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Whatsapp में आने वाला है ये बड़ा बदलाव, यूज़र्ज़ अब कर सकेंगे…

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प्रतीकात्मक तस्वीर

व्हाट्सएप अपने यूज़र्स के लिए नए और अपडेटेड रूप में आने की तैयारी में है। आज फ़ोन पर बात करने से ज़्यादा तो हम व्हाट्सएप पर मैसेज भेज कर बात करते हैं। और व्हाट्सएप कॉल से एक दूसरे का हाल-चाल जानते ही रहते हैं। ज़िंदगी का अहम हिस्सा बन चुकी है, यह व्हाट्सएप की सुविधा, और अब इसमें और भी कई सुधारों पर काम किया जा रहा है। व्हाट्सएप कई नए-नए फीचर्स के साथ अब आपके सामने आएगा।

व्हाट्सएप आईओएस उपयोगकर्ताओं के लिए एक नए बीटा अपडेट का परीक्षण कर रहा है। जो हाइड म्यूट स्टेटस अपडेट, स्प्लैश स्क्रीन, और ऐप बैज सुधार जैसी सुविधाएं प्रदान करेगा। साथ ही व्हाट्सएप एक ऐसे फ़ीचर पर भी काम कर रहा है, जिसके माध्यम से उपयोगकर्ताओं के लिए एक से अधिक डिवाइस पर एक ही व्हाट्सएप अकाउंट का इस्तेमाल करना सम्भव हो सकेगा।

जबकि अभी व्हाट्सएप यूज़र्स पंजीकृत डिवाइस पर केवल एक ही अकाउंट का उपयोग कर सकते हैं। और व्हाट्सएप यूज़र्स अगर किसी और डिवाइस में लॉग-इन करने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें पिछले डिवाइस पर बने खाते को लॉग-आउट करना पड़ता है। जबकि इस नए फीचर की बदौलत व्हाट्सएप यूज़र एक ही समय में अलग-अलग डिवाइस पर बड़ी आसानी से व्हाट्सएप का उपयोग कर सकेंगे। बता दें कि व्हाट्सएप को फ़ेसबुक ने अपने स्वामित्व में ले लिया था। और अब व्हाट्सएप बहुत जल्द एक नए और अपडेटेड रूप में अपने यूज़र्स को नए-नए अपडेट फीचर्स उपलब्ध कराने जा रहा है।

योगी सरकार पर साधा अखिलेश ने निशाना, पुलिस की नाक के नीचे..

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Akhilesh Yadav- Yogi AdityaNath

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार और पुलिस को आड़े हाथों लेते हुए कहा है कि अमेठी में पुलिस की हिरासत के दौरान सत्य प्रकाश शुक्ला की मौत होने से जो लोगों में भयंकर गुस्सा है, उसे बीजेपी सरकार झूठी दलीलें देकर दबाना चाहती है। युवक के परिजनों ने थर्ड डिग्री की प्रताड़ना का आरोप लगाया है। उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए नहीं तो भाजपा सरकार से जनता का रहा-सहा भरोसा भी उठ जाएगा।

पूरी घटना कुछ इस तरह से है कि यूको बैंक के मैनेजर से अज्ञात बदमाशों ने दिनदहाड़े असलहे के दम पर 26 लाख रुपए लूट लिए थे। इस मामले में ख़ुलासे के लिए स्वाट विंग टीम ज़िले के साथ ही आसपास के ज़िलों में भी हाथ-पांव मार रही थी। इस मामले में पुलिस ने प्रतापगढ़ के अंतू थाना क्षेत्र के बाबूगंज निवासी सत्यप्रकाश शुक्ला और साजन शुक्ला को शक के आधार पर हिरासत में लिया था। हिरासत के दौरान तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जाया गया जहां सत्य प्रकाश की मौत हो गई।

मौत की ख़बर मिलते ही परिजनों ने हंगामा करना शुरू कर दिया और पुलिस पर हत्या का आरोप लगाते हुए मुक़दमे की मांग की। मृतक के भाई ओमप्रकाश की तहरीर पर आईपीसी की धारा 302, 452, 392 व 504 की धाराएं लगाई गई हैं। वहीं पुलिस अधीक्षक का कहना है कि बैंक लूट के मामले की जांच में सत्य प्रकाश और साजन शुक्ला के परिवार द्वारा मुख़बिरी करने की बात सामने आई थी। इसी मामले में उन्हें पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मृतक के परिजनों की तहरीर पर मुक़दमा दर्ज करने के बाद एक पैनल द्वारा पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। और घटना की निष्पक्ष जांच के आदेश दिए गए हैं।

क्या चलने से आपकी हड्डियों से भी आती है आवाज़, न करें नज़रअंदाज

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जब हम चलते-फिरते हैं, तो हमारे जोड़ों से या फिर घुटनों से कट-कट की आवाज़ आती है ऐसे में हम इन आवाज़ों को सुनकर घबरा जाते हैं। हालांकि, कट कट की आवाज़ के अलावा हमारे जोड़ों या घुटनों या कोहनी में किसी प्रकार का दर्द या फिर सूजन नहीं होती। डॉक्टर बताते हैं कि जोड़ों या फिर घुटनों से कट-कट की आवाज़ आना एक सामान्य बात है। यह किसी प्रकार की कोई बीमारी नहीं है जोड़ों या घुटनों से कट-कट की आवाज़ आने को डॉक्टर क्रेपिटस नाम देते हैं। यह सामान्य लोगों के जोड़ों को हिलाने डुलाने पर आने वाली ध्वनि का मेडिकल नाम है।

ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि जोड़ों के भीतर रहने वाले द्रव में हवा के नन्हें बुलबुले उठते हैं। उन्हीं बुलबुलों के फूटने से ही ये आवाज़ उत्पन्न होती है। कई बार जोड़ों के बाहर मौजूद मांसपेशियों के लिगामेंट्स की रगड़ से भी आवाज़ सुनाई देती है। यह एक सामान्य बात है, लेकिन यह समस्या भविष्य में बढ़ सकती है और इससे कई तरह की समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

इसके लिए कुछ घरेलू उपाय हैं, जिनकी सहायता से इस समस्या को भविष्य में बड़ा बनने से रोका जा सकता है। जैसे-मेथी दाना हमारी हड्डियों के लिए बहुत फ़ायदेमंद होता है। तो रात को आधा चम्मच मेथी दाना पानी में भिगो दें। फिर सुबह भीगे हुए मेथी दानों को चबा-चबा कर खाएं, और उसका पानी पी जाएं। नियमित रूप से ऐसा करने पर हड्डियां तो मजबूत होंगी ही, कट-कट की आवाज़ आनी भी बंद हो जाएगी।

हड्डियों से कट-कट की आवाज़ आने का मतलब यह भी हो सकता है कि उसमें लुब्रिकेंट की कमी हो गई हो। और उम्र के साथ यह समस्या बढ़ने लगती है। इसलिए शरीर को पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम देने के लिए दूध का सेवन सुनिश्चित करें। साथ ही कैल्शियम से भरपूर अन्य चीज़ें भी लें। हड्डियों के लिए गुड़ और चना भी बहुत फ़ायदेमंद होता है। भुने-चने में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन और विटामिन भरपूर होता है। तो हड्डियों की कट-कट की आवाज़ बंद करने और हड्डियों को मजबूती बनाने के लिए भुने-चने और गुड़ का सेवन अवश्य करें।

अपने ही गार्डन में किया धमाका, पूरा माजरा जानकर उड़ जाएँगे आपके होश

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कॉकरोच के नाम से ही कई लोग घबरा जाते हैं। कुछ लोगों को तो कॉकरोच से फोबिया होता है। आमतौर पर घरों में चूहों के साथ-साथ कॉकरोच भी मिल ही जाते हैं लेकिन अगर यह कॉकरोच बड़ी तादाद में हो तो डर की बात है क्योंकि कॉकरोच खाने-पीने की चीजों को दूषित कर दें, तो ऐसी चीजों को खाकर हम बीमार पड़ सकते हैं इसलिए अपने घरों से इन कॉकरोच को दूर करने के लिए हम न जाने कितने और क्या-क्या उपाय अपनाते रहते हैं।

लेकिन, ब्राज़ील में एक ऐसा शख़्स भी है, जिसने इन कॉकरोच से छुटकारा पाने का एक नया और अनोखा तरीका आज़माया लेकिन अफ़सोस की बात यह है कि इतना ख़तरनाक उपाय आज़माने के बाद भी वो कॉकरोच से तो छुटकारा पाने में नाक़ाम रहा। उसका ये उपाय सोशल मीडिया पर ज़बरदस्त सुर्खियां बटोरने में ज़रूर क़ामयाब हो गया है। यह अनोखी घटना ब्राज़ील में घटित हुई। कॉकरोच को ख़त्म करने की नाक़ाम कोशिश करने वाले इस 48 वर्षीय शख़्स का नाम सीज़र शमिट्ज़ है।

सूत्रों से प्राप्त ख़बर के अनुसार शमिट्ज़ ने कहा, ‘मेरी पत्नी ने शिकायत करते हुए कहा कि कई कीड़े हमारे गार्डन को ख़राब कर रहे हैं, वह इन कीड़ों की वजह से डरी हुई थी। उसने मुझसे कहा कि मैं इन्हें गार्डन के नीचे से हमेशा के लिए ख़त्म करूं। कीड़ों को गार्डन से हमेशा के लिए पूरी तरह से ख़त्म करने के लिए शमिट्ज़ ने गार्डन के बीच में  मिट्टी हटाकर एक गड्ढा बनाकर उसमें गैसोलीन भरा और फिर उसमें आग लगाने की कोशिश करने लगा। लेकिन शमिट्ज़ का ये अनोखा उपाय नाक़ाम हो गया और उसका गार्डन अंदर से फट गया। और चारों तरफ मिट्टी ही मिट्टी बिखर गई। यहां तक कि उसके पालतू कुत्ते भी डरकर भाग खड़े हुए। लेकिन इतने ख़तरनाक उपाय के बावजूद कीड़ों से छुटकारा पाने में सीज़र शमिट्ज़ नाक़ाम ही रहा।

गर्लफ़्रेंड को लुभाने के लिए किया कुछ ऐसा कि खानी पड़ी हवालात की हवा

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आए दिन हम सुनते या पढ़ते ही रहते हैं कि अपनी गर्लफ्रेंड को प्रभावित करने के लिए युवक क्या-क्या कर गुज़रते हैं। कोच्चि एयरपोर्ट पर हुई एक घटना के लिए ये गीत बिल्कुल फिट बैठता है। ‘कोई देख ले ना हमें यहाँ कहीं घूम के आयें हम।’ तो कुछ ऐसा ही हुआ जब कोच्ची एयरपोर्ट पर फ़र्ज़ी आधार कार्ड का इस्तेमाल करके रियायती हवाई टिकट का लाभ उठाते हुए कर्मचारी और उसकी गर्लफ्रैंड को पकड़ा गया।

बता दें कि 26 अक्टूबर को सीआईएसएफ कर्मचारियों ने बताया कि 23 वर्षीय एक महिला के आधार कार्ड को फ़र्ज़ी पाया गया। अधिकारी ने बताया कि एयरपोर्ट में सीसीटीवी फुटेज में एक महिला राकेश व्यास नामक व्यक्ति के साथ आती दिखाई पड़ी। इंडिगो उड़ान सेवा का कर्मचारी राकेश व्यास भुवनेश्वर काम करता है। उस महिला ने बताया कि वह राकेश की महिला मित्र है। और रियायती हवाई टिकट का लाभ उठाने के लिए ही उसकी बहन के आधार कार्ड का इस्तेमाल कर रही थी।

अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया है कि दोनों ने आधार कार्ड पर अपनी असली तस्वीर को बदल दिया था। सीआईएसएफ के अधिकारी का कहना है कि इंडिगो एयरलाइंस ने इस बात की पुष्टि की है कि दोनों यात्री उसके द्वारा जारी स्टाफ टिकटों पर यात्रा कर रहे थे। साथ ही अधिकारी ने जानकारी दी कि पकड़े गए इंडिगो के कर्मचारी राकेश व्यास और उसकी महिला मित्र को पुलिस के हवाले कर दिया गया है।

बने रहना है जवान तो करिए बस ये एक ही काम, शोध में आया सेहत का राज़

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इंसान पैदा होने के बाद धीरे-धीरे चलना सीखता है और उसके बाद तो मानो दौड़ने लगता है। लेकिन जैसे-जैसे हम 45 के पार पहुंचते हैं। हमारी रफ़्तार धीमी पड़ जाती है।आपने देखा होगा कि ऐसा सबके साथ नहीं होता। अधिकतर तेज़-तेज़ दौड़ने और व्यायाम को जीवन का अहम हिस्सा बनाने वाले लोगों पर उम्र का असर दिखाई नहीं देता। अब एक शोध ने भी यह बात साबित कर दी है, कि अगर उम्र के 45 वें पायदान को पार करते-करते आप की चाल धीमी पड़ गई है, तो यह आपको बुढ़ापे की ओर तेज़ी से ले जाने की निशानी है। और आपकी धीमी गति आपको शारीरिक ही नहीं मानसिक रूप से भी समय से पहले बुढ़ापे की ओर ले जा रही है।

इस विषय पर अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना स्थित ड्यूक यूनिवर्सिटी के अनुसंधानकर्ताओं द्वारा लंबे समय तक शोध किया गया है। ड्यूक यूनिवर्सिटी के मनोविज्ञान एवं न्यूरोसाइंस विभाग के अनुसंधानकर्ता डॉ लाइन जे एच रास्मुस्सेन की टीम ने 904 लोगों पर शोध किया। इस शोध में न्यूज़ीलैंड के डुनेडिन के लोगों का  डुनेडिन मल्टीडिसीप्लिनरी हेल्थ एंड डेवलपमेंट के द्वारा एकत्र डेटा का गहन अध्ययन किया गया। इसके तहत 3 से 45 साल तक के लोगों पर नज़र रखी गई। समय-समय पर शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की जांच की गई। उम्र के हर पड़ाव पर विशेषज्ञों ने पाया कि जिन लोगों की चाल 45 की उम्र तक पहुंचते-पहुंचते धीमी हुई है, बचपन से ही उनकी शारीरिक और मानसिक क्रियाओं में फर्क था। मोटर स्किल, इमोशनल एंड बिहेवियरल रेगुलेशन सहित उनका पूरा शारीरिक परीक्षण किया गया।

एमआईआर में पाया गया कि धीमी गति से चलने वाले लोगों का ‘ब्रेन वॉल्यूम’ कम था। और कॉर्टिकल थिनिंग अधिक लेकिन कॉर्टिकल एरिया कम था। कुल मिलाकर ऐसे लोगों के मस्तिष्क को उनकी उम्र से भी अधिक उम्र-दराज़ पाया गया। शोध में पाया गया है कि धीमी गति से चलने वाले व्यक्तियों का कार्डियॉरेस्पिरेट्री और इम्यून सिस्टम तथा दांत और मसूड़ों की स्थिति तेज़ गति से चलने वाले लोगों की तुलना में ख़राब पाई गई है।

डॉक्टर रास्मुस्सेन ने बताया कि 8 विशेषज्ञों का एक स्वतंत्र पैनल शोध में शामिल लोगों की फ़ोटो का अध्ययन करके इस नतीजे पर पहुंचा, कि तेज़ चलने वालों की तुलना में धीमी गति से चलने वाले लोग चेहरे से भी अधिक उम्र के दिखते हैं। टीम के वरिष्ठ अनुसंधानकर्ता टेरी ई.मोफिट ने कहा कि डॉक्टरों का मानना है कि 70-80 की उम्र में धीरे चलने वालों का जीवन तेज़ चलने वाले हम उम्र लोगों से कम होता है।

राजस्थान क्रिकेट संघ पर लगा ये आरोप, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत..

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Ashok Gehlot

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत से 4 अक्टूबर को हुए अध्यक्ष पद का चुनाव हारने वाले राम प्रकाश चौधरी ने आरोप लगाया कि बीसीसीआई द्वारा नियुक्त निष्पक्ष निर्वाचन अधिकारी द्वारा नए सिरे से चुनाव कराए जाने चाहिए। यह चुनाव आरसीए लोकपाल न्यायमूर्ति ज्ञान सुधा मिश्रा (उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश) की निगरानी में होने चाहिए। वरिष्ठ कांग्रेस नेता रामेश्वर डूडी ने आरोप लगाया है कि निर्वाचन अधिकारी ने नागौर, श्री गंगानगर, और अलवर ज़िला संघों पर लगा प्रतिबंध वापस ले लिया था जो ग़लत है। यह तीनों कथित तौर पर आईपीएल के पूर्व आयुक्त ललित मोदी से जुड़े हैं और नतीजतन डूडी और उनके गुट के कुछ लोगों के नामांकन रद्द हो गए।

बता दें कि सत्तारूढ़ धड़े पर उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त लोढ़ा समिति की सिफारिशों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए आगामी बीसीसीआई चुनाव में आरसीए का मतदान करने का अधिकार वापस लेने की मांग की गई है। वैभव को एसोसिएशन के निवर्तमान अध्यक्ष और विधानसभा के अध्यक्ष सीपी जोशी गुट का समर्थन मिल रहा है। और राजस्थान कांग्रेस की अंतरकलह एक बार फिर से उजागर हुई है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रामेश्वर डूडी ने सीपी जोशी के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया है।

डूडी ने सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की तरफ से नामांकित 11 इंडिविजुअल जो ज़िला क्रिकेट एसोसिएशन हैं उनकी पैरवी करते नज़र आए, सीपी जोशी गुट के जितने भी लोग हैं और जिनके भी ऑब्जेक्शन लगाए गए हैं उनकी पैरवी नामांकित सदस्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आरसीए अध्यक्ष सीपी जोशी शक्ति का दुरुपयोग कर रहे हैं सरकार को इसके बारे में सोचना चाहिए। डूडी के आरोपों को नकारते हुए वैभव गहलोत का कहना है कि रामेश्वर डूडी ने अपने विचार रखे और आगे जो भी परिस्थितियां बनी हैं, उसके हिसाब से ही हम आगे बढ़े। वह हमारी पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। सबको अपनी बात रखने का हक़ है।

उन्होंने सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग की बात को ख़ारिज किया और कहा कि निर्वाचन की प्रक्रिया है इसमें बीसीसीआई ने अपनी तरफ से ऑब्जर्वर्स भेजे हैं। निर्वाचन आयोग में कार्य कर चुके अधिकारियों को लगाया गया है वैभव ने नागौर क्रिकेट एसोसिएशन को डिसक्वालीफाई करने किए जाने के विवाद पर कहा कि यह तो निर्वाचन से जुड़े लोग ही बता सकते हैं कि इसे क्यों डिसक्वालिफाई किया गया। राजनीति में क़दम रखा था और  उन्हें राजसमंद क्रिकेट एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष पद पर नियुक्त किया गया था इससे पहले वह लोकसभा चुनाव में जोधपुर सीट से गजेंद्र सिंह शेखावत से हार गए थे।

महाराष्ट्र चुनाव नतीजों से सामने आयी जनता की बदलती पसंद, शिवसेना और भाजपा को…

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Devendra Fadnavis- Uddhav Thakarey

शिवसेना और भारतीय जनता पार्टी का गठबंधन भले ही सत्ता की कुर्सी तक पहुंचने में क़ामयाब हो गया हो, लेकिन इस विधानसभा चुनावों ने लोकसभा चुनावों के बाद आए अति-आत्मविश्वास को डगमगा दिया है। विपक्षी पार्टियों के लिए यह चुनाव अस्तित्व का सवाल बन गया था क्योंकि लोकसभा चुनाव में उन्हें क़रारी हार का सामना करना पड़ा था। इन पार्टियों ने विधानसभा चुनाव में अपना प्रदर्शन बेहतर किया है। हरियाणा में कांग्रेस ने 2014 की तुलना में दोगुनी सीटों पर क़ब्ज़ा जमाया। वहीं महाराष्ट्र में उसकी सहयोगी पार्टी एनसीपी ने 15 सीटों की वृद्धि की।

कह सकते हैं कि इन विधानसभा चुनावों में अस्तित्व की राजनीति राष्ट्रवाद के मुद्दे से ज़्यादा प्रभावित तौर पर अपना काम किया है। प्रकाश आंबेडकर की पार्टी वंचित बहुजन आघाड़ी पार्टी और असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम ने कांग्रेस और एनसीपी गठबंधन को लगभग 12 सीटों का नुक़सान पहुंचाया है। हालांकि, वंचित आघाड़ी पार्टी कोई सीट जीत पाने में क़ामयाब नहीं हो पाई, लेकिन, उसने 4.6 फ़ीसदी वोट शेयर हासिल किया। तो वहीं एआईएमआईएम का वोट शेयर 1.4 फ़ीसदी है। क़रीब 35 सीटों के नतीजों को देखें तो पाएंगे कि वंचित बहुजन आघाड़ी पार्टी और एआईएमआईएम ने हार-जीत के अंतर से ज़्यादा वोट हासिल किए हैं।

इन सीटों पर क़रीब 27 पर वंचित बहुजन अघाड़ी पार्टी और एआईएमआईएम ने और विजयी रहे NDA प्रत्याशी के वोटों के अंतर से ज़्यादा वोट हासिल किये। और 8 सीटों पर वंचित बहुजन अघाड़ी पार्टी और एआईएमआईएम प्रत्याशी उपविजेता रहे। बुलढाना, अकोट, बालापुर, मुर्तजाप, वाशीम, सलमनूरी, औरंगाबाद सेंट्रल और बायकला में वंचित बहुजन अघाड़ी पार्टी और एआईएमआईएम ने कांग्रेस और एनसीपी गठबंधन के प्रत्याशियों को भी पीछे छोड़ दिया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि वंचित बहुजन अघाड़ी पार्टी और एआईएमआईएम ने कांग्रेस एनसीपी के परंपरागत वोट बैंक से अपने वोटर बनाए हैं।

दिल्ली में महिलाओं के लिए शुरू हुई नयी सुविधा, सबने किया केजरीवाल को

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BUS

भाईदूज पर यूं तो सभी बहनों को उनके भाइयों ने उपहार दिए होंगे, लेकिन सबसे ख़ास है वह उपहार जो दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने दिल्ली की डीटीसी बसों से सफर करने वाली महिलाओं को दिया है। आज से दिल्ली में महिलाएं डीटीसी बसों में मुफ़्त में सफर कर सकेंगी। बता दें कि डीटीसी बसों में सफर करने वाली महिलाओं को एक विशेष तरह का पास दिया जा रहा है।

इस पास में लिखा है ‘महिला सिंगल यात्रा पास’ जो महिलाएं डीटीसी और क्लस्टर की बसों में सफर कर रही हैं। उनको गुलाबी रंग का एक टिकट दिया जा रहा है। जो पूरी तरह से निशुल्क है। और इस गुलाबी रंग के टिकट के पीछे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की फोटो लगी है और साथ में संदेश लिखा हुआ है कि, ‘मैं चाहता हूं कि आप और आपका परिवार ख़ूब तरक़्क़ी करे। आप महिलाएं आगे बढ़ेंगी, देश आगे बढ़ेगा-अरविंद केजरीवाल, मुख्यमंत्री।’

बसों में मुफ़्त सफ़र को लेकर महिलाओं में बहुत उत्साह है। और वह दिल्ली सरकार के इस क़दम की प्रशंसा भी कर रही हैं। साथ ही महिलाओं का यह भी कहना है कि बसों की संख्या भी बढ़ानी चाहिए। बता दें कि दिल्ली में डीटीसी और क्लस्टर की कुल 5500 बसे हैं। जिनमें नॉन एसी डीटीसी बसों का किराया 5,10, और 15 रुपये है जबकि एसी बसों का किराया 10,15, 20 और 25 रुपये है।

बसों में यात्रा करने वाली महिलाओं की सुरक्षा के लिए दिल्ली सरकार ने बड़ी संख्या में मार्शल की तैनाती भी की है। दिल्ली में शाम के समय महिलाओं की सुरक्षा के लिए मार्शल तैनाती की गई थी। लेकिन लोगों की मांग पर दिन में भी महिलाओं की सुरक्षा के लिए मार्शल की तैनाती होगी। इसलिए अब मार्शल की संख्या बढ़ाकर 13 हज़ार कर दी गई है। और महिलाओं की सुरक्षा के लिए तैनात किए जा रहे इन मार्शल को केजरीवाल का विशेष निर्देश है कि अगर कोई व्यक्ति किसी महिला के साथ कोई गड़बड़ करे, तो उसको रोकने के लिए आपसे जो हो सके वह करिए, बस के अंदर बैठी महिला को एहसास होना चाहिए कि बस में वह पूरी तरह से सुरक्षित है। और उसकी रक्षा करने के लिए बस में उसका भाई या बहन मौजूद है।

भाजपा-शिवसेना मामले पर कांग्रेस का बयान, ‘हमसे माँगे तो..’

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मुंबई: महाराष्ट्र में कौन बनेगा मुख्यमंत्री एक ऐसा सवाल बन गया है जिसका जवाब मिल ही नहीं पा रहा है. लम्बे समय से चल रही महाराष्ट्र की सियासी उथल पुथल में अब कांग्रेस का भी बयान आ गया है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि भाजपा और शिवसेना को महाराष्ट्र के वोटरों को बताना चाहिए कि उनके बीच तय क्या हुआ था. उन्होंने कहा कि अगर दोनों में इतना अविश्वास है तो ये सरकार कैसे बनायेंगे. उन्होंने साथ ही शिवसेना को इशारों में ही कह दिया है कि अगर वो प्रपोज़ल लायी तो विचार किया जाएगा.

उन्होंने कहा,”अगर शिवसेना कोई प्रपोज़ल लाती है तो हम उसे अपने हाई कमांड के सामने रखेंगे उस पर अपने सहयोगियों से चर्चा करेंगे..(हालाँकि) अभी तक कोई भी इस तरह का प्रपोज़ल शिवसेना की तरफ़ से नहीं आया है.” इसके पहले कल से ही शिवसेना और भाजपा में खुले तौर पर बयानबाज़ी जारी है. शिवसेना ये कह रही है कि भाजपा ने ’50-50 फ़ॉर्मूला’ की बात कही थी लेकिन भाजपा अब कह रही है ऐसी कोई बात नहीं हुई थी. इसी के चलते आज होने वाली भाजपा-शिवसेना के वरिष्ठ नेताओं की मीटिंग भी कैंसल हो गई है.

आपको बता दें कि शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने बयान देकर मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस के उस बयान की आलोचना की जिसमें उन्होंने कोई ’50-50 फ़ॉर्मूला’ न होने की बात कही है. राउत ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस ने ख़ुद अपने मुँह से 50-50 फ़ॉर्मूला की बात की थी, उद्धव जी ने भी इसको कहा था..ये अमित शाह के सामने हुआ था. उन्होंने कहा,”अब ये कहते हैं कि ऐसी कोई बात हुई नहीं तो मैं प्रणाम करता हूँ ऐसी बातों को. वो कैमरे के सामने कही हुई बात को नकार रहे हैं.”