मुख्यमंत्री बनते ही इस नेता ने की बैठक, साथ ही दिए यह नि’र्देश..

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चौथी बार शपथ ली। शपथ लेने के बाद से ही उन्होंने काम करना शुरू कर दिया है। शपथ लेने के तुरंत बाद ही शिवराज सिंह चौहान ने सबसे पहले अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने कोरोना वाय’रस को रोकने पर चर्चा की। साथ ही सभी अधिकारियों को इस वायरस से निपटने के लिए हर कोशिश करने के निर्देश भी दिए हैं। इस दौरान उन्होंने स्वास्‍थ्य विभाग की तैयारियों से संबंधित प्रेजेंटेशन भी देखी। वहीं मंगलवा’र से ही मध्य प्रदेश की पंद्रहवीं विधानसभा का छठवां सत्र भी शुरू होने वाला है। जोकि 27 मार्च तक जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने सरकार के प्रति विश्वास प्रस्ताव भी दिया। उन्होंने कहा कि चार दिन के सत्र में तीन बैठकें की जाएंगी और साथ ही सरकार लेखानुदान भी लाएगी।

बता दें कि इससे पहले सोमवा’र को शपथ लेने के बाद ही शिवराज सिंह ने कहा था कि “मुख्यमंत्री के तौर पर उनकी पहली प्राथमिकता कोरोना से लोगों का बचाव है।” उन्होंने कहा था कि “कोरोना के संक्रम’ण से प्रदेश की जनता को बचाने के लिहाज से सुरक्षा संबंधी कड़े कदम उठाने की जरुरत है।” सीएम शिवराज सिंह ने कहा कि “कोरोना को देखते हुए होने वाले लॉकडाउन को देखते हुए मैं छोटे खुदरा व्यापारियों, पान वालों, चाय वालों, गुमटी वालों, फुटपाथ पर व्यापार करने वालों और दिहाड़ी मजदूरों की आर्थिक क्षति को लेकर बेहद चिंतित हूं।”

भारतीय जनता पार्टी के वरि’ष्ठ नेता शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी। राज्यपाल लालजी टंडन ने राजभवन में शपथ दिलाई थी। लेकिन कोरोना के कार’ण हुए लॉकडाउन की वजह से उनके अलावा किसी और नेता ने शपथ नहीं ली थी। इस पूरे समारोह में सिर्फ शिवराज सिंह ने ही शपथ ली। जिसके तुरंत बाद ही शिवराज सिंह ने काम काज करना शुरू कर दिया। उन्होंने सबसे पहले अधिकारियों की बैठक की थी, जिसमें कोरोना वाय’रस से निपटने के लिए चर्चा हुई थी। साथ ही उन्होंने वाय’रस से लड़ने के संकल्प को भी दोहराया था।