OTT प्लेटफॉर्म के लिए जारी हुए सख्त नियम, 36 घंटे के अंदर ही हटाना होगा…

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कोरोनावायरस के कारण लगे लॉक डाउन में लोगों का सबसे ज़्यादा साथ ओटीटी प्लेटफॉर्म यानी ओवर द टॉप मीडिया ने दिया है। लॉक डाउन के दौरान किसी के पास कुछ करने को ही नहीं था। ऐसे में लोगों ने खूब फिल्में और वेब सीरीज देखी। लॉक डाउन से पहले कभी भी इतने लोगों ने ओटीटी प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं किया। लेकिन जब लॉकडाउन के बीच बॉलीवुड की कुछ फिल्में भी ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई तो लोगों ने खूब इसका आनंद उठाया। लेकिन इस दौरान ओटीटी कंटेंट (OTT Content) को लेकर देश में बहुत से लोगों ने आपत्तियां जताई। जिसको देखते हुए सरकार ने आईटी एक्ट (IT Act) के तहत ओटीटी के लिए नए नियम जारी किए हैं।

इन नए नियमों के चलते सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को किसी भी आपत्तिजनक कंटेंट की शिकायत होने पर उसे हटाना होगा। साथ ही डिजिटल मीडिया को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की तरह ही सेल्फ रेगुलेशन करना होगा। बता दें कि सरकार ने ओटीटी और सोशल मीडिया दोनों को अलग अलग रखा है। इसके साथ ही स्ट्रीमिंग सेवाओं और डिजिटल न्यूज मीडिया को आईटी एक्ट के दायरे में शामिल कर लिया है। इन नियमों में सबसे बड़ा बदलाव तो यह है कि अब नेटफ्लिक्स जैसी ओटीटी कंपनियों को अधिकारियों द्वारा आपत्ति किए जाने पर विषयवस्तु को 36 घंटे के अंदर ही अंदर हटाना होगा।

केंद्र मंत्री रविशंकर प्रसाद और प्रकाश जावड़ेकर ने नई दिल्ली में नेशनल मीडिया सेंटर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के इन नियमों की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि अब कंपनियों को एक मुख्य अनुपालन अधिकारी की नियुक्ति करनी होगी जो कानून के क्रियान्वयन के समन्वय के लिए एक कार्यकारी की भूमिका निभाएगा। इसके अलावा कानून और व्यवस्था की स्थिति में सरकार के कहने पर इन प्लेटफॉर्म को विषयवस्तु बनाने वाले पहले उत्पादनकर्ता की जानकारी सरकार को देनी होगी। जानकारी के मुताबिक सभी नियम 3 महीने में लागू कर दिए जाएंगे।