औरंगाबाद में मालगाड़ी ने पटरी पर सो रहे 17 मज़दूरों को रौंदा,सभी को जाना था अपने घर

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महाराष्ट्र के औरंगाबाद में आज यानी शुक्रवार सुबह 6:30 के करीब बेहद दर्दनाक घटना हुई। यहां रेल की पटरी पर सो रहे प्रवासी मजदूरों को मालगाड़ी में रौंद दिया जिसमें 17 मज़दूरों की मौत हो गई और कई अन्य मज़दूर घायल हो गए।कर्माड पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि ये सभी मजदूर जालाना से भुसावल की ओर जा रहे थे। सभी को मध्य प्रदेश जाना था। उन्होंने कहा कि सभी रेलवे ट्रैक के किनारे-किनारे चल रहे थे। इसी दौरान थकान होने से वे रेलवे ट्रैक पर ही सो गए।

दरअसल, देश मे कोरोना वायरस के संकट को देखते हुए 13 मई से 17 मई तक तीसरे चरण का लॉकडाउन चल रहा है,ऐसे में देश मे जगह जगह फसें प्रवासी मज़दूर अपने-अपने घर जाने के लिए परेशान हैं। ऐसे में औरंगाबाद से मध्यप्रदेश अपने घर जाने को निकले मजदूर 35 किलोमीटर चलने के बाद रेल की पटरियों पर लेटे हुए थे।तड़के सुबह गहरी नींद में सो रहें इन मज़दूरों को ट्रेन के आने की भनक भी नही लगी और मालगाड़ी ने इन सभी को रौंद दिया।मौके पर ही 17 मज़दूरों की मौ’त हो गयी और कुछ बु’री तरह घायल है।

घटना की जानकारी होने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अभी अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए ट्वीट किया कि,”महाराष्ट्र के औरंगाबाद में रेल हादसे में जानमाल के नुकसान से बेहद दुखी हूं। रेल मंत्री पीयूष गोयल से बात की है, वह स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।’ वहीं रेल मंत्री पीयूष गोयल ने अपने ट्वीट में लिखा कि,”ट्वीट करते हुए लिखा, आज सुबह 5:22 बजे नांदेड़ डिवीजन के बदनापुर व करमाड स्टेशन के बीच सो रहे श्रमिकों के मालगाड़ी के नीचे आने का दुखद समाचार मिला।राहत कार्य जारी है और इस पूरी घटना के जांच के आदे दे दिए गए हैं।दिवंगत आत्माओं की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना करता हूं।’