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उत्तराखंड: दो दिन ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश-बर्फबारी के आसार, मैदानी क्षेत्रों में शुष्क रहेगा मौसम

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देहरादून : उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में आज और कल दो दिन मौसम फिर करवट ले सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून के अनुसार उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना है, जबकि 3200 मीटर व उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी हो सकती है।

केदारनाथ, बद्रीनाथ, हेमकुंड साहिब, गंगोत्री-यमुनोत्री तथा औली जैसे ऊंचे स्थानों पर बर्फ की हल्की चादर बिछने के आसार हैं। मैदानी व निचले इलाकों समेत देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल व अन्य जिलों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहेगा।

आने वाले दिनों का पूर्वानुमान

  • 8 दिसंबर (सोमवार): पर्वतीय क्षेत्रों में कुछ जगह हल्की बारिश/बर्फबारी संभव।
  • 9 से 12 दिसंबर: पूरे प्रदेश में मौसम साफ व शुष्क रहेगा।
  • इस दौरान सुबह व शाम के समय कोहरा और शीतलहर की वजह से सूखी ठंड बढ़ सकती है। न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री की गिरावट होने से ठिठुरन बढ़ने की संभावना है।

मौसम विभाग ने पर्यटकों व स्थानीय लोगों से ऊंचाई वाले इलाकों में यात्रा करते समय सावधानी बरतने और गर्म कपड़ों का पूरा इंतजाम रखने की सलाह दी है।

गोवा के अरपोरा में नाइटक्लब में भयानक आग: 25 लोगों की मौत, ज्यादातर स्टाफ, जांच के आदेश दिए

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अरपोरा (गोवा) : उत्तर गोवा के अरपोरा में शनिवार रात करीब 12 बजे एक नाइटक्लब में लगी भयानक आग ने पूरे राज्य को सदमे में डाल दिया है। ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नामक इस क्लब में लगी आग में 25 लोगों की जान चली गई, जबकि 6 अन्य घायल हो गए। मृतकों में 4 पर्यटक, 14 क्लब के स्टाफ सदस्य शामिल हैं, जबकि 7 की पहचान अभी बाकी है। यह घटना पर्यटन सीजन के बीच हुई, जिससे गोवा की सुरक्षित छवि पर सवाल उठने लगे हैं।

आग की शुरुआत ग्राउंड फ्लोर पर एलपीजी सिलेंडर विस्फोट से हुई, जो तेजी से पूरे क्लब में फैल गई। ज्यादातर पीड़ित बेसमेंट में फंस गए, जहां वे काम कर रहे थे। दम घुटने और जलने से अधिकांश की मौत हुई। गोवा पुलिस के डीजीपी अलोक कुमार ने बताया, “आग रविवार तड़के 12:04 बजे रिपोर्ट हुई। फायर ब्रिगेड और पुलिस तुरंत पहुंची, लेकिन ज्यादातर शव बेसमेंट की सीढ़ियों और अंदर मिले।” घायलों का इलाज चल रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

सीएम सावंत का शोक और कड़े निर्देश

मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने घटनास्थल का दौरा किया और एक्स (पूर्व ट्विटर) पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने लिखा, “आज गोवा के लिए बहुत दुखद दिन है। अरपोरा में आग की इस बड़ी घटना में 25 लोगों की जान चली गई। मैं बहुत दुखी हूं और इस असहनीय नुकसान की घड़ी में सभी शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं।”

सीएम ने बताया कि क्लब फायर सेफ्टी नॉर्म्स और बिल्डिंग नियमों का पालन किए बिना चल रहा था। उन्होंने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं, जिसमें आग के सटीक कारण और जिम्मेदारियों की पड़ताल होगी। “जांच में लापरवाही पाई गई तो कानून के सबसे सख्त प्रावधानों के तहत कार्रवाई होगी,” सावंत ने कहा। उन्होंने पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।

पीएम मोदी और राष्ट्रपति की संवेदनाएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीएम सावंत से फोन पर बात की और घटना को “गहरा दुखद” बताया। उन्होंने एक्स पर लिखा, “अरपोरा की आग हृदय विदारक है। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिवारों के साथ हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। राज्य सरकार हर मदद कर रही है।” पीएम ने पीएमएनआरएफ से प्रत्येक मृतक के परिजन को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी शोक व्यक्त किया: “उत्तर गोवा में आग से कीमती जिंदगियां चली गईं। शोक संतप्त परिवारों को हार्दिक संवेदना। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना।” केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राहत और बचाव कार्यों की सराहना की।

सेफ्टी ऑडिट की मांग, गोवा की छवि पर असर

कलंगुट विधायक माइकल लोबो ने इसे “गोवा की साख पर करारा प्रहार” बताया और सभी क्लबों में फायर सेफ्टी ऑडिट की मांग की। उन्होंने कहा, “ज्यादातर मृतक स्थानीय स्टाफ थे। तटीय क्षेत्र के सभी स्थानों की जांच होनी चाहिए। बिना अनुमति चलने वाले क्लबों के लाइसेंस रद्द होंगे।” पुलिस ने क्लब मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

यह क्लब पिछले साल खुला था और पणजी से करीब 25 किमी दूर अरपोरा में स्थित है। घटना ने पर्यटन उद्योग को झकझोर दिया है, क्योंकि गोवा पर्यटकों के लिए सुरक्षित गंतव्य के रूप में जाना जाता है। जांच पूरी होने का इंतजार है, लेकिन लापरवाही की आशंका से सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।

उत्तराखंड : मोर्चरी में चूहों ने कुतर दिया शव, मचा बवाल, डीएम ने बैठाई मजिस्ट्रियल जांच

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हरिद्वार के जिला अस्पताल में उस समय हंगामा मच गया जब मोर्चरी में रखे एक शव को चूहों ने कुतर लिया। मृतक की पहचान ज्वालापुर निवासी लाखन उर्फ लक्की के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही आक्रोशित परिजन और स्थानीय लोग अस्पताल पहुंच गए और जमकर तोड़फोड़ की। स्थिति बेकाबू होते देख भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।

मामले ने तूल पकड़ा तो जिला अधिकारी मयूर दीक्षित ने तुरंत संज्ञान लेते हुए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए। एडीएम की अध्यक्षता में जांच टीम गठित की गई है। डीएम ने बताया कि प्राथमिक जांच में मोर्चरी का ठेका संभाल रही निजी कंपनी की घोर लापरवाही सामने आई है। पहले भी इस कंपनी के खिलाफ शिकायतें मिल चुकी हैं। अस्पताल प्रशासन की भूमिका भी जांच के दायरे में है। जांच पूरी होने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मृतक लक्की खुद जरूरतमंदों के लिए मुफ्त फ्रीजर और अंतिम यात्रा वाहन मुहैया कराते थे दर्दनाक पहलू यह है कि मृतक लक्की पंजाबी धर्मशाला के मैनेजर थे, जो जरूरतमंदों को निःशुल्क अंतिम संस्कार वाहन और फ्रीजर बॉक्स उपलब्ध कराती है। लक्की ही इस पूरी व्यवस्था को देखते थे, लेकिन सरकारी सिस्टम की लचर व्यवस्था के कारण उनके अपने शव के लिए खराब फ्रीजर मिला। आरोप है कि जिस फ्रीजर में शव रखा गया था, उसका ढक्कन ठीक से बंद नहीं था और वह पहले से खराब हालत में था, जिसके चलते चूहे शव तक पहुंच गए।

सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी की सख्ती मामले का संज्ञान लेते हुए हरिद्वार के सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जिलाधिकारी को फोन कर तुरंत जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। सीसीआर भवन में मीडिया से बातचीत में सांसद ने कहा, “मोर्चरी में शवों की देखभाल अत्यंत संवेदनशील मामला है।

प्रारंभिक जानकारी मिली है, उसमें ठेका कंपनी की लापरवाही साफ दिख रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।” फिलहाल पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच चल रही है और लोगों में भारी आक्रोश बना हुआ है। परिजनों ने लापरवाह अधिकारियों व ठेका कंपनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

ग्रीन फील्ड स्कूल के वार्षिकोत्सव में समावेशी शिक्षा और हिमालय संरक्षण की सराहना, डॉ.देवेंद्र भसीन और धस्माना हुए शामिल

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देहरादून। डालनवाला स्थित ग्रीन फील्ड स्कूल के वार्षिकोत्सव में शनिवार को मुख्य अतिथि उत्तराखंड सरकार की उच्च शिक्षा उन्नयन समिति के उपाध्यक्ष एवं डीएवी कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. देवेंद्र भसीन तथा विशिष्ट अतिथि प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने शिरकत की।

डॉ. देवेंद्र भसीन ने अपने संबोधन में ग्रीन फील्ड स्कूल को समावेशी शिक्षा का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि सामान्य और दिव्यांग बच्चों को एक साथ पढ़ाने-लिखाने व सभी गतिविधियों में शामिल करने का यह मॉडल देहरादून सहित पूरे प्रदेश के अन्य स्कूलों के लिए अनुकरणीय है। दिव्यांग बच्चों की प्रस्तुतियों से अभिभूत डॉ. भसीन ने स्कूल प्रबंधन को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

विशिष्ट अतिथि सूर्यकांत धस्माना ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत “हिमालय बचाओ” नाटिका की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि गंगा, यमुना, शारदा एवं सहायक नदियों में बढ़ते प्रदूषण, अवैध कटान, ग्लेशियर पिघलने और ग्लोबल वॉर्मिंग जैसे गंभीर मुद्दों को बच्चों ने जिस संवेदनशीलता और तन्मयता से अभिनय के माध्यम से प्रस्तुत किया, वह काबिल-ए-तारीफ है। उत्तराखंड को एशिया का जल भंडार बताते हुए श्री धस्माना ने इन नदियों के अस्तित्व को बचाने को सभी का परम कर्तव्य बताया।

उन्होंने राज्य स्थापना के 25 वर्ष बाद भी बढ़ते पलायन पर गहरी चिंता जताई और पहाड़ों में खराब स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा का गिरता स्तर और रोजगार के अभाव को पलायन का प्रमुख कारण बताया। श्री धस्माना ने कहा कि पहाड़ों को खाली होने से बचाना है तो शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की उपलब्धता को सरल बनाना होगा।

कार्यक्रम की शुरुआत दिव्यांग बच्चों के मनमोहक नृत्य और कैटवॉक से हुई, जिसने दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी। कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों ने “हिमालय बचाओ” और “पलायन की पीड़ा” जैसे संदेशपरक लघु नाटक प्रस्तुत किए, जिन्हें अभिभावकों ने खूब सराहा।

समारोह में स्कूल निदेशक डॉ. अनिल जग्गी एवं प्रधानाचार्या डॉ. रीना जग्गी ने मुख्य अतिथि डॉ. देवेंद्र भसीन और विशिष्ट अतिथि सूर्यकांत धस्माना को स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। कार्यक्रम के अंत में शुभांग जग्गी ने सभी अतिथियों एवं अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

कुंभ–2027 में देवडोलियों की होगी भव्य शोभायात्रा, विशेष स्नान व्यवस्था सुनिश्चित: मुख्यमंत्री धामी

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि वर्ष 2027 में हरिद्वार में होने वाले कुंभ मेले में उत्तराखंड की देवडोलियों, लोक देवताओं के चल विग्रहों और धार्मिक प्रतीकों के लिए विशेष और भव्य व्यवस्थाएं की जाएंगी। उन्होंने कहा कि कुंभ मेला हमारी प्राचीन धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का महापर्व है, और इस आयोजन में देवभूमि की परंपराओं की चमक देश-दुनिया के श्रद्धालुओं को प्रत्यक्ष दिखाई देनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कुंभ में देवडोलियों के दिव्य स्नान और शोभायात्रा का आयोजन इस तरह होगा कि आगंतुक उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, देव परंपरा और आध्यात्मिक वैभव को करीब से महसूस कर सकें।

इस संबंध में देवभूमि लोक संस्कृति विरासतीय शोभा यात्रा समिति का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में उनसे मिला। समिति के कार्यकारी अध्यक्ष हर्षमणी व्यास और अन्य पदाधिकारियों ने कुंभ में देवडोलियों की शोभायात्रा हेतु आवश्यक व्यवस्थाओं पर मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित किया।

मुख्यमंत्री धामी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार कुंभ–2027 में देवडोलियों की परंपरागत गरिमा और लोक आस्था के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि यह अवसर उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने का होगा।

हिमाचल के मंडी में कार खाई में गिरी, दो आर्मी जवानों की मौत

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हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में शनिवार को एक दुखद सड़क हादसा हुआ। एक कार अनियंत्रित होकर लगभग 600 मीटर गहरी खाई में जा गिरी, जिसमें कार सवार भारतीय सेना के दो जवानों की मौके पर ही मौत हो गई।

मृतक जवान अपने एक साथी की शादी में शामिल होने के लिए जा रहे थे। हादसा मंडी-कुल्लू मार्ग पर हुआ। स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद बचाव दल मौके पर पहुंचा।

पुलिस ने दोनों शवों को बरामद कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है तथा मृतकों के परिजनों को सूचित कर दिया गया है। प्रारंभिक जांच में तेज गति और घुमावदार सड़क को हादसे का कारण माना जा रहा है, हालांकि पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

‘धुरंधर’ की धुआंधार दस्तक: रणवीर सिंह की सबसे बड़ी ओपनिंग, कई पुरानी फिल्मों के रिकॉर्ड धराशायी

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नई दिल्ली। रणवीर सिंह की नवीनतम रिलीज़ धुरंधर ने शुक्रवार, 5 दिसंबर को सिनेमाघरों में उतरते ही बॉक्स ऑफिस पर ऐसा धमाका किया कि पुराने रिकॉर्ड ताश के पत्तों की तरह बिखर गए। आदित्य धर के निर्देशन में बनी यह एक्शन-ड्रामा फिल्म पहले ही दिन लगभग ₹27 करोड़ के कलेक्शन के साथ रणवीर के करियर की सबसे बड़ी ओपनर साबित हुई है। फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों से एक समान प्रशंसा मिली है, जिससे पहले ही दिन रिलीज़ का माहौल किसी त्योहार जैसी रौनक में बदल गया।

फिल्म ने ओपनिंग-डे पर उन फिल्मों को भी पछाड़ दिया है जिन्हें रणवीर की सबसे सफल परियोजनाओं में गिना जाता है। पद्मावत (₹24 करोड़), सिंबा (₹20.72 करोड़), गली बॉय (₹19.40 करोड़) और गुंडे (₹16.12 करोड़) जैसी फिल्मों के पहले दिन के कलेक्शन अब धुरंधर के पीछे छूट गए हैं। व्यापार विश्लेषकों के अनुसार, इतनी मजबूत शुरुआत इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में यह फिल्म साल की सबसे बड़ी हिट्स में शामिल हो सकती है।

मल्टीप्लेक्स चेन से लेकर सिंगल स्क्रीन तक दर्शकों में उत्साह देखने को मिला। कई शो हाउसफुल रहे और एडवांस बुकिंग की रफ्तार ने भी फिल्म की शुरुआती कमाई में अहम भूमिका निभाई। फिल्म समीक्षकों का मानना है कि रणवीर सिंह की जोरदार स्क्रीन-प्रेज़ेंस और आदित्य धर की तेज़-तर्रार निर्देशन शैली ने धुरंधर को एक बड़े पैमाने की मनोरंजक प्रस्तुति बना दिया है।

हालांकि, आगे का खेल अभी बाकी है। पहला दिन तो रोशन रहा, मगर वास्तविक परीक्षा वीकेंड और अगले हफ्ते के रुझानों पर निर्भर करेगी। बॉक्स ऑफिस की चाल भी मौसम की तरह है—कभी धूप, कभी बादल। लेकिन इस वक्त धुरंधर साफ-साफ आसमान में उड़ता हुआ बाज प्रतीत हो रहा है।

रणवीर सिंह के लिए यह फिल्म सिर्फ एक और रिलीज़ नहीं, बल्कि करियर के नए मोड़ की तरह देखी जा रही है। फिल्म की शुरुआती सफलता ने उद्योग में उम्मीदें जगा दी हैं कि धुरंधर आने वाले दिनों में और भी बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर सकती है।

इंडिगो की उड़ानों में फिर हाहाकार: शनिवार को भी कई फ्लाइटें रद्द, यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं

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नईदिल्ली : देश की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन IndiGo की उड़ानों में जारी उथल-पुथल थमने का नाम नहीं ले रही। शनिवार को भी एयरलाइन ने कई फ्लाइटें रद्द कर दीं, जिससे यात्रियों के लिए यह लगातार पांचवां दिन बना जब एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी और लंबी कतारें आम दृश्य रहीं।

अहमदाबाद एयरपोर्ट से 7 आगमन और 12 प्रस्थान वाली उड़ानें आज रद्द कर दी गईं। तिरुवनंतपुरम और अन्य प्रमुख शहरों से भी उड़ानों के ठप होने की खबरें आईं। लोग टिकट लेकर खड़े थे, मगर उड़ानें हवा में नहीं, नोटिस बोर्डों पर ही घूमती रहीं।

उधर, किराये का हाल तो और भी चौंकाने वाला—दिल्ली से बेंगलुरु जैसी रूट पर टिकट के दाम 50 हजार रुपए तक पहुंच गए। यात्रियों का कहना है कि उड़ानें रद्द होने के बाद री-बुकिंग इतनी महंगी है कि जैसे विदेश यात्रा कर लें, सस्ता पड़ जाए।

क्यों फंस गई IndiGo?

इस संकट की जड़ DGCA के नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों को माना जा रहा है। पायलटों और क्रू के आराम के घंटे बढ़ने के बाद IndiGo पर भारी दबाव पड़ा और अचानक क्रू की कमी सामने आ गई।

पुरानी कहावत याद आती है—“तैयारी आधी जीत है।” लेकिन इंडिगो लगता है बिना तैयारी के ही नए नियमों के मोर्चे पर जा खड़ी हुई।

हालात बिगड़ने पर सरकार भी सक्रिय हुई। केंद्र ने इस पूरे मामले की जांच के लिए एक पैनल गठित किया है और कहा है कि “जिसकी भी लापरवाही है, उसे जवाब देना होगा।” यह बयान यात्रियों के घाव पर थोड़ी मरहम जैसा है, मगर सफर तो फिर भी अधूरा ही पड़ा है।

उत्तराखंडः मोरी क्षेत्र के ग्राम डामटी थुनारा में लगी भीषण आग, तीन मंजिला मकान जलकर राख

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मोरी (उत्तरकाशी) : तहसील मोरी के अंतर्गत आने वाले ग्राम डामटी थुनारा में आज तड़के करीब 3 बजे एक तीन मंजिला आवासीय मकान में अचानक भीषण आग लग गई। आग की इस घटना में पूरा मकान जलकर पूरी तरह नष्ट हो गया तथा घर के अंदर रखा सारा सामान राख में तब्दील हो गया।

ग्राम प्रधान डामटी थुनारा ने रात करीब 3 बजे इसकी सूचना तुरंत प्रशासन को दूरभाष पर दी। प्राप्त जानकारी के अनुसार मकान मालिक श्री हरपाल सिंह राणा पुत्र श्री हरदयाल सिंह राणा का है। आग इतनी विकराल थी कि देखते-देखते पूरी बिल्डिंग उसकी चपेट में आ गई।

हादसे में घर में बंधी 4 बकरियां, 15 मुर्गे और 2 खरगोश जिंदा जल गए। गनीमत रही कि परिवार के सभी सदस्य सुरक्षित बाहर निकल आए और इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।

सूचना मिलते ही राजस्व उप निरीक्षक मौके पर रवाना हो गए हैं। आग लगने के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन विस्तृत रिपोर्ट राजस्व उप निरीक्षक की जांच के बाद ही सामने आएगी।

ग्रामीणों ने आग बुझाने की पूरी कोशिश की, लेकिन ठंड और ऊंचाई वाले इस पहाड़ी क्षेत्र में पानी की कमी के चलते आग पर काबू नहीं पाया जा सका। घटना से प्रभावित परिवार को फिलहाल ग्राम प्रधान व अन्य ग्रामीणों की मदद से अस्थायी रहने की व्यवस्था की जा रही है।

रूस बोला : भारत को ईंधन की सप्लाई नहीं रुकेगी

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नई दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को साफ़ कर दिया कि उनका देश भारत को तेल, गैस और कोयला बिना किसी रुकावट के सप्लाई करता रहेगा। यह भरोसा ऐसे वक्त में आया है जब अमेरिका भारत पर रूस से तेल खरीद कम करने का दबाव बढ़ा रहा है। पुतिन ने एक आधिकारिक अनुवादक के जरिए कहा—“रूस भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए ऊर्जा का भरोसेमंद सप्लायर है। हम बिना रुकावट फ्यूल भेजने के लिए तैयार हैं।”

अमेरिकी टैरिफ के साए में पुतिन का संदेश

याद दिला दें कि इसी साल अगस्त में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी तेल के मुद्दे को आधार बनाकर भारतीय सामानों पर 50% तक टैरिफ लगा दिया था। अमेरिकी दावा था कि यह रूसी राजस्व को युद्ध फंडिंग में जाने से रोकने की रणनीति है। ऐसे माहौल में पुतिन का बयान थोड़ा पुराने जमाने वाला दृढ़ भरोसा देता है—दोस्ती की डोर झंझावात में और कसने वाली।

कई सेक्टरों में नई साझेदारियां—फर्टिलाइजर से लेकर मैरीटाइम लॉजिस्टिक्स तक

भारत और रूस के बीच हुई बातचीत सिर्फ ऊर्जा पर नहीं रुकी। दोनों देशों ने फर्टिलाइजर, फूड सेफ्टी, शिपिंग और मैरीटाइम लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में कई अहम समझौते साइन किए।

सबसे उल्लेखनीय डील भारतीय कंपनियों और रूस की URALCHEM के बीच हुई, जिसके तहत रूस में यूरिया प्लांट स्थापित किया जाएगा। यह साझेदारी लंबे समय से चली आ रही इंडस्ट्रियल कोऑपरेशन की परंपरा को और मजबूत करने वाली मानी जा रही है—जैसे खेत को लंबे समय तक सिंचाई मिलने का भरोसा।

ऊर्जा सहयोग और भू-राजनीतिक सवाल

पुतिन का यह कदम साफ़ संकेत है कि रूस भारत के साथ ऊर्जा संबंधों को अगले स्तर पर ले जाना चाहता है। सवाल मगर हवा में लटका ही है—क्या अमेरिका इस बढ़ते तालमेल को सहजता से देखेगा? और क्या भारत इन दोनों ध्रुवों के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ पाएगा?