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दिल्ली को प्रदूषण मुक्त करने के लिए केजरीवाल का मास्टर प्लान, अब करना होगा

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Arvind Kejriwal

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली को प्रदूषण से बचाने की तैयारी के साथ कहा है कि एक बार फिर से दिल्ली में ऑड-ईवन के नियम को लागू कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री का कहना है कि दिल्ली में 4 से 15 नवंबर तक वाहनों के लिए एक बार फिर से ऑड और ईवन के नियमों को लागू कर दिया जाएगा।इस नियम के तहत ऑड वाले दिन ऑड नंबर वाले वाहन ही चलेंगे और ईवन वाले दिन ईवन नम्बर के वाहन ही सड़कों पर दिख सकेंगे।

मुख्यमंत्री केजरीवाल ने बताया कि जो भी ऑड और ईवन के नियमों का उल्लंघन करेगा उस पर 4000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। और इसके दायरे में दूसरे राज्यों से आने वाले वाहन भी शामिल होंगे। जबकि दुपहिया वाहनों पर यह नियम लागू नहीं किया जाएगा। इसके साथ-साथ यदि वाहन में किसी मरीज को लेकर जा रहे हैं तो भी नियमों में छूट मिलेगी। महिलाओं और विद्यार्थियों को भी नियमों में छूट का लाभ दिया गया है जबकि सीएनजी गाड़ियां इस नियम के दायरे में आएंगी।

मुख्यमंत्री ने बताया है कि राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सभी राज्यों के राज्यपाल, भारत के मुख्य न्यायाधीश, लोकसभा अध्यक्ष, सभी केंद्रीय मंत्री, राज्यसभा और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष, सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, इस नियम के दायरे से बाहर रहेंगे जबकि दिल्ली के मुख्यमंत्री और मंत्रियों को इस नियम में किसी भी तरह की कोई भी छूट नहीं दी गई है।

केजरीवाल सरकार ने दिल्ली को प्रदूषण मुक्त करने के लिए 7 सूत्रीय कार्यप्रणाली की योजना तैयार की है। जिसके अंतर्गत दिल्ली सरकार सामूहिक रूप से प्रदूषण मुक्त दिवाली मनाएगी। ऑड-ईवन का नियम फिर से लागू किया जाएगा।  मुफ़्त मास्क उपलब्ध कराए जाएंगे। ‘हॉट-स्पॉट एक्शन प्लान’ लागू किया जाएगा। कचरे में आग लगाने पर प्रतिबंध लगेगा। धूल का उचित नियंत्रण होगा। दिल्ली सरकार ‘ट्री चैलेंज’लाएगी।

अब आपका फ़ेसबुक अकाउंट खोलेगा आपका हर राज़, केंद्र सरकार ने जारी…

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Facebook

सोशल मीडिया इन दिनों मीडिया से भी बड़ी भूमिका में नज़र आता है। सोशल मीडिया के ज़रिए कोई भी ख़बर इतनी तेज़ी से फैलती है कि उसे रोक पाना सम्भव नहीं है। जहाँ बड़ी- बड़ी पार्टियाँ भी इस माध्यम की मदद से पब्लिक सपोर्ट पाती हैं वहीं कई बार उनके ख़िलाफ़ चलने वाली ख़बरों से परेशान भी रहती हैं। इस मामले में तमिलनाडू की ओर से अटॉर्नी जनरल के.के. वेणुगोपाल के विभिन्न उच्च न्यायालयों में सोशल मीडिया के आधार लिंक पर लंबित सारे मामले शीर्ष अदालत में स्थानांतरित करने का फेसबुक का विरोध छोड़ देने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने फ़ेसबुक, व्हाट्सएप और ट्विटर जैसे सोशल मीडिया कंपनियों के खातों को आधार के साथ जोड़ने को लेकर विभिन्न उच्च न्यायालय में लंबित याचिकायें अपने यहां स्थानांतरित करा ली हैं।

न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की पीठ ने फ़ेसबुक की स्थानांतरण याचिका पर यह आदेश दिया है। पीठ ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया है कि इससे संबंधित सारे मामले प्रधान न्यायाधीश के समक्ष पेश किये जायें, ताकि इन्हें जनवरी 2020 के अंतिम सप्ताह में सुनवाई के लिए उचित पीठ को सौंपा जा सके। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि 15 जनवरी तक सोशल मीडिया के लिए नियम तैयार कर लिए जाएंगे।

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि इंटरनेट लोकतांत्रिक राज्य व्यवस्था को अकल्पनीय नुकसान पहुंचाने वाला शक्तिशाली हथियार बन कर उभरा है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को नियमों की अधिसूचना जनवरी के पहले सप्ताह में पेश करने का निर्देश दिया है। जिसके अंतर्गत सोशल मीडिया का दुरुपयोग रोका जा सके और कूट संदेशों के लिए मध्यस्थों की ज़िम्मेदारी निर्धारित की जा सके। बता दें कि केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया संस्थानों के कामकाज को नियंत्रित करने के लिए नए नियमों को अंतिम रूप देने के लिए 3 महीनों का अतिरिक्त समय मांगा है।

राजस्थान में भाजपा की इस बड़ी नेता पर लगा ऐसा आरोप, दिल्ली तक पहुँची…

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Vasundhra Raje

राजस्थान के नागौर से सांसद और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी रालोपा के संयोजक हैं हनुमान बेनीवाल। खींवसर विधानसभा सीट पर रालोपा ने भारतीय जनता पार्टी से गठबंधन किया था। और चुनावों के परिणाम के अनुसार इस सीट पर हनुमान बेनीवाल के भाई नारायण बेनीवाल ने जीत दर्ज की थी। उन्होंने कांग्रेस के उम्मीदवार हरेंद्र मिर्धा को बहुत ही कम अंतर से हराया था। और अब रालोपा के हनुमान बेनीवाल ने भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया और पूर्व मंत्री यूनुस ख़ान पर खींवसर विधानसभा में कांग्रेस उम्मीदवार की मदद करने का गंभीर आरोप लगाया है।

बता दें कि सांसद हनुमान बेनीवाल ने ट्वीट करते हुए वसुंधरा राजे और यूनुस ख़ान पर उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार की मदद का आरोप लगाते हुए भाजपा नेतृत्व से इन दोनों पर कार्यवाही करने की मांग की है। सोशल मीडिया की अपने ट्विटर अकाउंट पर वसुंधरा राजे सिंधिया और पूर्व मंत्री यूनुस ख़ान पर गंभीर आरोप लगाते रालोपा के संयोजक सांसद हनुमान बेनीवाल ने इस ट्वीट को और महत्वपूर्ण बनाते हुए इस पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, भाजपा के कार्यवाहक अध्यक्ष जे.पी. नड्डा, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया, और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया को टैग किया है।

रालोपा के हनुमान बेनीवाल ने भाजपा के महत्वपूर्ण पदाधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाने के लिए ट्वीट करते हुए लिखा है कि, “आदरणीय अमित शाह जी, जेपी नड्डा जी, सतीश पूनिया जी, लोकसभा चुनाव और अब खींवसर चुनाव में भी वसुंधरा राजे और पूर्व मंत्री यूनुस ख़ान ने आरएलपी का भाजपा से गठबंधन होने के बावजूद कांग्रेस प्रत्याशी की चुनाव में ख़ुलेआम मदद की, इन पर कार्यवाही की जाए।”

निकाय प्रमुख के चुनाव को लेकर राजस्थान में इन दो बड़े नेताओं के बीच शुरू हुई बयानबाज़ी

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Sachin Pilot- Ashok Gehlot

राजस्थान सरकार की तरफ से बिना चुनाव लड़े निकाय प्रमुख बनाने का जो फ़ैसला लिया गया था, उस फ़ैसले का उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने पुरज़ोर विरोध किया था। जिसकी वजह से राज्य की सरकार के उप-मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री दोनों आमने-सामने आ गए थे। और इस मुद्दे पर सरकार के अंदर ही अंदर टकराव की स्थिति ना बने इसके लिए सरकार ने अपना फ़ैसला बदल दिया और इस नए बदलाव के अंतर्गत पहली प्राथमिकता के अनुसार निर्वाचित पार्षद ही निकाय प्रमुख बनने के लिए चुनाव लड़ेगा।

हालांकि, बाहर से भी निकाय प्रमुख बनाने का रास्ता पूरी तरह से बंद नहीं किया गया है। सरकार के आदेश के अनुसार विशेष परिस्थितियों में एससी, एसटी, ओबीसी और महिला वर्ग के आरक्षण में किसी पार्टी विशेष के सदस्य अगर नहीं जीत पाते हैं, तो ऐसे व्यक्ति को चुनाव लड़वाया जा सकेगा जो पार्षद नहीं होगा। स्थानीय निकाय विभाग ने इस संबंध में नई अधिसूचना जारी नहीं करने का फ़ैसला किया है। सरकार ने नए बदलाव को सैद्धांतिक बताते हुए कहा है कि 16 अक्टूबर की अधिसूचना को ही प्रभावी माना जाएगा।

इस मुद्दे पर उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा है कि बिना चुनाव लड़े निकाय प्रमुख बनाने का फ़ैसला वापस हुआ है। मुझे विश्वास है कि पहले लिया गया फ़ैसला लोकतंत्र के विरुद्ध था और हमें ख़ुशी है कि जो मुद्दा हमारी तरफ से उठाया गया था उसे मान्यता मिली है। तो दूसरी तरफ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस बदलाव पर कहा है कि बाहर का व्यक्ति यदि निकाय प्रमुख बनेगा तो पार्षद इस बात को कैसे सहन करेंगे? मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में ग़ैर-ज़रूरी भ्रम की स्थिति बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग के मंत्री की तरफ से मुझे बताया गया है कि, केवल विशेष परिस्थितियों में ही ग़ैर-पार्षद को निकाय प्रमुख का चुनाव लड़वाया जा सकता है।

इस बॉलीवुड अभिनेत्री से ठगी करना पड़ा महँगा, किया कुछ ऐसा कि उड़ गए होश

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Isha Sharvani and the thug

सुभाष घई की फ़िल्म किसना की खूबसूरत अभिनेत्री ईशा शरवानी जो कि ऑस्ट्रेलिया में रहकर अपनी ‘डांस अकेडमी’ चला रही हैं एक ऑनलाइन ठगी का शिकार बनी हैं। ईशा ने पहले ऑस्ट्रेलियाई पुलिस को इस मामले की जानकारी दी और उसके बाद दिल्ली पुलिस की साइबर सेल में भी अपनी शिक़ायत दर्ज कराई। इस मामले पर तुरंत कार्रवाई करते हुए दिल्ली पुलिस के साइबर सेल ने इनकम टैक्स ऑफिसर के नाम पर फोन करके ठगी करने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ़्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक ये गैंग 100 से ज़्यादा ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को अपनी ठगी का शिकार बना चुका है। साइबर क्राइम यूनिट के डीसीपी अनिमेष रॉय के अनुसार कुछ दिन पहले ईशा शरवानी ने ठगी की एक शिक़ायत दर्ज कराई थी और बताया था कि वो ऑस्ट्रेलिया के पर्थ में रहती हैं, उन्हें कोई ऑस्ट्रेलियन इनकम टैक्स ऑफिसर बनकर लगातार फोन कर रहा है।

फोन करने वाले का नंबर ऑस्ट्रेलिया की राजधानी कैनबरा का है। कॉल करने वाला कह रहा था कि उन्होंने टैक्स रिटर्न में कुछ गड़बड़ी की है इसलिए ऑस्ट्रेलियन सरकार ने उनका अरेस्ट वारंट जारी कर दिया है। इसके बाद फोन करने वाले ने ईशा के सीए का नंबर और डिटेल्स लिए और दोबारा जो फोन आया वह नंबर उनके सीए के ऑफिस का था। फोन करने वाले ने कहा कि टैक्स भरने में कुछ गड़बड़ी हो गई है। अब उसका पूरा पैसा जो लगभग 5700 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर हैं, उन्हें वापस कर दिया जाएगा। क्योंकि इसमें ईशा की कोई ग़लती नहीं है। लेकिन, इनकम टैक्स अफसर को पैसा ट्रांसफर करना ही होगा।

वेस्टर्न यूनियन के ज़रिए 3500 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर जबकि आरआईए मनी ट्रांसफर के ज़रिए 2500 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ट्रांसफर किए गए। पुलिस अधिकारी ने बताया कि जांच में पता चला है कि भानुज बेरी नामक शख़्स वेस्टर्न यूनियन में रजिस्टर्ड एजेंट है। जिसने अपने साथियों के साथ मिलकर ईशा के साथ ठगी को अंजाम दिया था। भानुज बेरी के दो अन्य साथी पुनीत चड्ढा और ऋषभ खन्ना को भी गिरफ़्तार कर लिया गया है।

बता दें कि सभी आरोपी दिल्ली के रहने वाले हैं। इन्होंने दिल्ली के विकासपुरी में एक फ़र्ज़ी कॉल सेंटर खोला हुआ था। वहीं से यह लोग VOIP कॉल और नंबर स्पूफिंग सॉफ्टवेयर के ज़रिए ऑस्ट्रेलिया इनकम टैक्स ऑफिसर बनकर ठगी को अंजाम देते थे। इन लोगों के गैंग ने पिछले 8 महीनों में 100 से ज़्यादा ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को अपनी ठगी का शिकार बनाया है।

कम्पनियों के काम के तरीक़ों में आया है ये बड़ा बदलाव, श्रमिकों को नहीं मिलता..

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प्रतीकात्मक तस्वीर

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के अमरीश दुबे और इंडिकस फाउंडेशन के लविश भंडारी द्वारा लिखित ‘इमर्जिंग एंप्लॉयमेंट पैटर्न ऑफ ट्वेंटी फर्स्ट सेंचुरी इंडिया’ की एक रिपोर्ट के अनुसार कहा गया है कि साल 2014 के बाद रोज़गार की तुलना में जनसंख्या में वृद्धि दोगुनी रफ़्तार से हुई है। ‘नेशनल सैंपल सर्वे ऑर्गेनाइजेशन (एनएसएसओ), ‘एंप्लॉयमेंट-अनइंप्लॉयमेंट सर्वे’ ऑफ 2004-05 और 2011-12 के साथ ही 2017-18 के समय के लेबर फोर्स की तुलना की गई है। इसमें पाया गया है कि पिछले 15 साल की समय अवधि में रोज़गार में वृद्धि की दर 0.8 फ़ीसदी रही है। जबकि इस दौरान की जनसंख्या वृद्धि दर 1.7 फ़ीसदी रही है।

साल 2012 से 2018 के दौरान देश में कंपनियों ने कैजुअल लेबर यानी बिना कॉन्ट्रैक्ट वाले श्रम को अधिक महत्व दिया है। बिना कॉन्ट्रैक्ट वाले रोज़गार एक तरह से घरेलू नौकर के समान समझे जा सकते हैं। इसमें आपको श्रम के बदले में कम पैसा देना होता है। इसके साथ ही काम का माहौल और जॉब सिक्योरिटी तथा अन्य चीज़ें कॉन्ट्रैक्ट की तुलना में नहीं के बराबर होती हैं।

एक असंगठित क्षेत्र की तरह है, जहां ना तो काम की जगह रजिस्टर्ड होती है। और ना ही किसी भी तरह के श्रम क़ानूनों का पालन करना अनिवार्य माना जाता है। यही कारण है कि कंपनियां बिना कॉन्ट्रैक्ट वाले कर्मचारियों को ज़्यादा महत्व देती हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार साल 2012 में जहां बिना कॉन्ट्रैक्ट वाले कर्मचारियों की संख्या 2.44 करोड़ थी। जो 2018 में बढ़कर 3.61 करोड़ हो गई है। वहीं कॉन्ट्रैक्ट वाले कर्मचारी सन 2012 के 2.65 करोड़ की तुलना में 6 साल बाद 2.80 करोड़ ही बने रहे।

महाराष्ट्र चुनावी नतीजों से ख़ुश इस बॉलीवुड स्टार ने किया ये ट्वीट, कांग्रेस से..

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Ritesh Deshmukh in Latur

महाराष्ट्र विधानसभा के चुनावों के नतीजों ने बॉलीवुड स्टार रितेश देशमुख को सबसे ज़्यादा ख़ुश किया है। क्योंकि रितेश देशमुख के दोनों भाइयों ने इस बार विधानसभा चुनाव लड़ा था। और रितेश के लिए ख़ुशी की बात यह है कि उनके दोनों भाइयों ने इन चुनावों में धमाकेदार जीत दर्ज की है। रितेश के पिता विलासराव देशमुख महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री रहे थे। रितेश देशमुख के बॉलीवुड में काम करने के बाद अब उनके दोनों बेटे धीरज देशमुख और अमित देशमुख अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।

इस ख़ुशी में रितेश देशमुख ने अपने टि्वटर हैंडल पर अपने पिता को संबोधित करते हुए एक ट्वीट किया है। रितेश देशमुख ने अपने ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया “हमने कर दिखाया पापा” अमित देशमुख में लातूर शहर की सीट क़रीब 42 हज़ार से भी ज़्यादा वोटों से लगातार तीसरी बार जीती। वहीं धीरज देशमुख ने लातूर की सीट को 1.21 लाख वोटों से अपने नाम किया। इसके साथ ही रितेश ने जनता को धन्यवाद दिया और कहा कि, लातूर की जनता “धन्यवाद” जिन्होंने हम पर इतना विश्वास जताया और इतना प्यार दिया, इसके साथ ही रितेश ने दो फोटो भी शेयर किए, जिसमें तीनों भाई चुनावी प्रचार करते दिख रहे हैं।

बता दें कि धीरज देशमुख ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत एक ज़िला परिषद सदस्य के तौर पर लातूर से ही की थी। और अब वह विधायक बन गए हैं। धीरज ने 1.21 लाख वोटों के भारी अंतर से जीत दर्ज की है। वहीं उनके बड़े भाई अमित ने लातूर शहर की सीट पर लगातार तीसरी बार क़ब्ज़ा जमाया है उल्लेखनीय है कि लातूर विलासराव देशमुख का गृह ज़िला है।

टीम इंडिया के इस खिलाड़ी ने दिलायी याद सचिन की, बनाए न भूलने वाले रिकॉर्ड

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Umesh Yadav with team mates

हाल ही में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच तीसरा और अंतिम टेस्ट मैच हुआ जिसमें रोहित शर्मा और उमेश यादव की पर्फ़ॉर्मन्स देखकर उनके फ़ैन्स के लिए ये एक यादगार मैच बन गया। रोहित शर्मा ने अपने टेस्ट करियर का पहला दोहरा शतक इसी मैच में लगाया है। तो वहीं दूसरी ओर उमेश यादव ने भी अपनी आतिशी पारी की बदौलत नए रिकॉर्ड बना कर इसे क्रिकेट इतिहास में मील का पत्थर बना दिया है। क्रिकेट प्रेमियों को तो टेस्ट मैच में जैसे T20 का आनंद आ गया, जब उमेश यादव ने 10 गेंदों में 5 छक्के जड़ दिए।

बता दें कि उमेश यादव ने 10 गेंदों में 31 रन बनाए यह टेस्ट क्रिकेट का उनका अधिकतम स्कोर है। इतना ही नहीं बल्कि अपनी शानदार बल्लेबाज़ी से उन्होंने चार रिकॉर्ड भी अपने नाम किए बता दें कि रविंद्र जडेजा के आउट हो जाने के बाद बल्लेबाज़ी की कमान संभाली उमेश यादव ने और उन्होंने शुरुआत में ही पहली दो गेंदों में दो छक्के जड़कर अपने इरादे साफ़ कर दिए थे कि आज उन्हें कोई रोक नहीं सकता है।

टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाज़ी करते हुए पहली 2 गेंदों पर लगातार दो छक्के जड़ने के मामले में उमेश यादव ने सचिन तेंदुलकर की बराबरी कर ली है। यह रिकॉर्ड पहले फाफी विलियम्स के नाम दर्ज था। उमेश यादव टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज 30 या उससे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। इस मामले में उन्होंने न्यूज़ीलैंड के शानदार बल्लेबाज़ स्टीफन फ्लेमिंग के रिकॉर्ड को तोड़ा है। ग़ौरतलब है कि फ्लेमिंग ने 1998 में दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ मैच में 11 गेंद में नाबाद 31 रन बनाए थे। उमेश यादव की इस टेस्ट मैच की स्ट्राइक रेट 310 थी। ये भी 10 या उससे अधिक गेंदें खेलने के बाद टेस्ट मैचों के इतिहास में सबसे अधिक स्ट्राइक रेट है।

बीसीसीआई के अध्यक्ष बनते ही धोनी के सन्यास पर सौरव गांगुली ने दिया बयान

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Saurbh Ganguli- MS Dhoni

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष सीके खन्ना ने बीसीसीआई के नए अध्यक्ष सौरव गांगुली को उनका पदभार सौंप दिया है सौरव गांगुली निर्विरोध चुने गए हैं। नवनियुक्त बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने भ्रष्टाचार मुक्त कार्यकाल का वादा किया है। और कहा है कि वह उसी तरह दुनिया की सबसे अमीर क्रिकेट संस्था की अगुवाई करेंगे, जिस तरह से उन्होंने भारतीय टीम की कप्तानी की थी। बीसीसीआई अध्यक्ष बनने के बाद गांगुली ने टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के भविष्य को लेकर भी बात की। गांगुली ने धोनी के बारे में सवाल पूछे जाने पर कहा कि भारत को महेंद्र सिंह धोनी की उपलब्धियों पर गर्व है।

जब धोनी के संन्यास की अटकलों को लेकर सवाल पूछा गया तो सौरव गांगुली ने कहा, ‘चैंपियंस इतनी जल्दी ख़त्म नहीं होते, जब तक मैं हूं, हर किसी का सम्मान होगा।’ बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली से प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह भी पूछा गया कि महेंद्र सिंह धोनी को लेकर टीम मैनेजमेंट से उनकी कोई बात हुई है। इस सवाल का जवाब देते गांगुली ने कहा कि, ‘जब मैं टीम इंडिया से बाहर गया तब भी इसी तरह की बातें होती थीं।’ सौरव गांगुली ने कहा कि, ‘टीम से बाहर जाने के बाद मैंने दोबारा वापसी की, धोनी एक बहुत बड़े खिलाड़ी हैं, पूरे देश को उन पर गर्व है, उनके रिकॉर्ड और उनकी उपलब्धियां देखने के बाद उनके लिए सिर्फ़ तारीफ़ ही की जा सकती है।’

साथी गांगुली ने यह भी कहा कि, ‘धोनी के सन्यास पर ना तो हम कोई फ़ैसला करेंगे, और ना ही मैनेजमेंट की तरफ से कोई प्रेशर होगा। संन्यास का फ़ैसला सिर्फ़ और सिर्फ़ महेंद्र सिंह धोनी का होगा। वह जैसा और जब चाहेंगे होगा। भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और नवनियुक्त बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने कहा, ‘मेरे यहां रहते हुए हर क्रिकेटर का सम्मान होगा।’ गांगुली ने कहा कि हमें रणजी क्रिकेटरों की देखभाल करना भी सुनिश्चित करना होगा। साथ ही गांगुली ने भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली से मुलाक़ात करने की बात भी कही। और कहा कि विराट कोहली भारतीय टीम में सबसे  महत्वपूर्ण व्यक्ति हैं और हम उन्हें सुनेंगे।

ट्रम्प ने दी तुर्की को अर्थव्यवस्था तबाह कर देने की सख़्त चेतावनी

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Trump

सीरिया में बशर अल असद सरकार को रूस का समर्थन हासिल है, तो वहीं अमेरिका असद का घोर विरोधी रहा है लेकिन अब सीरिया और तुर्की के हालात बदल चुके हैं। बता दें कि आतंकी संगठन आईएस के ख़िलाफ़ जंग में कुर्दो ने अमेरिका का हमेशा साथ निभाया है। लेकिन, सीरिया में कुर्द प्रभुत्व वाले इलाक़ों से अमेरिकी सेना के हटने के साथ ही यहां समीकरण बदल गए हैं।

अमेरिकी सैनिकों के हटते ही तुर्की ने कुर्दो पर अपने हमले तेज़ कर दिए हैं। अब इस बदले हुए समीकरण में कुर्दो ने अपना पाला बदल लिया है और अब वह सीरियाई सरकार से मिल गए हैं। जिसके बाद सीरियाई सैनिकों ने तुर्की से लगे सीमावर्ती इलाक़ों में पोजीशन संभालनी शुरू कर दी है। ग़ौरतलब है कि सीरिया के इस इलाक़े में सबसे अधिक तेल और कृषि संसाधन पाए जाते हैं। तो दूसरी ओर तुर्की कि सीरिया पर सैन्य कार्रवाई पर अमेरिका ग़ुस्से में है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तुर्की को सख़्त चेतावनी दी है कि अमेरिका तुर्की की अर्थव्यवस्था को तबाह कर देगा।

अमेरिका ने अपने शक्ति प्रदर्शन के ज़रिए तुर्की को एक कड़ी चेतावनी दी है। पेंटागन का ने दावा किया है कि उत्तरी सीरिया के ऐन-ईसा में तुर्की समर्थित लड़ाकों को डराने के लिए अमेरिकी लड़ाकू विमानों और गनशिप हेलीकॉप्टरों ने उड़ानें भरी हैं। और अंकारा से इसकी शिकायत भी की है। सूत्रों से प्राप्त ख़बरों के अनुसार पेंटागन के एक अधिकारी ने पत्रकारों से कहा है कि शक्ति के प्रदर्शन के लिए F-15 लड़ाकू विमानों और A.H-64 अपाचे गनशिप हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया गया है। हालांकि, अमेरिकी सैनिकों ने पिछले हफ़्ते से सीरिया से बाहर निकलना शुरू कर दिया है। लेकिन, सीरिया तुर्की सीमा के निकट रणनीतिक हाईवे एम-4 के इलाक़े में अमेरिकी स्पेशल फ़ोर्सेज़ अभी भी मौजूद हैं।