फिर धरने पर किसान, टिकैत ने दी धमकी, इतने दिन चलेगा आंदोलन

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लखीमपुर खीरी: किसान और किसानों का आंदोलन एक बार फिर चर्चा में है। संयुक्त किसान मोर्चा ने इस बार तंबू लखीमपुर खीरी में लगाया है। केंद्र सरकार के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा का 75 घंटे तक चलने वाला धरना गुरुवार सुबह शुरू हो गया। इस दौरान आसपास भारी पुलिसबल तैनात कर दिया गया है। धरनास्थल पर कमिश्नर और आईजी रेंज ने प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में रूट मार्च किया। किसान नेताओं के मंच पर पंजाब से आए विभिन्न किसान नेताओं, भाकियू नेता राकेश टिकैत के साथ-साथ मेधा पाटेकर भी मौजूद रहीं।

धरने में शामिल होने पंजाब से हजारों किसान बुधवार को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी पहुंच गए हैं। संयुक्त किसान मोर्चा ने लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में श्न्यायश् की मांग के लिए 18 से 21 अगस्त तक विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) नेता राकेश टिकैत, योगेंद्र यादव समेत कई किसान नेता धरनास्थल पर पहुंच चुके हैं। राकेश टिकैत ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए मांग की है कि तिकुनियां कांड में चार किसानों और एक पत्रकार की हत्या के मामले में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र टेनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाए।

संयुक्त किसान मोर्चा के धरने में पहुंचे भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने केंद्र सरकार के समक्ष निम्न मांगें रखी हैं। लखीमपुर खीरी जिला के तिकुनियां में चार किसानों और एक पत्रकार की हत्या करने की साजश रचने के मामले में उप गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टैनी को मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाए और गिरफ्तार करके जेल भेजा जाए। लखीमपुर खीरी हत्याकांड में श्निर्दाेष होते हुए भीश् जेल में बंद किसानों को तुरन्त रिहा किया जाए और उनके ऊपर मढ़े केस तुरन्त वापस लिए जाएं।

सभी फसलों के ऊपर स्वामीनाथन कमीशन के द्वारा सी-2 $50ःके फार्मूला से एमएसपी की गारंटी और सभी फसलों की बिकवाली एमएसपी के ऊपर होने की गारंटी करने वाला कानून केंद्र सरकार द्वारा बनाया जाए। किसान आन्दोलन के दौरान केन्द्र शासित प्रदेशों व अन्य राज्यों में जो केस किसानों के ऊपर लाद दिए गए थे वो तुरंत वापस लिए जाएं।

भारत के सभी किसानों के सर पर चढ़े कर्ज को एक बार लकीर मार के एकमुश्त कर्ज मुक्त किया जाए। उत्तर प्रदेश की खंड मिलों की तरफ जो किसानों की बकाया राशि है वो तुरंत जारी की जाए। वर्षों से जंगल को आबाद कर देश के विभिन्न प्रांतों से लखीमपुर एवं अन्य जनपदों से आकर बसे किसानों को ज़मीन से बेदख़ल करने के नोटिस देने बंद किए जाएं।

राकेश टिकैत ने दी धमकी-

पानी शौचालय की व्यवस्था करो वर्ना जिला मुख्यालय पर भी धरना देंगे। राकेश टिकैत मंच पर पहुंचे और प्रशासन को चेतावनी दी कि तीन दिन के धरने को लेकर प्रशासन ने बाहर से आने वाले किसानों के लिए पानी और शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं की है। अगर एक घंटे के अंदर व्यवस्था दुरुस्त नही हुई तो किसान जिला मुख्यालय पर भी धरना देना जानते हैं। जब उनको इन्फॉर्म कर रखा है तो व्यवस्था क्यों नहीं। हमें प्रशासन की परमिशन की जरूरत नहीं। बस वो बता दें कि वो व्यवस्था करेंगे कि नहीं। वरना हम पानी और अन्य चीजें भी लेना जानते हैं।