उत्तराखंड: कैबिनेट का फैसलाः संविदा पर नियुक्त होंगे उपनल कर्मचारी

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देहरादून स्थित सचिवालय में रविवार देर रात तक चली राज्य कैबिनेट की बैठक में 18 हजार से अधिक उपनल कर्मचारियों को विभागीय संविदा पर रखने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई।
प्राविधिक शिक्षा परिषद की नियमावली बनाने के साथ ही शिक्षा प्रेरकों का मानदेय तीन हजार करने के प्रस्ताव को भी स्वीकार कर लिया गया। मैराथन चली बैठक में पर्यटन, वन, समाज कल्याण, गृह, प्राथमिक शिक्षा, स्वास्थ्य, आबकारी समेत तमाम विभागों से जुड़े प्रस्ताव रखे गए। दोपहर तीन बजे शुरू हुई बैठक देर रात 12 बजे समाप्त हुई। बैठक में रखे गए प्रस्तावों में चुनावी वर्ष की झलक साफ दिखाई दी।
आपदा में प्रभावित वाहनों को अगले आठ साल तक रोड टैक्स में 25 फीसदी रियायत का प्रस्ताव भी कैबिनेट में पेश किया गया। इसके अलावा सरकारी खरीद का गेहूं एक रुपये प्रति किलो कम करने, मलिन बस्तियों को मालिकाना हक देने के संबंधी नियमावली, वनकर्मियों को दिया जाने वाला धुलाई भत्ता पुलिस के बराबर करने, इको सेंसिटिव जोन में दी गई रियायतों से संबंधी, नगर निगम व्यावसायिक नियमावली संबंधी और एससी-एसटी अवस्थापना विकास योजनाओं संबंधी प्रस्ताव कैबिनेट में रखे गए।
पर्यटन को बढ़ावा देने के मकसद से एक अहम प्रस्ताव कैबिनेट की बैठक में आया, जिसके तहत पर्यटन के क्षेत्र में दस करोड़ तक के निवेश को जिला स्तर पर ही मंजूरी दी जा सकेगी।
बैठक में मुख्यमंत्री हरीश रावत के अलावा कैबिनेट मंत्री इंदिरा हृदयेश, यशपाल आर्य, प्रीतम सिंह पंवार, मंत्री प्रसाद नैथानी, मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह समेत तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे। कैबिनेट मंत्री दिनेश अग्रवाल और पीडीएफ कोटे से कैबिनेट मंत्री बने दिनेश धनै बैठक शुरू होने के थोड़ी देर बाद ही चले गए।