अब आपका फ़ेसबुक अकाउंट खोलेगा आपका हर राज़, केंद्र सरकार ने जारी…

0
397
Facebook

सोशल मीडिया इन दिनों मीडिया से भी बड़ी भूमिका में नज़र आता है। सोशल मीडिया के ज़रिए कोई भी ख़बर इतनी तेज़ी से फैलती है कि उसे रोक पाना सम्भव नहीं है। जहाँ बड़ी- बड़ी पार्टियाँ भी इस माध्यम की मदद से पब्लिक सपोर्ट पाती हैं वहीं कई बार उनके ख़िलाफ़ चलने वाली ख़बरों से परेशान भी रहती हैं। इस मामले में तमिलनाडू की ओर से अटॉर्नी जनरल के.के. वेणुगोपाल के विभिन्न उच्च न्यायालयों में सोशल मीडिया के आधार लिंक पर लंबित सारे मामले शीर्ष अदालत में स्थानांतरित करने का फेसबुक का विरोध छोड़ देने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने फ़ेसबुक, व्हाट्सएप और ट्विटर जैसे सोशल मीडिया कंपनियों के खातों को आधार के साथ जोड़ने को लेकर विभिन्न उच्च न्यायालय में लंबित याचिकायें अपने यहां स्थानांतरित करा ली हैं।

न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की पीठ ने फ़ेसबुक की स्थानांतरण याचिका पर यह आदेश दिया है। पीठ ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया है कि इससे संबंधित सारे मामले प्रधान न्यायाधीश के समक्ष पेश किये जायें, ताकि इन्हें जनवरी 2020 के अंतिम सप्ताह में सुनवाई के लिए उचित पीठ को सौंपा जा सके। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि 15 जनवरी तक सोशल मीडिया के लिए नियम तैयार कर लिए जाएंगे।

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि इंटरनेट लोकतांत्रिक राज्य व्यवस्था को अकल्पनीय नुकसान पहुंचाने वाला शक्तिशाली हथियार बन कर उभरा है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को नियमों की अधिसूचना जनवरी के पहले सप्ताह में पेश करने का निर्देश दिया है। जिसके अंतर्गत सोशल मीडिया का दुरुपयोग रोका जा सके और कूट संदेशों के लिए मध्यस्थों की ज़िम्मेदारी निर्धारित की जा सके। बता दें कि केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया संस्थानों के कामकाज को नियंत्रित करने के लिए नए नियमों को अंतिम रूप देने के लिए 3 महीनों का अतिरिक्त समय मांगा है।