कोरोना वाय’रस ने किया लोगों के रोज़गार पर यह अस’र..

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कोरोना वाय’रस इंसानों के साथ साथ उद्योग-धंधों को भी प्रभावित कर रहा है। कोरोना वाय’रस के कार’ण दुनिया भर में लाखों लोगों की जान जा चुकी हैं। अब यह खत’रनाक वाय’रस उद्योग-धंधों को भी चौपट के रहा है। कोरोना वाय’रस के कार’ण सोमवा’र को भारतीय शेयर मार्केट में बड़ी गिरावट दिखाई दी। इसके साथ साथ ऑटो इंडस्ट्री, मोबाइल फोन उद्योग भी बुरी तरह प्रभावति हो रहा है। इतना ही नहीं इसके असर से पोल्ट्री इंडस्ट्री पर सबसे ज़्यादा प्रभाव पड़ा है। कोरोना वाय’रस फैलने की अफवाहों के कारण चिकन की कीमतों में बहुत गिरावट हुई है। जिसकी वजह से पोल्ट्री उद्योग और इससे संबंधित उद्योग तबा’ही के कगार पर आ गया है। जिसके कार’ण पोल्ट्री उपकर’ण और फीड मुहैया करने वाले उद्योग भी प्रभावित हुए हैं।

कृषि अर्थशास्त्री और पॉल्ट्री फेडरेशन आफ इंडिया के एडवायजर विजय सरदाना ने बताया कि “अफवाह के कार’ण कुक्कुट पालक किसानों की उत्पादन लागत जहां 80 रुपये है वहां उन्हें चिकन की कीमत 20 रुपये मिल रही है। उन्होंने कहा कि ” पोल्ट्री उद्योग देश में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब दो करोड़ लोगों को रोजगार देता है, लेकिन चिकन से कोरोना वाय’रस फैलने की अफवाह के कार’ण पूरा उद्योग तबाह हो गया है जिससे इस उद्योग से जुड़ लोगों की आजीविका संकट में है।”

कोरोना वाय’रस के फैलने की बात से लोग बहुत डरे हुए हैं और मांस, मछली, चिकन, अंडा खाने से परहेज करने लगे हैं। जिसके कार’ण चिकन की बिक्री कम हो रही है। बताया जा रहा है कि चिकन की थोक कीमत में 70 फीसदी की गिरावट आई है, वहीं, उपभोक्ताओं को जहां एक किलो चिकन के लिए 180-200 रुपये खर्च करने पड़ते थे वहां अब उनको 100-150 रुपये प्रति किलो चिकन मिल रहा है। नोएडा के एक चिकन विक्रेता ने बताया कि “उसकी खरीद इस समय प्रति चिकन 50-60 रुपये पड़ रही है जबकि वह 150 रुपये प्रति किलो तक बेचता है।” बिहार के मुजफ्फरपुर के एक उपभोक्ता ने बताया कि “पहले जहां एक किलो चिकन के लिए तकरीबन 200 रुपये चुकाना पड़ता था वहां अब 100 रुपये प्रति किलो में भी चिकन लेने कोई नहीं आ रहा है।”