंट लॉगआउट।f7051b

Telegram

2.5 करोड़+

ग्रुप चैट्स और चैनल्स प्रभावित; डेस्कटॉप यूजर्स को बार-बार वेरिफाई।831571

Signal

1 करोड़+

एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन वाली प्राइवेसी पर फोकस्ड ऐप; सिम बाइंडिंग से यूजर ट्रेसिंग आसान।

Snapchat

50 लाख+

स्टोरीज और वीडियो शेयरिंग रुक सकती है।b6ad02

ShareChat, JioChat, Josh, Arattai

10 करोड़+ (कुल)

भारतीय ऐप्स पर ज्यादा असर; लोकल कंटेंट क्रिएटर्स प्रभावित।052a24

ये आंकड़े Statista और DoT रिपोर्ट्स पर आधारित हैं। कुल मिलाकर, भारत के 80 करोड़+ स्मार्टफोन यूजर्स में से कम से कम 60% मैसेजिंग ऐप्स पर निर्भर हैं।

क्यों लाया गया यह नियम? साइबर फ्रॉड की बढ़ती लहर

सरकार का दावा है कि यह कदम साइबर अपराधों पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ है। वर्तमान सिस्टम में ऐप्स सिर्फ एक बार OTP से वेरिफाई करते हैं, उसके बाद सिम हटाने या विदेश ले जाने पर भी ऐप चलता रहता है।13dce1

समस्या की जड़: साइबर क्रिमिनल्स (ज्यादातर विदेश से) भारतीय नंबर्स का इस्तेमाल कर फिशिंग, ‘डिजिटल अरेस्ट’ स्कैम, लोन फ्रॉड और इनवेस्टमेंट घोटालों को अंजाम देते हैं। NCRB डेटा के मुताबिक, 2024 में साइबर फ्रॉड से 1.2 लाख करोड़ का नुकसान हुआ, जिसमें 40% मैसेजिंग ऐप्स से जुड़े थे।ca1845

फायदा: सिम बाइंडिंग से यूजर, नंबर और डिवाइस का लिंक मजबूत होगा। पुलिस को कॉल रिकॉर्ड्स और लोकेशन से ट्रेसिंग आसान हो जाएगी। Cellular Operators Association of India (COAI) ने इसका स्वागत किया है, कहा कि इससे स्पैम 70% तक कम हो सकता है।8b9628

X (पूर्व ट्विटर) पर भी यूजर्स चर्चा कर रहे हैं। एक पोस्ट में यूजर @him_an_shu_ ने लिखा, “अब WhatsApp तभी चलेगा जब आपके फोन में वही सिम लगी हो। साइबर फ्रॉड रोकने का अच्छा कदम!”d17367 वहीं, @OpIndia_in ने इसे “DoT का साइबर फ्रॉड पर कड़ा प्रहार” बताया।b6aa51

यूजर्स पर क्या असर? सुविधा बनींगी दुविधा?

हालांकि सुरक्षा बढ़ेगी, लेकिन आम यूजर को चुनौतियां मिलेंगी:

ट्रैवलर्स और एक्सपैट्स: विदेश यात्रा पर सिम हटाने पर ऐप बंद। e-SIM यूजर्स को भी फिजिकल सिम जैसी वेरिफिकेशन करनी पड़ सकती है। Gulf News की रिपोर्ट में कहा गया, “एक्सपैट्स को अब भारतीय सिम हमेशा साथ रखनी होगी।”954043

ड्यूल-सिम यूजर्स: दूसरी सिम लगाने पर प्राइमरी ऐप बंद हो सकता है।

बुजुर्ग/ग्रामीण यूजर्स: सिम निष्क्रिय होने पर री-रजिस्ट्रेशन की झंझट।

वेब यूजर्स: ऑफिस वर्कर्स को दिन में कई बार QR स्कैन करना पड़ेगा।

X पर @GoodNewsToday ने चेतावनी दी, “सिम कार्ड के बिना इन ऐप्स को इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।”7f05c9 एक अन्य पोस्ट में @news24tvchannel ने हेडलाइन दी, “सिम हटाने पर ऐप बंद हो जाएंगे।”467c79

कंपनियों की प्रतिक्रिया: समर्थन और विरोध का मिश्रण

समर्थन: COAI ने कहा, “यह यूजर और डिवाइस के बीच मजबूत लिंक बनेगा।”2d8b9c Truecaller जैसी कंपनियों ने पहले ही सिम बाइंडिंग अपनाई, जिससे फेक अकाउंट्स 70% कम हुए।349b58

विरोध: Broadband India Forum (BIF), जिसमें Meta (WhatsApp) और Google शामिल हैं, ने इसे “ओवररीच” बताया। कहा, “यह डिजिटल बिजनेस को प्रभावित करेगा; स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन जरूरी।”5d8977 साइबर एक्सपर्ट्स का मानना है कि फ्रॉडस्टर्स फेक ID से नई सिम ले लेंगे, तो फायदा सीमित।b54335

WhatsApp और Telegram ने अभी आधिकारिक बयान नहीं दिया, लेकिन इंडस्ट्री सोर्सेज के मुताबिक, वे 90 दिनों में अपडेट रोलआउट करेंगे।

कर्नल कोठियाल के बयान से खुली धामी सरकार की पोल : धस्माना 

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देहरादून। उत्तरकाशी के धराली में हुई भयावह आपदा को चार महीने बीत जाने के बाद भी राज्य सरकार मृतकों व लापता लोगों का सही आंकड़ा सार्वजनिक नहीं कर रही है। यह गंभीर आरोप खुद सरकार के प्रमुख दायित्वधारी रहे कर्नल अजय कोठियाल ने अपने ताजा वायरल बयान में लगाया है, जिसने सरकार की लीपापोती को बेनकाब कर दिया है।

प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (संगठन) सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि कर्नल कोठियाल ने साफ कहा है कि धराली में अभी भी 137 लोग मलबे के नीचे दबे हैं और उन्हें निकालने का कोई ठोस प्रयास नहीं किया गया। धस्माना ने इसे सरकार के लिए शर्मनाक बताया क्योंकि ये बात वही व्यक्ति कह रहा है जिसने केदारनाथ पुनर्निर्माण का जमीनी अनुभव हासिल किया है।

धस्माना ने आरोप लगाया कि आपदा के वैज्ञानिक कारणों की जांच भी केवल कागजी और फोटो सेशन तक सीमित है, धरातल पर कुछ नहीं हो रहा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शुरू से कहती आई है कि सरकार जान-माल के नुकसान का सही आंकड़ा जनता को बताए, लेकिन चार महीने बाद भी लापता लोगों की संख्या छुपाई जा रही है।

कांग्रेस नेता ने साफ किया कि इस मामले में पार्टी भाजपा के किसी प्रवक्ता से नहीं, बल्कि सीधे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से कर्नल कोठियाल के हर बयान और हर बिंदु पर स्पष्ट जवाब चाहती है।

जासूसी विवाद पर सरकार की सफाई, ‘संचार साथी जबरदस्ती नहीं, चाहें तो डिलीट करें’

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नई दिल्ली। दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा मोबाइल निर्माता कंपनियों को संचार साथी ऐप प्री-इंस्टॉल करने की 90 दिनों की डेडलाइन दिए जाने से राजनीतिक हलचल तेज हो गई थी। विपक्ष ने इसे नागरिकों की निजता पर हमला बताते हुए सरकार पर जासूसी का आरोप लगाया। अब केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पूरे मामले पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि ऐप को फोन में अनिवार्य नहीं किया जाएगा, यह पूरी तरह वैकल्पिक होगा।

‘कस्टमर की सुरक्षा का मामला, डिलीट करने की आजादी’

सिंधिया ने संसद में उठे सवालों का जवाब देते हुए कहा, “यह ग्राहक की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है। इसमें कुछ भी जबरदस्ती नहीं है। अगर कोई यूजर ऐप को रजिस्टर नहीं करना चाहता, तो न करे। अगर डिलीट करना चाहें, तो डिलीट कर दें। देश में हर व्यक्ति को साइबर फ्रॉड से बचाने वाले इस ऐप की जानकारी नहीं है, इसलिए जागरूकता फैलाना हमारी जिम्मेदारी है।” उन्होंने आगे कहा कि नए फोन में कई ऐप पहले से इंस्टॉल आते हैं, जैसे गूगल मैप्स। अगर कोई यूजर इसे इस्तेमाल नहीं करना चाहे, तो डिलीट कर सकता है। संचार साथी भी वैसा ही है।

विपक्ष का तीखा हमला

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने ऐप को ‘जासूसी ऐप’ करार देते हुए कहा कि यह नागरिकों की प्राइवेसी का उल्लंघन है। उन्होंने सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया। वहीं, कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने सरकार की तुलना रूस और उत्तर कोरिया से की और कहा कि यह साइबर सुरक्षा के नाम पर निगरानी बढ़ाने की कोशिश है।

सरकार का कहना है कि संचार साथी ऐप साइबर फ्रॉड से बचाव के लिए डिजाइन किया गया है और यूजर की सहमति के बिना कोई डेटा ट्रैक नहीं करता। विवाद के बीच DoT ने स्पष्ट किया कि ऐप की जानकारी फैलाने का उद्देश्य सिर्फ जागरूकता है, न कि जबरदस्ती।

चौंदकोट क्षेत्र में जंगली जानवरों का कहर: चौंदकोट वेलफेयर सोसाइटी ने वन मंत्री को सौंपा ज्ञापन

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देहरादून : चौंदकोट वेलफेयर सोसाइटी के पदाधिकारियों और सदस्यों ने आज उत्तराखण्ड के वन एवं पर्यावरण मंत्री सुबोध उनियाल को ज्ञापन सौंपकर जंगली जानवरों के बढ़ते आतंक से तत्काल राहत दिलाने की गुहार लगाई है। चौंदकोट वेलफेयर सोसाइटी के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि जीवन और आजीविका दोनों पर संकट गहरा गया है।

मानव जीवन पर मंडराता खतरा

क्षेत्र में बाघ, गुलदार और भालू की सक्रियता बेहद बढ़ गई है। आए दिन ये हिंसक जानवर रिहायशी इलाकों में घुस रहे हैं। बच्चों का स्कूल जाना, महिलाओं का घर से बाहर निकलना और बुजुर्गों की दिनचर्या तक दूभर हो गई है। कई लोग गुलदार-भालू के हमले में गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं, कुछ की जान भी जा चुकी है। पालतू मवेशी लगातार शिकार बन रहे हैं, जिससे पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

खेती-किसानी पूरी तरह चौपट

जंगली सुअर, बंदर, लंगूर और स्याही (सेही) ने खेतों में कोहराम मचा रखा है। किसान साल भर की मेहनत से फसल उगाते हैं, लेकिन कटाई से पहले ही पूरी फसल बर्बाद हो जा रही है। फसल नष्ट होने से ग्रामीणों की एकमात्र आजीविका का साधन छिन रहा है।

पलायन की बढ़ती रफ्तार

जान का खतरा और फसल का नुकसान, इस दोहरी मार से तंग आकर लोग खेती छोड़ने को मजबूर हैं। कई परिवार गांव छोड़कर शहरों की ओर पलायन करने की तैयारी कर रहे हैं। ग्रामीणों ने इसे उत्तराखण्ड के लिए गंभीर संकट बताया है।

ग्रामीणों की प्रमुख मांगें

  • आबादी वाले इलाकों में वन विभाग की गश्त बढ़ाई जाए और हिंसक गुलदार-भालू की जियो-टैगिंग की जाए।
  • गुलदार व भालू पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए जाएं।
  • जंगली सुअर, बंदर आदि को नियंत्रित करने के लिए युद्धस्तर पर अभियान चलाया जाए।
  • खेतों की सोलर फेंसिंग के लिए अनुदान दिया जाए।
  • फसल और मवेशी नुकसान का उचित मुआवजा तुरंत प्रदान किया जाए।

मंत्री का आश्वासन

ज्ञापन सौंपने पहुंचे सोसाइटी के अध्यक्ष  उमेद सिंह गुसाई और महासचिव कवीन्द्र इष्टवाल ने बताया कि मंत्री सुबोध उनियाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

उत्तराखंड में सूखी ठंड का कहर, तापमान सामान्य से ज्यादा, बदल सकता है मौसम 

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देहरादून। उत्तराखंड में पिछले दो महीनों से बारिश नदारद होने के कारण सूखी ठंड लोगों को परेशान कर रही है। दिन में तेज धूप और रात में भी सामान्य से ज्यादा तापमान के चलते ठंड का असर कम महसूस हो रहा है।

सोमवार को देहरादून का अधिकतम तापमान सामान्य से 1 डिग्री अधिक 25°C और न्यूनतम तापमान सामान्य से 1 डिग्री कम 7.8°C रहा। वहीं पर्वतीय इलाकों में भी यही हाल है। नई टिहरी में दिन का तापमान सामान्य से 2 डिग्री ऊपर 20.6°C और रात का तापमान सामान्य से 5 डिग्री ज्यादा 9.3°C दर्ज किया गया।

मुक्तेश्वर में तो दिन-रात दोनों का तापमान सामान्य से 5-5 डिग्री अधिक (21.3°C और 9.3°C) रहा। मौसम वैज्ञानिक डॉ. विक्रम सिंह के अनुसार, अक्टूबर से ही लगातार अच्छी धूप और पश्चिमी विक्षोभ का असर न होने से रात के तापमान में भी बढ़ोतरी हो रही है।

4 दिसंबर से राहत के आसार

मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 3 दिसंबर तक पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा। लेकिन 4 दिसंबर से मौसम में बदलाव के संकेत हैं। उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश की संभावना है, जबकि 3500 मीटर से अधिक ऊंचाई पर बर्फबारी हो सकती है। यह सिलसिला 7 दिसंबर तक जारी रहने की उम्मीद है।

UKSSSC पेपर लीक मामला : CBI ने बॉबी पंवार से 9 घंटे तक की पूछताछ 

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देहरादून। UKSSSC ग्रेजुएट लेवल पेपर लीक मामले में CBI ने सोमवार को पूर्व बेरोजगार संघ अध्यक्ष बॉबी पंवार से करीब 9 घंटे तक गहन पूछताछ की। सुबह 11:30 बजे CBI दफ्तर पहुंचे पंवार शाम करीब 8:30 बजे बाहर निकले। पूछताछ मुख्य रूप से गिरफ्तार सहायक प्रोफेसर सुमन चौहान से उनके संपर्कों और पेपर मिलने के दावे पर केंद्रित रही।

CBI को पूरा सहयोग दे रहा हूं, लेकिन…

CBI दफ्तर से बाहर आने के बाद बॉबी पंवार ने मीडिया को बयान देते हुए कहा, “मैं जांच में पूरा सहयोग कर रहा हूँ। लेकिन CBI को परीक्षा से एक दिन पहले हाकम सिंह और उसके दो साथियों की गिरफ्तारी वाले एंगल पर भी गहराई से जांच करनी चाहिए।

उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि एक भर्ती की नहीं, प्रदेश में हुई सभी भर्ती घोटालों की जांच CBI से कराई जाए ताकि युवाओं के साथ धोखा करने वालों को सजा मिल सके। मामले में अब तक खालिद मलिक, उसकी बहन साबिया, हीना और सुमन चौहान सहित कई लोग न्यायिक हिरासत में हैं। CBI की जांच लगातार जारी है।

अब तक की टाइमलाइन

  • 21 सितंबर 2025 : ग्रेजुएट लेवल परीक्षा, 11:30 बजे ही पेपर लीक.
  • परीक्षा के बाद प्रदेशव्यापी आंदोलन, बेरोजगार संघ का परेड ग्राउंड धरना.
  • CM धामी ने CBI जांच का आश्वासन दिया.
  • न्यायमूर्ति यू.सी. ध्यानी की एकल सदस्यीय जांच आयोग गठित.
  • आयोग की रिपोर्ट के बाद परीक्षा रद्द.
  • 27 अक्टूबर 2025 : CBI ने केस दर्ज किया.
  • 28 नवंबर : सहायक प्रोफेसर सुमन चौहान गिरफ्तार.
  • सोमवार : बॉबी पंवार से 9 घंटे की पूछताछ.

कार खाई में गिरी, दो युवकों की मौत, दो घायल

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बैजनाथ । हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के विश्वविख्यात पैराग्लाइडिंग स्थल बीड़ बिलिंग में सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात करीब 12 बजे एक भयानक सड़क हादसा हो गया। टेकऑफ साइट के पास एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सैकड़ों फीट गहरी खाई में जा गिरी।

हादसे में कार सवार दो युवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।

मृतक और घायल

  • मृतक युवक गगरेट और ऐहजू क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
  • घायल युवक भवारना और पंचरुखी क्षेत्र के निवासी हैं।

घायलों को तुरंत रेस्क्यू कर बैजनाथ अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।

स्थानीय लोगों ने हादसे की सूचना तुरंत पुलिस को दी। पुलिस और रेस्क्यू टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद खाई से शव और घायलों को बाहर निकाला।

बैजनाथ पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और अनियंत्रित होना हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है।

संसद शीतकालीन सत्र : दूसरे दिन भी हंगामे के आसार, विपक्ष का प्रदर्शन

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नई दिल्ली। संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार को हंगामे की भेंट चढ़ गया था। पहले दिन लोकसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। आज मंगलवार को भी दोनों सदनों में विपक्षी दलों के हंगामे की पूरी आशंका है। यह सत्र 19 दिसंबर तक चलेगा।

संचार साथी को ‘जासूसी ऐप’ बताकर प्रियंका भड़कीं

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने दूरसंचार विभाग (DoT) के सभी नए मोबाइल फोनों में ‘संचार साथी’ ऐप प्री-इंस्टॉल करने के निर्देश पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने इसे “जासूसी ऐप” करार देते हुए कहा, “यह मजाकिया है। नागरिकों को निजता का अधिकार है। साइबर सिक्योरिटी जरूरी है, लेकिन इसका मतलब हर नागरिक के फोन में घुसना नहीं है।”

SIR पर चर्चा की मांग तेज, संजय सिंह ने दिया नोटिस

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने विशेष पहचान रजिस्टर (SIR) पर तत्काल चर्चा के लिए नियम 267 के तहत नोटिस दिया है। विपक्ष का आरोप है कि SIR के नाम पर जानबूझकर विपक्षी दलों के मजबूत इलाकों से वोटरों के नाम काटे जा रहे हैं।

विपक्ष आज सुबह 10:30 बजे मकर द्वार पर करेगा प्रदर्शन

सोमवार को लोकसभा में भारी हंगामे के बाद आज सुबह 10:30 बजे इंडिया गठबंधन के सांसद संसद के मकर द्वार के सामने प्रदर्शन करेंगे। विपक्ष का कहना है कि सरकार सिर्फ अपने मुद्दों पर चर्चा चाहती है, जनता के मुद्दों को दबाया जा रहा है।

सोमवार को क्या-क्या हुआ

  • लोकसभा में मणिपुर जीएसटी संशोधन बिल पास हुआ, लेकिन हंगामे के कारण सदन को कई बार स्थगित करना पड़ा। अंत में कार्यवाही मंगलवार 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
  • कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा, “सरकार सिर्फ अपने बिल पास कराना चाहती है, विपक्ष के मुद्दों पर चर्चा नहीं होने दे रही।”
  • सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने SIR को “संविधान पर हमला” बताया।
  • अखिलेश यादव ने कहा, “इतनी जल्दबाजी क्यों? यूपी-बंगाल में अभी चुनाव नहीं हैं। सरकार फर्जी डेटा दे रही है।”

आज पेश होगा सेंट्रल एक्साइज (संशोधन) बिल

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज लोकसभा में सेंट्रल एक्साइज (संशोधन) बिल, 2025 पेश करेंगी। सूत्रों के मुताबिक, अगर आज भी हंगामा जारी रहा तो कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा प्रभावित हो सकती है। संसद के बाहर और अंदर दोनों जगह सियासी तपिश बढ़ी हुई है।

इंडिगो की कुवैत-हैदराबाद फ्लाइट की मुंबई में इमरजेंसी लैंडिंग, बम से उड़ाने की धमकी

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नई दिल्ली। कुवैत से हैदराबाद जा रही इंडिगो की एक फ्लाइट को सोमवार सुबह बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आपातकालीन लैंडिंग कराई गई।

दिल्ली एयरपोर्ट को आया था धमकी भरा ई-मेल

सूत्रों के अनुसार, दिल्ली एयरपोर्ट के आधिकारिक ई-मेल पर रात में बम होने की धमकी भरा मैसेज प्राप्त हुआ। इसमें विशेष रूप से कुवैत-हैदराबाद रूट की इंडिगो फ्लाइट का जिक्र था। धमकी मिलते ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं और फ्लाइट को तुरंत मुंबई की ओर डायवर्ट कर दिया गया।

फ्लाइट डिटेल्स

  • फ्लाइट : इंडिगो (एयरबस A321-251NX)
  • रूट : कुवैत सिटी → हैदराबाद
  • टेकऑफ : रात 1:56 बजे (कुवैत समय)
  • इमरजेंसी लैंडिंग : सुबह करीब 8:10 बजे (मुंबई)

एक हफ्ते में दूसरा मामला

यह लगातार दूसरा मौका है जब खाड़ी देश से हैदराबाद आ रही फ्लाइट को बम की धमकी मिली हो। इससे पहले 23 नवंबर को बहरीन-हैदराबाद फ्लाइट को भी इसी तरह की धमकी मिली थी, जिसके बाद उसे भी मुंबई में इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी थी। विमान की गहन तलाशी और जांच चल रही है। यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है।