विधानसभा चुनाव से पहले ही सपा ने भाजपा को कराया अपनी ताकत का एहसास, एक बार फिर…

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उत्तर प्रदेश में छोटे बड़े हर चुनाव में भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी की कड़ी टक्कर रहती है। हर चुनाव में भाजपा और सपा एक दूसरे को हराने के लिए ऐड़ी से चोटी तक का जोर लगा देती हैं। इस दौरान यूपी में जिला पंचायत अध्यक्ष (Zila Panchayat Adhyaksh) के चुनावों को लेकर भी दोनों के बीच तकरार जारी है। बता दें कि जिला पंचायत अध्‍यक्ष पद के लिए यूपी के 53 जिलों में 3 जुलाई को वोटिंग होनी है। जानकारी के मुताबिक मतगणना भी इस दिन ही हो जानी है। लेकिन इस बीच चर्चा में इटावा सीट है। इस सीट पर बीते 30 सालों से मुलायम परिवार का कब्‍जा है। बीते 30 सालों से आज तक इस सीट को मुलायम परिवार से कोई भी जीत नहीं पाया है।

हालांकि भाजपा ने इस सीट को मुलायम परिवार से छीनने की खूब कोशिशें की, लेकिन सब नाकाम रहीं। बता दें कि भाजपा बीते काफी समय से इस सीट पर नजर रखी हुई है। लेकिन अभी तक इस सीट को प्राप्त नहीं कर पाई है। हाल ही खुद यूपी भाजपा अध्‍यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने इस सीट पर जीत की रणनीति बनाई थी। लेकिन चाचा-भतीजे ने मिलकर उनके भी अरमानों पर पानी फेर दिया। स्वतंत्र देव सिंह का कहना था कि “इटावा का जिला पंचायत अध्यक्ष इस बार भाजपा का बनेगा और वो नामांकन के दिन ही पता चल जाएगा।” स्वतंत्र देव ने इतनी बड़ी बात बोल तो दी लेकिन अपनी बात पर उभर नहीं पाए।

इटावा में जीत तो दूर की बात भाजपा को अपना उम्मीदवार भी उतारना नसीब नहीं हुआ। भाजपा को यहां से प्रस्‍तावक ही नहीं मिला। जिसके चलते सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के भतीजे अभिषेक यादव ने निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर कब्‍जा कर लिया। ऐसे में इस जीत से मुलायम सिंह ने भाजपा को अपनी ताकत का एहसास करवा दिया है। साल 1987 से लेकर आज तक समाजवादी पार्टी ने इस सीट पर कब्जा जमा रखा है।