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हरियाणा-दिल्ली बॉर्डर पर सुरक्षा इंतजाम कड़े,पूर्ण जाँच और आरोग्य सेतू ऐप अनिवार्य

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देश की राजधानी में कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को पर भरपूर ध्यान दिया जा रहा है।इसी के तहत दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर को पूरी तरीके से सील कर दिया है।हरियाणा के गृहमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने बयान दिया है कि दिल्ली सरकार रोजाना अप डाउन कर रहे स्वास्थ्य कर्मचारियों, पुलिस कर्मियों और सरकारी कर्मचारियों के रहने की व्यवस्था दिल्ली में ही करे।अधिकारियों व कर्मचारियों को अपना वैध पहचान पत्र दिखाने पर सीमा पार आवागमन की पहले की तरह अनुमति होगी, मगर इन्हें आरोग्य सेतु एप अपने मोबाइल में इंस्टॉल करना होगा और उसका प्रयोग करना होगा।

हरियाणा ने दिल्ली से लगी सभी सीमाओं को भी सील कर दिया। हरियाणा के चार जिलों के एंट्री पॉइंट बंद कर दिए गए। इससे फरीदाबाद, गुरुग्राम, सोनीपत और झज्जर जिलों से दिल्ली को जोड़ने वाली 18 सड़कों पर आवाजाही बंद हो गई।हालांकि गुरुवार दोपहर 12 बजे से शुक्रवार सुबह साढ़े 9 बजे तक डॉक्टर, सरकारी कर्मचारी को फरीदाबाद आने जाने की छूट दी गयी थी क्योंकि अचानक बॉर्डर सील होने से सरकारी कर्मचारी अपनी जरूरत का सामान नहीं ले जा पाए थे। लिहाजा उनको अपने घरों से रोजमर्रा में इस्तेमाल करने वाला सामान ले जाने की छूट दी गयी थी।

वहीं,साउथ एमसीडी के फँसे हुए कर्मचारी के काम निश्चित तौर पर प्रभावित होंगे।सेंट्रल जोन में दूसरे राज्य के 1303 कर्मचारी और 509 सफाई कर्मचारी भी शामिल हैं।वहीं साउथ जोन में करीब 400 कर्मचारी हैं।अधिकारियों के मुताबिक, इस व्यवस्था के तहत ए और बी ग्रुप के कर्मचारी को प्रतिदिन दो हजार एवं सी और डी ग्रुप के कर्मचारी को प्रतिदिन 11 सौ रुपये के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। इसके लिए कर्मचारी डिजिटल रूप से भुगतान की रसीद निगम को भेज सकते हैं। हलांकि, सरकारी कर्मचारी, अधिकारी, डॉक्टर,रक्षा,डाक, आपदा आदि से जुड़े लोगों के आवागमन की व्यवस्था पहले जैसे ही जारी रहेगी।दवाएं चिकित्सा उपकरणों और निर्माण के लिए आवश्यक कच्चा माल आदि आपूर्ति करने वालों और पीपीई किट, मास्क, दस्ताने, सैनिटाइजर, वेंटिलेटर और इसी प्रकार की वस्तुएं सप्लाई करने वालों को भी आवागमन की अनुमति होगी।

गौरतलब है कि,हरियाणा का झज्जर जिला अभी भी कोरोना का हॉटस्पॉट बना हुआ है, ऐसे में संक्रमण को रोकने के लिए दोनो सरकारों द्वारा यह कदम बेहद जरूरी था ।