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उत्तराखंड: पौड़ी DFO को तत्काल हटाने के निर्देश, एस्कॉर्ट सुरक्षा के साथ स्कूल जाएंगे बच्चे

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उत्तराखंड में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में वन विभाग की समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए, ताकि लोगों की जान-माल की रक्षा हो सके।

स्कूली बच्चों को मिलेगी एस्कॉर्ट सुविधा

वन्यजीव प्रभावित क्षेत्रों में स्कूली बच्चों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जहां जंगली जानवरों का खतरा अधिक है, वहां वन विभाग और जिला प्रशासन मिलकर बच्चों को स्कूल छोड़ने और लाने के लिए एस्कॉर्ट की व्यवस्था करें। इससे नौनिहाल सुरक्षित रहेंगे।

पौड़ी डीएफओ को तत्काल हटाने के आदेश

पौड़ी जिले में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं बढ़ने पर मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने पौड़ी के डीएफओ को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए।

30 मिनट में मौके पर पहुंचेगी टीम, झाड़ियां साफ करने के निर्देश

संघर्ष की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम 30 मिनट के अंदर मौके पर पहुंचे, इसके लिए डीएफओ और रेंजर की जिम्मेदारी तय की जाएगी। गांवों के आसपास झाड़ियों को अभियान चलाकर साफ करने के भी आदेश दिए गए। प्रभावितों को तत्काल आर्थिक सहायता दी जाए।

कमाने वाले की मौत पर परिवार की आजीविका के लिए नई नीति

यदि संघर्ष में परिवार का कमाने वाला सदस्य मर जाता है, तो परिवार आर्थिक संकट में न पड़े। इसके लिए वन विभाग दो सप्ताह में आजीविका सहायता की नीति बनाकर प्रस्तुत करे। जरूरी उपकरण यथाशीघ्र उपलब्ध कराए जाएं।

नई तकनीक और स्थायी समाधान पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की जान बचाना पहली जिम्मेदारी है। जंगली जानवरों को आबादी से दूर रखने के लिए नई तकनीक का इस्तेमाल हो। संवेदनशील क्षेत्रों में कैमरे से निगरानी रखी जाए। वन कर्मी लगातार गश्त करें और ग्रामीणों से संवाद मजबूत करें। बच्चों व महिलाओं को वन्यजीवों की मौजूदगी के प्रति जागरूक किया जाए।

PRD स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री धामी ने की बड़ी घोषणाएं, जवानों के लिए विशिष्ट प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना होगी

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को ननूरखेड़ा स्थित निदेशालय युवा कल्याण एवं प्रान्तीय रक्षक दल (PRD) परिसर में पीआरडी के स्थापना दिवस पर आयोजित रैतिक परेड कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस मौके पर उन्होंने दिवंगत पीआरडी स्वयंसेवकों के आश्रितों को सहायता राशि और जवानों के बच्चों को छात्रवृत्ति के चेक वितरित किए। मुख्यमंत्री ने पीआरडी जवानों को धैर्य, समर्पण और अदम्य इच्छाशक्ति का प्रतीक बताते हुए उनके योगदान की सराहना की।

प्रमुख घोषणाएं

  • प्रशिक्षण संस्थान और चिकित्सा सुविधा।
  • पीआरडी जवानों के लिए एक विशिष्ट प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना की जाएगी।
  • ड्यूटी के दौरान चिकित्सालय में भर्ती होने पर जवान को अधिकतम छह माह तक ड्यूटी पर ही माना जाएगा और उन्हें पूर्ण मानदेय प्रदान किया जाएगा।
  • ग्राम अस्थल रायपुर में खेल मैदान का निर्माण कराया जाएगा।

पीआरडी जवानों की भूमिका पर मुख्यमंत्री की प्रशंसा

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पीआरडी जवान प्रदेश में सुरक्षा, जनसेवा, यातायात व्यवस्था, लिपिकीय कार्य और प्राकृतिक आपदाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। चारधाम यात्रा के दौरान भी उन्होंने लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने में सराहनीय कार्य किया। उन्होंने जवानों को धैर्य, संवेदनशीलता और सजगता का प्रतीक बताया।

जवानों के कल्याण के लिए राज्य सरकार के निर्णय

  • राज्य गठन के समय 65 रुपये प्रतिदिन भत्ता था, जिसे बढ़ाकर 650 रुपये किया गया।
  • मृत एवं घायल जवानों के आश्रितों को 70 लाख रुपये से अधिक की सहायता दी गई।
  • 10 वर्ष सेवा पूरी करने पर सेवानिवृत्त जवानों को 18 लाख रुपये का एकमुश्त सेवा भत्ता।
  • विभिन्न ड्यूटी में मृत्यु होने पर सहायता राशि दोगुनी की गई (साम्प्रदायिक दंगे: 1 लाख से 2 लाख, अति-संवेदनशील ड्यूटी: 75 हजार से 1.5 लाख, सामान्य ड्यूटी: 50 हजार से 1 लाख)।
  • प्राकृतिक आपदा में नुकसान पर 50 हजार रुपये तक की सहायता।
  • मृत एवं अपंग जवानों के आश्रितों को पीआरडी में पंजीकरण और रोजगार: अब तक 190 में से 133 आश्रितों को नौकरी दी गई।
  • इस माह 149 पंजीकृत आश्रितों को अर्द्ध सैन्य प्रशिक्षण दिया जाएगा।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या का बयान

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री श्रीमती रेखा आर्या ने कहा कि पीआरडी जवान चुनाव, पर्व-त्योहार, आपदा और सामान्य दिनों में हमेशा आगे रहते हैं। मुख्यमंत्री धामी ने जवानों के हित में कई ऐतिहासिक फैसले लिए। 2022 से स्थापना दिवस भव्य रूप से मनाया जा रहा है। विभाग का बजट 60 लाख से बढ़कर 135 करोड़ हो गया है और वर्तमान में 7500 से अधिक जवान सेवाएं दे रहे हैं।

मच गया हंगामा, संसद में किसने पी ई-सिगरेट?

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नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा में उस वक्त जोरदार हंगामा हो गया, जब भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक सांसद पर सदन के अंदर ई-सिगरेट पीने का गंभीर आरोप लगाया। स्पीकर ओम बिरला ने मामले को गंभीरता से लेते हुए लिखित शिकायत मिलने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया।

क्या है पूरा मामला?

प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्न पूछते हुए हिमाचल प्रदेश से भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने स्पीकर की ओर इशारा करते हुए कहा कि एक TMC सांसद सदन के अंदर ई-सिगरेट पी रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि पूरे देश में ई-सिगरेट पर प्रतिबंध लगा हुआ है, फिर भी संसद जैसे पवित्र स्थल में इस तरह की गतिविधि हो रही है।

अनुराग ठाकुर ने आगे कहा, “संसद वह जगह है जहां देश के करोड़ों लोग उम्मीद भरी नजरों से देखते हैं। यहां नियमों का उल्लंघन और सदन की मर्यादा को ठेस पहुंचाने वाला कोई भी आचरण बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।”

स्पीकर का सख्त रुख

अनुराग ठाकुर की शिकायत पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर कोई सदस्य लिखित शिकायत दर्ज कराता है तो संसदीय नियमावली के तहत इसकी जांच कराई जाएगी और उचित कार्रवाई की जाएगी। स्पीकर ने सभी सदस्यों से सदन की गरिमा बनाए रखने का आग्रह किया।

हंगामे के बीच कई भाजपा सांसदों ने विपक्षी सदस्य के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की, जिससे सदन में कुछ देर के लिए शोर-शराबा हुआ। स्पीकर ने स्थिति को संभालते हुए कहा कि संसद की मर्यादा से किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

ई-सिगरेट पर प्रतिबंध की याद

गौरतलब है कि भारत सरकार ने वर्ष 2019 में ई-सिगरेट (इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट) के उत्पादन, आयात, निर्यात, बिक्री, विज्ञापन और भंडारण पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था। इसका उल्लंघन दंडनीय अपराध है। इस कानून का उद्देश्य विशेष रूप से युवाओं को निकोटीन की लत से बचाना था।

AIIMS से हो रहा डॉक्टरों का मोह भंग, अब तक 429 छोड़ चुके नौकरी

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नई दिल्ली। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने संसद में विभिन्न मुद्दों पर जानकारी साझा की है। राज्यसभा में दिए गए जवाबों में पिछले तीन वर्षों में विभिन्न ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) से 429 फैकल्टी सदस्यों के इस्तीफे, दिल्ली AIIMS में 1,900 से अधिक दिव्यांगता प्रमाणपत्र आवेदनों की लंबित स्थिति, दवा नियमों के शेड्यूल H में संशोधन की प्रक्रिया और मलेरिया वैक्सीन अपनाने पर एक्सपर्ट सिफारिशों का खुलासा किया गया है। ये जानकारियां स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव और अनुप्रिया पटेल द्वारा पेश की गईं। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट प्रतिबंध के उल्लंघन के मामलों पर भी अपडेट दिया गया। आइए इन मुद्दों पर विस्तार से जानते हैं।

AIIMS दिल्ली 52 इस्तीफे

पिछले तीन वर्षों (2022-2024) में देशभर के विभिन्न AIIMS संस्थानों से कुल 429 फैकल्टी सदस्यों ने इस्तीफा दिया है। इनमें से 52 इस्तीफे दिल्ली AIIMS से हैं, जो सबसे अधिक संख्या है। स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने राज्यसभा में यह डेटा पेश किया। इस्तीफों के कारणों में व्यक्तिगत और पेशेवर वजहों का जिक्र किया गया है, हालांकि मंत्रालय ने विशिष्ट कारणों का विस्तृत विवरण नहीं दिया।

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AIIMS संस्थानों की सूची और इस्तीफों की संख्या इस प्रकार है:

  • AIIMS दिल्ली : 52
  • AIIMS ऋषिकेश: 38
  • AIIMS रायपुर: 35
  • AIIMS बिलासपुर: 32
  • AIIMS मंगलागिरी: 30
  • AIIMS भोपाल: 27
  • AIIMS जोधपुर: 25

बाकी इस्तीफे अन्य AIIMS जैसे पटना, भुवनेश्वर और गोरखपुर से हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह ब्रेन ड्रेन स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित कर सकता है, खासकर जब देश में डॉक्टरों की कमी पहले से ही एक बड़ी समस्या है। सरकार ने कहा कि इन इस्तीफों के बावजूद AIIMS संस्थानों में फैकल्टी पदों को भरने के प्रयास जारी हैं, लेकिन 2025 तक कई संस्थानों में 20-30% पद खाली हैं। यह स्थिति ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में मेडिकल एजुकेशन और हेल्थकेयर को चुनौतीपूर्ण बना रही है।

बाल रोग और मनोचिकित्सा विभाग सबसे प्रभावित

दिल्ली AIIMS में दिव्यांगता प्रमाणपत्र (Disability Certificates) और यूनिक डिसेबिलिटी आईडी (UDID) कार्ड जारी करने के लिए 1,903 आवेदन लंबित हैं। स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने राज्यसभा में बताया कि इनमें से 1,148 आवेदन बाल रोग विभाग में और 755 मनोचिकित्सा विभाग में पेंडिंग हैं।

ये प्रमाणपत्र न्यूरोसाइंसेज सेंटर के मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी किए जाते हैं। बौद्धिक दिव्यांगता (Intellectual Disability) के मामलों में 18 वर्ष से कम उम्र के आवेदकों के लिए बाल रोग विभाग और 18 वर्ष से अधिक के लिए मनोचिकित्सा विभाग जिम्मेदार है। लंबित आवेदनों की वजह से दिव्यांग व्यक्तियों को सरकारी सुविधाएं, नौकरियां और शिक्षा में आरक्षण प्राप्त करने में देरी हो रही है।

Single Window System शुरू

AIIMS ने प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए एकल खिड़की प्रणाली (Single Window System) शुरू की है, लेकिन 2025 तक भी बैकलॉग बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्टाफ की कमी और बढ़ते आवेदनों के कारण यह समस्या बढ़ रही है, जिसके समाधान के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म को मजबूत करने की जरूरत है।

उत्तराखंड : भाई ने मोबाइल फोन चलाने से रोका तो नाराज हुई बहन, खा ली चूहे मारने वाली दवा

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हरिद्वार के सिडकुल क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। छोटे भाई द्वारा मोबाइल फोन ज्यादा चलाने पर डांट लगाने से नाराज़ 17 वर्षीय नाबालिग लड़की ने चूहे मारने की दवा (सेल्फॉस) खा ली। अस्पताल ले जाने पर उसकी मौत हो गई।

पुलिस के अनुसार मृतका मूल रूप से उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के थाना सिंगही क्षेत्र के ग्राम निंबोरिया की रहने वाली थी। उसका नाम बताया जा रहा है – मेलाराम की बेटी (नाम गोपनीय रखा गया है क्योंकि नाबालिग है)। पूरा परिवार मजदूरी करता है और सिडकुल की विभिन्न फैक्ट्रियों में काम करता है। वर्तमान में परिवार औरंगाबाद, सिडकुल में किराए के मकान में रहता था।

पुलिस के अनुसार 

  • दो दिन पहले छोटे भाई ने बहन को देर रात तक मोबाइल चलाने से मना किया था।
  • इस बात पर दोनों में कहासुनी हो गई थी।
  • बहन अक्सर घंटों फोन पर बात करती रहती थी, जिसे लेकर भाई पहले भी कई बार टोक-टोक कर चुका था।
  • रात में फिर विवाद हुआ और नाराज़ होकर लड़की ने चूहे मारने की दवा पी ली।
  • परिजन उसे तुरंत कलियर थाना क्षेत्र के धनौरी स्थित निजी अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस ने मामला अभियोग दर्ज नहीं किया है क्योंकि यह स्पष्ट आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है। फिर भी पूरे मामले की जांच की जा रही है।परिजन सदमे में हैं। पड़ोसियों ने बताया कि लड़की पढ़ाई छोड़कर परिवार के साथ मजदूरी करती थी और मोबाइल पर दोस्तों से बात करना उसकी आदत बन गई थी।

उत्तराखंड : पूर्व IPS लोकेश्वर सिंह इस मामले में दोषी करार, प्राधिकरण ने की कार्रवाई की संस्तुति

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देहरदून : पिथौरागढ़ के टकाना थाना क्षेत्र में वर्ष 2023 में हुई एक सनसनीखेज घटना के मामले में उत्तराखंड राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण ने बड़ा फैसला सुनाया है। प्राधिकरण ने तत्कालीन पुलिस अधीक्षक पिथौरागढ़ एवं पूर्व आईपीएस अधिकारी लोकेश्वर सिंह को अवैध हिरासत में रखने, नग्न करके मारपीट करने और पद का दुरुपयोग करने का दोषी पाया है।

प्राधिकरण ने लोकेश्वर सिंह के खिलाफ विभागीय एवं दंडात्मक कार्रवाई की संस्तुति उत्तराखंड शासन के गृह विभाग को भेज दी है। साथ ही आदेश दिया है कि अधिकारी को सुनवाई का पूरा-पूरा अवसर दिया जाए। राज्य पुलिस प्राधिकरण के इस फैसले के बाद अब प्रदेश में चर्चाओं का बाजार गर्म है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब इस मामले में कार्रवाई हो सकती है, तो टिहरी के केशव थलवाल और अन्य मामलों में भी कार्रवाई की जानी चाहिए।

क्या है पूरा मामला?

  • पीड़ित लक्ष्मी दत्त जोशी (निवासी पुराना बाजार, पिथौरागढ़) ने 8 फरवरी 2023 को नैनीताल स्थित जिला पुलिस शिकायत प्राधिकरण में शिकायत दर्ज कराई थी।
  • शिकायत में आरोप लगाया गया कि 6 फरवरी 2023 को तत्कालीन एसपी लोकेश्वर सिंह और उनके साथ मौजूद अन्य छह पुलिसकर्मियों ने उन्हें एसपी ऑफिस (टकाना) में अवैध रूप से हिरासत में रखा, कपड़े उतरवाए और बेरहमी से पीटा।
  • पीड़ित के अनुसार मारपीट से उन्हें गंभीर चोटें आईं, जिनकी मेडिकल एवं एक्स-रे रिपोर्ट भी प्राधिकरण को सौंपी गईं।

पुलिस अधिकारी का पक्ष

  • अप्रैल 2023 में लोकेश्वर सिंह ने शपथ-पत्र दाखिल कर अपना बचाव किया। उनका कहना था कि लक्ष्मी दत्त जोशी आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है।
  • उसके खिलाफ चंपावत व पिथौरागढ़ में गुंडा एक्ट, मारपीट, सरकारी काम में बाधा, आपराधिक धमकी आदि के कई मुकदमे दर्ज हैं।
  • वाहनों में आग लगाने की एक घटना की पूछताछ के लिए उसे बुलाया गया था, मारपीट नहीं की गई।

पीड़ित का जवाबी शपथ-पत्र

  • मई 2023 में लक्ष्मी दत्त जोशी ने जवाबी शपथ-पत्र दिया,  जिसमें गंभीर आरोप लहए गए।
  • सभी मुकदमे एसपी लोकेश्वर सिंह ने स्थानीय नेताओं से मिलीभगत कर उनके दबाव में झूठे दर्ज करवाए।
  • अभी तक किसी भी मामले में कोर्ट ने उन्हें दोषी नहीं ठहराया है।
  • 6 फरवरी 2023 को बिना कोई मुकदमा दर्ज किए अवैध हिरासत में रखकर मारपीट की गई।

लगभग तीन साल तक चली मैराथन सुनवाई में दोनों पक्षों को बार-बार बुलाकर उनका पक्ष सुना गया। आखिरकार राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण ने पूर्व आईपीएस अधिकारी को दोषी मानते हुए कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेज दी है।

अब गेंद उत्तराखंड सरकार के गृह विभाग के पाले में है कि वह इस गंभीर मामले में पूर्व वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के खिलाफ क्या कार्रवाई करती है।

पौड़ी गढ़वाल: आतंक का पर्याय बने नरभक्षी गुलदार को वन विभाग ने मार गिराया, सीएम धामी के सख्त निर्देशों का तुरंत पालन

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पौड़ी : पौड़ी जनपद के रिखणीखाल ब्लॉक अंतर्गत गजेल्ड (गजल्ड) गांव और आसपास के क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से दहशत फैला रहे नरभक्षी गुलदार को आखिरकार वन विभाग की विशेष टीम ने ढेर कर दिया। यह गुलदार पिछले कुछ दिनों में कई लोगों पर हमला कर चुका था, जिसमें कुछ घटनाएं घातक भी साबित हुई थीं।

मामला सामने आते ही उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे अत्यंत गंभीरता से लिया और वन विभाग को तुरंत सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएम ने स्पष्ट कहा था कि ग्रामीणों की जान-माल की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री के निर्देश मिलते ही वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रदेश के चुनिंदा शूटर्स की विशेष टीम को मौके पर रवाना किया। टीम में डीएफओ पौड़ी स्वाती भदौरिया के नेतृत्व में रेंज अधिकारी, वन कर्मी और शूटर्स शामिल थे। लगातार ट्रैकिंग, कैमरा ट्रैप, ड्रोन सर्विलांस और स्थानीय लोगों से मिली सूचना के आधार पर गुलदार की लोकेशन तय की गई।

आज सुबह करीब 7 बजे गजेल्ड गांव के जंगल में विशेष टीम ने नरभक्षी गुलदार को सफलतापूर्वक मार गिराया। पोस्टमार्टम के बाद गुलदार के पंजे और दांतों की जांच से इसकी नरभक्षी प्रवृत्ति की पुष्टि की गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुलदार को ढेर करने पर वन विभाग और पूरी टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार गांव-गांव तक सुरक्षा पहुंचाने के लिए कटिबद्ध है। ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए पूरे क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाएगी और वन्यजीव संघर्ष प्रबंधन को और मजबूत किया जाएगा।”

वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि जंगल में अकेले न जाएं, बच्चों को स्कूल जाते-आते समय साथ रखें और संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत वन विभाग को सूचित करें। प्रभावित परिवारों को नियमानुसार राहत राशि भी शीघ्र प्रदान की जाएगी।

हाईवे पर भीषण सड़क हादसा: ट्रक और टेम्पो ट्रैवलर की टक्कर में 6 श्रद्धालुओं की मौत, 10 घायल

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प्रयागराज : प्रयागराज-रीवा हाईवे पर गुरुवार तड़के करीब 5 बजे एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया। थाना पूराकलंदर क्षेत्र के कल्याण भदरसा गांव के पास तेज रफ्तार ट्रक ने अयोध्या से लौट रहे श्रद्धालुओं से भरे टेम्पो ट्रैवलर को जोरदार टक्कर मार दी।

इस भयानक टक्कर में 6 श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 10 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
सभी मृतक और घायल श्रद्धालु मध्य प्रदेश के रीवा जिले के रहने वाले थे। वे रामलला के दर्शन कर अयोध्या से अपने घर लौट रहे थे। हादसे के समय टेम्पो ट्रैवलर में करीब 16 यात्री सवार थे।

सूचना मिलते ही थाना पूराकलंदर पुलिस और पीआरवी टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तत्काल जिला अस्पताल (स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल) पहुंचाया गया, जहां दो घायलों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।

पुलिस ने दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर ट्रक चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने और मृत्यु कारित करने का मुकदमा दर्ज कर लिया है। चालक की तलाश जारी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ट्रक चालक की नींद झपकने से यह हादसा हुआ।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है और घायलों के इलाज के लिए हरसंभव मदद के निर्देश दिए हैं। मृतकों के परिजनों को नियमानुसार आर्थिक सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

उत्तराखंड कैबिनेट के बड़े फैसले: छोटे अपराधों में जेल की जगह जुर्माना, बिजली लाइन मुआवजा दोगुना, ग्रीन बिल्डिंग को अतिरिक्त FAR

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देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार देर रात हुई कैबिनेट बैठक में कुल 19 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। किसानों, महिलाओं, युवाओं, पर्यावरण और निवेशकों से जुड़े कई राहत भरे फैसले लिए गए।

बिजली लाइन-टावर मुआवजा दोगुना

केंद्र सरकार के नए दिशा-निर्देशों को अपनाते हुए कैबिनेट ने बिजली लाइनों व टावरों के लिए मुआवजा बढ़ा दिया। अब टावर और उसके एक मीटर परिधि क्षेत्र के लिए भूमि के 200% सर्किल रेट का मुआवजा मिलेगा। साथ ही सर्किल रेट व मार्केट रेट के अंतर को दूर करने के लिए एक समिति गठित की जाएगी जो प्रभावित भूमि मालिकों के हित में काम करेगी।

छोटे अपराधों में अब जेल नहीं, सिर्फ जुर्माना

कैबिनेट ने “जन विश्वास अधिनियम” लाने का फैसला किया। 52 पुराने कानूनों की जगह एक नया एक्ट आएगा। छोटे-मोटे अपराधों में जेल की सजा हटाकर भारी जुर्माना लगेगा। उदाहरण के तौर पर जैविक कृषि क्षेत्र में पेस्टिसाइड इस्तेमाल करने पर पहले 1 लाख जुर्माना + 1 साल जेल थी, अब केवल 5 लाख जुर्माना होगा।

आवास एवं शहरी विकास में बड़े बदलाव

  1. ग्रीन बिल्डिंग को प्रोत्साहन: प्लेटिनम ग्रेड को 5%, गोल्ड को 3% और सिल्वर को 2% अतिरिक्त FAR मिलेगा।
  2. कॉमर्शियल क्षेत्रों में ग्राउंड कवरेज प्रतिबंध हटाया गया। अब सभी के लिए सेट-बैक नियम लागू होंगे।
  3. पहाड़ों में रिजॉर्ट बनाने के लिए अब भू-उपयोग परिवर्तन और अलग से नक्शा पास कराने की जरूरत नहीं। सड़क चौड़ाई पहाड़ में 6 मीटर, मैदान में 9 मीटर रखी गई।
  4. बहुमंजिला इमारतों में ग्राउंड लेवल पार्किंग की ऊंचाई अब बिल्डिंग हाइट में नहीं गिनी जाएगी।
  5. लैंड पूलिंग और टाउन प्लानिंग स्कीम को मंजूरी। टाउनशिप बनाने वालों को बदले में कॉमर्शियल जमीन मिलेगी (अमरावती मॉडल की तर्ज पर)।

अन्य प्रमुख फैसले

  • नैनी सैनी एयरपोर्ट अब एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया संचालित करेगा।
  • तकनीकी विश्वविद्यालय में फैकल्टी भर्ती अब लोक सेवा आयोग के बजाय विश्वविद्यालय स्तर पर होगी।
  • लोक निर्माण विभाग के समूह-ग कर्मचारियों को 10 साल सेवा के बाद सीधे कनिष्ठ अभियंता बनाया जा सकेगा।
  • 15 साल पुराने वाहनों को स्क्रैप कर नया वाहन खरीदने पर टैक्स में छूट।
  • मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना में सब्सिडी 75% से घटाकर 60% की गई।
  • मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना शुरू – यूपीएससी, NET, GATE आदि की मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग, लाइव क्लास और डाउट सेशन की सुविधा।
  • रिस्पना-बिंदाल एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट को GST में छूट।
  • सुगंध पौध केंद्र का नाम अब “इंस्टीट्यूट ऑफ परफ्यूम” होगा।

उत्तराखंड में भीषण सड़क हादसा, खाई में गिरी XUV-700, दो की मौत, छह गंभीर रूप से घायल

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नैनीताल : कल देर रात रामगढ़-गागर मार्ग (जिला नैनीताल) पर एक महिंद्रा XUV-700 (रजिस्ट्रेशन नं. UP14FK-1616) अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे गहरी खाई में जा गिरी। कार में कुल 8 लोग सवार थे, जो सभी गाजियाबाद के एक ही परिवार के सदस्य थे। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तुरंत सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी लाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

मृतक

  1. सचिन चौधरी (32 वर्ष), पुत्र विजेंद्र चौधरी – चालक थे, अस्पताल में उपचार के दौरान मौत
  2. लक्ष्य (12 वर्ष), पुत्र विकास – मौके पर ही मौत

घायल (सभी का इलाज सुशीला तिवारी अस्पताल में जारी)

  1. नितिन चौधरी (32 वर्ष)
  2. रुचि चौधरी (39 वर्ष)
  3. निष्ठा (14 वर्ष), पुत्री विकास
  4. शामा (8 वर्ष), पुत्री नितिन
  5. कंचन (26 वर्ष), पत्नी नितिन
  6. लव (11 वर्ष), पुत्र विकास

सभी घायल-मृतक गाजियाबाद के शिवपुरी सेक्टर-9, न्यू विजय नगर, लॉट नं. 05 के निवासी हैं। राहत एवं बचाव कार्य सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक प्रकाश मेहरा के नेतृत्व में पुलिस बल, SDRF टीम और स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। कड़ी मशक्कत के बाद सभी को खाई से बाहर निकाला गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और अंधेरे में मोड़ पर वाहन अनियंत्रित होने की बात सामने आई है। परिजनों में कोहराम मच गया है। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।