किसान आंदोलन के बीच ज़बरदस्त बैरिकेडिंग, संसद भवन की ओर…

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सरकार के नए कृषि कानूनों के विरोध में देश के किसानों का आंदोलन बीते कई महीनों से जारी है। हजारों की तादाद में देश के किसान सिंघु, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर मौजूद हैं। ऐसे में गणतंत्र दिवस पर निकली ट्रैक्टर रैली में हुई हिंसा के बाद से दिल्ली में इन बोर्डरों पर सुरक्षा और भी ज़्यादा कर दी गई है। इस हिंसा के बाद बॉर्डरो पर किसानों की भी तादाद लगातार बढ़ती जा रही है। खबर है कि इस बीच अब आम बजट पेश किया जा रहा है। इस बीच किसान संसद तक न पहुंच जाए, इसके लिए सरकार ने सुरक्षा एजेंसियों को और भी ज़्यादा अलर्ट रहने हो कहा है।

बता दें कि गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा के बाद किसान नेता राकेश टिकैत ने रोते हुए एक बयान दिया था। जिसमें वह रोते हुए कह रहे थे कि वह किसी भी तरह आंदोलन को ख़तम नहीं होने देंगे। उनके रोने के बाद अब किसान और भी ज़्यादा भावुक हो गए हैं और भारी संख्या में आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। इस बीच खबर सामने आई थी कि किसान बजट सत्र के दौरान संसद भवन का घेराव करेंगे। जिसको लेकर पुलिस ने पहले ही तैयारियां पूरी कर ली हैं।किसानों को संसद भवन जाने से रोकने के लिए पुलिस द्वारा मल्टीलेयर बैरिकेडिंग की गई है।

एक तरफ जहां गाजीपुर से अक्षरधाम होते हुए प्रगति मैदान की ओर जाने वाले रास्ते पर पत्थर के बैरिकेड्स लगाएं हैं वहीं दूसरी ओर सराय काले खां और प्रगति मैदान से अक्षरधाम और गाजीपुर जाने वाले रास्ते पर बसों को खड़ा कर रास्ता बंद कर दिया है। इस बीच किसानों को रोकने के लिए एनएच 9 को भी बंद कर दिया है। बता दें कि हरियाणा सरकार ने अंबाला, कुरूक्षेत्र, करनाल, कैथल, पानीपत, हिसार, जिंद, रोहतक, भिवाणी, सिरसा, फतेहाबाद, चरखी दादरी, सोनीपत और झज्जर जिले में इंटरनेट, डोंगल सेवाएं बंद कर दी हैं।