14 महीने में अमेरिका हटा’एगा अफगा’निस्तान से अपनी से’ना, दोनों के बीच हुआ समझौता

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कतर के दोहा में शनिवार को अमेरिका और तालि’बान के बीच शां’ति समझौते पर सहमति बन गई है। करीब 18 महीने की वार्ता के बाद दोनों प’क्षों ने इस शांति समझौता पर हस्ता’क्षर किए हैं। इस समझौते के तहत अमेरिका 14 महीने के अंदर अफगा’निस्तान से अपने सैन्य बलों को निकाल लेगा। लगभग 30 देशों और अंतररा’ष्ट्रीय संगठनों के विदेश मंत्री और प्रतिनिधि के सामने अमेरिका-तालि’बान ने शांति समझौता किया। इस समझौते में भारत की अहम भूमिका रही।

दरअसल 24 फरवरी को डोनाल्ड ट्रंप दो दिन की भारत यात्रा पर आए थे। इस यात्रा के दौरान नरेंद्र मोदी स इस मु’द्दे पर उनकी बात हुई थी। शांति समझौते से पहले भारतीय विदेश सचिव हर्षवर्धन शृंगला शुक्रवार रात काबुल पहुंचे। उन्होंने रा’ष्ट्रपति अशरफ गनी और सरकार के आला अधिकारियों से मुलाकात की। शृंगला ने रा’ष्ट्रपति गनी को प्रधानमंत्री मोदी का पत्र भी सौंपा।

आपको बता दें कि तालि’बान और अमेरिका के बीच जं’ग का मामला 9 /11 हम’ले के बाद शुरू हुआ। 9/11 के बाद अमेरिका ने 2001 में तालि’बान के खि’लाफ जंग के लिए अपने सैनिक अफगा’निस्तान भेजे थे। और इस ल’ड़ाई में उसके 2352 सैनिक मारे गए थे। जिसके बाद से अमेरिकी सैनिकों की वापसी की बात चल रही है। शुक्रवार रात अमेरिका के रा’ष्ट्रपति ट्रम्प ने इस समझौते पर मंजूरी दे दी है।

ट्रंप ने नरेंद्र मोदी से हुई चर्चा के बारे में बताया कि “मैंने प्रधानमंत्री मोदी से इस संबंध में बात की है, हम समझौते के बेहद करीब हैं। भारत इस मामले में साथ देगा और इससे सभी लोग खुश होंगे।” इसी के बाद अमेरिका ने भारत को तालिबान और अमेरिका के समझौते का गवाह बनाया। इस समझौते के दौरान कतर में भारतीय राजदूत पी कुमारन मौजूद थे।

रा’ष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा, “विदेश मंत्री माइक पोम्पियो तालिबान के साथ डील साइन करेंगे। इसके बाद रक्षा मंत्री मार्क एस्पर अफगा’निस्तान सरकार के साथ साझा बयान जारी करेंगे। अगर  अफगा’निस्तान और ता’लिबान की सरकार इन प्रतिबद्धताओं पर खरी उतरती है, तो हमारे पास अफगा’निस्तान में यु’द्ध को समा’प्त करने और अपने सैनिकों को घर लाने के लिए रास्ता बनेगा।”

अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक कहा जा रहा है कि अफगा’निस्तान ने समझौते में अपने 500 लोगों की जे’ल से रिहाई की मांग की है। इसके बाद एक बैठक में यु’द्ध के बाद महिला और अल्पसंख्यकों को लेकर योजनाओं और इलाके के विकास की बात होगी।