कोरोना टीकाकरण में ढील को लेकर बोले पीएम मोदी, “अगर एक अरब टीकों का आंकड़ा…”

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कोरोना वायरस के संकट को देखते हुए देश की सरकार एक बार फिर मुश्किलों में घिर सकती है। लेकिन इन मुश्किलों से बचने लिए अब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हल निकाल लिया है। दरअसल, कोरोना वायरस से बचने के लिए कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगवाना बहुत जरूरी है। लेकिन कई ज़िले ऐसे हैं जहां के लोगों ने वैक्सीन को ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं माना है। जिसके चलते अभी तक उन जिलों में आधी से ज्यादा आबादी ने वैक्सीन लगवाई ही नहीं है। जिसको देखते हुए पीएम मोदी ने बुधवार को कम कोविड-19 टीकाकरण वाले जिलों के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की।

इस दौरान उन्होंने ऐसे जिलों में वैक्सीनेशन बढ़ाने को कहा जहां कोरोना टीके के पहले डोज का कवरेज 50 फीसदी से कम और दूसरे डोज का भी कवरेज काफी कम है। पीएम मोदी ने कहा कि “अगर एक अरब टीकों का आंकड़ा छूने के बाद हम थोड़े भी ढीले पड़ गए तो और बड़ा संकट आ सकता है। हमें थोड़ा भी ढीलापन नहीं आने देना है। जहां भी कमी है] उन्हें जल्दी दूर करना है। हमें हर गांव हर कस्बे पर फोकस करना होगा।”

उन्होंने कहा कि “अगर हर गांव के लिए अलग रणनीति बनानी हो तो बनाएं. आप 25 लोगों की टीम बनाकर ऐसा कर सकते हैं, NCC, NSS की भी आप मदद ले सकते हैं हमें ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक करना होगा। धर्मगुरुओं को भी टीकाकरण के इस अभियान में जोड़ना होगा। मैं अभी वेटिकन में Pope से मिला। वैक्सीनेशन पर धर्म गुरुओं की सोच को हमें स्थानीय लोगों तक पहुंचाने पर जोर देना होगा। हर घर टीका, घर-घर टीका। हमें इसी जज्बे के साथ हर घर पहुंचना है।” इसके साथ ही उन्होंने कहा कि “मैं मुख्यमंत्रियों का आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने वैक्सीनेशन की बैठक में हिस्सा लिया, उम्मीद है कि उनके मार्गदर्शन में अब टीकाकरण आगे बढ़ेगा।”