Home Blog Page 102

उत्तरकाशी : जोगत तल्ला मार्ग पर दिल दहला देने वाली दुर्घटना, महिला की मौत, 5 घायल

0

उत्तरकाशी :  जोगत तल्ला मोटर मार्ग पर बुधवार शाम करीब 6 बजे एक भयानक सड़क हादसा हो गया। दिल्ली नंबर की मारुति स्विफ्ट कार (DL9CX-8164) अनियंत्रित होकर लगभग 250 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। कार में कुल 6 लोग सवार थे, जो सभी जोगत तल्ला गांव के रहने वाले थे।

हादसे की सूचना मिलते ही चिन्यालीसौड़ स्थित SDRF पोस्ट की टीम अपर उपनिरीक्षक महावीर चौहान के नेतृत्व में तुरंत मौके पर पहुंची। अंधेरा और खड़ी चट्टानें होने के बावजूद SDRF जवानों ने स्थानीय लोगों और जिला पुलिस के साथ मिलकर जोखिम भरा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।

रेस्क्यू ऑपरेशन के नतीजे

  • 250 मीटर गहरी खाई से रस्सियों और स्ट्रेचर की मदद से 5 घायलों को सुरक्षित निकाला गया।
  • सभी घायलों को तुरंत CHC चिन्यालीसौड़ पहुंचाया गया, जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
  • कार में सवार एक महिला की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। उनका शव बरामद कर पुलिस को सौंप दिया गया।

घायल

  1. प्यार सिंह (58 वर्ष) पुत्र चोचया सिंह.
  2. सुरेंद्र सिंह (55 वर्ष) पुत्र नैन सिंह.
  3. दिनेश सिंह कैन्तुरा (35 वर्ष) पुत्र बिजेंद्र सिंह.
  4. मोहन सिंह (47 वर्ष) पुत्र जबर सिंह.
  5. राजेश रावत (52 वर्ष) पुत्र बचन सिंह (सभी निवासी ग्राम जोगत तल्ला, थाना धरासू).

मृतका

ममता देवी (40 वर्ष) पत्नी विनोद सिंह निवासी ग्राम जोगत तल्ला.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तेज रफ्तार और संकरी सड़क पर मोड़ पर कार का संतुलन बिगड़ गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और दुर्घटना के सही कारणों की जांच शुरू कर दी है।

गुलदार का कहर: सत्यखाल क्षेत्र में व्यक्ति पर हमला, मौत, इलाके में दहशत

0

पौड़ी। उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के सत्यखाल क्षेत्र में सुबह-सुबह एक गुलदार ने एक व्यक्ति पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि वह सुबह करीब साढ़े सात बजे दूध देने के लिए पौड़ी की ओर आ रहा था, जब घात लगाए बैठे गुलदार ने झाड़ियों से निकलकर उस पर धावा बोल दिया। हमले में व्यक्ति को गंभीर चोटें आईं और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना से क्षेत्र में दहशत फैल गई है, और ग्रामीण घरों से बाहर निकलने से कतरा रहे हैं।

घटना की पूरी जानकारी

घटना सत्यखाल क्षेत्र के एक सुनसान रास्ते पर हुई, जहां जंगल और खेतों की सीमा है। मृतक की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है, लेकिन स्थानीय लोगों के अनुसार वह नजदीकी गांव का निवासी था। हमले के दौरान चीख-पुकार सुनकर कुछ ग्रामीण पहुंचे, लेकिन तब तक गुलदार जंगल में भाग चुका था। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर छानबीन शुरू कर दी है। विभाग ने क्षेत्र में पिंजरे लगाने और क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) तैनात करने का फैसला लिया है।

गुलदार हमलों का हॉटस्पॉट

पौड़ी गढ़वाल जिला मानव-वन्यजीव संघर्ष का प्रमुख केंद्र बन चुका है। वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 2024 में उत्तराखंड में गुलदारों ने 137 लोगों पर हमला किया, जिनमें से 15 की मौत हो गई। पौड़ी जिले में ही सैकड़ों हमले दर्ज हो चुके हैं, खासकर सतपुली, चोबट्टाखाल और लैंसडाउन जैसे क्षेत्रों में। विशेषज्ञों का कहना है कि जंगलों में आग लगने, शिकार की कमी और मानव बस्तियों का जंगलों में घुसना इसके प्रमुख कारण हैं।

इंडिगो एयरलाइंस में जारी संकट: लगातार तीसरे दिन 150+ उड़ानें रद्द, हजारों यात्री फंसे

0

नई दिल्ली। भारत की सबसे बड़ी बजट एयरलाइन इंडिगो लगातार ऑपरेशनल चुनौतियों से जूझ रही है। गुरुवार (4 दिसंबर 2025) को तीसरे दिन भी दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरु समेत प्रमुख हवाई अड्डों पर दर्जनों उड़ानें रद्द होने की खबरें हैं। इससे पहले मंगलवार और बुधवार को 200 से अधिक उड़ानें रद्द हो चुकी हैं, जिससे हजारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

प्रमुख हवाई अड्डों पर रद्द उड़ानों का आंकड़ा

  • दिल्ली: 30-38 उड़ानें रद्द, लंबी कतारें और यात्रियों में गुस्सा।
  • हैदराबाद: 19-33 उड़ानें प्रभावित, आगमन-प्रस्थान दोनों।
  • मुंबई: 32-33 उड़ानें रद्द, कुछ में 12 घंटे तक देरी।
  • बेंगलुरु: 42 उड़ानें रद्द, टिकटिंग काउंटर पर अफरा-तफरी।

सूत्रों के अनुसार, गुरुवार को पूरे देश में करीब 170 उड़ानें रद्द हुईं। इंडिगो प्रतिदिन 2,300 से अधिक उड़ानें संचालित करती है, लेकिन पिछले तीन दिनों का यह संकट उसकी ऑन-टाइम परफॉर्मेंस (OTP) को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है—मंगलवार को मात्र 35% उड़ानें समय पर रवाना हुईं।

क्रू शॉर्टेज और FDTL नियम

एयरलाइन ने आधिकारिक बयान में तकनीकी खराबी, सर्दी के मौसम से शेड्यूल बदलाव, खराब मौसम, एयरपोर्ट पर भीड़ और फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) को जिम्मेदार ठहराया है। लेकिन विशेषज्ञों और पायलट यूनियनों का कहना है कि असली समस्या पायलट व क्रू की कमी है। नवंबर 2025 से लागू सख्त FDTL नियमों (जो पायलट थकान रोकने के लिए हैं) ने स्थिति बिगाड़ दी। DGCA के अनुसार, नवंबर में ही इंडिगो ने 1,232 उड़ानें रद्द कीं, जिनमें 755 क्रू/FDTL कारणों से।

फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने इंडिगो की ‘लीन मैनपावर स्ट्रैटेजी’ और पायलट वेतन फ्रीज पर सवाल उठाए हैं, जो अन्य एयरलाइंस में नहीं दिखा। दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश पर ये नियम लागू हुए, लेकिन इंडिगो की प्लानिंग में चूक से संकट गहराया।

इंडिगो की सफाई और माफी

बुधवार के बयान में इंडिगो ने कहा, “अनपेक्षित चुनौतियों से हमारे ऑपरेशंस प्रभावित हुए। हमने शेड्यूल में बदलाव शुरू कर दिए हैं, जो अगले 48 घंटों तक जारी रहेंगे। इससे सामान्य स्थिति बहाल हो जाएगी।” कंपनी ने यात्रियों से माफी मांगी और वैकल्पिक उड़ानें या रिफंड का आश्वासन दिया। यात्रियों को सलाह दी गई है कि एयरपोर्ट जाने से पहले https://www.goindigo.in/check-flight-status.html पर स्टेटस चेक करें।

DGCA की जांच और यात्रियों की परेशानी

DGCA ने इंडिगो से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और भविष्य की योजना पर सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया पर यात्री गुस्से से भरे हैं—देरी, रिफंड में टालमटोल और स्टाफ की अनदेखी की शिकायतें आम हैं। एक यात्री ने लिखा, “4 घंटे इंतजार के बाद भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं।” किराए भी बढ़ गए हैं।

यात्रियों से अपील: प्रभावित लोगों को रिफंड या रीशेड्यूलिंग के लिए इंडिगो ऐप/वेबसाइट का इस्तेमाल करें। DGCA नियमों के तहत रद्द उड़ान पर पूरा किराया लौटना चाहिए। यह संकट भारतीय विमानन उद्योग की चुनौतियों को उजागर करता है।

उत्तराखंड में मौसम बदलने के आसार, बर्फबारी से मिलेगी सूखी ठंड से राहत

0

देहरादून। उत्तराखंड में लंबे समय से चल रही सूखी ठंड से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 5 दिसंबर से प्रदेश के मौसम में बदलाव शुरू होगा, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने की संभावना है।

4 दिसंबर: पूरे प्रदेश में शुष्क मौसम

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार बुधवार (4 दिसंबर) को पूरे उत्तराखंड में मौसम साफ और शुष्क रहेगा। हालांकि पर्वतीय इलाकों में सुबह-शाम कड़ाके की ठंड के साथ पाला पड़ने से परेशानी बनी रहेगी।

5 दिसंबर से शुरू होगा बदलाव

गुरुवार (5 दिसंबर) से मौसम करवट लेगा। उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश होने के आसार हैं। साथ ही 3200 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बर्फबारी हो सकती है।

6 दिसंबर: फिर साफ रहेगा मौसम

बर्फबारी के बाद शुक्रवार (6 दिसंबर) को एक बार फिर मौसम साफ हो जाएगा।

7-8 दिसंबर: एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय

शनिवार और रविवार (7 व 8 दिसंबर) को एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से फिर मौसम बदलेगा। इस दौरान पर्वतीय क्षेत्रों में एक बार फिर हल्की बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है।

सूखी ठंड से राहत, स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बारिश और बर्फबारी से तापमान में गिरावट तो आएगी, लेकिन हवा में नमी बढ़ने से सूखी ठंड से काफी राहत मिलेगी। यह स्वास्थ्य की दृष्टि से बेहतर होगा, क्योंकि सूखी ठंड सांस की तकलीफ और त्वचा संबंधी समस्याएं बढ़ाती है।

HC फैसले के बाद कैलाशानंद मिशन ट्रस्ट के दस्तावेज़ BKTC को हस्तांतरित

0

ऋषिकेश: नैनीताल उच्च न्यायालय के 7 नवंबर के आदेश के अनुपालन में कैलाशानंद मिशन ट्रस्ट ने प्रबंधन से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज़ एवं फाइलें पुलिस व प्रशासन की उपस्थिति में श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) को औपचारिक रूप से सौंप दी हैं। अब बीकेटीसी बतौर रिसीवर पूरे कैलाशानंद मिशन ट्रस्ट के प्रबंधन एवं व्यवस्थाओं का संचालन करेगी।

न्यायालय की अपेक्षा के अनुरूप तत्परता दिखाई: हेमंत द्विवेदी

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि उच्च न्यायालय की अपेक्षाओं के अनुरूप हमने पूरी तत्परता दिखाते हुए कैलाशानंद मिशन ट्रस्ट की व्यवस्थाएं संभाल ली हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर समिति न्यायालय के हर निर्देश को सर्वोपरि मानते हुए सभी प्रक्रियाओं का समयबद्ध अनुपालन कर रही है। दस्तावेज़ हस्तांतरण के बाद अब शासकीय एवं धार्मिक व्यवस्थाओं में और अधिक पारदर्शिता आएगी।

छह अधिकारियों-कर्मचारियों की तैनाती

श्री द्विवेदी ने बताया कि ट्रस्ट की व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संभालने के लिए बीकेटीसी ने अपने छह अधिकारियों एवं कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से तैनात कर दिया है।

6-8 घंटे की मैराथन बैठक के बाद हुआ हस्तांतरण

लक्ष्मण झूला स्थित श्री त्र्यंबकेश्वर मंदिर कार्यालय में बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी/कार्यपालक मजिस्ट्रेट विजय प्रसाद थपलियाल तथा पुलिस-प्रशासन के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में 6 से 8 घंटे लंबी विचार-विमर्श बैठक के बाद प्रथम चरण के सभी आवश्यक दस्तावेज़ों का औपचारिक हस्तांतरण किया गया।

ये दस्तावेज़ हुए हस्तांतरित

  • संपत्ति लेखा
  • वित्तीय रिकॉर्ड.
  • कार्मिक व्यवस्था.
  • मंदिर, विश्राम गृह, गौशाला, औषधालय से संबंधित रजिस्टर एवं फाइलें.

ट्रस्ट की ओर से विशालमणि बर्थ्वाल ने सौंपे दस्तावेज़

ट्रस्ट के प्रशासनिक अधिकारी विशालमणि बर्थ्वाल ने दस्तावेज़ बीकेटीसी को सौंपे और इसकी सूचना निवर्तमान रिसीवर राजेश पैन्यूली को भी दी।

शेष दस्तावेज़ 7 दिसंबर तक सौंपे जाएंगे

निवर्तमान रिसीवर राजेश पैन्यूली ने बैठक में बताया कि बचे हुए दस्तावेज़ 7 दिसंबर तक मंदिर समिति को पूर्ण रूप से हस्तांतरित कर दिए जाएंगे।

कर्मचारियों को दिए आवश्यक निर्देश

दस्तावेज़ हस्तांतरण के बाद बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने कैलाशानंद ट्रस्ट के सभी कर्मचारियों के साथ अलग से बैठक कर नई व्यवस्था के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

सभी दस्तावेज़ों की होगी जांच, उच्च न्यायालय को दी जाएगी सूचना

मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने कहा कि बीकेटीसी सभी प्राप्त दस्तावेज़ों का गहन परीक्षण एवं अभिलेखीकरण कर रही है। इसके बाद रिसीवर का कार्य पूरी तरह संभाल लिया जाएगा और इसकी औपचारिक सूचना शीघ्र ही उच्च न्यायालय को भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि मंदिर समिति श्रद्धालुओं की सुविधा और सुचारु व्यवस्था के लिए पूर्ण रूप से संकल्पित है।

उत्तराखंड: अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने 57 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया

0

देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) ने राज्य के विभिन्न विभागों में कुल 57 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इन पदों पर योग्य उम्मीदवारों से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं।

शामिल प्रमुख पद

  • मनोवैज्ञानिक (Psychologist)
  • पर्यटन अधिकारी (Tourism Officer)
  • कंप्यूटर प्रोग्रामर (Computer Programmer)
  • प्रशिक्षक/अनुदेशक (Instructor)
  • कैमरामैन (Cameraman)
  • फोटोकॉपी मशीन ऑपरेटर
  • जूनियर तकनीकी सहायक सहित अन्य पद

महत्वपूर्ण तिथियां

  • ऑनलाइन आवेदन शुरू होने की तिथि: 10 दिसंबर 2025
  • आवेदन की अंतिम तिथि: 30 दिसंबर 2025
  • आवेदन में संशोधन की अवधि: 3 से 5 जनवरी 2026
  • लिखित परीक्षा (प्रस्तावित): 9 मार्च 2026 से

इच्छुक और योग्य अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट sssc.uk.gov.in पर जाकर विस्तृत विज्ञापन, पात्रता मानदंड, चयन प्रक्रिया और आवेदन करने की पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

आयोग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय-सीमा के बाद कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसलिए उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे समय रहते आवेदन पूरा कर लें।

उत्तराखंड कांग्रेस का ‘संविधान बचाओ, लोकतंत्र बचाओ’ अभियान शुरू

0

देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने बुधवार को देहरादून के परेड ग्राउंड में ‘संविधान बचाओ, लोकतंत्र बचाओ’ अभियान की जोरदार शुरुआत की। डॉ. भीमराव अम्बेडकर के संविधान दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में सैकड़ों कार्यकर्ता और प्रदेश के दिग्गज नेता शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ किया और इसे बचाने का संकल्प लिया।

हरक सिंह रावत का तीखा हमला

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा, “अगर भारत में डॉ. अम्बेडकर का संविधान नहीं होता तो आज देश की हालत पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसी होती। संविधान ही हमारी एकता, अखंडता और लोकतंत्र की गारंटी है।” उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि संविधान पर मंडरा रहे खतरों के खिलाफ हर कांग्रेसजन को सड़क पर उतरना होगा और इसे बचाने के लिए एकजुट होकर लड़ना होगा।

मंच पर दिखी एकजुटता

कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम, पूर्व मंत्री नवप्रभात, राजेंद्र शाह सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। सभी नेताओं ने एक स्वर में कहा कि संविधान और लोकतंत्र को कमजोर करने की किसी भी साजिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पूरे प्रदेश में चलेगा अभियान

प्रदेश कांग्रेस ने ऐलान किया कि ‘संविधान बचाओ, लोकतंत्र बचाओ’ अभियान को अब पूरे उत्तराखंड में जन-जन तक ले जाया जाएगा। आने वाले दिनों में हर जिले और ब्लॉक स्तर पर सम्मेलन, रैलियां और जनसभाएं आयोजित की जाएंगी। पार्टी का दावा है कि यह अभियान 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले जनता के बीच संविधान की रक्षा का मजबूत संदेश लेकर जाएगा।

कॉम्प्लेक्स में आग लगते ही अफरातफरी, 19 लोगों को बचाया गया

0

भावनगर (गुजरात) : शहर के व्यस्त कालूभर रोड स्थित समीप कॉम्प्लेक्स में बुधवार सुबह करीब 9 बजे अचानक आग लग गई। इस कॉम्प्लेक्स में एक पैथोलॉजी लैब समेत करीब 10-15 छोटे-बड़े अस्पताल, क्लिनिक और दुकानें हैं। आग की ऊंची लपटें देखते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

सूचना मिलते ही स्थानीय युवाओं ने बहादुरी दिखाते हुए सबसे पहले बचाव कार्य शुरू किया। उन्होंने अस्पतालों में भर्ती बच्चों, बुजुर्गों और अन्य मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके तुरंत बाद दमकल विभाग की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया।

भावनगर कलेक्टर मनीष बंसल ने बताया, “आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, पुलिस और एम्बुलेंस की टीमें तुरंत रवाना की गईं। स्थानीय लोगों का सहयोग सराहनीय रहा। सभी मरीजों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।”

राहत की बात

  • घटना में कोई भी व्यक्ति घायल या हताहत नहीं हुआ.
  • सभी मरीजों व स्टाफ को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.
  • कुछ ही घंटों में आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया.
  • फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य और नियंत्रण में.

आग लगने के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।

मां-बाप ने सड़क पर फेंका नवजात, आवारा कुत्तों ने रातभर की रखवाली; इंसान चुप रहे, जानवर बन गए फरिश्ते

0

कृष्णानगर (नादिया) : मामला पश्चिम बंगाल का है। दिसंबर की ठंडी रात। रेलवे कॉलोनी की सुनसान गली में एक नवजात बच्चे की रोने की हल्की-हल्की आवाज गूंज रही थी। पालीथीन में बंद कपड़े में लिपटा वो नन्हा सा जिस्म ठिठुर रहा था। जन्मे अभी कुछ घंटे ही हुए थे कि किसी ने उसे मौत के मुंह में धकेल दिया। लेकिन, इस दुनिया में अभी ममता बाकी थी, वो ममता जो इंसानों में नहीं, गली के आवारा कुत्तों में बची थी।

रात भर बच्चे के रोने की आवाज सुनकर पांच-सात आवारा कुत्ते वहां पहुंचे। उन्होंने बच्चे को चारों तरफ से घेर लिया। गोला बनाकर बैठ गए। कोई जंगली जानवर, कोई राहगीर – किसी को भी पास नहीं भटकने दिया। ठंड से बचाने के लिए अपने शरीरों की गर्मी उस तक पहुंचाते रहे।

सुबह हुई। पहली किरण के साथ जब कॉलोनी के लोग बाहर निकले तो हैरान रह गए – कुत्ते अभी भी वैसे ही बैठे थे। बीच में कंबल की छोटी सी गठरी। जैसे ही कोई पास आया, कुत्तों ने धीरे से रास्ता दे दिया। मानो कह रहे हों – “अब तुम इसकी जिम्मेदारी ले लो, हमने अपनी पूरी कोशिश कर दी।”

कंबल खोला गया तो उसमें एक जिंदा, स्वस्थ नवजात था। सिर पर जन्म का हल्का खून, बाकी कोई चोट नहीं। डॉक्टरों ने कहा, “अगर कुत्ते न होते तो ठंड और जंगली जानवरों से बच्चे की जान नहीं बचती।”

बच्चे को तुरंत महेशगंज अस्पताल और फिर कृष्णानगर सदर अस्पताल ले जाया गया। वहां नर्सों ने उसे नहलाया, दूध पिलाया और गर्म कपड़ों में लपेटा। बच्चा फिलहाल पूरी तरह स्वस्थ हैं।

पुलिस मामले की जांच कर रही है। सीसीटीवी खंगाले जा रहे हैं। माता-पिता का पता लगाने की कोशिश जारी है। लेकिन इस बीच पूरा इलाका एक ही बात कह रहा है, “इंसान ने बच्चे को फेंक दिया, कुत्तों ने उसकी जान बचाई।”

‘धुरंधर’ को मिली क्लीन चिट, ये थी आपत्तियां

0

मुंबई: रणवीर सिंह स्टारर बहुप्रतीक्षित स्पाई-थ्रिलर फिल्म ‘धुरंधर’ को लेकर चल रहा कानूनी विवाद फिलहाल खत्म हो गया है। दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश पर सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) ने फिल्म की दोबारा जांच की और अशोक चक्र विजेता स्वर्गीय मेजर मोहित शर्मा के परिवार की सभी आपत्तियों को खारिज कर दिया है।

बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि ‘धुरंधर’ पूरी तरह से एक काल्पनिक (फिक्शनल) कहानी है और इसका दिवंगत मेजर मोहित शर्मा की जिंदगी, उनकी सर्विस, बलिदान या किसी भी व्यक्तिगत अनुभव से कोई सीधा या परोक्ष संबंध नहीं है।

कोर्ट के सवाल का सीधा जवाब दिया CBFC ने

दिल्ली हाईकोर्ट ने 1 दिसंबर 2025 को दिए अपने आदेश में CBFC को निर्देश दिया था कि वह यह जांच करे कि क्या फिल्म किसी भी रूप में मेजर मोहित शर्मा के जीवन से प्रेरित है या उनसे मिलती-जुलती है। नए रिव्यू में बोर्ड ने साफ कहा:

  • फिल्म में दिखाया गया किरदार और घटनाएं पूरी तरह काल्पनिक हैं.
  • मेजर शर्मा या किसी भी वास्तविक व्यक्ति (जीवित या दिवंगत) से कोई बायोग्राफिकल या फैक्चुअल कनेक्शन नहीं.
  • फिल्म की शुरुआत में ही मजबूत डिस्क्लेमर दिया गया है जिसमें साफ लिखा है कि सभी पात्र और घटनाएं काल्पनिक हैं और इनका किसी भी वास्तविक व्यक्ति से कोई संबंध नहीं है.

पहले ही हो चुकी थी जांच

CBFC के आंतरिक दस्तावेज के मुताबिक, एग्जामिनिंग कमिटी ने 28 नवंबर 2025 को ही फिल्म देख ली थी और कुछ जरूरी बदलावों के बाद इसे ‘A’ (एडल्ट) सर्टिफिकेट देने लायक पाया था। परिवार की आपत्ति के बाद हुई यह दूसरी जांच थी, जिसमें भी कोई गंभीर मुद्दा नहीं पाया गया।

अब सर्टिफिकेशन प्रक्रिया बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ेगी और फिल्म निर्धारित तारीख यानी 5 दिसंबर 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज हो सकेगी। आदित्य धर के निर्देशन में बनी ‘धुरंधर’ में रणवीर सिंह के साथ संजय दत्त, अक्षय खन्ना, आर. माधवन और अर्जुन रामपाल अहम भूमिकाओं में हैं। यह एक हाई-ऑक्टेन स्पाई एक्शन थ्रिलर है जिसका फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।विवाद सुलझने के बाद अब फिल्म बेरोकटोक दर्शकों तक पहुंचने के लिए पूरी तरह तैयार है।