पवार के बयान के बाद उठा सवाल, क्या टूट जाएगा MVA?

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महाराष्ट्र: कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और शिव सेना ने मिलकर महा विकास अघाड़ी गठबंधन बनाया था। तीनों देलों ने महाराष्ट्र में सरकार भी चलाई। लेकिन, एकनाथ शिंदे ने बगावत कर सरकार को गिरा दिया और भाजपा के सहयोग से खुद सीएम बन गए। इस बच महाराष्ट्र की राजनीति में कई घटनाक्रम सामने आ चुके हैं।

अब ऐसा ही एक और राजनीति बदलाव होने की संभावनाएं लगाई जा रही हैं। एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने महा विकास अघाड़ी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कल महाराष्ट्र में अघाड़ी होगी या नहीं इसका नहीं पता। इसके बाद राजनीति गलियारे में चर्चा शुरू हो गई है।

शरद पवार ने अमरावती में कहा कि आज हम अघाड़ी का हिस्सा हैं। हमारी इच्छा है कि हम साथ में काम करें, पर इच्छा से क्या होता है। उन्होंने आगे कहा कि आगे विधानसभा और लोकसभा चुनाव होने वाले हैं। आगे अघाड़ी रहेगी या नहीं, इस पर चर्चा नहीं हुई है।

पवार ने अमरावती में पत्रकारों के सवाल के जवाब दे रहे थे। ऐसे में जब उनसे पूछा गया कि क्या महा विकास अघाड़ी गंठबंधन एक साथ चुनाव लड़ेंगे तो उन्होंने तुरंत जवाब दिया कि अभी यह स्पष्ट नहीं है।

उन्होंने आगे कहा कि सीटों के बंटवारे से लेकर कई मुद्दे होते हैं। जिन पर अभी चर्चा नहीं हुई है। पार्टियों के अपन-अपने विषय हैं। ऐसे में अभी कैसे कह सकते हैं कि एमवीए पार्टियां 2024 का महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव एक साथ लड़ेंगी या नहीं।

उन्होंने कहा था कि वह महसूस करते हैं कि एमवीए के तीनों घटकों शिवसेना, कांग्रेस, राकांपा को 2024 में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ना चाहिए। हालांकि इस मुद्दे पर फैसला पार्टी और गठबंधन में शामिल घटकों के साथ बातचीत कर के ही लिया जाएगा।

उद्धव ठाकरे नीत सरकार के आखिरी मंत्रिमंडल की बैठक में औरंगाबाद और उस्मानाबाद जिलों के नाम बदलने संबंधी फैसले के बारे में पूछे जाने पर पवार ने कहा कि यह मुद्दा एमवीए के न्यूनतम साझा कार्यक्रम में शामिल नहीं था और फैसला लिए जाने के बाद ही उन्हें इसकी जानकारी मिली थी।